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                <title>Renewable Energy - Loktej</title>
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                <description>Renewable Energy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>देश की नवीकरणीय ऊर्जा में 16.50 प्रतिशत योगदान के साथ गुजरात देश में अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गांधीनगर, 31 जनवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है और परंपरागत ईंधन पर निर्भरता में कमी लाने के लिए महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इस व्यापक आयोजन का उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत की 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा में नए मानदंड स्थापित किए हैं, जो इस राष्ट्रीय लक्ष्य में उल्लेखनीय योगदान देते हैं। दिसंबर 2025 तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में गुजरात का योगदान सर्वाधिक है। राज्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145331/gujarat-leads-the-country-with-1650-percent-contribution-in-renewable"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर, 31 जनवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है और परंपरागत ईंधन पर निर्भरता में कमी लाने के लिए महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इस व्यापक आयोजन का उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत की 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा में नए मानदंड स्थापित किए हैं, जो इस राष्ट्रीय लक्ष्य में उल्लेखनीय योगदान देते हैं। दिसंबर 2025 तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में गुजरात का योगदान सर्वाधिक है। राज्य की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 42.583 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो भारत की कुल क्षमता में 16.50 प्रतिशत का योगदान दर्शाती है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, गुजरात कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (42.583 गीगावाट) में प्रथम स्थान पर है तथा स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता (14,820.94 मेगावाट) में भी प्रथम स्थान पर है और सौर ऊर्जा क्षमता (25,529.40 मेगावाट) में दूसरे स्थान पर है। सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में गुजरात देश में प्रथम स्थान पर है, जिसमें 11 लाख सोलर रूफटॉप सिस्टम्स के माध्यम से 6,412.80 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन हो रहा है।</p>
<p>दिसंबर 2025 तक 25,529.40 मेगावाट स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात अग्रसर रहा है। इसमें ग्राउंड माउंटेड प्रोजेक्ट्स से 17,771.21 मेगावाट, सोलर रूफटॉप सिस्टम्स से 6,412.80 मेगावाट (जिसमें सूर्य गुजरात द्वारा 2,073.65 मेगावाट, पीएम सूर्य घर योजना द्वारा 1,913 मेगावाट तथा अन्य 2,267.04 मेगावाट), हाइब्रिड परियोजनाओं से 1,172.38 मेगावाट तथा ऑफ-ग्रिड सिस्टम्स (पीएम कुसुम सहित) से 173.01 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।</p>
<p>गुजरात में सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए चारणका (749 मेगावाट), राधानेसडा (700 मेगावाट) और धोलेरा (300 मेगावाट) में सोलर पार्क कार्यरत हैं। 37.35 गीगावाट की उत्पादन क्षमता के साथ कच्छ के खावडा में विश्व का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित हो रहा है, जिसमें हाल में 11.33 गीगावाट उत्पादन प्राप्त करने में सफलता मिली है।</p>
<p>गुजरात ने 11 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम्स स्थापित करने की उपलब्धि भी हासिल की है, जो आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 6,412.80 मेगावाट बिजली का उत्पादन करते हैं।</p>
<p>गुजरात ने वर्ष 2016 से घरों में छत पर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया है और पीएम सूर्य घर योजना के लॉन्च होने तक उसे समर्थन मिला है। इसके कारण भारत के कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में राज्य का योगदान 25 प्रतिशत से अधिक हुआ है।</p>
<p>कृषि क्षेत्र में पीएम कुसुम के घटक बी के अंतर्गत 12,700 स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर वॉटर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनके द्वारा 89.54 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन हो रहा है।</p>
<p>भारत में पवन ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात ने प्रथम पवन ऊर्जा नीति लागू करके महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दिसंबर-2025 तक पवन ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की स्थापित क्षमता 14,820.64 मेगावाट है, जिसमें कच्छ का योगदान सर्वाधिक 7,476.73 मेगावाट है।</p>
<p>जामनगर (1,867.65 मेगावाट), देवभूमि द्वारका (1,281.26 मेगावाट), अमरेली (973.85 मेगावाट), राजकोट (874.90 मेगावाट), भावनगर (618.80 मेगावाट), मोरबी (568.6 मेगावाट), सुरेन्द्रनगर (456.6 मेगावाट) तथा पाटण (208.2 मेगावाट) जिलों में भी पवन ऊर्जा की उल्लेखनीय स्थापित क्षमता है।</p>
