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                <title>Mutual Fund - Loktej</title>
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                <description>Mutual Fund RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय निवेशकों ने हाइब्रिड म्यूचुअल फंड योजनाओं को दी प्राथमिकता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। जून इक्विटी, हाइब्रिड और एसआईपी सेगमेंट में रिकॉर्ड उच्च निवेश और सक्रिय निवेशक भागीदारी के साथ, भारतीय म्यूचुअल फंड क्षेत्र के लिए एक सफल महीना रहा। यह जानकारी बुधवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।</p>
<p>आईसीआरए एनालिटिक्स ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम बढ़कर 74.41 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो तिमाही आधार पर 13.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि है।</p>
<p>इसे शेयर बाजारों में तेजी और खुदरा निवेशकों की निरंतर रुचि का समर्थन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142105/indian-investors-give-priority-to-hybrid-mutual-fund-schemes"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। जून इक्विटी, हाइब्रिड और एसआईपी सेगमेंट में रिकॉर्ड उच्च निवेश और सक्रिय निवेशक भागीदारी के साथ, भारतीय म्यूचुअल फंड क्षेत्र के लिए एक सफल महीना रहा। यह जानकारी बुधवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।</p>
<p>आईसीआरए एनालिटिक्स ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम बढ़कर 74.41 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो तिमाही आधार पर 13.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि है।</p>
<p>इसे शेयर बाजारों में तेजी और खुदरा निवेशकों की निरंतर रुचि का समर्थन प्राप्त हुआ। मई 2025 में कुल एयूएम 72.20 लाख करोड़ रुपए था, जबकि जून 2024 में यह 61.16 लाख करोड़ रुपए था।</p>
<p>इस महीने बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने अपनी बैलेंस्ड रिस्क-रिवार्ड प्रोफाइल के लिए हाइब्रिड योजनाओं को प्राथमिकता दी, क्योंकि इनमें आर्बिट्रेज, मल्टी-एसेट एलोकेशन और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का प्रमुख योगदान रहा, जिससे 23,223 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड तोड़ शुद्ध निवेश हुआ।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्बिट्रेज, मल्टी-एसेट एलोकेशन और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में क्रमशः 15,585 करोड़ रुपए, 3,210 करोड़ रुपए और 1,886 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इस बीच, इक्विटी-उन्मुख योजनाओं में कुल शुद्ध निवेश 23,587 करोड़ रुपए रहा, जो मई 2025 की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, इक्विटी सेक्टर में, फ्लेक्सी-कैप, स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड में क्रमशः 5,733 करोड़ रुपए, 4,024 करोड़ रुपए और 3,754 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ। इसी दौरान, ईएलएसएस फंड से 556 करोड़ रुपए का शुद्ध बहिर्वाह दर्ज किया गया, जो कर-सीजन<br />की मांग में कमी का संकेत है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) खुदरा निवेश का एक प्रमुख आधार बनी रहीं, जिनका मासिक योगदान 27,269 करोड़ रुपए के नए सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया, जो एक वर्ष पहले इसी महीने के 21,262 करोड़ रुपए से 28 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि एसआईपी लंबी अवधि में खासकर युवा और पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के बीच वेल्थ-क्रिएशन का पसंदीदा तरीका बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 जून, 2025 तक 9.19 करोड़ सक्रिय एसआईपी खाते थे।</p>
<p>निफ्टी 50 और सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क सूचकांकों के मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इस महीने के दौरान, शॉर्ट-ड्यूरेशन, मनी मार्केट और कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड में क्रमशः 10,277 करोड़ रुपए, 9,484 करोड़ रुपए और 7,124 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ।</p>
<p>इस बीच, तिमाही के अंत में निकासी के कारण लिक्विड फंडों से 25,196 करोड़ रुपए का शुद्ध बहिर्वाह हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 21:24:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होम लोन पर 53,984 रुपए ईएमआई या 53,984 रुपए का सिप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्‍ली, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। मकान खरीदने वालों के लिए होम लोन लेने के बाद कई साल तक उसकी ईएमआई चुकाना टेढ़ी खीर होता है। कुछ ‎विशेषज्ञों का मानना है कि ईएमआई चुकाने से बेहतर है कि उतनी रकम का सिप खोला जाए और लोन के टेन्‍योर तक मकान खरीदने जितनी रकम तैयार की जा सकती है।</p>
