<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/6969/semiconductor" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Semiconductor - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/6969/rss</link>
                <description>Semiconductor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, पीएम मोदी बोले-ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत हो रही हमारी भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 31 मार्च (वेब वार्ता)। गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक बाजार में एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।<br />प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि साल 2021 में भारत ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ की शुरुआत की थी।</p>
<p>यह मिशन सिर्फ एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मविश्वास की घोषणा है।इस मिशन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146331/indias-big-leap-in-semiconductor-sector-pm-modi-said"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 31 मार्च (वेब वार्ता)। गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक बाजार में एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।<br />प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि साल 2021 में भारत ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ की शुरुआत की थी।</p>
<p>यह मिशन सिर्फ एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मविश्वास की घोषणा है।इस मिशन के तहत देश के छह राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपए के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।</p>
<p>पीएम मोदी ने हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 28 फरवरी को माइक्रॉन के प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हुआ था और अब 31 मार्च को केयन्स टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का उत्पादन भी शुरू हो गया है। यह महज संयोग नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कितनी तेजी से विकसित हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि एक भारतीय कंपनी ने सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में रुचि दिखाई और आज उसके नतीजे सामने हैं। पीएम मोदी ने कहा, “भारत की अपनी कंपनी केयन्स टेक्नोलॉजी अब ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन चुकी है। यह एक शानदार शुरुआत है और देश के लिए गर्व का पल है।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत की कई कंपनियां ग्लोबल सहयोग के जरिए दुनिया को एक मजबूत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन देने में अहम भूमिका निभाएंगी। आज का दिन ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को सही मायनों में साकार करता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने यह भी कहा कि 21वीं सदी सिर्फ आर्थिक प्रतिस्पर्धा का समय नहीं है, बल्कि यह भविष्य की टेक्नोलॉजी को दिशा देने का दौर है। भारत अब सिर्फ बदलाव का साक्षी नहीं है, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस दशक में भारत जो टेक्नोलॉजी पहल कर रहा है, वे आने वाले दशकों में देश की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146331/indias-big-leap-in-semiconductor-sector-pm-modi-said</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/146331/indias-big-leap-in-semiconductor-sector-pm-modi-said</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 19:35:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में ‘सेमीकॉन 2.0’ से शुरू होगा डीप-टेक स्टार्टअप का स्वर्णिम युग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गांधीनगर, 02 मार्च (वेब वार्ता)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’ में ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का विजन साझा करते हुए कहा कि भारत अब विनिर्माण के बाद ‘डिजाइन इकोसिस्टम’ पर ध्यान केंद्रित करेगा।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ सेमीकॉन 1.0 का लक्ष्य देश में प्लांट स्थापित करना था (जिसके तहत 10 संयंत्रों को मंजूरी मिली), वहीं अब दूसरा चरण भारत को डिजाइनिंग का हब बनाएगा।</p>
<p>इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू डीप-टेक स्टार्टअप्स को मजबूती प्रदान करना है ताकि भारत से ‘क्वालकॉम’ और ‘एनवीडिया’ जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियां निकल सकें। उन्होंने जानकारी दी कि पहले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145829/the-golden-era-of-deep-tech-startups-will-begin-in-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर, 02 मार्च (वेब वार्ता)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’ में ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का विजन साझा करते हुए कहा कि भारत अब विनिर्माण के बाद ‘डिजाइन इकोसिस्टम’ पर ध्यान केंद्रित करेगा।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ सेमीकॉन 1.0 का लक्ष्य देश में प्लांट स्थापित करना था (जिसके तहत 10 संयंत्रों को मंजूरी मिली), वहीं अब दूसरा चरण भारत को डिजाइनिंग का हब बनाएगा।</p>
<p>इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू डीप-टेक स्टार्टअप्स को मजबूती प्रदान करना है ताकि भारत से ‘क्वालकॉम’ और ‘एनवीडिया’ जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियां निकल सकें। उन्होंने जानकारी दी कि पहले संयंत्र ने व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया है।</p>
<p>मंत्री वैष्णव ने युवाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खोलते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर उद्योग जल्द ही 1000 अरब डॉलर का होने वाला है, जिसमें 20 लाख कुशल पेशेवरों की कमी होगी।</p>
