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                <description>Insurance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई के प्रावधान वाला विधेयक लोकसभा में पारित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) लोकसभा ने बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी।</p>
<p>विधेयक पर चर्चा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025’ को ध्वनि मत से स्वीकृति दे दी।</p>
<p>इससे पहले, विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि बीमा विधेयक में अब तक 12 बार संशोधन हो चुका है तथा संशोधन भी कई तरह के होते हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144643/bill-providing-for-100-percent-fdi-in-insurance-sector-passed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) लोकसभा ने बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी।</p>
<p>विधेयक पर चर्चा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025’ को ध्वनि मत से स्वीकृति दे दी।</p>
<p>इससे पहले, विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि बीमा विधेयक में अब तक 12 बार संशोधन हो चुका है तथा संशोधन भी कई तरह के होते हैं और ये देश की तरक्की एवं बीमा क्षेत्र की जरूरतों को प्रदर्शित करते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस विधेयक में आम लोगों और किसानों की सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।</p>
<p>सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रावधान किए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तीन बीमा कंपनियों की बेहतरी के लिए 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए और इस तरह के कदम से इनकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है।</p>
<p>सीतारमण ने कुछ विपक्षी सदस्यों के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि प्रीमियम की राशि विदेशी कंपनियों के पास जाएगी। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र को खोलने से बेहतर प्रौद्योगिकी और बेहतर उत्पाद सुनिश्चित किया जा सकेगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से 12 करोड़ परिवारों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि विधेयक से बीमा एजेंट को भी मदद मिलेगी।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि विधेयक के कानून का रूप लेने पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को अधिक स्वायत्तता मिलेगी तथा उसे फायदा होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विधेयक का मसौदा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया था।</p>
<p>सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद सचिवालय माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कटौती का लाभ पॉलिसीधारकों तक नहीं पहुंचने से संबंधित शिकायतों की जांच कर रहा है।</p>
<p>उनके मुताबिक, बीमा विधेयक में पुनर्बीमा कंपनियों के लिए शुद्ध स्वामित्व निधि की आवश्यकता को 5,000 करोड़ रुपये से घटाकर 1,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा अर्जित किये गए अवैध लाभों को वापस लेने और प्रभावित बीमा पॉलिसीधारकों को वितरित करने के लिए आईआरडीएआई को सशक्त बनाया जा रहा है।</p>
<p>यह विधेयक बीमा अधिनियम, 1938, जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 और बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 में संशोधन करने के लिए लाया गया है।</p>
<p>विधेयक में कहा गया है कि संशोधन से बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो जाएगी।</p>
<p>विधेयक के अनुसार, बीमा क्षेत्र में एफडीआई को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के बावजूद शीर्ष अधिकारियों में से एक-अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या सीईओ- भारतीय नागरिक होना चाहिए।</p>
<p>यह एक गैर-बीमा कंपनी के बीमा कंपनी में विलय का मार्ग भी प्रशस्त करता है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते शुक्रवार को इस विधेयक को मंजूरी दी थी।</p>
<p>विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के अनुसार, इसके माध्यम से बीमा क्षेत्र की वृद्धि और विकास में तेजी लाना और पॉलिसीधारकों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>
<p>विधेयक पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए पॉलिसीधारक शिक्षा और संरक्षण कोष की स्थापना का प्रावधान करता है।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि इससे बीमा कंपनियों, मध्यस्थों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापार करने में आसानी होगी, विनियमन बनाने में पारदर्शिता आएगी और क्षेत्र पर नियामक निगरानी बढ़ेगी।</p>