<p>म्‍यूचुअल फंड का सिप और होम लोन की ईएमआई, लगभग एक जैसी ही चीज लगती है। सिप में भी आप एक निश्चित र‍कम हर महीने निवेश करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे होम लोन लेने के बाद उसकी ईएमआई हर महीने चुकाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140439/53984-emi-or-sip-of-rs-53984-on-home-loan"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/business-payment-cash-loan-banking.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्‍ली, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। मकान खरीदने वालों के लिए होम लोन लेने के बाद कई साल तक उसकी ईएमआई चुकाना टेढ़ी खीर होता है। कुछ ‎विशेषज्ञों का मानना है कि ईएमआई चुकाने से बेहतर है कि उतनी रकम का सिप खोला जाए और लोन के टेन्‍योर तक मकान खरीदने जितनी रकम तैयार की जा सकती है।</p>
<p>म्‍यूचुअल फंड का सिप और होम लोन की ईएमआई, लगभग एक जैसी ही चीज लगती है। सिप में भी आप एक निश्चित र‍कम हर महीने निवेश करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे होम लोन लेने के बाद उसकी ईएमआई हर महीने चुकाई जाती है।</p>
<p>अब अगर ईएमआई जितनी रकम को ही सिप में निवेश कर दिया जाए तो क्‍या लोन के टेन्‍योर जितने समय में ही होम लोन जितनी रकम तैयार की जा सकती है। मान लीजिए आपने 60 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 9 फीसदी सालाना ब्‍याज दर पर लिया है।</p>
<p>इस पर आपको हर महीने 53,984 रुपये की ईएमआई चुकानी पड़ेगी और पूरे टेन्‍योर में ब्‍याज के रूप में 69,56,053 रुपये चुकाएंगे, जबकि 60 लाख मूलधन मिलाकर यह रकम 1.30 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगी। इसका मतलब हुआ कि आपने मकान तो 70 लाख का ही खरीदा, लेकिन उसके लिए दोगुनी रकम चुकानी पड़ जाती है।</p>
<p>अगर आप म्‍यूचुअल फंड के सिप में ईएमआई जितनी रकम 53,984 रुपये ही निवेश 20 साल के लिए शुरू किया जाए और इस पर सालाना 12 फीसदी का ब्‍याज मिलता है। इस दौरान 20 साल में आपका कुल निवेश 1,29,56,160 रुपये होगा, जिस पर ब्‍याज के रूप में 3,67,01,419 रुपये मिलेंगे और इस तरह मेच्‍योरिटी पर आपको कुल 4,96,57,579 रुपये की रकम मिल जाएगी।</p>
<p>इस आपने देखा कि ईएमआई जितनी रकम से ही आपने 20 साल में करीब 5 करोड़ रुपये जुटा लिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 21:29:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नये कोष की पेशकश के जरिये प्राप्त राशि का निर्धारित समयसीमा में उपयोग करें म्यूचुअल फंड: सेबी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को नए कोष की पेशकश (एनएफओ) के माध्यम से निवेशकों से प्राप्त राशि का एक निर्धारित समयसीमा में इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, नियामक ने निवेशकों को और अधिक पारदर्शिता प्रदान करने के लिए म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए दबाव परीक्षण का खुलासा अनिवार्य कर दिया है।</p>
<p>ये संशोधन एक अप्रैल, 2025 से लागू होंगे। इन उपायों का उद्देश्य निवेशकों के बीच अधिक जवाबदेही और भरोसा सुनिश्चित करते हुए म्यूचुअल फंड परिचालन को मजबूत बनाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/134833/use-the-amount-received-through-the-offer-of-new-funds-within-the-stipulated-time-limit--sebi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को नए कोष की पेशकश (एनएफओ) के माध्यम से निवेशकों से प्राप्त राशि का एक निर्धारित समयसीमा में इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, नियामक ने निवेशकों को और अधिक पारदर्शिता प्रदान करने के लिए म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए दबाव परीक्षण का खुलासा अनिवार्य कर दिया है।</p>
<p>ये संशोधन एक अप्रैल, 2025 से लागू होंगे। इन उपायों का उद्देश्य निवेशकों के बीच अधिक जवाबदेही और भरोसा सुनिश्चित करते हुए म्यूचुअल फंड परिचालन को मजबूत बनाना है।</p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने राशि के उपयोग की समयसीमा के बारे में 14 फरवरी को एक अधिसूचना में कहा, ‘‘एनएफओ में प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित समयसीमा में किया जाएगा। इस बारे में बोर्ड समय-समय पर निर्देश जारी कर सकता है।’’</p>
<p>यह संशोधन दिसंबर में सेबी निदेशक मंडल द्वारा एक प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद आया है। इसमें कोष प्रबंधकों को एनएफओ के जरिये एकत्र राशि को योजना के तहत निर्धारित परिसंपत्ति आवंटन के अनुसार, उपयोग करने को कहा गया है। यह समयसीमा आमतौर पर 30 दिन की होती है।</p>
<p>नियामक ने कहा था कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर राशि का उपयोग नहीं किया जाता है, तो निवेशकों के पास बिना कोई निकासी शुल्क दिये योजना से बाहर निकलने का विकल्प होगा।</p>
<p>यह रूपरेखा परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को एनएफओ के दौरान अतिरिक्त राशि एकत्र करने से हतोत्साहित करती है। इसका कारण निवेशक बाद में शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य(एनएवी) आधार पर सतत खुली योजनाओं (ओपन-एंडेड) में निवेश कर सकते हैं।</p>
