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                <title>Vladimir Putin - Loktej</title>
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                <description>Vladimir Putin RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका के बाद रूकेगी रूस-यूक्रेन की जंग, सीजफायर के लिए तैयार हुए पुतिन-जेलेंस्की, क्रेमलिन ने किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ी राहत! राष्ट्रपति पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर 32 घंटे के युद्धविराम का ऐलान किया है। जेलेंस्की ने भी शांति की इस पहल का स्वागत किया है।</p>
<p>ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद अब वैश्विक स्तर पर एक और राहतभरी खबर सामने आई है। रूस और यूक्रेन के बीच भी अस्थाई युद्धविराम (सीजफायर) का ऐलान किया गया है। हालांकि यह स्थाई नहीं, बल्कि सीमित अवधि के लिए लागू किया गया कदम है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर दो दिनों के युद्धविराम की घोषणा की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146513/russia-ukraine-war-will-stop-after-iran-america-putin-zelensky-ready-for-ceasefire"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ी राहत! राष्ट्रपति पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर 32 घंटे के युद्धविराम का ऐलान किया है। जेलेंस्की ने भी शांति की इस पहल का स्वागत किया है।</p>
<p>ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद अब वैश्विक स्तर पर एक और राहतभरी खबर सामने आई है। रूस और यूक्रेन के बीच भी अस्थाई युद्धविराम (सीजफायर) का ऐलान किया गया है। हालांकि यह स्थाई नहीं, बल्कि सीमित अवधि के लिए लागू किया गया कदम है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर दो दिनों के युद्धविराम की घोषणा की है।</p>
<p>क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के अनुसार, 11 अप्रैल को शाम 4 बजे से लेकर 12 अप्रैल के अंत तक सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने का फैसला लिया गया है। यानी कुल मिलाकर लगभग 32 घंटे का यह सीजफायर रहेगा। रूस ने उम्मीद जताई है कि यूक्रेन भी इस पहल का पालन करेगा और शांति बनाए रखने में सहयोग देगा।</p>
<p>ईसाई समुदाय के लिए अहम है ईस्टर<br />ऑर्थोडॉक्स ईस्टर ईसाई समुदाय का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे जूलियन कैलेंडर के अनुसार रूस और यूक्रेन में मनाया जाता है। इस साल यह 12 अप्रैल को पड़ रहा है। इसी धार्मिक अवसर को ध्यान में रखते हुए युद्धविराम की घोषणा की गई है, ताकि लोगों को त्योहार के दौरान कुछ राहत मिल सके।</p>
<p>दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पहले भी ईस्टर के दौरान युद्धविराम का प्रस्ताव दे चुका है और अब भी समान कदम उठाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने कहा कि आम लोगों को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण ईस्टर मिलना चाहिए, और यह युद्धविराम उसी दिशा में एक अवसर हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस के पास मौका है कि वह ईस्टर के बाद भी हमले दोबारा शुरू न करे।</p>
<p>अमेरिका निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका<br />व्लादिमीर पुतिन का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में जेलेंस्की ने ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने का प्रस्ताव रखा था। बताया गया कि इस प्रस्ताव में अमेरिका की भी मध्यस्थ भूमिका रही है, जो मॉस्को और कीव के बीच बातचीत में शामिल है। यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिससे दोनों देशों के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता पर भी असर पड़ा है।</p>
<p>रूस-यूक्रेन युद्ध 2022 से लगातार जारी है और इसमें भारी जन-धन की हानि हो चुकी है। ऐसे में यह अस्थाई सीजफायर भले ही छोटा कदम हो, लेकिन इसे शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:43:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप, पुतिन ने टेलीफ़ोन पर यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर बात की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन,, 10 मार्च (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ”बहुत अच्छी बातचीत” हुई।<br />  </p>
<p>ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई… हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है।”</p>
<p>”हमने ज़ाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145940/trump-putin-talks-ukraine-and-west-asia-on-telephone"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन,, 10 मार्च (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ”बहुत अच्छी बातचीत” हुई।<br /> </p>
<p>ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई… हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है।”</p>
<p>”हमने ज़ाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज़्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज़्यादा मददगार होगा। लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।”यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई।</p>
<p>इससे पहले दिन में श्री पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है।</p>
<p>रूस की समाचार एजेंसी के मुताबिक, श्री पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है।</p>
<p>रूसी नेता ने कहा, “पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र ज़रूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुज़रेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत ज़रूरी हो जाएगा।</p>
