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                <description>Currency RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब तक 2000 रुपये के 98.15 प्रतिशत नोट वापस लौटेः आरबीआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि चलन से हटाए जा चुके 2000 रुपये के 98.15 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुके हैं और अब केवल 6,577 करोड़ रुपये के ऐसे नोट ही लोगों के पास मौजूद हैं।</p><p>आरबीआई ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी।</p><p>आरबीआई ने बयान में कहा कि नोट वापस लेने की घोषणा के दिन कारोबार बंद होने के समय कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 रुपये के नोट मौजूद थे।</p><p>यह आंकड़ा 31 जनवरी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/129307/98-15-percent-notes-of-rs-2000-returned-from-now--rbi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/4769_corruption-ruppees-extortion-notes-currency.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि चलन से हटाए जा चुके 2000 रुपये के 98.15 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुके हैं और अब केवल 6,577 करोड़ रुपये के ऐसे नोट ही लोगों के पास मौजूद हैं।</p><p>आरबीआई ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी।</p><p>आरबीआई ने बयान में कहा कि नोट वापस लेने की घोषणा के दिन कारोबार बंद होने के समय कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 रुपये के नोट मौजूद थे।</p><p>यह आंकड़ा 31 जनवरी, 2025 को कारोबार बंद होने के समय घटकर 6,577 करोड़ रुपये रह गया है।</p><p>आरबीआई ने कहा, ‘‘इस तरह 19 मई, 2023 तक चलन में रहे 2000 रुपये के नोटों में से कुल 98.15 प्रतिशत वापस आ चुके हैं।’’</p><p>रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोटों को जमा करने या बदलने की सुविधा सात अक्टूबर, 2023 तक सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध कराई थी। यह सुविधा अब भी रिजर्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध है।</p><p>आरबीआई के निर्गम कार्यालय नौ अक्टूबर, 2023 से व्यक्तियों और संस्थाओं से उनके बैंक खातों में जमा करने के लिए 2000 रुपये के नोट स्वीकार कर रहे हैं।</p><p>इसके अलावा लोग देश के किसी भी डाकघर के जरिये 2000 रुपये के नोट अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए आरबीआई के किसी भी जारीकर्ता कार्यालय में भेज सकते हैं।</p><p>चलन से वापस लिए जाने के बावजूद 2000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने हुए हैं। इन नोटों को नवंबर, 2016 में तत्कालीन प्रचलित 1000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को चलन से हटाए जाने के बाद लाया गया था।</p><p><br /></p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 21:05:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय रुपये ने कनाडा, कोरिया, ब्राजील की मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया: आर्थिक समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) भारतीय रुपये ने कनाडाई डॉलर, दक्षिण कोरियाई वोन और ब्राजीलियाई रियाल जैसी अन्य मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया है।</p>
<p>शुक्रवार को संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में भारतीय रुपये में मामूली 2.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।</p>
<p>भारतीय रुपये (आईएनआर) का मूल्य बाजार तय करता है, जिसका कोई लक्ष्य, विशिष्ट स्तर या मूल्य दायरा नहीं है।</p>
<p>विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारक आईएनआर की विनिमय दर को प्रभावित करते हैं। इनमें डॉलर सूचकांक की चाल, पूंजी प्रवाह के रुझान,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/128047/indian-rupee-performed-better-than-currencies-of-canada--korea--brazil--economic-review"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/rupee-notes-bank-money-salary-20003.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) भारतीय रुपये ने कनाडाई डॉलर, दक्षिण कोरियाई वोन और ब्राजीलियाई रियाल जैसी अन्य मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया है।</p>
<p>शुक्रवार को संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में भारतीय रुपये में मामूली 2.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।</p>
<p>भारतीय रुपये (आईएनआर) का मूल्य बाजार तय करता है, जिसका कोई लक्ष्य, विशिष्ट स्तर या मूल्य दायरा नहीं है।</p>
<p>विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारक आईएनआर की विनिमय दर को प्रभावित करते हैं। इनमें डॉलर सूचकांक की चाल, पूंजी प्रवाह के रुझान, ब्याज दरें, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और चालू खाते का घाटा यानी कैड शामिल हैं।</p>
