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                <title>Electronics - Loktej</title>
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                <description>Electronics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 40 अरब अमेरिकी डॉलर हुआ: वैष्णव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 19 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि के साथ 40 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ गया है।</p>
<p>आईआईटी हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की तेज प्रगति का जिक्र भी किया, जिसके अगस्त या सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।</p>
<p>वैष्णव ने कहा कि इस साल व्यावसायिक स्तर पर पहली भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142004/indias-electronics-export-became-us-40-billion"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mobile-smart-phone-laptop-computer-electronic-gadgets.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 19 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि के साथ 40 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ गया है।</p>
<p>आईआईटी हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की तेज प्रगति का जिक्र भी किया, जिसके अगस्त या सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।</p>
<p>वैष्णव ने कहा कि इस साल व्यावसायिक स्तर पर पहली भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप आएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के शीर्ष पांच सेमीकंडक्टर उत्पादक देशों में एक बनने की राह पर है।</p>
<p>केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, ”महज 11 वर्षों में, हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को छह गुना बढ़ा दिया है। यह दोहरे अंकों की वृद्धि है। हमने अपने निर्यात को आठ गुना बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 40 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को पार कर लिया है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह वृद्धि की अभूतपूर्व गति है, जो बहुत कम देशों ने पहले कभी देखी है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और कहा कि लगभग साढ़े तीन वर्षों में, भारत एक संपूर्ण 4जी दूरसंचार स्टैक डिजाइन कर सकता है। आज, यह लगभग 90,000 दूरसंचार टावरों पर स्थापित है, जो दुनिया के कई देशों के नेटवर्क से भी अधिक है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 15:02:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामान्य से अधिक मानसून के चलते जून में ऊर्जा की मांग 1.9 प्रतिशत कम हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत में बिजली की मांग जून में सालाना आधार पर 1.9 प्रतिशत घटकर 150 अरब यूनिट (बीयू) रह गई, यह लगातार दूसरा महीना है, जब बिजली की मांग में कमी देखने को मिली है।</p>
<p>इसकी वजह सामान्य से अधिक मानसूनी वर्षा के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान कम होना है। यह जानकारी क्रिसिल द्वारा बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 1 से 25 जून के बीच लंबी अवधि के औसत की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। पिछले मानसून में इसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141810/energy-demand-decreased-by-19-percent-in-june-due-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/electricity.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत में बिजली की मांग जून में सालाना आधार पर 1.9 प्रतिशत घटकर 150 अरब यूनिट (बीयू) रह गई, यह लगातार दूसरा महीना है, जब बिजली की मांग में कमी देखने को मिली है।</p>
<p>इसकी वजह सामान्य से अधिक मानसूनी वर्षा के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान कम होना है। यह जानकारी क्रिसिल द्वारा बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 1 से 25 जून के बीच लंबी अवधि के औसत की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। पिछले मानसून में इसी अवधि में 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, रियल-टाइम मार्केट (आरटीएम) में एवरेज मार्केट क्लियरिंग प्राइस (एमसीपी) जून में 26 प्रतिशत घटकर 3.73 रुपए प्रति यूनिट रह गया, जो कम बिजली की आवश्यकता और पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है। मांग की कमी के चलते जून में बिजली उत्पादन भी 0.8 प्रतिशत कम होकर 161 बीयू हो गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी क्षेत्र में बिजली की मांग में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि जून 2024 में इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया, “उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में वर्षा सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक थी, जबकि जून 2024 में लू चली थी और वर्षा सामान्य से 33 प्रतिशत कम थी।”</p>