<p>राज्य ने 2018 में हाइब्रिड पॉलिसी तथा रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) पॉलिसी 2023 अंतर्गत पवन-सौर हाइब्रिड परियोजनाओं द्वारा 2,398.77 मेगावाट उत्पादन क्षमता जोड़ी है।</p>
<p>80 प्रतिशत से अधिक टर्बाइन सरकार द्वारा आवंटित भूमि पर कार्यरत हैं, जहाँ सुदृढ़ ढांचागत सुविधाएं तथा अनुकूल प्रणालियां विकसित की गई हैं। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के कारण अनुमानित 2.37 लाख प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रोजगार का सृजन हुआ है।</p>
<p>परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन एवं ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार ने अक्षय ऊर्जा सेतु ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुव्यवस्थित तथा पारदर्शी प्रणाली विकसित की है। नेट मीटरिंग नियमों के तहत राज्य ने 6.40 जीडब्लूपी से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की है, जो इसे इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाती है।</p>
<p>1993 में प्रथम पवन ऊर्जा नीति लागू करने के बाद गुजरात सरकार ने समय-समय पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं; जिनमें सौर ऊर्जा नीतियाँ (2009, 2015, 2021), वेस्ट टू एनर्जी एंड स्मॉल हाइडल पॉलिसी (2016) और विंड-सोलर हाइब्रिड पॉलिसी (2018) शामिल हैं।</p>
<p>2022 में अपडेटेड वेस्ट टू एनर्जी नीति तथा गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2023 द्वारा सोलर, विंड, हाइब्रिड तथा वितरण आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए एकीकृत ढाँचा मुहैया कराया गया है। इस नीति के अंतर्गत क्षमता सीमा समाप्त की गई है तथा टैरिफ, ग्रिड चार्ज, ऊर्जा लेखा, क्रॉस सब्सिडी एवं बैंकिंग चार्ज के बारे में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।</p>
<p>इसके अतिरिक्त; गुजरात डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी बाइलेटरल प्रोक्योरमेंट (डीआरईबीपी) योजना क्लीन एनर्जी में अग्रणी राज्य के रूप में गुजरात की स्थिति को मजबूत बनाती है।</p>
<p>तो 2025 की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी विशाल क्षमता तथा वितरित नवीकरणीय ऊर्जा को तेज गति देने पर केन्द्रित है। इसमें ऑन-डिमांड कनेक्टिविटी, फ्लेक्सिबल कमीशनिंग समयसीमा, पुराने विंड प्रोजेक्ट्स की रीपावरिंग तथा सोलर, पवन एवं हाइब्रिड सिस्टम्स के साथ बैटरी स्टोरेज का आसान समन्वय सुनिश्चित किया गया है।</p>
<p>यह नीति उभरती नवीकरणीय ऊर्जा टेक्नोलॉजीस, निजी क्षेत्र की भागीदारी, आरई मैन्युफैक्चरिंग व रिसाइक्लिंग तथा अक्षय-ऊर्जा-सेतु पोर्टल द्वारा डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से नवीनता को प्रोत्साहन देती है।</p>
<p>गुजरात अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है और हाल में 5,203 परियोजनाएँ चल रही हैं। इन परियोजनाओं में 4,992 सौर ऊर्जा परियोजना (32.22 गीगावाट), 72 पवन ऊर्जा परियोजना (15 गीगावाट), और 139 हाइब्रिड एनर्जी परियोजनाएँ (21.15 गीगावाट) शामिल हैं।</p>
<p>इनसे 68.37 गीगावाट ऊर्जा प्राप्त होगी। गांधीनगर में आयोजित आरई इन्वेस्ट 2024 कार्यक्रम में राज्य ने वर्ष 2030 तक 105 गीगावाट उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो भारत के 500 गीगावाट अजीवाश्म ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य में 20 प्रतिशत योगदान देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:14:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन पर नीतियां जारी कीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 25 दिसंबर (भाषा) गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन पर नीतियां जारी कीं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाना है।</p>
<p>इन नीतियों के माध्यम से राज्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी ऊर्जा श्रृंखला को विविधतापूर्ण और सतत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।</p>
<p>‘एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025’ और ‘गुजरात हरित हाइड्रोजन नीति 2025’ नामक ये दोनों नीतियां स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा प्रणालियों की ओर तेजी से बदलाव सुनिश्चित करने के लिए लाई गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144837/gujarat-government-releases-policies-on-renewable-energy-green-hydrogen"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/renewable-solar---energy-wind.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 25 दिसंबर (भाषा) गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन पर नीतियां जारी कीं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाना है।</p>
<p>इन नीतियों के माध्यम से राज्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी ऊर्जा श्रृंखला को विविधतापूर्ण और सतत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।</p>
<p>‘एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025’ और ‘गुजरात हरित हाइड्रोजन नीति 2025’ नामक ये दोनों नीतियां स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा प्रणालियों की ओर तेजी से बदलाव सुनिश्चित करने के लिए लाई गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले सुशासन दिवस पर राज्य की राजधानी गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में नीतियां जारी कीं।</p>
