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                <description>Parliament RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्य सभा में भाजपा के सांसदों की संख्या हुई 113, सभापति ने दी विलय को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ताकत और बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (आआपा) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसदों को राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है।</p>
<p>सोमवार को राज्यसभा सचिवालय द्वारा सदन में सभी दलों के सांसदों की अद्यतन सूची जारी की गई, जिसमें इन सातों नेताओं के नाम भाजपा सांसदों की सूची में शामिल कर दिए गए। इससे भाजपा को उच्च सदन में और अधिक राजनीतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146825/number-of-bjp-mps-in-rajya-sabha-increased-to-113"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/new-parliament-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ताकत और बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (आआपा) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसदों को राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है।</p>
<p>सोमवार को राज्यसभा सचिवालय द्वारा सदन में सभी दलों के सांसदों की अद्यतन सूची जारी की गई, जिसमें इन सातों नेताओं के नाम भाजपा सांसदों की सूची में शामिल कर दिए गए। इससे भाजपा को उच्च सदन में और अधिक राजनीतिक मजबूती मिली है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। ये सभी अब आधिकारिक रूप से भाजपा संसदीय दल का हिस्सा बन चुके हैं।</p>
<p>केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा, राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है।</p>
<p>अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं।</p>
<p>रिजिजू ने इन सांसदों की कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उन्होंने देखा है कि इन सात सांसदों ने कभी भी अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया और न ही कोई अनुशासनहीन या गैर-संसदीय आचरण किया। उन्होंने इसे सकारात्मक राजनीति का उदाहरण बताया।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सभी का स्वागत है। साथ ही उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए ‘टुकड़े- टुकड़े’ गठबंधन को अलविदा कहने की बात भी कही।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम से राज्यसभा में भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी तथा आगामी विधाई कार्यों में पार्टी को रणनीतिक लाभ मिल सकता है।</p>
<p>विशेष रूप से ऐसे समय में जब संसद के उच्च सदन में संख्या बल कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने में निर्णायक भूमिका निभाता है, यह बदलाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:56:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं, जरूरी समर्थन से पीछे रह गया प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। लोकसभा में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। सदन में प्रस्ताव के पक्ष में अपेक्षित 360 मत नहीं जुट पाए, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका।</p>
<p>मतदान के दौरान बिल के समर्थन में 278 वोट पड़े, जबकि 211 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस तरह कुल 489 सदस्यों की मौजूदगी के बावजूद विधेयक आवश्यक बहुमत हासिल करने में असफल रहा।</p>
<p>विधेयक को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। समर्थकों ने इसे महिला सशक्तिकरण की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146650/nari-shakti-vandan-act-not-passed-in-lok-sabha-proposal"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/new-parliament-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। लोकसभा में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। सदन में प्रस्ताव के पक्ष में अपेक्षित 360 मत नहीं जुट पाए, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका।</p>
<p>मतदान के दौरान बिल के समर्थन में 278 वोट पड़े, जबकि 211 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस तरह कुल 489 सदस्यों की मौजूदगी के बावजूद विधेयक आवश्यक बहुमत हासिल करने में असफल रहा।</p>
<p>विधेयक को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। समर्थकों ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं विरोधी दलों ने इसके विभिन्न प्रावधानों पर आपत्ति जताई।</p>
<p>अब इस विधेयक का भविष्य अनिश्चित हो गया है और माना जा रहा है कि सरकार इसे संशोधनों के साथ दोबारा पेश कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 21:36:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी, 543 सीटों पर लागू होने की संभावना तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>इस संबंध में जारी अधिसूचना के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस भी तेज हो गई है।</p>
<p>संसद का विशेष सत्र आहुत कर केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश किए जाने के बीच विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146645/presidents-approval-for-womens-reservation-act-2023-increases-the-possibility-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>इस संबंध में जारी अधिसूचना के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस भी तेज हो गई है।</p>