<p>कंपनी के अध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों के कार्यकाल के संबंध में विधेयक पांच साल के कार्यकाल या उनके 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक का प्रावधान करता है।</p>
<p>वर्तमान में पूर्णकालिक सदस्यों के लिए ऊपरी आयु सीमा 62 वर्ष है, जबकि अध्यक्ष के लिए यह 65 वर्ष है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने इस साल के बजट भाषण में नयी पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र संबंधी सुधारों के हिस्से के रूप में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 21:18:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीमा के 50 लाख रुपये लेने के लिए चिता पर पुतले को रखते दिल्‍ली के दो व्यापारी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हापुड़ (उप्र), 28 नवंबर (भाषा) हापुड़ जिले के गढ़मुक्‍तेश्‍वर थाना क्षेत्र के बृजघाट में पुलिस ने दिल्ली के दो व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया, जो कथित तौर पर धोखे से बीमा के 50 लाख रुपये का क्लेम करने की साजिश के तहत एक पुतले का अंतिम संस्कार करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि उनके दो साथी भागने में कामयाब रहे।</p>
<p>पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार दोपहर यह अजीब मामला तब सामने आया, जब चार लोग हरियाणा के नंबर वाली एक कार में घाट पर पहुंचे और अपने साथ शव होने का दावा किया।</p>
<p>पुलिस ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144301/two-delhi-businessmen-arrested-for-placing-effigy-on-funeral-pyre"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/4420_dead-body.jpg" alt=""></a><br /><p>हापुड़ (उप्र), 28 नवंबर (भाषा) हापुड़ जिले के गढ़मुक्‍तेश्‍वर थाना क्षेत्र के बृजघाट में पुलिस ने दिल्ली के दो व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया, जो कथित तौर पर धोखे से बीमा के 50 लाख रुपये का क्लेम करने की साजिश के तहत एक पुतले का अंतिम संस्कार करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि उनके दो साथी भागने में कामयाब रहे।</p>
<p>पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार दोपहर यह अजीब मामला तब सामने आया, जब चार लोग हरियाणा के नंबर वाली एक कार में घाट पर पहुंचे और अपने साथ शव होने का दावा किया।</p>
<p>पुलिस ने कहा कि उन्होंने घी और अंतिम संस्कार के लिए जरूरी अन्य चीजें खरीदीं और चुपचाप पुतले को “शव” की तरह चिता पर रख दिया। लेकिन उनकी घबराहट को स्थानीय लोगों ने भांप लिया तथा श्मशान घाट पर मौजूद नगर पालिका के कर्मचारी नितिन को कुछ गड़बड़ लगी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार नितिन ने जब पुतले के ऊपर ढके कपड़े को हटाया, तो पता चला कि वह किसी इंसान का शव नहीं बल्कि एक पुतला था।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने गाड़ी के साथ तीन पुतले भी बरामद किए। दो आरोपियों- कमल सोमानी और आशीष खुराना को गिरफ्तार कर लिया गया, जो दिल्ली के उत्तम नगर में जैन कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके दो साथी भाग गए।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, कपड़ा व्यापारी सोमानी ने कबूल किया कि उस पर 50 लाख रुपये का कर्ज था और वह महीनों से अवसाद में था।</p>
<p>पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तुति सिंह ने कहा, ‘‘पैसे चुकाने के लिए, उसने एक बड़ी योजना बनाई। उसने किसी बहाने से अपने कर्मचारी नीरज के भाई अंशुल के आधार और पैन कार्ड हासिल किए। लगभग एक साल पहले अंशुल के नाम पर 50 लाख रुपये की एक बीमा पॉलिसी ली, और उसका प्रीमियम नियमित भर रहा था।’’</p>
<p>पुलिस के मुताबिक योजना यह थी कि अंशुल को शहर से बाहर भेजा जाए, एक पुतले को उसका शव बताकर दिखाया जाए और उसका अंतिम संस्कार करके श्मशान घाट से शवदाह की आधिकारिक रसीद प्राप्त कर ली जाए। इसके बाद उनकी बीमा राशि का क्लेम करने की योजना थी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार हालांकि, जब पुलिस ने सोमानी के फोन से अंशुल को वीडियो-कॉल किया, तो वह प्रयागराज में अपने घर पर था और उसने दावा किया कि उसे इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।</p>
<p>सीओ स्तुति सिंह ने इसे बीमा धोखाधड़ी का मामला बताया और कहा, ‘‘जांच चल रही है और फरार संदिग्धों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 14:51:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार शीतकालीन सत्र में बीमा क्षेत्र में एफडीआई को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए विधेयक पेश करेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 22 नवंबर (भाषा) सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने वाला विधेयक पेश करेगी।</p>
