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                <title>Cyber Crime - Loktej</title>
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                <description>Cyber Crime RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के जरिए गुजरात पुलिस ने की साइबर क्राइम के खिलाफ की सर्जिकल स्ट्राइक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गांधीनगर, 24 जून (वेब वार्ता)। साइबर क्राइम, यानी एक ऐसा अपराध जिसमें अपराधी डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनकी गाढ़ी कमाई हड़प लेते हैं। हालांकि, गुजरात में अब इस तरह की घटनाओं में काफी कमी आई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में गुजरात पुलिस और साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ अभियान की वजह से यह संभव हुआ।</p>
<p>पीड़ितों के मुताबिक, साइबर ठगी के खिलाफ शिकायत करने पर राज्य पुलिस अब न केवल त्वरित कार्रवाई करती है, बल्कि ठगी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147835/gujarat-police-conducts-surgical-strike-against-cyber-crime-through--operation-mule-hunt-1-0"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/4939_computer-hacker-and-cyber-crime.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर, 24 जून (वेब वार्ता)। साइबर क्राइम, यानी एक ऐसा अपराध जिसमें अपराधी डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनकी गाढ़ी कमाई हड़प लेते हैं। हालांकि, गुजरात में अब इस तरह की घटनाओं में काफी कमी आई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में गुजरात पुलिस और साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ अभियान की वजह से यह संभव हुआ।</p>
<p>पीड़ितों के मुताबिक, साइबर ठगी के खिलाफ शिकायत करने पर राज्य पुलिस अब न केवल त्वरित कार्रवाई करती है, बल्कि ठगी गई रकम भी वापस दिलाती है।</p>
<p>ऑनलाइन साइबर क्राइम की जड़ पर वार करने और साइबर क्रिमिनल्स पर शिकंजा कसने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के तहत गुजरात पुलिस ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, समन्वय पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से मिले आंकड़ों की सघन निगरानी की। इस डेटा इंटेलिजेंस के आधार पर सभी जिलों में साइबर अपराधियों और म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।</p>
<p>इस अभियान के अंतर्गत राज्य में कुल 565 एफआईआर दर्ज की गईं और कुल 638 साइबर अपराधियों को अरेस्ट किया गया। इसके अलावा, 913 म्यूल अकाउंट पर कार्रवाई के साथ ही कुल 4,052 अपराधों की पहचान की गई, जिनमें 491 अपराध गुजरात के थे। इस सफल ऑपरेशन के दौरान 2,289 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया गया।</p>
<p>गुजरात पुलिस आरबीआई और इंडियन डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के उपयोग से रिस्क स्कोरिंग प्रणाली की भी मदद ले रही है, ताकि म्यूल अकाउंट्स की सटीक पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके।</p>
<p>साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी कोई फोन कॉल आए या मैसेज आए तो काफी सजगता के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए और शक होने पर तुरंत इसकी शिकायत करनी चाहिए। ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ की वजह से राज्य में एटीएम और चेक द्वारा विड्रॉल में काफी कमी आई है। सीएम भूपेंद्र पटेल की सरकार राज्य में साइबर क्राइम को जड़ से उखाड़ने में जुटी है। साइबर ठगों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए 2 जून 2026 से गुजरात में ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ शुरू कर दिया गया है।</p>
<p>साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गांधीनगर के एसपी राजदीप सिंह झाला ने बताया कि समग्र गुजरात पुलिस की तमाम यूनिट्स द्वारा एक साथ म्यूल अकाउंट हैंडल करने वालों और उसकी आगे की लाइन समेत तमाम लोगों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें इतनी रकम के साइबर क्राइम अपराध के डिटेक्ट हुए।</p>
<p>डेटाबेस पर काम करने के बाद उसमें से ऐसे टारगेट चिह्नित किए गए थे, जो म्यूल अकाउंट्स से सीधे साइबर क्राइम के पैसे प्राप्त करते हैं और उसे चेक अथवा एटीएम से निकाल लेते हैं और यह अकाउंट गुजरात में सक्रिय हैं। इस प्रकार के डेटाबेस तैयार करके गुजरात पुलिस ने उसमें कार्रवाई की थी।</p>
<p>साइबर एक्सपर्ट छात्रपाल सिंह ने कहा, “कोई संदिग्ध कॉल आए तो ध्यान रखें और ऐसे कॉल्स को ब्लॉक करके उस नंबर को तत्काल 1930 पर रिपोर्ट करें। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 21:28:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत पुलिस का ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ सफल: 58 साइबर अपराध दर्ज, 77 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सूरत पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत बड़ी सफलता हासिल हुई है।</p>
