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                <description>Banking RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बैंक अधिकारियों के संगठन ने पांच दिन का सप्ताह करने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। बैंक अधिकारियों के संगठन ने ईंधन और ऊर्जा बचाने के लिए केंद्र सरकार से सप्ताह में पांच कार्य दिवस करने की मांग की है।</p>
<p>अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी ऊर्जा बचत की राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं। लंबे समय से बैंकों में पांच दिन का सप्ताह करने की मांग की जा रही है।</p>
<p>परिसंघ के महासचिव रूपम रॉय ने बताया है कि बैंकों में घर से काम करना संभव नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147118/bank-officers-organization-demanded-a-five-day-week"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d28032024-12-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। बैंक अधिकारियों के संगठन ने ईंधन और ऊर्जा बचाने के लिए केंद्र सरकार से सप्ताह में पांच कार्य दिवस करने की मांग की है।</p>
<p>अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी ऊर्जा बचत की राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं। लंबे समय से बैंकों में पांच दिन का सप्ताह करने की मांग की जा रही है।</p>
<p>परिसंघ के महासचिव रूपम रॉय ने बताया है कि बैंकों में घर से काम करना संभव नहीं है। ऐसे में पांच दिन का कार्य दिवस करने से बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा ऊर्जा खपत कम होगी। साथ ही ग्राहकों के कम आने से भी ऊर्जा की बचत होगी।</p>
<p>उन्होंने लिखा है कि इससे पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी के साथ-साथ, जाम में कमी, बिजली की बचत, शाखा अवसंरचना पर परिचालन भार में कमी तथा बैंकिंग क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट होगी।</p>
<p>एआईबीओसी का तर्क है कि आज बैंकिंग सेवाएं केवल शाखाओं के काउंटरों तक सीमित नहीं रह गई हैं। डिजिटलीकरण के विस्तार के साथ लोग यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट, कॉल सेंटर तथा अन्य माध्यमों से भी लेनदेन करते हैं। इसलिए पांच दिन का सप्ताह करने से उन्हें बैंकिंग सेवाओं से वंचित नहीं रहना होगा।</p>
<p>संगठन ने बताया कि इस विषय पर उद्योग स्तर पर व्यापक चर्चा हो चुकी है और वेतन समझौता प्रक्रिया के दौरान सिद्धांततः व्यापक सहमति भी बन चुकी है।</p>
<p>बैंक यूनियनों और अधिकारियों के संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहक सेवा, व्यावसायिक आवश्यकताओं और संस्थागत जिम्मेदारियों को पूरी तरह सुरक्षित रखने हेतु दैनिक कार्य समय में आवश्यकतानुसार समायोजन किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:11:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मई 2026 में छुट्टियों की भरमार: त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण 13 दिन बंद रहेंगे बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 मई (वेब वार्ता)। मई महीने की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग कामकाज की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, मई 2026 में देश के विभिन्न राज्यों में कुल 13 दिन बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों में बुद्ध पूर्णिमा और महाराणा प्रताप जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ-साथ दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश भी शामिल हैं।</p>
<p>हालांकि, ये सभी छुट्टियां पूरे भारत में एक साथ लागू नहीं होंगी, बल्कि क्षेत्रीय त्योहारों के आधार पर अलग-अलग राज्यों में बैंकों के शटर गिरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146884/banks-will-remain-closed-for-13-days-in-may-2026"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d28032024-12-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 01 मई (वेब वार्ता)। मई महीने की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग कामकाज की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, मई 2026 में देश के विभिन्न राज्यों में कुल 13 दिन बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों में बुद्ध पूर्णिमा और महाराणा प्रताप जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ-साथ दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश भी शामिल हैं।</p>
<p>हालांकि, ये सभी छुट्टियां पूरे भारत में एक साथ लागू नहीं होंगी, बल्कि क्षेत्रीय त्योहारों के आधार पर अलग-अलग राज्यों में बैंकों के शटर गिरे रहेंगे।</p>
<p>बैंकों की फिजिकल शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में विशेष परेशानी नहीं होगी। बैंक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप और एटीएम (ATM) सेवाएं चौबीसों घंटे (24/7) सुचारू रूप से कार्य करेंगी।</p>
<p>ग्राहक घर बैठे ही NEFT, RTGS और IMPS के माध्यम से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। फिर भी, यदि आपको चेक क्लीयरेंस,गोल्ड लोन या नई पासबुक जैसे व्यक्तिगत कार्यों के लिए बैंक जाना है, तो शाखा जाने से पहले स्थानीय अवकाशों की सूची अवश्य देख लेनी चाहिए।</p>
