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                <title>Ecommerce - Loktej</title>
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                <description>Ecommerce RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वेंगर, प्रतिष्ठित स्विस घड़ियों और ट्रैवल गियर ब्रांड ने भारत में अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट लॉन्च की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 9 जनवरी: स्विस घड़ियों और ट्रैवल गियर के प्रतिष्ठित ब्रांड वेंगर ने भारत में अपनी पूरी तरह ई-कॉमर्स सक्षम ब्रांड वेबसाइट www.wenger.co.in के लॉन्च की घोषणा की है। इस लॉन्च के साथ, वेंगर भारत में समर्पित डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने वाला पहला स्विस ब्रांड बन गया है, जो भारतीय उपभोक्ताओं के और करीब स्विस कारीगरी, सटीकता और उत्कृष्ट डिज़ाइन को लाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>विक्टोरिनॉक्स समूह से जुड़ा वेंगर, किफायती मूल्य पर स्विस नवाचार, विश्वसनीयता और प्रामाणिकता की विरासत को आगे बढ़ाता है। 2005 में विक्टोरिनॉक्स द्वारा अधिग्रहण के बाद भी ब्रांड ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145077/wenger-the-iconic-swiss-watches-and-travel-gear-brand-launches"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/k09012025-647.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 9 जनवरी: स्विस घड़ियों और ट्रैवल गियर के प्रतिष्ठित ब्रांड वेंगर ने भारत में अपनी पूरी तरह ई-कॉमर्स सक्षम ब्रांड वेबसाइट www.wenger.co.in के लॉन्च की घोषणा की है। इस लॉन्च के साथ, वेंगर भारत में समर्पित डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने वाला पहला स्विस ब्रांड बन गया है, जो भारतीय उपभोक्ताओं के और करीब स्विस कारीगरी, सटीकता और उत्कृष्ट डिज़ाइन को लाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>विक्टोरिनॉक्स समूह से जुड़ा वेंगर, किफायती मूल्य पर स्विस नवाचार, विश्वसनीयता और प्रामाणिकता की विरासत को आगे बढ़ाता है। 2005 में विक्टोरिनॉक्स द्वारा अधिग्रहण के बाद भी ब्रांड ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी। नई वेबसाइट उपभोक्ताओं को वेंगर के संपूर्ण पोर्टफोलियो तक सहज पहुंच प्रदान करती है, जिसमें इसकी प्रसिद्ध स्विस-निर्मित घड़ियाँ और रोज़मर्रा की यात्रा के लिए डिज़ाइन किया गया टिकाऊ व स्टाइलिश ट्रैवल गियर शामिल है। साफ-सुथरे और सहज इंटरफेस के साथ यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित भुगतान विकल्पों, तेज़ डिलीवरी और भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सेवा द्वारा समर्थित एक स्मूद शॉपिंग अनुभव सुनिश्चित करता है।</p>
<p><strong>भारत में वेंगर की मौजूदगी को मज़बूती</strong></p>
<p>जैसे-जैसे भारत प्रीमियम लाइफस्टाइल और ट्रैवल एक्सेसरीज़ के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार के रूप में उभर रहा है, वेंगर का यह ई-कॉमर्स लॉन्च ब्रांड की मौजूदगी को सशक्त करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। यह प्लेटफॉर्म वेंगर को भारतीय उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने में सक्षम बनाता है, साथ ही स्विस ब्रांड्स से जुड़ी विश्वसनीयता, गुणवत्ता और प्रामाणिकता को बनाए रखता है।</p>
<p>लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, विक्टोरिनॉक्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सेल्स एंड मार्केटिंग, देबराज सेनगुप्ता ने कहा: “वेंगर को लंबे समय से दुनिया भर में अपनी स्विस कारीगरी, बेहतरीन क्वालिटी और फंक्शनल लेकिन स्टाइलिश डिज़ाइन के लिए जाना जाता है। भारत में अपना खुद का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करके, हम उपभोक्ताओं को सीधे ब्रांड से असली वेंगर प्रोडक्ट्स का अनुभव करने का मौका दे रहे हैं। यह एक ऐसे मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भरोसे, टिकाऊपन और किफायती कीमत पर प्रीमियम लाइफस्टाइल अनुभवों को महत्व देता है।”</p>
<p>विक्टोरिनॉक्स इंडिया के ई-बिजनेस के नेशनल मैनेजर सिद्धार्थ मुदलियार ने कहा, "वेंगर के डेडिकेटेड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ, हम सीधे उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव बढ़ा रहे हैं और असली स्विस कारीगरी को ज़्यादा सुलभ बना रहे हैं। यह पहल भारत के लिए हमारी दीर्घकालिक डिजिटल और रिटेल रणनीति का एक अहम हिस्सा है।” <br />नया प्लेटफॉर्म स्विस गुणवत्ता आश्वासन के साथ प्रमाणित ओरिजिनल उत्पाद देता है, साथ ही एक्सक्लूसिव ऑनलाइन कलेक्शन, क्यूरेटेड बंडल्स, सीज़नल ऑफर्स और ब्रांड स्टोरीज भी देता है जो वेंगर की विरासत का जश्न मनाती हैं। जैसे-जैसे पूरे भारत में ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ रही है, वेंगर का डिजिटल विस्तार खोज से लेकर घर तक, एक शानदार, एंड-टू-एंड ब्रांड अनुभव देता है।</p>
