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                <title>Jagdeep Dhankhar - Loktej</title>
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                <description>Jagdeep Dhankhar RSS Feed</description>
                
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                <title>सदन को मुफ्त सुविधाओं पर विचार-विमर्श करने की आवश्यकता: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 19 मार्च (वेब वार्ता)। सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि शांति व्यवस्था, तुष्टिकरण, जिसे अक्सर मुफ्त सुविधाएं कहा जाता है, पर इस सदन को विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है, क्योंकि पूंजीगत व्यय उपलब्ध होने पर ही देश आगे बढ़ता है।</p>
<p>जगदीप धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह टिप्पणी उस समय की जब समाजवादी पार्टी के प्रो.रामगोपाल यादव ने सांसद निधि को बढ़ाकर वार्षिक 20 करोड़ रुपए करने की मांग की। प्रो.यादव ने कहा कि पहले एक हैंडपंप लगाने की लगत 15 हजार रुपए थी लेकिन अब यह बढ़कर 85 हजार से एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139400/house-needs-to-discuss-free-facilities"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d28062024-03-dhankhad.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 19 मार्च (वेब वार्ता)। सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि शांति व्यवस्था, तुष्टिकरण, जिसे अक्सर मुफ्त सुविधाएं कहा जाता है, पर इस सदन को विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है, क्योंकि पूंजीगत व्यय उपलब्ध होने पर ही देश आगे बढ़ता है।</p>
<p>जगदीप धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह टिप्पणी उस समय की जब समाजवादी पार्टी के प्रो.रामगोपाल यादव ने सांसद निधि को बढ़ाकर वार्षिक 20 करोड़ रुपए करने की मांग की। प्रो.यादव ने कहा कि पहले एक हैंडपंप लगाने की लगत 15 हजार रुपए थी लेकिन अब यह बढ़कर 85 हजार से एक लाख रुपए तक हो गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सांसद निधि से विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं लेकिन लागत बढ़ने के कारण राशि की उपलब्धता कम होने के कारण अधिकांश लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है जिसका सीधा असर लोकसभा चुनाव पर दिखाता है और इस वजह से करीब एक तिहाई सांसद चुनाव हार जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने इस निधि को लेकर सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि इस निधि को सालाना 20 करोड़ रुपए कर दिया जाए या फिर इसको समाप्त कर दिया जाए। प्रो.यादव का कई अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया।</p>
<p>इसके बाद सभापति ने अपनी टिप्पणी में कहा कि चुनावी प्रक्रिया ऐसी है कि ये चुनावी प्रलोभन बन गए हैं और उसके बाद सत्ता में आने वाली सरकारें खुद को बहुत असहज महसूस करती हैं, इतनी असहज कि वे अपने विचारों पर फिर से विचार करना चाहती हैं। एक राष्ट्रीय नीति की तत्काल आवश्यकता है ताकि किसी भी रूप में सरकार के सभी निवेशों का व्यवस्थित तरीके से व्यापक हित में उपयोग किया जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा " हमारे संविधान में विधानमंडल, सांसदों, विधायकों का प्रावधान था, लेकिन एक समान व्यवस्था नहीं थी। इसलिए आप पाएंगे कि कई राज्यों में विधानसभाएं संसद सदस्यों से कहीं ज़्यादा विधानसभा सदस्यों को भत्ते और वेतन देती हैं, और यहां तक कि विधानसभा के पूर्व सदस्य के लिए पेंशन में भी एक से 10 के पैमाने पर अंतर होता है।</p>
<p>अगर एक राज्य में किसी को एक रुपया मिल रहा है, तो दूसरे राज्य में पेंशन 10 गुना होगी, और इसलिए, चूंकि ये ऐसे मुद्दे हैं जहां कानून इस मुद्दे से निपट सकता है और इससे राजनेता को मदद मिलेगी, इससे सरकार को मदद मिलेगी, इससे कार्यपालिका को मदद मिलेगी और इससे निवेश की उच्च गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।"</p>
<p>जगदीप धनखड़ ने कहा कि कृषि क्षेत्र जैसे क्षेत्रों में अगर सब्सिडी की ज़रूरत है, तो उसे सीधे दिया जाना चाहिए,विकसित देशों में यही चलन है। उन्होंने कहा " मैंने अमेरिकी तंत्र से जाँच की। अमेरिका में हमारे देश के बराबर 1/5 किसान परिवार हैं, लेकिन अमेरिकी किसान परिवार की औसत आय अमेरिकी परिवार की सामान्य आय से ज़्यादा है, और ऐसा इसलिए है क्योंकि किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी सीधे, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिए के दी जाती है।"</p>
<p>सभापति ने कहा "माननीय सदस्यों, मुझे संविधान सभा की बहस याद आ रही है, जहाँ एक प्रतिष्ठित सदस्य, श्री सिधवा, न्यायाधीशों को हटाने के लिए संसद की शक्ति पर विचार कर रहे थे। और उन्होंने कहा, अन्य तत्वों की जाँच किए बिना शक्ति को कम करना बहुत अच्छा है। लेकिन मेरा विश्वास करें, उन्होंने कहा, न्यायाधीशों की संख्या बढ़ जाएगी, हम एक भी न्यायाधीश को नहीं हटा पाएंगे।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी पर दोनों पक्षों को विचार करना चाहिए और सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 15:55:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उपराष्ट्रपति धनखड़ से मिलने दिल्ली एम्स पहुंचे पीएम मोदी, जाना हालचाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 मार्च (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का हालचाल जाना। उन्होंने उपराष्ट्रपति के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”एम्स जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”</p>
<p>प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह समेत कई नेताओं ने उपराष्ट्रपति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।</p>
<p>ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, ”उपराष्ट्रपति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139142/pm-modi-reached-delhi-aiims-to-meet-vice-president-dhankar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d28062024-03-dhankhad.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 मार्च (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का हालचाल जाना। उन्होंने उपराष्ट्रपति के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”एम्स जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”</p>
<p>प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह समेत कई नेताओं ने उपराष्ट्रपति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।</p>
<p>ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, ”उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी के अस्वस्थ होने का समाचार मिला। मैं ईश्वर से उनके बेहतर स्वास्थ्य और शीघ्र सकुशल होने की कामना करता हूं।”</p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, ”उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अस्वस्थ होने का समाचार मिला। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि वह शीघ्र स्वस्थ हों और पूर्ण ऊर्जा से राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दें।”</p>
