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                <title>Enforcement Directorate (ED) - Loktej</title>
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                <description>Enforcement Directorate (ED) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले ईडी का बड़ा एक्शन, सिलीगुड़ी और हावड़ा समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 16 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में बड़ी छापेमारी की है।</p>
<p>केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई गैर-कानूनी कॉल सेंटर के माध्यम से किए जा रहे वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के शक में की जा रही है। ईडी की अलग-अलग टीमों ने सिलीगुड़ी, हावड़ा, विधाननगर और दुर्गापुर जैसे महत्वपूर्ण शहरों में एक साथ दस्तक दी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, इन कॉल सेंटरों के जरिए विदेशी नागरिकों को ठगने और उस रकम को अवैध रूप से चुनाव में खपाने की आशंका जताई जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146051/eds-big-action-before-elections-in-west-bengal-raids-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 16 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में बड़ी छापेमारी की है।</p>
<p>केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई गैर-कानूनी कॉल सेंटर के माध्यम से किए जा रहे वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के शक में की जा रही है। ईडी की अलग-अलग टीमों ने सिलीगुड़ी, हावड़ा, विधाननगर और दुर्गापुर जैसे महत्वपूर्ण शहरों में एक साथ दस्तक दी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, इन कॉल सेंटरों के जरिए विदेशी नागरिकों को ठगने और उस रकम को अवैध रूप से चुनाव में खपाने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>छापेमारी के दौरान ईडी के निशाने पर कई रसूखदार नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभाजीत चक्रवर्ती के आवासों व दफ्तरों की सघन तलाशी ली जा रही है।</p>
<p>जांच एजेंसी को इन लोगों के खिलाफ पुख्ता इनपुट मिले थे कि वे एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो तकनीक का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का हेरफेर कर रहे हैं।</p>
<p>तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण, संदिग्ध बैंक दस्तावेज और बेनामी संपत्ति से जुड़े कागज बरामद किए गए हैं, जिनका मिलान आरोपियों के आय स्रोतों से किया जा रहा है।</p>
<p>राज्य में चुनावी बिगुल बजने के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है। जहाँ एक तरफ केंद्रीय एजेंसियां इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ नियमित प्रक्रिया बता रही हैं, वहीं राजनीतिक दल इसे चुनाव को प्रभावित करने की रणनीति करार दे रहे हैं।</p>
<p>ईडी के सूत्रों का कहना है कि 10 अलग-अलग स्थानों पर चल रही यह छापेमारी देर शाम तक जारी रह सकती है, जिसमें कुछ बड़ी गिरफ्तारियों की भी संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर छापेमारी वाले सभी स्थानों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 15:43:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में एक घर से पांच करोड़ रुपये नकद और आठ करोड़ रुपये के आभूषण बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दिल्ली के एक घर में तलाशी के दौरान 5.12 करोड़ रुपये नकद और 8.80 करोड़ रुपये के सोने तथा हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस बरामद किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक ईडी ने तलाशी के दौरान इसके अलावा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए।</p>
<p>ईडी द्वारा दक्षिण दिल्ली के सर्वप्रिया विहार स्थित घर पर यह छापेमारी हरियाणा के फरार अपराधी इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में की गयी है। ईडी के मुताबिक इंदरजीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144938/rs-5-crore-cash-and-jewelery-worth-rs-8-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दिल्ली के एक घर में तलाशी के दौरान 5.12 करोड़ रुपये नकद और 8.80 करोड़ रुपये के सोने तथा हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस बरामद किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक ईडी ने तलाशी के दौरान इसके अलावा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए।</p>
<p>ईडी द्वारा दक्षिण दिल्ली के सर्वप्रिया विहार स्थित घर पर यह छापेमारी हरियाणा के फरार अपराधी इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में की गयी है। ईडी के मुताबिक इंदरजीत सिंह यादव संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सक्रिय है।</p>