<p><strong>वेंगर – जहाँ स्विस गुणवत्ता मिलती है रोज़मर्रा की किफ़ायत से।</strong></p>
<p>1893 में स्थापित, वेंगर स्विस कारीगरी, सटीक इंजीनियरिंग और टिकाऊपन का पर्याय है। यह ब्रांड आधुनिक प्रोफेशनल्स, यात्रियों और रोज़मर्रा की उपलब्धि हासिल करने वालों के लिए स्विस-निर्मित घड़ियों और सोच-समझकर डिज़ाइन किए गए ट्रैवल गियर की विस्तृत रेंज पेश करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jan 2026 19:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फटाफट समान पहुंचाने वाली इकाइयों का बढ़ रहा प्रभाव, ई-किराना ऑर्डर में हासिल किया दो-तिहाई हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश में त्वरित वाणिज्य (क्विक कॉमर्स) यानी कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने की सुविधा देने वाली इकाइयां देश में उपभोक्ताओं की खरीदारी के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। बीते वर्ष इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सभी किराना ऑर्डर में से दो-तिहाई से अधिक और ‘ई-रिटेल’ खर्च का दसवां हिस्सा त्वरित वाणिज्य से जुड़ी इकाइयों के मंच पर हुआ। फ्लिपकॉर्ट और बेन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक फटाफट सामान पहुंचाने वाली इन इकाइयों में सालाना 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139635/increasing-impact-of-units-of-instant-uniforms-achieved-two-thirds-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/online-food-delivery-zomato-swiggy-zepto-quick-q-commerce.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश में त्वरित वाणिज्य (क्विक कॉमर्स) यानी कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने की सुविधा देने वाली इकाइयां देश में उपभोक्ताओं की खरीदारी के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। बीते वर्ष इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सभी किराना ऑर्डर में से दो-तिहाई से अधिक और ‘ई-रिटेल’ खर्च का दसवां हिस्सा त्वरित वाणिज्य से जुड़ी इकाइयों के मंच पर हुआ। फ्लिपकॉर्ट और बेन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक फटाफट सामान पहुंचाने वाली इन इकाइयों में सालाना 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है। इसकी वृद्धि को विभिन्न श्रेणियों, भौगोलिक क्षेत्रों और ग्राहक खंड में विस्तार से गति मिलेगी।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘फटाफट सामान पहुंचाने (30 मिनट से कम समय में डिलिवरी) की सुविधा का शुरू होना पिछले दो वर्षों में देश के ई-रिटेल बाजार की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक रहा है।’’</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष, सभी ई-किराना ऑर्डर में से दो-तिहाई से अधिक और ई-रिटेल खर्च का दसवां हिस्सा इन मंचों पर हुआ।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि देश की फटाफट सामान पहुंचाने वाली वाणिज्य इकाइयां वैश्विक रुझानों को पीछे छोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ी हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन इकाइयों में तेज वृद्धि का कारण उच्च जनसंख्या घनत्व और कम किराये वाले ‘डार्क स्टोर’ यानी पूरी तरह से ऑनलाइन ऑर्डर को पूरा करने वाले खुदरा दुकानों के नेटवर्क तक करीबी पहुंच शामिल हैं।</p>
<p>इस क्षेत्र ने कई कंपनियों को आकर्षित किया है, जिसने उपभोक्ता मूल्य प्रस्ताव को समृद्ध किया है।</p>
<p>वैसे फटाफट सामान पहुंचाने की सुविधा की शुरुआत किराने के सामान से हुई थी। लेकिन अब इसके सकल वस्तु मूल्य या जीएमवी का 15 से 20 प्रतिशत सामान्य वस्तुएं, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान जैसी श्रेणियों से आता है।</p>
<p>महानगरों के अलावा छोटे शहरों में विस्तार ने भी वृद्धि को गति दी है। हालांकि, अब भी जीएमवी का बड़ा हिस्सा शीर्ष छह महानगरों से आता है।</p>
<p>रिपोर्ट में सुझाव दिया गया, ‘‘हालांकि, लाभदायक विकास को बनाए रखने के लिए, कंपनियों को प्रमुख महानगरों के अलावा अन्य बाजारों के लिए भी व्यापार मॉडल को अपनाना चाहिए, बढ़ती प्रतिस्पर्धा का प्रबंधन करना चाहिए और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अनुकूलतम करना चाहिए...।’’</p>
<p>भारत में 2025 में ऑनलाइन खरीदारी के रुख पर फ्लिपकार्ट-बेन की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश पिछले एक दशक में खुदरा क्षेत्र में बड़ा केंद्र बन गया है और 2024 में वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा खुदरा बाजार बन गया है।</p>
<p>भारतीय ई-रिटेल बाजार का सकल वस्तु मूल्य लगभग 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके साथ यह ऑनलाइन खरीदारी के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।</p>