<p>एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) और 'विकसित गुजरात 2047' की दृष्टि के अनुरूप, नवीकरणीय ऊर्जा नीति गुजरात को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्वच्छ ऊर्जा केंद्र बनाने की दिशा में एक कदम है। यह नीति निवेश, नवाचार और ग्रिड स्थिरता को बढ़ावा देकर नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त करेगी।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया कि गुजरात की नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी स्थिति को आगे बढ़ाते हुए, 2030 तक 100 गीगावाट से अधिक क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ यह नीति भारत के 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य में बड़ा योगदान देगी।</p>
<p>इस नीति का एक प्रमुख आधार बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) का प्रोत्साहन और एकीकरण है, ताकि बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ा जा सके और बिजली ग्रिड की स्थिरता बनी रहे।</p>
<p>नवीकरणीय ऊर्जा नीति में खासकर स्वयं उपयोग और तृतीय-पक्ष बिक्री वाली परियोजनाओं के के चालू होने की समय-सीमा में छूट दी गई है,</p>
<p>पारेषण अवसंरचना (बिजली निकासी की व्यवस्था) की समय-सीमा को अब परियोजना की क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि वोल्टेज स्तर के आधार पर युक्तिसंगत बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 15:11:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्मे सोलर ने गुजरात में पवन ऊर्जा परियोजना में 52 मेगावाट क्षमता को चालू किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) एक्मे सोलर ने गुजरात के सुरेंद्रनगर में स्थित 100 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना में 52 मेगावाट क्षमता को चालू कर दिया है।</p>
<p>यह परियोजना उसकी सहायक कंपनी एक्मे इको क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से चालू की जा रही है। बयान के अनुसार ताजा चरण में आठ मेगावाट क्षमता को चालू किया गया है।</p>
<p>इस परियोजना से पैदा हुई बिजली की बिक्री एक्मे इको क्लीन और गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत की जाएगी।</p>
<p>इस पवन ऊर्जा परियोजना का वित्तपोषण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144652/acme-solar-commissions-52-mw-capacity-wind-power-project-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/d03102023-11-wind-power.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) एक्मे सोलर ने गुजरात के सुरेंद्रनगर में स्थित 100 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना में 52 मेगावाट क्षमता को चालू कर दिया है।</p>
<p>यह परियोजना उसकी सहायक कंपनी एक्मे इको क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से चालू की जा रही है। बयान के अनुसार ताजा चरण में आठ मेगावाट क्षमता को चालू किया गया है।</p>
<p>इस परियोजना से पैदा हुई बिजली की बिक्री एक्मे इको क्लीन और गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत की जाएगी।</p>
<p>इस पवन ऊर्जा परियोजना का वित्तपोषण पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के माध्यम से किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 15:40:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेनसोल मामला: हरित ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से उभरे जग्गी बंधु अब सेबी की जांच के घेरे में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) कभी देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज माने जाने वाले अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी भाइयों पर अब वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।</p>
<p>दोनों ने दो प्रमुख उद्यमों - जेनसोल इंजीनियरिंग और ब्लूस्मार्ट मोबिलिटी के जरिए स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।</p>
<p>हालांकि, सेबी की जांच के बाद उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा। बाजार नियामक ने मंगलवार को अपने अंतरिम आदेश में जग्गी बंधुओं को अगली सूचना तक प्रतिभूति बाजारों में लेन-देन से रोक दिया।</p>
<p>दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140213/the-jansol-case-the-jaggi-brothers-who-emerged-rapidly-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/investigation-probe-enquiry.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) कभी देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज माने जाने वाले अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी भाइयों पर अब वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।</p>
<p>दोनों ने दो प्रमुख उद्यमों - जेनसोल इंजीनियरिंग और ब्लूस्मार्ट मोबिलिटी के जरिए स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।</p>
<p>हालांकि, सेबी की जांच के बाद उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा। बाजार नियामक ने मंगलवार को अपने अंतरिम आदेश में जग्गी बंधुओं को अगली सूचना तक प्रतिभूति बाजारों में लेन-देन से रोक दिया।</p>