<p>पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज़्यादा बना रहा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:26:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-रूस ने पंचवर्षीय आर्थिक मसौदे पर सहमति जताई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) भारत और रूस ने अमेरिका द्वारा दंडात्मक शुल्क और प्रतिबंध लगाने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए शुक्रवार को आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना पर सहमति जताई।</p>
<p>वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाना चाहिए।</p>
<p>दुनिया भर की नजर मोदी और पुतिन के बीच होने वाली बातचीत पर रही जिसमें दोनों नेताओं ने आठ दशक से अधिक पुरानी भारत-रूस मित्रता को नई गति प्रदान करने की अपनी दृढ़ इच्छा प्रदर्शित की। प्रधानमंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144435/india-russia-agreed-on-five-year-economic-draft"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b05122025-07.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) भारत और रूस ने अमेरिका द्वारा दंडात्मक शुल्क और प्रतिबंध लगाने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए शुक्रवार को आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना पर सहमति जताई।</p>
<p>वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाना चाहिए।</p>
<p>दुनिया भर की नजर मोदी और पुतिन के बीच होने वाली बातचीत पर रही जिसमें दोनों नेताओं ने आठ दशक से अधिक पुरानी भारत-रूस मित्रता को नई गति प्रदान करने की अपनी दृढ़ इच्छा प्रदर्शित की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद यह मित्रता ‘‘ध्रुव तारे’’ की तरह अडिग बनी हुई है।</p>
<p>दोनों देशों ने 2030 के आर्थिक कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के अलावा, स्वास्थ्य, गतिशीलता, खाद्य सुरक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति बृहस्पतिवार शाम नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मोदी ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया और बाद में उनके लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसने 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की रूपरेखा तय कर दी।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति की इस भारत यात्रा पर पश्चिमी देशों की भी नजर है क्योंकि यह यात्रा मॉस्को को आर्थिक रूप से प्रभावित करने के उनके निरंतर प्रयासों के बीच हुई है, जिसमें यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव डालने की पहल के तहत रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति में कटौती करना भी शामिल है।</p>
<p>मोदी ने द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद अपने मीडिया वक्तव्य में कहा, ‘‘गत आठ दशकों में दुनिया ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। इसके बावजूद भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अडिग रही है।’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आपसी सम्मान और गहरे विश्वास पर आधारित यह संबंध हमेशा समय की कसौटी पर खरा उतरा है। आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की। आर्थिक सहयोग को नयी ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी साझा प्राथमिकता है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दोनों देश 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमत हुए हैं और इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश विविध, संतुलित और टिकाऊ बनेंगे।</p>
<p>मोदी ने इस अवसर पर घोषणा की कि भारत शीघ्र ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का निःशुल्क ई-पर्यटक वीजा तथा 30 दिन का समूह पर्यटक वीजा शुरू करेगा।</p>
<p>पुतिन ने अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों पक्ष वार्षिक व्यापार को वर्तमान 64 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर करने पर विचार कर रहे हैं और रूस भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ‘‘तेल, गैस, कोयला और अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं का विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘रूस तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है।’’</p>
<p>पुतिन ने संकेत दिया कि रूस भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार को और सुलभ बनाएगा तथा दोनों पक्ष छोटे एवं ‘मॉड्यूलर’ परमाणु रिएक्टर तथा ‘फ्लोटिंग’ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग के लिए उत्सुक हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रूस परमाणु प्रौद्योगिकियों के गैर-ऊर्जा अनुप्रयोग में भी भारत को सहायता दे सकता है, उदाहरण के लिए चिकित्सा और कृषि में।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रही है और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस परस्पर लाभकारी सहयोग को जारी रखेंगे।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में हमारा सहयोग दुनिया भर में सुरक्षित और विविध आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्वच्छ ऊर्जा, उच्च तकनीक विनिर्माण और नए युग के उद्योगों में हमारी साझेदारियों को ठोस आधार मिलेगा।’’</p>
<p>दोनों शासनाध्यक्षों की बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा कि भारत ने उस देश में शांति की वकालत की है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। भारत हमेशा योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी ऐसा करता रहेगा।’’</p>
<p>मोदी-पुतिन वार्ता में आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खतरे पर कहा कि भारत और रूस लंबे समय से इस खतरे के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे पहलगाम में आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला - इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘भारत का यह दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आईएनएसटीसी , उत्तरी समुद्री मार्ग और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक गलियारे पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे। मुझे खुशी है कि अब हम ध्रुवीय जल में भारतीय नाविकों को प्रशिक्षित करने के लिए सहयोग करेंगे।’’</p>