<p>हालांकि, निजी खपत में कमी से 2024 में ई-रिटेल क्षेत्र में वृद्धि 20 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्चस्तर से 10 से 12 प्रतिशत पर आ गयी। लेकिन 2025 में त्योहारों के दौरान स्थिति बदलने की उम्मीद है।</p>
<p>एक अनुमान के अनुसार, ई-रिटेल खंड अगले छह साल में 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ 170 से 190 अरब डॉलर जीएमवी पर पहुंच सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 19:30:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसबीआई की रिपोर्ट में खुलासा, यूएस टैरिफ का भारत पर असर न के बराबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 मार्च (वेब वार्ता)। सोमवार को ‘एसबीआई रिसर्च’ की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक भारत पर यूएस ट्रेड रेसिप्रोकल टैरिफ का प्रभाव न के बराबर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि देश अपने निर्यात में विविधता ला चुका है साथ ही मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, भारत वैकल्पिक क्षेत्रों की खोज कर कर रहा है, यूरोप से मध्य पूर्व के माध्यम से अमेरिका तक नए मार्गों पर काम कर रहा है और नए सप्लाई चेन एल्गोरिदम को फिर से तैयार कर रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि निर्यात में गिरावट 3-3.5 प्रतिशत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139333/sbi-report-revealed-the-impact-of-us-tariff-on-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/economic-report-budget-calculator-business.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 मार्च (वेब वार्ता)। सोमवार को ‘एसबीआई रिसर्च’ की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक भारत पर यूएस ट्रेड रेसिप्रोकल टैरिफ का प्रभाव न के बराबर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि देश अपने निर्यात में विविधता ला चुका है साथ ही मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, भारत वैकल्पिक क्षेत्रों की खोज कर कर रहा है, यूरोप से मध्य पूर्व के माध्यम से अमेरिका तक नए मार्गों पर काम कर रहा है और नए सप्लाई चेन एल्गोरिदम को फिर से तैयार कर रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि निर्यात में गिरावट 3-3.5 प्रतिशत की सीमा में रहने की उम्मीद है, जिसे मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों मोर्चों पर उच्च निर्यात लक्ष्यों के जरिए सुधारा जाना चाहिए।</p>
<p>भारत पिछले सप्ताह अमेरिका द्वारा लगाए गए एल्यूमीनियम और स्टील टैरिफ का भी लाभ उठा सकेगा।</p>
<p>भारत का अमेरिका के साथ एल्यूमीनियम व्यापार के लिए 13 मिलियन डॉलर और स्टील व्यापार के लिए 406 मिलियन डॉलर का व्यापार घाटा है, जिसका भारत संभावित रूप से लाभ उठा सकता है।</p>
<p>यूएस रेसिप्रोकल टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद है और नई दिल्ली और वर्तमान में वाशिंगटन के बीच गहन द्विपक्षीय वार्ता चल रही है।</p>
<p>केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह कहा था कि उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौते’ पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ एक दूरदर्शी चर्चा की।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री गोयल ने ग्रीर के साथ इस बैठक की एक तस्वीर भी अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से शेयर की और पोस्ट में लिखा, “हमारा दृष्टिकोण ‘इंडिया फर्स्ट’, ‘विकसित भारत’ और हमारी रणनीतिक साझेदारी द्वारा निर्देशित होगा।”</p>
<p>केंद्रीय मंत्री गोयल ने इससे पहले अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात की थी।</p>
<p>इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत की।</p>
<p>एसबीआई रिसर्च के अनुसार, भारत निर्यात को लेकर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई साझेदारों – द्विपक्षीय और क्षेत्रीय दोनों – के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को लेकर बात कर रहा है।</p>
<p>भारत ने पिछले पांच वर्षों में मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया आदि जैसे अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ 13 एफटीए पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>देश यूके, कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ भी एफटीए पर बातचीत कर रहा है, जिसमें सेवाओं, डिजिटल व्यापार और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों को टारगेट किया गया है।</p>
<p>भारत और न्यूजीलैंड ने भी एक व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए के लिए बातचीत शुरू करने की घोषणा की है।</p>