<p>समीक्षा में कहा गया, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (छह जनवरी 2025 तक) में भारतीय रुपये में मामूली 2.9 प्रतिशत की गिरावट आई। इस दौरान रुपये ने कनाडाई डॉलर, दक्षिण कोरियाई वॉन और ब्राजीलियाई रियाल जैसी मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया।’’</p>
<p>समान अवधि में कनाडाई डॉलर में 5.4 प्रतिशत, कोरियाई वॉन में 8.2 प्रतिशत और ब्राजीलियाई रियाल में 17.4 प्रतिशत की गिरावट आई।</p>
<p>समीक्षा में कहा गया कि 2024 के दौरान रुपये में गिरावट की वजह पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच डॉलर की मजबूती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 21:43:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप के मीम कॉइन में कुछ नया नहीं: अतीत में दुनियाभर के शासक भी कर चुके हैं ऐसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(गिल डेविस एसोसिएट प्रोफेसर, ऐन्शंट इजराइल प्रोग्राम, ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक यूनिवर्सिटी)</p>
<p>सिडनी, 22 (द कन्वरसेशन) मौजूदा समय में हम शायद कभी यह सोचना बंद नहीं कर सकते कि रुपयों का आविष्कार क्यों किया गया था। अगर आप इसके बारे में कुछ ज्यादा ही सोचते हैं तो आपको यह जानकर हैरानी नहीं होगी कि इसका मुख्य उद्देश्य शासकों के लिए लाभ कमाना था।</p>
<p>लगभग 2,600 साल पहले आधुनिक तुर्की (अब तुर्किये) में लिडिया के राजाओं ने एक बहुत ही चतुर योजना बनाई।</p>
<p>उन्होंने हर किसी द्वारा चीजों को खरीदने और बेचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चांदी और सोने को अपने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124252/there-is-nothing-new-in-trump-s-meme-coin--rulers-around-the-world-have-also-done-this-in-the-past"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/cryptocurrency-bitcoin1.jpg" alt=""></a><br /><p>(गिल डेविस एसोसिएट प्रोफेसर, ऐन्शंट इजराइल प्रोग्राम, ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक यूनिवर्सिटी)</p>
<p>सिडनी, 22 (द कन्वरसेशन) मौजूदा समय में हम शायद कभी यह सोचना बंद नहीं कर सकते कि रुपयों का आविष्कार क्यों किया गया था। अगर आप इसके बारे में कुछ ज्यादा ही सोचते हैं तो आपको यह जानकर हैरानी नहीं होगी कि इसका मुख्य उद्देश्य शासकों के लिए लाभ कमाना था।</p>
<p>लगभग 2,600 साल पहले आधुनिक तुर्की (अब तुर्किये) में लिडिया के राजाओं ने एक बहुत ही चतुर योजना बनाई।</p>
<p>उन्होंने हर किसी द्वारा चीजों को खरीदने और बेचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चांदी और सोने को अपने प्रतीक चिह्न वाले सिक्कों में बदल दिया और अपने क्षेत्र में रहने वाले हर व्यक्ति को इसका इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया लेकिन सिक्के का अंकित मूल्य धातु की मात्रा के मूल्य से ज्यादा था। इस अंतर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और तब से हर कोई ऐसा ही कर रहा है।</p>
<p>यहां तक ​​कि लिडियन भी हाल ही में शुरू की गई क्रिप्टोकरेंसी ‘$ट्रंप’ की अभूतपूर्व सफलता से हैरान हो गए होंगे, जिस पर अमेरिका के नए राष्ट्रपति का नाम है और अब इसकी कीमत अरबों में है।</p>
<p>लेकिन ट्रंप का कॉइन कोई नयी चीज नहीं है। सोशल मीडिया के पहले के जमाने से सिक्के चलन में रहे हैं। शासक इनका इस्तेमाल खुद व अपनी उपलब्धियों के प्रचार और दुनियाभर में अपना संदेश भेजने के लिए किया करते थे।</p>
<p>सिकंदर महान</p>
<p>सिकंदर महान ग्रीक सिक्कों पर अपनी छवि अंकित करने वाले पहले शासक थे। सिक्कों पर पहले देवी-देवताओं की ही छवि ही हुआ करती थी लेकिन सिकंदर खुद को भगवान मानने लगे, और सिक्कों पर अपनी छवि अंकित करवाई। सिकंदर द्वारा भारी संख्या में सिक्के बनवाना उनके उत्तराधिकारियों के लिए एक समस्या बन गया।</p>
<p>सिक्के मुख्य रूप से सेना को भुगतान करने के लिए बनाये गये थे। पर्याप्त धन आपूर्ति बनाए रखने की कोई आकर्षक आर्थिक धारणा नहीं थी इसलिए इन्हें केवल अन्य कारणों के लिए उपयोग में लाया जाता था। हालांकि सिक्के ही मुख्य माध्यम थे, जिसकी वजह से सभी को सिकंदर को एक प्रबल योद्धा के रूप में देखने का मौका मिला।</p>
<p>रोमन युद्ध</p>
<p>रोमन लोग प्रचार के लिए सिक्कों का इस्तेमाल करने में सबसे माहिर थे।</p>
<p>इस सिक्के पर जूलियस सीजर की छवि अंकित थी, जो उनकी शक्ति को दर्शाती है। इसके साथ ही उन्हें ‘सदा के लिए तानाशाह’ का नाम दिया गया। यह सम्मान उन्हें फरवरी 44 ईसा पूर्व के मध्य में रोमन सीनेट द्वारा दिया गया था।</p>
<p>सिक्के के पीछे की ओर उनके पौराणिक पूर्वज वीनस को विजय चिन्ह पकड़े हुए दिखाया गया है।</p>
<p>सीजर खुद को राजा के रूप में स्थापित कर रहे थे और रोमन गणराज्य को समाप्त करते जा रहे थे लेकिन वास्तव में, ऐसा नहीं हुआ। सीजर की सिर्फ एक महीने बाद मार्च में ईद पर हत्या कर दी गई।</p>