<p>संसद का विशेष सत्र आहुत कर केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश किए जाने के बीच विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रपति की अधिसूचना के अनुसार महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर भी लागू किया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि यदि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और आरक्षण लागू करने से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाता, तब भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता बंद नहीं होगा। यह व्यवस्था मौजूदा सीटों पर ही लागू की जा सकती है।</p>
<p>चतुर्वेदी ने कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मांग को उठाता रहा है और अब इसे लागू करने का अवसर है।</p>
<p>महिलाओं के प्रति संसद की सामूहिक प्रतिबद्धता<br />उन्होंने वर्ष 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून देश की महिलाओं के प्रति संसद की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उस समय यह संकल्प लिया गया था कि 2029 तक महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब लोकसभा में 33 प्रतिशत होंगी महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 24 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का समुचित तरीके से लाभ मिले इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संसद के मौजूदा सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक कदम के तहत आगामी लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। सरकार की इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोकसभा की कुल सदस्य संख्या में भारी वृद्धि करना है।</p>
<p>वर्तमान में लोकसभा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146184/government-took-a-big-step-for-womens-reservation-now-33"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 24 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का समुचित तरीके से लाभ मिले इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संसद के मौजूदा सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक कदम के तहत आगामी लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। सरकार की इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोकसभा की कुल सदस्य संख्या में भारी वृद्धि करना है।</p>
<p>वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर 816 किए जाने का प्रस्ताव है, जिसका अर्थ है कि सदन में 273 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। इन नई सीटों में से अधिकांश महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे मौजूदा पुरुष सांसदों की स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह पिछले पांच दशकों में पहली बार होगा जब सीटों की संख्या में इस स्तर का इजाफा किया जाएगा।</p>
<p>इसके साथ ही संसद में बहुमत का आंकड़ा भी बढ़कर 409 हो जाएगा। महिला आरक्षण की राह में सबसे बड़ी बाधा परिसीमन और नई जनगणना को माना जा रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में पहले इसे नई जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जोड़ा गया था, लेकिन अब सरकार इस प्रावधान को अलग करने पर विचार कर रही है।</p>
<p>नई जनगणना में होने वाली देरी को देखते हुए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर ही नया परिसीमन कराने की योजना बना रही है, ताकि 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों में महिला कोटा प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस बदलाव से दक्षिण भारतीय राज्यों की उन चिंताओं का भी समाधान होगा, जिन्हें डर था कि जनसंख्या नियंत्रण के सफल प्रयासों के कारण संसद में उनका प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।</p>
<p>सरकार ने सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक राज्य की सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिससे उनका आनुपातिक प्रतिनिधित्व बना रहेगा। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़कर 120, बिहार की 40 से 60 और केरल की सीटें 20 से बढ़कर 30 होने का अनुमान है। इसी अनुपात में अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों में भी वृद्धि की जाएगी।</p>
<p>इस विधायी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सरकार की मंशा 4 अप्रैल को समाप्त हो रहे बजट सत्र में ही इन विधेयकों को पारित कराने की है, जिसके लिए सत्र को बढ़ाया भी जा सकता है।</p>
<p>चूंकि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, इसलिए गृह मंत्री अमित शाह विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी कुछ पार्टियां महिला कोटे के भीतर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से आरक्षण की मांग कर रही हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने बैठकों से दूरी बनाई है।</p>