<p>संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कुल 15 कार्य दिवस होंगे।</p>
<p>लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025, संसद के आगामी सत्र में पेश किए जाने वाले 10 विधेयकों की सूची में शामिल है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट भाषण में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की मौजूदा 74 प्रतिशत सीमा को बढ़ाकर 100</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144207/government-to-introduce-bill-to-increase-fdi-in-insurance-sector"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 22 नवंबर (भाषा) सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने वाला विधेयक पेश करेगी।</p>
<p>संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कुल 15 कार्य दिवस होंगे।</p>
<p>लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025, संसद के आगामी सत्र में पेश किए जाने वाले 10 विधेयकों की सूची में शामिल है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट भाषण में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की मौजूदा 74 प्रतिशत सीमा को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों का हिस्सा है।</p>
<p>अब तक बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिए 82,000 करोड़ रुपये आकर्षित किए जा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 20:55:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगभग 80 प्रतिशत बीमित व्यक्ति स्वास्थ्य बीमा की प्रभावशीलता को लेकर अनिश्चित: सर्वेक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>मुंबई, 17 मई (भाषा) भारत में बीमा कराने वाले 80 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य बीमा कवर की प्रभावशीलता के बारे में अनिश्चित रहते हैं। फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस ने एक सर्वेक्षण में यह बात कही।</p>
<p>सर्वेक्षण में हेल्थ अनलिमिटेड ने पाया कि जब कोई दावा किया जाता है, तो हर तीन में से दो व्यक्ति असुरक्षित महसूस करते हैं और उन्हें अप्रत्याशित बिलों का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें अपर्याप्त कवरेज मिलता है।</p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है, “दस में से नौ स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों को लगता है कि बीमा राशि का पुनर्भरण एक प्रमुख लाभ है।”</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140826/about-80-percent-of-the-insured-individuals-uncertain-survey-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>मुंबई, 17 मई (भाषा) भारत में बीमा कराने वाले 80 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य बीमा कवर की प्रभावशीलता के बारे में अनिश्चित रहते हैं। फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस ने एक सर्वेक्षण में यह बात कही।</p>
<p>सर्वेक्षण में हेल्थ अनलिमिटेड ने पाया कि जब कोई दावा किया जाता है, तो हर तीन में से दो व्यक्ति असुरक्षित महसूस करते हैं और उन्हें अप्रत्याशित बिलों का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें अपर्याप्त कवरेज मिलता है।</p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया है, “दस में से नौ स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों को लगता है कि बीमा राशि का पुनर्भरण एक प्रमुख लाभ है।” इसके तहत बीमा राशि खत्म होने के बाद भी बीमा लाभ मिलना जारी रहता है।</p>
<p>फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनूप राव ने कहा कि यह बढ़ती चिंता व्यापक स्वास्थ्य सेवा समाधानों की आवश्यकता को उजागर करती है।</p>
<p>राव ने कहा, “स्वास्थ्य बीमा होने के बावजूद, भारत में अधिकांश लोगों के लिए चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत चिंता का विषय है।”</p>
<p>यह सर्वेक्षण 25 वर्ष से अधिक आयु के 800 बीमित व्यक्तियों के बीच किया गया था। इसमें दावा किया गया कि 2021 में अन्य एशियाई देशों के बीच भारत में चिकित्सा मुद्रास्फीति की दर सबसे अधिक थी।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140826/about-80-percent-of-the-insured-individuals-uncertain-survey-on</link>
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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 15:36:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीराम जनरल ने धोखाधड़ी से मोटर बीमा दावा करने के मामले में मुकदमा जीता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी (एसजीआईसी) ने रविवार को कहा कि उसने धोखाधड़ी से मोटर बीमा दावा करने के मामले में मुकदमा जीता है।</p>
