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                <title>S. Jaishankar - Loktej</title>
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                <description>S. Jaishankar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत ने वेनेजुएला की स्थिति पर जतायी चिंता, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का किया आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लक्जमबर्ग/नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 07 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी (वेब वार्ता)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत का मुख्य ध्यान वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने सभी पक्षों और संबंधित हितधारकों से संवाद का रास्ता अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री जेवियर बेटटेल के साथ बातचीत में श्री जयशंकर ने वेनेजुएला के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर वास्तव में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145045/india-expressed-concern-over-the-situation-in-venezuela-and-called"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लक्जमबर्ग/नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 07 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी (वेब वार्ता)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत का मुख्य ध्यान वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने सभी पक्षों और संबंधित हितधारकों से संवाद का रास्ता अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री जेवियर बेटटेल के साथ बातचीत में श्री जयशंकर ने वेनेजुएला के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर वास्तव में चिंतित हैं और वह इसमें शामिल सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे एक साथ बैठें और ऐसी स्थिति पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। मंत्रालय ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपना समर्थन दोहराया और संकट के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद पर जोर दिया। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक यात्रा परामर्श भी जारी किया है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्हें वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और काराकस के भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला पर हुयी एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में अमेरिकी हिरासत में हैं। उन पर कथित तौर पर नार्को-टेररिज्म यानी नशीली दवाओं के आतंकवादी करतूतों को चलाने में शामिल होने के आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। मादुरो दंपति ने सोमवार को नशीले पदार्थों और हथियारों से जुड़े आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145045/india-expressed-concern-over-the-situation-in-venezuela-and-called</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 14:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्री जयशंकर ने जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री मोदी का पत्र सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ढाका, 31 दिसंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र सौंपा।</p>
<p>जयशंकर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शमिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं।</p>
<p>ढाका पहुंचने के तुरंत बाद जयशंकर ने बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष और जिया के सबसे बड़े बेटे रहमान से मुलाकात की और तीन दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखने वाली इस महान नेता के निधन पर भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144932/foreign-minister-jaishankar-handed-over-prime-minister-modis-letter-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>ढाका, 31 दिसंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र सौंपा।</p>
<p>जयशंकर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शमिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं।</p>
<p>ढाका पहुंचने के तुरंत बाद जयशंकर ने बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष और जिया के सबसे बड़े बेटे रहमान से मुलाकात की और तीन दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखने वाली इस महान नेता के निधन पर भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र सौंपा। मैंने भारत सरकार और जनता की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।’’</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ मैंने विश्वास व्यक्त किया कि बेगम खालिदा जिया के दृष्टिकोण और मूल्य हमारी साझेदारी के विकास में मार्गदर्शक बनेंगे।’’</p>
<p>मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया था।</p>
<p>तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और लंबे समय तक बीएनपी की अध्यक्ष रहीं जिया का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को ढाका में निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने चक्रवात से उबरने में श्रीलंका की मदद के लिए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पैकेज का प्रस्ताव दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलंबो, 23 दिसंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत को चक्रवात दित्वा के दौरान श्रीलंका के साथ खड़ा रहने पर गर्व है और उसने द्वीप देश को 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज का प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष दूत के रूप में श्रीलंका आए जयशंकर ने ये टिप्पणियां श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेरात की मौजूदगी में कीं। उन्होंने मोदी का एक पत्र राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को भी सौंपा।