<p>मई का महीना भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए कुछ अतिरिक्त खर्च लेकर आया है। 1 मई, 2026 से बैंक ‘लेट पेमेंट फीस’ की दरों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे देरी से भुगतान करने वालों पर पहले से अधिक जुर्माना लगेगा।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, बैंक ने कुछ चुनिंदा कार्ड्स पर सालाना फीस माफी (Annual Fee Waiver) के नियमों को भी सख्त कर दिया है। यदि आप एसबीआई कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अतिरिक्त शुल्कों से बचने के लिए समय पर भुगतान और बदली हुई शर्तों की जांच करना अनिवार्य होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 18:04:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस किया रद्द, बैंकिंग सेवाओं पर लगी तत्काल रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है।</p>
<p>यह आदेश 24 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। आरबीआई के अनुसार, बैंक लगातार नियामक मानकों का उल्लंघन कर रहा था और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने पाया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की शर्तों के अनुरूप नहीं था, जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो रहा था।</p>
<p>लाइसेंस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146790/rbi-canceled-the-license-of-paytm-payments-bank-immediate-ban"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/d29052024-12-paytm.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है।</p>
<p>यह आदेश 24 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। आरबीआई के अनुसार, बैंक लगातार नियामक मानकों का उल्लंघन कर रहा था और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने पाया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की शर्तों के अनुरूप नहीं था, जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो रहा था।</p>
<p>लाइसेंस रद्द होने के बाद ग्राहकों के मन में अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस पर आरबीआई ने आश्वस्त किया है कि ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और बैंक के पास सभी देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त नकदी उपलब्ध है।</p>
<p>अब बैंक को आधिकारिक तौर पर बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए उच्च न्यायालय में आवेदन किया जाएगा। इस कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सभी जमाकर्ताओं की राशि का व्यवस्थित रूप से निपटान किया जाएगा।</p>
<p>फिलहाल बैंक नई जमा राशि स्वीकार करने या किसी भी तरह के क्रेडिट लेनदेन के लिए अधिकृत नहीं है। यह कार्रवाई पिछले दो वर्षों से चल रहे विवाद का परिणाम है।</p>
<p>मार्च 2022 में नए ग्राहक जोड़ने पर रोक से शुरू हुआ यह सिलसिला अब पूर्ण प्रतिबंध तक पहुँच गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पेटीएम की अन्य यूपीआई (UPI) सेवाएं, जो सहयोगी बैंकों के माध्यम से संचालित होती हैं, वे पहले की तरह काम करती रहेंगी।</p>
<p>यह फैसला भारतीय फिनटेक और बैंकिंग जगत में पारदर्शिता और नियमों के पालन की महत्ता को रेखांकित करता है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बैंकिंग क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नियामक लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 15:13:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने 15 बड़े बैंकों को 2029 तक सोना-चांदी आयात की दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 बड़े बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।</p>
<p>वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस अवधि में केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। यह अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।</p>
<p>सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146651/government-gives-permission-to-15-big-banks-to-import-gold"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/gold-silver-news.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 बड़े बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।</p>
<p>वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस अवधि में केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। यह अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।</p>
<p>सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। केवल अधिकृत बैंकों के जरिए आयात करने से लेनदेन की निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अधिकृत बैंकों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक समेत कई अन्य बैंक शामिल हैं, जिन्हें सोना और चांदी, दोनों आयात करने की अनुमति दी गई है।</p>
<p>इस बीच, मार्च 2026 में भारत का सोने का आयात घटकर 9 महीने के निचले स्तर 3.1 अरब डॉलर पर आ गया। मात्रा के हिसाब से यह करीब 20-25 टन रहा, जो पिछले 12 महीनों के औसत 62 टन से काफी कम है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, इसकी वजह मांग में कमी और मध्य पूर्व से सप्लाई में बाधाएं हैं, जो भारत के लिए एक अहम ट्रांजिट हब है।</p>
<p>अप्रैल में सोने की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला है। वहीं, इंपोर्ट में कमी और सप्लाई की दिक्कतों के कारण घरेलू बाजार में छूट (डिस्काउंट) भी कम हुई है।</p>
<p>सूचीबद्ध ज्वैलरी कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें शादी के सीजन, बढ़े हुए खर्च और बिजनेस विस्तार का योगदान रहा।</p>
<p>इसके अलावा, भारत में गोल्ड ईटीएफ में निवेश लगातार 11वें महीने भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, ईटीएफ में मार्च 2026 में करीब 22.7 अरब रुपए (244 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का शुद्ध निवेश हुआ।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की रुचि बनी हुई है और खातों या फोलियो की संख्या में वृद्धि से पता चलता है कि यह रुचि धीमी गति से ही सही, लेकिन बढ़ रही है।</p>