<p>भारत इस कमी को पूरा करने के लिए तैयार है। सरकार ने पहले चरण में 85,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य मात्र चार वर्षों में हासिल कर लिया है। अब दूसरे चरण में सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण का दायरा 350 विश्वविद्यालयों से बढ़ाकर 500 विश्वविद्यालयों तक किया जाएगा।</p>
<p>इससे हर राज्य के छात्रों को चिप डिजाइन, निर्माण, टेस्टिंग और सत्यापन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने का निरंतर अवसर मिलेगा।</p>
<p>सेमीकॉन 2.0 की सफलता के लिए केंद्र सरकार देश में सामग्री, मशीनरी, उपकरण और सत्यापन की एक सुस्थापित प्रणाली विकसित करने पर जोर दे रही है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह यात्रा जटिल है, लेकिन सरकार इसे लेकर अत्यंत व्यावहारिक और यथार्थवादी है।</p>
<p>मिशन के इस चरण में केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि टेस्टिंग और मशीन टूल्स के निर्माण की पूरी सप्लाई चेन भारत में ही विकसित की जाएगी।</p>
<p>इस पहल से न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि देश वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक अनिवार्य शक्ति के रूप में उभरेगा, जिससे लाखों रोजगार के सृजन का रास्ता साफ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145829/the-golden-era-of-deep-tech-startups-will-begin-in-india</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145829/the-golden-era-of-deep-tech-startups-will-begin-in-india</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 15:57:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन को जोड़ने वाला माध्यम: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साणंद, 28 फरवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया।</p>
<p>यह भारत के सेमीकंडक्टर इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसे पीएम मोदी ने “टेक्नोलॉजी लीडरशिप की ओर भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम” बताया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “माइक्रोन की यह फैसिलिटी और आज का यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग और साझेदारी का भी प्रमाण है। खासतौर पर एआई और चिप जैसी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145807/pm-modi-is-the-medium-to-connect-semiconductor-industrial-revolution"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>साणंद, 28 फरवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया।</p>
<p>यह भारत के सेमीकंडक्टर इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसे पीएम मोदी ने “टेक्नोलॉजी लीडरशिप की ओर भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम” बताया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “माइक्रोन की यह फैसिलिटी और आज का यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग और साझेदारी का भी प्रमाण है। खासतौर पर एआई और चिप जैसी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और अमेरिका की साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>आज पूरा विश्व मानवता के बेहतर भविष्य से जुड़ी इन दोनों टेक्नोलोजी की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना चाहता है। दुनिया की दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>एआई समिट के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुआ पैक्स-सिलिका से जुड़ा समझौता इसी दिशा में किया गया एक और प्रयास है। हमारे साझा प्रयास क्रिटिकल मिनरल की ग्लोबल सप्लाई चेन को भी अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएंगे।”</p>
<p>पीएम मोदी ने 20वीं सदी की इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का जिक्र करते हुए कहा, “20वीं सदी तक दुनिया ने इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का दौर देखा है। उस समय जो देश फैक्ट्री, मशीन और मास प्रोडक्शन में आगे थे, उन्होंने तेजी से तरक्की की। यह सदी एआई रिवोल्यूशन की शताब्दी है। सेमीकंडक्टर इसी बदलाव का बड़ा ब्रिज है।</p>
<p>छोटी सी चिप इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन को जोड़ने वाला माध्यम है। अगर पिछली शताब्दी का रेगुलेटर ऑयल था, तो इस शताब्दी का रेगुलेटर माइक्रोचिप होने वाला है।”</p>
<p>उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर नीति पर प्रकाश डालते हुए बताया, “इसी सोच के साथ भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने का फैसला किया। जब दुनिया कोविड के कहर से जूझ रही थी, तो भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन की घोषणा की थी। अभी तक सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत कुल 10 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है।</p>
<p>इनमें से माइक्रोन के अलावा तीन अन्य प्रोजेक्ट भी बहुत जल्द प्रोडक्शन शुरू करने वाले हैं। हम जो सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहे हैं, वह किसी एक रीजन तकनहीं, बल्कि पैन-इंडिया है।”</p>
<p>पीएम मोदी ने आगे कहा, “यहां साणंद के अलावा धोलेरा में भी बहुत बड़े स्तर पर काम चल रहा है। कुछ दिन पहले ही यूपी के नोएडा में भी नई फैसिलिटी पर काम शुरू हुआ।</p>
<p>असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट पर काम शुरू हुआ। आज पूरी दुनिया के इन्वेस्टर के लिए भारत का एक ही मैसेज है- ‘इंडिया इज रेडी, इंडिया इज रिवाइवल एंड इंडिया इज डिलीवर्स’।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145807/pm-modi-is-the-medium-to-connect-semiconductor-industrial-revolution</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145807/pm-modi-is-the-medium-to-connect-semiconductor-industrial-revolution</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 21:08:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेमोरी चिप की कमी, कमजोर रुपये के कारण जनवरी से टीवी हो सकते हैं महंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) मेमोरी चिप की बढ़ती लागत और रुपये के अवमूल्यन के कारण अगले साल जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में तीन से चार प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।</p>