<p>इसके बावजूद, यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146184/government-took-a-big-step-for-womens-reservation-now-33</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 15:30:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवरात्रि, गुड़ीपड़वा, रमजान के कारण राज्यसभा में 19 और 20 मार्च को रहेगा अवकाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 16 मार्च (वेब वार्ता)। राज्यसभा की बैठकें 19 और 20 मार्च को नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और रमजान आदि त्योहारों के कारण नहीं होंगी और इसकी भरपाई के लिए 28 और 29 मार्च को सदन की बैठकें होगीं।<br /></p><p>सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को बैठक शुरू होने पर उच्च सदन में इसकी घोषणा की। </p><p>उन्होंने कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कुछ सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गौर करते हुए 19 और 20 मार्च की बैठकों को रद्द कर दिया गया है। </p><p>उन्होंने कहा कि सदस्यों ने नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और रमजान आदि त्योहारों को देखते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146054/rajya-sabha-will-be-on-holiday-on-19th-and-20th"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 16 मार्च (वेब वार्ता)। राज्यसभा की बैठकें 19 और 20 मार्च को नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और रमजान आदि त्योहारों के कारण नहीं होंगी और इसकी भरपाई के लिए 28 और 29 मार्च को सदन की बैठकें होगीं।<br /></p><p>सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को बैठक शुरू होने पर उच्च सदन में इसकी घोषणा की। </p><p>उन्होंने कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कुछ सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गौर करते हुए 19 और 20 मार्च की बैठकों को रद्द कर दिया गया है। </p><p>उन्होंने कहा कि सदस्यों ने नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और रमजान आदि त्योहारों को देखते हुए दोनों दिन बैठकें स्थगित करने का सुझाव दिया था।<br /></p><p>सभापति ने कहा कि समय को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सदन की बैठक 28 मार्च (शनिवार) और 29 मार्च (रविवार) को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 15:52:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी : ओम बिरला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना बेहद जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और सदन की कार्यवाही हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलती है।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि वे उन सभी सांसदों के आभारी हैं, जिन्होंने उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे संसद में संवैधानिक गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>विपक्ष के इस आरोप पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145977/it-is-necessary-for-the-opposition-to-be-strong-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना बेहद जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और सदन की कार्यवाही हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलती है।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि वे उन सभी सांसदों के आभारी हैं, जिन्होंने उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे संसद में संवैधानिक गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>विपक्ष के इस आरोप पर कि उन्हें सदन में बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया, लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्यवाही तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत चलती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को सदन में बोलने से पहले स्पीकर की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। ओम बिरला ने कहा कि संसद में कोई भी फोटो, दस्तावेज, उद्धरण या छपी हुई सामग्री सदन में पेश करने से पहले स्पीकर की अनुमति लेनी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष ने कई बार इन नियमों का पालन नहीं किया, जिसके कारण उन्हें कठिन फैसले लेने पड़े।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि भारत के लोकतंत्र और उसके संविधान पर सभी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा, “सदन में सहमति और असहमति की एक महान परंपरा रही है। मैंने हमेशा कोशिश की है कि सदन में संतुलन बना रहे और सभी की आवाज सुनी जाए।”</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी के लिए नियम समान हैं और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता। ओम बिरला ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भी सदन में बोलने से पहले नोटिस देना पड़ता है।</p>
<p>स्पीकर ने स्पष्ट किया कि नियमों से परे जाकर किसी को बोलने का अधिकार नहीं दिया जा सकता और सदन केवल प्रक्रिया के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चेयर के पास ऐसा कोई बटन नहीं होता जिससे किसी सांसद का माइक बंद या चालू किया जा सके। सदस्य तभी बोल सकते हैं जब उनकी बारी आती है।</p>
<p>सांसदों के निलंबन को लेकर उठे सवालों पर ओम बिरला ने कहा कि वे किसी भी सदस्य को निलंबित करना नहीं चाहते, लेकिन कभी-कभी सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “मुझे ऐसे फैसले लेने में दुख होता है, लेकिन यह भी देखना चाहिए कि आखिर निलंबन की नौबत क्यों आती है। जब संसद के नियमों का उल्लंघन होता है, तब मुझे अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि नियम 377 के तहत स्पीकर के पास सदन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की शक्ति होती है। विपक्ष की महिला सांसदों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि जब कुछ सांसद तख्तियां लेकर ट्रेजरी बेंच की ओर बढ़े, तब संसद की गरिमा की रक्षा के लिए उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने हमेशा सदन की गरिमा बढ़ाने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की कोशिश की है और आगे भी इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:48:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया।</p>
<p>सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी पर मौजूद जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मतदान कराया।</p>