<p>डिजिटल गोल्ड की खरीदारी भी मजबूत बनी रही। फरवरी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए करीब 30.3 अरब रुपए का डिजिटल गोल्ड खरीदा गया, जो मात्रा के हिसाब से लगभग 1.9 टन के बराबर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146651/government-gives-permission-to-15-big-banks-to-import-gold</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 21:39:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक की कर्ज वृद्धि में आ सकती है कमी, एनपीए बढ़ने की आशंका: क्रिसिल रेटिंग्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने वित्त वर्ष </span>2026-27<span lang="hi" xml:lang="hi"> में बैंकों की ऋण वृद्धि में मामूली गिरावट और कर्ज लौटाने में चूक बढ़ने का अनुमान जताया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि बैंक </span>2026-27<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कर्ज में </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेंगे। यह वित्त वर्ष </span>2025-26<span lang="hi" xml:lang="hi"> के लिए अनुमानित </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की तुलना में मामूली गिरावट है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (निष्पादित परिसंपत्तियां) अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं और मार्च</span>, 2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>0.20<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत बढ़कर </span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने वित्त वर्ष </span>2026-27<span lang="hi" xml:lang="hi"> में बैंकों की ऋण वृद्धि में मामूली गिरावट और कर्ज लौटाने में चूक बढ़ने का अनुमान जताया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि बैंक </span>2026-27<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कर्ज में </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेंगे। यह वित्त वर्ष </span>2025-26<span lang="hi" xml:lang="hi"> के लिए अनुमानित </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की तुलना में मामूली गिरावट है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (निष्पादित परिसंपत्तियां) अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं और मार्च</span>, 2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>0.20<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत बढ़कर </span>2.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत तक हो सकती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य रेटिंग अधिकारी कृष्णन सीतारमण ने कहा कि सूक्ष्म</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लघु और मझोले उद्यमों को दिए गए ऋण पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर उन छोटे उद्योगों के मामले में जिनका पश्चिम एशिया में बाजार है या फिर वे वहां से कच्चे माल लेते हैं। इसके साथ संपत्ति के बदले दिए गए छोटी राशि के कर्ज और कुछ बिना गारंटी वाले ऋण पर भी नजर रखने की जरूरत है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने स्वीकार किया कि सेरेमिक और हीरा पॉलिश जैसे क्षेत्रों में इकाइयों को पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पहले ही प्रतिकूल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर राहत पैकेज दिया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिसिल के अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि राजकोषीय और मौद्रिक प्राधिकरण प्रतिकूल घटनाओं के बाद उद्योग के लिए उपयुक्त कदम उठा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रेटिंग एजेंसी ने कहा कि युद्ध लंबा चलने पर ये उपाय लागू किए जा सकते हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राहत उपायों के सटीक प्रभाव का अनुमान लगाना फिलहाल कठिन है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिसंपत्ति की गुणवत्ता के अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकों द्वारा जमा जुटाने पर भी नजर रखने की जरूरत है क्योंकि यह ऋण वृद्धि को भी प्रभावित करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अंतिम ऋण वृद्धि बैंकों द्वारा जमा जुटाने के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146363/there-may-be-a-decline-in-banks-loan-growth-fear</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:25:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्रैल 2026 में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, RBI ने जारी किया अवकाश कैलेंडर, देखें छुट्टियों की लिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (</span>RBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक कुल </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर आप अगले महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों की यह पूरी लिस्ट जरूर देख लें। </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की इन छुट्टियों में सालानी क्लोजिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">त्योहार और साप्ताहिक छुट्टियां (शनिवार-रविवार) शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे</span></p>