<p>मार्कस जूनियस ब्रूटस ने इस अवसर का जश्न इतिहास के सबसे प्रसिद्ध सिक्कों में से एक जारी करके मनाया, जिसके आगे वाले भाग पर उनका स्वयं का चित्र और नाम अंकित था।</p>
<p>पवित्र यरूशलम</p>
<p>पहला यहूदी विद्रोह 66 ईस्वी में शुरू हुआ, जब यहूदियों ने रोमनों से अपनी आजादी वापस पाने की कोशिश की और यरूशलम पर फिर से कब्जा कर लिया। उन्होंने रोम से अपनी आजादी की घोषणा करते हुए सिक्के जारी किए।</p>
<p>इन सिक्कों के आगे वाले भाग पर एक प्याला है, जिस पर पैलियो-हिब्रू वर्णमाला में एक शिलालेख है और पीछे की ओर तीन अनार एवं एक शिलालेख है, जिसे ‘पवित्र यरूशलम’ भी कहते हैं।</p>
<p>अन्य सिक्का ‘जायोन की स्वतंत्रता’ है, जिसे यरूशलम को राजधानी के रूप में महत्व देने और समर्थन जुटाने के लिए जारी किया गया था।</p>
<p>आधुनिक दुनिया में सिक्के</p>
<p>प्रचार और लाभ के लिए सिक्कों का उपयोग करने की परंपरा पूरे इतिहास में जारी रही है। आधुनिक समय में भी, हम सिक्कों पर शासकों की छवि देखने के आदी हैं।</p>
<p>सिक्के और बैंक नोट अभी भी विश्वास संबंधी ही हैं, हालांकि उनका मूल्य सरकार द्वारा उनके उपयोग को लागू करने और उनकी गारंटी देने से प्राप्त होता है, जैसा कि लिडियन के लिए था।</p>
<p>और यहां तक ​​कि ट्रंप का मीम कॉइन भी कोई अनूठा सिक्का नहीं है।</p>
<p>निजी टकसाल स्मारक सिक्के जारी कर सकते हैं, जो वास्तव में कानूनी निविदा नहीं हैं।</p>
<p>ट्रंक का कॉइन 99.9 फीसदी शुद्ध सोने या चांदी से बना ‘मेडलियन’ है, जिनकी कीमत 100 अमेरिकी डॉलर से शुरू होती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 18:38:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपया पहली बार 85 के पार, 14 पैसे टूटकर 85.08 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 19 दिसंबर (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे टूटकर 85 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया और कारोबार के अंत में 85.08 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपया पहली बार 85 के स्तर को पार कर अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2025 के लिए अपने अनुमानों को समायोजित करने से भारतीय रुपये सहित उभरते बाजार की मुद्राओं पर दबाव पड़ा।</p>
<p>अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अनुमान के मुताबिक प्रमुख ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/112244/rupee-crosses-85-for-the-first-time--falls-14-paise-to-all-time-low-of-85-08-per-dollar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/dollar-currency-money-note1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 19 दिसंबर (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे टूटकर 85 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया और कारोबार के अंत में 85.08 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपया पहली बार 85 के स्तर को पार कर अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2025 के लिए अपने अनुमानों को समायोजित करने से भारतीय रुपये सहित उभरते बाजार की मुद्राओं पर दबाव पड़ा।</p>
<p>अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अनुमान के मुताबिक प्रमुख ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 4.5 प्रतिशत कर दिया है।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया कमजोर रुख के साथ खुला और डॉलर के मुकाबले 85 के स्तर के पार चला गया।</p>
<p>आयातकों की ओर से डॉलर की मांग, विदेशी पूंजी की निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में नरमी के रुख के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 85.08 प्रति डॉलर (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे की गिरावट है।</p>
<p>रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.94 पर बंद हुआ था।</p>
<p>इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.88 पर रहा।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.35 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।</p>