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘चक्रवात दित्वा के दौरान श्रीलंका के साथ खड़े रहने पर भारत को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144785/india-proposes-us450-million-package-to-help-sri-lanka-recover"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो, 23 दिसंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत को चक्रवात दित्वा के दौरान श्रीलंका के साथ खड़ा रहने पर गर्व है और उसने द्वीप देश को 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज का प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष दूत के रूप में श्रीलंका आए जयशंकर ने ये टिप्पणियां श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेरात की मौजूदगी में कीं। उन्होंने मोदी का एक पत्र राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को भी सौंपा।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘चक्रवात दित्वा के दौरान श्रीलंका के साथ खड़े रहने पर भारत को गर्व है।’’</p>
<p>श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर आए जयशंकर ने कहा, ‘‘श्रीलंका 2022 के आर्थिक संकट से उबर ही रहा था कि तभी इस प्राकृतिक आपदा ने नयी कठिनाइयां पैदा कर दी हैं।’’</p>
<p>जयशंकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया कि हम श्रीलंका सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर उनसे बातचीत करें। उस संदर्भ में हमने जिस सहायता पैकेज का प्रस्ताव दिया है उसकी राशि 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘पैकेज में 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण और 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अनुदान सहायता शामिल होगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका सरकार के साथ परामर्श करके इस पैकेज को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारी सहायता उन क्षेत्रों को कवर करेगी जो चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें पहला क्षेत्र- सड़क, रेल और पुल संपर्क की पुन: बहाली है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा- जो घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और जिन्हें आंशिक नुकसान हुआ है, उनके निर्माण में मदद करना। तीसरा- स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों के लिए सहयोग, खासकर वे जो चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुई हैं। चौथा- कृषि क्षेत्र, जिसमें अल्पावधि और मध्यम अवधि में संभावित कमी से निपटने के उपाय शामिल हैं तथा पांचवां क्षेत्र- बेहतर आपदा प्रतिक्रिया और तैयारियों की दिशा में काम करना है।’’</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि नुकसान के पैमाने को देखते हुए भारत का श्रीलंका की मदद के लिए आगे आना स्वाभाविक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘दित्वा’ के श्रीलंका पहुंचने के पहले ही दिन भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू हो गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारे विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि कोलंबो में मौजूद थे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई, जिसके बाद हेलीकॉप्टर तैनात किए गए।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के कई ‘एमआई-17’ हेलीकॉप्टर ने श्रीलंका में दो सप्ताह से अधिक समय तक मदद पहुंचाई जबकि 80 सदस्यीय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम ने बचाव और राहत कार्य किया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत कुल मिलाकर 1,100 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिसमें सूखा राशन, तंबू, तिरपाल, स्वच्छता किट, आवश्यक वस्त्र और जल शोधन किट शामिल थीं।</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि करीब 14.5 टन दवाइयां और चिकित्सकीय उपकरण भी उपलब्ध कराए गए तथा राहत कार्यों में सहायता के लिए 60 टन अतिरिक्त उपकरण श्रीलंका लाए गए।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘सेना के इंजीनियरों ने किलिनोच्ची में सी-17 विमानों से लाए गए बेली पुल का निर्माण किया। चिल्लाल में एक और बेली पुल का निर्माण फिलहाल जारी है।’’</p>
<p>जयशंकर ने श्रीलंका की सहायता के अन्य तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर काफी निर्भर है, इसलिए भारत श्रीलंका में भारतीय पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘इसी तरह, भारत से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि इस महत्वपूर्ण समय में आपकी अर्थव्यवस्था को बल दे सकती है। हमने अतीत में श्रीलंका का मजबूत संकल्प देखा है। भारत पहले से कहीं अधिक दृढ़ता से श्रीलंका के साथ खड़ा है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/144785/india-proposes-us450-million-package-to-help-sri-lanka-recover</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 15:16:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयशंकर ने रूस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मॉस्को, 19 नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को रूस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों का उद्घाटन किया और कहा कि इनकी स्थापना से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने में ‘‘उत्प्रेरक’’ के रूप में कार्य करेगी।</p>
<p>रूस में अपनी राजनयिक उपस्थिति का विस्तार करते हुए, भारत ने येकातेरिनबर्ग और कजान शहरों में नए महावाणिज्य दूतावास खोले हैं।</p>