<p>हालांकि, दक्षिणी क्षेत्र में बिजली की मांग में पिछले वर्ष की तुलना में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इस जून में दक्षिणी प्रायद्वीप में 5 प्रतिशत की वर्षा की कमी के अनुरूप है।</p>
<p>इस वर्ष, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सामान्य तिथि 8 जुलाई के बजाय 29 जून तक पूरे देश को कवर कर लिया था। उन्होंने कहा, “हालांकि बारिश ने बिजली की मांग में वृद्धि को सीमित कर दिया, लेकिन विनिर्माण गतिविधि ने समर्थन प्रदान किया हैं।”</p>
<p>भारत में बिजली उत्पादन के लिए कोयला अभी भी मुख्य ईंधन है। 30 जून तक, ताप विद्युत संयंत्रों के पास 62 मिलियन टन (एमटी) कोयले का भंडार था, जो अप्रैल 2021 के बाद का उच्चतम स्तर है। एक साल पहले यह भंडार 47 मिलियन टन था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 21:10:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2028 तक 98% पीसी होंगे AI-सक्षम: डेल के कार्यकारी की भविष्यवाणी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2025: वैश्विक कंप्यूटिंग परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि डेल टेक्नोलॉजीज के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने भविष्यवाणी की है कि 2028 तक सभी पीसी का 98% हिस्सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से सक्षम होगा। डेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के क्लाइंट सॉल्यूशंस ग्रुप के वरिष्ठ निदेशक और महाप्रबंधक, इंद्रजीत बेलगुंडी ने यह बात कही।</p>
<p>बेलगुंडी ने पीटीआई को बताया कि AI पीसी की मांग सभी आयु समूहों, उद्योगों और श्रेणियों में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "2028 तक, लगभग 98% पीसी AI पीसी होंगे, जो न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPUs) से लैस होंगे। ये यूनिट्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140020/by-2028-98-pcs-will-be-ai-competent-dells-executive"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/8243_work-from-home.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2025: वैश्विक कंप्यूटिंग परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि डेल टेक्नोलॉजीज के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने भविष्यवाणी की है कि 2028 तक सभी पीसी का 98% हिस्सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से सक्षम होगा। डेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के क्लाइंट सॉल्यूशंस ग्रुप के वरिष्ठ निदेशक और महाप्रबंधक, इंद्रजीत बेलगुंडी ने यह बात कही।</p>
<p>बेलगुंडी ने पीटीआई को बताया कि AI पीसी की मांग सभी आयु समूहों, उद्योगों और श्रेणियों में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "2028 तक, लगभग 98% पीसी AI पीसी होंगे, जो न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPUs) से लैस होंगे। ये यूनिट्स डिवाइस पर ही AI कार्यों को तेजी से, सुरक्षित रूप से और ऊर्जा-कुशल तरीके से चलाएंगे। इससे कार्यदिवस में उत्पादकता, रचनात्मकता और सहयोग नए स्तरों पर पहुंचेगा। यह एक बड़ा बदलाव होगा।"</p>
<p>यह भविष्यवाणी डेल की नई AI पीसी लाइनअप के लॉन्च के मौके पर की गई, जिसमें डेल प्रो और डेल प्रो मैक्स जैसे मॉडल शामिल हैं। ये पीसी इंटेल कोर अल्ट्रा, AMD राइजेन प्रोसेसर और क्वालकॉम स्नैपड्रैगन कोपायलट+ AI पीसी जैसे विविध सिलिकॉन विकल्पों के साथ आते हैं।</p>
<p><strong>एज कंप्यूटिंग की बढ़ती भूमिका</strong></p>
<p>बेलगुंडी ने बताया कि AI अब एज कंप्यूटिंग की ओर बढ़ रहा है। एज कंप्यूटिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें डेटा को उसके स्रोत के पास, जैसे डिवाइस या स्थानीय सर्वर पर प्रोसेस किया जाता है, न कि दूरस्थ डेटा सेंटर या क्लाउड पर। इससे डेटा प्रोसेसिंग में देरी कम होती है, बैंडविड्थ की बचत होती है और रीयल-टाइम जानकारी तेजी से मिलती है। उन्होंने कहा, "भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए सही AI पीसी या AI क्लाइंट डिवाइस अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।"</p>
