<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/7001/vedanta" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Vedanta - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/7001/rss</link>
                <description>Vedanta RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वेदांता ने रचा इतिहास; बीएसई और एनएसई पर चार स्वतंत्र कंपनियों की लिस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b17062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में एक साथ सबसे अधिक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड<br />नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार उस परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में सेक्टर-लीडर कंपनियां तैयार करना है।</p>
<p>ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला हिंदुस्तान जिंक तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।</p>
<p>लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा: “आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और मेरे लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास है। 24 वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया।</p>
<p>उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। अभूतपूर्व विकास का अगला अध्याय अब मुंबई में शुरू हो रहा है, जो वह शहर है जहां मेरी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी।</p>
<p>हमारी पूरी यात्रा के दौरान शेयरधारकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्षों में हमने 300 प्रतिशत से अधिक का कुल शेयरधारक प्रतिफल दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही हमने 70 प्रतिशत से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी प्रदान किया है।</p>
<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में मिनरल्स, मेटल्स और ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ने वाली है।</p>
<p>वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण कच्चे माल की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>
<p>इन कंपनियों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करने, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।</p>
<p>हालांकि, वेदांता की विकास यात्रा का अगला अध्याय केवल हम अकेले नहीं लिख सकते। इसके लिए हमारे शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और 1.5 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं तथा सहभागिता की आवश्यकता होगी।</p>
<p>भारत जैसा कोई देश नहीं है। और यह भारत का समय है।”</p>
<p>भारत के औद्योगिक भविष्य का नया अध्याय</p>
<p>यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आवश्यक सामग्रियों, जिनमें ऑयल एवं गैस, सोना, चांदी, जिंक, एल्युमिनियम, आयरन एवं स्टील, कॉपर और कोयला शामिल हैं, की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>ऐसे परिदृश्य में वेदांता के व्यवसाय हमारे समय के सबसे बड़े औद्योगिक विकास अवसरों के केंद्र में स्थित हैं। सामूहिक रूप से ये भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना निर्माण, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण, एआई-आधारित विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम (बीएसई: 544780 एवं एनएसई: VAML) — वैश्विक एल्युमिनियम चैंपियन बनने की ओर</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक और चीन के बाहर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू कर रहा है। इसका आधार ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम स्मेल्टर है।</p>
<p>बाल्को में मात्र 1 लाख टन उत्पादन से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता तक पहुंच चुकी है, जिससे वेदांता दुनिया के सबसे बड़े और सबसे कम लागत वाले एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो गया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है और उसका लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे कम लागत वाला पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम उत्पादक बनना है।</p>
<p>प्राथमिक धातु उत्पादन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत के व्यापक औद्योगिकीकरण एजेंडे को मजबूती मिलेगी।</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस (बीएसई: 382914 एवं एनएसई: VOGL) — भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल एवं गैस उत्पादक कंपनी और देश के सबसे रणनीतिक ऊर्जा व्यवसायों में से एक के रूप में बाजार में प्रवेश कर रही है।</p>
<p>आने वाले दशक में भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।</p>
