<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/7018/omar-abdullah" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Omar Abdullah - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/7018/rss</link>
                <description>Omar Abdullah RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उमर अब्दुल्ला ने की अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट की सैर, अटल ब्रिज को बताया अद्भुत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद/गांधीनगर, 31 जुलाई (वेब वार्ता)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों गुजरात के दौरे पर हैं। उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया, जहां वह मॉर्निंग वॉक करते नजर आए। उन्होंने साबरमती रिवरफ्रंट को सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बताया। साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने अटल ब्रिज की तारीफ की।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ लगाते हुए कई तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पर्यटन कार्यक्रम के सिलसिले में अहमदाबाद में रहते हुए मैंने यहां होने का फायदा उठाते हुए प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट सैरगाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142280/omar-abdullah-told-atal-bridge-for-sabarmati-riverfront-in-ahmedabad"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-07/k31072025-1950.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद/गांधीनगर, 31 जुलाई (वेब वार्ता)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों गुजरात के दौरे पर हैं। उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया, जहां वह मॉर्निंग वॉक करते नजर आए। उन्होंने साबरमती रिवरफ्रंट को सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बताया। साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने अटल ब्रिज की तारीफ की।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ लगाते हुए कई तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पर्यटन कार्यक्रम के सिलसिले में अहमदाबाद में रहते हुए मैंने यहां होने का फायदा उठाते हुए प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट सैरगाह पर सुबह की दौड़ लगाई।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह (साबरमती रिवरफ्रंट) उन सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है, जहां मैं दौड़ पाया हूं और इतने सारे अन्य पैदल यात्रियों व धावकों के साथ इसे साझा करना मेरे लिए खुशी की बात थी। मैं अद्भुत अटल पैदल पुल के पास से भी दौड़कर गुजरने में कामयाब रहा।”</p>
<p>गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि सीएम उमर अब्दुल्ला एकता नगर स्थित प्रतिष्ठित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दौरा करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने यह जानकारी उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद साझा की। दोनों नेता बुधवार को गांधीनगर में मिले थे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने लिखा, “जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से गांधीनगर की उनकी यात्रा के दौरान मिलकर प्रसन्नता हुई। वे गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं।”</p>
<p>जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ मीटिंग में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके सलाहकार नासिर सोगामी मौजूद थे। दोनों नेताओं के बीच अंतर्राज्यीय सहयोग को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और समावेशी विकास को लेकर सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने एक बयान में कहा, “गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग जम्मू कश्मीर आना पसंद करते हैं। गांधीनगर में पर्यटन से जुड़ा बड़ा इवेंट है, इस सिलसिले में यहां दौरा किया है। हमें उम्मीद है कि गुजरात से बड़ी संख्या में पर्यटक फिर जम्मू कश्मीर में आना शुरू करेंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142280/omar-abdullah-told-atal-bridge-for-sabarmati-riverfront-in-ahmedabad</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142280/omar-abdullah-told-atal-bridge-for-sabarmati-riverfront-in-ahmedabad</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 15:28:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-07/k31072025-1950.jpg"                         length="75531"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव परिणाम को स्वीकार कर ईवीएम पर रोना बंद करे कांग्रेस : उमर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने महत्वपूर्ण सहयोगी के साथ टकराव के एक और मुद्दे को छेड़ते हुए कांग्रेस पार्टी की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर तीखी आपत्ति को खारिज किया और एक तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रुख को दोहराते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जब आप चुनाव जीतें तो परिणाम स्वीकार कर लें और जब हार जायें तो ईवीएम पर दोष मढ़ दें।