<p>अकेले ब्रिटेन के साथ एफटीए से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 15 बिलियन डॉलर की वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य के एफटीए संभवतः डिजिटल व्यापार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।</p>
<p>अनुमानों से संकेत मिलता है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था 2025 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139333/sbi-report-revealed-the-impact-of-us-tariff-on-india</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 14:50:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रमुख ई-कॉमर्स मंच उपभोक्ताओं के लिए 24 दिसंबर को लेंगे सुरक्षा प्रतिज्ञा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) ऑनलाइन खरीदारों के लिए उत्पाद सुरक्षा बढ़ाने के कदमों के तहत जोमैटो, एजियो और ओला जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स मंच 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर सुरक्षा प्रतिज्ञा लेंगे।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा घोषित स्वैच्छिक प्रतिबद्धता का उद्देश्य डिजिटल मार्केटप्लेस (बाजार) पर असुरक्षित और नकली उत्पादों की बिक्री का पता लगाना और रोकना है।</p>
<p>उपभोक्ता कार्यकर्ता पुष्पा गिरिमाजी की अध्यक्षता वाली एक समिति ने नवंबर, 2023 में व्यापक हितधारक परामर्श के बाद प्रतिज्ञा विकसित की।</p>
<p>भारत में 2030 तक 50 करोड़ ऑनलाइन खरीदार होने का अनुमान है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110209/major-e-commerce-platforms-will-take-security-pledge-for-consumers-on-december-24"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/7672_ecommerce-online-payment-credit-debit-card-shopping.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) ऑनलाइन खरीदारों के लिए उत्पाद सुरक्षा बढ़ाने के कदमों के तहत जोमैटो, एजियो और ओला जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स मंच 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर सुरक्षा प्रतिज्ञा लेंगे।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा घोषित स्वैच्छिक प्रतिबद्धता का उद्देश्य डिजिटल मार्केटप्लेस (बाजार) पर असुरक्षित और नकली उत्पादों की बिक्री का पता लगाना और रोकना है।</p>
<p>उपभोक्ता कार्यकर्ता पुष्पा गिरिमाजी की अध्यक्षता वाली एक समिति ने नवंबर, 2023 में व्यापक हितधारक परामर्श के बाद प्रतिज्ञा विकसित की।</p>
<p>भारत में 2030 तक 50 करोड़ ऑनलाइन खरीदार होने का अनुमान है और वर्तमान में 88 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। यह पहल तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स परिदृश्य में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए है। प्रतिज्ञा के लिए मंच को वैधानिक अधिकारियों के साथ सहयोग करने और विक्रेताओं के बीच उत्पाद सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता होती है।</p>
<p>विभाग ने कहा, “ई-कॉमर्स की अनूठी प्रकृति, जहां भौतिक उत्पाद की जांच असंभव है, इस सुरक्षा पहल को महत्वपूर्ण बनाती है।”</p>
<p>यह कदम उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अनुरूप है, जो खतरनाक उत्पादों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ सुरक्षा को अनिवार्य बनाता है।</p>
<p>एजियो, जियोमार्ट, नेटमेड, बिगबास्केट, टाटा क्लिक, टाटा 1एमजी, जोमैटो और ओला जैसे ऑनलाइन मंचों ने प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110209/major-e-commerce-platforms-will-take-security-pledge-for-consumers-on-december-24</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 13:37:14 +0530</pubDate>
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                <title>खरीदारी का सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने में ई-कॉमर्स कंपनियों की अहम भूमिका:प्रल्हाद जोशी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि सभी उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का पारदर्शी, भरोसेमंद तथा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने में ई-कॉमर्स कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>जोशी ने ‘अमेजन संभव शिखर सम्मेलन’ में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना, उपभोक्ता हेल्पलाइन तथा ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार प्रथाओं से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए विशिष्ट नियमों जैसे उपायों के जरिये उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सभी प्रयासों को रेखांकित किया।</p>