<p>ऋण-मुक्त बैलेंस शीट के साथ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही कंपनी वित्तीय मजबूती, परिचालन क्षमता और संसाधन संभावनाओं का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करती है। वेदांता अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।</p>
<p>इसके विकास पोर्टफोलियो में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो-वॉटर एवं डीप-वॉटर एसेट्स, सैटेलाइट फील्ड्स तथा असम और पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण एकरेज शामिल हैं। विविध संसाधन आधार और उन्नत वैश्विक तकनीकों तक पहुंच के कारण कंपनी भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील (बीएसई: 544784 एवं एनएसई: VISL) — भारत के अवसंरचना विकास की मजबूत नींव</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, संसाधन-सुरक्षित और ऋण-मुक्त व्यवसाय है, जो भारत की अवसंरचना और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।</p>
<p>वर्तमान में लगभग 40 लाख टन वार्षिक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनी ने क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।</p>
<p>कंपनी को तीन महत्वपूर्ण इनपुट्स की उपलब्धता के रूप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त है — गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में लगभग 4 अरब टन आयरन ओर संसाधन, लगभग 800 केटीपीए मेटलर्जिकल कोक तथा गैस पाइपलाइन अवसंरचना तक सीधी पहुंच।</p>
<p>ये एकीकृत क्षमताएं कंपनी को भारत में तेजी से बढ़ती स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती हैं। व्यवसाय का फोकस ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों पर रहेगा।</p>
<p>वेदांता पावर (बीएसई: 544781 एवं एनएसई: VEDPOWER) — भारत की अगली औद्योगिक क्रांति को ऊर्जा</p>
<p>वेदांता पावर को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की स्थिर बेसलोड बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।</p>
<p>भारत की बिजली मांग अगले दशक में लगभग 240 गीगावाट से बढ़कर 460 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में कंपनी देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के बड़े अवसर देख रही है।</p>
<p>4.2 गीगावाट परिचालन क्षमता, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स और सुरक्षित कोल माइंस के आधार पर वेदांता पावर पहले से ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी की योजना क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने और देश की अग्रणी पावर कंपनियों में शामिल होने की है।</p>
<p>विस्तार का अधिकांश हिस्सा ब्राउनफील्ड एक्सपैंशन के माध्यम से होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले दशकों तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी, जो नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ सह-अस्तित्व में रहेगा।</p>
<p>साथ ही, कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है, जिसे वह स्वच्छ, विश्वसनीय और 24×7 बिजली स्रोत तथा भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का प्रमुख सक्षमकर्ता मानती है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड: भारत का क्रिटिकल मिनरल्स चैंपियन</p>
<p>नई सूचीबद्ध कंपनियों के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों में से एक होगी।</p>
<p>विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक इसकी आधारशिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल, फेरो अलॉयज तथा अन्य रणनीतिक खनिजों का वैश्विक महत्व वाला पोर्टफोलियो है।</p>
<p>हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से कंपनी भारत की कृषि महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी विकसित कर रही है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा परिवर्तन तकनीकों तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकेल उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है।</p>
<p>कंपनी के कॉपर व्यवसाय घरेलू आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जबकि फैकोर भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है तथा कुछ मैंगनीज सेगमेंट्स में जल्द ही देश की एकमात्र निजी क्षेत्र की उत्पादक कंपनी बन जाएगी।</p>
<p>ये सभी व्यवसाय मिलकर वेदांता लिमिटेड को भारत की दीर्घकालिक क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और भविष्य के विनिर्माण विकास के केंद्र में स्थापित करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:45:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-06/b17062026-05.jpg"                         length="119445"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सांस्कृतिक विरासत का सम्मान: वेदांता एल्युमिनियम ने परब 2025 का भव्य उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भुवनेश्वर (ओडिशा), दिसंबर 22: वेदांता एल्युमिनियम, भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक, कोरापुट के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव परब 2025 के 28वें संस्करण के उत्सव में शामिल हुआ।</p>
