<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/6910/paris" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Paris - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/6910/rss</link>
                <description>Paris RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर वर्ष के अंत से पहले हो सकता है फैसला: गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 02 जून (वेब वार्ता)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और साल के अंत से पहले इसपर फैसला हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत व्यापार वार्ताओं में कार्बन टैक्स और वनों की कटाई जैसे यूरोपीय संघ के कुछ नियमों पर अपनी चिंताओं को प्रकट करेगा।</p>
<p>गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हमें यूरोपीय संघ के तौर-तरीकों और नियमों को लेकर कुछ चिंताएं हैं, इसी तरह सामने कुछ ऐसे मामले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141096/goyal-may-decide-before-the-end-of-the-year-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/piyush-goyal.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 02 जून (वेब वार्ता)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और साल के अंत से पहले इसपर फैसला हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत व्यापार वार्ताओं में कार्बन टैक्स और वनों की कटाई जैसे यूरोपीय संघ के कुछ नियमों पर अपनी चिंताओं को प्रकट करेगा।</p>
<p>गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हमें यूरोपीय संघ के तौर-तरीकों और नियमों को लेकर कुछ चिंताएं हैं, इसी तरह सामने कुछ ऐसे मामले हैं जिन पर वे चर्चा करना चाहेंगे। सभी मुद्दे सामने हैं और हम एक निष्पक्ष, संतुलित व न्यायसंगत एफटीए पर बातचीत करेंगे।’ गोयल दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। वह दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए फ्रांसीसी नेताओं और व्यापार प्रतिनिधियों से मिलेंगे।</p>
<p>एफटीए पर वार्ता के समापन की अपेक्षित समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘ एफटीए के लिए हमारे पास कभी कोई समयसीमा नहीं थी, लेकिन हम (भारत और यूरोपीय संघ) जिस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए मेरा मानना है कि इसे वर्ष के अंत से पहले ही पूरा कर सकते हैं।’</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/141096/goyal-may-decide-before-the-end-of-the-year-on</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141096/goyal-may-decide-before-the-end-of-the-year-on</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 15:11:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/piyush-goyal.jpg"                         length="47993"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेरिस : उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एआई परिवेश विकसित करने से रोकने वाले कारकों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) अग्रणी नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने पेरिस में ‘एआई एक्शन’ शिखर सम्मेलन के दौरान एक कार्यक्रम में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत एआई पारिवेश विकसित करने से रोकने वाली ‘‘प्रमुख बाधाओं’’ पर चर्चा की।</p>
<p>दिल्ली स्थित ‘सेंटर ऑफ पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस’ (सीपीआरजी) ने ‘एआई4इंडिया’ और ‘सेंटर फॉर इंडो-यूरोपियन कोऑपरेशन’ (सीआईईसी) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।</p>
<p>सीपीआरजी ने एक बयान में कहा, ‘‘विकास के लिए डेटा: ग्लोबल साउथ में एआई का निर्माण’ विषय के तहत आयोजित चर्चा में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने से रोकने वाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/133251/paris--discussion-on-factors-preventing-emerging-economies-from-developing-ai-environment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/news-photo2.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) अग्रणी नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने पेरिस में ‘एआई एक्शन’ शिखर सम्मेलन के दौरान एक कार्यक्रम में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत एआई पारिवेश विकसित करने से रोकने वाली ‘‘प्रमुख बाधाओं’’ पर चर्चा की।</p>
<p>दिल्ली स्थित ‘सेंटर ऑफ पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस’ (सीपीआरजी) ने ‘एआई4इंडिया’ और ‘सेंटर फॉर इंडो-यूरोपियन कोऑपरेशन’ (सीआईईसी) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।</p>
<p>सीपीआरजी ने एक बयान में कहा, ‘‘विकास के लिए डेटा: ग्लोबल साउथ में एआई का निर्माण’ विषय के तहत आयोजित चर्चा में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने से रोकने वाली प्रमुख बाधाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’</p>
<p>बयान में कहा गया कि इस कार्यक्रम में तीन ‘‘व्यावहारिक’’ चर्चाएं हुईं, जिनमें एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), शासन और आर्थिक लचीलेपन के बीच परस्पर संबंधों की पड़ताल पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘हमारे सम्मानित विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे एआई-संचालित नवाचार आर्थिक प्रणालियों को प्रभावित कर रहे हैं और टिकाऊ विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/133251/paris--discussion-on-factors-preventing-emerging-economies-from-developing-ai-environment</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/133251/paris--discussion-on-factors-preventing-emerging-economies-from-developing-ai-environment</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 21:38:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-03/news-photo2.jpg"                         length="36816"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी, मैक्रों ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 12 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को ‘‘गहन एवं दीर्घकालिक’’ रक्षा सहयोग पर जोर देते हुए भारत में ‘स्कॉर्पीन’ पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग की प्रगति की सराहना की तथा दोनों देशों ने मिसाइलों, हेलीकॉप्टर इंजन और जेट इंजन पर जारी चर्चाओं का स्वागत किया।</p>