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘जब इसी ईवीएम के इस्तेमाल से (हुए चुनाव के बाद)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110595/congress-should-accept-election-results-and-stop-crying-over-evms--omar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/omar-abdullah.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने महत्वपूर्ण सहयोगी के साथ टकराव के एक और मुद्दे को छेड़ते हुए कांग्रेस पार्टी की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर तीखी आपत्ति को खारिज किया और एक तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रुख को दोहराते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जब आप चुनाव जीतें तो परिणाम स्वीकार कर लें और जब हार जायें तो ईवीएम पर दोष मढ़ दें।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘जब इसी ईवीएम के इस्तेमाल से (हुए चुनाव के बाद) संसद में आपके सौ से अधिक सदस्य पहुंच जाते हैं और आप इसे अपनी पार्टी के लिए जीत का जश्न मनाते हैं, तो आप कुछ महीने बाद पलटकर यह नहीं कह सकते कि... हमें ये ईवीएम पसंद नहीं हैं क्योंकि अब चुनाव के परिणाम उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं।’’</p>
<p>यह कहे जाने पर कि वह भाजपा के एक ‘प्रवक्ता’ की तरह बात कर रहे हैं, तो अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘ईश्वर ना करें।’’ उन्होंने फिर कहा, ‘‘नहीं, यह ऐसा ही है...जो सही है वह सही है।’’</p>
<p>उमर ने कहा कि वह गठबंधन सहयोगी के प्रति निष्ठा के बजाय सिद्धांतों के आधार पर बोलते हैं और सेंट्रल विस्टा जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अपने समर्थन को अपनी स्वतंत्र सोच का उदाहरण बताया।</p>
<p>नेशनल कांफ्रेंस नेता अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हर किसी की धारणा के विपरीत, मुझे लगता है कि दिल्ली में सेंट्रल विस्टा परियोजना के साथ जो हो रहा है वह एक बहुत अच्छी चीज है। मेरा मानना ​​है कि नया संसद भवन बनाना एक बेहतरीन विचार था। हमें नये संसद भवन की आवश्यकता थी। पुराना भवन अपनी उपयोगिता खो चुका है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर पार्टियों को मतदान तंत्र पर भरोसा नहीं है तो उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपको ईवीएम से दिक्कत है, तो उसे लेकर आपका रुख एकसमान रहना चाहिए।’’ उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि आम तौर पर विपक्ष, खास तौर पर कांग्रेस ईवीएम पर ध्यान केंद्रित करके गलत रास्ता अपना रही है।</p>
<p>हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस ने ईवीएम की विश्वसनीयता और चुनाव नतीजों पर संदेह जताया है। इसने चुनावों में मतपत्र व्यवस्था पर लौटने की मांग की है।</p>
<p>अब्दुल्ला की टिप्पणियों से उनकी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस की कांग्रेस के प्रति नाराजगी प्रकट होती है। दोनों दलों ने जम्मू कश्मीर में सितंबर में हुए विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया था।</p>
<p>नेशनल कांफ्रेंस के पदाधिकारियों ने निजी तौर पर कहा है कि कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान अपना पूरा जोर नहीं लगाया और सारा भार उनकी पार्टी (नेकां) पर आ गया। फिर भी, 90 सदस्यीय जम्मू कश्मीर विधानसभा में उनकी पार्टी ने 42 सीट जीतीं जबकि कांग्रेस को केवल छह सीट मिलीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, चुनाव मशीन वही रहती हैं और दलों को अपनी हार के लिए एक आसान बहाने के रूप में इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन मतदाता आपको चुनते हैं, दूसरे दिन आपको नहीं चुनते।’’</p>
<p>उमर ने इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में अपनी हार के बावजूद सितंबर के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के बहुमत हासिल करने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी मशीनों को दोष नहीं दिया।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110595/congress-should-accept-election-results-and-stop-crying-over-evms--omar</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/110595/congress-should-accept-election-results-and-stop-crying-over-evms--omar</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 18:07:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/omar-abdullah.jpg"                         length="65136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस को ‘इंडिया’ गठबंधन के नेतृत्वकर्ता के तौर पर अपनी जगह बनानी चाहिए: उमर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(विजय जोशी और सुमीर कौल)</p>