<p>यह महोत्सव क्षेत्र की जीवंत परंपराओं, स्वदेशी कला रूपों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देता है। पाँच दिवसीय यह आदिवासी उत्सव समुदायों, कलाकारों और उद्योगों को एक मंच पर लाकर दक्षिणी ओडिशा की कालजयी सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाता है।</p>
<p>परब 2025 के उद्घाटन दिवस पर, वेदांता एल्युमिनियम ने अपना विशेष स्टॉल प्रस्तुत किया, जिसमें कंपनी की सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। इस स्टॉल का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144766/vedanta-aluminum-honors-cultural-heritage-with-grand-inauguration-of-parab"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b22122025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर (ओडिशा), दिसंबर 22: वेदांता एल्युमिनियम, भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक, कोरापुट के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव परब 2025 के 28वें संस्करण के उत्सव में शामिल हुआ।</p>
<p>यह महोत्सव क्षेत्र की जीवंत परंपराओं, स्वदेशी कला रूपों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देता है। पाँच दिवसीय यह आदिवासी उत्सव समुदायों, कलाकारों और उद्योगों को एक मंच पर लाकर दक्षिणी ओडिशा की कालजयी सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाता है।</p>
<p>परब 2025 के उद्घाटन दिवस पर, वेदांता एल्युमिनियम ने अपना विशेष स्टॉल प्रस्तुत किया, जिसमें कंपनी की सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। इस स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र द्वारा किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर श्री रामचंद्र कदम (विधायक–पोट्टांगी), श्री रघुराम मच्छा (विधायक–कोरापुट), श्री पबित्रा सौंता (विधायक–लक्ष्मीपुर), श्री रूपु भत्रा (विधायक–कोटपाड), श्रीमती सस्मिता मेलेका (ज़िला परिषद सदस्य, कोरापुट) तथा श्री मनोज सत्यवान महाजन (कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, कोरापुट) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने इस महोत्सव की सराहना की, जो आदिवासी संस्कृति को सामने लाने के साथ-साथ क्षेत्र की समावेशी और सतत विकास की यात्रा को भी दर्शाता है।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम के बूथ ने आगंतुकों को कंपनी की सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़ी पहलों की एक विशेष झलक दिखाई। इसका प्रमुख आकर्षण प्रोजेक्ट आदिकला रहा, जो लांजीगढ़ यूनिट में संचालित कंपनी का एक कार्यक्रम है और सौरा पेंटिंग तथा ढोकरा मेटल क्राफ्ट जैसी प्राचीन स्वदेशी कला शैलियों को पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित है।</p>
<p>प्रोजेक्ट आदिकला के माध्यम से कंपनी ने 200 से अधिक ग्रामीण परिवारों को सतत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए हैं, साथ ही सदियों पुरानी कलात्मक परंपराओं का संरक्षण भी किया है।</p>
<p>इस अवसर पर वेदांता एल्युमिना बिज़नेस के सीईओ श्री प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा,“परब जीवंत परंपराओं और सामुदायिक गर्व का उत्सव है। वेदांता एल्युमिनियम में हमारा मानना है कि विकास को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।</p>
<p>प्रोजेक्ट आदिकला जैसी पहलों के माध्यम से हम न केवल भारत की प्राचीन कला शैलियों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। परब 2025 में हमारी भागीदारी स्थानीय संस्कृति से जुड़े समावेशी विकास के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”</p>
<p>परब के साथ वेदांता एल्युमिनियम का जुड़ाव ओडिशा के समुदायों के साथ उसकी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दर्शाता है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण, आजीविका सृजन, शिक्षा, खेल और महिला सशक्तिकरण उसके सामाजिक प्रभाव प्रयासों के केंद्र में हैं।</p>