<p>ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह घर यादव के कथित सहयोगी अमन कुमार नामक एक व्यक्ति का है, और मंगलवार से शुरू हुई छापेमारी जारी है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह नोट गिनने वाली मशीनों से लैस बैंक के अधिकारियों को बुलाया गया, और अब तक 5.12 करोड़ रुपये की नकदी, 8.80 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों से भरे एक सूटकेस के अलावा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और बैंक की चेकबुक से भरा एक बैग बरामद किया गया है।</p>
<p>ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी के लिए इंदरजीत सिंह यादव और अमन कुमार दोनों से ही संपर्क नहीं हो सका। यादव के खिलाफ धनशोधन का मामला कथित अवैध वसूली, निजी वित्तदाताओं से जबरन ऋण निपटान और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने से संबंधित है।</p>
<p>ईडी का यह मामला यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दायर 14 प्राथमिकी और आरोप-पत्र से जुड़ा है।</p>
<p>इस मामले में ईडी ने 26 और 27 दिसंबर को दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा के रोहतक में 10 स्थानों पर पहले चरण का तलाशी अभियान चलाया था। यादव से जुड़े स्थानों के अलावा, ईडी ने अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड नामक कंपनी से संबंधित परिसरों पर भी छापा मारा।</p>
<p>ईडी ने 29 दिसंबर को जारी एक बयान में कहा कि यादव हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है और वर्तमान में फरार है तथा यूएई से अपना काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144938/rs-5-crore-cash-and-jewelery-worth-rs-8-crore</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 19:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने फेमा मामले में आर-इन्फ्रा के 13 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने फेमा मामले में अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के एक दर्जन से अधिक बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है जिनमें लगभग 55 करोड़ रुपये की राशि जमा है।</p>
<p>वित्तीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आर-इन्फ्रा) ने अपनी विशेष प्रयोजन इकाइयों (एसपीवी) के जरिये भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आवंटित राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं से सार्वजनिक धन की हेराफेरी की और उसे अवैध रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेज दिया।</p>
<p>यह जांच 2010 में कंपनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144522/ed-freezes-transactions-from-13-bank-accounts-of-r-infra-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने फेमा मामले में अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के एक दर्जन से अधिक बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है जिनमें लगभग 55 करोड़ रुपये की राशि जमा है।</p>
<p>वित्तीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आर-इन्फ्रा) ने अपनी विशेष प्रयोजन इकाइयों (एसपीवी) के जरिये भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आवंटित राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं से सार्वजनिक धन की हेराफेरी की और उसे अवैध रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेज दिया।</p>
<p>यह जांच 2010 में कंपनी को आवंटित एक निविदा से संबंधित है, जिसमें कंपनी को जेआर टोल रोड (जयपुर-रींगस राजमार्ग) के निर्माण के लिए ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) अनुबंध दिया गया था।</p>
<p>ईडी ने कहा कि उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के आरोप में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है। इन खातों में कुल 54.82 करोड़ रुपये की राशि जमा है।</p>
<p>आर-इन्फ्रा ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी एक सूचना में कहा कि उसे ईडी से एक आदेश मिला है, जिसके तहत कंपनी के बैंक खातों पर 77.86 करोड़ रुपये के लिए रोक लगाया गया है। यह कार्रवाई फेमा के कथित उल्लंघन से जुड़ी है।</p>
<p>जांच एजेंसी ने पिछले महीने अनिल अंबानी (66) को इस मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था लेकिन वह अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे।</p>
<p>अंबानी के प्रवक्ता द्वारा पिछले महीने जारी एक बयान में कहा गया था कि यह "पूरी तरह से घरेलू अनुबंध था जिसमें किसी भी प्रकार का विदेशी मुद्रा घटक शामिल नहीं था।"</p>