<p>मतदान के दौरान सदन में विपक्ष के प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते प्रस्ताव गिर गया।</p>
<p>इसके साथ ही स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निरस्त हो गया जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>गौरतलब है कि विपक्ष ने स्पीकर के कामकाज को लेकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145969/oppositions-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-rejected"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया।</p>
<p>सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी पर मौजूद जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मतदान कराया।</p>
<p>मतदान के दौरान सदन में विपक्ष के प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते प्रस्ताव गिर गया।</p>
<p>इसके साथ ही स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निरस्त हो गया जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>गौरतलब है कि विपक्ष ने स्पीकर के कामकाज को लेकर असंतोष जताते हुए यह प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन ध्वनिमत में इसे समर्थन नहीं मिल सका और न कि जीत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145969/oppositions-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-rejected</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 21:48:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हो सकती है चर्चा, भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 06 मार्च (वेब वार्ता)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होने जा रही है। इस चरण के दौरान लोकसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।</p>
<p>इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। संभावित बहस को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>पार्टी की ओर से जारी किए गए व्हिप के अनुसार भाजपा सांसदों को 9 और 10 मार्च को लोकसभा की कार्यवाही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145888/there-can-be-discussion-on-the-proposal-to-remove-lok"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 06 मार्च (वेब वार्ता)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होने जा रही है। इस चरण के दौरान लोकसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।</p>
<p>इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। संभावित बहस को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>पार्टी की ओर से जारी किए गए व्हिप के अनुसार भाजपा सांसदों को 9 और 10 मार्च को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में मौजूद रहना होगा। माना जा रहा है कि इन दिनों में विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है।</p>
<p>संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आम तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान वित्तीय विधेयकों और अन्य प्रमुख विधाई कार्यों पर चर्चा आगे बढ़ती है। इस बार सत्र के दौरान राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>संसदीय सूत्रों के अनुसार विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस हो सकती है। ऐसे में सत्तारूढ़ दल अपने सांसदों की पूरी मौजूदगी सुनिश्चित कर रणनीतिक रूप से तैयारी कर रहा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र का दूसरा चरण राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इसमें कई राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ संसदीय प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145888/there-can-be-discussion-on-the-proposal-to-remove-lok</link>
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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 21:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य सभा की 37 सीटों के चुनाव 16 मार्च को</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।</p>
<p>इन चुनावों में बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की सीटें शामिल हैं, जो अप्रैल माह में रिक्त होने जा रही हैं।</p>
<p>आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान करवाया जाएगा और उसी दिन शाम 5:00 बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। इस घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों के राजनीतिक गलियारों में हलचल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145639/elections-for-37-rajya-sabha-seats-on-march-16"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।</p>
<p>इन चुनावों में बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की सीटें शामिल हैं, जो अप्रैल माह में रिक्त होने जा रही हैं।</p>
<p>आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान करवाया जाएगा और उसी दिन शाम 5:00 बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। इस घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।</p>
<p>चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिसके बाद 6 मार्च को पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी।</p>
<p>नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है। मतदान की प्रक्रिया 16 मार्च को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया को 20 मार्च तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सदन में राज्यों का प्रतिनिधित्व निरंतर बना रहे।</p>