<p>छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अस्वस्थ होने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रभु श्रीराम से उनके शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।</p>
<p>उपराष्ट्रपति को हृदय संबंधी समस्या के चलते दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें 8-9 मार्च की रात एम्स लाया गया, जहां उनका तत्काल इलाज शुरू किया गया।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग की देखरेख में जगदीप धनखड़ को क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें स्टेंट लगाया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अब उपराष्ट्रपति की हालत स्थिर बनी हुई है। मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर बारीकी से नजर रख रही है और उनकी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:00:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का समय: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देशवासियों को नये साल की शुभकामनाएं देते हुए मंगलवार को कहा कि यह उचित वक्त है जब देशवासियों को संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करना चाहिए।</p>
<p>नये साल की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में धनखड़ ने कहा, ‘‘हमारे लिए 2047 में ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते हुए अपने संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का समय है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के लोगों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए, लोकतांत्रिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116552/time-to-rededicate-ourselves-to-realizing-the-vision-of-the-constitution-makers--dhankhar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देशवासियों को नये साल की शुभकामनाएं देते हुए मंगलवार को कहा कि यह उचित वक्त है जब देशवासियों को संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करना चाहिए।</p>
<p>नये साल की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में धनखड़ ने कहा, ‘‘हमारे लिए 2047 में ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते हुए अपने संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का समय है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के लोगों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए, लोकतांत्रिक मूल्यों को पोषित करना चाहिए और हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jan 2025 08:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यदि समीक्षा न की जाए तो संस्थाओं और व्यक्तियों का पतन निश्चित है: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लोकतंत्र के लिए अभिव्यक्ति और संवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए शनिवार को कहा कि यदि समीक्षा न की जाए तो संस्थाएं और व्यक्तियों का पतन निश्चित है।</p><p>राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने कहा, “...समीक्षा, स्व-समीक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। यदि किसी सज्जन पुरुष या महिला को समीक्षा से दूर रखा जाता है, तो यह किसी व्यक्ति या संस्थान के पतन का सबसे निश्चित तरीका है। आप समीक्षा से दूर रहेंगे, तो आपका पतन सुनिश्चित है। इसलिए स्व-समीक्षा और दूसरों की समीक्षा आवश्यक है।”</p><p>राज्यसभा में विपक्षी दलों ने सभापति के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110237/if-review-is-not-done-then-downfall-of-institutions-and-individuals-is-certain--dhankhar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लोकतंत्र के लिए अभिव्यक्ति और संवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए शनिवार को कहा कि यदि समीक्षा न की जाए तो संस्थाएं और व्यक्तियों का पतन निश्चित है।</p><p>राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने कहा, “...समीक्षा, स्व-समीक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। यदि किसी सज्जन पुरुष या महिला को समीक्षा से दूर रखा जाता है, तो यह किसी व्यक्ति या संस्थान के पतन का सबसे निश्चित तरीका है। आप समीक्षा से दूर रहेंगे, तो आपका पतन सुनिश्चित है। इसलिए स्व-समीक्षा और दूसरों की समीक्षा आवश्यक है।”</p><p>राज्यसभा में विपक्षी दलों ने सभापति के रूप में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है।</p><p>धनखड़ यहां भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा एवं वित्त सेवा (आईपीएंडटीएएफएस) के 50वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया भी मौजूद थे।</p><p>इस सप्ताह की शुरुआत में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के 60 सांसदों ने नोटिस प्रस्तुत किया था, जो देश के इतिहास में इस प्रकार का पहला कदम था।</p><p>धनखड़ ने कहा कि संस्थाओं के लिए चुनौतियां अक्सर सार्थक संवाद और प्रामाणिक अभिव्यक्ति के क्षरण से उत्पन्न होती हैं।</p><p>उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति और सार्थक संवाद दोनों ही लोकतंत्र के अनमोल रत्न हैं। अभिव्यक्ति और संचार एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों के बीच सामंजस्य ही सफलता की कुंजी है।”</p><p>लोकतंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “लोकतंत्र केवल व्यवस्थाओं की वजह से नहीं, बल्कि मूल्यों की वजह से भी फलता-फूलता है...यह अभिव्यक्ति और संवाद के संतुलन पर केंद्रित होना चाहिए। अभिव्यक्ति और संवाद लोकतंत्र को ताकत देते हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110237/if-review-is-not-done-then-downfall-of-institutions-and-individuals-is-certain--dhankhar</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 20:36:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>चोट करनी है तो दिमाग पर कीजिए, दिल पर नहीं: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) पक्षपात के आरोपों और सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के नोटिस को लेकर पिछले कुछ दिनों से राज्यसभा में जारी हंगामे के बीच धनखड़ ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों को रिश्तों की अहमियत बताई और कहा कि ‘चोट’ करनी है तो दिमाग पर कीजिए, दिल पर नहीं।</p>
<p>उच्च सदन की आज कार्यवाही शुरू होते ही धनखड़ ने राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार तथा हिमाचल प्रदेश से भाजपा के सदस्य हर्ष महाजन के जन्मदिन का उल्लेख किया और उन्हें सदन की ओर से बधाई दी।</p>