<p>बयान में कहा गया था, "जेआर टोल रोड का निर्माण पूरी तरह से संपन्न हो चुका है और 2021 से यह एनएचएआई के अधीन है।"</p>
<p>कथित धोखाधड़ी के बारे में ईडी ने कहा कि फर्जी उप-अनुबंध व्यवस्थाओं की आड़ में मुंबई में फर्जी कंपनियों को धन का हस्तांतरण किया गया और ये कंपनियां एक योजना के तहत बनाई गई थीं और इसके लिए खास बैंक शाखाओं में फर्जी निदेशकों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, पैसे को अन्य फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के ज़रिए और पॉलिश तथा अनपॉलिश हीरे आयात करने के नाम पर यूएई भेज दिया गया, जबकि इसके बदले में न तो कोई माल मिला और न ही उससे जुड़ा कोई दस्तावेज़ है।</p>
<p>इसने में कहा कि यूएई की जिन कंपनियों को धनराशि भेजी गई थी, उनके यूएई और हांगकांग दोनों में बैंक खाते थे। जांच में पाया गया कि ये संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन में शामिल व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित थीं।</p>
<p>ईडी ने कहा, "जिन फर्जी संस्थाओं के माध्यम से इस रकम का गबन किया गया, वे 600 करोड़ रुपये से अधिक के अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन में शामिल पाई गई हैं।"</p>
<p>इसने कहा कि परियोजना निधि के इस कथित दुरुपयोग के कारण प्रभावित एसपीवी में "गंभीर" वित्तीय संकट उत्पन्न हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बैंक ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में परिवर्तित हो गए। इससे ऋणदाताओं को नुकसान हुआ और सार्वजनिक वित्तीय हितों को खतरा पैदा हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144522/ed-freezes-transactions-from-13-bank-accounts-of-r-infra-in</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 21:22:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाल किला धमाके का आरोपी जसीर बिलाल वानी सात दिन के लिए एनआईए की हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में लाल किले के नजदीक हुए विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी जसीर बिलाल वानी को बृहस्पतिवार को सात दिनों के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>वानी को एनआईए ने इसलिए पेश किया क्योंकि प्रधान सत्र एवं जिला न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना द्वारा 18 नवंबर को दी गई 10-दिवसीय हिरासत आज समाप्त हो रही थी।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी को 17 नवंबर को एनआईए ने श्रीनगर में गिरफ्तार किया था।</p>
<p>उस पर 10 नवंबर के धमाके से पहले ड्रोन को संशोधित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144280/red-fort-blast-accused-jasir-bilal-wani-in-nia-custody"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में लाल किले के नजदीक हुए विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी जसीर बिलाल वानी को बृहस्पतिवार को सात दिनों के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>वानी को एनआईए ने इसलिए पेश किया क्योंकि प्रधान सत्र एवं जिला न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना द्वारा 18 नवंबर को दी गई 10-दिवसीय हिरासत आज समाप्त हो रही थी।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी को 17 नवंबर को एनआईए ने श्रीनगर में गिरफ्तार किया था।</p>
<p>उस पर 10 नवंबर के धमाके से पहले ड्रोन को संशोधित करके आतंकवादी हमले करने और रॉकेट बनाने का प्रयास करने में तकनीकी सहायता प्रदान करने का आरोप है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144280/red-fort-blast-accused-jasir-bilal-wani-in-nia-custody</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 15:01:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के खिलाफ मामले में 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों से संबंधित धन शोधन की जांच के तहत 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>संघीय जांच एजेंसी ने पहले इस मामले में 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि देश के विभिन्न भागों में स्थित संपत्तियों के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अनंतिम कुर्की का यह नया आदेश जारी किया गया है।</p>
<p>इस मामले पर अभी रिलायंस समूह से प्रतिक्रिया नहीं मिली है।</p>
<p>सूत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144164/court-sends-anmol-bishnoi-wanted-in-baba-siddiqui-murder-case"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों से संबंधित धन शोधन की जांच के तहत 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>संघीय जांच एजेंसी ने पहले इस मामले में 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि देश के विभिन्न भागों में स्थित संपत्तियों के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अनंतिम कुर्की का यह नया आदेश जारी किया गया है।</p>