<p>मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि वह मोटर बीमा दावों के मामलों में चिकित्सकों, वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच सांठगांठ की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करें।</p>
<p>श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में एक अस्पताल, पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच सांठगांठ का भी खुलासा हुआ है, जो जाली दस्तावेज, फर्जी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139518/shriram-general-won-the-case-in-the-case-of-fraudulent"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/court-justice-law-order-customer-protection.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी (एसजीआईसी) ने रविवार को कहा कि उसने धोखाधड़ी से मोटर बीमा दावा करने के मामले में मुकदमा जीता है।</p>
<p>मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि वह मोटर बीमा दावों के मामलों में चिकित्सकों, वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच सांठगांठ की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करें।</p>
<p>श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में एक अस्पताल, पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच सांठगांठ का भी खुलासा हुआ है, जो जाली दस्तावेज, फर्जी प्रमाण पत्र और दवा के बिल जमा करके मोटर वाहन दुर्घटना बीमा राशि का दावा करते थे।</p>
<p>कंपनी ने कहा कि यह मामला दावेदार राकेश वल्टिया से संबंधित है, जिन्होंने सड़क दुर्घटना में लगी चोटों के लिए मुआवजे की मांग की थी।</p>
<p>इस फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के कार्यकारी निदेशक अश्विनी धनावत ने कहा कि इससे कंपनी के मजबूत दावा प्रबंधन ढांचे का पता चलता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हमारे संसाधन उन पॉलिसीधारकों को मिलें, जिन्हें वास्तव में सुरक्षा की आवश्यकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 19:57:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य बीमा कंपनी में हिस्सेदारी खरीद दो सप्ताह में हो जाने का भरोसाः एलआईसी प्रमुख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 18 मार्च (भाषा) जीवन बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी के मुख्य कार्यकारी सिद्धार्थ मोहंती ने अगले दो सप्ताह में एक स्वास्थ्य बीमा कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का मंगलवार को भरोसा जताया।</p>
<p>मोहंती ने इस स्वास्थ्य बीमा कंपनी का नाम न बताते हुए कहा कि एलआईसी इसके साथ बातचीत के अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि 31 मार्च से पहले सौदे की अंतिम रूप से घोषणा हो जाएगी।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में भी कदम रखने की संभावनाएं तलाश रही है।</p>
<p>एलआईसी के मुखिया ने यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139360/confidence-of-purchase-of-stake-in-health-insurance-company-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/lic-e1612175520752.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 18 मार्च (भाषा) जीवन बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी के मुख्य कार्यकारी सिद्धार्थ मोहंती ने अगले दो सप्ताह में एक स्वास्थ्य बीमा कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का मंगलवार को भरोसा जताया।</p>
<p>मोहंती ने इस स्वास्थ्य बीमा कंपनी का नाम न बताते हुए कहा कि एलआईसी इसके साथ बातचीत के अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि 31 मार्च से पहले सौदे की अंतिम रूप से घोषणा हो जाएगी।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में भी कदम रखने की संभावनाएं तलाश रही है।</p>
<p>एलआईसी के मुखिया ने यहां आयोजित जीसीए25 कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्वास्थ्य बीमा कारोबार में शामिल होना एलआईसी के लिए स्वाभाविक विकल्प है, चर्चा अंतिम चरण में है।’’</p>
<p>मोहंती ने कहा कि एलआईसी लक्षित कंपनी में 51 प्रतिशत या उससे अधिक की नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं खरीदेगी। खरीदी जाने वाली हिस्सेदारी की सटीक मात्रा एलआईसी के निदेशक मंडल के निर्णय और मूल्यांकन जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।</p>
<p>मीडिया में आई कुछ रिपोर्ट के मुताबिक, एलआईसी 4,000 करोड़ रुपये के सौदे में मणिपाल सिग्ना कंपनी में हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:56:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई से संबंधित विधेयक के मसौदे को जल्द मंत्रिमंडल को भेजेगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) वित्त सेवा सचिव (डीएफएस) एम. नागराजू ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्रालय बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के लिए विधेयक के मसौदे को मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजेगा।</p>