<p>मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने फ्रांसीसी सेना को पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्च (एमबीआरएल) प्रणाली को "करीब से देखने" के लिए आमंत्रित किया और इस बात पर जोर दिया कि "फ्रांस द्वारा इस प्रणाली का अधिग्रहण भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132900/modi--macron-discussed-ways-to-strengthen-defense-relations"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-02/k12022025-07.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 12 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को ‘‘गहन एवं दीर्घकालिक’’ रक्षा सहयोग पर जोर देते हुए भारत में ‘स्कॉर्पीन’ पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग की प्रगति की सराहना की तथा दोनों देशों ने मिसाइलों, हेलीकॉप्टर इंजन और जेट इंजन पर जारी चर्चाओं का स्वागत किया।</p>
<p>मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने फ्रांसीसी सेना को पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्च (एमबीआरएल) प्रणाली को "करीब से देखने" के लिए आमंत्रित किया और इस बात पर जोर दिया कि "फ्रांस द्वारा इस प्रणाली का अधिग्रहण भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों में एक और मील का पत्थर होगा।"</p>
<p>दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मामलों के अलावा “असाधारण रूप से मजबूत और बहुआयामी” द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण पहलुओं पर द्विपक्षीय चर्चा की।</p>
<p>बयान में कहा गया है, “ रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास साझेदारी को और मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं ने डीजीए और डीआरडीओ के बीच रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग के लिए तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास ढांचे को शीघ्र जारी करने पर जोर दिया।</p>
<p>‘डायरेक्शन जनरल डी लारमेमेंट’ (डीजीए) फ्रांस में उद्योग के साथ आयुध कार्यक्रमों का समन्वय करता है और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भारत का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है।</p>
<p>उन्होंने दीर्घकालिक वैश्विक चुनौतियों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी व्यापक चर्चा की तथा बहुपक्षीय पहल और संस्थाओं के माध्यम से अपने वैश्विक और क्षेत्रीय जुड़ाव को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच “पश्चिम एशिया और यूक्रेन युद्ध सहित अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई।”</p>
<p>बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने “स्वतंत्र, खुले, समावेशी, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र” के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।</p>
<p>इसके मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत में ‘स्कॉर्पीन’ पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग की प्रगति की सराहना की जिसमें स्वदेशीकरण भी शामिल है।</p>
<p>दोनों नेताओं ने 15 जनवरी को पी75 स्कॉर्पीन श्रेणी परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर के जलावतरण का स्वागत किया।</p>
<p>बयान में कहा गया है, “ दोनों पक्षों ने मिसाइलों, हेलीकॉप्टर इंजन और जेट इंजन के क्षेत्र में जारी चर्चाओं का स्वागत किया। उन्होंने सफ्रान समूह की संबंधित संस्थाओं और उनके भारतीय समकक्षों के बीच उत्कृष्ट सहयोग का भी स्वागत किया।”</p>
<p>फ्रांस में मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को कहा कि उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष और असैन्य परमाणु सहयोग, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।</p>
<p>बयान के मुताबिक, “इसके अलावा, राष्ट्रपति मैक्रों ने ओसीसीएआर द्वारा प्रबंधित यूरोड्रोन एमएएलई कार्यक्रम में भारत को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया, जो रक्षा उपकरण कार्यक्रमों में हमारी साझेदारी की बढ़ती ताकत की दिशा में एक और कदम है।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/132900/modi--macron-discussed-ways-to-strengthen-defense-relations</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/132900/modi--macron-discussed-ways-to-strengthen-defense-relations</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 22:05:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-02/k12022025-07.jpg"                         length="55755"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भरोसा बढ़ाने के लिए एआई पर एक वैश्विक ढांचा बनाने की जरूरतः मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को खुले स्रोत पर आधारित कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए एक वैश्विक ढांचा स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया, जो भरोसा एवं पारदर्शिता बढ़ाने के साथ पूर्वाग्रहों से मुक्त हों।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वैश्विक एआई सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है और इस सदी में मानवता के लिए व्यवस्था (कोड) बना रहा है।</p>
<p>इसके साथ ही मोदी ने अगला ‘एआई एक्शन समिट’ भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132481/need-to-create-a-global-structure-on-ai-to-increase"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को खुले स्रोत पर आधारित कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए एक वैश्विक ढांचा स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया, जो भरोसा एवं पारदर्शिता बढ़ाने के साथ पूर्वाग्रहों से मुक्त हों।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वैश्विक एआई सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है और इस सदी में मानवता के लिए व्यवस्था (कोड) बना रहा है।</p>
<p>इसके साथ ही मोदी ने अगला ‘एआई एक्शन समिट’ भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने फ्रांस द्वारा आयोजित मौजूदा शिखर सम्मेलन में ‘एआई फाउंडेशन’ और ‘टिकाऊ एआई परिषद’ की स्थापना के बारे में लिए गए निर्णयों का समर्थन भी किया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए ऐसे सामूहिक वैश्विक प्रयासों की जरूरत है जो हमारे साझा मूल्यों को बनाए रखें, जोखिमों का ध्यान रखें और विश्वास पैदा करें।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि शासन केवल जोखिमों और प्रतिद्वंद्विता का प्रबंधन करना नहीं है, बल्कि यह नवाचारों के प्रोत्साहन और उन्हें वैश्विक भलाई के लिए तैनात करने के बारे में भी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी को लोकतांत्रिक बनाना चाहिए और आम लोगों पर केंद्रित एप्लिकेशन बनाने चाहिए। हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीप फेक से संबंधित चिंताओं का भी समाधान करना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डेटा समूहों के विकास पर जरूरत पर बल देते हुए कहा कि मुक्त स्रोत वाला ऐसा एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की जरूरत है जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के असरदार और उपयोगी होने के लिए इसे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित होना चाहिए।</p>