<p>इस मामले पर अभी रिलायंस समूह से प्रतिक्रिया नहीं मिली है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि नवीनतम आदेश के तहत 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई है। इस मामले में कुर्क की गयी कुल संपत्ति की कीमत लगभग 9,000 करोड़ रुपये है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144164/court-sends-anmol-bishnoi-wanted-in-baba-siddiqui-murder-case</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 14:46:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल फलाह समूह के अध्यक्ष सिद्दीकी के पास भारत से भागने के कई कारण हैं: ईडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बताया है कि अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी के पास भारत से भागने के कई ‘‘कारण’’ हैं क्योंकि उसके परिवार के करीबी सदस्य खाड़ी देशों में बसे हुए हैं और उसने अपने ट्रस्ट द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों से ‘‘बेईमानी’’ से कम से कम 415 करोड़ रुपये की आय अर्जित की।</p>
<p>सिद्दीकी को संघीय जांच एजेंसी ने मंगलवार रात फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय समूह के खिलाफ दिनभर की छापेमारी के बाद हिरासत में ले लिया था। यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किले के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144144/al-falah-group-chairman-siddiqui-has-many-reasons-to-flee"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बताया है कि अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी के पास भारत से भागने के कई ‘‘कारण’’ हैं क्योंकि उसके परिवार के करीबी सदस्य खाड़ी देशों में बसे हुए हैं और उसने अपने ट्रस्ट द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों से ‘‘बेईमानी’’ से कम से कम 415 करोड़ रुपये की आय अर्जित की।</p>
<p>सिद्दीकी को संघीय जांच एजेंसी ने मंगलवार रात फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय समूह के खिलाफ दिनभर की छापेमारी के बाद हिरासत में ले लिया था। यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए विस्फोट की जांच के केंद्र में है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।</p>
<p>सिद्दीकी को बुधवार तड़के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान (साकेत अदालत) के आवास पर पेश किया गया, जहां एजेंसी ने हिरासत में पूछताछ के लिए उसकी 14 दिन की रिमांड मांगी। अदालत ने उसे एक दिसंबर तक 13 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>एजेंसी ने अदालत को बताया कि सिद्दीकी के निर्देशन में विश्वविद्यालय और उसके नियंत्रक ट्रस्ट ने झूठी मान्यता और मान्यता दावों के आधार पर छात्रों और अभिभावकों को बेईमानी से धन देने के लिए प्रेरित करके 415.10 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की।</p>
<p>इसने दावा किया गया कि सिद्दीकी की गिरफ्तारी आवश्यक थी क्योंकि उसके फरार होने और जांच में सहयोग न करने की आशंका थी।</p>
<p>ईडी ने अदालत को बताया, ‘‘आरोपी के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रभाव है और उसका गंभीर आर्थिक अपराधों का इतिहास रहा है। उसके करीबी रिश्तेदार भी खाड़ी देशों में बसे हुए हैं और उसके पास भारत से भागने के कई कारण हैं।</p>
<p>उसने कहा, ‘‘मौजूदा आरोपों की गंभीरता (जिसमें अपराध से अर्जित आय सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी गई है) और पीएमएलए के तहत संभावित परिणामों को देखते हुए यह आशंका वाजिब है कि अगर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह फरार हो सकता है या प्रभावी पूछताछ के लिए अनुपलब्ध रह सकता है, अपनी संपत्ति और खुद को अधिकार क्षेत्र से बाहर कर सकता है और जांच में देरी या बाधा उत्पन्न कर सकता है।’’</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि सिद्दीकी संस्थापक और प्रबंध न्यासी है, जो अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को ‘‘नियंत्रित’’ कर रहा था और अल फलाह विश्वविद्यालय तथा उसके संस्थानों पर वास्तविक प्रभाव रखता है।</p>
<p>इसने आरोप लगाया गया कि सिद्दीकी से हिरासत में पूछताछ ‘‘अपराध से अर्जित आय’’ का पता लगाने और उसका आकलन करने के लिए आवश्यक थी, जिसमें आयकर रिटर्न (आईटीआर) के आंकड़ों में अभी तक दिखाई नहीं देने वाली आय भी शामिल है और पीएमएलए के तहत समय पर कुर्की और जब्ती को सक्षम करने के लिए भी आवश्यक थी।</p>