<p>इस दौरान,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109546/if-you-want-to-hit--hit-the-mind--not-the-heart--dhankhar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) पक्षपात के आरोपों और सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के नोटिस को लेकर पिछले कुछ दिनों से राज्यसभा में जारी हंगामे के बीच धनखड़ ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों को रिश्तों की अहमियत बताई और कहा कि ‘चोट’ करनी है तो दिमाग पर कीजिए, दिल पर नहीं।</p>
<p>उच्च सदन की आज कार्यवाही शुरू होते ही धनखड़ ने राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार तथा हिमाचल प्रदेश से भाजपा के सदस्य हर्ष महाजन के जन्मदिन का उल्लेख किया और उन्हें सदन की ओर से बधाई दी।</p>
<p>इस दौरान, जब सभापति धनखड़, महाजन के राजनीतिक व सामाजिक जीवन का उल्लेख कर रहे थे तभी विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने टोकते हुए उनके कांग्रेस से रिश्तों की याद दिलाई।</p>
<p>इस पर धनखड़ ने कहा, ‘‘आप तो रिश्तों को बहुत जल्दी भूल जाते हो। आपको रिश्ते याद ही कहां रहते हैं। रिश्तों की अहमियत समझो थोड़ा। इन रिश्तों की तिलांजलि नहीं दी जाती है। इस रिश्तों को पूजा जाता है, संजोया जाता है। चोट करनी है तो दिमाग पर कीजिए, दिल पर नहीं।’’</p>
<p>धनखड़ की इस टिप्पणी को विपक्षी दलों पर किया गया तंज माना जा रहा है।</p>
<p>ज्ञात हो कि विपक्ष से तल्ख रिश्तों के बीच ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने पिछले दिनों सभापति धनखड़ को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्यसभा के सभापति अपनी अगली पदोन्नति के लिए सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं और उनके आचरण ने देश की गरिमा को बहुत नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>विपक्षी दलों के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि उनकी धनखड़ से कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए उन्हें नोटिस देने का कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>विपक्षी दलों के इस आरोप के बाद सत्तारूढ़ भाजपा ने खुलकर धनखड़ का बचाव किया है।</p>
<p>भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस, अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस के साथ पार्टी के संबंधों पर उठाए जा रहे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश के तहत धनखड़ पर आक्षेप लगा रही है।</p>
<p>लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हर्ष महाजन ने गत हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था। हालांकि, प्रदेश में बहुमत से कांग्रेस की सरकार बन गई। बाद में राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने महाजन को अपना उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत हासिल की। उन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी को मात दी थी।</p>
<p>गौरतलब है कि धनखड़ भी कुछ समय कांग्रेस में थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/109546/if-you-want-to-hit--hit-the-mind--not-the-heart--dhankhar</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Dec 2024 18:55:26 +0530</pubDate>
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                <title>भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में समुद्री क्षेत्र की होगी परिवर्तनकारी भूमिका: धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के देश के लक्ष्य में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत एक उभरती हुई समुद्री शक्ति के रूप में खड़ा है, जो वैश्विक समुद्री पहल का नेतृत्व करने के लिए अपनी भौगोलिक स्थिति और उन्नत बुनियादी ढांचे का रणनीतिक रूप से लाभ उठा रहा है।</p>
<p>उन्होंने भारतीय समुद्री विरासत सम्मेलन (आईएमएचसी)-2024 में कहा, “वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था के 2030 तक छह हजार अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109058/maritime-sector-will-play-a-transformative-role-in-making-india-the-third-largest-economy--dhankhar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के देश के लक्ष्य में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत एक उभरती हुई समुद्री शक्ति के रूप में खड़ा है, जो वैश्विक समुद्री पहल का नेतृत्व करने के लिए अपनी भौगोलिक स्थिति और उन्नत बुनियादी ढांचे का रणनीतिक रूप से लाभ उठा रहा है।</p>
<p>उन्होंने भारतीय समुद्री विरासत सम्मेलन (आईएमएचसी)-2024 में कहा, “वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था के 2030 तक छह हजार अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत का समुद्री क्षेत्र दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में हमारे उदय में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”</p>
<p>धनखड़ ने कहा कि भारत रणनीतिक रूप से अपनी समुद्री अर्थव्यवस्था का विकास कर रहा है तथा आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए सतत समुद्री संसाधनों के उपयोग पर जोर दे रहा है।</p>
<p>सरकार का सागरमाला कार्यक्रम बंदरगाहों को औद्योगिक समूहों के साथ एकीकृत करता है, लॉजिस्टिक नेटवर्क को अनुकूलित करता है, व्यापक तटीय विकास को बढ़ावा देता है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि तटीय नौवहन विधेयक-2024 विनियामकीय ढांचे को सुव्यवस्थित करता है और बहु-मॉडल व्यापार संपर्क को बढ़ाता है।</p>
<p>उन्होंने यहां 11 देशों के प्रतिनिधियों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक भारत में 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 13 प्रमुख बंदरगाह और 200 गैर-प्रमुख बंदरगाह हैं जो इसे निर्विवादित समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करते हैं।</p>
<p>बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत के समुद्री क्षेत्र को हजारों साल का अनुभव है।</p>
<p>उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा महान राष्ट्र, अपने समृद्ध और विविध इतिहास के साथ 5,000 वर्षों से अधिक समय से एक समुद्री राष्ट्र रहा है। हड़प्पा सभ्यता से लेकर आज तक समुद्र के साथ संबंधों ने हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विश्व लक्ष्य को गहराई से आकार दिया है।”</p>