<p>नियामक ने परिसपंत्ति प्रबंधन कंपनियों के कर्मचारियों के लिए कारोबार सुगमता के लिए भी कदम उठाया है। इसके तहत एएमसी ऐसे कर्मचारियों के पारिश्रमिक का एक प्रतिशत बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट तरीके से नामित कर्मचारियों के पदनाम या भूमिकाओं के आधार पर म्यूचुअल फंड योजना की इकाइयों में निवेश करेगा।</p>
<p>इन्हें प्रभावी बनाने के लिए सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/134833/use-the-amount-received-through-the-offer-of-new-funds-within-the-stipulated-time-limit--sebi</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 18:57:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैल्यू म्यूचुअल फंडों में जनवरी में आया 1,556 करोड़ रुपये का निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) वैल्यू म्यूचुअल फंडों में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और इस श्रेणी में जनवरी में 1,556 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह निवेश मौलिक रूप से मजबूत लेकिन कम मूल्य वाले शेयरों की ओर उनके ध्यान में बदलाव का संकेत है।</p>
<p>वैल्यू फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है जो उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है जिनका मूल्यांकन कम माना जाता है। वैल्यू फंड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।</p>
<p>उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, यह दिसंबर में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/133035/investment-of-rs-1-556-crore-in-january-in-value-mutual-funds"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) वैल्यू म्यूचुअल फंडों में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और इस श्रेणी में जनवरी में 1,556 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह निवेश मौलिक रूप से मजबूत लेकिन कम मूल्य वाले शेयरों की ओर उनके ध्यान में बदलाव का संकेत है।</p>
<p>वैल्यू फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है जो उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है जिनका मूल्यांकन कम माना जाता है। वैल्यू फंड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।</p>
<p>उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, यह दिसंबर में दर्ज 1,514 करोड़ रुपये के निवेश से कुछ ज्यादा है।</p>
<p>इसके बावजूद इस श्रेणी में प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) दिसंबर में 1.88 लाख करोड़ रुपये से घटकर जनवरी में 1.83 लाख करोड़ रुपये रह गईं।</p>
<p>एम्फी का कहना है कि वैल्यू फंड के एयूएम में आई यह गिरावट कुछ चुनौतियों को दर्शाती है, लेकिन 2025 में वैल्यू फंड के लिए दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है।</p>
<p>जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संतोष जोसेफ ने कहा कि वैल्यू फंड का भविष्य काफी हद तक क्षेत्रीय रुझानों और व्यापक आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, “साल 2023 और 2024 में वैल्यू फंड बढ़त को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में धातु, रियल एस्टेट, निर्माण, पूंजीगत सामान, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और विनिर्माण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मजबूती रहने की उम्मीद है। इसे निरंतर सरकारी बुनियादी ढांचे के खर्च और औद्योगिक विस्तार से बल मिलेगा।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब तक ये क्षेत्र मजबूती और वृद्धि की संभावनाएं दिखाते रहेंगे, 2025 में मूल्य निवेश एक आकर्षक रणनीति बनी रहेगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/133035/investment-of-rs-1-556-crore-in-january-in-value-mutual-funds</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 15:37:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इक्विटी म्यूचुअल फंड में जनवरी में 39,688 करोड़ रुपये का निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड में जनवरी में 39,688 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। बाजार में जारी अस्थिरता के बावजूद मुख्य रूप से लघु और मझोली कंपनियों के शेयरें से जुड़ी योजनाओं में पूंजी प्रवाह के कारण कुल निवेश बढ़ा है।</p>
<p>हालांकि, यह दिसंबर, 2024 में दर्ज 41,156 करोड़ रुपये के शुद्ध निवेश से 3.5 प्रतिशत कम है। इसके साथ निवेशकों ने इस क्षेत्र में लगातार 47वें महीने शुद्ध रूप से निवेश जारी रखा है।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी योजनाओं में, बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रवार श्रेणी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132625/investment-of-rs-39-688-crore-in-equity-mutual-funds-in-january"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड में जनवरी में 39,688 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। बाजार में जारी अस्थिरता के बावजूद मुख्य रूप से लघु और मझोली कंपनियों के शेयरें से जुड़ी योजनाओं में पूंजी प्रवाह के कारण कुल निवेश बढ़ा है।</p>