<p>ईडी ने यह भी दावा किया कि सिद्दीकी के पास विश्वविद्यालय और ट्रस्ट के तहत अन्य संस्थानों के प्रवेश रजिस्टर, शुल्क बहीखाता, खातों और आईटी प्रणालियों को संभालने वाले कर्मचारियों पर ‘‘नियंत्रण’’ है और वह ‘‘रिकॉर्ड को नष्ट या बदल सकता है।’’</p>
<p>ईडी अदालत से सिद्दीकी की रिमांड मांगते हुए कहा कि पूरे अल फलाह शैक्षणिक तंत्र पर उसका नियंत्रण है और अब तक अपराध से अर्जित ‘‘415.10 करोड़ की राशि का केवल एक हिस्सा ही चिह्नित किया जा सका है।’’</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि 1990 के दशक से ही पूरा अल फलाह समूह “तेज़ी से उभरते हुए” एक बड़े शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित हो गया है।</p>
<p>सिद्दीकी के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है।</p>
<p>अदालत ने ईडी को सिद्दीकी की 13 दिन की रिमांड देते हुए कहा कि उसकी गिरफ्तारी पीएमएलए प्रावधानों के अनुसार और अपराध की गंभीरता को देखते हुए की गई है तथा जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।</p>
<p>ईडी ने अल फलाह समूह के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस की दो प्राथमिकियों का संज्ञान लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144144/al-falah-group-chairman-siddiqui-has-many-reasons-to-flee</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 15:27:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली की अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले के एक आरोपी को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट के आरोपी आमिर राशिद अली को सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>आरोपी को पटियाला हाउस अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।</p>
<p>मीडियाकर्मियों को अदालत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी।</p>
<p>एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को अदालत परिसर में और उसके आसपास तैनात किया गया है।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144113/delhi-court-sends-an-accused-in-the-red-fort-blast"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/7168_adalat.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट के आरोपी आमिर राशिद अली को सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>आरोपी को पटियाला हाउस अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।</p>
<p>मीडियाकर्मियों को अदालत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी।</p>
<p>एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को अदालत परिसर में और उसके आसपास तैनात किया गया है।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दंगा रोधी उपकरणों से लैस दल तैयार हैं।</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी में 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से लदी एक कार में हुए विस्फोट में 13 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>लाल किले के पास विस्फोट के लिए इस्तेमाल की गई कार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा का डॉक्टर उमर नबी चला रहा था। उमर का संबंध एक ‘‘सफेदपोश’’ आतंकी मॉड्यूल से था जिसका भंडाफोड़ मुख्य रूप से हरियाणा के फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी के बाद हुआ था।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, अली को एनआईए ने रविवार को गिरफ्तार किया था और जिस हुंदै आई20 कार में विस्फोट हुआ था, वह उसके नाम पर पंजीकृत थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144113/delhi-court-sends-an-accused-in-the-red-fort-blast</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 15:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने अनिल अंबानी को धनशोधन मामले में 14 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में अगले सप्ताह फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार 66 वर्षीय उद्योगपति को 14 नवंबर को पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।</p>
<p>मामला रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) द्वारा एसबीआई से 2,929 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने अगस्त में अंबानी से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी।</p>