<p>मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एआई की क्षमता को दर्शाते हुए की। उन्होंने कहा कि एआई शब्दों के आडंबर को भेद सकता है और डॉक्टरों की पर्चियों को एक ऐसी भाषा में संक्षेप में पेश कर सकता है जिसे लोग आसानी से समझ सकें।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एआई से जुड़ी सीमाओं और पूर्वाग्रहों को भी समझने की जरूरत है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘हमें नवाचारों और शासन के बारे में गहराई से सोचना चाहिए और खुलकर चर्चा करनी चाहिए। खासकर वैश्विक दक्षिण में शासन सब लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के बारे में भी है। यहां पर क्षमताओं की सबसे अधिक कमी है, चाहे वह कंप्यूटिंग हो, बिजली हो, प्रतिभा हो, डेटा हो या वित्तीय संसाधन हों।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि में बहुत कुछ बेहतर करके लाखों लोगों का जीवन बदलने में मदद कर सकता है। यह एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें टिकाऊ विकास के लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो। इसके लिए संसाधनों और प्रतिभा को एक साथ लाना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एआई का इस्तेमाल बढ़ने पर नौकरियां जाने की आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इतिहास ने हमें दिखाया है कि प्रौद्योगिकी की वजह से काम कहीं जाता नहीं है। सिर्फ इसकी प्रकृति बदल जाती है और नई तरह की नौकरियां पैदा होती हैं।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘एआई का विकास अभूतपूर्व पैमाने और रफ्तार से हो रहा है और इसे उससे भी तेज गति से अपनाया और लागू किया जा रहा है। इसमें सीमाओं के पार भी एक-दूसरे पर गहरी निर्भरता है। हमें एआई-संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कुशल बनाने और नए सिरे से कौशल देने में निवेश करने की जरूरत है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत एआई को अपनाने और डेटा गोपनीयता पर प्रौद्योगिकी एवं कानूनी समाधान लाने में अग्रणी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हम सार्वजनिक भलाई के लिए एआई एप्लिकेशन विकसित कर रहे हैं। भारत यह सुनिश्चित करने के लिए अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने को तैयार है कि एआई का भविष्य अच्छा हो और सभी के लिए हो।’’</p>
<p>शिखर सम्मेलन के अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि एआई के लिए साझेदारी वास्तव में वैश्विक प्रकृति की है, लिहाजा इस सम्मेलन की गति को आगे बढ़ाने के लिए भारत अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी करके खुश होगा।</p>
<p>मोदी ने कहा, “हमें ‘एआई के लिए वैश्विक साझेदारी’ को वास्तव में वैश्विक प्रकृति का बनाना चाहिए। इसमें वैश्विक दक्षिण और इसकी प्राथमिकताओं, चिंताओं एवं जरूरतों को जगह दी जानी चाहिए।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/132481/need-to-create-a-global-structure-on-ai-to-increase</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/132481/need-to-create-a-global-structure-on-ai-to-increase</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 22:04:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-06/narendra-modi.jpg"                         length="147631"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई के लिए वैश्विक ढांचा बनाने को सामूहिक प्रयास जरूरीः मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को खुले स्रोत पर आधारित कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए एक वैश्विक ढांचा स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया, जो विश्वास एवं पारदर्शिता बढ़ाने के साथ पूर्वाग्रहों से मुक्त हों।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वैश्विक एआई सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है और इस सदी में मानवता के लिए व्यवस्था (कोड) बना रहा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए ऐसे सामूहिक वैश्विक प्रयासों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132308/mass-effort-is-necessary-for-ai-to-create-a-global-structure--modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को खुले स्रोत पर आधारित कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए एक वैश्विक ढांचा स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया, जो विश्वास एवं पारदर्शिता बढ़ाने के साथ पूर्वाग्रहों से मुक्त हों।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वैश्विक एआई सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है और इस सदी में मानवता के लिए व्यवस्था (कोड) बना रहा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए ऐसे सामूहिक वैश्विक प्रयासों की जरूरत है जो हमारे साझा मूल्यों को बनाए रखें, जोखिमों का ध्यान रखें और विश्वास पैदा करें।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि शासन केवल जोखिमों और प्रतिद्वंद्विता का प्रबंधन करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह नवाचारों के प्रोत्साहन और उन्हें वैश्विक भलाई के लिए तैनात करने के बारे में भी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी को लोकतांत्रिक बनाना चाहिए और आम लोगों पर केंद्रित एप्लिकेशन बनाने चाहिए। हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीप फेक से संबंधित चिंताओं का भी समाधान करना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डेटा समूहों के विकास पर जरूरत पर बल देते हुए कहा कि मुक्त स्रोत वाला ऐसा एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की जरूरत है जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के असरदार और उपयोगी होने के लिए इसे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित होना चाहिए।</p>