<p>विरासत और विकास को एक साथ जोड़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम विकास के ऐसे मॉडल को आगे बढ़ा रहा है जो सतत, समावेशी और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम व्यापार के बारे में<br />वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता लिमिटेड का एक व्यवसाय, भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक है, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.42 मिलियन टन से अधिक एल्युमिनियम का उत्पादन करता है (यह भारत के एल्युमिनियम का आधे से अधिक है)। यह कोर इंडस्ट्रीज में जरूरी मूल्य-वर्धित उत्पादों का अग्रणी निर्माता है। वेदांता एल्युमिनियम को S&amp;P Global Corporate Sustainability Assessment 2024 विश्व रैंकिंग में एल्युमिनियम इंडस्ट्री के लिए द्वितीय स्थान मिला है, जो इसके सतत विकास नीतियों को दर्शाता है। कंपनी अपने विश्व-स्तरीय एल्युमिनियम स्मेल्टर्स, एल्युमिना रिफाइनरी और पावर प्लांट्स के साथ 'भविष्य की धातु' के रूप में एल्युमिनियम के नए उपयोगों को बढ़ावा देने के मिशन को पूरा करती है, ताकि पर्यावरण के लिए हरित भलाई सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144766/vedanta-aluminum-honors-cultural-heritage-with-grand-inauguration-of-parab</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144766/vedanta-aluminum-honors-cultural-heritage-with-grand-inauguration-of-parab</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 15:42:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-12/b22122025-01.jpg"                         length="110955"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता ने 90 करोड़ डॉलर का ऋण चुकाया, बहीखाते में 55 करोड़ डॉलर का कर्ज घटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) खनन समूह वेदांता लिमिटेड ने पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से मिली राशि और कम ब्याज दर पर 35 करोड़ डॉलर की नई सुविधा के मिश्रण से 90 करोड़ डॉलर के उच्च लागत वाले ऋण का भुगतान किया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी पर 55 करोड़ डालर का शुद्ध कर्ज कम हुआ और इसके बहीखाते में और मजबूती आई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अनुषंगी कंपनी टीएचएल जिंक वेंचर्स द्वारा मई, 2023 में 13.9 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया ऋण, वेदांता के एक अरब डॉलर के जून, 2024 के क्यूआईपी से अर्जित धन का उपयोग करके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139215/vedanta-repaunted-90-million-loan-reduced-a-loan-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) खनन समूह वेदांता लिमिटेड ने पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से मिली राशि और कम ब्याज दर पर 35 करोड़ डॉलर की नई सुविधा के मिश्रण से 90 करोड़ डॉलर के उच्च लागत वाले ऋण का भुगतान किया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी पर 55 करोड़ डालर का शुद्ध कर्ज कम हुआ और इसके बहीखाते में और मजबूती आई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अनुषंगी कंपनी टीएचएल जिंक वेंचर्स द्वारा मई, 2023 में 13.9 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया ऋण, वेदांता के एक अरब डॉलर के जून, 2024 के क्यूआईपी से अर्जित धन का उपयोग करके आंशिक रूप से चुकाया गया था।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा, वेदांता ने जेपी मॉर्गन और अन्य बैंकरों से 9.6 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से 35 करोड़ डॉलर का नया ऋण जुटाया, जिससे वार्षिक ब्याज लागत नौ करोड़ डॉलर कम हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139215/vedanta-repaunted-90-million-loan-reduced-a-loan-of</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/139215/vedanta-repaunted-90-million-loan-reduced-a-loan-of</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 13:17:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/business-news-update.jpg"                         length="52512"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता 8.5 रुपये प्रति शेयर चौथा अंतरिम लाभांश देगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.5 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का चौथा अंतरिम लाभांश देने की मंजूरी दी है।</p>
<p>कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि लाभांश भुगतान की रिकॉर्ड तिथि 24 दिसंबर है और इसका भुगतान निर्धारित समयसीमा में किया जाएगा।</p>
<p>बयान के अनुसार, वेदांता लि. के निदेशक मंडल की 16 दिसंबर, 2024 को हुई बैठक में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए एक रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंकित मूल्य पर 8.5 रुपये प्रति शेयर के चौथे अंतरिम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111097/vedanta-will-pay-fourth-interim-dividend-of-rs-8-5-per-share"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/vedanta.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.5 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का चौथा अंतरिम लाभांश देने की मंजूरी दी है।</p>
<p>कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि लाभांश भुगतान की रिकॉर्ड तिथि 24 दिसंबर है और इसका भुगतान निर्धारित समयसीमा में किया जाएगा।</p>