<p>इस कार्यक्रम में समुद्री इतिहासकार, पुरातत्वविद और समुद्री शोधकर्ता तथा उद्योग के अन्य हितधारक शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 19:55:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सरकार के प्रवक्ता बन गए हैं धनखड़, लोकतंत्र बचाने के लिए दिया गया उनके खिलाफ नोटिस: विपक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए नोटिस देने के एक दिन बाद बुधवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा के सभापति अपनी अगली पदोन्नति के लिए सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं और उनके आचरण ने देश की गरिमा को बहुत नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>विपक्षी दलों के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि धनखड़ से कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए उन्हें नोटिस देने का कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>इस संयुक्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109082/dhankhar-has-become-the-spokesperson-of-the-government--notice-given-against-him-to-save-democracy--opposition"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/politics.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए नोटिस देने के एक दिन बाद बुधवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा के सभापति अपनी अगली पदोन्नति के लिए सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं और उनके आचरण ने देश की गरिमा को बहुत नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>विपक्षी दलों के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि धनखड़ से कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए उन्हें नोटिस देने का कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>इस संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव जयराम रमेश, द्रमुक नेता तिरुची शिवा, तृणमूल कांग्रेस सांसद नदीमुल हक और सागरिका घोष, समाजवादी पार्टी के नेता जावेद अली खान, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की फौजिया खान और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य मौजूद थे।</p>
<p>कांग्रेस नेता रमेश के अनुसार, आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सका क्योंकि इस संवाददाता सम्मेलन से ठीक पहले पार्टी को निर्वाचन आयोग से मिलने के लिए बुला लिया गया।</p>
<p>‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने ‘पक्षपातपूर्ण आचरण’ के चलते मंगलवार को जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस सौंपा था।</p>
<p>राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने कहा कि आज तक किसी उपराष्ट्रपति के खिलाफ अनुच्छेद 67 के तहत प्रस्ताव नहीं लाया गया क्योंकि वे हमेशा निष्पक्ष रहे और राजनीति से दूर रहे।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमको यह कहना पड़ता है कि आज नियम को छोड़कर राजनीति ज्यादा हो रही है।’’</p>
<p>खरगे ने कहा, ‘‘हमें अफसोस है कि संविधान को अंगीकार किए जाने के 75वें वर्ष में उपराष्ट्रपति के पक्षपातपूर्व आचरण के चलते हम यह प्रस्ताव लाने को मजबूर हुए हैं।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि धनखड़ विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करते हैं।</p>
<p>खरगे ने कहा कि सभापति ‘‘हेडमास्टर’’ की तरह वरिष्ठ नेताओं को प्रवचन सुनाते हैं।</p>
<p>उन्होंने दावा किया, ‘‘वह (धनखड़) अपनी अगली पदोन्नति के लिए सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं...गतिरोध का सबसे बड़ा कारण खुद सभापति खुद हैं।’’</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि धनखड़ के आचरण ने देश की गरिमा को बहुत नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>खरगे ने कहा कि धनखड़ सार्वजनिक मंचों से सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ करते हैं, जबकि यह पद दलगत राजनीति से ऊपर का है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था, ‘‘आमतौर पर विपक्ष सभापति से संरक्षण मांगता है, वही विपक्ष के संरक्षक होते हैं। लेकिन अगर खुद सभापति सत्ता पक्ष और प्रधानमंत्री का गुणगान कर रहे हों तो विपक्ष की कौन सुनेगा? सभापति हमारी ओर ध्यान नहीं देते, लेकिन सत्ता पक्ष को बोलने के लिए इशारा करते हैं।’’</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष सरकार से सवाल पूछता है, तो सभापति सत्तापक्ष के जवाब देने से पहले ही उनकी ढाल बनकर खडे़ रहते हैं।</p>
<p>खरगे का कहना था, ‘‘देश के संसदीय इतिहास में ऐसी स्थिति ला दी है कि हमें उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ हमारी कोई निजी दुश्मनी या राजनीतिक द्वेष नहीं है। हमने बहुत सोच-समझकर, देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के इरादे से मजबूरी में ये कदम उठाया है।’’</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक ने खरगे की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि धनखड़ का आचरण पक्षपातपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सभा के सभापति का विपक्ष के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। सत्तापक्ष को बोलने का पूरा मौका दिया जाता है, लेकिन हमें बोलने का मौका मिलते ही सदन स्थगित कर दिया जाता है। ये व्यवहार पूरी तरह से पक्षपात को दर्शाता है।’’</p>
<p>समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने दावा किया कि राज्य सभा के अंदर विपक्ष की मौजूदगी को सभापति जी ने पूरी तरह से नकार दिया है।</p>
<p>उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘राज्यसभा का यह मेरा दूसरा कार्यकाल है जिसको ढाई साल हो चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में ‘नथिंग विल गो ऑन रिकॉर्ड’ (कार्यवाही में कुछ भी दर्ज नहीं होगा) को मैंने जितना इस सदन में सुना है, उतना पहले कभी नहीं सुना। विपक्ष के नेता कुछ भी कहना चाहें, तो आदेश जारी हो जाता है कि नथिंग विल गो ऑन रिकार्ड।’’</p>
<p>खान ने कहा, ‘‘इसलिए हमें मजबूरी में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ रहा है।’’</p>
<p>शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा लगता है कि सभापति संसद नहीं, बल्कि सकर्स चला रहे हैं।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि धनखड़ सदन का सारा समय खुद खा जाते हैं और जो समय बचता है उसमें वह सत्तापक्ष के लोगों ‘उकसाते’ हैं।</p>
<p>द्रमुक नेता शिवा ने कहा, ‘‘सदन का नेता और विपक्ष का नेता संसद में दो मुख्य स्तंभ हैं। जैसा कि अतीत में होता आया है, जब भाजपा विपक्ष में होती थी और विपक्ष के नेता बोलने के लिए खड़े होते थे, तो तुरंत उन्हें मौका दे दिया जाता था और कोई भी बीच में नहीं बोल सकता था। लेकिन आज जब भी राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे जी बोलने के लिए खड़े होते तो सत्तापक्ष टोक देता और माइक बंद कर दिया जाता।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि जब भी सत्तापक्ष की ओर से कोई बोलना चाहता है उसे बोलने के लिए मंच दिया जाता है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबा दी जाती है।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a13aa8f7a405 htmlwidget"><div class="pbwidget-body">(अस्वीकरण: उपरोक्त समाचार/लेख समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की ऑटो जनरेटेड  सिंडिकेटेड फीड से प्राप्त हुई है और लोकतेज टीम द्वारा संपादित नहीं की गई है। लोकतेज इस सामग्री के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।)</div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 19:40:15 +0530</pubDate>