<p class="MsoNormal">14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को कई प्रमुख अवसरों के चलते देश के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (</span>RBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक कुल </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर आप अगले महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों की यह पूरी लिस्ट जरूर देख लें। </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की इन छुट्टियों में सालानी क्लोजिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">त्योहार और साप्ताहिक छुट्टियां (शनिवार-रविवार) शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे</span></p>
<p class="MsoNormal">14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को कई प्रमुख अवसरों के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। इस दिन डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महा विषुव संक्रांति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोहाग बिहू और बैसाखी जैसे त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को बोहाग बिहू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को बसव जयंती और अक्षय तृतीया के मौके पर भी बैंक बंद रहेंगे। </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की अधिसूचना के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बंद रहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इस महीने </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को पड़ रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>2026: <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक छुट्टियों की पूरी सूची</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – वार्षिक खाता बंद (</span>Annual Closing)</p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – मौंडी थर्सडे</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – गुड फ्राइडे</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>5, 12, 19, 26<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – रविवार</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – दूसरा शनिवार</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – अंबेडकर जयंती/महा विषुव संक्रांति/बैसाखी/बोहाग बिहू आदि</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – बंगाली नववर्ष/बोहाग बिहू/विशु/हिमाचल दिवस</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – बोहाग बिहू</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – बसव जयंती/अक्षय तृतीया</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – गरिया पूजा</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल – चौथा शनिवार</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सभी छुट्टियां पूरे देश में लागू नहीं होंगी</span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी छुट्टियां पूरे देश में लागू नहीं होंगी। कई अवकाश राज्य-विशेष पर आधारित हैं। हालांकि</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे और चौथे शनिवार के साथ सभी रविवार को बैंक पूरे देश में बंद रहते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि बैंक जाने से पहले संबंधित शाखा या ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता की जांच जरूर कर लें।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146356/banks-will-remain-closed-for-14-days-in-april-2026</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:25:00 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं ठप, 5,000 करोड़ का लेनदेन प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में बुधवार को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित देशव्यापी हड़ताल का सूरत सहित पूरे गुजरात में व्यापक असर देखने को मिला।</p>
<p>ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA) समेत विभिन्न संगठनों के समर्थन से शहर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हड़ताल के चलते सूरत में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंकिंग लेनदेन पर असर पड़ा है।</p>
<p>ट्रेड यूनियनों का मुख्य विरोध केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू करने के निर्णय के खिलाफ है। यूनियन नेताओं का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145549/banking-services-halted-due-to-nationwide-strike-of-surat-trade"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b12022026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में बुधवार को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित देशव्यापी हड़ताल का सूरत सहित पूरे गुजरात में व्यापक असर देखने को मिला।</p>
<p>ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA) समेत विभिन्न संगठनों के समर्थन से शहर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हड़ताल के चलते सूरत में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंकिंग लेनदेन पर असर पड़ा है।</p>
<p>ट्रेड यूनियनों का मुख्य विरोध केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू करने के निर्णय के खिलाफ है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि नए श्रम कानून कर्मचारी विरोधी हैं और इससे नौकरी की सुरक्षा कमजोर होगी।</p>
<p>उनका कहना है कि नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को रात की पाली में काम करना पड़ सकता है तथा न्यूनतम वेतन संबंधी नियमों में भी श्रमिकों के शोषण की आशंका है। यूनियनों ने मांग की है कि चारों लेबर कोड वापस लेकर पूर्व के श्रमिक हितैषी कानूनों को पुनः लागू किया जाए।</p>