<p>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,316.81 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/112244/rupee-crosses-85-for-the-first-time--falls-14-paise-to-all-time-low-of-85-08-per-dollar</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 20:37:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया एक पैसे बढ़कर 84.70 प्रति डॉलर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, छह दिसंबर (भाषा) रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 84.70 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर लगभग अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मुद्रास्फीति के जोखिमों का हवाला देते हुए अपनी नीतिगत दर रेपो को अपरिवर्तित रखा, लेकिन नकद आरक्षित अनुपात में कटौती की।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में समग्र गिरावट ने रुपये का समर्थन किया। हालांकि, कमजोर घरेलू बाजार ने तेज बढ़त को रोक दिया।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा में, डॉलर के मुकाबले रुपया 84.66 पर खुला। कारोबार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107164/rupee-rises-by-one-paise-against-us-currency-at-84-70-per-dollar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/dollar-currency-money-note1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, छह दिसंबर (भाषा) रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 84.70 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर लगभग अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मुद्रास्फीति के जोखिमों का हवाला देते हुए अपनी नीतिगत दर रेपो को अपरिवर्तित रखा, लेकिन नकद आरक्षित अनुपात में कटौती की।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में समग्र गिरावट ने रुपये का समर्थन किया। हालांकि, कमजोर घरेलू बाजार ने तेज बढ़त को रोक दिया।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा में, डॉलर के मुकाबले रुपया 84.66 पर खुला। कारोबार के दौरान 84.53 के उच्चतम स्तर और 84.70 के निचले स्तर को छूआ।</p>
<p>बृहस्पतिवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे की बढ़त के साथ 84.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।</p>
<p>मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि रुपया थोड़ा नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। इसका कारण रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि को अपने पिछले अनुमान 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है।’’</p>
<p>रिजर्व बैंक ने मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए अपने आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया। पहले इसके 7.2 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी।</p>
<p>चौधरी ने कहा कि डॉलर की मांग भी रुपये पर दबाव बनाए रख सकती है।</p>
<p>हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कमजोर रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकते हैं।</p>
<p>चौधरी ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा किसी तरह का हस्तक्षेप भी रुपये को सहारा दे सकता है। कारोबार अमेरिका से गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत 84.45 से 84.95 के बीच रहने की संभावना है।’’</p>
<p>इस बीच, विश्व की छह अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत बढ़कर 105.85 पर रहा।</p>
<p>वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.33 प्रतिशत घटकर 71.85 डॉलर प्रति बैरल रहा।</p>
<p>घरेलू इक्विटी बाजार के मोर्चे पर, 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 56.74 अंक गिरकर 81,709.12 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 30.60 अंक घटकर 24,677.80 अंक पर बंद हुआ।</p>
<p>शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजारों में शुद्ध लिवाल रहे, उन्होंने बृहस्पतिवार को 8,539.91 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 19:36:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे टूटकर 84.76 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच रुपया बुधवार को आठ पैसे टूटकर 84.76 (अस्थायर) प्रति डॉलर के अपने अब तक के निचले स्तर पर बंद हुआ।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी प्रवाह से स्थानीय मुद्रा को निचले स्तर पर समर्थन मिला।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.66 प्रति डॉलर पर खुला और दिन में 84.65 से 84.76 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार किया। अंत में यह अपने अब तक के निचले स्तर 84.76 (अस्थायी) प्रति डॉलर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/106376/rupee-falls-8-paise-to-all-time-low-of-84-76-against-us-dollar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/dollar-currency-money-note1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच रुपया बुधवार को आठ पैसे टूटकर 84.76 (अस्थायर) प्रति डॉलर के अपने अब तक के निचले स्तर पर बंद हुआ।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी प्रवाह से स्थानीय मुद्रा को निचले स्तर पर समर्थन मिला।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.66 प्रति डॉलर पर खुला और दिन में 84.65 से 84.76 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार किया। अंत में यह अपने अब तक के निचले स्तर 84.76 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले आठ पैसे की गिरावट है।</p>