<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस को लेकर अन्य घटकों के बीच बढ़ते असंतोष को स्वीकार करते हुए कहा है कि उसे गठबंधन के नेतृत्वकर्ता के तौर पर अपनी जगह बनानी चाहिए न कि इसे हल्के में लेना चाहिए।</p>
<p>अब्दुल्ला ने कांग्रेस की देशभर में पहुंच और संसद में सबसे बड़े विपक्षी दल के रूप में उसकी अहम स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर भी जोर दिया कि उसे नेतृत्व संभालना चाहिए और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>
<p>उन्होंने यह भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110365/congress-should-make-its-place-as-the-leader-of--india--alliance--omar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/omar-abdullah.jpg" alt=""></a><br /><p>(विजय जोशी और सुमीर कौल)</p>
<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस को लेकर अन्य घटकों के बीच बढ़ते असंतोष को स्वीकार करते हुए कहा है कि उसे गठबंधन के नेतृत्वकर्ता के तौर पर अपनी जगह बनानी चाहिए न कि इसे हल्के में लेना चाहिए।</p>
<p>अब्दुल्ला ने कांग्रेस की देशभर में पहुंच और संसद में सबसे बड़े विपक्षी दल के रूप में उसकी अहम स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर भी जोर दिया कि उसे नेतृत्व संभालना चाहिए और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>
<p>उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठाना चाहिए।</p>
<p>केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का अक्टूबर में मुख्यमंत्री बनने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये अपने पहले साक्षात्कार में अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ संसद में सबसे बड़ी पार्टी होने तथा लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद की जिम्मेदारी संभालने के कारण, उनका देशभर में प्रभाव है, जिस पर कोई अन्य पार्टी दावा नहीं कर सकती। वे विपक्ष के आंदोलन के स्वाभाविक नेता हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कुछ सहयोगी दलों में बेचैनी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि कांग्रेस ‘‘इसे (नेतृत्व) साबित करने, इसे अर्जित करने या इसे बनाए रखने के लिए पर्याप्त काम नहीं कर रही है। यह ऐसी बात है जिस पर कांग्रेस को विचार करना चाहिए।’’</p>
<p>अब्दुल्ला ने हालांकि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा करते हुए उन्हें विपक्षी गठबंधन में बेजोड़ कद की नेता बताया। उन्होंने कहा, ‘‘जब ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक एक साथ आते हैं तो वह एक अहम नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाती है।’’</p>
<p>अब्दुल्ला ने शरद पवार या लालू यादव जैसे नेताओं द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहतर नेता बताने वाले बयानों के बारे में पूछे गए सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। लेकिन उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की नियमित संपर्क की कमी को उजागर किया और चेतावनी दी कि महज चुनाव के समय अति सक्रिय रहने से गठबंधन को खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>अब्दुल्ला ने चुनावों से परे भी सतत बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि गठबंधन का वर्तमान दृष्टिकोण छितराया और अप्रभावी प्रतीत होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सक्रियता सिर्फ संसदीय चुनावों से छह महीने पहले तक ही सीमित नहीं रह सकती। यह उससे कहीं अधिक होनी चाहिए। पिछली बार हम तब मिले थे जब लोकसभा के नतीजे आए ही थे। ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए कोई औपचारिक या अनौपचारिक काम नहीं किया गया है।’’</p>
<p>केंद्र शासित प्रदेश में सत्तारूढ़ दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी निभा रहे अब्दुल्ला ने एक संवाद का एक सुव्यस्थित तंत्र स्थापित करने के महत्व पर भी बल दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आपको नियमित बातचीत का कार्यक्रम बनाने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि आप लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही सक्रिय हो जाएं और अचानक बातचीत करने लगें तथा चीजों को सुलझाने का प्रयास करने लगें।’’</p>