<p>पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के मार्गदर्शन में 31 मई से 2 जून 2026 तक चलाए गए तीन दिवसीय अभियान में कुल 58 साइबर अपराध दर्ज किए गए तथा 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>प्राथमिक जांच में लगभग 23 करोड़ 85 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में करीब 80 प्रतिशत धोखाधड़ी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और एक्सटॉर्शन स्कैम से संबंधित है, जिनमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147446/surat-polices-operation-mule-hunt-20-successful-58-cyber-crimes"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b03062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सूरत पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत बड़ी सफलता हासिल हुई है।</p>
<p>पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के मार्गदर्शन में 31 मई से 2 जून 2026 तक चलाए गए तीन दिवसीय अभियान में कुल 58 साइबर अपराध दर्ज किए गए तथा 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>प्राथमिक जांच में लगभग 23 करोड़ 85 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में करीब 80 प्रतिशत धोखाधड़ी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और एक्सटॉर्शन स्कैम से संबंधित है, जिनमें लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी ‘म्यूल अकाउंट’ यानी किराए पर लिए गए बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कमीशन या धनराशि का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल किए जाते हैं।</p>
<p>ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा कराई जाती है और फिर कुछ ही मिनटों में कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे धन के वास्तविक स्रोत और गंतव्य का पता लगाना कठिन हो जाता है।</p>
<p>सूरत पुलिस ने अभियान शुरू करने से पहले लगभग एक माह तक गुप्त तैयारी की। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर दर्ज शिकायतों, संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन के पैटर्न का विस्तृत विश्लेषण किया गया। शहर के सभी पुलिस थानों की साइबर टीमों को संदिग्ध खातों और उन्हें संचालित करने वाले एजेंटों की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 15 मई को बैंक अधिकारियों, फिनटेक कंपनियों, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार विभाग के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसके बाद 16 मई को शहर के 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को साइबर विशेषज्ञों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p>तीन दिवसीय अभियान के दौरान सूरत साइबर क्राइम सेल और विभिन्न पुलिस थानों की 50 से अधिक टीमों ने गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। NCCRP, SAMANVAYA और SAHYOG जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म की सहायता से कुल 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे थे।</p>
<p>इनमें होटल बुकिंग, बीमा पॉलिसी, नकली ऑनलाइन शॉपिंग विज्ञापन, वर्क वीजा, डायमंड ट्रेनिंग, ड्राइविंग लाइसेंस, लोन, पार्सल डिलीवरी और फर्जी नौकरी के ऑफर शामिल हैं। इसके अलावा संदिग्ध APK फाइलें भेजकर मोबाइल फोन हैक करने के मामले भी सामने आए हैं।</p>
<p>सबसे अधिक मामले निवेश धोखाधड़ी से जुड़े पाए गए, जिनमें लोगों को क्रिप्टोकरेंसी, शेयर बाजार या ऑनलाइन टास्क के जरिए भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगा गया।</p>
<p>पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि भारत सरकार की संस्था इडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेन्टर (I4C) द्वारा ‘मनी रिफंड मॉड्यूल (MRM)’ शुरू किया गया है। इसके तहत 50 हजार रुपये तक की फ्रीज राशि को उचित दस्तावेज प्रस्तुत कर पुलिस की प्रक्रिया के माध्यम से वापस प्राप्त किया जा सकेगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति का बैंक खाता संदिग्ध लेन-देन के कारण फ्रीज हो जाता है, तो वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे बैंक से संपर्क कर सकता है। सत्यापन के बाद बैंक को 50 हजार रुपये तक की राशि वाले खातों को अनफ्रीज करने की अनुमति दी गई है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार गिरफ्तार कई आरोपी आदतन अपराधी हैं और अनेक मामलों में उनकी संलिप्तता सामने आई है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध संबंधी धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>सूरत पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आकर्षक निवेश योजना, फर्जी नौकरी, डिजिटल गिरफ्तारी, ऑनलाइन ट्रेडिंग या अधिक मुनाफे के झांसे में न आएं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से धनराशि जमा कराने अथवा गिरफ्तारी से बचाने का दावा नहीं करती।</p>
<p>किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में नागरिकों से तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने तथा आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147446/surat-polices-operation-mule-hunt-20-successful-58-cyber-crimes</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 20:26:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध में शामिल और चीन से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़,दिल्ली में मुख्य आरोपी गिरफ्तार:पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसका कथित तौर पर चीन से संदिग्ध संबंध है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस गिरोह ने ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर 33 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि 61 वर्षीय एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है कि ऑनलाइन निवेश की आड़ में उनके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई।</p>