<p>उन्होंने यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ वित्त मंत्री ने पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है और बजट में इसकी घोषणा कर दी है। अब हम विधि मंत्रालय की मदद से विधेयक का मसौदा तैयार करेंगे।’’</p>
<p>इसके बाद के मसौदे को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।</p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/129178/government-will-soon-send-the-draft-of-100-percent-fdi-in-insurance-sector-to-the-cabinet-to-the-cabinet"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) वित्त सेवा सचिव (डीएफएस) एम. नागराजू ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्रालय बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के लिए विधेयक के मसौदे को मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजेगा।</p>
<p>उन्होंने यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ वित्त मंत्री ने पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है और बजट में इसकी घोषणा कर दी है। अब हम विधि मंत्रालय की मदद से विधेयक का मसौदा तैयार करेंगे।’’</p>
<p>इसके बाद के मसौदे को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) का इरादा मौजूदा बजट सत्र के दौरान विधेयक को पेश करने का है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था।</p>
<p>उन्होंने कहा था, ‘‘ यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपना पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करेंगी। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा बाधाओं और शर्तों की समीक्षा की जाएगी तथा उन्हें सरल बनाया जाएगा।’’</p>
<p>अब तक बीमा क्षेत्र ने एफडीआई के जरिये 82,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।</p>
<p>एफडीआई सीमा बढ़ाने के लिए सरकार को बीमा अधिनियम 1938, जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 और बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम 1999 में संशोधन करना होगा।</p>
<p>विधेयक कुछ प्रक्रियाओं और नियमों को भी सरल बनाएगा।</p>
<p>बीमा अधिनियम 1938 भारत में बीमा के लिए विधायी ढांचा प्रदान करने वाला प्रमुख अधिनियम है।</p>
<p>यह बीमा व्यवसायों के कामकाज के लिए रूपरेखा प्रदान करता है और बीमाकर्ता, उसके पॉलिसीधारकों, शेयरधारकों तथा नियामक (भारतीय बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण) के बीच संबंधों को विनियमित करता है।</p>
<p>बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा आखिरी बार 2021 में 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई थी। इससे पहले 2015 में सरकार ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 19:07:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरकार का बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नई पीढ़ी के वित्तीय सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>उन्होंने 2025-26 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए होगी, जो पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।’’</p>
<p>एफडीआई सीमा बढ़ाने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/128349/government-proposal-to-increase-fdi-limit-to-100-percent-in-insurance-sector"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नई पीढ़ी के वित्तीय सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>उन्होंने 2025-26 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए होगी, जो पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।’’</p>
<p>एफडीआई सीमा बढ़ाने के लिए सरकार को बीमा अधिनियम 1938, जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 और बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम 1999 में संशोधन करना होगा।</p>
<p>बीमा अधिनियम 1938 भारत में बीमा के लिए विधायी ढांचा प्रदान करने वाला प्रमुख कानून है। यह बीमा व्यवसायों के कामकाज के लिए रूपरेखा देता है और बीमाकर्ता, उसके पॉलिसीधारकों, शेयरधारकों और नियामक - भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है।</p>
<p>इस क्षेत्र में और अधिक कंपनियों के प्रवेश से न केवल बीमा का प्रसार बढ़ेगा, बल्कि देश भर में अधिक रोजगार सृजन भी होगा।</p>