<p>मोदी कहा, ‘‘इससे न केवल आर्कटिक में हमारा सहयोग मजबूत होगा, बल्कि भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।’’</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) भारत, ईरान, अफगानिस्तान, अर्मीनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल ढुलाई के लिए 7,200 किलोमीटर लंबी ‘मल्टी-मोड’ परिवहन परियोजना है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पोत निर्माण के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच गहन सहयोग से ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को मजबूती मिलने की संभावना है।</p>
<p>उन्होंने भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने में पुतिन की ‘अटूट प्रतिबद्धता’ की भी सराहना की।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘पिछले ढाई दशकों से, उन्होंने (पुतिन ने) अपने नेतृत्व और दूरदर्शिता से इन संबंधों को पोषित किया है। उनके नेतृत्व ने सभी परिस्थितियों में हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच मानव श्रम की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए किए गए दो समझौतों का भी उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मानबल की आवाजाही हमारे लोगों को जोड़ेगी और दोनों देशों के लिए नई ताकत और अवसर उत्पन्न करेगी। मुझे खुशी है कि इसे बढ़ावा देने के लिए आज दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।’’</p>
<p>पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों पक्षों ने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हम वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।</p>
<p>पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका देश भारत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति के लिए तैयार है।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हम छोटे ‘मॉड्यूलर’ परमाणु रिएक्टर और ‘फ्लोटिंग’ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग को लेकर भी बात कर सकते हैं।</p>
<p>पुतिन ने कहा कि रूस, भारत और अन्य समान विचारधारा वाले राष्ट्र एक न्यायसंगत और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 19:54:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत तटस्थ नहीं है बल्कि शांति के पक्ष में है: प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संकट पर पुतिन से कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के नवीनतम प्रयासों का शुक्रवार को पुरजोर समर्थन किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश दिया कि भारत इस संघर्ष का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए सभी शांति प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।</p>
<p>यूक्रेन मुद्दा दोनों नेताओं के वार्षिक शिखर वार्ता में केंद्रीय रूप से उभरा है। इस शिखर वार्ता का उद्देश्य लगभग आठ दशक से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत बनाना है, जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल और तनावों के बावजूद स्थिर बनी रही है।</p>
<p>मोदी ने शिखर वार्ता के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144420/india-is-not-neutral-but-in-favor-of-peace-pm"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के नवीनतम प्रयासों का शुक्रवार को पुरजोर समर्थन किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश दिया कि भारत इस संघर्ष का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए सभी शांति प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।</p>
<p>यूक्रेन मुद्दा दोनों नेताओं के वार्षिक शिखर वार्ता में केंद्रीय रूप से उभरा है। इस शिखर वार्ता का उद्देश्य लगभग आठ दशक से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत बनाना है, जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल और तनावों के बावजूद स्थिर बनी रही है।</p>
<p>मोदी ने शिखर वार्ता के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष को लेकर तटस्थ नहीं है, बल्कि इसे करने के लिए शांति का पक्षधर है।</p>
<p>मोदी ने कहा, “यूक्रेन संघर्ष के शुरू होने के बाद से हम चर्चा करते रहे हैं। एक करीबी मित्र के रूप में, आप हमें स्थिति के बारे में नियमित रूप से सूचित करते आए हैं। मुझे लगता है कि विश्वास एक बड़ी ताकत है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “हम सभी को शांति का मार्ग तलाशना चाहिए। मैं नवीनतम प्रयासों से अवगत हूं और मुझे विश्वास है कि दुनिया शांति की ओर रुख करेगी।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि भारत तटस्थ नहीं है; भारत का एक पक्ष है और वह है शांति। हम सभी शांति प्रयासों का समर्थन करते हैं और इन कोशिशों के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मॉस्को संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहा है।</p>
<p>पुतिन का बृहस्पतिवार शाम को लाल कालीन पर स्वागत किया गया, यह चार साल बाद उनकी पहली भारत यात्रा है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद भी यह उनका पहला भारत दौरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 15:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में गीता की प्रति भेंट की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भेंट की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भेंट की। गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।’’</p>