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                <title>धनखड़ को पद से हटाने के प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर राज्यसभा में हंगामा, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के प्रस्ताव संबंधी नोटिस और जार्ज सोरोस से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के संबंधों के आरोपों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने भारी हंगामा किया, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>पहली बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो आसन पर उपसभापति हरिवंश थे। उन्होंने प्रश्नकाल शुरु करने की कोशिश की लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108923/ruckus-in-rajya-sabha-over-the-notice-regarding-the-proposal-to-remove-dhankhar-from-the-post--proceedings-adjourned-for-the-day"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/new-parliament-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के प्रस्ताव संबंधी नोटिस और जार्ज सोरोस से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के संबंधों के आरोपों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने भारी हंगामा किया, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>पहली बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो आसन पर उपसभापति हरिवंश थे। उन्होंने प्रश्नकाल शुरु करने की कोशिश की लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से हंगामा शुरु हो गया।</p>
<p>हंगामे के बीच सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य पिछले दो दिनों से जार्ज सोरोस और कांग्रेस के वरिष्ठतम सदस्य के संबंधों का मुद्दा उठाने का प्रयास कर रहे हैं और इसीलिए इस मुद्दे को भटकाने के उद्देश्य से विपक्ष की ओर से आसन पर आक्षेप लगाने का ‘कुत्सित’ प्रयास किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जार्ज सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है? यह देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का सवाल है। और यह देश की संप्रभुता पर भी प्रश्नवाचक चिह्ल है। प्रमुख विपक्षी दल और जॉर्ज सोरोस के बीच संबंधों की चर्चा होनी चाहिए।’’</p>
<p>नड्डा ने कहा, ‘‘मुद्दे को भटकाने के लिए इन्होंने एक कुत्सित प्रयास किया है। इन्होंने आसन पर आक्षेप लगा कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया है।’’</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष ने दावा किया कि देश की संप्रभुता और उसकी आंतरिक व बाह्य सुरक्षा पर जो खतरा है, उसमें कांग्रेस पार्टी का योगदान है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ये औजार बन कर उनका साथ दे रहे हैं। इस पर चर्चा होनी चाहिए।’’</p>
<p>नड्डा ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के साथ ही आसन पर जिस तरीके का आक्षेप कांग्रेस ने लगाया है, वह भर्त्सना योग्य है और पूरे सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इन्होंने (विपक्ष ने) आसन का कभी सम्मान नहीं किया है, वह चाहे सदन के भीतर हो या सदन के बाहर हो। जिस तरीके की बयानबाजी इन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोगों और हमारे आसन के निर्णय पर की है, वह निंदनीय है। देश कभी इन्हें माफ नहीं करने वाला है।’’</p>
<p>नड्डा की बात पूरी होते ही उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p>इससे पहले, सुबह इन्हीं मुद्दों पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।</p>
<p>सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए पांच नोटिस मिले हैं।</p>
<p>सभापति ने नोटिस देने वाले सदस्यों में से एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जॉन ब्रिटास का नाम लिया। उसी दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया।</p>
<p>हंगामे के बीच ही सभापति धनखड़ ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को बोलने का अवसर दिया।</p>
<p>रीजीजू ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में 72 साल बाद एक किसान का बेटा देश का उपराष्ट्रपति बनकर देश की सेवा कर रहा है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री अभी बोल ही रहे थे कि विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया तथा अदाणी मुद्दे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।</p>
<p>हंगामे के बीच, रीजीजू ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि सभापति के रूप में उन्होंने (धनखड़ ने) सदन की गरिमा को बनाए रखा है लेकिन विपक्षी सदस्य इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने में लगे हुए हैं।</p>
<p>सभापति को हटाने के प्रस्ताव संबंधी नोटिस को गंभीर विषय करार देते हुए रीजीजू ने कहा कि विपक्ष के लोग न लोकतंत्र को मानते हैं और ना ही आसन की गरिमा का सम्मान करते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने टेलीविजन पर उपराष्ट्रपति का नाम लेकर ‘बेमतलब’ के आरोप लगाए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आप लोग इस सदन का सदस्य होने के लायक नहीं हैं। अगर आप लोग आसन का सम्मान नहीं कर सकते तो आपको इस सदन का सदस्य होने का कोई अधिकार नहीं है।’’</p>
<p>रीजीजू ने कहा, ‘‘उपराष्ट्रपति के पद पर और उनकी गरिमा पर आप लोग हमला करेंगे तो हम बिल्कुल बचाव करेंगे। आप लोगों के इरादे को कामयाब नहीं होने देंगे।’’</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने अमेरिकी उद्योगपति और कांग्रेस की सदस्य सोनिया गांधी का नाम लेते हुए कहा कि दोनों के जो संबंध सामने आए हैं, इसकी रिपोर्ट दुनिया के सामने है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘देश के विरोध में काम करने वालों के साथ, भारत के खिलाफ काम करने वालों के साथ आप लोग तालमेल में रहते हैं। जो जॉर्ज सोरोस बोलते हैं, आप लोग भारत में उसी भाषा में बात करते हैं।’’</p>
<p>रीजीजू ने कहा कि जिस सभापति के खिलाफ नोटिस दिया गया है, उनके जैसा सभापति मिलना मुश्किल है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसे नेता हैं जिन्होंने पद पर रहते हुए और इससे बाहर भी... हमेशा किसानों और गरीबों के लिए बात की है। देश के संविधान की रक्षा करने की उपराष्ट्रपति ने पहल की है। हमें गर्व है कि वह इस कुर्सी पर आसीन हैं। हम लोग फ़ख्र महसूस करते हैं। आसन के खिलाफ आप लोग कोई भी काम करेंगे और इस तरह का नोटिस देने का नाटक करेंगे तो हम लोग इसे कामयाब होने नहीं देंगे।’’</p>
<p>रीजीजू ने कांग्रेस पार्टी और सोरोस के बीच रिश्ते पर विपक्षी दल से उसका रूख स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि उसे इस मुद्दे पर देश से माफी मांगनी चाहिए।</p>
<p>इसके बाद सभापति ने जनता दल (सेक्यूलर) के सदस्य और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा से अपनी बात रखने को कहा। हंगामे के कारण देवेगौड़ा की बात नहीं सुनी जा सकी।</p>