<p>मंत्री ने भारतीय बाजार के विशाल आकार और क्षमता पर जोर देते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108451/important-role-of-e-commerce-companies-in-ensuring-safe-shopping-environment--pralhad-joshi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/1366_e-commerce-online-shopping-business-credit-card.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि सभी उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का पारदर्शी, भरोसेमंद तथा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने में ई-कॉमर्स कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>जोशी ने ‘अमेजन संभव शिखर सम्मेलन’ में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना, उपभोक्ता हेल्पलाइन तथा ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार प्रथाओं से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए विशिष्ट नियमों जैसे उपायों के जरिये उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सभी प्रयासों को रेखांकित किया।</p>
<p>मंत्री ने भारतीय बाजार के विशाल आकार और क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि भारत में ई-कॉमर्स का भविष्य उज्ज्वल, समावेशी तथा परिवर्तनकारी है।</p>
<p>जोशी ने कहा, ‘‘ यह डिजिटल क्रांति अविश्वसनीय अवसर प्रदान करती है। हालांकि हमारी सरकार का मानना ​​है कि हमारे उपभोक्ताओं को आश्वस्त महसूस कराना और सूचित विकल्प का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ई-कॉमर्स मंचों के लिए उपभोक्ता का विश्वास तथा भरोसा हासिल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।’’</p>
<p>उन्होंने आगाह किया कि ई-कॉमर्स का तेजी से विकास अपने साथ कई जोखिम भी लेकर आता है, खासकर उपभोक्ता संरक्षण तथा उपयोगकर्ताओं के अधिकारों के संबंध में..।</p>
<p>मंत्री ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने विश्वसनीय तथा सुरक्षित ई-कॉमर्स महौल बनाने के लिए कई पहल की हैं।’’</p>
<p>ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार प्रथाओं से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए नियम बनाए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ ऑनलाइन मंच को अब सटीक उत्पाद विवरण, स्पष्ट मूल्य निर्धारण और मूल देश का खुलासा करना आवश्यक है। साथ ही उत्पाद वापसी और पैसे वापस होने संबंधी नीति के साथ उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है।’’</p>
<p>मंत्री ने साथ ही कहा कि कई बार मंच एक विशेष ब्रांड को बढ़ावा देने की कोशिश करते हैं और जब उपभोक्ता शिकायत करते हैं तो वे दावा करते हैं कि वे केवल एक मंच के रूप में काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 14:25:05 +0530</pubDate>
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                <title>मोग्लिक्स ने डीपीआईआईटी के साथ साझेदारी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) ई-कॉमर्स मंच मोग्लिक्स ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की बुधवार को घोषणा की।</p>
<p>मोग्लिक्स ने कहा, इस पहल का मकसद उन स्टार्टअप को उपकरण, संसाधन तथा अवसर प्रदान करना है, जो अभी वृद्धि के शुरुआती चरण में हैं। इससे उनकी प्रगति में तेजी आएगी और विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राहुल गर्ग ने कहा, ‘‘ यह सहयोग भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। मोग्लिक्स की प्रौद्योगिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/106274/moglix-partners-with-dpiit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) ई-कॉमर्स मंच मोग्लिक्स ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की बुधवार को घोषणा की।</p>
<p>मोग्लिक्स ने कहा, इस पहल का मकसद उन स्टार्टअप को उपकरण, संसाधन तथा अवसर प्रदान करना है, जो अभी वृद्धि के शुरुआती चरण में हैं। इससे उनकी प्रगति में तेजी आएगी और विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राहुल गर्ग ने कहा, ‘‘ यह सहयोग भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। मोग्लिक्स की प्रौद्योगिकी संबंधी विशेषज्ञता को डीपीआईआईटी के रणनीतिक मार्गदर्शन के साथ जोड़कर हमारा लक्ष्य टिकाऊ, नवाचार-संचालित विनिर्माण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है जो उद्यमियों को सशक्त बनाता है। साथ ही भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है।’’</p>
<p>डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने कहा, ‘‘ स्टार्टअप भारत की आर्थिक तथा प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए उत्प्रेरक हैं। मोग्लिक्स के साथ यह समझौता ज्ञापन नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और भारत के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप एक मजबूत विनिर्माण परिवेश बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/106274/moglix-partners-with-dpiit</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:17:40 +0530</pubDate>
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