<p>रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.68 पर बंद हुआ था।</p>
<p>मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में सकारात्मक रुख से रुपये ने शुरुआती लाभ खो दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिकी श्रम विभाग के रोजगार के बारे में जानकारी देने वाले सर्वेक्षण में सकारात्मक आंकड़ों तथा चीन से कैक्सिन सर्विसेज क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के निराशाजनक आंकड़ों के कारण डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर-रुपये के हाजिर मूल्य के 84.50 से 85 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।</p>
<p>इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.47 पर रहा।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.83 प्रतिशत चढ़कर 74.23 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।</p>
<p>घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 110.58 अंक चढ़कर 80,956.33 अंक, जबकि निफ्टी 10.30 अंक की बढ़त के साथ 24,467.45 अंक पर बंद हुआ।</p>
<p>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को लिवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,664.67 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/106376/rupee-falls-8-paise-to-all-time-low-of-84-76-against-us-dollar</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 19:55:53 +0530</pubDate>
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                <title>रुपया 13 पैसे लुढ़क कर अबतक के सबसे निचले स्तर 84.73 प्रति डॉलर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, दो दिसंबर (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 13 पैसे लुढ़क कर अबतक के अपने सबसे निचले स्तर 84.73 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। जीडीपी समेत निराशाजनक वृहद आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि ब्रिक्स मुद्रा पर ट्रंप के बयान के बाद एशियाई मुद्राओं में गिरावट आई है, क्योंकि इस कदम से डॉलर में और मजबूती आ सकती है।</p>
<p>अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को धमकी दी थी कि यदि ब्रिक्स राष्ट्र अमेरिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105801/rupee-falls-by-13-paise-to-its-lowest-ever-level"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k02122024-13.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, दो दिसंबर (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 13 पैसे लुढ़क कर अबतक के अपने सबसे निचले स्तर 84.73 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। जीडीपी समेत निराशाजनक वृहद आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि ब्रिक्स मुद्रा पर ट्रंप के बयान के बाद एशियाई मुद्राओं में गिरावट आई है, क्योंकि इस कदम से डॉलर में और मजबूती आ सकती है।</p>
<p>अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को धमकी दी थी कि यदि ब्रिक्स राष्ट्र अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए काम करते हैं तो उन देशों से आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।</p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.59 प्रति डॉलर पर खुला था। अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.73 (अस्थायी) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे की गिरावट है।</p>
<p>रुपया शुक्रवार को अपने 13 पैसे की गिरावट के साथ अपने सर्वकालिक निचले स्तर 84.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।</p>
<p>इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.27 पर रहा।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.99 प्रतिशत चढ़कर 72.59 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।</p>
<p>मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें आशंका है मजबूत डॉलर और एफआईआई निकासी से रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है। डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क संबंधी चेतावनी से डॉलर और मजबूत हो सकता है।’’</p>
<p>चौधरी ने कहा कि हालांकि, सकारात्मक घरेलू बाजार रुपये को निचले स्तरों पर सहारा दे सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत के 84.50 रुपये से 84.95 रुपये के दायरे में कारोबार करने का अनुमान है।</p>
<p>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,383.55 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/105801/rupee-falls-by-13-paise-to-its-lowest-ever-level</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 20:59:29 +0530</pubDate>
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