<p>दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग द्वारा लिए गए कर्ज के कुछ हिस्से का इस्तेमाल निजी उपयोग के लिए किया। इससे कंपनी में कॉरपोरेट प्रशासन और वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं।</p>
<p>जेनसोल इंजीनियरिंग सौर परामर्श सेवाएं, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) सेवाओं, तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को पट्टे पर देने के व्यवसाय में शामिल है। इसे 15 अक्टूबर, 2019 को बीएसई एसएमई मंच पर सूचीबद्ध किया गया था और बाद में इसे तीन जुलाई, 2023 को बीएसई और एनएसई के मुख्य बोर्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।</p>
<p>कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच कंपनी का परिचालन लाभ दो करोड़ रुपये से बढ़कर 209 करोड़ रुपये हो गया, जबकि शुद्ध लाभ दो करोड़ रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>कंपनी के शेयर की कीमत एक साल पहले 1,126 के उच्च स्तर से घटकर 116 रुपये प्रति शेयर पर आ गई। इस बीच क्रेडिट रेटिंग एजेसिंयों ने इसकी साख को घटा दिया और कॉरपोरेट प्रशासन प्रथाओं पर चिंता जताई।</p>
<p>इसके बाद मिली शिकायतों के आधार पर सेबी ने अपनी जांच शुरू की। सेबी ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (सीआरए) से ऋण दायित्वों के बारे में पता लगाने के लिए कहा।</p>
<p>सीआरए ने कहा कि जेनसोल ने भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) को छोड़कर सभी ऋणदाताओं के स्टेटमेंट दिए। इन दो ऋणदाताओं के संबंध में जेनसोल ने इरेडा और पीएफसी द्वारा कथित रूप से जारी किए गए आचरण पत्र साझा किए, जिसमें कहा गया था कि जेनसोल नियमित रूप से अपना कर्ज चुका रही है। हालांकि, जब इरेडा और पीएफसी से इस संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने ऐसा कोई प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया।</p>
<p>इसके बाद सेबी ने इरेडा और पीएफसी से जेनसोल को दिए गए कर्ज को चुकाने के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी, जिसके कई चूक के बारे में पता चला।</p>
<p>सेबी की जांच में पाया गया कि ईवी खरीद के लिए निर्धारित धन अक्सर जेनसोल या जग्गी बंधुओं से जुड़ी दूसरी कंपनियों को भेज दिया जाता था। कुछ धनराशि का इस्तेमाल प्रवर्तकों के निजी खर्चों के लिए किया गया था। इसके तहत लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा गया, रिश्तेदारों को पैसा दिया गया और प्रवर्तकों के स्वामित्व वाली निजी संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए निवेश किया गया।</p>
<p>सबसे चौंकाने वाली बात यह पता चली कि 42.94 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अनमोल सिंह जग्गी के कैपब्रिज वेंचर्स के जरिए डीएलएफ कैमेलियास में एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदने के लिए किया गया।</p>
<p>सेबी ने पाया कि प्रवर्तक कंपनी को निजी गुल्लक की तरह चला रहे थे और शेयरधारकों के हितों की परवाह किए बिना खर्च कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 19:46:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इरेडा ने एसबीआई की तोक्यो शाखा से 26 अरब जापानी येन की ऋण सुविधा हासिल की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इरेडा ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की तोक्यो शाखा से 26 अरब जापानी येन की बाह्य वाणिज्यिक ऋण सुविधा हासिल करने की शुक्रवार को जानकारी दी। इसमें 10 अरब जापानी येन का ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है।</p>
<p>कंपनी ने बयान में कहा कि यह पांच वर्षीय असुरक्षित सुविधा इरेडा की वैश्विक बाजार उपस्थिति को मजबूत करेगी।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘ इरेडा ने आज एसबीआई की तोक्यो शाखा से 26 अरब जापानी येन के लिए बाह्य वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) जुटाने के लिए एक सुविधा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 10 अरब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139648/ireda-secured-26-billion-japanese-yen-loan-facility-from-sbis"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/d02042024-13-ireda.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इरेडा ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की तोक्यो शाखा से 26 अरब जापानी येन की बाह्य वाणिज्यिक ऋण सुविधा हासिल करने की शुक्रवार को जानकारी दी। इसमें 10 अरब जापानी येन का ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है।</p>
<p>कंपनी ने बयान में कहा कि यह पांच वर्षीय असुरक्षित सुविधा इरेडा की वैश्विक बाजार उपस्थिति को मजबूत करेगी।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘ इरेडा ने आज एसबीआई की तोक्यो शाखा से 26 अरब जापानी येन के लिए बाह्य वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) जुटाने के लिए एक सुविधा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 10 अरब जापानी येन का ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है। ’’</p>
<p>कंपनी ने कहा, ‘‘ ‘लैंडेड कॉस्ट’ (हेजिंग के बाद) सात प्रतिशत से कम रहने की उम्मीद है, जिससे यह घरेलू बाजार में समान अवधि के ऋणों की तुलना में अधिक लागत प्रभावी होगा।’’</p>