<p>यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की 21 अगस्त को दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। सीबीआई ने इस मामले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143896/ed-calls-anil-ambani-for-questioning-on-november-14-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में अगले सप्ताह फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार 66 वर्षीय उद्योगपति को 14 नवंबर को पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।</p>
<p>मामला रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) द्वारा एसबीआई से 2,929 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने अगस्त में अंबानी से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी।</p>
<p>यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की 21 अगस्त को दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। सीबीआई ने इस मामले में मुंबई स्थित अंबानी के परिसरों पर छापे भी मारे थे। प्राथमिकी में आरकॉम, उसके निदेशक अनिल डी. अंबानी, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।</p>
<p>एसबीआई की शिकायत के अनुसार, कंपनी पर विभिन्न बैंकों का 40,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया था, जिसमें अकेले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।</p>
<p>एजेंसी ने हाल ही में अंबानी की समूह कंपनियों के खिलाफ जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143896/ed-calls-anil-ambani-for-questioning-on-november-14-in</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 15:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने जॉर्ज सोरोस के ओएसएफ और इससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ छापेमारी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 18 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के ‘‘उल्लंघन’’ से संबंधित जांच के सिलसिले में मंगलवार को अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस समर्थित ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) और उससे जुड़ी कुछ संस्थाओं के खिलाफ बेंगलुरु में उनके ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि फेमा के तहत ओएसएफ और कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह मामला ओएसएफ द्वारा कथित रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त करने और कुछ लाभार्थियों द्वारा फेमा दिशा-निर्देशों का कथित उल्लंघन कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139348/ed-raided-george-soross-osf-and-its-associated-institutions"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 18 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के ‘‘उल्लंघन’’ से संबंधित जांच के सिलसिले में मंगलवार को अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस समर्थित ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) और उससे जुड़ी कुछ संस्थाओं के खिलाफ बेंगलुरु में उनके ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि फेमा के तहत ओएसएफ और कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह मामला ओएसएफ द्वारा कथित रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त करने और कुछ लाभार्थियों द्वारा फेमा दिशा-निर्देशों का कथित उल्लंघन कर इन निधियों का उपयोग किए जाने से संबंधित है।</p>
<p>ईडी की कार्रवाई पर ओएसएफ की तरफ से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं मिली है।</p>
<p>हंगरी-अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता सोरोस और उसके संगठन ओएसएफ पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद के दौरान उनके बयानों की भी पार्टी ने आलोचना की थी।</p>
<p>ओएसएफ ने 1999 में भारत में संचालन शुरू किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139348/ed-raided-george-soross-osf-and-its-associated-institutions</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:07:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई दिशानिर्देशों के उल्लंघन को लेकर ईडी ने पेटीएम को दिया 611 करोड़ रुपये का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 03 मार्च (वेब वार्ता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने विभिन्न मामलों में फेमा के नियमों के ‘उल्लंघन’ के लिए पेटीएम की मूल कंपनी, उसके प्रबंध निदेशक और उससे जुड़ी इकाइयों को 611 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>पेटीएम की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा, इसके चेयरमैन, प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं। यह नोटिस न्यायिक कार्यवाही शुरू होने से पहले जांच एजेंसी के एक विशेष निदेशक ने जारी किया है।</p>