<p>मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एआई की क्षमता को दर्शाते हुए की। उन्होंने कहा कि एआई शब्दों के आडंबर को भेद सकता है और डॉक्टरों की पर्चियों को एक ऐसी भाषा में संक्षेप में पेश कर सकता है जिसे लोग आसानी से समझ सकें।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एआई से जुड़ी सीमाओं और पूर्वाग्रहों को भी समझने की जरूरत है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘हमें नवाचारों और शासन के बारे में गहराई से सोचना चाहिए और खुलकर चर्चा करनी चाहिए। खासकर वैश्विक दक्षिण में शासन सब लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के बारे में भी है। यहां पर क्षमताओं की सबसे अधिक कमी है, चाहे वह कंप्यूटिंग हो, बिजली हो, प्रतिभा हो, डेटा हो या वित्तीय संसाधन हों।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि में बहुत कुछ बेहतर करके लाखों लोगों का जीवन बदलने में मदद कर सकता है। यह एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें टिकाऊ विकास के लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो। इसके लिए संसाधनों और प्रतिभा को एक साथ लाना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एआई का इस्तेमाल बढ़ने पर नौकरियां जाने की आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इतिहास ने हमें दिखाया है कि प्रौद्योगिकी की वजह से काम कहीं जाता नहीं है। सिर्फ इसकी प्रकृति बदल जाती है और नई तरह की नौकरियां पैदा होती हैं।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘एआई का विकास अभूतपूर्व पैमाने और रफ्तार से हो रहा है और इसे उससे भी तेज गति से अपनाया और लागू किया जा रहा है। इसमें सीमाओं के पार भी एक-दूसरे पर गहरी निर्भरता है। हमें एआई-संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कुशल बनाने और नए सिरे से कौशल देने में निवेश करने की जरूरत है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत एआई को अपनाने और डेटा गोपनीयता पर प्रौद्योगिकी एवं कानूनी समाधान लाने में अग्रणी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम सार्वजनिक भलाई के लिए एआई एप्लिकेशन विकसित कर रहे हैं। भारत यह सुनिश्चित करने के लिए अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने को तैयार है कि एआई का भविष्य अच्छा हो और सभी के लिए हो।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/132308/mass-effort-is-necessary-for-ai-to-create-a-global-structure--modi</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/132308/mass-effort-is-necessary-for-ai-to-create-a-global-structure--modi</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 19:31:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/9726_modi1.jpg"                         length="46576"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृत्रिम मेधा के लिए संचालन व्यवस्था, मानक बनाने को वैश्विक प्रयासों की जरूरत : प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए संचालन व्यवस्था और मानक स्थापित करने को लेकर सामूहिक वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साझा मूल्यों को बनाए रखने और जोखिमों से निपटने के लिए यह जरूरी है।</p>
<p>मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कृत्रिम मेधा पर आयोजित शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘संचालन व्यवस्था और मानकों को स्थापित करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है जो हमारे साझा मूल्यों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132249/operations-for-artificial-intelligence--need-for-global-efforts-to-make-standard--prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/prime-minister-narendra-modi-4.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 11 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए संचालन व्यवस्था और मानक स्थापित करने को लेकर सामूहिक वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साझा मूल्यों को बनाए रखने और जोखिमों से निपटने के लिए यह जरूरी है।</p>
<p>मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कृत्रिम मेधा पर आयोजित शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘संचालन व्यवस्था और मानकों को स्थापित करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है जो हमारे साझा मूल्यों को बनाए रखें, जोखिमों को दूर करें और भरोसे का निर्माण करें।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कृत्रिम मेधा इस सदी में मानवता के लिए रूपरेखा लिख रही है।</p>
<p>मोदी ने कृत्रिम मेधा के कारण नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि प्रौद्योगिकी के कारण काम खत्म नहीं होता बल्कि उसकी प्रकृति बदल जाती है और नई तरह की नौकरियां सृजित होती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमें एआई संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कुशल बनाने और नये काम के तरीकों के लिए उन्हें तैयार करने में निवेश करने की जरूरत है।’’</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/132249/operations-for-artificial-intelligence--need-for-global-efforts-to-make-standard--prime-minister-modi</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/132249/operations-for-artificial-intelligence--need-for-global-efforts-to-make-standard--prime-minister-modi</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 16:49:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/prime-minister-narendra-modi-4.jpg"                         length="45788"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस पहुंचे, मैक्रों के साथ करेंगे वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 10 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर सोमवार को फ्रांस पहुंचे, जहां वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता करेंगे और उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।</p>
<p>मोदी, राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा शासनाध्यक्षों और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में एलिसी पैलेस में आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।</p>
<p>रात्रिभोज में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित कई अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है।</p>
<p>मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता करेंगे।</p>
<p>मोदी और मैक्रों प्रतिनिधिमंडल स्तर पर भी बातचीत करेंगे तथा भारत-फ्रांस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132083/prime-minister-modi-reached-france-to-attend-ai-summit--will-talk-with-macron"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 10 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर सोमवार को फ्रांस पहुंचे, जहां वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता करेंगे और उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।</p>