<p>मोदी ने पुतिन के लिये 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर एक रात्रिभोज का आयोजन किया था। पुतिन दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144413/prime-minister-modi-presented-a-copy-of-geeta-in-russian"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/k0512202501.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भेंट की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में गीता की एक प्रति भेंट की। गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।’’</p>
<p>मोदी ने पुतिन के लिये 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर एक रात्रिभोज का आयोजन किया था। पुतिन दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 10:30:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस के राष्ट्रपति पुतिन दो दिन के दौरे पर दिल्ली पहुंचे, प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे पर किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बृहस्पतिवार शाम को दो दिन के दौरे पर नयी दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति पुतिन करीब 27 घंटे भारत में बिताएंगे।</p>
<p>यह दौरा करीब आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करना है, एक ऐसी साझेदारी जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बावजूद स्थिर बनी हुई है।</p>
<p>भारत इस दौरे को कितनी अहमियत दे रहा है, यह इस बात से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर गले लगाकर पुतिन का स्वागत किया और चार साल के अंतराल के बाद भारत आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144412/russian-president-putin-arrived-in-delhi-on-a-two-day-visit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बृहस्पतिवार शाम को दो दिन के दौरे पर नयी दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति पुतिन करीब 27 घंटे भारत में बिताएंगे।</p>
<p>यह दौरा करीब आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करना है, एक ऐसी साझेदारी जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बावजूद स्थिर बनी हुई है।</p>
<p>भारत इस दौरे को कितनी अहमियत दे रहा है, यह इस बात से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर गले लगाकर पुतिन का स्वागत किया और चार साल के अंतराल के बाद भारत आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</p>
<p>दोनों नेता एक ही कार में हवाई अड्डे से निकले। करीब तीन महीने पहले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के बाद चीन के शहर तियानजिन में उन्होंने एक ही वाहन में साथ यात्रा की थी।</p>
<p>मोदी आज शाम पुतिन के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन कर रहे हैं। पिछले साल जुलाई में रूस की राजधानी मॉस्को के दौरे के दौरान रूसी नेता ने भी भारत के प्रधानमंत्री की मेहमाननवाजी की थी।</p>
<p>आज शाम दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से शुक्रवार को होने वाली 23वीं भारत-रूस शिखर वार्ता को लेकर माहौल बनने की उम्मीद है, जिसके कई महत्वपूर्ण परिणाम निकलने की संभावना है।</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा। इस बैठक पर पश्चिमी देशों द्वारा करीबी नजर रखे जाने की संभावना है।</p>
<p>रूसी नेता का नयी दिल्ली का यह दौरा इसलिए और भी अहम हो गया है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से आ रही गिरावट की पृष्ठभूमि में हो रहा है। बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार के क्षेत्रों सहित कई समझौते होने की उम्मीद है।</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच बैठक से पहले शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत किया जाएगा।</p>
<p>बैठक हैदराबाद हाउस में होगी, जहां मोदी, पुतिन और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए भोज का आयोजन करेंगे और इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी होगी।</p>
<p>इस मामले के जानकार लोगों के अनुसार, पुतिन शुक्रवार की सुबह राजघाट भी जाएंगे।</p>
<p>बैठक के बाद पुतिन रूसी सरकारी प्रसारक का नया ‘इंडिया चैनल’ भी शुरू करेंगे, जिसके बाद वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनके सम्मान में दिए जाने वाले राजकीय भोज में शामिल होंगे।</p>
<p>रूसी नेता के शुक्रवार की रात करीब नौ बजे भारत से रवाना होने की संभावना है।</p>
<p>शिखर वार्ता में उम्मीद है कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने से बढ़ते व्यापार घाटे को दुरुस्त करने पर जोर देगा।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों में संभवतः सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं ओर अमेरिका ने भारतीय सामान पर भारी 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर भी शामिल है।</p>
<p>शिखर वार्ता में भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंध के असर पर चर्चा होने की संभावना है। ‘क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के कारण भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद ‘‘कुछ समय’’ के लिए कम हो सकती है। उन्होंने कहा, हालांकि रूस आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है।</p>
<p>बैठक में उम्मीद है कि पुतिन मोदी को यूक्रेन विवाद को खत्म करने के लिए अमेरिका की नयी कोशिशों के बारे में बताएंगे। भारत लगातार यह कहता रहा है कि बातचीत और कूटनीति ही युद्ध खत्म करने का एकमात्र तरीका है।</p>
<p>मोदी-पुतिन वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच कई समझौते होने की उम्मीद है, जिसमें एक समझौता भारतीय कामगारों के रूस आने-जाने को आसान बनाने और अन्य (समझौता) व्यापक रक्षा सहयोग के ढांचे के तहत साजो सामान के समर्थन से संबंधित है।</p>
<p>ऐसा माना जा रहा है कि व्यापार क्षेत्र के अंतर्गत फार्मा, कृषि, खाद्य उत्पादों और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्रों में रूस को भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>
<p>यह कदम रूस के पक्ष में बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं के बीच उठाया गया है।</p>