<p>पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138866/ed-gave-a-notice-of-rs-611-crore-to-paytm"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/d29052024-12-paytm.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 03 मार्च (वेब वार्ता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने विभिन्न मामलों में फेमा के नियमों के ‘उल्लंघन’ के लिए पेटीएम की मूल कंपनी, उसके प्रबंध निदेशक और उससे जुड़ी इकाइयों को 611 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>पेटीएम की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा, इसके चेयरमैन, प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं। यह नोटिस न्यायिक कार्यवाही शुरू होने से पहले जांच एजेंसी के एक विशेष निदेशक ने जारी किया है।</p>
<p>पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी कानून और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुसार मामले के समाधान के लिए काम कर रही है।</p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय ने बयान में कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए पेटीएम की प्रमुख कंपनी वन97 कम्युनिकेशन लि. (ओसीएल), इसके प्रबंध निदेशक और लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लि. और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लि. जैसी पेटीएम की अन्य अनुषंगी कंपनियों को लगभग 611 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।</p>
<p>जांच में पाया गया कि वन 97 कम्युनिकेशन लि. ने सिंगापुर में विदेशी निवेश किया और अनुषंगी की वैश्विक अनुषंगी के गठन के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को आवश्यक सूचना नहीं दी।</p>
<p>इसमें आरोप लगाया गया कि वन97 कम्युनिकेशन ने आरबीआई के निर्धारित उचित मूल्य निर्धारण दिशानिर्देशों का ‘पालन किये बिना’ विदेशी निवेशकों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी प्राप्त किया था।</p>
<p>ईडी ने कहा कि वन97 कम्युनिकेशन की भारत में अनुषंगी लिटिल इंडिया प्राइवेट लि. को विदेशों से एफडीआई मिला। लेकिन इसके लिए आरबीआई के कीमत निर्धारण दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया।</p>
<p>अन्य अनुषंगी कंपनी… नियरबाय इंडिया प्राइवेट लि. ने आरबीआई की समयसीमा के भीतर कंपनी द्वारा प्राप्त एफडीआई के बारे में जानकारी नहीं दी।</p>
<p>पेटीएम ने पिछले शनिवार (एक मार्च) को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा था कि उसे कंपनी और उसकी दो अनुषंगी कंपनियों… लिटिल इंटरनेट और नियरबाय… के कुछ निवेश लेनदेन के संबंध में फेमा नियमों के कथित उल्लंघन के लिए ईडी से नोटिस मिला है।</p>
<p>बाद में, पेटीएम ने स्पष्ट किया कि कथित उल्लंघन उस अवधि से संबंधित है जब दोनों कंपनियां उसकी अनुषंगी कंपनियां नहीं थीं। इसने 2017 में दोनों कंपनियों का अधिग्रहण किया था।</p>
<p>कंपनी के अनुसार, कथित उल्लंघन में वन97 कम्युनिकेशन के 245 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन, लिटिल इंटरनेट (एलआईपीएल) के लगभग 345 करोड़ रुपये और नियरबाय इंडिया (एनआईपीएल) के लगभग 21 करोड़ रुपये के लेनदेन को सूचीबद्ध किया गया है।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘कथित उल्लंघन वन97 कम्युनिकेशन , एलआईपीएल और एनआईपीएल से संबंधित कुछ निवेश लेनदेन से जुड़े हैं।’’</p>
<p>पेटीएम के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘हम लागू कानूनों और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुसार मामले को हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम अनुपालन और संचालन के उच्चतम मानकों के अनुपालन में प्रक्रियाओं को मजबूत करने और बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/138866/ed-gave-a-notice-of-rs-611-crore-to-paytm</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 22:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक धोखाधड़ी मामले में मुंबई में 12 स्थानों पर ईडी की छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 15 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 142 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत मुंबई में 12 स्थानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मेसर्स रियाल्टो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है।</p>