<p>हालांकि, यह दिसंबर, 2024 में दर्ज 41,156 करोड़ रुपये के शुद्ध निवेश से 3.5 प्रतिशत कम है। इसके साथ निवेशकों ने इस क्षेत्र में लगातार 47वें महीने शुद्ध रूप से निवेश जारी रखा है।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी योजनाओं में, बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रवार श्रेणी में निवेशकों ने सबसे अधिक 9,016 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। हालांकि, इस खंड में दिसंबर में हुए 15,331 करोड़ रुपये के निवेश से यह काफी कम है।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में मिडकैप श्रेणी में 5,148 करोड़ रुपये जबकि स्मॉलकैप श्रेणी में 5,721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।</p>
<p>मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-प्रबंधक अनुसंधान हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्मॉल और मिड कैप योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं और इन खंडों के प्रति उनकी प्राथमिकता दर्शाती है, जो मुख्य रूप से पिछले कुछ वर्षों में इनसे प्राप्त उच्च रिटर्न के कारण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “चूंकि दोनों खंडों में तीव्र सुधार देखा गया, इसलिए निवेशकों ने इस अवसर का उपयोग करने और इन खंडों में अपना जोखिम बढ़ाने का विकल्प चुना होगा।”</p>
<p>एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश से जुड़ी योजनाओं में जनवरी में निवेश बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर में 2,010 करोड़ रुपये था। वहीं बड़े एवं मझोली कंपनियों के शेयरों से जुड़ी योजनाओं में 4,123 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।</p>
<p>इक्विटी के अलावा, कर्ज वाले कोषों में जनवरी में 1.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में इस खंड में 1.27 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।</p>
<p>गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में 3,751 करोड़ रुपए का निवेश हुआ।</p>
<p>जनवरी के अंत तक म्यूचुअल फंड के प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (एयूएम) 67.25 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो दिसंबर, 2024 के अंत में 66.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 16:21:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्थिरता के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंडों के लिए 2025 में सतर्क परिदृश्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 2024 में लगभग चार लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह राशि इससे पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।</p>
<p>साथ ही निवेशक अब व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के जरिये लंबी अवधि के निवेश को अधिक महत्व दे रहे हैं। हालांकि, 2024 में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, ऐसा लग रहा है कि 2025 के लिए परिदृश्य सतर्क रहेगा।</p>
<p>जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज के सह-संस्थापक और सीईओ संतोष जोसेफ ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग ने दिसंबर की शुरुआत से इक्विटी फंड प्रवाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125692/cautious-outlook-for-equity-mutual-funds-in-2025-amid-volatility"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 2024 में लगभग चार लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह राशि इससे पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।</p>
<p>साथ ही निवेशक अब व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के जरिये लंबी अवधि के निवेश को अधिक महत्व दे रहे हैं। हालांकि, 2024 में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, ऐसा लग रहा है कि 2025 के लिए परिदृश्य सतर्क रहेगा।</p>
<p>जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज के सह-संस्थापक और सीईओ संतोष जोसेफ ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग ने दिसंबर की शुरुआत से इक्विटी फंड प्रवाह में मंदी देखनी शुरू कर दी है। बाजार में बढ़ती अस्थिरता के चलते ऐसा देखने को मिल रहा है।</p>
<p>ऐतिहासिक रूप से, इक्विटी फंडों में निवेश बाजार के प्रदर्शन से जुड़ा रहा है, और बाजार की अनिश्चितता की अवधि में अक्सर निवेशक गतिविधियां कम हो जाती हैं।</p>
<p>जोसेफ ने कहा कि ऐसे में 2025 में नए फंड की पेशकश और इक्विटी फंड जुटाने के मामले में सुस्ती देखी जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/125692/cautious-outlook-for-equity-mutual-funds-in-2025-amid-volatility</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jan 2025 19:28:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यूचुअल फंड ने पिछले साल 239 एनएफओ के जरिये 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ने 2024 में 239 नई कोष पेशकश (एनएफओ) के जरिये 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें क्षेत्र या विषय पर आधारित इक्विटी फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज रिसर्च की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) ने 239 एनएफओ लाकर 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटा लिए।</p>