<p>पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘तकनीकी विश्लेषण से पता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144463/gang-involved-in-cyber-crime-and-linked-to-china-busted"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/cyberattack-cyber-crime-hacking4.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसका कथित तौर पर चीन से संदिग्ध संबंध है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस गिरोह ने ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर 33 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि 61 वर्षीय एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है कि ऑनलाइन निवेश की आड़ में उनके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई।</p>
<p>पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि पैसा कई खातों के माध्यम से अंततः एक फर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खातों में पहुंचा।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि फर्जी कंपनी से जुड़े दो लोगों की पहचान उत्तर प्रदेश के फैजाबाद निवासी शिवम सिंह और दिल्ली निवासी लक्ष्य के रूप में हुई है।</p>
<p>अधिकारी ने बताया, ‘‘लक्ष्य को 19 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान, उसने सह-आरोपी शुभम और अन्य के निर्देश पर एक कंपनी का खाता खोलने की बात स्वीकार की। उसने पुलिस को बताया कि उसने बैंक खाते बनाए और सिम कार्ड खरीदे, जिसके ऐवज में पैसे लिये।’’</p>
<p>पुलिस ने बताया कि शुभम की तलाश में एक टीम ने कई सप्ताह तक दिल्ली-एनसीआर में व्यापक छापेमारी की।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि शुभम पकड़े जाने से बचने के लिए सिम कार्ड बदलता रहा। आखिरकार उसे शनिवार को तिलक नगर से गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p>अधिकारी ने बताया, ‘‘टीम ने शुभम के कब्जे से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पांच चेकबुक और छह डेबिट कार्ड बरामद किए। पूछताछ के दौरान, शुभम ने गिरोह के वित्तीय नेटवर्क का खुलासा किया, जिसमें कई फर्जी कंपनियां शामिल थीं।’’</p>
<p>अधिकारी ने बताया, ‘‘शुभम ने यह भी दावा किया कि उसने यूएसडीटी (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) प्राप्त की और उसे एक चीनी ‘हैंडलर’ को बेच दिया, जिससे बार-बार धनशोधन का चक्र चलता रहा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144463/gang-involved-in-cyber-crime-and-linked-to-china-busted</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्चतम न्यायालय ‘डिजिटल अरेस्ट’ के सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने के पक्ष में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की पूरे भारत में व्यापकता को देखते हुए इनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का इच्छुक है।</p>
<p>न्यायालय ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ संबंधी मामलों में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज प्राथमिकियों का ब्यौरा मांगा।</p>
<p>‘डिजिटल अरेस्ट’ ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें जालसाज खुद को फर्जी तरीके से किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों पर कानून तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकाते हैं और गलत तरह से धन वसूली की कोशिश करते हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143730/supreme-court-in-favor-of-handing-over-investigation-of-all"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/cyberattack-cyber-crime-hacking4.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की पूरे भारत में व्यापकता को देखते हुए इनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का इच्छुक है।</p>
<p>न्यायालय ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ संबंधी मामलों में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज प्राथमिकियों का ब्यौरा मांगा।</p>
<p>‘डिजिटल अरेस्ट’ ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें जालसाज खुद को फर्जी तरीके से किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों पर कानून तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकाते हैं और गलत तरह से धन वसूली की कोशिश करते हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों पर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए और धोखेबाजों द्वारा ठगी की शिकार एक बुजुर्ग महिला की शिकायत पर स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किए गए मामलों की सुनवाई तीन नवंबर के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर गौर किया कि साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों का मूल म्यांमा और थाईलैंड जैसे विदेशी स्थानों से है। साथ ही न्यायालय ने जांच एजेंसी को इन मामलों की जांच के लिए एक योजना बनाने का निर्देश दिया।</p>