<p>एजेंसी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इसने बृहस्पतिवार को तलाशी ली और अचल संपत्तियों और चल संपत्तियों (बैंक फंड) और कई अन्य ‘अपराध साबित करने वाले’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/133907/ed-raids-at-12-places-in-mumbai-in-bank-fraud-case"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 15 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 142 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत मुंबई में 12 स्थानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मेसर्स रियाल्टो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है।</p>
<p>एजेंसी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इसने बृहस्पतिवार को तलाशी ली और अचल संपत्तियों और चल संपत्तियों (बैंक फंड) और कई अन्य ‘अपराध साबित करने वाले’ दस्तावेजों का ब्योरा बरामद किया, जिन्हें जब्त कर लिया गया या फ्रीज कर दिया गया।</p>
<p>इस मामले में नामित लोगों पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया को गलत तरीके से 142.72 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि मैसर्स रियाल्टो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड पुष्पक समूह से जुड़ा हुआ है और वित्तीय हेरफेर के लिए बिना किसी वास्तविक व्यापार या व्यवसाय के पुष्पक की विभिन्न संबंधित संस्थाओं के साथ लेनदेन में शामिल था।</p>
<p>ईडी ने मेसर्स रियाल्टो एक्जिम और पुष्पक समूह की अन्य संस्थाओं के बीच 500 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता लगाया है।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि तलाशी और जांच के दौरान दुबई स्थित विभिन्न फर्जी संस्थाओं के साथ लेनदेन और पुष्पक समूह की विदेशी इकाई द्वारा अमेरिका में एक खदान की खरीद का भी पता चला है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/133907/ed-raids-at-12-places-in-mumbai-in-bank-fraud-case</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 21:47:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने विदेशी मुद्रा व्यापार मामले में बैंक में जमा 170 करोड़ रुपये की राशि पर रोक लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने कथित धोखाधड़ी वाली विदेशी मुद्रा व्यापार एवं जमा योजना के प्रवर्तकों के खिलाफ हाल ही में की गई छापेमारी के बाद बैंक में जमा 170 करोड़ रुपये पर रोक लगा दी है।</p>
<p>संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि 11 फरवरी को दिल्ली, उत्तर प्रदेश के नोएडा व शामली और हरियाणा के रोहतक में विभिन्न परिसरों में छापेमारी की गई।</p>
<p>छापेमारी ‘क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड’ और इसके निदेशकों राजेंद्र सूद, विनीत कुमार और संतोष कुमार के अलावा एक "मास्टरमाइंड" नवाब अली उर्फ ​​लविश चौधरी के खिलाफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132991/ed-banned-an-amount-of-rs-170-crore-deposited-in-the-bank-in-foreign-exchange-trading-case"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d21012024-17-ed.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने कथित धोखाधड़ी वाली विदेशी मुद्रा व्यापार एवं जमा योजना के प्रवर्तकों के खिलाफ हाल ही में की गई छापेमारी के बाद बैंक में जमा 170 करोड़ रुपये पर रोक लगा दी है।</p>
<p>संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि 11 फरवरी को दिल्ली, उत्तर प्रदेश के नोएडा व शामली और हरियाणा के रोहतक में विभिन्न परिसरों में छापेमारी की गई।</p>
<p>छापेमारी ‘क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड’ और इसके निदेशकों राजेंद्र सूद, विनीत कुमार और संतोष कुमार के अलावा एक "मास्टरमाइंड" नवाब अली उर्फ ​​लविश चौधरी के खिलाफ जांच के तहत की गई।</p>
<p>धन शोधन की जांच हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा क्यूएफएक्स कंपनी के खिलाफ दर्ज की गई कई प्राथमिकी से संबंधित है, जिस पर "धोखाधड़ी" वाली विदेशी मुद्रा व्यापार योजना के माध्यम से कई निवेशकों को धोखा देने का आरोप है।</p>
<p>ईडी ने आरोप लगाया कि क्यूएफएक्स कंपनी और उसके निदेशक निवेशकों से निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा करके एक “अवैध" जमा योजना चला रहे थे।</p>
<p>ईडी ने कहा कि करीब 30 बैंक खातों में जमा 170 करोड़ रुपये के फंड को फ्रीज कर दिया गया है, क्योंकि कंपनी के निदेशक फंड के स्रोत के बारे में नहीं बता पाए।</p>
<p>ईडी ने कहा कि इसके अलावा क्यूएफएक्स/वाईएफएक्स के एक एजेंट के खिलाफ छापेमारी के बाद करीब 90 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/132991/ed-banned-an-amount-of-rs-170-crore-deposited-in-the-bank-in-foreign-exchange-trading-case</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 14:34:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

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