<p><strong>भारत में AI पीसी की मांग में उछाल</strong></p>
<p>भारत में उपभोक्ता पीसी बाजार में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें गेमिंग और AI-सक्षम पीसी की मांग प्रमुख है। बेलगुंडी ने कहा कि भारत डेल टेक्नोलॉजीज के लिए शीर्ष पांच वैश्विक बाजारों में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा, "भारत न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक ऐसा बाजार है जहां हम हाइपर-ग्रोथ हासिल करना चाहते हैं।"</p>
<p>डेल ने भारत की इस वृद्धि को समर्थन देने में सक्रिय भूमिका निभाई है। कंपनी ने आईटी हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के पहले चरण में भाग लिया और नई कंपोनेंट योजना के लिए एक प्रस्ताव भी जमा किया है।</p>
<p><strong>डेल का प्रदर्शन और बाजार हिस्सेदारी</strong></p>
<p>मार्केट रिसर्च फर्म IDC के अनुसार, डेल टेक्नोलॉजीज भारत के पीसी बाजार में 16.1% हिस्सेदारी रखती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 95.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 8% अधिक है। डेल ने पूरे साल के लिए 8% राजस्व वृद्धि का अनुमान भी दिया है।</p>
<p><strong>AI हार्डवेयर में वैश्विक रुझान</strong></p>
<p>AI हार्डवेयर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। ओपनएआई के डेटा के अनुसार, 2012 से 2017 तक डीप लर्निंग के लिए कंप्यूटिंग पावर में 300,000 गुना वृद्धि हुई है। 2023 तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) ने बाजार पर कब्जा कर लिया था, जो जटिल एल्गोरिदम को संभालने में अपनी बेहतर क्षमता के लिए जाने जाते हैं।</p>
<p>डेल की यह भविष्यवाणी और नए AI पीसी की लॉन्चिंग तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारत और वैश्विक स्तर पर कंप्यूटिंग के भविष्य को नया आकार दे सकता है।</p>
<p>(द इकोनॉमिक टाइम्स से इनपुट के साथ)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 01:44:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2035 तक अधिकतम बिजली की जरुरत होगी 180 गीगावाट, 15 करोड़ नए एसी लगेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्‍ली, 28 मार्च (वेब वार्ता)। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) में भारत ऊर्जा और जलवायु केंद्र (आईईसीसी) के अध्‍ययन में बताया गया है कि भारत में अगले दशक में 13-15 करोड़ नए रूम एयर कंडीशनर (एसी) की जरूरत होगी। इससे वर्ष 2035 तक देश की अधिकतम बिजली की मांग 180 गीगावाट (जीडब्ल्यू) से अधिक बढ़ सकती है और इससे बिजली की खपत पर दबाव पड़ेगा।</p>
<p>अध्ययन में कहा गया है कि सबसे तेजी से विकसित हो रही यह प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले भारत में अगले 10 वर्षों में रूम एसी की ऊर्जा दक्षता को दोगुना करके गंभीर बिजली की कमी से बच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139655/maximum-electricity-will-be-required-by-2035-180-gw-15"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/electricity.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्‍ली, 28 मार्च (वेब वार्ता)। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) में भारत ऊर्जा और जलवायु केंद्र (आईईसीसी) के अध्‍ययन में बताया गया है कि भारत में अगले दशक में 13-15 करोड़ नए रूम एयर कंडीशनर (एसी) की जरूरत होगी। इससे वर्ष 2035 तक देश की अधिकतम बिजली की मांग 180 गीगावाट (जीडब्ल्यू) से अधिक बढ़ सकती है और इससे बिजली की खपत पर दबाव पड़ेगा।</p>
<p>अध्ययन में कहा गया है कि सबसे तेजी से विकसित हो रही यह प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले भारत में अगले 10 वर्षों में रूम एसी की ऊर्जा दक्षता को दोगुना करके गंभीर बिजली की कमी से बच सकती है और उपभोक्ताओं के 2.2 लाख करोड़ रुपये (26 अरब डॉलर) तक बचा सकती है। अभी भारत सालाना 1-1.5 करोड़ नए एसी जोड़ता है। नीतिगत हस्तक्षेप के बिना, अकेले वर्ष 2030 तक 120 गीगावाट और वर्ष 2035 तक 180 गीगावाट बिजली की अधिकतम मांग बढ़ सकती है। यह कुल डिमांड का लगभग 30 फीसदी है।</p>
<p>अध्ययन के प्रमुख लेखक और यूसी बर्कले के फैकल्टी निकित अभ्यंकर ने कहा कि यह वृद्धि भारत की बिजली आपूर्ति से आगे निकल रही है और वर्ष 2026 की शुरुआत में ही बिजली की गंभीर कमी हो सकती है। पिछले साल, अखिल भारतीय अधिकतम बिजली की मांग 30 मई को 250 गीगावाट को पार कर गई थी, जो अनुमानों से 6.3 फीसदी अधिक थी।</p>