<p>अदालत ने कहा, ‘‘हम सीबीआई जांच की प्रगति की निगरानी करेंगे और आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।’’</p>
<p>पीठ ने सीबीआई से पूछा कि क्या उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की जांच के लिए पुलिस बल से बाहर के साइबर विशेषज्ञों सहित अधिक संसाधनों की आवश्यकता है ?</p>
<p>न्यायालय ने देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं, विशेषकर फर्जी न्यायिक आदेशों के माध्यम से नागरिकों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने के मामलों का संज्ञान लेते हुए इस संदर्भ में केंद्र और सीबीआई से 17 अक्टूबर के जवाब मांगा था और कहा था कि इस तरह के अपराध न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास की नींव पर कुठाराघात हैं।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने हरियाणा के अंबाला में अदालत और जांच एजेंसियों के फर्जी आदेशों के आधार पर एक बुजुर्ग दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनसे 1.05 करोड़ रुपये की उगाही की घटना का संज्ञान लिया है।</p>
<p>उसने कहा था कि यह साधारण अपराध नहीं है जिसमें पुलिस से कह दिया जाए कि तेजी से जांच करे और मामले को तार्किक परिणति तक पहुंचाए बल्कि यह ऐसा मामला है जिसमें आपराधिक उपक्रम का पूरी तरह पर्दाफाश करने के लिए केंद्र और राज्य पुलिस के बीच समन्वित प्रयास जरूरी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143730/supreme-court-in-favor-of-handing-over-investigation-of-all</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 12:54:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर धोखाधड़ी के आरोप में गुजरात से दो लोग गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की एक महिला से सात लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान शोएबभाई मुल्तानी (24) और असलमभाई मुल्तानी (37) के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर एक नेटवर्क का हिस्सा थे जो ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करता था और कमीशन पर ठगी की गई रकम निकालता था।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि शोएबभाई एक ट्रैक्टर कंपनी में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143716/delhi-police-arrests-two-people-from-gujarat-on-cyber-fraud"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/arrested-bail-released-court-handcuffs-crime-offense.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की एक महिला से सात लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान शोएबभाई मुल्तानी (24) और असलमभाई मुल्तानी (37) के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर एक नेटवर्क का हिस्सा थे जो ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करता था और कमीशन पर ठगी की गई रकम निकालता था।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि शोएबभाई एक ट्रैक्टर कंपनी में सेल्समैन है और असलमभाई मुल्तानी (37) एक डेयरी फार्म चलाता है।</p>
<p>पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक सरकारी अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी ने शिकायत की कि उन्हें 19 जुलाई को आई एक कॉल में दावा किया गया कि उनका नाम धनशोधन के एक मामले में आया है। फोनकर्ता ने खुद को अधिकारी बताते हुए उन्हें वीडियो निगरानी में रखा और धोखे से उनसे सात लाख रुपये एक बैंक खाते में अंतरित करवा लिए।’’</p>
<p>उनकी शिकायत के बाद, एक प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान, अधिकारियों को पता चला कि ठगी गई 30 प्रतिशत राशि झारखंड के एक खाते में और शेष 70 प्रतिशत गुजरात के एक खाते में भेजी गई थी।</p>
<p>अधिकारी ने कहा,‘‘सुरेंद्रनगर के एक बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी चेक के जरिए पैसे निकालते हुए नजर आया। झारखंड और गुजरात में छापेमारी के दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं। इस मामले में झारखंड के ही एक अन्य आरोपी जितेंद्र कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 21:14:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका की सरकारी एजेंसियों और कंपनियों पर हैकर्स का हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर का इस्तेमाल करने वालों की चिंता बढ़ा दी है। माइक्रोसॉफ्ट के शेयरपॉइंट एप्लिकेशन में कमजोरी का फायदा उठाते हुए हैकर्स ने अमेरिका की सरकारी एजेंसियों और कंपनियों पर बड़ा साइबर हमला किया है। अमेरिकी सरकार, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने इसकी जांच शुरू कर दी है। </p>
<p>द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अधिकारियों और निजी शोधार्थियों ने पुष्टि की है कि हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर का प्रयोग करने वालों को निशाना बनाया है। इनमें अमेरिका की सरकारी एजेसिंया और कुछ नामी-गिरामी कंपनियां भी हैं। यह वैश्विक हमला है। विशेषज्ञों का कहना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142065/hackers-attack-on-us-government-agencies-and-companies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/cyberattack-cyber-crime-hacking4.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर का इस्तेमाल करने वालों की चिंता बढ़ा दी है। माइक्रोसॉफ्ट के शेयरपॉइंट एप्लिकेशन में कमजोरी का फायदा उठाते हुए हैकर्स ने अमेरिका की सरकारी एजेंसियों और कंपनियों पर बड़ा साइबर हमला किया है। अमेरिकी सरकार, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने इसकी जांच शुरू कर दी है। </p>