<p>मोदी, राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा शासनाध्यक्षों और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में एलिसी पैलेस में आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।</p>
<p>रात्रिभोज में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित कई अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है।</p>
<p>मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता करेंगे।</p>
<p>मोदी और मैक्रों प्रतिनिधिमंडल स्तर पर भी बातचीत करेंगे तथा भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे।</p>
<p>बुधवार को, दोनों नेता प्रथम विश्व युद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मजारगुएज युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे।</p>
<p>वह मार्सिले में भारत के नये महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>मोदी और मैक्रों कैडारैचे का दौरा करेंगे, जो एक उच्च-विज्ञान परियोजना, अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) का स्थल है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, यह मोदी की फ्रांस की छठी यात्रा है। फ्रांस से मोदी दो देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में अमेरिका जाएंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/132083/prime-minister-modi-reached-france-to-attend-ai-summit--will-talk-with-macron</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/132083/prime-minister-modi-reached-france-to-attend-ai-summit--will-talk-with-macron</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 22:37:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg"                         length="40657"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग किया, क्यों यह फैसला इतना बुरा ‍‍विकल्प नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(रेबेका मार्की-टाउलर, मेलबर्न विश्वविद्यालय)</p>
<p>मेलबर्न, 23 जनवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में अपनी वापसी के पहले दिन डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से अपने देश के बाहर होने का औपचारिक नोटिस जारी किया।</p>
<p>पेरिस समझौता, जलवायु परिवर्तन पर काबू पाने के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक संधि है।</p>
<p>ट्रंप ने आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले उत्साही समर्थकों के बीच अपने कारणों की घोषणा की और इस वैश्विक समझौते को ‘अनुचित व एकतरफा’ करार दिया।</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया। वह 2017 में अपने पहले कार्यकाल के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124636/trump-withdrew-america-from-the-paris-agreement--why-this-decision-is-not-such-a-bad-option"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>(रेबेका मार्की-टाउलर, मेलबर्न विश्वविद्यालय)</p>
<p>मेलबर्न, 23 जनवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में अपनी वापसी के पहले दिन डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से अपने देश के बाहर होने का औपचारिक नोटिस जारी किया।</p>
<p>पेरिस समझौता, जलवायु परिवर्तन पर काबू पाने के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक संधि है।</p>
<p>ट्रंप ने आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले उत्साही समर्थकों के बीच अपने कारणों की घोषणा की और इस वैश्विक समझौते को ‘अनुचित व एकतरफा’ करार दिया।</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया। वह 2017 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ऐसा कर चुके हैं।</p>
<p>ट्रंप का यह कदम वैश्विक जलवायु परिवर्तन को रोकने के ठोस प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है।</p>
<p>ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में चीन के बाद अमेरिका दुनिया में दूसरा नंबर पर है।</p>
<p>जलवायु परिवर्तन को रोकने के वैश्विक प्रयासों के लिए अमेरिका बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p>क्या है पेरिस समझौता</p>
<p>वर्ष 2015 में 196 देशों ने पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे और यह जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पहला व्यापक वैश्विक समझौता है।</p>
<p>इस समझौते का समग्र लक्ष्य वैश्विक तापमान में वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से दो डिग्री सेल्सियस ऊपर तक रखना है और वृद्धि को डेढ़ सेल्सियस तक सीमित रखने के प्रयास करना है।</p>
<p>समझौते के तहत, प्रत्येक राष्ट्र को वैश्विक तापमान लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने की खातिर राष्ट्रीय योजनाएं बनानी होंगी। इन योजनाओं को ‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’ के रूप में जाना जाता है।</p>
<p>ट्रंप के हटने का मतलब</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप के पिछले कार्यकाल में अमेरिका सिर्फ चार महीनों के लिए पेरिस समझौते से बाहर हुआ था हालांकि उसका प्रभाव कुछ हद तक सीमित रहा था क्योंकि राष्ट्रपति जो बाइडन ने 2021 की शुरुआत में अमेरिका को पुन: समझौते में शामिल कर लिया था।</p>
<p>इस बार, अमेरिका के समझौते से अलग होने की आधिकारिक घोषणा जल्द ही हो जाएगी और फिर वह ईरान, लीबिया और यमन के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र का एक मात्र सदस्य होगा, जो समझौते में शामिल नहीं हैं।</p>
<p>अमेरिका, जनवरी 2026 तक पेरिस समझौते में एक पक्ष के रूप में भाग ले सकता है, जिसका मतलब है कि वह इस साल ब्राजील में होने वाले सीओपी30 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में बातचीत की कोशिश कर सकता है।</p>
<p>सीओपी30 एक बड़ा मंच है। अमेरिका के हटने का मतलब है कि अगर वह इसमें भाग लेता भी है तो वह बैठक में कोई नया योगदान नहीं देगा।</p>
<p>अमेरिका के इस बैठक से बाहर होने के बाद, पेरिस समझौते के अन्य पक्षों के पास जलवायु वार्ता को आगे बढ़ाने का बेहतर मौका है।</p>
<p>इस समय ऐसा नहीं लगता कि पेरिस समझौते के पक्षकार अन्य देश ट्रंप के साथ मिलकर काम करने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p>सीओपी29 वार्ता में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने अपने वार्ताकारों को कुछ ही दिनों में वापस आने का आदेश दिया था, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था।</p>
<p>माइली ने पहले जलवायु आपातकाल को ‘समाजवादी झूठ’ के रूप में वर्णित किया था।</p>