<p>इसी दौरान कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष की ओर बैठे सभी सदस्य संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं लेकिन सत्ता पक्ष की ओर बैठे लोग बाबा साहेब का संविधान बदलना चाहते हैं।</p>
<p>तिवारी अभी बोल ही रहे थे कि धनखड़ ने 11 बजकर 13 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/108923/ruckus-in-rajya-sabha-over-the-notice-regarding-the-proposal-to-remove-dhankhar-from-the-post--proceedings-adjourned-for-the-day</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 12:54:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>संविधान के अनुच्छेद 67 की व्याख्या पर टिका है धनखड़ के खिलाफ नोटिस का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का जो नोटिस विपक्षी दलों ने दिया है, उस पर आगे की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 67 की व्याख्या पर काफी हद तक निर्भर करती क्योंकि देश के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार है कि राज्यसभा के सभापति के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।</p>
<p>संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस नोटिस पर विचार किया जाए या नहीं, इसमें सरकार की भी प्रमुख भूमिका हो सकती है।</p>
<p>विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने मंगलवार को राज्यसभा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108724/the-future-of-the-notice-against-dhankhar-depends-on-the-interpretation-of-article-67-of-the-constitution"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का जो नोटिस विपक्षी दलों ने दिया है, उस पर आगे की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 67 की व्याख्या पर काफी हद तक निर्भर करती क्योंकि देश के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार है कि राज्यसभा के सभापति के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।</p>
<p>संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस नोटिस पर विचार किया जाए या नहीं, इसमें सरकार की भी प्रमुख भूमिका हो सकती है।</p>
<p>विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने मंगलवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ पर ‘‘पक्षपातपूर्ण आचरण’’ का आरोप लगाते हुए उन्हें उपराष्ट्रपति पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस सौंपा।</p>
<p>विपक्ष का आरोप है कि धनखड़ द्वारा अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से राज्यसभा की कार्रवाई संचालित करने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने से जुड़े तमाम प्रावधान किए गए हैं।</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67(बी) में कहा गया है, “उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के एक प्रस्ताव, जो सभी सदस्यों के बहुमत से पारित किया गया हो और लोकसभा द्वारा सहमति दी गई हो, के जरिये उनके पद से हटाया जा सकता है। लेकिन कोई प्रस्ताव तब तक पेश नहीं किया जाएगा, जब तक कम से कम 14 दिनों का नोटिस नहीं दिया गया हो, जिसमें यह बताया गया हो ऐसा प्रस्ताव लाने का इरादा है।’’</p>
<p>लोकसभा के पूर्व संयुक्त सचिव (विधायी कार्य) रवींद्र गैरीमला ने कहा, ‘‘यह अपने आप में पहला मामला है कि उप राष्ट्रपति के खिलाफ नोटिस दिया गया है। नोटिस दिए जाने के 14 दिनों बाद इसे विचार करने के लिए स्वीकार किए जाने का फैसला 67बी की व्याख्या पर निर्भर करता है। ऐसे में सरकार की भूमिका भी अहम हो जाती है।’’</p>
<p>उनका कहना था कि अब यह देखना होगा कि शीतकालीन सत्र में करीब 10 दिन का समय बचा है, ऐसे में क्या इस नोटिस को अगले सत्र (बजट सत्र) के दौरान विचार के लिए लिया जाता है या नहीं।</p>
<p>गैरीमला ने कहा, ‘‘संभव है कि इसे इस आधार पर खारिज कर दिया जाए कि इस सत्र में 14 दिन का समय नहीं बचा है। वैसे यह देखना होगा कि इस पर आगे क्या होता है क्योंकि यह अपनी तरह का पहला मामला है।’’</p>
<p>सदन में यदि इस प्रस्ताव को लाने की अनुमति मिलती है तो विपक्षी दलों को इसे पारित कराने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत होगी, लेकिन फिलहाल उनके पास संख्या बल नहीं है। वर्तमान समय में राज्यसभा में कुल 243 सदस्य हैं और इसमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास बहुमत है।</p>
<p>विपक्ष ने इस बात पर जोर दिया है कि उसके इस कदम के पीछे संसदीय लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ने का एक मजबूत संदेश है।</p>
<p>राज्यसभा में पहली बार किसी सभापति के खिलाफ इस तरह का नोटिस दिया गया है।</p>
<p>लोकसभा में अब तक तीन अध्यक्षों को हटाने का नोटिस दिया जा चुका है। देश के पहले लोकसभा अध्यक्ष जी वी मावलंकर के खिलाफ 1954 में नोटिस दिया गया था जो खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 1966 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष हुकूम सिंह के खिलाफ नोटिस दिया गया था जो खारिज हो गया था।</p>
<p>इसके बाद 1992 में बलराम जाखड़ के खिलाफ वरिष्ठ वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी ने प्रस्ताव पेश किया था जो सदन में अस्वीकृत कर दिया गया था। बाद में चटर्जी खुद लोकसभा अध्यक्ष बने।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 09:00:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘इंडिया’ गठबंधन ने धनखड़ को हटाने के लिए नोटिस दिया, कांग्रेस बोली: ‘अंपायर’ ही कर रहा है पक्षपात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने राज्यसभा में आसन और विपक्ष के तल्ख रिश्तों के बीच मंगलवार को सभापति जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को सौंपा।</p>
<p>विपक्ष का आरोप है कि धनखड़ द्वारा अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से राज्यसभा की कार्रवाई संचालित करने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।</p>
<p>नोटिस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों के 60 नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, नेता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108503/-india--alliance-submits-notice-regarding-proposal-to-remove-dhankhar-from-the-post-of-vice-president"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने राज्यसभा में आसन और विपक्ष के तल्ख रिश्तों के बीच मंगलवार को सभापति जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को सौंपा।</p>
<p>विपक्ष का आरोप है कि धनखड़ द्वारा अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से राज्यसभा की कार्रवाई संचालित करने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।</p>