<p>रुपये का मूल्य हाल ही में पहली बार 90 प्रति डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।</p>
<p>रुपये में गिरावट ने उद्योग को असुरक्षित स्थिति में डाल दिया है, क्योंकि एक एलईडी टीवी में घरेलू मूल्य संवर्धन केवल लगभग 30 प्रतिशत है और मुख्य घटक जैसे ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड आयात किए जाते हैं।</p>
<p>इसके अलावा यह समस्या मेमोरी चिप संकट से भी जुड़ी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144582/tvs-may-become-expensive-from-january-due-to-memory-chip"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) मेमोरी चिप की बढ़ती लागत और रुपये के अवमूल्यन के कारण अगले साल जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में तीन से चार प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।</p>
<p>रुपये का मूल्य हाल ही में पहली बार 90 प्रति डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।</p>
<p>रुपये में गिरावट ने उद्योग को असुरक्षित स्थिति में डाल दिया है, क्योंकि एक एलईडी टीवी में घरेलू मूल्य संवर्धन केवल लगभग 30 प्रतिशत है और मुख्य घटक जैसे ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड आयात किए जाते हैं।</p>
<p>इसके अलावा यह समस्या मेमोरी चिप संकट से भी जुड़ी हुई है, जहां एआई सर्वरों के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (एचबीएम) की भारी मांग के कारण वैश्विक स्तर पर गंभीर कमी हो गई है, जिससे सभी प्रकार की मेमोरी (डीआरएएम, फ्लैश) की कीमतें आसमान छू रही हैं।</p>
<p>चिप विनिर्माता कंपनियां उच्च लाभ वाले एआई चिप पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे टीवी जैसे पारंपरिक उपकरणों के लिए आपूर्ति कम हो रही है।</p>
<p>हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष एन एस सतीश ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मेमोरी चिप की कमी और कमजोर रुपये के कारण एलईडी टीवी सेटों की कीमतों में तीन प्रतिशत की वृद्धि होगी।</p>
<p>कुछ टीवी विनिर्माताओं ने कीमतों में संभावित वृद्धि के बारे में अपने डीलरों को पहले ही सूचित कर दिया है।</p>
<p>थॉमसन, कोडक और ब्लाउपुंक्ट सहित कई वैश्विक ब्रांडों के लाइसेंस रखने वाली टीवी विनिर्माता कंपनी सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसपीपीएल) ने कहा, ''पिछले तीन महीनों में मेमोरी चिप की कीमतों में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।''</p>
<p>एसपीपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अवनीत सिंह मारवाह के अनुसार, मेमोरी चिप संकट और रुपये के अवमूल्यन के प्रभाव के कारण जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में सात से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144582/tvs-may-become-expensive-from-january-due-to-memory-chip</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144582/tvs-may-become-expensive-from-january-due-to-memory-chip</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 18:10:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत सेमीकॉन मिशन अगले चरण में, डीएलआई योजना पर सुधार जारी: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 18 अरब डॉलर से अधिक की 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं जारी हैं और देश अब ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।</p><p>उन्होंने साथ ही कहा कि 1,000 अरब डॉलर के वैश्विक चिप बाजार का दोहन करने के लिए उसको (चिप) तैयार करने से जुड़ी प्रोत्साहन (डीएलआई) योजना के अगले चरण पर सरकार काम कर रही है।</p><p>मोदी ने कहा, ‘‘ वह दिन दूर नहीं जब भारत में बनी सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142845/india-seemicon-mission-continues-to-improve-dli-scheme-in-next"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 18 अरब डॉलर से अधिक की 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं जारी हैं और देश अब ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।</p><p>उन्होंने साथ ही कहा कि 1,000 अरब डॉलर के वैश्विक चिप बाजार का दोहन करने के लिए उसको (चिप) तैयार करने से जुड़ी प्रोत्साहन (डीएलआई) योजना के अगले चरण पर सरकार काम कर रही है।</p><p>मोदी ने कहा, ‘‘ वह दिन दूर नहीं जब भारत में बनी सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी ‘भारत में तैयार, भारत में निर्मित, दुनिया के लिए विश्वसनीय’ ।’’</p><p>सेमीकॉन इंडिया-2025 के उद्घाटन के अवसर पर मोदी ने यह बात कही। इसमें दुनिया भर से करीब 50 देशों के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शिरकत की।</p><p>मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की नवाचार और युवा शक्ति भी इस कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से मौजूद है।</p><p>उन्होंने कहा कि यह अनूठा संयोजन एक स्पष्ट संदेश देता है, ‘‘ दुनिया, भारत पर भरोसा करती है। दुनिया, भारत में विश्वास करती है और दुनिया, भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।’’</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि ‘‘ तेल काला सोना था लेकिन चिप डिजिटल हीरा है।’’</p><p>उन्होंने कहा कि जहां तेल ने पिछली सदी को आकार दिया, वहीं 21वीं सदी की शक्ति अब छोटी चिप में केंद्रित है।</p><p>आकार में छोटा होने के बावजूद इन चिप में वैश्विक प्रगति को तेजी से बढ़ाने की क्षमता है।</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार पहले ही 600 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्ष में इसके 1,000 अरब डॉलर को पार करने की उम्मीद है।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है उसे देखते हुए इस 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर के बाजार में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होगी।’’</p><p>निवेशकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत खुले दिल से उनका स्वागत करने को इच्छुक है।