<p>राज्यसभा को भारतीय लोकतंत्र का ‘स्थायी सदन’ कहा जाता है क्योंकि यह कभी भंग नहीं होता। इसके सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, लेकिन हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, जिससे सदन में ताजगी और निरंतरता बनी रहती है।</p>
<p>इन चुनावों के जरिए विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य अपने प्रतिनिधियों को उच्च सदन में भेजेंगे। आगामी चुनाव न केवल विभिन्न राजनीतिक दलों के संख्या बल को प्रभावित करेंगे, बल्कि संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की उनकी क्षमता को भी नई दिशा देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145639/elections-for-37-rajya-sabha-seats-on-march-16</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:37:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा में हंगामा, लोकसभा के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराहट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 05 फरवरी (वेब वार्ता)। गुरुवार को राज्यसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने लोकसभा से जुड़ा मामला सदन में उठाया।</p>
<p>विपक्ष का कहना था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, और इसी के विरोध में उन्होंने राज्यसभा में अपनी बात रखी है। हालांकि सत्तापक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।</p>
<p>सरकार की ओर से कहा गया कि लोकसभा की कार्यवाही को राज्यसभा में उठाना नियमों के खिलाफ है, क्योंकि संसद के दोनों सदन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।</p>
<p>राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145429/uproar-in-rajya-sabha-clash-between-ruling-party-and-opposition"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 05 फरवरी (वेब वार्ता)। गुरुवार को राज्यसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने लोकसभा से जुड़ा मामला सदन में उठाया।</p>
<p>विपक्ष का कहना था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, और इसी के विरोध में उन्होंने राज्यसभा में अपनी बात रखी है। हालांकि सत्तापक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।</p>
<p>सरकार की ओर से कहा गया कि लोकसभा की कार्यवाही को राज्यसभा में उठाना नियमों के खिलाफ है, क्योंकि संसद के दोनों सदन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।</p>
<p>राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि देश के लोकतांत्रिक सिद्धांत संसद से चलते हैं और संसद का मतलब सिर्फ एक सदन नहीं, बल्कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि भारत में द्विसदनीय व्यवस्था है और दोनों सदनों की बराबर अहमियत है।</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसका जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर प्रधानमंत्री के भाषण को बाधित करने की रणनीति अपना रहा है। रिजिजू ने सवाल किया कि यह कौन-सी राजनीति है और अचानक आज ही यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की एक सोची-समझी तकनीक है, जिससे सदन की कार्यवाही को ठप किया जा रहा है।</p>
<p>वहीं, खड़गे ने कहा कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को चुप कराने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आज देश और अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे गंभीर विषयों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया।</p>
<p>इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने फिर दोहराया कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती और इस पर पहले भी सभापति और पीठ की ओर से कई बार स्पष्ट फैसले दिए जा चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विषय पर कहा कि यह कहना कि दोनों सदन साथ-साथ चलते हैं और एक सदन के स्थगित होने पर दूसरा भी अपने-आप स्थगित हो जाए, पूरी तरह गलत है।</p>
<p>रिजिजू ने कहा अगर विपक्ष कोई ऐसा नियम दिखा दे जिसमें लिखा हो कि लोकसभा के स्थगित होते ही राज्यसभा भी स्थगित हो जाती है, तो सरकार उसे मानने को तैयार है। उन्होंने साफ कहा कि संसद के दोनों सदन मिलकर संसद का गठन करते हैं, लेकिन उनकी कार्यवाही और नियम अलग-अलग होते हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता को लेकर कहा कि उन्हें बोलने के लिए पूरा समय दिया गया था।</p>
<p>इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राज्यसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। वित्त मंत्री ने खास तौर पर ‘लिंचिंग’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की टिप्पणी करना ठीक नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर लिंचिंग की बात हो रही है, तो यह भी याद रखना चाहिए कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान एक दर्जी की हत्या की घटना हुई थी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस शासन के समय ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन पर आज सवाल उठाए जा रहे हैं। लोकसभा के इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।</p>
<p>विपक्षी सांसदों का कहना था कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और अगर वहां विपक्ष की आवाज दबाई जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। विपक्ष के अन्य सांसदों ने कहा कि वे इस बात का विरोध जता रहे हैं कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को देश और मौजूदा हालात पर बोलने से रोका गया।</p>
<p>इसी बात को लेकर सदन में शोर-शराबा तेज हो गया और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान राज्यसभा में माहौल बेहद शोर व हंगामे भरा रहा।</p>