<p>नोटिस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों के 60 नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, द्रमुक नेता तिरुची शिवा और तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन के हस्ताक्षर इस नोटिस पर नहीं हैं।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रॉय, राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी, मुख्य सचेतक जयराम रमेश, वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला तथा कई अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने धनखड़ के खिलाफ दिए गए नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>विपक्षी दलों द्वारा सभापति धनखड़ के विरुद्ध यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब लोकसभा एवं राज्यसभा, दोनों सदनों में सत्ता पक्ष ने अमेरिकी उद्योगपति जार्ज सोरोस के मुद्दे पर काग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर हमला तेज कर दिया है।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी घटक दलों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘माननीय सभापति, बहुत विद्वान हैं, जाने-माने संवैधानिक वकील हैं, राज्यपाल रहे हैं, बहुत वरिष्ठ व्यक्ति हैं। जिनका हम सम्मान करते हैं... लेकिन हमें यह करने के लिए विवश होना पड़ा है। हमें बहुत दुख के साथ और भारी मन से यह कदम उठाना पड़ा है। यह राज्यसभा के 72 साल के इतिहास में पहली बार है कि किसी सभापति के खिलाफ प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया गया है।’’</p>
<p>रमेश ने दावा किया कि धनखड़ जिस तरह से सदन का संचालन करते हैं उससे स्पष्ट दिखता है कि उनका रवैया पक्षपातपूर्ण है।</p>
<p>क्रिकेट मैच की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए रमेश का कहना था, ‘‘वह एक अंपायर की भूमिका में हैं और एक अंपायर पक्षपात नहीं करता है... लेकिन यहां अंपायर ही पक्षपात ही कर रहा है।</p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, ‘‘सभापति नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) की बात नहीं सुन रहे हैं, वह सत्तापक्ष के सांसदों को हमारे सबसे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा में आरोप लगाने की इजाजत दे रहे हैं और उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।’’</p>
<p>इससे पहले, रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से उच्च सदन की कार्यवाही का संचालन करने के कारण इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के पास उनके खिलाफ औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की पार्टियों के लिए यह बेहद ही कष्टकारी निर्णय रहा है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में यह कदम उठाना पड़ा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव अभी राज्यसभा के महासचिव को सौंपा गया है।</p>
<p>इससे पहले, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने संसद परिसर में संवाददाताओं को बताया कि करीब 60 सांसदों के हस्ताक्षर वाला नोटिस राज्यसभा सभापति के सचिवालय को दिया गया है।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दलों ने नोटिस देने के लिए अगस्त में भी 60 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर ले लिए थे, लेकिन वे आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्होंने धनखड़ को ‘‘एक और मौका देने’’ का फैसला किया था, लेकिन सोमवार के उनके आचरण को देखते हुए विपक्ष ने इस पर आगे बढ़ने का फैसला किया।</p>
<p>विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को कहा था, ‘‘सभापति का आचरण अस्वीकार्य है। वह भाजपा के किसी प्रवक्ता से ज्यादा वफादार दिखने का प्रयास कर रहे हैं।’’</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने से जुड़े तमाम प्रावधान किए गए हैं।</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67(बी) में कहा गया है, “उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के एक प्रस्ताव, जो सभी सदस्यों के बहुमत से पारित किया गया हो और लोकसभा द्वारा सहमति दी गई हो, के जरिये उनके पद से हटाया जा सकता है। लेकिन कोई प्रस्ताव तब तक पेश नहीं किया जाएगा, जब तक कम से कम 14 दिनों का नोटिस नहीं दिया गया हो, जिसमें यह बताया गया हो ऐसा प्रस्ताव लाने का इरादा है।’’</p>
<p>राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई सदस्यों ने कई बार सभापति जगदीप धनखड़ पर राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान ‘पक्षपातपूर्ण रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 14:09:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देश विरोधी ताकतों को ‘हमारी अखंडता व संप्रभुता को प्रभावित करने’ की अनुमति नहीं दी जा सकती : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) देश को अस्थिर करने के लिए अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस के साथ कांग्रेस नेताओं की ‘मिलीभगत’ के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों पर उच्च सदन में हंगामे के बीच राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि भारत के भीतर या बाहर की ताकतों को ‘हमारी एकता, अखंडता और संप्रभुता को प्रभावित करने’ की अनुमति नहीं दी जा सकती।</p>
<p>ऐसी सभी ताकतों का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इन नापाक ताकतों से लड़ने के लिए देश प्रतिबद्ध है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हम इस तरह के नापाक षडयंत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108243/anti-national-forces-cannot-be-allowed-to-%E2%80%98affect-our-integrity-and-sovereignty%E2%80%99--dhankhar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/jagdeep-dhankhar.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) देश को अस्थिर करने के लिए अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस के साथ कांग्रेस नेताओं की ‘मिलीभगत’ के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों पर उच्च सदन में हंगामे के बीच राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि भारत के भीतर या बाहर की ताकतों को ‘हमारी एकता, अखंडता और संप्रभुता को प्रभावित करने’ की अनुमति नहीं दी जा सकती।</p>
<p>ऐसी सभी ताकतों का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इन नापाक ताकतों से लड़ने के लिए देश प्रतिबद्ध है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हम इस तरह के नापाक षडयंत्रों को नजरअंदाज नहीं कर सकते.. 1.4 अरब भारतीय बेहद चिंतित हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत की अवधारणा के लिए हानिकारक और "हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने, हमारी प्रगति और हमारे आर्थिक उत्थान को बाधित करने" की नापाक साजिश रचने वाली सभी विभाजनकारी ताकतों को हराना होगा।</p>
<p>सदन में हंगामे के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कथित कांग्रेस-सोरोस संबंधों पर चर्चा की मांग की और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया वहीं विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि यह अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों से ध्यान हटाने की सत्तारूढ़ पार्टी की योजना है।</p>