<p>फिलहाल ट्रंप पेरिस समझौते के मूल समझौते ‘यूएन फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज’ से अलग नहीं हुए हैं इसलिए पेरिस समझौते से हटने के बाद भी अमेरिका एक पर्यवेक्षक के रूप में सीओपी बैठकों में भाग ले सकता है ।</p>
<p>फायदे और नुकसान</p>
<p>बेशक अमेरिका के पेरिस समझौते से हटने के कुछ नुकसान भी हैं।</p>
<p>पेरिस समझौते से बाहर निकलने का मतलब है कि अमेरिका को अब अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर वार्षिक आंकड़े जारी करने की आवश्यकता नहीं है। पारदर्शिता की कमी के कारण यह निर्धारित करना कठिन हो जाएगा कि दुनिया समग्र रूप से उत्सर्जन में कमी के मामले में किस तरह आगे बढ़ रही है।</p>
<p>बाइडन सरकार में अमेरिका ने विकासशील देशों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए धन दिया (हालांकि यह वादे से कम रहा)। ट्रंप से इस वित्तपोषण में कटौती किये जाने की उम्मीद है।</p>
<p>अमेरिका के इस समझौते से हटने के कारण कमजोर देशों की स्थिति और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगी। ट्रंप का हालिया कदम जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रयासरत अमेरिकियों और इसके विनाशकारी प्रभावों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष रूप से दुखद है।</p>
<p>हम उम्मीद कर सकते हैं कि पेरिस में चीन और यूरोपीय संघ जैसे अन्य पक्ष नेतृत्व की भूमिका निभाते रहेंगे तथा अन्य देश अमेरिका के हटने से बने अंतर को पाटने का प्रयास करेंगे।</p>
<p>इसलिए कुल मिलाकर अमेरिका का पेरिस समझौते से बाहर होना कई बुरे विकल्पों में से सबसे बेहतर विकल्प है।</p>
<p>यह ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई को अस्थिर करने की क्षमता को कम करता है, जिससे अन्य लोग इस कमी को पूरा करने में सक्षम हो सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/124636/trump-withdrew-america-from-the-paris-agreement--why-this-decision-is-not-such-a-bad-option</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/124636/trump-withdrew-america-from-the-paris-agreement--why-this-decision-is-not-such-a-bad-option</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 18:36:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/donald-trump.jpg"                         length="50317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी की पेरिस यात्रा से कुछ हफ्ते पहले भारत, फ्रांस ने संबंधों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगले महीने पेरिस की संभावित यात्रा से पहले भारत और फ्रांस आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार करने पर सहमत हुए हैं।</p>
<p>दोनों पक्षों ने सोमवार को पेरिस में आयोजित भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय विमर्श के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।</p>
<p>बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिसरी और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय की महासचिव ऐनी-मैरी डेस्कोट्स ने की।</p>
<p>वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति और रूस-यूक्रेन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/123924/india--france-review-ties-weeks-before-pm-modi-s-paris-visit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगले महीने पेरिस की संभावित यात्रा से पहले भारत और फ्रांस आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार करने पर सहमत हुए हैं।</p>
<p>दोनों पक्षों ने सोमवार को पेरिस में आयोजित भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय विमर्श के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।</p>
<p>बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिसरी और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय की महासचिव ऐनी-मैरी डेस्कोट्स ने की।</p>
<p>वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया।</p>
<p>मिसरी ने फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट एवं फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोने से भी मुलाकात की।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने भारत-फ्रांस क्षितिज 2047 रोडमैप में उल्लिखित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की।’’</p>
<p>जुलाई 2023 में पेरिस में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच व्यापक वार्ता के बाद ‘क्षितिज रोडमैप’ का अनावरण किया गया था। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश सहित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘चर्चा में रक्षा, नागरिक परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल, एआई, संस्थागत संवाद तंत्र और लोगों से लोगों के बीच संबंध तथा सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने वाली पहल सहित द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दे शामिल रहे।’’</p>
<p>इसने कहा कि दोनों पक्ष आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में द्विपक्षीय साझेदारी का विस्तार करने पर सहमत हुए।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तथा संकटों पर भी चर्चा की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/123924/india--france-review-ties-weeks-before-pm-modi-s-paris-visit</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/123924/india--france-review-ties-weeks-before-pm-modi-s-paris-visit</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 18:56:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg"                         length="40657"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत का सफर समाप्त, 7 स्वर्ण समेत जीते 29 पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 08 सितंबर (हि.स.)। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद भारत का सफर समाप्त हो गया है। रविवार को पैरालंपिक के अंतिम दिन पैरा कैनो में भारतीय खिलाड़ी पूजा ओझा वूमेन्स 200 मीटर एकल केएल-1 स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकीं। वह इस स्पर्धा के सेमीफाइनल में 1:17.23 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे वह फाइनल के लिए क्वालिफाई करने से चूक गईं। मौजूदा पैरालंपिक गेम्स में भारत का ये आखिरी इवेंट था। इस तरह भारतीय दल का पैरालंपिक में सफर अब समाप्त हो गया है।<br /><br />पेरिस पैरालंपिक में भारत ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104246/indias-journey-ends-in-paris-paralympics-2024-won-29-medals"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-09/b08092024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 08 सितंबर (हि.