<p>जलवायु परिवर्तन से प्रेरित गर्मी का तनाव बिजली की मांग को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक है। भारत की कुल बिजली खपत में घरेलू क्षेत्र की हिस्सेदारी वर्ष 2012-13 में 22 फीसदी से बढ़कर वर्ष 2022-23 में 25 फीसदी हो गई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक वृद्धि और बढ़ते तापमान के कारण है। वर्ष 2024 की गर्मियों में, रिकॉर्डतोड़ तापमान के बीच कमरे के एयर कंडीशनर की बिक्री में साल-दर-साल 40 से 50 फीसदी की वृद्धि हुई।</p>
<p>वहीं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में चल रहे एक शोध के अनुसार, कुल आबादी के हिसाब से सबसे बड़ी एसी की मांग भारत से आएगी। इसके बाद चीन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्राजील, फिलिपीन और अमेरिका का नंबर आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139655/maximum-electricity-will-be-required-by-2035-180-gw-15</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:48:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात में डिस्प्ले निर्माण इकाई स्थापित करेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>गांधीनगर, पांच मार्च (भाषा) टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात में एक डिस्प्ले निर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यह इकाई ताइवान स्थित पीएसएमसी और हिमैक्स टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी में लगाई जाएगी।</p>
<p>टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ रणधीर ठाकुर ने आईईएसए विजन सम्मेलन में संयंत्र के लिए गुजरात सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''आज, मुझे भारत के डिस्प्ले उत्पाद और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में क्रांति लाने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, पीएसएमसी और हिमैक्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की घोषणा करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139004/tata-electronics-will-set-up-display-construction-unit-in-gujarat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/4644_tata-logo-logo-.png" alt=""></a><br /><p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>गांधीनगर, पांच मार्च (भाषा) टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात में एक डिस्प्ले निर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यह इकाई ताइवान स्थित पीएसएमसी और हिमैक्स टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी में लगाई जाएगी।</p>
<p>टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ रणधीर ठाकुर ने आईईएसए विजन सम्मेलन में संयंत्र के लिए गुजरात सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''आज, मुझे भारत के डिस्प्ले उत्पाद और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में क्रांति लाने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, पीएसएमसी और हिमैक्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।''</p>
<p>ठाकुर ने कहा कि पीएसएमसी की तकनीक के साथ, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में हिमैक्स के लिए डिस्प्ले चिप्स का निर्माण करेगी।</p>
<p>डिस्प्ले निर्माण में प्रवेश के साथ, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की तीनों शीर्ष सेमीकंडक्टर निर्माण खंडों में उपस्थिति होगी।</p>
<p>कंपनी पहले ही गुजरात में लगभग 91,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है।</p>
<p>टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से असम में एक चिप निर्माण संयंत्र भी स्थापित कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 13:49:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस व्हाट्सऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आरोपी को नोटिस नहीं भेज सकती: न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि पुलिस आरोपी व्यक्तियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत व्हाट्सऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नोटिस नहीं भेज सकती।</p>
<p>न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने 21 जनवरी के आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे सीआरपीसी, 1973 की धारा 41ए या बीएनएसएस, 2023 की धारा 35 के तहत केवल कानून के तहत निर्धारित सेवा के माध्यम से नोटिस जारी करने के लिए पुलिस को उचित निर्देश जारी करें।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/126572/police-cannot-send-notice-to-the-accused-through-whatsapp-or-other-electronic-mediums--court"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि पुलिस आरोपी व्यक्तियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत व्हाट्सऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नोटिस नहीं भेज सकती।</p>