</p><p>मोदी ने कहा, ‘‘ डिजाइन तैयार है। मास्क तैयार है। अब सटीक क्रियान्वयन और बड़े पैमाने पर आपूर्ति का समय है।’’</p><p>उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां अल्पकालिक संकेत नहीं बल्कि दीर्घकालिक प्रतिबद्धताएं हैं। मोदी ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक निवेशक की जरूरतें पूरी की जाएंगी।</p><p>प्रधानमंत्री ने 2021 में सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के आरंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि 2023 तक देश का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र स्वीकृत किया गया था। 2024 में कई और संयंत्रों को मंजूरी मिली और 2025 में पांच अतिरिक्त परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।</p><p>मोदी ने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं अभी जारी हैं, जिनमें 18 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश शामिल है। यानी 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक... यह भारत में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।’’</p><p>सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गति के महत्व पर उन्होंने कहा, ‘‘ दस्तावेजों से फैक्टरी तक का समय जितना कम होगा और कागजात जितने कम होंगे, ‘वेफर’ का काम उतनी ही जल्दी शुरू हो सकेगा।’’</p><p>उन्होंने कहा कि सरकार इसी दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।</p><p>राष्ट्रीय एकल-खिड़की प्रणाली लागू की गई है। इससे केंद्र और राज्य सरकारों दोनों से सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्राप्त की जा सकेंगी। देश भर में ‘प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल’ के तहत सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किए जा रहे हैं जो भूमि, बिजली आपूर्ति, बंदरगाह एवं हवाई अड्डा संपर्क और कुशल श्रमिकों के एक समूह तक पहुंच जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।</p><p>उन्होंने कहा कि जब इस तरह के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहनों के साथ जोड़ा जाता है, तो औद्योगिक विकास अपरिहार्य है। पीएलआई प्रोत्साहनों या ‘डिजाइन’ से जुड़े अनुदान के माध्यम से भारत शुरू से अंत तक क्षमताएं प्रदान कर रहा है।</p><p>मोदी ने कहा, ‘‘ इसीलिए निवेश प्रवाह जारी है। भारत ‘बैकएंड ऑपरेशंस’ से आगे बढ़कर एक ‘फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर’ राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। वह दिन दूर नहीं जब भारत की सबसे छोटी चिप दुनिया के सबसे बड़े बदलाव की नींव रखेगी।"</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘ भारत सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन के मंत्र पर चलकर इस मुकाम पर पहुंचा है। अगली पीढ़ी के सुधारों का एक नया चरण जल्द ही शुरू किया जाएगा।’’</p><p>मोदी ने यह भी घोषणा की कि ‘‘ डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को उसके उद्देश्यों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए पुनर्गठित किया जा रहा है।’’</p><p>मोदी ने कहा कि भारत की यात्रा देर से शुरू हुई, लेकिन अब इसे कोई नहीं रोक सकता।</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर के लिए सीजी पावर का संयंत्र प्रायोगिक आधार पर 28 अगस्त को शुरू कर दिया और केन्स टेक्नोलॉजी का प्रायोगिक संयंत्र भी जल्द ही शुरू होने वाला है।</p><p>वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।</p><p>मोदी ने कहा कि जहां इस्पात ऊंची इमारतों एवं शहरों में दिखाई देने वाले प्रभावशाली भौतिक बुनियादी ढांचे का आधार है। वहीं भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की नींव महत्वपूर्ण खनिजों पर टिकी है।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘ भारत वर्तमान में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर काम कर रहा है और दुर्लभ खनिजों की अपनी मांग को घरेलू स्तर पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’</p><p>मोदी ने कहा कि पिछले चार वर्ष में महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है और सरकार इस क्षेत्र में भारतीय बौद्धिक संपदा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142845/india-seemicon-mission-continues-to-improve-dli-scheme-in-next</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142845/india-seemicon-mission-continues-to-improve-dli-scheme-in-next</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 15:08:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/9726_modi1.jpg"                         length="46576"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प की आयातित सेमीकंडक्टर पर 100 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 07 अगस्त (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपने टैरिफ वाले फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल में ही भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का एलान किया है। इसके बाद भारत पर टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। अब एक नया एलान किया है।</p>
<p>दरअसल, बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह कंप्यूटर चिप्स और सेमी कंडक्टर के आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला लेने वाले हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस कदम के बाद अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल घरेलू उपकड़ों और अन्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142391/trumps-plan-to-impose-100-percent-customs-duty-on-imported"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 07 अगस्त (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपने टैरिफ वाले फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल में ही भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का एलान किया है। इसके बाद भारत पर टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। अब एक नया एलान किया है।</p>