<p>इस समय देश में 25 जीवन बीमा कंपनियां और 34 गैर-जीवन या साधारण बीमा कंपनियां हैं। बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को आखिरी बार 2021 में 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/128349/government-proposal-to-increase-fdi-limit-to-100-percent-in-insurance-sector</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 14:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीमा कंपनियों को बजट में स्वास्थ्य सेवा के लिए कर लाभ, रियायतों की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट से उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए रियायतों सहित कई कर लाभ मिलेंगे।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी।</p>
<p>एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नवीन चंद्र झा ने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों को विनियामक और आर्थिक समर्थन मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>बीमा मंच पॉलिसी बाजार और वित्तीय सेवा मंच पैसा बाजार की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125235/insurance-companies-expect-tax-benefits-for-healthcare-in-budget--expectation-of-concessions"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट से उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए रियायतों सहित कई कर लाभ मिलेंगे।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी।</p>
<p>एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नवीन चंद्र झा ने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों को विनियामक और आर्थिक समर्थन मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>बीमा मंच पॉलिसी बाजार और वित्तीय सेवा मंच पैसा बाजार की मूल कंपनी पीबीफिनटेक के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने बीमा क्षेत्र में धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की वकालत की।</p>
<p>उन्होंने कहा, “बीमा क्षेत्र में सबसे जरूरी सुधारों में से एक धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की जरूरत है। 80सी के तहत फिलहाल भुगतान की सीमा 1,50,000 रुपये है, जो पिछले कुछ सालों से बदली नहीं है। इसमें पीपीएफ और कर्ज जैसी दूसरी जरूरी चीजों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों के पास अपने महत्वपूर्ण वित्तीय फैसलों के लिए कम गुंजाइश बचती है।”</p>
<p>बजाज अलायंज लाइफ के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि बीमा क्षेत्र के लिए वित्तीय मजबूती बढ़ाने के लिए कई अवसर प्रस्तुत करती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “जीवन बीमा वार्षिकी उत्पादों की कर कटौती को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ जोड़ने और वार्षिकी उत्पादों के मूल घटक पर कर के मुद्दे को हल करने से सेवानिवृत्ति की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है।”</p>
<p>भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश की बीमा पहुंच 2022-23 में चार प्रतिशत की तुलना में 2023-24 में 3.7 प्रतिशत थी।</p>
<p>जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 प्रतिशत हो गई। गैर-जीवन बीमा उद्योग के संबंध में पहुंच 2023-24 के दौरान एक प्रतिशत पर समान रहा।</p>
<p>इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने कहा कि केंद्रीय बजट सरकार को सुधारों को लागू करने का एक आवश्यक अवसर प्रदान करता है, जो उद्योग की चुनौतियों का समाधान कर सकता है और बीमा उत्पादों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित कर सकता है।</p>
<p>पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल ने कहा कि आगामी बजट के लिए हमारी एक उम्मीद पेंशन और वार्षिकी योजनाओं के लिए समर्थन को लेकर है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/125235/insurance-companies-expect-tax-benefits-for-healthcare-in-budget--expectation-of-concessions</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 22:00:37 +0530</pubDate>
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                <title>भारत का गैर-जीवन बीमा उद्योग 2025 में दर्ज कर सकता है दोहरे अंकों की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, दो जनवरी (भाषा) देश में सामान्य बीमा की पहुंच स्थिर रहने के बावजूद गैर-जीवन बीमा कंपनियों को अनुकूल नियामकीय माहौल और विशिष्ट ग्राहक जरूरतों को पूरा करने वाले नवोन्मेषी उत्पादों की पेशकश के साथ 2025 में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। हितधारकों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।</p>
<p>गैर-जीवन बीमा दुर्घटनावश नुकसान की स्थिति में बीमाधारक को धन मुहैया कराकर मौद्रिक रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। अग्नि, समुद्री, मोटर, स्वास्थ्य बीमा, घर, कारखाना, दुकान, यात्रा और देयता बीमा आदि इसके उदाहरण हैं।</p>