<p>एक तरफ विपक्ष लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और विपक्ष के अधिकारों की बात करता रहा, तो दूसरी तरफ सरकार ने नियम, परंपरा और संसदीय प्रक्रिया का हवाला देकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 15:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय आर्थिक जगत में लगातार क्रांति हो रही है : जेपी नड्डा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 04 फरवरी (वेब वार्ता)। राज्यसभा में बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लिए आज 2026 में क्या करना है और अगले पांच सालों में क्या कार्रवाई की जाएगी, इसके रोड मैप को राष्ट्रपति के अभिभाषण में इंगित किया गया है।</p>
<p>वह बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने पिछले कुछ दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरीके से आर्थिक जगत में क्रांति पर क्रांति आती चली गई है।</p>
<p>पहले यूरोपीय यूनियन के साथ हमारा समझौता, फिर आर्थिक सर्वे, उसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145414/jp-nadda-revolution-is-taking-place-continuously-in-the-indian"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/6367_jp-nadda-bjp-president.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 04 फरवरी (वेब वार्ता)। राज्यसभा में बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लिए आज 2026 में क्या करना है और अगले पांच सालों में क्या कार्रवाई की जाएगी, इसके रोड मैप को राष्ट्रपति के अभिभाषण में इंगित किया गया है।</p>
<p>वह बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने पिछले कुछ दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरीके से आर्थिक जगत में क्रांति पर क्रांति आती चली गई है।</p>
<p>पहले यूरोपीय यूनियन के साथ हमारा समझौता, फिर आर्थिक सर्वे, उसके बाद क्रांतिकारी बजट और फिर इंडो-यूएस डील। एक के बाद एक श्रृंखला में हमको ऐसा देखने को मिला है।</p>
<p>जेपी नड्डा ने कहा कि आर्थिक सर्वे की बात करूं तो इसमें बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यह सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में 20 प्रतिशत का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमारा यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। यह एग्रीमेंट भारतीय व्यवसायियों, कारीगरों, उद्यमियों और आईटी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए दरवाजे खोलने वाला है। यह एग्रीमेंट भारतीय लोगों के लिए 27 देशों का दरवाजा खोलने वाला है। इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा गया है। उन्होंने इसे रोजगार बढ़ाने वाला कदम बताया।</p>
<p>जेपी नड्डा ने सदन में इंडिया और ओमान के बीच हुए समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता मध्यपूर्व रणनीतिक ऊर्जा और व्यापार के एक कॉरिडोर के रूप में हासिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हमने लिंक वेस्ट नीति को और मजबूत किया है।</p>
<p>यहां उन्होंने इंडिया- न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे किसानों के लिए लाभकारी है। यह हमारे उद्यमियों को नई दिशा देगा। छात्रों के लिए नए गंतव्य खोलेगा। यह महिलाओं के विकास में सहायक होगा और नई संभावनाओं को तलाशेगा।</p>
<p>जेपी नड्डा ने इंग्लैंड के साथ हुए फ्री ट्रेड समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भारत के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए और उद्यमियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि आप कहते थे गरीबी हटाओ, लेकिन यह नारा देते-देते आपने मिडिल मैन पैदा किए और मिडिल मैन के माध्यम से भ्रष्टाचार हुआ है।</p>
<p>उन्होंने विपक्ष से कहा कि आपने गरीबों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। न उनको घर दिया, न उनके रहने की व्यवस्था की, न उनके लिए बैंक खाते खुलवाए, न गैस की व्यवस्था की। यह सब व्यवस्था नरेंद्र मोदी सरकार ने की है।</p>
<p>आज देश में 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर आ चुके हैं। हमने गरीब लोगों का आज सुदृढ़ीकरण किया। उनके लिए पक्के घर बनाएं। अभी तीन करोड़ घर और बनाए जाएंगे। साढ़े 12 करोड़ लोगों को पेयजल का कनेक्शन दिया, 10 करोड़ को गैस कनेक्शन दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज देशभर में 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। नड्डा ने बताया कि 6 लाख 75 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से लोगों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ कवरेज देश बन चुका है। 62 करोड़ लोगों को आज हम गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा देते हैं। गरीब आदमी अब आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल में जाता है और अपनी बीमारियों का निशुल्क उपचार करवाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले हालात यह थे कि बुजुर्ग आर्थिक तंगी के कारण अपना उपचार तक नहीं करवा पाते थे, लेकिन आज बुजुर्ग निश्चिंत होकर अपना उपचार करवाते हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि आज कैंसर का पता लगने पर 90 प्रतिशत लोगों का उपचार तीस दिन के भीतर शुरू हो जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 19:12:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने पार्लियामेंट्री मीटिंग में एनडीए सासंदों को बहुत अच्छा मार्गदर्शन दिया: किरेन रिजिजू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 03 फरवरी (वेब वार्ता)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए नेताओं को आने वाले चुनावों के बारे में गाइड किया और उन्हें गठबंधन की जीत की लय बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहने की सलाह दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एनडीए सांसदों ने विकसित देशों के साथ किए गए कई ट्रेड एग्रीमेंट के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी। रिजिजू की मानें तो इससे आम लोगों को बहुत फायदा होगा।</p>