<p>भारत रूस से सालाना लगभग 65 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान और सेवाएं खरीदता है, जबकि रूस भारत से लगभग पांच अरब डालर का आयात करता है।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि भारत उर्वरक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। रूस सालाना भारत को 30 से 40 लाख टन उर्वरक की आपूर्ति करता है।</p>
<p>भारतीय और रूसी पक्ष यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ भारत के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा कर सकते हैं।</p>
<p>शिखर सम्मेलन से पहले दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने बृहस्पतिवार को व्यापक चर्चा की, जिसमें रूस से एस-400 मिसाइल प्रणालियों और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य हार्डवेयर की अतिरिक्त खेप खरीदने की भारत की योजना पर फोकस रहा।</p>
<p>‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एस-400 मिसाइल प्रणाली बहुत प्रभावी साबित हुई।</p>
<p>अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयों को खरीदने के लिए पांच अरब अमेरीकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अनुबंध पर आगे बढ़ने से काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट (सीएएटीएसए) के प्रावधानों के तहत अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं।</p>
<p>पेस्कोव ने कहा कि रूस द्वारा भारत को एसयू-57 लड़ाकू विमान आपूर्ति करने की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है। भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की एक खेप खरीदने की प्रक्रिया में है।</p>
<p>दसॉ एविएशन का राफेल, लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून मुख्य दावेदार हैं।</p>
<p>बैठक में द्विपक्षीय ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद है।</p>
<p>माना जाता है कि रूस ने भारत को कच्चे तेल की खरीद पर अतिरिक्त छूट की पेशकश की है।</p>
<p>यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब दो रूसी तेल उत्पादकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों की नवीनतम लहर के बाद पिछले कुछ सप्ताहों में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद की मात्रा में गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p>भारत और रूस के बीच एक व्यवस्था है जिसके तहत भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा के लिए सालाना एक शिखर बैठक आयोजित करते हैं। अब तक, भारत और रूस में बारी-बारी से 22 वार्षिक शिखर बैठकें हो चुकी हैं। रूसी राष्ट्रपति ने आखिरी बार 2021 में नयी दिल्ली का दौरा किया था।</p>
<p>पिछले साल जुलाई में मोदी वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मॉस्को गए थे।</p>
<p>रूस भारत के लिए एक ऐसा साझेदार रहा है जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है और वह भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144412/russian-president-putin-arrived-in-delhi-on-a-two-day-visit</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 21:37:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के साथ असैन्य परमाणु सहयोग मजबूत बनाने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करेगा रूस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मॉस्को, तीन दिसंबर (भाषा) रूसी मंत्रिमंडल ने चार-पांच दिसंबर को होने वाली राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान असैन्य परमाणु ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>स्थानीय मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी ‘रोसएटम’ को रूसी सरकार की ओर से इस सहमति पत्र पर भारत के संबंधित अधिकारियों के साथ हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह कंपनी तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के तहत कई रिएक्टर का निर्माण कर रही है।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144375/russia-will-sign-mou-to-strengthen-civil-nuclear-cooperation-with"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को, तीन दिसंबर (भाषा) रूसी मंत्रिमंडल ने चार-पांच दिसंबर को होने वाली राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान असैन्य परमाणु ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>स्थानीय मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी ‘रोसएटम’ को रूसी सरकार की ओर से इस सहमति पत्र पर भारत के संबंधित अधिकारियों के साथ हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह कंपनी तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के तहत कई रिएक्टर का निर्माण कर रही है।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय मीडिया से बातचीत में कहा कि रोसएटम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अलेक्सी लिगाचेव भारत जा रहे हैं और वह छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के निर्माण समेत सहयोग के कई प्रस्तावों का एक विस्तृत विवरण नयी दिल्ली में होने वाली शिखर वार्ता में प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>इससे पहले आईं खबरों में कहा गया था कि रोसएटम ने भारत में रूसी-डिजाइन वाले उन्नत रिएक्टरों के स्थानीयकरण के मामले में भी तैयार रहने की बात कही है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/144375/russia-will-sign-mou-to-strengthen-civil-nuclear-cooperation-with</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 14:56:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुतिन के दौरे से पहले रूसी संसद ने भारत के साथ महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंज़ूरी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मॉस्को, दो दिसंबर (भाषा) रूस की संसद के निचले सदन ‘ड्यूमा’ ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 4-5 दिसंबर को नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा से पहले भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंगलवार को मंजूरी दे दी।</p>