<p>सुबह से ही सूरत में बड़ी संख्या में श्रमिक, बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल में बैंक कर्मचारियों के अलावा एलआईसी, रेलवे, डाक विभाग, आयकर विभाग, राज्य परिवहन (एसटी), आंगनवाड़ी तथा आशा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। शहर की टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ यूनियनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।</p>
<p>हड़ताल के कारण राष्ट्रीयकृत बैंकों में नकद जमा, निकासी और चेक क्लियरिंग जैसी सेवाएं ठप रहीं। हालांकि निजी बैंकों और डिजिटल माध्यमों (यूपीआई/एनईएफटी) के चालू रहने से आम नागरिकों को आंशिक राहत मिली। वहीं, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्य प्रभावित रहा।</p>
<p>इस दौरान महिला कर्मचारियों ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। जिगीशा सुरती ने कहा कि नए लेबर कोड में रात की शिफ्ट का प्रावधान महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे सुरक्षा और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए कानूनों में संशोधन आवश्यक है।</p>
<p>वहीं जिगीशा देसाई ने बताया कि पहले 100 कर्मचारियों के साथ यूनियन बनाई जा सकती थी, जिसे अब बढ़ाकर 300 कर दिया गया है। इससे छोटे संस्थानों में यूनियन गठन कठिन हो गया है, जिससे कर्मचारियों की आवाज दबने की आशंका बढ़ेगी।</p>
<p>ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145549/banking-services-halted-due-to-nationwide-strike-of-surat-trade</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 20:37:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा और IIFCL के बीच ऐतिहासिक समझौता, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलेगी नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने देश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास को गति देने के लिए इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य व्यवहार्य और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 'जॉइंट लेंडिंग' (संयुक्त ऋण) और 'डेट सिंडिकेशन' की सुविधा प्रदान करना है।</p>
<p>इस समझौते पर IIFCL के उप प्रबंध निदेशक श्री पलाश श्रीवास्तव और बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक श्री ललित त्यागी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>इस एमओयू के तहत: दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145203/historic-agreement-between-surat-bank-of-baroda-and-iifcl-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b21012026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने देश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास को गति देने के लिए इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य व्यवहार्य और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 'जॉइंट लेंडिंग' (संयुक्त ऋण) और 'डेट सिंडिकेशन' की सुविधा प्रदान करना है।</p>
<p>इस समझौते पर IIFCL के उप प्रबंध निदेशक श्री पलाश श्रीवास्तव और बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक श्री ललित त्यागी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>इस एमओयू के तहत: दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए नई और स्थापित परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देंगे।यह सहयोग विशेष रूप से हरित वित्त (Green Finance), MSME और ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।</p>
<p>श्री पलाश श्रीवास्तव (उप प्रबंध निदेशक, IIFCL): उन्होंने इस साझेदारी को राष्ट्रीय उद्देश्यों के समर्थन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे भारत 'अमृत काल' में आगे बढ़ रहा है, IIFCL टिकाऊ और दीर्घकालिक फाइनेंसिंग को सक्षम बनाकर समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>श्री ललित त्यागी (कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा): उन्होंने बैंक की व्यापक उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा, "IIFCL के साथ यह सहयोग हमें भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वाकांक्षाओं को साकार करने में मदद करेगा। हम अपनी क्षमताओं को एकीकृत कर 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना में सार्थक योगदान देंगे।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस गठबंधन से बड़ी परियोजनाओं को फंड जुटाने में आसानी होगी, जिससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि देश की लॉजिस्टिक और औद्योगिक क्षमता में भी सुधार होगा। यह साझेदारी टिकाऊ और सुदृढ़ आर्थिक विकास की नींव रखने में मील का पत्थर साबित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145203/historic-agreement-between-surat-bank-of-baroda-and-iifcl-will</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 19:52:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : युको बैंक का मजबूत प्रदर्शन: Q3 में शुद्ध लाभ ₹739 करोड़, एनपीए में उल्लेखनीय कमी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। युको बैंक ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY 2025-26) और नौ माह के अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं, जिनमें बैंक के समग्र प्रदर्शन में मजबूत वृद्धि और एसेट क्वालिटी में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है।</p>
<p>बैंक का कुल व्यवसाय 31 दिसंबर 2025 तक ₹5,53,680 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 13.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान सकल अग्रिम 16.74 प्रतिशत बढ़कर ₹2,43,594 करोड़ और कुल जमा 10.64 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹3,10,086 करोड़ तक पहुंच गए।</p>