<p>अब्दुल्ला की टिप्पणियों से विपक्षी गठबंधन के भीतर अंतर्निहित तनाव का पता चलता है। साथ ही इससे संकेत मिलता है कि अनियमित बैठकों से छोटी-मोटी असहमतियां बढ़ सकती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यदि हमारे बीच बातचीत की प्रक्रिया अधिक नियमित होती, तो शायद ये छोटी-छोटी परेशानियां बड़ा रूप नहीं ले पातीं।’’</p>
<p>अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के कांग्रेस के साथ किए गए गठबंधन से भी बहुत खुश नहीं दिखे, क्योंकि चुनाव प्रचार में कांग्रेस अपना प्रभाव दिखाने में विफल रही।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में नेकां ने 41 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को छह सीट मिलीं। पर्यवेक्षकों ने रेखांकित किया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान बहुत कम काम किया और सारा काम नेकां पर छोड़ दिया।</p>
<p>विपक्षी दलों ने ‘इंडिया’ गठबंधन का गठन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के बढ़ते प्रभाव को मिलकर रोकने के लिए किया था लेकिन वह उल्लेखनीय सफलता हासिल करने में विफल रहा। संसदीय चुनावों में अपने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हाल ही में हुए दो विधानसभा चुनावों - हरियाणा और महाराष्ट्र में बुरी तरह विफल रहे हैं।</p>
<p>अब्दुल्ला की टिप्पणियां ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस)के भीतर असंतोष तथा भविष्य में राजनीतिक गतिविधियों में भाजपा का मुकाबला करने में आने वाली चुनौतियों का सबूत हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को अपनी जीत की दर पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उसे भविष्य के चुनावों के लिए उपयुक्त सबक सीखने की जरूरत है।’’</p>
<p>अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, झारखंड और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में गठबंधन को लेकर असहजता की प्रवृत्ति बार-बार देखी गई है। उन्होंने कहा कि इन तनावों ने कथित तौर पर संभावित गठबंधनों के नहीं बन पाने की भूमिका निभाई है, जैसे कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच समांजस्य में विफलता जबकि पिछले आम चुनाव में वह साथ थे।</p>
<p>अब्दुल्ला ने इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर में मंत्री पद मिल सकता है, के जवाब में अतीत में सत्ता में साझेदारी के अनुभवों का उदाहरण देते हुए मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का हवाला दिया, जब मंत्री पद का निर्धारण पार्टी के विधायकों की संख्या के आधार पर किया जाता था। उस समय अब्दुल्ला के पिता फारूक अब्दुल्ला को एक छोटा सा मंत्रालय मिला था।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ अगर यह हमारे लिए तब लागू था तो यह अब कांग्रेस पर भी लागू है। तथ्य यह है कि केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते हम केवल नौ मंत्री बना सकते हैं। मुख्यमंत्री सहित नौ मंत्रियों के साथ, मैं कांग्रेस को उससे अधिक की पेशकश करने की स्थिति में नहीं था, जो हमने उन्हें दिया।’’</p>
<p>कांग्रेस पार्टी ने संकेत दिया है कि सरकार में उनकी भागीदारी जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा मिलने पर निर्भर करेगी, जिससे भविष्य में राजनीतिक रणनीतियों में संभावित बदलाव का संकेत मिलता है।</p>
<p>अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘फिलहाल उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा, वे इससे (सरकार से) बाहर रहेंगे। एक बार जब राज्य का दर्जा बहाल हो जाएगा, तो इसमें बदलाव आएगा। इसलिए हमें उम्मीद है कि जब वे संसद में अन्य मुद्दों की लड़ाई लड़ लेंगे, तो वे जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे के बारे में भी बात करेंगे।’’</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a13aae4a597d htmlwidget"><div class="pbwidget-body">(अस्वीकरण: उपरोक्त समाचार/लेख समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की ऑटो जनरेटेड  सिंडिकेटेड फीड से प्राप्त हुई है और लोकतेज टीम द्वारा संपादित नहीं की गई है। लोकतेज इस सामग्री के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।)</div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110365/congress-should-make-its-place-as-the-leader-of--india--alliance--omar</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/110365/congress-should-make-its-place-as-the-leader-of--india--alliance--omar</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 20:05:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/omar-abdullah.jpg"                         length="65136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘दरबार मूव’ प्रथा को बहाल किया जाएगा, जम्मू की विशिष्टता को कम नहीं होने दिया जायेगा: अब्दुल्ला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू, 11 दिसंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू की विशिष्टता को कम नहीं होने दिया जाएगा तथा उनकी सरकार ‘दरबार मूव’ की प्रथा को बहाल करेगी।</p>