<p>एनडीए पार्लियामेंट्री पार्टी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2026 और विकसित भारत 2047 के लिए सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145390/pm-modi-gave-very-good-guidance-to-nda-mps-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/new-parliament-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 03 फरवरी (वेब वार्ता)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए नेताओं को आने वाले चुनावों के बारे में गाइड किया और उन्हें गठबंधन की जीत की लय बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहने की सलाह दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एनडीए सांसदों ने विकसित देशों के साथ किए गए कई ट्रेड एग्रीमेंट के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी। रिजिजू की मानें तो इससे आम लोगों को बहुत फायदा होगा।</p>
<p>एनडीए पार्लियामेंट्री पार्टी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2026 और विकसित भारत 2047 के लिए सरकार के बड़े विजन पर चर्चा करने के लिए एक मीटिंग बुलाई। यह मीटिंग नई दिल्ली में संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई।</p>
<p>मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ-साथ एनडीए के तमाम मंत्री और सांसद मौजूद रहे।</p>
<p>मीटिंग के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस सेशन के दौरान अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का औपचारिक रूप से स्वागत किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक ट्रेड डील पर चर्चा हुई, जिसमें नौ ट्रेड डील शामिल हैं जिन्हें फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कहा जाता है। भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक हफ्ते से भी कम समय पहले साइन किया गया था।</p>
<p>इसके अलावा, कल अमेरिका के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट पूरा हुआ, जिससे लोगों में उत्साह है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में भी सभी लोग उत्साहित थे और उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन कॉल के बाद सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील हुई। यह पिछले दस दिनों में भारत द्वारा किया गया दूसरा ट्रेड एग्रीमेंट था।</p>
<p>रिजिजू ने कहा कि 39 विकसित देशों के साथ ये ऐतिहासिक ट्रेड डील दिखाते हैं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, ये सभी विकसित देश भारत के साथ पार्टनरशिप में तालमेल बिठाना और काम करना चाहते हैं। इससे हमारे आम लोगों को बहुत फायदा होगा। ये सभी विकसित देश हैं, चाहे वे ईयू के सभी सदस्य देश हों या ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड या यूके।”</p>
<p>इससे पहले दिन में जब प्रधानमंत्री मोदी मीटिंग के लिए पहुंचे, तो पत्रकारों के एक ग्रुप ने उन्हें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और पत्रकारों को हाथ हिलाते हुए धन्यवाद कहा। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी एनडीए सांसदों को शानदार मार्गदर्शन दिया है।</p>
<p>रिजिजू ने कहा कि उन्होंने सभी एनडीए सहयोगियों को बताया कि एनडीए परिवार लगातार एक के बाद एक चुनाव जीत रहा है। चुनाव हवा में नहीं जीते जाते; जीतने के लिए, जमीन पर काम करना होता है और अच्छी नीतियों के साथ देश को आगे बढ़ाना होता है।</p>
<p>इस दौरान रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, उन पर सोमवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया, जब उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब से जुड़े एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए लद्दाख गतिरोध का मुद्दा उठाया था।</p>
<p>उन्होंने कहा, “कल राज्यसभा में बहुत अच्छी बहस और चर्चा हुई। लोकसभा में भी चर्चा बहुत सकारात्मक माहौल में शुरू हुई। हालांकि, राहुल गांधी की वजह से दिन भर की पूरी बहस बाधित हो गई। राज्यसभा में एक शानदार बहस हुई, जिसमें सांसदों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।</p>
<p>लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा अच्छी शुरू हुई, लेकिन राहुल गांधी की वजह से सब कुछ रुक गया।” उन्होंने आगे कहा, “सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। हम सभी चुने हुए सदस्य हैं, और सदन कामकाज के नियमों और निर्धारित आचरण के अनुसार काम करता है। इसलिए, किसी को भी इसका अनादर नहीं करना चाहिए, और सभी को इसका पालन करना चाहिए।</p>
<p>अच्छी नीयत के साथ, भले ही कोई बहस में अपनी बात अच्छे से न रख पाए, लेकिन उन्हें दूसरों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों में कई सांसद अच्छी बहस करते हैं, अच्छे सुझाव देते हैं, और बोलना चाहते हैं, लेकिन राहुल गांधी की वजह से उनका समय बर्बाद हो रहा है।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस कभी भी किसी अच्छी चीज की तारीफ नहीं कर सकती; यह उनकी आदत है। वे खुद कुछ भी अच्छा हासिल नहीं कर सकते और अगर देश के लिए कुछ फायदेमंद होता है, तो वे उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 15:24:28 +0530</pubDate>
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