<p><strong>लाभप्रदता में मजबूती</strong><br />तिमाही समाप्ति 31 दिसंबर 2025 के लिए युको बैंक का शुद्ध लाभ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145143/surat-uco-banks-strong-performance-in-q3-net-profit-%E2%82%B9739"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b17012026-09.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। युको बैंक ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY 2025-26) और नौ माह के अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं, जिनमें बैंक के समग्र प्रदर्शन में मजबूत वृद्धि और एसेट क्वालिटी में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है।</p>
<p>बैंक का कुल व्यवसाय 31 दिसंबर 2025 तक ₹5,53,680 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 13.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान सकल अग्रिम 16.74 प्रतिशत बढ़कर ₹2,43,594 करोड़ और कुल जमा 10.64 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹3,10,086 करोड़ तक पहुंच गए।</p>
<p><strong>लाभप्रदता में मजबूती</strong><br />तिमाही समाप्ति 31 दिसंबर 2025 के लिए युको बैंक का शुद्ध लाभ ₹739 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.65 प्रतिशत अधिक है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹1,680 करोड़ रहा, जिसमें 5.93 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 11.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,646 करोड़ रही।<br />नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) वैश्विक स्तर पर 3.08 प्रतिशत और घरेलू स्तर पर 3.27 प्रतिशत रहा। वहीं, कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो में 330 बेसिस प्वाइंट का सुधार होकर यह 52.20 प्रतिशत पर आ गया।</p>
<p><strong>CASA और RAM सेक्टर में वृद्धि</strong><br />बैंक का कुल CASA 11.49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹1,12,083 करोड़ रहा, जबकि CASA अनुपात 44 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 38.41 प्रतिशत पर पहुंच गया।</p>
<p>रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेक्टर में बैंक का पोर्टफोलियो 25.86 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ ₹1,43,919 करोड़ रहा। इसमें रिटेल अग्रिम 28.18 प्रतिशत, कृषि अग्रिम 24.69 प्रतिशत और MSME अग्रिम 23.56 प्रतिशत बढ़े।</p>
<p><strong>एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार</strong><br />युको बैंक की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। ग्रॉस एनपीए घटकर 2.41 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.36 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 50 और 27 बेसिस प्वाइंट का सुधार है। प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 97.32 प्रतिशत रहा, जबकि स्लिपेज रेशियो 0.85 प्रतिशत दर्ज किया गया।</p>
<p><strong>नौ माह का प्रदर्शन</strong><br />31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ माह की अवधि में बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹4,856 करोड़ (11.92% वृद्धि) और शुद्ध लाभ ₹1,967 करोड़ (9.70% वृद्धि) रहा। इस अवधि में NII ₹7,582 करोड़ और शुल्क आधारित आय ₹1,216 करोड़ रही।</p>
<p><strong>पूंजी पर्याप्तता और नेटवर्क</strong><br />बैंक की पूंजी पर्याप्तता मजबूत बनी हुई है, जिसमें CRAR 17.43 प्रतिशत और Tier-I अनुपात 15.41 प्रतिशत रहा।</p>
<p>युको बैंक का घरेलू शाखा नेटवर्क 3,327 शाखाओं का है, जिनमें से 61.25 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। इसके अलावा बैंक की दो विदेशी शाखाएं हांगकांग और सिंगापुर में तथा ईरान में एक प्रतिनिधि कार्यालय कार्यरत है।</p>
<p>कुल मिलाकर, युको बैंक के ताजा वित्तीय परिणाम मजबूत व्यवसाय वृद्धि, बेहतर लाभप्रदता और सुधरी हुई एसेट क्वालिटी को दर्शाते हैं, जिससे बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास की संभावनाएं और सुदृढ़ हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145143/surat-uco-banks-strong-performance-in-q3-net-profit-%E2%82%B9739</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 18:56:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2026 में सरकारी बैंकों के एकीकरण को मिलेगी गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकीकरण की प्रक्रिया आने वाले वर्ष में तेज हो सकती है, क्योंकि सरकार ने 2047 तक 'विकसित भारत' के अपने लक्ष्य के तहत देश में अधिक बड़े और विश्वस्तरीय बैंक बनाने की इच्छा जताई है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि भारत को कई बड़े, विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है और इस दिशा में काम पहले ही शुरू हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा था कि सरकार ने इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जिससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144836/consolidation-of-public-sector-banks-will-gain-momentum-in-2026"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d28032024-12-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकीकरण की प्रक्रिया आने वाले वर्ष में तेज हो सकती है, क्योंकि सरकार ने 2047 तक 'विकसित भारत' के अपने लक्ष्य के तहत देश में अधिक बड़े और विश्वस्तरीय बैंक बनाने की इच्छा जताई है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि भारत को कई बड़े, विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है और इस दिशा में काम पहले ही शुरू हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा था कि सरकार ने इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में एकीकरण के स्पष्ट संकेत मिले हैं।</p>