<p>इरेडा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने कहा कि यह सुविधा कंपनी को अपने संसाधन आधार में विविधता लाने, लागत को अनुकूलित करने और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को समर्थन देने के लिए हमारे ऋण परिचालन को बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।</p>
<p>भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इेरेडा) नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 12:48:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाइड्रोजन ईंधन वाले वाहनों के लिए पांच पायलट परियोजनाएं शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 03 मार्च (वेब वार्ता)। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत परीक्षण के लिए हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों का उपयोग करने को लेकर पांच पायलट परियोजनाएं शुरू की हैं।</p>
<p>देशभर में पायलट परियोजनाओं के तहत परीक्षण के लिए बसों और ट्रकों सहित 37 हाइड्रोजन-ईंधन वाले वाहनों का उपयोग किया जाएगा।</p>
<p>मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये वाहन देशभर में 10 अलग-अलग मार्गों पर चलेंगे।</p>
<p>बयान के अनुसार, उपरोक्त परियोजनाएं टाटा मोटर्स लि., रिलायंस इंडस्ट्रीज लि., एनटीपीसी, एएनईआरटी, अशोक लेलैंड, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी प्रमुख कंपनियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138867/five-pilot-projects-started-for-hydrogen-fuel-vehicles"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d22062024-06-ministry-of-energy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 03 मार्च (वेब वार्ता)। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत परीक्षण के लिए हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों का उपयोग करने को लेकर पांच पायलट परियोजनाएं शुरू की हैं।</p>
<p>देशभर में पायलट परियोजनाओं के तहत परीक्षण के लिए बसों और ट्रकों सहित 37 हाइड्रोजन-ईंधन वाले वाहनों का उपयोग किया जाएगा।</p>
<p>मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये वाहन देशभर में 10 अलग-अलग मार्गों पर चलेंगे।</p>
<p>बयान के अनुसार, उपरोक्त परियोजनाएं टाटा मोटर्स लि., रिलायंस इंडस्ट्रीज लि., एनटीपीसी, एएनईआरटी, अशोक लेलैंड, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी प्रमुख कंपनियों को दी गई हैं।</p>
<p>राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के हिस्से के रूप में, सरकार ने बसों और ट्रकों में हाइड्रोजन का उपयोग करने के लिए पांच पायलट परियोजनाएं शुरू की हैं।</p>
<p>इससे पहले, मंत्रालय ने इस मिशन के तहत परिवहन क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि उसके अनुसार विभिन्न प्रकार के हाइड्रोजन-आधारित वाहनों, मार्गों और हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशनों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे।</p>
<p>विस्तृत जांच के बाद, कुल 37 वाहनों (बसों और ट्रकों) और नौ हाइड्रोजन ईंधन स्टेशन से जुड़ी पांच पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है।</p>
<p>उपलब्ध कराई गई चयनित परियोजनाओं के लिए केंद्र से कुल वित्तीय सहायता लगभग 208 करोड़ रुपये होगी।</p>
<p>इन पायलट परियोजनाओं के अगले 18 से 24 महीनों में चालू होने की संभावना है। इससे देश में ऐसी प्रौद्योगिकियों को बड़े स्तर पर पर बढ़ावा देने का रास्ता साफ होगा।</p>
<p>मिशन का एक उद्देश्य पायलट आधार पर चरणबद्ध तरीके से बसों और ट्रकों में ईंधन के रूप में हरित हाइड्रोजन उपयोग को बढ़ावा देना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 22:09:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लीनमैक्स, अमेजन ने कर्नाटक में 100 मेगावाट अक्षय ऊर्जा परियोजना के लिए पीपीए पर किए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) क्लीनमैक्स ने 100 मेगावाट अक्षय ऊर्जा समाधान के लिए अमेजन के साथ बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की।</p>
<p>क्लीनमैक्स ने बयान में कहा, अमेजन के साथ बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत वह कर्नाटक के कोप्पल में पवन ऊर्जा परियोजना का विकास और संचालन करेगा।</p>
<p>क्लीनमैक्स के प्रबंध निदेशक कुलदीप जैन ने कहा, ‘‘ एक ऐसी कंपनी के रूप में जिसने हमेशा स्थिरता को बढ़ावा दिया है, क्लीनमैक्स अपने परिचालन को कार्बन मुक्त बनाने में मदद करने के लिए अमेजन के साथ सहयोग कर खुश है। साथ ही यह भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/130273/cleanmax--amazon-signed-ppa-for-100-mw-renewable-energy-project-in-karnataka"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/renewable-solar---energy-wind.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) क्लीनमैक्स ने 100 मेगावाट अक्षय ऊर्जा समाधान के लिए अमेजन के साथ बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की।</p>
<p>क्लीनमैक्स ने बयान में कहा, अमेजन के साथ बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत वह कर्नाटक के कोप्पल में पवन ऊर्जा परियोजना का विकास और संचालन करेगा।</p>