<p>बयान के अनुसार, वेदांता लि. के निदेशक मंडल की 16 दिसंबर, 2024 को हुई बैठक में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए एक रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंकित मूल्य पर 8.5 रुपये प्रति शेयर के चौथे अंतरिम लाभांश पर विचार किया गया और इसे मंजूरी दी गयी। कुल लाभांश 3,324 करोड़ रुपये है।</p>
<p>इससे पहले, वेदांता ने सितंबर में 20 रुपये प्रति शेयर के अपने तीसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की थी। इससे पहले, 11 रुपये और चार रुपये प्रति शेयर के लाभांश का भुगतान किया गया था। इसके साथ चालू वित्त वर्ष के दौरान वेदांता ने कुल 43.5 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया है।</p>
<p>वेदांता विभिन्न देशों में तेल और गैस, जस्ता, सीसा, चांदी, तांबा, लौह अयस्क, इस्पात और एल्युमीनियम जैसे क्षेत्रों में काम करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/111097/vedanta-will-pay-fourth-interim-dividend-of-rs-8-5-per-share</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/111097/vedanta-will-pay-fourth-interim-dividend-of-rs-8-5-per-share</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 21:02:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/vedanta.jpg"                         length="35384"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता समूह राजस्थान में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>जयपुर, नौ दिसंबर (भाषा) वेदांता समूह राजस्थान में अपनी कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अगले दो-तीन साल में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इससे रोजगार के एक लाख अतिरिक्त अवसरों का सृजन होगा।</p>
<p>वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक वर्तमान में 10 लाख टन जस्ता का उत्पादन कर रही है। कंपनी का इरादा इसे दोगुना कर 20 लाख टन करने का है।</p>
<p>अग्रवाल ने कहा, ‘‘ इसमें 800 किलोग्राम चांदी भी बनाई जाती है, जिसे हम दोगुना कर 1.6 टन करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108149/vedanta-group-will-invest-rs-1-lakh-crore-in-rajasthan"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/vedanta.jpg" alt=""></a><br /><p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>जयपुर, नौ दिसंबर (भाषा) वेदांता समूह राजस्थान में अपनी कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अगले दो-तीन साल में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इससे रोजगार के एक लाख अतिरिक्त अवसरों का सृजन होगा।</p>
<p>वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक वर्तमान में 10 लाख टन जस्ता का उत्पादन कर रही है। कंपनी का इरादा इसे दोगुना कर 20 लाख टन करने का है।</p>
<p>अग्रवाल ने कहा, ‘‘ इसमें 800 किलोग्राम चांदी भी बनाई जाती है, जिसे हम दोगुना कर 1.6 टन करने जा रहे हैं। हमारी सभी समूह कंपनियां पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा पर काम करेंगी। हम तीन लाख बैरल तेल और गैस का उत्पादन करेंगे। इसमें एक लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।’’</p>
<p>उन्होंने गैर-लाभकारी आधार पर एक औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा भी की।</p>
<p>अग्रवाल ने कहा, ‘‘ ऐसे कई उद्यमी हैं जो अवसरों की तलाश में हैं। हम कच्चा माल उपलब्ध कराएंगे और घर-घर बिजली पहुंचाएंगे। जस्ता तथा चांदी का उपयोग कर कई चीजें बनाई जा सकती हैं। हमें उम्मीद है कि हम तीन साल में पूरा निवेश कर लेंगे और उत्पादन क्षमता दोगुनी कर देंगे।’’</p>
<p>‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ में उन्होंने कहा कि वेदांता समूह की योजना राष्ट्रीय खजाने में करों के माध्यम से प्रतिवर्ष अपना योगदान बढ़ाकर 1.5 लाख करोड़ रुपये करने की है। इसमें से 40,000 करोड़ रुपये राजस्थान को मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान में वेदांता समूह सरकारी खजाने में हर साल 50,000 करोड़ रुपये का योगदान देता है, जिसमें से 10,000 करोड़ रुपये राजस्थान को मिलते हैं।</p>
<p>अग्रवाल ने कहा, ‘‘ हमारी विस्तार योजना जारी है। हम सरकार की कर आय में अपना योगदान तीन गुना बढ़ाकर 1.5 लाख करोड़ रुपये करेंगे, जिसमें से 40,000 करोड़ रुपये राजस्थान को जाएंगे और पांच लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/108149/vedanta-group-will-invest-rs-1-lakh-crore-in-rajasthan</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/108149/vedanta-group-will-invest-rs-1-lakh-crore-in-rajasthan</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 20:38:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/vedanta.jpg"                         length="35384"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        