<p>दोनों सरकारों के बीच 18 फरवरी को हस्ताक्षरित सैन्य साजो सामान संबंधी सहयोग के पारस्परिक आदान-प्रदान (आरईएलओएस) को प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन द्वारा अनुमोदन के लिए पिछले सप्ताह ‘ड्यूमा’ को भेजा गया था।</p>
<p>‘ड्यूमा’ के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने सदन के पूर्ण अधिवेशन में कहा, ‘‘भारत के साथ हमारे संबंध रणनीतिक और व्यापक हैं तथा हम उन्हें महत्व देते हैं। हम समझते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144371/russian-parliament-approves-important-military-agreement-with-india-ahead-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को, दो दिसंबर (भाषा) रूस की संसद के निचले सदन ‘ड्यूमा’ ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 4-5 दिसंबर को नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा से पहले भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंगलवार को मंजूरी दे दी।</p>
<p>दोनों सरकारों के बीच 18 फरवरी को हस्ताक्षरित सैन्य साजो सामान संबंधी सहयोग के पारस्परिक आदान-प्रदान (आरईएलओएस) को प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन द्वारा अनुमोदन के लिए पिछले सप्ताह ‘ड्यूमा’ को भेजा गया था।</p>
<p>‘ड्यूमा’ के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने सदन के पूर्ण अधिवेशन में कहा, ‘‘भारत के साथ हमारे संबंध रणनीतिक और व्यापक हैं तथा हम उन्हें महत्व देते हैं। हम समझते हैं कि आज समझौते को मंजूरी निश्चित रूप से हमारे संबंधों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’</p>
<p>आरईएलओएस समझौता यह तय करता है कि रूस और भारत एक-दूसरे के यहां सैन्य टुकड़ियां, युद्धपोत और सैन्य विमान कैसे भेजेंगे, और उनके बीच सैन्य साजो सामान सहायता किस तरह प्रदान की जाएगी।</p>
<p>यह समझौता न केवल सैनिकों और सैन्य उपकरणों की तैनाती को नियंत्रित करेगा, बल्कि उनकी साजो सामान संबंधी व्यवस्थाओं को भी तय करेगा। तय की गई प्रक्रिया का इस्तेमाल संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता, आपदाओं के बाद राहत कार्यों और अन्य सहमति वाले मामलों में किया जाएगा।</p>
<p>‘ड्यूमा’ की वेबसाइट पर पोस्ट एक नोट में रूसी मंत्रिपरिषद ने कहा कि दस्तावेज की मंजूरी से रूसी और भारतीय युद्धपोतों को दोनों देशों के हवाई क्षेत्र और बंदरगाहों के पारस्परिक इस्तेमाल की सहूलियत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 21:25:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुतिन के साथ ‘व्यर्थ की बैठक’ नहीं चाहते ट्रंप, यूक्रेन युद्ध पर बातचीत फिलहाल स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि रूस के नेता व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बैठक की योजना स्थगित कर दी गई है क्योंकि वह नहीं चाहते कि यह ‘‘समय की बर्बादी’’ हो।</p>
<p>यूक्रेन में युद्ध को सुलझाने की कोशिश कर रहे ट्रंप के प्रयासों में यह नया मोड़ है। ट्रंप और पुतिन के बीच हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में बैठक होने वाली थी, जिसे स्थगित करने का निर्णय सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच<br />हुई बातचीत के बाद लिया गया। <br /> <br />ट्रंप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143707/trump-does-not-want-useless-meeting-with-putin-talks-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि रूस के नेता व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बैठक की योजना स्थगित कर दी गई है क्योंकि वह नहीं चाहते कि यह ‘‘समय की बर्बादी’’ हो।</p>
<p>यूक्रेन में युद्ध को सुलझाने की कोशिश कर रहे ट्रंप के प्रयासों में यह नया मोड़ है। ट्रंप और पुतिन के बीच हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में बैठक होने वाली थी, जिसे स्थगित करने का निर्णय सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच<br />हुई बातचीत के बाद लिया गया। <br /> ⁠<br />ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं एक व्यर्थ बैठक नहीं चाहता। मैं समय की बर्बादी नहीं चाहता। इसलिए देखते हैं, क्या होता है।’’</p>
<p>लावरोव ने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि रूस तत्काल युद्धविराम के विरोध में है। ट्रंप पूरे साल युद्ध के प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख बदलते रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या युद्धविराम दीर्घकालिक शांति वार्ता से पहले होना चाहिए और क्या यूक्रेन लगभग चार वर्षों की लड़ाई के दौरान रूस द्वारा कब्जा की गई भूमि वापस पा सकता है।</p>
<p>यूरोपीय नेता पुतिन पर युद्ध में बढ़त हासिल करने के लिए कूटनीति में समय लगाने का आरोप लगाते रहे हैं और अब पुतिन से मुलाकात में ट्रंप की हिचकिचाहट उनके लिए राहत की बात है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, फ्रांस के राष्ट्रपति और जर्मनी के चांसलर सहित कई नेताओं का कहना है कि वे रूसी सेना द्वारा कब्जाई गई यूक्रेनी भूमि को छोड़ने को लेकर यू्क्रेन पर किसी भी तरह का दबाव बनाने के खिलाफ हैं, जिसके बारे में हाल में ट्रंप ने सुझाव दिया था।  </p>
<p>नेताओं की यूक्रेन के युद्ध प्रयासों के वित्तपोषण में मदद के लिए अरबों डॉलर की जब्त रूसी संपत्ति का उपयोग करने के विचार की दिशा में आगे बढ़ने की भी योजना है, भले ही इस तरह के कदम की वैधता और परिणामों को लेकर कुछ आशंकाएं हों।</p>
<p>अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों के बीच इससे पहले अगस्त में अलास्का में बैठक हुई थी, लेकिन इस मुलाकात से युद्ध को समाप्त करने के ट्रंप के प्रयासों को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। यह युद्ध फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के साथ शुरू हुआ था।</p>