<p>क्लीनमैक्स के प्रबंध निदेशक कुलदीप जैन ने कहा, ‘‘ एक ऐसी कंपनी के रूप में जिसने हमेशा स्थिरता को बढ़ावा दिया है, क्लीनमैक्स अपने परिचालन को कार्बन मुक्त बनाने में मदद करने के लिए अमेजन के साथ सहयोग कर खुश है। साथ ही यह भारत के हरित ऊर्जा परिदृश्य को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा।’’</p>
<p>यह परियोजना राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ी होगी और अमेजन के परिचालन द्वारा खपत की जाने वाली बिजली के बराबर बिजली उपलब्ध कराने में मदद करेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/130273/cleanmax--amazon-signed-ppa-for-100-mw-renewable-energy-project-in-karnataka</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 15:25:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इरेडा ने नेपाल में 900 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजना के लिए संयुक्त उद्यम समझौता किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लि. (इरेडा) ने नेपाल में 900 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए एसजेवीएन, जीएमआर एनर्जी और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया है।</p>
<p>इरेडा, एसजेवीएन और जीएमआर एनर्जी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को यहां 900 मेगावाट की ऊपरी करनाली जलविद्युत परियोजना के लिए समझौते को अंतिम रूप दिया गया।</p>
<p>नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली इरेडा ने बयान में कहा, ‘‘उसने नेपाल में 900 मेगावाट की ऊपरी करनाली पनबिजली परियोजना के विकास के लिए एसजेवीएन लि.,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/122355/ireda-signs-joint-venture-agreement-for-900-mw-hydropower-project-in-nepal"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लि. (इरेडा) ने नेपाल में 900 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए एसजेवीएन, जीएमआर एनर्जी और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया है।</p>
<p>इरेडा, एसजेवीएन और जीएमआर एनर्जी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को यहां 900 मेगावाट की ऊपरी करनाली जलविद्युत परियोजना के लिए समझौते को अंतिम रूप दिया गया।</p>
<p>नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली इरेडा ने बयान में कहा, ‘‘उसने नेपाल में 900 मेगावाट की ऊपरी करनाली पनबिजली परियोजना के विकास के लिए एसजेवीएन लि., जीएमआर एनर्जी लि. और नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) के साथ एक संयुक्त उद्यम समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस रणनीतिक पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और नवीकरणीय ऊर्जा विकास में तेजी लाना है।’’</p>
<p>संयुक्त उद्यम समझौता परियोजना के विकास, निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए एक व्यापक खाका तैयार करता है। परियोजना का विकास बनाओ, अपनाओ, चलाओ और सौंप दो (बीओओटी) मॉडल के तहत होगा।</p>
<p>इरेडा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने कहा, ‘‘यह समझौता क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा विकास के हमारे सामूहिक दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जलविद्युत की विशाल क्षमता का लाभ उठाकर, ऊपरी करनाली परियोजना सीमा पार सहयोग के एक मॉडल के रूप में काम करेगी। इस परियोजना से आर्थिक और पर्यावरण दोनों लाभ मिलेगा।</p>
<p>इरेडा एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है जो नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता से संबंधित परियोजनाओं के लिए कर्ज देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/122355/ireda-signs-joint-venture-agreement-for-900-mw-hydropower-project-in-nepal</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/122355/ireda-signs-joint-venture-agreement-for-900-mw-hydropower-project-in-nepal</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 14:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वारी एनर्जीज को 150 मेगावाट सोलर मॉड्यूल का ठेका मिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) वारी एनर्जीज को भारत में एक प्रमुख नवीकरणीय परियोजना के लिए 150 मेगावाट क्षमता के सौर मॉड्यूल की आपूर्ति का ठेका मिला है।</p>
<p>कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा, इस ठेके में वारी के प्रमुख उच्च दक्षता वाले ग्लास एन-टाइप टॉपकॉन बाइफेसियल मॉड्यूल की आपूर्ति शामिल है, जिसकी रेटिंग 585/590डब्ल्यूपी है। इन मॉड्यूल को उनके स्थायित्व, असाधारण ऊर्जा उत्पादन और उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है।</p>
<p>मॉड्यूल की आपूर्ति अगले वित्त वर्ष 2025-26 में की जानी है।</p>
<p>इस परियोजना के कार्यान्वयन से भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी, जिससे ‘ग्रीनहाउस गैस’ उत्सर्जन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116934/vari-energies-gets-contract-for-150-mw-solar-module"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/renewable-solar---energy-wind.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) वारी एनर्जीज को भारत में एक प्रमुख नवीकरणीय परियोजना के लिए 150 मेगावाट क्षमता के सौर मॉड्यूल की आपूर्ति का ठेका मिला है।</p>