<p>इसके पहले वर्ष 2023 में 212 एनएफओ के जरिये 63,854 करोड़ रुपये और 2022 में 228 एनएफओ के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/120829/mutual-funds-raised-rs-1-18-lakh-crore-through-239-nfos-last-year"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/3249_money-coin-investment-business-finance-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ने 2024 में 239 नई कोष पेशकश (एनएफओ) के जरिये 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें क्षेत्र या विषय पर आधारित इक्विटी फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज रिसर्च की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) ने 239 एनएफओ लाकर 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटा लिए।</p>
<p>इसके पहले वर्ष 2023 में 212 एनएफओ के जरिये 63,854 करोड़ रुपये और 2022 में 228 एनएफओ के जरिये 62,187 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।</p>
<p>कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित वर्ष 2020 में 81 नई पेशकशों के जरिये एएमसी ने 53,703 करोड़ रुपये जुटाए थे।</p>
<p>एनएफओ जारी करने की दर में तेजी का यह रुझान एक मजबूत वृद्धि पथ और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आमतौर पर एनएफओ बाजार में तेजी के माहौल में लाए जाते हैं जब निवेशकों की धारणा उच्च और आशावादी होती है।</p>
<p>निवेशकों के इस आशावादी रुझान का फायदा उठाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए एनएफओ शुरू किए गए थे। उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि शेयर बाजार के प्रदर्शन के साथ-साथ निवेशकों की सकारात्मक धारणाओं के कारण 2024 में एनएफओ के जरिये अधिक राशि जुटाई गई।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल क्षेत्र-विशेष या विषय-आधारित कोष, इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) ने निवेशकों की खासी दिलचस्पी हासिल की। रिपोर्ट कहती है, ‘‘इस दौरान 53 एनएफओ ने 79,109 करोड़ रुपये जुटाए और ये फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे।’’</p>
<p>विशिष्ट क्षेत्रों या विषय के लिए बनाए गए इक्विटी फंड अपने केंद्रित दृष्टिकोण और बाजार के रुझानों के साथ तालमेल की वजह से निवेशकों के बीच लोकप्रिय हुए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 19:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 41,156 करोड़ रुपये पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, नौ जनवरी (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजनाओं में दिसंबर माह में निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 41,156 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्मॉल और मिड कैप (छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करने वाले) की पूंजी योजनाओं में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इस महीने के दौरान निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, इन दोनों खंडों में जोखिम को लेकर चिंता जताई जा रही थी।</p>
<p>व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) में निवेश पिछले महीने 26,459 करोड़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/119463/investment-in-equity-mutual-funds-increased-by-14-percent-to-rs-41-156-crore-in-december"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/stock-market-bull-uptrend-investment.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, नौ जनवरी (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजनाओं में दिसंबर माह में निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 41,156 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्मॉल और मिड कैप (छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करने वाले) की पूंजी योजनाओं में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इस महीने के दौरान निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, इन दोनों खंडों में जोखिम को लेकर चिंता जताई जा रही थी।</p>
<p>व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) में निवेश पिछले महीने 26,459 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर में 25,320 करोड़ रुपये था। एसआईपी के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां 13.63 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो कुल परिसंपत्तियों का लगभग पांचवां हिस्सा है।</p>
<p>दिसंबर के अंत तक म्यूचुअल फंड कंपनियों के प्रबंधन के तहत कुल परिसंपत्तियां (एयूएम) 66.93 लाख करोड़ रुपये थीं, जो एक महीने पहले की समान अवधि के 68.08 लाख करोड़ रुपये से कुछ कम है।</p>
<p>एम्फी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वेंकट चलसानी ने कहा कि इस गिरावट का कारण बाजार में ‘करेक्शन’ के साथ ऋण या बॉन्ड योजनाओं से 1.27 लाख करोड़ रुपये की निकासी है।</p>