<p>द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अधिकारियों और निजी शोधार्थियों ने पुष्टि की है कि हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर का प्रयोग करने वालों को निशाना बनाया है। इनमें अमेरिका की सरकारी एजेसिंया और कुछ नामी-गिरामी कंपनियां भी हैं। यह वैश्विक हमला है। विशेषज्ञों का कहना है कि हजारों सर्वर खतरे में हैं। माइक्रोसाफ्ट ने इस खामी से निपटने के लिए कोई उपाय भी नहीं बताए हैं। इस वजह से दुनिया भर के उपभोक्ता इससे निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p>पिछले साल अमेरिकी सरकार और उद्योग विशेषज्ञों के पैनल ने इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट की आलोचना भी की थी। 2023 में चीन के हैकर्स ने अमेरिकी सरकार के ई-मेल हैक किए थे। इनमें तत्कालीन वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो के ई-मेल भी शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि हालिया हमला केवल उन्हीं सर्वरों को प्रभावित कर रहा है, जिसका प्रयोग सरकार करती है।</p>
<p>कंपनी ने रविवार शाम सॉफ्टवेयर के एक संस्करण के लिए एक पैच जारी किया मगर उसके दो अन्य संस्करण अभी भी असुरक्षित हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह एक और पैच विकसित करने के लिए काम कर रही है। साइबर सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडम मेयर्स का कहना है कि जिस किसी के पास भी होस्टेड शेयर प्वाइंट सर्वर है, उसे कोई न कोई समस्या है।</p>
<p>संयुक्त राज्य अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने बयान में कहा कि उसे इस मामले की जानकारी है। संघीय सरकार और निजी क्षेत्र के साझेदारों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इस बारे में पालो ऑल्टो नेटवर्क्स की यूनिट 42 के वरिष्ठ प्रबंधक पीट रेनल्स ने कहा कि दुनिया भर के हजारों शेयर प्वाइंट सर्वर पर हमला कर वाणिज्यिक और सरकारी संगठनों को पंगु कर दिया गया है। </p>
<p>एक निजी शोध कंपनी का कहना है कि हैकर्स ने चीन के सर्वरों के साथ पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका के एक राज्य विधानमंडल को भी निशाना बनाने की कोशिश की। एक राज्य की एक ऊर्जा कंपनी और कई यूरोपीय सरकारी एजेंसियों में हुई सेंधमारी की गई है। कम से कम दो अमेरिकी संघीय एजेंसियों के सर्वर में घुसपैठ हो चुकी है। एक अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने जनता को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के एक संग्रह को हाईजैक कर लिया है।</p>
<p>माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह रक्षा विभाग के क्लाउड-कंप्यूटिंग कार्यक्रमों के समर्थन के लिए चीन-आधारित इंजीनियरों का उपयोग करना बंद कर देगा। उल्लेखनीय है कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन क्लाउड सौदों की समीक्षा का आदेश दिया है। इस बीच सेंटर फॉर इंटरनेट सिक्योरिटी ने लगभग 100 संगठनों को सूचित किया कि वे असुरक्षित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 18:16:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछले वर्ष 72 प्रतिशत भारतीय कंपनियों पर एआई आधारित साइबर हमले हुए: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बेंगलुरु, 09 जून (वेब वार्ता)। भारत में पिछले वर्ष करीब 72 प्रतिशत संगठनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित साइबर हमले हुए हैं। एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>साइबरसिक्योरिटी फर्म फोर्टिनेट और ग्लोबल रिसर्च एजेंसी आईडीसी की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि साइबर अपराधियों के लिए एआई अब एक नया हथियार बन गया है, जिसकी मदद से वे अब पहले से ज्यादा गुप्त और खतरनाक हमले कर सकते हैं।</p>
<p>निष्कर्षों से पता चलता है कि एआई आधारित इन हमलों की न केवल संख्या बढ़ रही है बल्कि इनका पता लगाना भी मुश्किल होता जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141220/ai-based-cyber-attack-report-on-72-percent-indian-companies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/2596_crime-criminal-security-hacker-code-fraud-technology-cyber.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु, 09 जून (वेब वार्ता)। भारत में पिछले वर्ष करीब 72 प्रतिशत संगठनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित साइबर हमले हुए हैं। एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>साइबरसिक्योरिटी फर्म फोर्टिनेट और ग्लोबल रिसर्च एजेंसी आईडीसी की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि साइबर अपराधियों के लिए एआई अब एक नया हथियार बन गया है, जिसकी मदद से वे अब पहले से ज्यादा गुप्त और खतरनाक हमले कर सकते हैं।</p>
<p>निष्कर्षों से पता चलता है कि एआई आधारित इन हमलों की न केवल संख्या बढ़ रही है बल्कि इनका पता लगाना भी मुश्किल होता जा रहा है।</p>