<p>कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा, इस ठेके में वारी के प्रमुख उच्च दक्षता वाले ग्लास एन-टाइप टॉपकॉन बाइफेसियल मॉड्यूल की आपूर्ति शामिल है, जिसकी रेटिंग 585/590डब्ल्यूपी है। इन मॉड्यूल को उनके स्थायित्व, असाधारण ऊर्जा उत्पादन और उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है।</p>
<p>मॉड्यूल की आपूर्ति अगले वित्त वर्ष 2025-26 में की जानी है।</p>
<p>इस परियोजना के कार्यान्वयन से भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी, जिससे ‘ग्रीनहाउस गैस’ उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 13:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>भारत 200 गीगावाट क्षमता के साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में शीर्ष पर, 2025 में निवेश होगा दोगुना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) बंजर भूमि सौर पैनलों से ढकने और समुद्र तट पर विशाल पवन चक्कियां लगाने के साथ ही देश ने 200 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता हासिल कर ली है।</p>
<p>अगले साल 2025 में निवेश दोगुना होकर 32 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के अनुमानों के साथ भारत ने स्वच्छ ऊर्जा महाशक्तियों की सूची में अग्रणी स्थान हासिल किया है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, 2030 तक भारत की वार्षिक नवीकरणीय क्षमता वृद्धि, चीन सहित किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>इसके मुताबिक भारत की क्षमता वृद्धि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116359/india-tops-the-clean-energy-sector-with-200-gw-capacity--investment-to-double-in-2025"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/renewable-solar---energy-wind.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) बंजर भूमि सौर पैनलों से ढकने और समुद्र तट पर विशाल पवन चक्कियां लगाने के साथ ही देश ने 200 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता हासिल कर ली है।</p>
<p>अगले साल 2025 में निवेश दोगुना होकर 32 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के अनुमानों के साथ भारत ने स्वच्छ ऊर्जा महाशक्तियों की सूची में अग्रणी स्थान हासिल किया है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, 2030 तक भारत की वार्षिक नवीकरणीय क्षमता वृद्धि, चीन सहित किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>इसके मुताबिक भारत की क्षमता वृद्धि 2023 में 15 गीगावाट से 2030 में 62 गीगावाट तक चार गुना से अधिक हो सकती है। वर्ष 2024 के अंत तक, देश की स्थापित क्षमता 205 गीगावाट तक पहुंच गई।</p>
<p>कार्बन उत्सर्जन को कम करने और जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीजल) की जगह हरित ईंधन के उपयोग की प्रतिबद्धता के तहत घरेलू सौर पीवी और पवन टरबाइन विनिर्माण को बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>भारत ने 2070 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है।</p>
<p>केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''हमने 2024 के 11 महीनों (एक जनवरी 2024 से 30 नवंबर 2024 तक) के दौरान देश में कुल 24.72 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में क्षमता वृद्धि 11.83 गीगावाट थी।''</p>
<p>एक गणना के मुताबिक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि के लिए 2,75,000 करोड़ रुपये या 32.35 अरब डॉलर का निवेश करना होगा।</p>
<p>जोशी ने कहा कि 2024 नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय वर्ष रहा है और ''हम इस क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में 1.23 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई, जिसका अर्थ है कि पूरे 2023 में 13.06 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई।</p>
<p>वर्ष 2024 में 30 नवंबर तक जोड़ी गई 24.72 गीगावाट क्षमता में 20.85 गीगावाट सौर ऊर्जा, 3.22 गीगावाट पवन ऊर्जा, आधा गीगावाट यानी 500 मेगावाट जैव ऊर्जा और 90 मेगावाट लघु जल विद्युत ऊर्जा और 60 मेगावाट बड़ी जल विद्युत ऊर्जा शामिल हैं।</p>
<p>देश में इस अवधि (जनवरी से नवंबर) के दौरान जोड़ी गई कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता (28.46 गीगावाट) में इनकी हिस्सेदारी 86.86 प्रतिशत है।</p>
<p>जोशी ने बताया कि छत पर सौर ऊर्जा लगाने और एक करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए अब तक 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और अब तक 6.85 लाख से अधिक घरों में ये उपकरण लगाए जा चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने 2025 की चुनौतियों के बारे में कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन की लागत को और कम करने के लिए नई नीतियां तैयार की जाएंगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 16:32:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज को दो गीगावाट की सौर परियोजना का मिला ठेका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (डब्ल्यूआरटीएल) ने जिंदल रिन्यूएबल्स की विशेष इकाई (एसपीवी) सनब्रीज रिन्यूएबल्स नाइन प्राइवेट लिमिटेड से दो गीगावाट सौर परियोजना का अब तक का सबसे बड़ा ठेका मिलने की मंगलवार को घोषणा की।</p>