<p>इक्विटी म्यूचुअल फंड में निरंतर रुचि और भविष्य में उम्मीद को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चलसानी ने माना कि ऐसी अनिश्चितताएं हैं जो बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के साथ वहां के प्रशासन में बदलाव को लेकर भी लोगों के मन में कई शंकाएं हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय निवेशकों का शेयर बाजार में भरोसा बना हुआ है।</p>
<p>एसआईपी में निरंतर रुचि की ओर इशारा करते हुए चलसानी ने कहा कि यह निवेश दीर्घावधि में भारतीय बाजारों में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/119463/investment-in-equity-mutual-funds-increased-by-14-percent-to-rs-41-156-crore-in-december</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 15:38:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया संशोधन, निवेश के नये उत्पाद पेश किये</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन कर निवेश के नये उत्पाद पेश किये हैं। इसके तहत उच्च जोखिम लेने में सक्षम निवेशकों के लिए विशेषीकृत निवेश कोष के साथ सूचकांक और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत उदारीकृत ‘म्यूचुअल फंड लाइट’ रूपरेखा पेश की गयी है।</p>
<p>विशेषीकृत निवेश कोष (एसआईएफ) म्यूचुअल फंड को आधुनिक निवेश रणनीतियों को शुरू करने की अनुमति देते हैं। यह सतत रूप से खुली योजनाओं (ओपन इंडेड स्कीम), निश्चित अवधि की योजना (क्लोज इंडेड स्कीम) आदि के लिए होंगी। इससे देश में निवेश परिदृश्य व्यापक होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111484/sebi-amended-mutual-fund-rules--introduced-new-investment-products"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन कर निवेश के नये उत्पाद पेश किये हैं। इसके तहत उच्च जोखिम लेने में सक्षम निवेशकों के लिए विशेषीकृत निवेश कोष के साथ सूचकांक और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत उदारीकृत ‘म्यूचुअल फंड लाइट’ रूपरेखा पेश की गयी है।</p>
<p>विशेषीकृत निवेश कोष (एसआईएफ) म्यूचुअल फंड को आधुनिक निवेश रणनीतियों को शुरू करने की अनुमति देते हैं। यह सतत रूप से खुली योजनाओं (ओपन इंडेड स्कीम), निश्चित अवधि की योजना (क्लोज इंडेड स्कीम) आदि के लिए होंगी। इससे देश में निवेश परिदृश्य व्यापक होने और उसमें विविधता आने की उम्मीद है।</p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि संबंधित संपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) में नए उत्पाद की सभी निवेश रणनीतियों में प्रति निवेशक न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इसमें मान्यता प्राप्त निवेशक शामिल नहीं हैं।</p>
<p>सेबी ने इन कोषों के लिए अलग ब्रांडिंग, पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा पर जोर दिया है।</p>
<p>नए उत्पाद का उद्देश्य म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के बीच अंतर को पाटना है।</p>
<p>इसके अलावा, इसका उद्देश्य गैर-पंजीकृत और अनधिकृत निवेश योजनाओं के प्रसार को कम करना है। ऐसी योजनाएं प्राय: अव्यावहारिक उच्च रिटर्न का वादा करती हैं। ये बेहतर रिटर्न के लिए निवेशकों की उम्मीदों का फायदा उठाते हैं, जिससे संभावित वित्तीय जोखिम पैदा होते हैं।</p>
<p>सेबी ने कहा, ‘‘परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां यह सुनिश्चित करेंगी कि ‘स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड’ यानी विशेषीकृत निवेश कोष की म्यूचुअल फंड से अलग पहचान हो। यानी नई योजना और म्यूचुअल फंड की पेशकश के बीच स्पष्ट अंतर बनाया रखा जाए।’’</p>
<p>इसके अतिरिक्त, नियामक ने म्यूचुअल फंड की सूचकांक और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से संबंधित योजनाओं (पैसिवली मैनेज्ड फंड) के अंतर्गत उदारीकृत म्यूचुअल फंड लाइट (एमएफ लाइट) रूपरेखा पेश की है।</p>
<p>इस रूपरेखा का उद्देश्य प्रवेश में आसानी को बढ़ावा देना, नई इकाइयों को प्रोत्साहित करना, अनुपालन आवश्यकताओं को कम करना, पैठ बढ़ाना, बाजार में नकदी बढ़ाना, निवेश विविधीकरण की सुविधा और नवोन्मेष को बढ़ावा देना है।</p>
<p>सेबी ने अधिसूचना में कहा कि म्यूचुअल फंड लाइट ‘एसेट मैनेजमेंट कंपनी’ के पास परिसंपत्तियों में निवेश के लिए कम से कम 35 करोड़ रुपये का नेटवर्थ होना आवश्यक है। लगातार पांच साल तक मुनाफा रहने पर इसे घटाकर 25 करोड़ रुपये किया जा सकता है।</p>
<p>सेबी ने इसे प्रभावी बनाने के लिए म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 20:05:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेबी ने निष्क्रिय म्यूचुअल फंड खातों के लिए सेवा मंच लाने का प्रस्ताव रखा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के लिए निष्क्रिय और बिना दावे वाले म्यूचुअल फंड (एमएफ) फोलियो का पता लगाने के लिए मंगलवार को एक सेवा मंच विकसित करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा कि ‘म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट ट्रेसिंग एंड रिट्रिवल असिस्टेंट’ (एमआईटीआर) नाम के प्रस्तावित सेवा मंच का विकास रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) करेगा।</p>