<p>इस समय देश में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं। परिसंपत्तियों के आधार पर दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों में देश से सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक ही शामिल है। परिसंपत्तियों के आधार पर एसबीआई वैश्विक स्तर पर 43वें स्थान पर है। इसके बाद निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक 73वें स्थान पर है।</p>
<p>सरकार पहले ही दो चरणों में बैंकों का एकीकरण कर चुकी है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई। इसके तहत यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया। सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय हुआ, इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाया गया, तथा आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शामिल किया गया। इससे पहले देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया गया था।</p>
<p>सरकार ने आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला ने उम्मीद जताई है कि रणनीतिक बिक्री मार्च 2026 तक पूरी हो जाएगी।</p>
<p>सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक दो लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार करने की उम्मीद है।</p>
<p>दूसरी ओर, निजी बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी पूंजी का बड़ा प्रवाह देखने को मिला। जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन ने मई में यस बैंक में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी 13,483 करोड़ रुपये में हासिल करने का फैसला किया था। यह सौदा सितंबर में पूरा हुआ।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के एमिरेट्स एनबीडी बैंक ने अक्टूबर में आरबीएल बैंक में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी 26,853 करोड़ रुपये में खरीदने का निर्णय लिया।</p>
<p>बीमा क्षेत्र की बात करें तो इस साल संसद में सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025 पारित हुआ, जिससे इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का रास्ता साफ हुआ। जीएसटी दर में कटौती का लाभ बीमा क्षेत्र को भी मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 15:08:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक में जमा राशि पर बीमा कवर बढ़ाने की रास में उठी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) राज्यसभा में कांग्रेस के एक सदस्य ने बुधवार को मांग की कि बैंकों के डूबने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हर तरह के बैंक खातों में जमा राशि पर बीमा कवर को पांच लाख रुपये से बढ़ा कर 25 लाख रुपये किया जाए।</p>
<p>शून्यकाल के दौरान उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि हर तरह के बैंक खातों में जमा राशि पर पांच लाख रुपये तक का बीमा होता है, चाहे बैंक में जमा राशि कितनी भी हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर बैंक डूबा तो पूरी राशि डूब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144378/demand-raised-in-favor-of-increasing-insurance-cover-on-bank"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/rupee-notes-bank-money-salary-20003.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) राज्यसभा में कांग्रेस के एक सदस्य ने बुधवार को मांग की कि बैंकों के डूबने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हर तरह के बैंक खातों में जमा राशि पर बीमा कवर को पांच लाख रुपये से बढ़ा कर 25 लाख रुपये किया जाए।</p>
<p>शून्यकाल के दौरान उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि हर तरह के बैंक खातों में जमा राशि पर पांच लाख रुपये तक का बीमा होता है, चाहे बैंक में जमा राशि कितनी भी हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर बैंक डूबा तो पूरी राशि डूब जाएगी लेकिन बीमा केवल पांच लाख रुपये का ही होगा और यही राशि खाता धारक को मिलेगी।</p>
<p>डांगी ने कहा कि इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन खातों की पूरी राशि का बीमा नहीं है, उनमें से अधिकांश राशि बुजुर्गों की है और उनका जीवन यापन उसी राशि पर निर्भर है। ‘‘यह राशि डूब जाए तो उनका बुढ़ापा कैसे कटेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा ‘‘बैंक डूबने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, अत: बैंकों में जमा राशि के बीमा कवर को पांच लाख रुपये से बढ़ा कर 25 लाख रुपये किया जाना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा बैंक बंद हो रहे हैं, इसलिए ‘डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन’ के तहत जमाकर्ताओं के लिए बेहतर सुरक्षा की ज़रूरत है।</p>
<p>डांगी ने कहा कि पिछली बार बीमा राशि को पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक संकट के बाद फरवरी 2022 में एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया था।</p>
<p>भाजपा की सुमित्रा वाल्मीक ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि काम के लिए बाहर जाने वाली महिलाएं सुरक्षित वापस लौटें।</p>
<p>उन्होंने कहा ‘‘वैसे तो सुरक्षा होती है लेकिन बस, मेट्रो, ऑटो में सफर के बाद उतर कर घर तक करीब एक-दो किलोमीटर की यात्रा उन्हें जोखिम के बीच करनी होती है। वह इस दौरान वहां खड़े ई-रिक्शा या ऑटो से जाती हैं और अपने घर पर लगातार बात करती रहती हैं ताकि असुरक्षा की भावना कुछ कम हो सके।’’</p>