<p>एआई आधारित हमले उन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां पुराने ट्रेडिशनल साइबर सिक्योरिटी टूल्स भी अप्रभावी बन जाते हैं।</p>
<p>भारत में सबसे आम एआई-इनेबल्ड खतरों में क्रेडेंशियल स्टफिंग, ब्रूट फोर्स अटैक, बिजनेस ईमेल में डीपफेक प्रतिरूपण, एआई-जनरेटेड फिशिंग स्कैम और पॉलीमॉर्फिक मालवेयर शामिल हैं।</p>
<p>इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि भारतीय फर्मों में तैयारी की कमी है। केवल 14 प्रतिशत संगठनों का कहना है कि वे इस तरह के एडवांस अटैक से बचाव करने की अपनी क्षमता को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।</p>
<p>इस बीच, 36 प्रतिशत संगठनों ने माना कि एआई-आधारित खतरों की पहचान करना उनकी क्षमता से बाहर हो गया है। वहीं, 21 प्रतिशत संगठनों के पास इस तरह के अटैक को ट्रैक करने के लिए कोई सिस्टम नहीं है।</p>
<p>आईडीसी के एशिया/प्रशांत (एपी) क्षेत्र के अनुसंधान उपाध्यक्ष साइमन पिफ ने कहा, “साइबर क्रिमिनल टूलकिट में एआई का उदय अब भविष्य का खतरा नहीं है। यह वर्तमान में मौजूद है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “संगठनों को आगे रहने के लिए रिएक्टिव रणनीतियों से आगे बढ़ने और प्रीडिक्टिव, इंटेलिजेंस-ड्रिवन साइबर सिक्योरिटी मॉडल अपनाने की जरूरत है।”</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि साइबर जोखिम भारतीय व्यवसायों के जीवन में एक स्थायी समस्या बन गया है। इस तरह के अटैक अब क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन को टारगेट कर रहे हैं।</p>
<p>फिशिंग और रैनसमवेयर जैसे पुराने खतरे अभी भी मौजूद हैं, लेकिन नए अधिक जटिल हमले जैसे कि अंदरूनी खतरे और क्लाउड मिसकॉन्फिगरेशन को अधिक नुकसानदायक माना जाता है।</p>
<p>फोर्टिनेट में भारत और एसएएआरसी के कंट्री मैनेजर विवेक श्रीवास्तव ने कहा, “एआई अब सबसे बड़ा खतरा भी है और सबसे पावरफुल डिफेंस भी है।”</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141220/ai-based-cyber-attack-report-on-72-percent-indian-companies</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 15:20:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-06/2596_crime-criminal-security-hacker-code-fraud-technology-cyber.jpg"                         length="91214"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा: ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगी करने वाले गिरोह के तीन लोग गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नोएडा, 25 फरवरी (भाषा) पार्सल में मादक पदार्थ समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने का डर दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन जालसाजों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि एक महिला ने थाने में शिकायत दी थी कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगों ने उससे 84 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज किया गया और जिन खातों में रकम भेजी गई उनकी जांच शुरु की गई।</p>
<p>सिंह ने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नोएडा, 25 फरवरी (भाषा) पार्सल में मादक पदार्थ समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने का डर दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन जालसाजों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि एक महिला ने थाने में शिकायत दी थी कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगों ने उससे 84 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज किया गया और जिन खातों में रकम भेजी गई उनकी जांच शुरु की गई।</p>
<p>सिंह ने बताया कि जांच के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। तीनों की पहचान चंडीगढ़ निवासी राम सिंह और अक्षय कुमार तथा मोहाली निवासी नरेंद्र सिंह चौहान के रूप में हुई है। अक्षय कुमार बैंककर्मी है, जबकि राम सिंह खाताधारक है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी पहले भी जालसाजी की कई घटनाओं में संलिप्त रहे हैं। आरोपियों के एक साथी उमेश महाजन को दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 30 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सिंह ने कहा कि गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/137590/noida--three-people-of-the-gang-who-cheated-by--digital-arrest--arrested</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 12:36:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीसीटीवी हैकिंग मामले में गुजरात पुलिस ने महाराष्ट्र से दो और सूरत से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 23 फरवरी (भाषा) महिला मरीजों के वीडियो प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन बेचने के लिए अस्पताल के सीसीटीवी नेटवर्क को हैक करने के सिलसिले में महाराष्ट्र के सांगली से दो और सूरत से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या छह हो गई है।</p>
<p>अहमदाबाद पुलिस ने 17 फरवरी को एक मामला दर्ज किया था, जिसमें अस्पताल के प्रसव कक्ष में चिकित्सकों द्वारा महिला मरीजों की जांच करने का वीडियो यूट्यूब और टेलीग्राम पर प्रसारित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>अहमदाबाद, 23 फरवरी (भाषा) महिला मरीजों के वीडियो प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन बेचने के लिए अस्पताल के सीसीटीवी नेटवर्क को हैक करने के सिलसिले में महाराष्ट्र के सांगली से दो और सूरत से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या छह हो गई है।</p>