<p>न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने 21 जनवरी के आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे सीआरपीसी, 1973 की धारा 41ए या बीएनएसएस, 2023 की धारा 35 के तहत केवल कानून के तहत निर्धारित सेवा के माध्यम से नोटिस जारी करने के लिए पुलिस को उचित निर्देश जारी करें।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने कहा कि यह बिलकुल स्पष्ट है कि व्हाट्सऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस जारी करने को सीआरपीसी, 1973/बीएनएसएस, 2023 के तहत मान्यता प्राप्त और निर्धारित सेवा के तरीके के विकल्प रूप में नहीं माना जा सकता।</p>
<p>यह निर्देश तब आया जब अदालत ने मामले में नियुक्त न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के सुझाव को स्वीकार कर लिया।</p>
<p>लूथरा ने ऐसे उदाहरणों को चिह्नित किया जहां सीआरपीसी, 1973 की धारा 41-ए के तहत व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजा गया, लेकिन आरोपी जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुए।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने सतेंद्र कुमार अंतिल के मामले में यह निर्देश दिया।</p>
<p>पीठ ने सभी उच्च न्यायालयों को अपनी संबंधित समिति की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि उसके पूर्व के और वर्तमान दोनों निर्णयों को ‘‘सभी स्तरों पर’’ मासिक आधार पर लागू किया जाना एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन सप्ताह के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 19:00:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान की लैपटॉप विनिर्माता एमएसआई ने चेन्नई संयंत्र के साथ भारत में विनिर्माण किया शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) ताइवान की लैपटॉप विनिर्माता कंपनी एमएसआई ने भारत में अपना विनिर्माण परिचालन शुरू करने की मंगलवार को घोषणा की।</p>
<p>एमएसआई ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप, दो लैपटॉप मॉडल एमएसआई मॉडर्न 14 और एमएसआई थिन 15 के स्थानीय रूप से विनिर्मित संस्करण पेश करेगी।</p>
<p>बयान में कहा गया, ‘‘ भारत एमएसआई के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है और ब्रांड लगातार देश भर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। उच्च प्रदर्शन वाले लैपटॉप की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए एमएसआई वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले स्थानीय रूप से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111228/taiwanese-laptop-maker-msi-starts-manufacturing-in-india-with-chennai-plant"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mobile-smart-phone-laptop-computer-electronic-gadgets.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) ताइवान की लैपटॉप विनिर्माता कंपनी एमएसआई ने भारत में अपना विनिर्माण परिचालन शुरू करने की मंगलवार को घोषणा की।</p>
<p>एमएसआई ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप, दो लैपटॉप मॉडल एमएसआई मॉडर्न 14 और एमएसआई थिन 15 के स्थानीय रूप से विनिर्मित संस्करण पेश करेगी।</p>
<p>बयान में कहा गया, ‘‘ भारत एमएसआई के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है और ब्रांड लगातार देश भर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। उच्च प्रदर्शन वाले लैपटॉप की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए एमएसआई वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले स्थानीय रूप से विनिर्मित उपकरणों की पेशकश कर भारत के संपन्न प्रौद्योगिकी परिदृश्य तंत्र में योगदान करने के लिए उत्साहित हैं।’’</p>
<p>भारत में विनिर्मित थिन और मॉडर्न सीरीज के लैपटॉप क्रमशः 73,990 रुपये और 52,990 रुपये की शुरुआती खुदरा कीमतों पर उपलब्ध होंगे।</p>