<p>धनखड़ ने कहा कि राष्ट्र उन ताकतों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जो भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की अखंडता और संप्रभुता "हमारे लिए पवित्र" है।</p>
<p>सभापति ने सदन में हंगामे के बीच यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि दोनों पक्षों के सदस्य आत्मचिंतन करेंगे और देश के सामने एक उदाहरण पेश करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि दोनों पक्षों के सदस्य आत्मचिंतन करेंगे... और देश के सामने एक उदाहरण पेश करेंगे कि हम भारतीय पहले हैं, हमारे लिए देश सबसे पहले है। राष्ट्रवाद के प्रति हमारी प्रतिबद्धता 100 प्रतिशत होनी चाहिए। हम अपनी राष्ट्रीयता को कम नहीं होने देंगे। हम अपनी एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति किसी भी चुनौती को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’</p>
<p>सदन में सोमवार को दोनों पक्षों ने हंगामा किया। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों ने कांग्रेस तथा उसके नेताओं पर विदेशी संगठनों और लोगों के माध्यम से देश की सरकार तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।</p>
<p>वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने अदाणी समूह से जुड़ा मुद्दा उठाने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।</p>
<p>सभापति ने कहा, ‘‘मैंने अपने कक्ष में सदन के नेता और विपक्ष के नेता के साथ बैठक की थी। बैठक का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि सदन सुचारू रूप से चले। दोनों पक्ष और कुछ अन्य नेता भी बैठक में मौजूद थे।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने खुलकर चर्चा की और उन्होंने दो बातें बताईं। एक, देश की अखंडता व संप्रभुता हमारे लिए पवित्र है। हम देश के अंदर या बाहर किसी भी ताकत को हमारी एकता, हमारी अखंडता और हमारी संप्रभुता को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दे सकते। नेताओं ने खुलकर चर्चा की। वे कल सुबह 10.30 बजे मेरे कक्ष में मिलने के लिए सहमत हुए हैं। मैं सदन के सभी सदस्यों से अपील करूंगा कि वे संविधान की शपथ पर ध्यान से विचार करें।’’</p>
<p>सभापति ने कहा कि उनकी शपथ बहुत विशिष्ट है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर देश की अखंडता सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा, ‘‘देश की एकता, और अखंडता के लिए कोई भी चुनौती... हम सभी को एकजुट होकर मुकाबला करने की आवश्यकता है। यह किसी एक वर्ग या दूसरे को चुनौती नहीं है।’’</p>
<p>धनखड़ ने कहा, ‘‘यह हमारे अस्तित्व के लिए ही चुनौती है। हम एक राष्ट्र के रूप में इन नापाक ताकतों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ऐसी ताकतें जिनका रवैया भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण क्षण में जब देश गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, इस सदन को बड़े पैमाने पर लोगों को प्रेरित करने के लिए एकजुट आवाज उठानी चाहिए ताकि ऐसी ताकतों को हराया जा सके।</p>
<p>धनखड़ ने कहा कि सदस्यों का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों की संसद में अधिक रुचि हो क्योंकि अगर संसद में संवाद आम लोगों की भावनाओं को साझा नहीं करेगा तो संसद अप्रासंगिक हो जाएगी। उन्होंने सदस्यों से आम लोगों की भावनाओं को साझा करने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 21:18:28 +0530</pubDate>
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                <title>धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से हटाने के लिए नोटिस देने पर विचार कर रहा है विपक्ष: सूत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ घटक दलों के बीच तल्ख रिश्तों के बीच कई विपक्षी दल उन्हें उपराष्ट्रपति के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस देने के बारे में विचार कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि यह कदम ‘बहुत जल्द’ उठाया जा सकता है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दलों को नोटिस देने के लिए अगस्त में ही जरूरी संख्या में हस्ताक्षर ले लिए थे, लेकिन वे आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्होंने धनखड़ को ‘‘एक और मौका देने’’ का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ घटक दलों के बीच तल्ख रिश्तों के बीच कई विपक्षी दल उन्हें उपराष्ट्रपति के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस देने के बारे में विचार कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि यह कदम ‘बहुत जल्द’ उठाया जा सकता है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दलों को नोटिस देने के लिए अगस्त में ही जरूरी संख्या में हस्ताक्षर ले लिए थे, लेकिन वे आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्होंने धनखड़ को ‘‘एक और मौका देने’’ का फैसला किया था, लेकिन सोमवार के उनके आचरण को देखते हुए विपक्ष ने इस पर आगे बढ़ने का फैसला किया।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अगुवाई कर रही है जबकि तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अलावा कई अन्य विपक्षी पार्टियां इस कदम का समर्थन कर रही हैं।</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने से जुड़े तमाम प्रावधान किए गए हैं।</p>
<p>संविधान के अनुच्छेद 67(बी) में कहा गया है: “उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के एक प्रस्ताव, जो सभी सदस्यों के बहुमत से पारित किया गया हो और लोकसभा द्वारा सहमति दी गई हो, के जरिये उसके पद से हटाया जा सकता है। लेकिन कोई प्रस्ताव तब तक पेश नहीं किया जाएगा, जब तक कि कम से कम चौदह दिनों का नोटिस नहीं दिया गया हो, जिसमें यह बताया गया हो ऐसा प्रस्ताव लाने का इरादा है।’’</p>
<p>राज्यसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष एवं विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों पर भारी हंगामा किया जिसके कारण उच्च सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न करीब तीन बजकर दस मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।</p>
<p>सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों ने कांग्रेस तथा उसके नेताओं पर विदेशी संगठनों और लोगों के माध्यम से देश की सरकार तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने अदाणी समूह से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।</p>
<p>नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई सदस्यों ने सोमवार को सभापति जगदीप धनखड़ पर राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान ‘पक्षपातपूर्ण रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 20:54:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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