<p>अहमदाबाद पुलिस ने 17 फरवरी को एक मामला दर्ज किया था, जिसमें अस्पताल के प्रसव कक्ष में चिकित्सकों द्वारा महिला मरीजों की जांच करने का वीडियो यूट्यूब और टेलीग्राम पर प्रसारित किया गया था, जिसका उद्देश्य 'सब्सक्राइबर्स' से पैसा कमाना था।</p>
<p>अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा के एक अधिकारी ने राजकोट स्थित 'पायल मैटरनिटी होम' में सीसीटीवी कैमरा डिवाइस को हैक करने के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सूरत निवासी पारित धामेलिया और पड़ोसी राज्य के सांगली निवासी वैभव माने व रेयान परेरा के रूप में की है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "बी.कॉम स्नातक धमेलिया को पायल मैटरनिटी होम के सीसीटीवी कैमरा डिवाइस को हैक करने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। माने को यूट्यूब और टेलीग्राम पर विभिन्न वीडियो के विपणन में उसकी भूमिका और उसके बैंक खाते की जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।"</p>
<p>साइबर अपराध शाखा की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिल्ली निवासी रोहित सिसोदिया के संबंध में जांच चल रही है।</p>
<p>आरोपियों द्वारा ऑनलाइन प्रसारित किए गए वीडियो में महिला मरीजों को एक अस्पताल के बंद कमरे में महिला चिकित्सक द्वारा जांच करते या एक नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाते देखा जा सकता है।</p>
<p>तीन यूट्यूब चैनलों द्वारा कुछ क्लिप साझा की गईं, जिनके विवरण में एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक दिया गया था, जहां प्रति वीडियो 2,000 रुपये मांगे गए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/136740/gujarat-police-arrested-two-people-from-maharashtra-and-one-person-from-surat-in-cctv-hacking-case</link>
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                <pubDate>Sun, 23 Feb 2025 22:01:41 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिवार को पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके साइबर अपराधियों ने ठगे एक करोड़ 10 लाख रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नोएडा (उप्र), 10 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक परिवार को पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके रखा और उससे एक करोड़ 10 लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>साइबर अपराधी फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूलते हैं। ठगी के इस तरीके को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि सेक्टर-19 में रहने वाले चंद्रभान पालीवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक फरवरी को दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर उसके मोबाइल फोन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132046/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcriminals-cheated-one-crore-10-lakh-rupees-by--digital-arrest--the-family-for-five-days"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/2596_crime-criminal-security-hacker-code-fraud-technology-cyber.jpg" alt=""></a><br /><p>नोएडा (उप्र), 10 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक परिवार को पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके रखा और उससे एक करोड़ 10 लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>साइबर अपराधी फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूलते हैं। ठगी के इस तरीके को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि सेक्टर-19 में रहने वाले चंद्रभान पालीवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक फरवरी को दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर उसके मोबाइल फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आई और उसका सिम ‘ब्लॉक’ करने की धमकी देते हुए उससे ‘ट्राई’ (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) से संपर्क करने को कहा गया।</p>
<p>शिकायत के अनुसार, इसके बाद शिकायतकर्ता को बताया गया कि उसका मामला मुंबई की साइबर अपराध शाखा के पास है और करीब 10 मिनट बाद स्वयं को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने मुंबई के कोलावा पुलिस थाने से पालीवाल को ‘वीडियो कॉल’ की।</p>
<p>शिकायत में कहा गया है कि उस व्यक्ति ने पालीवाल से कहा कि उसके खिलाफ लोगों को डरा-धमकाकर पैसा वसूलने का आरोप है और अलग-अलग जगहों पर 24 मामले दर्ज हैं। पालीवाल को डराया गया कि धनशोधन के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उसके खिलाफ जांच कर रहा है।</p>