<p>दरअसल, बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह कंप्यूटर चिप्स और सेमी कंडक्टर के आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला लेने वाले हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस कदम के बाद अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल घरेलू उपकड़ों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>इन कंपनियों को ट्रंप देंगे छूट हालांकि, इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि वह उन कंपनियों को छूट देंगे, जो अमेरिका में ही सेमीकंडक्टर बनाती हैं। इसका मतलब है कि इन कंपनियों को सामान आयात करने पर शुल्क में राहत मिलेगी।</p>
<p>बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एप्पल के सीईओ से टिम कुक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम कंप्यूटर चिप्स और सेमीकंडक्टर पर करीब 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, जो कंपनियां अमेरिका में इसका उत्पादन करती हैं उन्हें इस शुल्क से राहत मिलेगी।</p>
<p>ट्रंप के इस फैसले से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?<br />माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में उपभोक्ताओं पर देखने को मिल सकता है। अगर डोनाल्ड ट्रंप कंप्यूटर चिप्स और सेमीकंडक्टर पर 100 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाते हैं, तो इसके कारण मोबाइल, कार समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महंगे हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इन कंपनियों का मुनाफा कम हो जाएगा।</p>
<p>दुनिया में बढ़ रही सेमीकंडक्टर्स की मांग <br />बता दें कि अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम देशों में सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है। कोरोना काल में दुनिया भर में चिप्स की भारी कमी हो गई थी। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कमोवेश वैसी ही स्थिति हो सकती है। आज के समय में दुनिया भर में चिप्स की मांग बढ़ती जा रही है। ऑटोमोबाइल, मोबाइल के लिए चिप्स की अहम भूमिका है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/142391/trumps-plan-to-impose-100-percent-customs-duty-on-imported</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142391/trumps-plan-to-impose-100-percent-customs-duty-on-imported</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 15:24:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेमी कंडक्टर चिप्स का निर्माण पूरा, जल्द ही किया जाएगा इसका परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मोहाली, 28 जुलाई (वेब वार्ता)। सेमीकंडक्टर लैब (एससीएल) ने 20 सेमी कंडक्टर चिप्स का निर्माण पूरा कर लिया है, जिन्हें जम्मू और इंदौर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों समेत 17 भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों ने डिजाइन किया है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि ये चिप्स अब टेप-आउट यानी निर्माण प्रक्रिया के लिए तैयार हैं और जल्द ही इनका परीक्षण किया जाएगा।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इनके अलावा, भारत में छात्रों द्वारा डिजाइन की गई 36 अन्य चिप एससीएल में निर्माण के कई चरणों में हैं और अगले छह महीनों में इनके टेप-आउट के लिए तैयार होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142223/semi-conductor-chips-will-be-constructed-soon"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>मोहाली, 28 जुलाई (वेब वार्ता)। सेमीकंडक्टर लैब (एससीएल) ने 20 सेमी कंडक्टर चिप्स का निर्माण पूरा कर लिया है, जिन्हें जम्मू और इंदौर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों समेत 17 भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों ने डिजाइन किया है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि ये चिप्स अब टेप-आउट यानी निर्माण प्रक्रिया के लिए तैयार हैं और जल्द ही इनका परीक्षण किया जाएगा।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इनके अलावा, भारत में छात्रों द्वारा डिजाइन की गई 36 अन्य चिप एससीएल में निर्माण के कई चरणों में हैं और अगले छह महीनों में इनके टेप-आउट के लिए तैयार होने की संभावना है।</p>
<p>एससीएल मोहाली ने 2024 के अंत में चिप डिजाइन स्टार्टअप्स के लिए संपूर्ण निर्माण, परीक्षण और पैकेजिंग सहायता मुहैया करानी शुरू कर दी थी। एससीएल मोहाली संयंत्र में भारत द्वारा डिजाइन चिप्स का अंतिम चरण तक निर्माण अहम है, क्योंकि ऐसे संस्थानों द्वारा डिजाइन किए गए अधिकांश चिप के लिए पहले वैश्विक फाउंड्री दिग्गजों से संपर्क करना पड़ता था, जिससे अक्सर पूर्व व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के कारण काम में देरी होती थी।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि देरी के अलावा, इन स्टार्टअप्स पर होने वाले खर्च भी ज्यादा होते हैं। साथ ही भारत में इन फाउंड्रीज की भौतिक अनुपस्थिति के कारण स्टार्टअप्स के पास कम समय में डिजाइन में परीक्षण, विश्लेषण और चुनौतियों की पहचान करने की सीमित क्षमता होती है।</p>
<p>रिपोर्ट में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि करीब 50 अन्य सेमीकंडक्टर चिप पूरे देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजाइन के कई चरणों में हैं। ये पहल भारत सेमीकंडक्टर मिशन के चिप्स-टू-स्टार्टअप्स (सी2एस) कार्यक्रम और डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत चलाई जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142223/semi-conductor-chips-will-be-constructed-soon</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142223/semi-conductor-chips-will-be-constructed-soon</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 21:41:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेमीकंडक्टर फैक्टरी के लिए बंगाल सरकार ने आवंटित की जमीन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 05 जून (वेब वार्ता)। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार रात को कोलकाता में अमेरिका की काउंसल जनरल कैथी गिलेस डियाज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजना को लेकर राज्य सरकार की ओर से की गई प्रगति से उन्हें अवगत कराया। ममता बनर्जी ने बताया कि इस परियोजना के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के अनुसार, अमेरिकी कंपनी को सॉल्टलेक स्थित ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया’ (एसटीपीआई) के आईटी पार्क में 13 हजार वर्गफुट जगह प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना ग्लोबल फाउंड्रीज की अगुवाई में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141158/government-of-bengal-allocated-land-for-semiconductor-factory"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 05 जून (वेब वार्ता)। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार रात को कोलकाता में अमेरिका की काउंसल जनरल कैथी गिलेस डियाज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजना को लेकर राज्य सरकार की ओर से की गई प्रगति से उन्हें अवगत कराया। ममता बनर्जी ने बताया कि इस परियोजना के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के अनुसार, अमेरिकी कंपनी को सॉल्टलेक स्थित ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया’ (एसटीपीआई) के आईटी पार्क में 13 हजार वर्गफुट जगह प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना ग्लोबल फाउंड्रीज की अगुवाई में की जा रही है, जो एक ‘फैब-लेस’ सेंट्रल यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है। इसमें डिज़ाइनिंग और टेस्टिंग जैसे चरण शामिल होंगे और भविष्य में इसका विस्तार भी संभव है।</p>
<p>ममता बनर्जी ने कहा, हमने शुरू में उन्हें 13 हजार वर्गफुट जगह दी है, लेकिन कंपनी की ओर से किए गए अनुरोध को देखते हुए उसी परिसर में और 19 हजार वर्गफुट अतिरिक्त स्थान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत संबंधित विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के अनुसार, यह पहल न केवल पश्चिम बंगाल में एक मज़बूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करेगी, बल्कि तकनीकी प्रगति और नवाचार की दिशा में राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा, यह परियोजना हमारे युवाओं के लिए अर्थपूर्ण रोजगार के नए अवसर खोलेगी और राज्य की आर्थिक क्षमताओं को भी बढ़ावा देगी।</p>
<p>गौरतलब है कि जब जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुलाकात में भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के मुद्दे पर अहम बातचीत की थी। उसी समय पश्चिम बंगाल में इस परियोजना को लेकर उच्चस्तरीय विमर्श हुआ था, जिसका अब धरातल पर क्रियान्वयन शुरू हो चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141158/government-of-bengal-allocated-land-for-semiconductor-factory</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141158/government-of-bengal-allocated-land-for-semiconductor-factory</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:51:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम को मंजूरी, उत्तर प्रदेश के जेवर में लगेगा कारखाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) सरकार ने बुधवार को एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे दी। यह संयुक्त उद्यम उत्तर प्रदेश के जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से वेफर्स बनाने का कारखाना लगाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयंत्र मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाहन और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाएगा।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित कारखाना प्रति माह 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत)</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140769/hcl-phoxcon-semiconductor-joint-venture-approves-factory-in-jewar-in-uttar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) सरकार ने बुधवार को एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे दी। यह संयुक्त उद्यम उत्तर प्रदेश के जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से वेफर्स बनाने का कारखाना लगाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयंत्र मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाहन और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाएगा।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित कारखाना प्रति माह 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार करेगा। इससे लगभग 2,000 नौकरियां सृजित होंगी।</p>
<p>वैष्णव ने कहा, “मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थापित होने वाले छठे सेमीकंडक्टर संयंत्र को मंजूरी दे दी है। यह एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाने का संयुक्त उद्यम है। ये चिप स्क्रीन पर प्रदर्शित सामग्री की गुणवत्ता और प्रारूप को नियंत्रित करते हैं। यह एक बहुत ही उन्नत प्रौद्योगिकी है जिसे स्थापित किया जा रहा है।”</p>
<p>फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सबसे बड़ी विनिर्माता है। यह एप्पल का आईफोन भी बनाती है।</p>
<p>वैष्णव ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि एक बार यह इकाई यहां आ जाए, तो डिस्प्ले पैनल संयंत्र भी भारत आ जाएगा। यह भारत की 40 प्रतिशत क्षमता को पूरा करेगा। यह एक बड़ा संयंत्र है। यह दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए भी फॉक्सकॉन की जरूरतों को पूरा करेगा।”</p>
<p>मंत्री ने कहा कि एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम 2027 में चालू हो जाएगा। कुल 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से लगाए जा रहे इस संयंत्र से 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग वर्तमान में लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार देता है।</p>