<p>रूस स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, अब तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144161/jaishankar-inaugurates-two-new-indian-consulates-in-russia"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को, 19 नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को रूस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों का उद्घाटन किया और कहा कि इनकी स्थापना से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने में ‘‘उत्प्रेरक’’ के रूप में कार्य करेगी।</p>
<p>रूस में अपनी राजनयिक उपस्थिति का विस्तार करते हुए, भारत ने येकातेरिनबर्ग और कजान शहरों में नए महावाणिज्य दूतावास खोले हैं।</p>
<p>रूस स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, अब तक भारतीय वाणिज्य दूतावास सेंट पीटर्सबर्ग और व्लादिवोस्तोक में थे।</p>
<p>रूस में पढ़ाई कर रहे 30,000 से अधिक भारतीय छात्रों में से 10,000 छात्र इन दो नए वाणिज्य दूतावासों द्वारा प्रदान की जाने वाली दूतावास संबंधी सेवाओं से लाभान्वित होंगे।</p>
<p>उद्घाटन समारोह में रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको और रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार भी उपस्थित थे।</p>
<p>जयशंकर ने कहा, ‘‘रूसी संघ में भारत के राजनयिक इतिहास में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।’’</p>
<p>जयशंकर ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में राजनयिक पदों पर कार्य किया था।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम इस देश में दो और महावाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं... इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना के लिए पिछले कुछ महीनों से लगातार काम किया गया।’’</p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत रूसी सरकार से मिले समर्थन का सम्मान करता है।</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि येकातेरिनबर्ग को इसके औद्योगिक महत्व के कारण अक्सर ‘‘रूस की तीसरी राजधानी’’ कहा जाता है।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘वाणिज्य दूतावास के खुलने से भारतीय और रूसी उद्योगों के बीच तकनीकी, वैज्ञानिक, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।’’</p>
<p>रूस में सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शहरों में शुमार कजान ने 2024 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भाग लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/144161/jaishankar-inaugurates-two-new-indian-consulates-in-russia</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 21:23:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दोहा, 16 नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से यहां मुलाकात की तथा ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की।</p>
<p>जयशंकर ने थानी के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया। थानी कतर के विदेश मंत्री भी हैं।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोहा में, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अल थानी से मिलकर खुशी हुई।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क सहित हमारी रणनीतिक साझेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144092/external-affairs-minister-jaishankar-met-qatars-prime-minister-and-reviewed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>दोहा, 16 नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से यहां मुलाकात की तथा ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की।</p>
<p>जयशंकर ने थानी के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया। थानी कतर के विदेश मंत्री भी हैं।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोहा में, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अल थानी से मिलकर खुशी हुई।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क सहित हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की गई। पश्चिम एशिया, क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों के आदान-प्रदान की सराहना की गई।’’</p>
<p>सरकारी कतर समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2023-24 में कतर के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 14.08 अरब अमेरिकी डॉलर का था।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 19:39:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया को वैश्विक कार्यबल की जरूरत, नयी व्यापार व्यवस्थाएं उभरेंगी: जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 28 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को बड़े पैमाने पर वैश्विक कार्यबल की जरूरत होगी और अनिश्चितताओं के बावजूद नयी व्यापार व्यवस्थाएं उभरकर सामने आएंगी।</p>
<p>जयशंकर ने वैश्विक समीकरणों में बदलाव के बीच आर्थिक संबंधों में विविधता लाने के लिए लातिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p>उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें वार्षिक सत्र से इतर ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि अनिश्चितताओं के बावजूद “व्यापार अपना रास्ता बनाता रहेगा।”</p>
<p>जयशंकर ने कहा, “दुनिया को वैश्विक कार्यबल की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143321/the-world-needs-new-business-systems-need-for-global-workforce"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क, 28 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को बड़े पैमाने पर वैश्विक कार्यबल की जरूरत होगी और अनिश्चितताओं के बावजूद नयी व्यापार व्यवस्थाएं उभरकर सामने आएंगी।</p>
<p>जयशंकर ने वैश्विक समीकरणों में बदलाव के बीच आर्थिक संबंधों में विविधता लाने के लिए लातिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p>उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें वार्षिक सत्र से इतर ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि अनिश्चितताओं के बावजूद “व्यापार अपना रास्ता बनाता रहेगा।”</p>