<p>प्रस्तावित मंच निवेशकों को भूले हुए एमएफ निवेशों की खोज करने, मौजूदा मानकों के अनुरूप केवाईसी को अद्यतन करने और धोखाधड़ी से भुनाने के जोखिम को कम करने को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111319/sebi-proposes-to-launch-service-platform-for-inoperative-mutual-fund-accounts"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के लिए निष्क्रिय और बिना दावे वाले म्यूचुअल फंड (एमएफ) फोलियो का पता लगाने के लिए मंगलवार को एक सेवा मंच विकसित करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा कि ‘म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट ट्रेसिंग एंड रिट्रिवल असिस्टेंट’ (एमआईटीआर) नाम के प्रस्तावित सेवा मंच का विकास रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) करेगा।</p>
<p>प्रस्तावित मंच निवेशकों को भूले हुए एमएफ निवेशों की खोज करने, मौजूदा मानकों के अनुरूप केवाईसी को अद्यतन करने और धोखाधड़ी से भुनाने के जोखिम को कम करने को सुरक्षा उपायों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।</p>
<p>इसके साथ ही यह मंच बिना दावे वाले म्यूचुअल फंड फोलियो में कमी लाने में मददगार बनेगा और एक पारदर्शी वित्तीय पारिस्थितिकी बनाने में योगदान देगा।</p>
<p>सेबी ने कहा कि म्यूचुअल फंड निवेशक कभी-कभी अपने निवेश पर नजर नहीं रख पाते हैं। इसकी वजह यह हो सकती है कि निवेश न्यूनतम केवाईसी ब्योरे के साथ भौतिक रूप में किया गया हो।</p>
<p>ओपन-एंडेड ग्रोथ ऑप्शन वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश तब तक निवेशित रह सकता है जब तक कि निवेशक, उसका नामित व्यक्ति या वैध उत्तराधिकारी संबंधित परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) से उसे भुनाने या हस्तांतरण के लिए संपर्क न करे।</p>
<p>पैन, ईमेल आईडी या वैध पता उपलब्ध न होने से यह भी संभव है कि ये एमएफ फोलियो यूनिटधारक के एकीकृत खाता विवरण में दिखाई भी न दे रहा हो। इस तरह ये म्यूचुअल फंड खाते निष्क्रिय हो जाते हैं जो फर्जीवाड़ा कर भुनाए जाने के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो जाते हैं।</p>
<p>इस चिंता को दूर करने के लिए सेबी ने इस सेवा मंच को आरटीए द्वारा विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। इस मंच का प्रबंधन दो पात्र आरटीए - कंप्यूटरएज मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड (सीएएमएस) और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड संयुक्त रूप से कर सकते हैं।</p>
<p>सेबी ने इस प्रस्ताव पर सात जनवरी तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 19:55:25 +0530</pubDate>
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                <title>एक लाख करोड़ रुपये का एयूएम होने पर आईपीओ ला सकती है एलआईसी म्यूचुअल फंड: प्रबंध निदेशक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 13 दिसंबर (भाषा) एलआईसी म्यूचुअल फंड अपनी प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति (एयूएम) के एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने के बाद आईपीओ लाने पर विचार कर सकती है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने एक लाख करोड़ रुपये का एयूएम वित्त वर्ष 2025-26 तक होने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p>फिलहाल एलआईसी एमएफ का एयूएम लगभग 38,000 करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 16,526 करोड़ रुपये था।</p>
<p>एलआईसी म्यूचुअल फंड (एमएफ) एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आर के झा ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हमने वित्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110089/lic-mutual-fund-can-launch-ipo-if-it-has-aum-of-rs-1-lakh-crore--managing-director"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 13 दिसंबर (भाषा) एलआईसी म्यूचुअल फंड अपनी प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति (एयूएम) के एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने के बाद आईपीओ लाने पर विचार कर सकती है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने एक लाख करोड़ रुपये का एयूएम वित्त वर्ष 2025-26 तक होने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p>फिलहाल एलआईसी एमएफ का एयूएम लगभग 38,000 करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 16,526 करोड़ रुपये था।</p>
<p>एलआईसी म्यूचुअल फंड (एमएफ) एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आर के झा ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हमने वित्त वर्ष 2023-24 में 67 प्रतिशत की वृद्धि की है और हमारी वर्तमान वृद्धि दर 30 प्रतिशत है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि सभी कोषों में मौजूदा इक्विटी योगदान 47 प्रतिशत है, जबकि शेष 53 प्रतिशत हिस्सा बॉन्ड का है।</p>