<p>क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) ट्रंप और पुतिन को फिर से एक साथ लाने की जल्दी में नहीं दिख रहा था।<br />क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि बैठक से पहले ‘‘गंभीर तैयारी की जरूरत है’’।</p>
<p>ट्रंप ने सुझाव दिया कि बैठक के बारे में निर्णय आने वाले दिनों में किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 17:02:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन, यूरोपीय संघ ने पुतिन पर शांति बहाल करने में रुकावट डालने का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कीव, 21 अक्टूबर (एपी) यूक्रेन के राष्ट्रपति और यूरोपीय संघ के नेताओं ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर (यूक्रेन के साथ) युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों में देरी करने का आरोप लगाया और ऐसे किसी भी कदम का विरोध किया, जिसमें शांति के बदले कीव को रूसी सुरक्षा बलों द्वारा कब्जा की गई भूमि को सौंपने की बात हो।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर यह सुझाव दे चुके हैं।</p>
<p>यूरोप के आठ नेताओं और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे कीव को युद्ध जीतने में मदद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143705/ukraine-eu-accuses-putin-of-hindering-restoration-of-peace"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव, 21 अक्टूबर (एपी) यूक्रेन के राष्ट्रपति और यूरोपीय संघ के नेताओं ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर (यूक्रेन के साथ) युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों में देरी करने का आरोप लगाया और ऐसे किसी भी कदम का विरोध किया, जिसमें शांति के बदले कीव को रूसी सुरक्षा बलों द्वारा कब्जा की गई भूमि को सौंपने की बात हो।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर यह सुझाव दे चुके हैं।</p>
<p>यूरोप के आठ नेताओं और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे कीव को युद्ध जीतने में मदद करने के लिए रूस के अरबों यूरो की विदेश में जब्त संपत्तियों का उपयोग करने की योजना पर आगे बढ़ने का विचार बना रहे हैं। हालांकि, इस तरह के कदम की वैधता और परिणामों को लेकर कुछ आशंकाएं हैं।</p>
<p>बयान में यूक्रेन में ट्रंप के शांति प्रयासों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।</p>
<p>ट्रंप आने वाले सप्ताह में हंगरी के बुडापेस्ट में पुतिन से मिलने वाले हैं।</p>
<p>बयान में यह भी बताया गया कि सभी नेता ‘इस सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बलपूर्वक नहीं बदला जाना चाहिए’। ट्रंप ने अपने रुख से पलटते हुए पिछले महीने कहा था कि यूक्रेन को जमीन छोड़नी होगी। उन्होंने कहा था कि यूक्रेन वह सारा इलाका वापस जीत सकता है, जो उसने रूस के हाथों गंवाया है।</p>
<p>पिछले सप्ताह पुतिन के साथ फोन पर बातचीत और उसके बाद शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने अपना रुख फिर से बदल दिया और कीव व मॉस्को से युद्ध को जहां हैं, वहीं रोकने का आह्वान किया।</p>
<p>रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा युद्ध जारी है।</p>
<p>ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्हें लगता है कि यूक्रेन अंततः रूस को हरा सकता है, लेकिन अब उन्हें इस बात पर संदेह है कि ऐसा होगा।</p>
<p>यूक्रेन और यूरोपीय नेता ट्रंप को अपने पक्ष में रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बयान के मुताबिक, “हम राष्ट्रपति ट्रंप के इस रुख का पुरजोर समर्थन करते हैं कि युद्ध तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए और मौजूदा संपर्क रेखा ही बातचीत का शुरुआती बिंदु होनी चाहिए। हम सभी देख सकते हैं कि पुतिन हिंसा और विनाश को चुन रहे हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 21 Oct 2025 15:45:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुतिन ने भारत के साथ रूस का व्यापार असंतुलन कम करने का आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मॉस्को, तीन अक्टूबर (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा भारी मात्रा में रूसी कच्चे तेल का आयात किए जाने के कारण पैदा हुए व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए नयी दिल्ली से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीदने सहित अन्य उपाय करने के आदेश दिए हैं।</p>
<p>पुतिन ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर की शुरुआत में भारत की यात्रा करेंगे।</p>
<p>पुतिन ने दक्षिण रूस के सोची स्थित काला सागर रिसॉर्ट में भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा एवं भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143400/putin-ordered-to-reduce-russias-trade-imbalance-with-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को, तीन अक्टूबर (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा भारी मात्रा में रूसी कच्चे तेल का आयात किए जाने के कारण पैदा हुए व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए नयी दिल्ली से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीदने सहित अन्य उपाय करने के आदेश दिए हैं।</p>
<p>पुतिन ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर की शुरुआत में भारत की यात्रा करेंगे।</p>
<p>पुतिन ने दक्षिण रूस के सोची स्थित काला सागर रिसॉर्ट में भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा एवं भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच को बृहस्पतिवार शाम संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका के दंडात्मक शुल्कों के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी।’’</p>
<p>उन्होंने रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क का उल्लेख करते हुए यह बात की। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है।</p>