<p>‘दरबार मूव’ एक पुरानी प्रथा है जिसके तहत सिविल सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों क्रमशः गर्मियों और सर्दियों के दौरान श्रीनगर और जम्मू में छह-छह महीने काम होता था।</p>
<p>लगभग 150 साल पहले डोगरा शासकों द्वारा शुरू की गई इस प्रथा पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जून, 2021 में रोक लगा दी थी। इस प्रथा पर रोक लगाये जाने के लिए प्रशासन के ई-कार्यालय में पूर्ण बदलाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109078/-darbar-move--practice-will-be-restored--jammu-s-uniqueness-will-not-be-allowed-to-diminish--abdullah"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/omar-abdullah.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू, 11 दिसंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू की विशिष्टता को कम नहीं होने दिया जाएगा तथा उनकी सरकार ‘दरबार मूव’ की प्रथा को बहाल करेगी।</p>
<p>‘दरबार मूव’ एक पुरानी प्रथा है जिसके तहत सिविल सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों क्रमशः गर्मियों और सर्दियों के दौरान श्रीनगर और जम्मू में छह-छह महीने काम होता था।</p>
<p>लगभग 150 साल पहले डोगरा शासकों द्वारा शुरू की गई इस प्रथा पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जून, 2021 में रोक लगा दी थी। इस प्रथा पर रोक लगाये जाने के लिए प्रशासन के ई-कार्यालय में पूर्ण बदलाव का हवाला दिया गया था, जिससे प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।</p>
<p>इस निर्णय की हालांकि जम्मू के व्यापारिक समुदाय और राजनीतिज्ञों समेत विभिन्न वर्गों द्वारा तीखी आलोचना की गई थी।</p>
<p>अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘दरबार मूव एक ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान इसे क्यों नहीं उठाया गया। चुनाव परिणाम के बाद ही इस मुद्दे ने जोर पकड़ा, हालांकि हमने अपने घोषणापत्र और बैठकों में इसका जिक्र किया था।’’</p>
<p>यहां अपने आधिकारिक आवास पर नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम आपको आश्वासन देते हैं कि ‘दरबार मूव’ प्रथा को बहाल किया जाएगा। जम्मू का अपना महत्व है और हम इसकी विशिष्टता को कम नहीं होने देंगे।’’</p>
<p>अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार अपने फैसले खुद लेती है जिसका असर जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी निर्णय के बाद, चाहे उसका प्रभाव सही हो या गलत, फीडबैक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है…। कभी-कभी सरकारी तंत्र के भीतर सही फीडबैक प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि ज्यादातर आप ऐसे लोगों से घिरे होते हैं जो केवल आपकी प्रशंसा करते हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब नागरिक संस्थाओं की इस तरह की बैठक होती है, तो ज्यादातर प्रतिभागी बिना किसी एजेंडे के आते हैं और अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव देते हैं जो फायदेमंद साबित होते हैं।’’</p>
<p>अब्दुल्ला ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य सुझाव प्राप्त करना था ताकि उनका क्रियान्वयन किया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बैठकें वर्ष में दो बार जम्मू और श्रीनगर में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इनमें से एक बैठक गर्मियों में और दूसरी सर्दियों में आयोजित की जायेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘बैठक के दौरान कई मुद्दे सामने आए। जैसा कि मैंने बैठक में कहा कि उठाए गए सभी मुद्दों को नोट कर लिया गया है और हम अगली बैठक में प्रतिभागियों को कार्यवाही रिपोर्ट के बारे में सूचित करेंगे।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/109078/-darbar-move--practice-will-be-restored--jammu-s-uniqueness-will-not-be-allowed-to-diminish--abdullah</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/109078/-darbar-move--practice-will-be-restored--jammu-s-uniqueness-will-not-be-allowed-to-diminish--abdullah</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 19:42:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/omar-abdullah.jpg"                         length="65136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        