<p>झा ने कहा कि संस्थागत और कॉरपोरेट निवेशकों ने अपना पैसा ज्यादातर बॉन्ड में लगाया है, जबकि खुदरा भागीदारी का रुझान इक्विटी की ओर है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि जब हम एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएं तो खुदरा या इक्विटी भारांश 65-70 प्रतिशत तक बढ़ जाए।”</p>
<p>झा ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एलआईसी एमएफ ने कई पहल की हैं। इनमें जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के विशाल नेटवर्क का उपयोग करके अपने कार्यालयों का विस्तार करना, विभिन्न मंचों पर वितरण चैनल स्थापित करना और प्रौद्योगिकी समाधान लागू करना शामिल है।</p>
<p>इसके अलावा, एलआईसी एमएफ ने खुदरा निवेशकों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए न्यूनतम व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) राशि को कम कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 21:05:09 +0530</pubDate>
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                <title>इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश नवंबर में 14 प्रतिशत घटा, एसआईपी का आंकड़ा स्थिर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश नवंबर में मासिक आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,943 करोड़ रुपये रहा है। विभिन्न व्यापक आर्थिक कारक, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से उत्पन्न अस्थिरता इसकी मुख्य वजह रही।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गिरावट के बावजूद यह शेयरों में निवेश करने वाले कोषों में शुद्ध प्रवाह का लगातार 45वां महीना है, जो निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।</p>
<p>इसके अलावा, व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) से मासिक योगदान पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108510/investment-in-equity-mutual-funds-declined-14-percent-to-rs-35-943-crore-in-november"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mutual-fund.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश नवंबर में मासिक आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,943 करोड़ रुपये रहा है। विभिन्न व्यापक आर्थिक कारक, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से उत्पन्न अस्थिरता इसकी मुख्य वजह रही।</p>
<p>एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गिरावट के बावजूद यह शेयरों में निवेश करने वाले कोषों में शुद्ध प्रवाह का लगातार 45वां महीना है, जो निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।</p>
<p>इसके अलावा, व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) से मासिक योगदान पिछले महीने 25,320 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा। अक्टूबर में यह 25,323 करोड़ रुपये था।</p>
<p>मोतीलाल ओसवाल एएमसी के अखिल चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘ विभिन्न व्यापक आर्थिक कारकों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी चुनाव परिणामों के कारण अस्थिरता बढ़ गई। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में निवेशकों ने निवेश करते समय देखो और इंतजार करो का रुख अपनाया। ’’</p>
<p>कुल मिलाकर म्यूचुअल फंड उद्योग में समीक्षाधीन महीने में 60,295 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि अक्टूबर में यह 2.4 लाख करोड़ रुपये था। इसकी एक प्रमुख वजह बॉन्ड में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड के प्रवाह में भारी गिरावट है। यह अक्टूबर के 1.57 लाख करोड़ रुपये से घटकर नवंबर में 12,915 करोड़ रुपये रह गया।</p>
<p>वहीं उद्योग की प्रबंधन अधीन शुद्ध परिसंपत्तियां पिछले महीने बढ़कर 68.08 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो अक्टूबर में 67.25 लाख करोड़ रुपये थी।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, शेयरों में निवेश वाली योजनाओं में अक्टूबर में 41,887 करोड़ रुपये की तुलना में नवंबर में 35,943 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।</p>
<p>इसमें क्षेत्रवार या विषय-वस्तु आधारित थीमैटिक श्रेणी ने समीक्षाधीन महीने में 7,658 करोड़ रुपये के उच्चतम शुद्ध निवेश के साथ निवेशकों को आकर्षित किया। हालांकि, इस खंड में निवेश अक्टूबर में 12,279 करोड़ रुपये और सितंबर में 13,255 करोड़ रुपये की तुलना में कम था।</p>
<p>इसके बाद फ्लेक्सी कैप फंड्स का स्थान रहा जिसमें नवंबर में 5,084 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।</p>
<p>नवंबर में बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड में निवेश 26 प्रतिशत घटकर 2,548 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले महीने 3,452 करोड़ रुपये था। मिड कैप फंड मासिक आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,883 करोड़ रुपये और स्मॉल कैप नौ प्रतिशत बढ़कर 4,112 करोड़ रुपये रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 14:07:43 +0530</pubDate>
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