<p>एक शीर्ष निजी बीमा कंपनी ने कहा कि यदि माल एवं सेवा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116935/india-s-non-life-insurance-industry-may-register-double-digit-growth-in-2025"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9629_health-insurance.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, दो जनवरी (भाषा) देश में सामान्य बीमा की पहुंच स्थिर रहने के बावजूद गैर-जीवन बीमा कंपनियों को अनुकूल नियामकीय माहौल और विशिष्ट ग्राहक जरूरतों को पूरा करने वाले नवोन्मेषी उत्पादों की पेशकश के साथ 2025 में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। हितधारकों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।</p>
<p>गैर-जीवन बीमा दुर्घटनावश नुकसान की स्थिति में बीमाधारक को धन मुहैया कराकर मौद्रिक रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। अग्नि, समुद्री, मोटर, स्वास्थ्य बीमा, घर, कारखाना, दुकान, यात्रा और देयता बीमा आदि इसके उदाहरण हैं।</p>
<p>एक शीर्ष निजी बीमा कंपनी ने कहा कि यदि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से राहत और ‘मोटर थर्ड पार्टी’ दरों पर पुनर्विचार के मामले में उद्योग को उसके अनुकूल परिणाम मिले तो उद्योग इस अपेक्षा को पूरा कर सकेगा।</p>
<p>फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनूप राऊ ने कहा, ‘‘ स्वास्थ्य बीमा आने वाले वर्षों में वृद्धि को गति देना जारी रखेगा, ‘गैर-मोटर’ तथा गैर-स्वास्थ्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विस्तार होने की संभावना है, जैसे पालतू पशु का बीमा, देयता, पेशेवर क्षतिपूर्ति और आवास बीमा।’’</p>
<p>‘गैर-मोटर’ में परियोजना कार्यों, सामग्रियों, उपकरणों और मशीनों का व्यापक खतरों जैसे आग, टूट-फूट, क्षति, चोरी, भूस्खलन, बाढ़, वर्षा, भूकंप और ज्वालामुखी आदि से हुए नुकसान का बीमा शामिल है।</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘ उद्योग में 14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान है और इसमें महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र प्रगति में एक सच्चे भागीदार के रूप में उभरेगा, डिजिटल ढांचे को एकीकृत करेगा, बेहद-व्यक्तिगत समाधान प्रदान करेगा तथा उभरते जोखिमों को कम करने के लिए डेटा की क्षमता का इस्तेमाल करेगा।’’</p>
<p>एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज त्यागी ने बीमा को किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ हम उत्पाद विकास, बीमा और ग्राहक सेवा में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं जो न केवल शहरी क्षेत्रों के नागरिकों तक बल्कि छोटे तथा मझौले स्थानों के नागरिकों तक भी बीमा की पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’’</p>
<p>बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी तपन सिंघल ने कहा कि बीमा उद्योग परिवर्तनकारी दौर से गुजरने के लिए तैयार है, जिसमें डिजिटल नवाचार द्वारा संचालित व्यक्तिगत तथा सक्रिय पेशकशों पर जोर दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ आपदा प्रबंधन के लिए पैरामीट्रिक बीमा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पारंपरिक बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में जमानत बॉण्ड को अपनाने के साथ-साथ साइबर बीमा को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।’’</p>
<p>भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरेडा) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, गैर-जीवन उद्योग में बीमा 2022-23 में 22 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 25 अमेरिकी डॉलर हो गया है।</p>
<p>वहीं पुनर्बीमा क्षेत्र की स्विजरलैंड स्थित कंपनी ‘रे’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बीमा क्षेत्र की वृद्धि जी-20 देशों में सबसे तेजी से होने का अनुमान है। 2024 और 2028 के बीच कुल प्रीमियम में औसतन 7.1 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है जबकि वैश्विक औसत 2.4 प्रतिशत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 13:36:43 +0530</pubDate>
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                <title>बीमा पॉलिसी का नवीकरण कराने के नाम पर ठगी करने के मामले में महिला समेत चार गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नोएडा, 17 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला पुलिस ने बंद पड़ी बीमा पॉलिसी को फिर से चालू कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे कथित रूप से ठगी करने के मामले में एक गिरोह के चार लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये लोग पीएनबी मेटलाइफ पॉलिसी धारकों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी बीमा धारकों को आकर्षक छूट देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) यमुना