<p>सुमित्रा ने सुझाव दिया कि बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन पर उतरने वाली महिलाओं के लिए बेहतर होगा कि वहां उनके लिए जो ई-रिक्शा उपलब्ध हों, उन्हें महिलाएं ही चलाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा ‘‘क्यू आर कोड आधारित ट्रैकिंग व्यवस्था होनी चाहिए। यात्री बैठने से पहले उसे स्कैन करे ताकि गाड़ी का नंबर और ड्राइवर का ब्यौरा उनके घर और पुलिस थाने तक पहुंचे। रास्तों पर लाइट की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।’’</p>
<p>इसी पार्टी के शंभू शरण पटेल ने कहा कि कोविड काल में कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव रोक दिया गया था। ‘‘हालात सुधरने पर यह ठहराव बहाल किया गया लेकिन कई स्टेशन अब भी इससे वंचित हैं। इसे बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि यात्रियों को असुविधा होती है।’’</p>
<p>पटेल ने मुजफ्फरपुर-भागलपुर एक्सप्रेस (13420), बांका इंटरसिटी एक्सप्रेस (13242) और राउरकेला-बारबिल इंटरसिटी एक्सप्रेस (18403) सहित कई ट्रेनों के ठहराव बहाल करने और लखीसराय जिले के मनकठा रेलवे स्टेशन को उन्नत करने की मांग की।</p>
<p>भाजपा के एक अन्य सदस्य डॉ दिनेश शर्मा ने दिल्ली की कुछ सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर अब भी मुगल और ब्रिटिश काल के नाम बने रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जिन सड़कों के नाम मुगल शासकों और ब्रिटिश अफसरों के नाम पर हैं, उन्हें बदला जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने अकबर रोड, शाहजहां रोड, लोधी रोड, मिन्टो रोड और मिन्टो ब्रिज जैसे उदाहरण दिए और सरकार से तत्काल इस दिशा में कदम उठाने का अनुरोध किया।</p>
<p>भाकपा के संदोष कुमार पी ने विश्वविद्यालयों से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि इन संस्थानों में हजारों की संख्या में तदर्थ शिक्षक हैं जिनकी सामाजिक सुरक्षा और वेतन की स्थिति शोचनीय है। उन्होंने मांग की कि इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>इनके अलावा, भाजपा के केसरी देव सिंह झाला, नबाम रेबिया, मेधा विश्राम कुलकर्णी, द्रमुक के तिरुचि शिवा, बीजद के निरंजन बिशी और शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आसन की अनुमति से अपने-अपने मुद्दे उठाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 15:01:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए डिजिटल ऐप पेश किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को शहरी सहकारी बैंकों के लिए दो मोबाइल एप्लिकेशन - ‘सहकार डिजी पे’ और ‘सहकार डिजी लोन’ - पेश किए।</p>
<p>उन्होंने डिजिटल भुगतान को तेजी से बढ़ती नकदी रहित अर्थव्यवस्था में इन बैंकों के अस्तित्व के लिए जरूरी बताया।</p>
<p>शहरी सहकारी ऋण क्षेत्र पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और सहकारी ऋण समितियों को पेशेवर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में बताया।</p>
<p>उन्होंने इस क्षेत्र की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की ओर इशारा किया, जहां पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143977/amit-shah-launches-digital-apps-for-urban-cooperative-banks"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d17042024-02-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को शहरी सहकारी बैंकों के लिए दो मोबाइल एप्लिकेशन - ‘सहकार डिजी पे’ और ‘सहकार डिजी लोन’ - पेश किए।</p>
<p>उन्होंने डिजिटल भुगतान को तेजी से बढ़ती नकदी रहित अर्थव्यवस्था में इन बैंकों के अस्तित्व के लिए जरूरी बताया।</p>
<p>शहरी सहकारी ऋण क्षेत्र पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और सहकारी ऋण समितियों को पेशेवर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में बताया।</p>
<p>उन्होंने इस क्षेत्र की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की ओर इशारा किया, जहां पिछले दो वर्षों में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां 2.8 प्रतिशत से घटकर 0.6 प्रतिशत रह गई हैं।</p>
<p>शाह ने कहा, ‘‘एनपीए में अच्छा सुधार हुआ है। उनके संचालन और वित्तीय अनुशासन में सुधार हुआ है।’’</p>
<p>उन्होंने नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसायटीज लिमिटेड (एनएएफसीयूबी) से आगे विस्तार करने का आग्रह किया।</p>
<p>मंत्री ने एनएएफसीयूबी के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया कि पांच साल के भीतर दो लाख से अधिक आबादी वाले प्रत्येक शहर में कम से कम एक अतिरिक्त शहरी सहकारी बैंक स्थापित किया जाए।</p>
<p>उन्होंने फेडरेशन से कहा कि सफल सहकारी ऋण समितियों को शहरी सहकारी बैंकों में बदलना चाहिए।</p>
<p>शाह ने कहा, ‘‘डिजिटल भुगतान समय की मांग है। हम जानते हैं कि भुगतान के तरीके बदल गए हैं। डिजिटल भुगतान का चलन बढ़ रहा है, और अगर शहरी सहकारी बैंक इसके साथ तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, तो वे इस दौड़ से बाहर हो जाएंगे।’’</p>
<p>उन्होंने दो साल के भीतर 1,500 बैंकों को इस मंच से जोड़ने का लक्ष्य रखा।</p>
<p>मंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि ही राष्ट्रीय प्रगति का मापदंड नहीं हो सकती।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जीडीपी में वृद्धि होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही आजीविका के विकल्प भी पैदा होने चाहिए, जो सहकारी बैंक कर सकते हैं।’’</p>
<p>उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों से युवा उद्यमियों और आर्थिक रूप से वंचितों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 15:59:13 +0530</pubDate>
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