<p>कंपनी बयान के अनुसार, यह परियोजना राजस्थान के बीकानेर में क्रियान्वित की जाएगी जिसमें ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा उत्पादन को अधिकतम करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों व टिकाऊ समाधानों का इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p>बयान के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी सौर पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनी वारी एनर्जीज लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी डब्ल्यूआरटीएल ने जिंदल रिन्यूएबल्स की विशेष इकाई (एसपीवी) सनब्रीज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116287/wari-renewable-technologies-gets-contract-for-two-gigawatt-solar-project"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (डब्ल्यूआरटीएल) ने जिंदल रिन्यूएबल्स की विशेष इकाई (एसपीवी) सनब्रीज रिन्यूएबल्स नाइन प्राइवेट लिमिटेड से दो गीगावाट सौर परियोजना का अब तक का सबसे बड़ा ठेका मिलने की मंगलवार को घोषणा की।</p>
<p>कंपनी बयान के अनुसार, यह परियोजना राजस्थान के बीकानेर में क्रियान्वित की जाएगी जिसमें ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा उत्पादन को अधिकतम करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों व टिकाऊ समाधानों का इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p>बयान के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी सौर पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनी वारी एनर्जीज लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी डब्ल्यूआरटीएल ने जिंदल रिन्यूएबल्स की विशेष इकाई (एसपीवी) सनब्रीज रिन्यूएबल्स नाइन प्राइवेट लिमिटेड से दो गीगावाट सौर परियोजना के लिए अपना सबसे बड़ा इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण (ईपीसी) ठेका हासिल किया है।</p>
<p>जिंदल रिन्यूएबल्स के अध्यक्ष भारत सक्सेना ने कहा, ‘‘ कम उत्सर्जन वाले इस्पात उत्पादन के लिए वारी के साथ साझेदारी केवल शुरुआत महज है। जैसे-जैसे हम अक्षय ऊर्जा समाधानों को अपनाने में आगे बढ़ेंगे ऐसे कई और कदम उठाए जाएंगे।’’</p>
<p>डब्ल्यूआरटीएल के निदेशक वीरेन सी दोशी ने कहा, ‘‘ हम इस ऐतिहासिक दो गीगावाट सौर ईपीसी परियोजना पर जिंदल रिन्यूएबल्स के साथ सहयोग कर खुश हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 13:35:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोका बिल्डकॉन बिहार में 9,000 करोड़ रुपये के निवेश से हरित हाइड्रोजन संयंत्र लगाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना, 20 दिसंबर (भाषा) निर्माण इंजीनियरिंग कंपनी अशोका बिल्डकॉन ने बिहार में हरित हाइड्रोजन संयंत्र लगाने के लिए 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (नवीकरणीय ऊर्जा) मयंक शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट-2024’ के दौरान प्रस्तावित संयंत्र में निवेश के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p>महाराष्ट्र स्थित यह कंपनी राजमार्ग निर्माण, बिजली वितरण और सौर क्षेत्र की परियोजनाओं में काम करती है।</p>
<p>शर्मा ने कहा कि कंपनी बिहार में 1,250 मेगावाट की सौर परियोजना स्थापित करेगी और स्वच्छ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/112758/ashoka-buildcon-to-set-up-green-hydrogen-plant-in-bihar-with-an-investment-of-rs-9-000-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/renewable-solar---energy-wind.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना, 20 दिसंबर (भाषा) निर्माण इंजीनियरिंग कंपनी अशोका बिल्डकॉन ने बिहार में हरित हाइड्रोजन संयंत्र लगाने के लिए 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (नवीकरणीय ऊर्जा) मयंक शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट-2024’ के दौरान प्रस्तावित संयंत्र में निवेश के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p>महाराष्ट्र स्थित यह कंपनी राजमार्ग निर्माण, बिजली वितरण और सौर क्षेत्र की परियोजनाओं में काम करती है।</p>
<p>शर्मा ने कहा कि कंपनी बिहार में 1,250 मेगावाट की सौर परियोजना स्थापित करेगी और स्वच्छ बिजली का उपयोग हरित हाइड्रोजन बनाने के लिए करेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, “संयंत्र के पहले चरण की योजना बिहार के बेगूसराय में बनाई जा रही है।”</p>
<p>हरित हाइड्रोजन ऊर्जा का सबसे स्वच्छ ज्ञात स्रोत है, जिसे जलाने से सिर्फ पानी बनता है।</p>
<p>शर्मा ने कहा कि परियोजना के पहले चरण को सभी मंजूरी मिलने की तारीख से चालू होने में 1.5 से दो साल लगेंगे। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा।</p>
<p>कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक, अशोका बिल्डकॉन 31 मार्च, 2024 तक 11,697 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर चुकी है। इनमें से सड़क और रेलवे परियोजना 6,214 करोड़ रुपये की है, जो कुल परियोजनाओं का 53 प्रतिशत है। बिजली पारेषण एवं वितरण परियोजनाएं 4,796 करोड़ रुपये की हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 20:57:57 +0530</pubDate>
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