<p>एमएसआई इंडिया के एनबी महाप्रबंधक जॉन हंग ने कहा, ‘‘ भारत लंबे समय से एमएसआई के लिए एक प्रमुख केंद्र रहा है और देश में उच्च प्रदर्शन वाले लैपटॉप की बढ़ती मांग स्थानीय स्तर पर विनिर्माण शुरू करने के हमारे निर्णय का अभिन्न हिस्सा है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 12:36:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवंबर तक देश भर में लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए: सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नवंबर तक देश भर में लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, जबकि 11 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी मीटर नहीं लगाया जा सका है।</p>
<p>संसद के उच्च सदन में सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) योजना के तहत विभिन्न राज्यों में 29 नवंबर तक लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं।</p>
<p>जुलाई 2021 में शुरू की गई इस योजना के तहत मार्च 2025 तक 3.3 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से लगभग 25 करोड़ स्मार्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111019/around-73-lakh-smart-prepaid-meters-installed-across-the-country-till-november--government"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/smart-meter.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नवंबर तक देश भर में लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, जबकि 11 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी मीटर नहीं लगाया जा सका है।</p>
<p>संसद के उच्च सदन में सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) योजना के तहत विभिन्न राज्यों में 29 नवंबर तक लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं।</p>
<p>जुलाई 2021 में शुरू की गई इस योजना के तहत मार्च 2025 तक 3.3 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से लगभग 25 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने हैं।</p>
<p>बिजली राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने राज्यसभा को एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि 29 नवंबर तक विभिन्न राज्यों में लगभग 19.79 करोड़ स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए गए हैं और 72.97 लाख उपकरण लगाए गए हैं।</p>
<p>मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु, त्रिपुरा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने की संख्या शून्य थी, जबकि इन राज्यों में उपकरणों की स्वीकृत संख्या क्रमशः 3 करोड़, 5.47 लाख, 1.42 करोड़ और 87.84 लाख थी।</p>
<p>जिन अन्य राज्यों में कोई मीटर नहीं लगाया जा सका है उनमें नगालैंड (3.17 लाख स्वीकृत के मुकाबले), मेघालय (4.60 लाख स्वीकृत के मुकाबले), मिजोरम (2.89 लाख), झारखंड (13.41 लाख), केरल (1.32 करोड़), अरुणाचल प्रदेश (2.87 लाख) और गोवा (7.41 लाख) शामिल हैं।</p>
<p>आंकड़ों से पता चलता है कि 29 नवंबर तक अंडमान निकोबार और पुडुचेरी में एक भी मीटर नहीं लगाया गया है। जबकि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए क्रमशः 83,573 और 4.03 लाख स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए गए थे।</p>
<p>इस साल 29 नवंबर तक, असम में 63.64 लाख स्वीकृत के मुकाबले सबसे अधिक 22,89 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए, इसके बाद बिहार में 23.50 लाख स्वीकृत उपकरणों के मुकाबले 19.39 लाख मीटर लगाए गए। मध्य प्रदेश में मंजूर 1.29 करोड़ मीटर के मुकाबले 10.13 लाख मीटर लगाए गए जबकि उत्तर प्रदेश में 2.69 करोड़ स्वीकृत मीटर के मुकाबले 3.79 लाख मीटर लगाए गए।</p>
<p>उत्तराखंड ने कुल स्वीकृत 15.87 लाख स्मार्ट मीटरों के मुकाबले दहाई अंक में मीटर लगाए गए है।</p>
<p>आरडीएसएस को वितरण उपयोगिताओं यानी डिस्कॉम या बिजली विभागों की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार के लिए शुरू किया गया था ताकि बिजली की गुणवत्ता और विश्वसनीय आपूर्ति प्रदान की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/111019/around-73-lakh-smart-prepaid-meters-installed-across-the-country-till-november--government</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 20:20:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लैपटॉप, टैबलेट के आयात के लिए नए सिरे से मंजूरी लेनी होगी, 13 दिसंबर से आवेदन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) लैपटॉप और टैबलेट सहित कुछ आईटी हार्डवेयर उत्पादों के आयातकों को अगले साल के लिए नए सिरे से पूर्व-मंजूरी लेनी होगी जिसके लिए 13 दिसंबर से आवेदन किए जा सकेंगे।</p>
<p>विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, आयात प्रबंधन प्रणाली (आईएमएस) के तहत इन वस्तुओं के आयात के लिए जारी की गई कोई भी मंजूरी 31 दिसंबर, 2025 तक वैध होगी।</p>