<p>वैष्णव ने कहा, “सेमीकंडक्टर बुनियादी कलपुर्जा हैं। इसका देश में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा।”</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140769/hcl-phoxcon-semiconductor-joint-venture-approves-factory-in-jewar-in-uttar</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140769/hcl-phoxcon-semiconductor-joint-venture-approves-factory-in-jewar-in-uttar</guid>
                <pubDate>Wed, 14 May 2025 20:04:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात के पीडीईयू में सेमीकंडक्टर निर्माण, एआई प्रशिक्षण देने वाला कौशल विकास केंद्र शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गांधीनगर, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को सेमीकंडक्टर निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए ‘पीडीईयू-एनएसडीसी कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र’ का उद्घाटन किया।</p>
<p>राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय (पीडीईयू) के साथ साझेदारी में गांधीनगर में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की है।</p>
<p>एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह पहल भारत के युवाओं को राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत विनिर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक अनुभव और व्यावहारिक कौशल से लैस करने के लिए तैयार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140279/skill-development-center-providing-semiconductor-construction-ai-training-starts-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को सेमीकंडक्टर निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए ‘पीडीईयू-एनएसडीसी कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र’ का उद्घाटन किया।</p>
<p>राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय (पीडीईयू) के साथ साझेदारी में गांधीनगर में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की है।</p>
<p>एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह पहल भारत के युवाओं को राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत विनिर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक अनुभव और व्यावहारिक कौशल से लैस करने के लिए तैयार की गई है।</p>
<p>अपने संबोधन में, कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री चौधरी ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>उन्होंने भारत के विश्वविद्यालयों से नेटवर्क बनाने के लिए अपने पूर्व छात्रों से जुड़ने पर काम करने का आग्रह किया।</p>
<p>बयान के अनुसार, उत्कृष्टता केंद्र 40 से अधिक ऑनलाइन और हाइब्रिड पाठ्यक्रम प्रदान करेगा, जिसमें सेमीकंडक्टर विनिर्माण, नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट विनिर्माण, एम्बेडेड सिस्टम, रोबोटिक्स, एआई, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और वीएलएसआई डिज़ाइन जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है।</p>
<p>बयान के अनुसार, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रशिक्षण पहले से ही चल रहा है, स्मार्ट और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में क्षमता को मजबूत करने के लिए आगे के बुनियादी ढांचे और डोमेन-विशिष्ट प्रयोगशालाओं को जोड़ा जा रहा है।</p>
<p>इस आयोजन के दौरान, पीडीईयू के महानिदेशक, प्रोफेसर सुंदर एस मनोहरन ने घोषणा की कि उत्कृष्टता केंद्र अहमदाबाद के पास साणंद में अमेरिका-आधारित चिप कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी की आगामी सेमीकंडक्टर असेंबली सुविधा में काम करने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140279/skill-development-center-providing-semiconductor-construction-ai-training-starts-in</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140279/skill-development-center-providing-semiconductor-construction-ai-training-starts-in</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 20:02:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय वैज्ञानिकों ने दूनिया के सबसे छोटे चिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के 30 वैज्ञानिकों के एक दल ने सरकार को 'एंग्स्ट्रॉम-स्केल' चिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। ये इस समय तैयार हो रहे सबसे छोटे चिप से भी छोटे हैं।</p>
<p>इस दल ने सरकार को ‘2डी मटेरियल’ नामक सेमीकंडक्टर सामग्रियों के एक नए वर्ग का इस्तेमाल करके प्रौद्योगिकी विकसित करने का प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>इसके जरिये इस समय वैश्विक उत्पादन में सबसे छोटे चिप के 10वें हिस्से जितना छोटा चिप बनाया जा सकता है। इस तरह सेमीकंडक्टर में भारत का नेतृत्व विकसित हो सकता है।</p>
<p>इस समय सेमीकंडक्टर विनिर्माण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140249/indian-scientists-proposed-to-develop-the-smallest-chip-of-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के 30 वैज्ञानिकों के एक दल ने सरकार को 'एंग्स्ट्रॉम-स्केल' चिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। ये इस समय तैयार हो रहे सबसे छोटे चिप से भी छोटे हैं।</p>
<p>इस दल ने सरकार को ‘2डी मटेरियल’ नामक सेमीकंडक्टर सामग्रियों के एक नए वर्ग का इस्तेमाल करके प्रौद्योगिकी विकसित करने का प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>इसके जरिये इस समय वैश्विक उत्पादन में सबसे छोटे चिप के 10वें हिस्से जितना छोटा चिप बनाया जा सकता है। इस तरह सेमीकंडक्टर में भारत का नेतृत्व विकसित हो सकता है।</p>
<p>इस समय सेमीकंडक्टर विनिर्माण में सिलिकॉन-आधारित प्रौद्योगिकियों का प्रभुत्व है। इसका नेतृत्व अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देश कर रहे हैं।</p>