<p>इसमें बताया गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के अलावा उसकी पत्नी और बेटी को भी ‘वीडियो कॉल’ करने के बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया और उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p>यादव ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार, साइबर ठगों ने पांच दिन में उससे एक करोड़ 10 लाख रुपए ठग लिए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/132046/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcriminals-cheated-one-crore-10-lakh-rupees-by--digital-arrest--the-family-for-five-days</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 21:48:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>साइबर जालसाजों ने निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से 1.18 करोड़ रुपये ठगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे, आठ फरवरी (भाषा) ठाणे के एक व्यक्ति से साइबर जालसालों ने शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर कथित तौर पर 1.18 करोड़ रुपये ठग लिये जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पीड़ित को जनवरी में उसके व्हॉट्सएप नंबर पर एक संदेश मिला जिसमें शेयर बाजारों में निवेश कर ‘‘मुनाफा’’ कमाने का लालच दिया गया था।</p>
<p>पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पीड़ित ने बाद में 1,18,50,000 रुपये निवेश कर दिए। जब उसने अपने निवेश पर मुनाफा मांगा तो आरोपी ने उनके कॉल और संदेशों का जवाब देना बंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/131146/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-cheated-a-person-by-pretending-to-invest-rs-1-18-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/cyberattack-cyber-crime-hacking4.jpg" alt=""></a><br /><p>ठाणे, आठ फरवरी (भाषा) ठाणे के एक व्यक्ति से साइबर जालसालों ने शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर कथित तौर पर 1.18 करोड़ रुपये ठग लिये जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पीड़ित को जनवरी में उसके व्हॉट्सएप नंबर पर एक संदेश मिला जिसमें शेयर बाजारों में निवेश कर ‘‘मुनाफा’’ कमाने का लालच दिया गया था।</p>
<p>पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पीड़ित ने बाद में 1,18,50,000 रुपये निवेश कर दिए। जब उसने अपने निवेश पर मुनाफा मांगा तो आरोपी ने उनके कॉल और संदेशों का जवाब देना बंद कर दिया जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।’’</p>
<p>पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की है और जांच शुरू की है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/131146/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-cheated-a-person-by-pretending-to-invest-rs-1-18-crore</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Feb 2025 14:55:35 +0530</pubDate>
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                <title>उच्च न्यायालय ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से संबंधित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ जैसे ‘नए युग’ के साइबर अपराधों के खिलाफ एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया और अगली सुनवाई 19 मार्च के लिए तय की।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘भारत संघ द्वारा चार सप्ताह के भीतर हलफनामा/जवाब दाखिल किया जाए। उसके बाद दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल किया जाए।’’</p>
<p>नोटिस जारी करते हुए उच्च न्यायालय ने 2024 में केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और भारतीय रिजर्व बैंक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/130804/high-court-sought-answers-from-the-center-on-a-petition-related-to-cyber-offenses-like--digital-arrest"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ जैसे ‘नए युग’ के साइबर अपराधों के खिलाफ एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया और अगली सुनवाई 19 मार्च के लिए तय की।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘भारत संघ द्वारा चार सप्ताह के भीतर हलफनामा/जवाब दाखिल किया जाए। उसके बाद दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल किया जाए।’’</p>
<p>नोटिस जारी करते हुए उच्च न्यायालय ने 2024 में केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और भारतीय रिजर्व बैंक को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा था।</p>
<p>जनहित याचिका में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने और शिकायत दर्ज करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>याचिकाकर्ता अधिवक्ता अक्षय और उर्वशी भाटिया ने कहा कि अब साइबर अपराधी उच्चतम न्यायालय सहित फर्जी अदालती आदेशों, प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंटों का डर दिखाकर समझौते करने की आड़ में निर्दोष नागरिकों से पैसा वसूली करते हैं।</p>
<p>याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं में से एक को ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ के तहत कथित तौर पर दिल्ली की एक अदालत द्वारा जारी किया गया ‘‘जाली और मनगढ़ंत’’ गिरफ्तारी वारंट मिला।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/130804/high-court-sought-answers-from-the-center-on-a-petition-related-to-cyber-offenses-like--digital-arrest</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 16:34:30 +0530</pubDate>
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