<p>अगले साल इन उत्पादों का आयात करने के लिए आयातकों को सरकार से नए सिरे से मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए उन्हें कई आवेदन जमा करने की अनुमति है।</p>
<p>डीजीएफटी ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109193/fresh-approval-will-have-to-be-taken-for-the-import-of-laptops-and-tablets--applications-will-start-from-december-13"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/mobile-smart-phone-laptop-computer-electronic-gadgets.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) लैपटॉप और टैबलेट सहित कुछ आईटी हार्डवेयर उत्पादों के आयातकों को अगले साल के लिए नए सिरे से पूर्व-मंजूरी लेनी होगी जिसके लिए 13 दिसंबर से आवेदन किए जा सकेंगे।</p>
<p>विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, आयात प्रबंधन प्रणाली (आईएमएस) के तहत इन वस्तुओं के आयात के लिए जारी की गई कोई भी मंजूरी 31 दिसंबर, 2025 तक वैध होगी।</p>
<p>अगले साल इन उत्पादों का आयात करने के लिए आयातकों को सरकार से नए सिरे से मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए उन्हें कई आवेदन जमा करने की अनुमति है।</p>
<p>डीजीएफटी ने ‘कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए प्रतिबंधित आईटी हार्डवेयर के आयात के लिए’ आयात प्रबंधन प्रणाली को अधिसूचित किया है।</p>
<p>इसके पहले सितंबर में सरकार ने लैपटॉप और टैबलेट समेत कुछ आईटी हार्डवेयर उत्पादों के आयात की स्वीकृति प्रणाली को 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया था।</p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 में इन उत्पादों का आयात 8.4 अरब डॉलर रहा था, जबकि उन्हें पूर्व-अनुमति लगभग 9.5 अरब डॉलर आयात की थी। इनमें से अधिकांश आयात चीन से आ रहा था।</p>
<p>सरकार ने पिछले साल तीन अगस्त को लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर पर आयात प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, उद्योग की चिंताओं के बाद पिछले साल अक्टूबर में इन उत्पादों के आयात के लिए आयात प्रबंधन एवं पूर्व-मंजूरी की व्यवस्था शुरू की गई थी।</p>
<p>सरकार ने इन हार्डवेयर उत्पादों की विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/109193/fresh-approval-will-have-to-be-taken-for-the-import-of-laptops-and-tablets--applications-will-start-from-december-13</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 20:08:30 +0530</pubDate>
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                <title>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की आंध्र प्रदेश में नया संयंत्र लगाने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी एलजी की भारत में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए आंध्र प्रदेश में एक नया संयंत्र लगाने की योजना है।</p>
<p>इसके अलावा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया अपनी लागत को कम करने के लिए स्थानीय बाजार से कच्चे माल की खरीद भी बढ़ा रही है। इससे कंपनी को उत्पादों की प्रतिस्पर्धी कीमत तय करने में मदद मिल रही है।</p>
<p>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने से संबंधित प्रस्ताव के मसौदे में यह जानकारी दी है। कंपनी ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108091/lg-electronics-plans-to-set-up-a-new-plant-in-andhra-pradesh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी एलजी की भारत में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए आंध्र प्रदेश में एक नया संयंत्र लगाने की योजना है।</p>
<p>इसके अलावा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया अपनी लागत को कम करने के लिए स्थानीय बाजार से कच्चे माल की खरीद भी बढ़ा रही है। इससे कंपनी को उत्पादों की प्रतिस्पर्धी कीमत तय करने में मदद मिल रही है।</p>
<p>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने से संबंधित प्रस्ताव के मसौदे में यह जानकारी दी है। कंपनी ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया है।</p>
<p>कंपनी की ग्रेटर नोएडा और पुणे में दो विनिर्माण इकाइयां मौजूद हैं और वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश में एक और संयंत्र लगाने जा रही है।</p>
<p>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को 26 नवंबर, 2024 को आंध्र प्रदेश औद्योगिक विकास नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।</p>