स.)। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद भारत का सफर समाप्त हो गया है। रविवार को पैरालंपिक के अंतिम दिन पैरा कैनो में भारतीय खिलाड़ी पूजा ओझा वूमेन्स 200 मीटर एकल केएल-1 स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकीं। वह इस स्पर्धा के सेमीफाइनल में 1:17.23 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे वह फाइनल के लिए क्वालिफाई करने से चूक गईं। मौजूदा पैरालंपिक गेम्स में भारत का ये आखिरी इवेंट था। इस तरह भारतीय दल का पैरालंपिक में सफर अब समाप्त हो गया है।<br /><br />पेरिस पैरालंपिक में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। अबकी बार भारत ने रिकॉर्ड 29 पदक हासिल किए। इसमें 7 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य पदक हैं। इससे पिछले सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त हो गए हैं। इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत ने 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक समेत कुल 19 पदक जीते थे। भारत ने इस बार पैरालिंपिक में भाग लेने के लिए 84 एथलीटों का अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था।<br /><br />एथलेटिक्स में जीते सबसे ज्यादा पदक<br /><br />भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार पैरा एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 17 पदक जीते हैं। इसमें चार स्वर्ण भी शामिल हैं। इसके बाद दूसरा नंबर पैरा बैडमिंटन का रहा। इसमें भारत ने एक स्वर्ण समेत 5 पदक जीते। पैरा शूटिंग में भारत को एक स्वर्ण समेत 4 पदक हासिल हुए। पैरा आर्चरी में भारत ने एक स्वर्ण समेत 2 पदक और पैरा जूडो में 1 कांस्य पदक जीता।<br /><br />पैरालंपिक गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की उड़ान<br /><br />पैरालिंपिक के इतिहास पर नजर डालें तो 1968 से लेकर 2016 के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पैरालंपिक गेम्स में सिर्फ 12 पदक जीते थे लेकिन इसके बाद पैरालंपिक गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने उड़ान भरी। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारतीय खिलाड़ियों ने 19 और मैजूदा पेरिस पैरालंपिक में 29 पदक जीते हैं, जिसका कुल योग 48 होता है। पैरालंपिक गेम्स में भारत की यह एतिहासिक उड़ान काफी मायने रखती है।<br /><br />पेरिस पैरालंपिक में अवनि ने दिलाया भारत को पहला पदक<br /><br />पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत को पहला पदक स्टार शूटर अवनि लेखरा ने दिलाया, जो स्वर्ण पदक के रूप में आया। इसके बाद नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन), सुमित अंतिल (पैरा एथलेटिक्स), हरविंदर सिंह (पैरा तीरंदाजी), धर्मबीर (पैरा एथलेटिक्स), प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) और नवदीप सिंह ने (पैरा एथलेटिक्स) भी स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय खिलाड़ियों ने 7 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य पदक समेत कुल 29 पदक हासिल किए। 29वां पदक पैरा एथलीट नवदीप सिंह ने मेन्स जैवलिन थ्रो एफ41 में दिलाया, जो स्वर्ण के रूप में रहा। इस तरह भारत का पहला और आखिरी पदक स्वर्ण पदक के रूप में रहा। पहली बार भारत ने पैरालंपिक गेम्स में इतने ज्यादा स्वर्ण पदक जीते हैं। इससे पहले भारतीय खिलाड़ियों ने टोक्यो पैरालंपिक में 5 स्वर्ण पदक जीते थे।<br /><br />पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के पदकवीर<br /><br />अवनि लेखरा (पैरा शूटिंग)- स्वर्ण पदक, आर2 वूमेन्स 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1), मोना अग्रवाल (पैरा शूटिंग)- कांस्यपदक, वूमेन्स 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1), प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य, वूमेन्स 100 मीटर रेस (टी35), मनीष नरवाल (पैरा शूटिंग)- रजत पदक, मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल (एसएच1), रुबीना फ्रांसिस (पैरा शूटिंग)- कांस्य पदक, वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल (एसएच1), प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, वूमेन्स 200 मीटर रेस (टी35), निषाद कुमार (पैरा एथलेटिक्स)-रजत पदक, मेन्स हाई जंप (टी47), योगेश कथुनिया (पैरा एथलेटिक्स)- रजत पदक, मेन्स डिस्कस थ्रो (एफ56), नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन)-स्वर्ण पदक, मेन्स सिंगल्स (एसएल3), मनीषा रामदास (पैरा बैडमिंटन)- कांस्य पदक, वूमेन्स सिंगल्स (एसयू5), थुलासिमथी मुरुगेसन (पैरा बैडमिंटन)-रजत पदक, वूमेन्स सिंगल्स (एसयू5), सुहास यथिराज (पैरा बैडमिंटन)-रजत पदक, मेन्स सिंगल्स (एसएल4), शीतल देवी-राकेश कुमार (पैरा तीरंदाजी)- कांस्य पदक, मिक्स्ड कंपाउंड ओपन, सुमित अंतिल (पैरा एथलेटिक्स)-स्वर्ण पदक, मेन्स जैवलिन थ्रो (एफ64), नित्या श्री सिवन (पैरा बैडमिंटन)- कांस्य पदक, वूमेन्स सिंगल्स (एसएच6), दीप्ति जीवनजी (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, वूमेन्स 400 मी. (टी20), मरियप्पन थंगावेलु (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, मेन्स हाई जंप (टी63), शरद कुमार (पैरा एथलेटिक्स)- रजत पदक, मेन्स हाई जंप (टी63), अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स)- रजत पदक, मेन्स जैवलिन थ्रो (एफ46), सुंदर सिंह गुर्जर (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, मेन्स जैवलिन थ्रो (एफ46), सचिन सरजेराव खिलारी ( पैरा एथलेटिक्स)- रजत पदक, मेन्स शॉट पुट (एफ46), हरविंदर सिंह (पैरा तीरंदाजी)- स्वर्ण पदक, मेन्स इंडिविजुअल रिकर्व ओपन, धर्मबीर (पैरा एथलेटिक्स)- स्वर्ण पदक, मेन्स क्लब थ्रो (एफ51), प्रणव सूरमा (पैरा एथलेटिक्स)- रजत पदक, मेन्स क्लब थ्रो (एफ51), कपिल परमार (पैरा जूडो)- कांस्य पदक, मेन्स 60 किलो (जे1), प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स)- स्वर्ण पदक, मेन्स हाई जंप (टी44), होकाटो होटोजे सेमा (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, मेन्स शॉट पुट (एफ57), सिमरन शर्मा (पैरा एथलेटिक्स)- कांस्य पदक, वूमेन्स 200 मीटर (टी12), नवदीप सिंह (पैरा एथलेटिक्स)- स्वर्ण पदक, मेन्स जैवलिन थ्रो (एफ41)।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/104246/indias-journey-ends-in-paris-paralympics-2024-won-29-medals</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/104246/indias-journey-ends-in-paris-paralympics-2024-won-29-medals</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 21:08:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-09/b08092024-06.jpg"                         length="73658"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेरिस पैरालिंपिक: होकाटो होटोज़े सेमा ने पदक कांस्य जीता, भारत को मिला 27वां पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 7 सितंबर (हि.स.)। होकाटो होटोज़े सेमा ने शुक्रवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) को स्टेड डी फ्रांस में पेरिस 2024 पैरालिंपिक की पुरुषों की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।</p>