प्नेप्रसा ने बताया कि थाना सेक्टर 24 पुलिस ने एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111334/four-arrested-including-a-woman-for-cheating-in-the-name-of-renewal-of-insurance-policy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5750_fraud-crime-city-money2.jpg" alt=""></a><br /><p>नोएडा, 17 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला पुलिस ने बंद पड़ी बीमा पॉलिसी को फिर से चालू कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे कथित रूप से ठगी करने के मामले में एक गिरोह के चार लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये लोग पीएनबी मेटलाइफ पॉलिसी धारकों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी बीमा धारकों को आकर्षक छूट देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) यमुना प्नेप्रसा ने बताया कि थाना सेक्टर 24 पुलिस ने एक सूचना के आधार पर सेक्टर 11 के एफ- ब्लॉक से दिल्ली निवासी पंकज कुमार सिंह (28) एवं राहुल यादव (29), नोएडा निवासी कुशाग्रा पांडे (24) और राजस्थान के धौलपुर के रहने वाले राजपाल सिंह (30) को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इनके पास से पुलिस ने 16 मोबाइल फोन व बड़ी संख्या में बीमा पॉलीसी से जुड़े दस्तावेज़ बरामद किए है।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि ये लोग बीमा पॉलिसी की संपूर्ण जानकारी गोपनीय रूप से प्राप्त कर बीमा पॉलिसी धारकों को फोन करते थे तथा बंद हो चुकी पॉलिसी को फिर से चालू कराने के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ठग लेते थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इस तरह के कई कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 19:49:43 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ की शुरुआत की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पानीपत, नौ दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ‘बीमा सखी योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत अगले तीन साल में दो लाख महिला बीमा एजेंट नियुक्त किए जाएंगे।</p>
<p>सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ के तहत 18-70 वर्ष की उम्र की 10वीं कक्षा पास महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बीमा एजेंट बनाया जाएगा।</p>
<p>वित्तीय साक्षरता और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इन महिलाओं को पहले तीन वर्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण और मानदेय दिया जाएगा।</p>
<p>बीमा सखी योजना के तहत महिला एजेंट को पहले वर्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108124/prime-minister-modi-launched-lic-s--bima-sakhi-scheme"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k09122024-13.jpg" alt=""></a><br /><p>पानीपत, नौ दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ‘बीमा सखी योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत अगले तीन साल में दो लाख महिला बीमा एजेंट नियुक्त किए जाएंगे।</p>
<p>सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ के तहत 18-70 वर्ष की उम्र की 10वीं कक्षा पास महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बीमा एजेंट बनाया जाएगा।</p>
<p>वित्तीय साक्षरता और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इन महिलाओं को पहले तीन वर्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण और मानदेय दिया जाएगा।</p>
<p>बीमा सखी योजना के तहत महिला एजेंट को पहले वर्ष 7,000 रुपये प्रति माह, दूसरे वर्ष 6,000 रुपये प्रति माह और तीसरे वर्ष 5,000 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। इसके अलावा बीमा सखियों को कमीशन का लाभ भी मिलेगा।</p>
<p>एलआईसी की योजना तीन साल में दो लाख बीमा सखियों को नियुक्त करने की है।</p>
<p>प्रशिक्षण पाने के बाद ये महिलाएं एलआईसी एजेंट के रूप में काम कर सकती हैं। वहीं स्नातक बीमा सखियों को एलआईसी में विकास अधिकारी की भूमिका के लिए अर्हता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य परिसर की आधारशिला भी रखी। मुख्य परिसर और छह क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन 495 एकड़ में फैले हुए हैं जिनकी स्थापना 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से की जाएगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए बागवानी का एक कॉलेज और 10 बागवानी विषयों पर केंद्रित पांच स्कूल होंगे। यह बागवानी प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए फसल विविधीकरण और विश्वस्तरीय अनुसंधान की दिशा में काम करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 20:29:14 +0530</pubDate>
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