<p>कंपनी ने पिछले हफ्ते आईपीओ के लिए सेबी के पास प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे। इसके मुताबिक मूल कंपनी 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर 10.18 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी।</p>
<p>एलजी को अपने कारोबार के विभिन्न पहलुओं के लिए अपनी मूल इकाई एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स से समर्थन मिलता है। इसमें उत्पाद नवाचार, उत्पाद डिजाइन, विनिर्माण के लिए प्रौद्योगिकियां, ब्रांड और संबंधित तकनीकी जानकारी और निर्यात शामिल हैं।</p>
<p>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने कहा, ‘‘एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और एलजी समूह की कंपनियों के साथ हमारे संबंधों में कोई भी प्रतिकूल बदलाव हमारे व्यवसाय, प्रतिष्ठा, वित्तीय स्थिति और परिचालन के परिणामों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 15:55:40 +0530</pubDate>
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                <title>इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माताओं ने सरकार से की वित्तीय पैकेज की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, आठ दिसंबर (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एल्सीना ने कच्चे माल के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 72,500 करोड़ रुपये (8.57 अरब डॉलर) के सहायता पैकेज की मांग की है।</p>
<p>भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के सबसे पुराने उद्योग संगठन इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एल्सीना) का अनुमान है कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में इनपुट की मांग-आपूर्ति का घाटा 2030 तक बढ़कर 248 अरब डॉलर (लगभग 21 लाख करोड़ रुपये) हो जाएगा, जिससे अनुमानित 500 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन की पूर्ति होगी और इसकी पूर्ति बड़े पैमाने पर आयात से होगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107827/electronics-component-manufacturers-demand-financial-package-from-the-government"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, आठ दिसंबर (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एल्सीना ने कच्चे माल के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 72,500 करोड़ रुपये (8.57 अरब डॉलर) के सहायता पैकेज की मांग की है।</p>
<p>भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के सबसे पुराने उद्योग संगठन इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एल्सीना) का अनुमान है कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में इनपुट की मांग-आपूर्ति का घाटा 2030 तक बढ़कर 248 अरब डॉलर (लगभग 21 लाख करोड़ रुपये) हो जाएगा, जिससे अनुमानित 500 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन की पूर्ति होगी और इसकी पूर्ति बड़े पैमाने पर आयात से होगी।</p>
<p>उद्योग निकाय को उम्मीद है कि गैर-सेमीकंडक्टर घटकों के लिए सरकार का समर्थन देश में घाटे को 146 अरब डॉलर (12.36 लाख करोड़ रुपये) से घटाकर 102 अरब डॉलर (8.63 लाख करोड़ रुपये) करने में मदद कर सकता है।</p>
<p>एल्सीना के महासचिव राजू गोयल ने पीटीआई-भाषा को बताया कि तैयार उत्पादों के विपरीत, जहां कारखाने का उत्पादन निवेश से 16 गुना तक हो सकता है, इलेक्ट्रॉनिक घटक कारखाने में निवेशित पूंजी का अधिकतम तीन गुना उत्पादन हो सकता है।</p>
<p>गोयल ने कहा, “कम रिटर्न, उच्च परिचालन लागत और लंबी निर्माण अवधि के कारण लोग इलेक्ट्रॉनिक घटकों में अपने निवेश का विस्तार करने में संकोच करते हैं। इसलिए हमने सरकार से 8.57 अरब डॉलर की मांग की है, जिसमें उद्योग के विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत व्यय के लिए 2.14 अरब डॉलर और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के रूप में 6.43 अरब डॉलर शामिल हैं।”</p>
<p>सरकार गैर-अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के उत्पादन को समर्थन देने के लिए एक व्यापक पैकेज पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।</p>
<p>एल्सीना ने अपने अनुमान में छोटे इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, कुछ सेमीकंडक्टर आदि को शामिल किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/107827/electronics-component-manufacturers-demand-financial-package-from-the-government</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 20:31:55 +0530</pubDate>
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