<p>एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, “आईआईएससी के वैज्ञानिकों के एक दल ने अप्रैल, 2022 में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) को एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपी, जिसे संशोधित करके अक्टूबर, 2024 में फिर से पेश किया गया। बाद में रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के साथ साझा किया गया। इस परियोजना में एंग्स्ट्रॉम-स्केल चिप विकसित करने की बात कही गई है, जो आज तैयार हो रहे सबसे छोटे चिप्स से भी छोटे हैं।”</p>
<p>डीपीआर में ग्रेफीन और ट्रांजिशन मेटल डाइचेलकोजेनाइड्स (टीएमडी) जैसी बेहद बारीक सामग्रियों का उपयोग करके 2डी सेमीकंडक्टर के विकास का प्रस्ताव है।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (मेइटी) के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है।</p>
<p>एक अधिकारी ने कहा, “मेइटी इस परियोजना के बारे में सकारात्मक है। मेइटी के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और सचिव ने इस पर बैठकें की हैं। मेइटी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक्स अनुप्रयोगों की खोज कर रहा है, जहां इस तकनीक को लागू किया जा सकता है।''</p>
<p>भारत इस समय सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए विदेशी कंपनियों पर बहुत अधिक निर्भर है। यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी है, जो आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है।</p>
<p>ताइवान के पीएसएमसी के साथ साझेदारी में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित कर रही है। इसमें 91,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इस परियोजना को भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी दी गई है और यह सरकार से 50 प्रतिशत पूंजी सहायता के लिए पात्र है।</p>
<p>इसकी तुलना में, आईआईएससी के नेतृत्व वाले प्रस्ताव में अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए पांच वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि देने का अनुरोध किया गया है। इस परियोजना में प्रारंभिक वित्तपोषण चरण के बाद आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक मसौदा भी दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140249/indian-scientists-proposed-to-develop-the-smallest-chip-of-the</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140249/indian-scientists-proposed-to-develop-the-smallest-chip-of-the</guid>
                <pubDate>Sun, 20 Apr 2025 18:26:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में भारत के पहले गैलियम-नाइट्रेट आधारित सेमीकंडक्टर संयंत्र की आधारशिला रखी गई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर, 11 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नया रायपुर में देश की पहली गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) आधारित सेमीकंडक्टर संयंत्र की आधारशिला रखी।</p>
<p>इस मौके पर पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ईश्वर राव नंदम ने राज्य में 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने बताया कि संयंत्र से उत्पादन जल्द ही शुरू हो जाएगा। संयंत्र से 2030 तक सालाना 10 अरब चिप उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p>संयंत्र में पांच और तीन नैनोमीटर की अत्याधुनिक चिप का उत्पादन किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140049/the-foundation-stone-of-indias-first-gallium-nitrate-based-semiconductor-plant"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/semiconductor.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर, 11 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नया रायपुर में देश की पहली गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) आधारित सेमीकंडक्टर संयंत्र की आधारशिला रखी।</p>
<p>इस मौके पर पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ईश्वर राव नंदम ने राज्य में 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने बताया कि संयंत्र से उत्पादन जल्द ही शुरू हो जाएगा। संयंत्र से 2030 तक सालाना 10 अरब चिप उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p>संयंत्र में पांच और तीन नैनोमीटर की अत्याधुनिक चिप का उत्पादन किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दूरसंचार उपकरण पैकेजिंग सुविधा दूरसंचार बुनियादी ढांचे, इंटरनेट ऑफ थिंग्स ‘आईओटी’, और उपग्रह संचार के लिए महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर मॉड्यूल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाएगी।</p>
<p>कुल 1,143 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में सबसे आगे रखेगी।</p>
<p>यह चिप न केवल रोजमर्रा के उपकरणों को चलाने में उपयोग में आएंगे, बल्कि वे भविष्य को भी गति देंगे। यह अगली पीढ़ी के 5जी और 6जी नेटवर्क, उच्च प्रदर्शन वाले लैपटॉप, रक्षा प्रौद्योगिकी, आंकड़ा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।</p>
<p>इस संयंत्र की स्थापना भारत की सेमीकंडक्टर आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>वैश्विक स्तर पर, गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) को सेमीकंडक्टर की दुनिया में एक पासा पलटने वाले के रूप में देखा जा रहा है। जीएएन चिप तेज, अधिक ऊर्जा-कुशल और अत्यधिक टिकाऊ हैं, जो उन्हें अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के लिए आदर्श विकल्प बनाते हैं।</p>
<p>अब तक, इस तरह की चिप के लिए भारत को विदेश पर निर्भर रहना पड़ा है। हालांकि, उनके घरेलू उत्पादन की शुरुआत न केवल इस मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को भी बढ़ावा देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140049/the-foundation-stone-of-indias-first-gallium-nitrate-based-semiconductor-plant</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140049/the-foundation-stone-of-indias-first-gallium-nitrate-based-semiconductor-plant</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 20:31:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/semiconductor.jpg"                         length="108281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        