<p>पुतिन ने कहा, ‘‘भारत से अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। औषधीय उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।’’</p>
<p>सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने रूस सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘‘भारतीय मित्रों और समकक्षों को’’ इस संबंध में प्रस्ताव देने पर विचार करे कि ‘‘ सहयोग के सबसे आशाजनक क्षेत्र कौन से हैं तथा रूस किस प्रकार व्यापार और अन्य क्षेत्रों में असंतुलन को दूर कर सकता है।’’</p>
<p>उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया लेकिन इन अवसरों को पूरी तरह से भुनाने के लिए कुछ विशिष्ट मुद्दों को हल करने की आवश्यकता को भी स्वीकार किया।</p>
<p>उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि रूस और भारत के बीच व्यापार लगभग 63 अरब अमेरिकी डॉलर का है और बेलारूस के साथ यह 50 अरब अमेरिकी डॉलर है। पुतिन ने जोर देकर कहा, ‘‘भारत की जनसंख्या 1.5 अरब और बेलारूस की आबादी एक करोड़ है। यह स्पष्ट रूप से हमारे संभावित अवसरों के अनुरूप नहीं है।’’</p>
<p>पुतिन ने कहा, ‘‘हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार के मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है।’’</p>
<p>उन्होंने वित्तपोषण, साजो-सामान और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताएं बताया।</p>
<p>पुतिन ने इस बात को भी रेखांकित किया कि रूस की भारत के साथ कभी कोई समस्या या आपसी तनाव नहीं रहा। ‘‘कभी भी नहीं।’’</p>
<p>पुतिन ने रूस-भारत संबंधों की सोवियत संघ के दिनों से ‘‘विशेष’’ प्रकृति पर प्रकाश डाला जब भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘भारत में वे इसे याद रखते हैं, वे इसे जानते हैं और वे इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।’’</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना ’‘‘मित्र बताते हुए कहा कि वह उनके साथ भरोसेमंद संबंधों को लेकर सहज महसूस करते हैं।</p>
<p>पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक ‘‘संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी’’ नेता बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘भारत में हर कोई इसे अच्छी तरह जानता है’’, खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले का कारण लोग समझते हैं।</p>
<p>पुतिन ने इस बात का भी जिक्र किया कि रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की घोषणा को जल्द ही 15 साल हो जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर रूस और भारत लगभग हमेशा अपने कार्यों के बीच समन्वय करते हैं।</p>
<p>पुतिन ने कहा, ‘‘हम अन्य प्रमुख मुद्दों पर हमारे देशों की स्थिति को हमेशा सुनते एवं ध्यान में रखते हैं। हमारे विदेश मंत्रालय मिलकर बहुत निकटता से काम करते हैं।’’</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने एआई (कृत्रिम मेधा) और अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए एक संयुक्त कोष के विचार का स्वागत किया। यह प्रस्ताव सोची मंच में भाग ले रहे नयी दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) के महानिदेशक डॉ. अरविंद गुप्ता ने पेश किया।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143400/putin-ordered-to-reduce-russias-trade-imbalance-with-india</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Oct 2025 15:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल्द ही पुतिन से बात करूंगा : ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, पांच सितंबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक सवाल पर कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे।</p>
<p>दरअसल, ट्रंप से रात्रिभोज के दौरान एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या उन्होंने बृहपतिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात करने के बाद ‘‘निकट भविष्य’’ में अपने रूसी समकक्ष से भी बात करने की योजना बनायी है।</p>
<p>इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हां, मैं करूंगा। हमारी बहुत अच्छी बातचीत चल रही है।’’</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी जगत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142896/trump-will-soon-talk-to-putin"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, पांच सितंबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक सवाल पर कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे।</p>
<p>दरअसल, ट्रंप से रात्रिभोज के दौरान एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या उन्होंने बृहपतिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात करने के बाद ‘‘निकट भविष्य’’ में अपने रूसी समकक्ष से भी बात करने की योजना बनायी है।</p>
<p>इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हां, मैं करूंगा। हमारी बहुत अच्छी बातचीत चल रही है।’’</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों के साथ रात्रिभोज में ट्रंप एक लंबी मेज के बीचोंबीच प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग के बीच बैठे थे।</p>
<p>मेलानिया ट्रंप ने बृहस्पतिवार दोपहर को व्हाइट हाउस की नयी कृत्रिम मेधा (एआई) शिक्षा कार्य बल की बैठक की अध्यक्षता की।</p>
<p>पहले यह कार्यक्रम हाल में बने रोज गार्डन में आयोजित होना था, लेकिन बारिश के कारण इसे व्हाइट हाउस में आयोजित कराना पड़ा।</p>
<p>ट्रंप ने प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं से कहा कि वे अपनी कंपनियों के बारे में थोड़ी जानकारी दें और अमेरिका में अपने निवेशों पर बात करें।</p>
<p>जुकरबर्ग ने अनुमान जताया है कि उनकी कंपनी 2028 तक लगभग 600 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 15:06:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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