<p>40 वर्षीय एथलीट ने अपने चौथे प्रयास में 14.65 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए चल रहे पैरालंपिक खेलों में 27वां पदक पक्का किया।<br /><br />नागालैंड के एथलीट ने 14.40 के अपने तीसरे थ्रो के साथ स्टैंडिंग में तीसरा स्थान हासिल किया और चौथे प्रयास में और सुधार किया। दूसरे भारतीय एथलीट सोमन राणा 14.07 के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहे। अपने प्रयासों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104227/paris-paralympics-hokato-hotoze-sema-won-bronze-medal-india-got"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-09/b07092024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 7 सितंबर (हि.स.)। होकाटो होटोज़े सेमा ने शुक्रवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) को स्टेड डी फ्रांस में पेरिस 2024 पैरालिंपिक की पुरुषों की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।</p>
<p>40 वर्षीय एथलीट ने अपने चौथे प्रयास में 14.65 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए चल रहे पैरालंपिक खेलों में 27वां पदक पक्का किया।<br /><br />नागालैंड के एथलीट ने 14.40 के अपने तीसरे थ्रो के साथ स्टैंडिंग में तीसरा स्थान हासिल किया और चौथे प्रयास में और सुधार किया। दूसरे भारतीय एथलीट सोमन राणा 14.07 के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहे। अपने प्रयासों के सेट को पूरा करते समय वे स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर थे, लेकिन फिनलैंड के तीजो कूपिका और होटोज़े के बेहतर प्रयासों के बाद वे रैंकिंग में नीचे आ गए।<br /><br />होटोज़े के थ्रो के सेट को पूरा करने के बाद उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी अर्जेंटीना के पाब्लो डेमियन जिमेनेज और फ्रांस के विटोलियो कावाकावा थे, लेकिन दोनों एथलीट केवल 12.99 का सर्वश्रेष्ठ प्रयास ही कर पाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/104227/paris-paralympics-hokato-hotoze-sema-won-bronze-medal-india-got</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/104227/paris-paralympics-hokato-hotoze-sema-won-bronze-medal-india-got</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 18:28:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-09/b07092024-05.jpg"                         length="58456"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेरिस पैरालंपिक : भारत को मिला 26वां पदक, प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में जीता स्वर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेरिस, 06 सितंबर (हि.स.)। भारतीय खिलाड़ियों का पेरिस पैरालंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने भारत की छोली में एक और पदक डाल दिया है। उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद टी64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारत का पेरिस पैरालंपिक में यह छठा स्वर्ण है, जबकि 26वां पदक है। भारत के खाते में अब 6 स्वर्ण, नौ रजत और 11 कांस्य पदक हो चुके हैं।<br /><br />21 साल के भारतीय एथलीट प्रवीण ने मेन्स हाई जम्प टी64 स्पर्धा के फाइनल में 2.08 मीटर की जम्प लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104222/paris-paralympics-india-gets-26th-medal-praveen-kumar-wins-gold"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-09/b06092024-17.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस, 06 सितंबर (हि.स.)। भारतीय खिलाड़ियों का पेरिस पैरालंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने भारत की छोली में एक और पदक डाल दिया है। उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद टी64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारत का पेरिस पैरालंपिक में यह छठा स्वर्ण है, जबकि 26वां पदक है। भारत के खाते में अब 6 स्वर्ण, नौ रजत और 11 कांस्य पदक हो चुके हैं।<br /><br />21 साल के भारतीय एथलीट प्रवीण ने मेन्स हाई जम्प टी64 स्पर्धा के फाइनल में 2.08 मीटर की जम्प लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया। इस स्पर्धा में अमेरिका के डेरेक लोसिडेंट 2.06 मीटर के साथ दूसरे नंबर पर रहे और रजत पदक अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान के टेमुरबेक जियाजोव ने 2.03 मीटर की जम्प के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया और कांस्य पदक जीता। प्रवीण का यह पैरालंपिक में लगातार दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में 2.07 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास से रजत पदक जीता था।<br /><br />पैरालंपिक में पहली बार जीते 6 स्वर्ण पदक<br /><br />पेरिस पैरालंपिक में भारत का ये छठा स्वर्ण पदक है। भारत ने पहली बार पैरालंपिक गेम्स में छह स्वर्ण पदक जीते हैं। इससे पहले भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में 5 स्वर्ण पदक जीते थे। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत ने 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक जीते थे। कुल 19 पदक के साथ भारत का पैरालंपिक गेम्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन था। पेरिस पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने इसे पीछे छोड़ते हुए अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर दिया है। भारत ने अभी तक कुल 26 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिसमें से 6 स्वर्ण, 9 रजत और 11 कांस्य पदक हैं। भारत पदक तालिका में 14वें नंबर पर आ चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/104222/paris-paralympics-india-gets-26th-medal-praveen-kumar-wins-gold</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/104222/paris-paralympics-india-gets-26th-medal-praveen-kumar-wins-gold</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 21:37:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-09/b06092024-17.jpg"                         length="73762"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        