<p>जयशंकर ने कहा, “दुनिया को वैश्विक कार्यबल की जरूरत होगी और अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार अपना रास्ता बनाता रहेगा। हम नयी व्यापार व्यवस्थाएं, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और कार्यस्थल मॉडल देखेंगे, जो कम समय में वैश्विक परिदृश्य को बहुत अलग बना देंगे।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही लातिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों के साथ संपर्क में है, तथा वह “व्यापार एवं साझेदारी को और आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।”</p>
<p>विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि “ऐसे अशांत माहौल” में, खासतौर पर बड़े देशों के लिए, अधिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के वास्ते क्षमता निर्माण करना अहम है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “आज भारत में इस पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है। प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता, बहुध्रुवीयता और दक्षिण-दक्षिण सहयोग, सभी एक ही पहलू हैं।”</p>
<p>दक्षिण-दक्षिण सहयोग उन विकासशील देशों के बीच ज्ञान, विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को दर्शाता है जो 'ग्लोबल साउथ' का हिस्सा हैं। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य आम विकास की चुनौतियों का समाधान करना, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना और सामूहिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है, न कि विकसित देशों पर निर्भर रहना।</p>
<p>जयशंकर की यह टिप्पणी अमेरिका के एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाकर सालाना 1,00,000 अमेरिकी डॉलर किए जाने और रूसी तेल की खरीद को लेकर भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के हालिया कदमों के बीच आई है।</p>
<p>एच-1बी वीजाधारकों में भारतीय पेशेवरों की हिस्सेदारी लगभग 71 फीसदी (2.8 लाख से अधिक) और चीनी पेशेवरों की हिस्सेदारी लगभग 11.7 प्रतिशत (46,600) है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 20:06:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयशंकर ने मेक्सिको, साइप्रस, प्रशांत द्वीपीय देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र से इतर मेक्सिको, साइप्रस और प्रशांत द्वीपीय देशों के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में इन बैठकों के बारे में बताते हुए जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बुधवार को मेक्सिको के विदेश मंत्री जुआन रेमन डे ला फूएंते से मुलाकात की और दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए ‘‘अपने हालिया आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने और एक नया खाका तैयार करने’’ पर सहमत हुए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143264/jaishankar-held-bilateral-talks-with-his-counterparts-from-mexico-cyprus"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र से इतर मेक्सिको, साइप्रस और प्रशांत द्वीपीय देशों के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में इन बैठकों के बारे में बताते हुए जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बुधवार को मेक्सिको के विदेश मंत्री जुआन रेमन डे ला फूएंते से मुलाकात की और दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए ‘‘अपने हालिया आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने और एक नया खाका तैयार करने’’ पर सहमत हुए।</p>
<p>उन्होंने साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के साथ भी बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्वीपीय देश की यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की।</p>
<p>जयशंकर ने कहा, ‘‘यूरोप के घटनाक्रमों पर उनके विचारों की सराहना करता हूं। संयुक्त राष्ट्र के सहमत ढांचे और प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रस्तावों के अनुसार साइप्रस समस्या के व्यापक और स्थायी समाधान के लिए समर्थन की पुष्टि की।’’</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द कोम्बोस का भारत में स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं।</p>
<p>विदेश मंत्री ने बुधवार को यहां आयोजित एफआईपीआईसी (भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच) विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) के दौरान कई प्रशांत द्वीपीय देशों के नेताओं से भी मुलाकात की।</p>
<p>उन्होंने मार्शल द्वीप समूह के विदेश मंत्री कलानी कानेको, तुवालु के विदेश मंत्री पॉलसन पनापा और पलाऊ के विदेश मंत्री गुस्ताव ऐतारो से मुलाकात की, गर्मजोशी से बातचीत की और प्रशांत क्षेत्र के साथ जुड़ाव के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।</p>
<p>जयशंकर ने सोलोमन द्वीप समूह के विदेश मंत्री पीटर शनेल अगोवाका के साथ भी बातचीत की और टोंगा के प्रधानमंत्री डॉ. आइसाके वालु एक के साथ चर्चा की।</p>
<p>विदेश मंत्री 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 15:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयशंकर ने संरा महासभा से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें कीं; रणनीतिक, वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र से इतर दुनिया भर के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और वैश्विक संघर्षों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर इन बैठकों के बारे में जानकारी साझा की।</p>
<p>न्यूयॉर्क में मंगलवार शाम को नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वैन वील के साथ बैठक में जयशंकर ने ‘‘यूरोप की रणनीतिक स्थिति और भारत के दृष्टिकोण के बारे में गहन बातचीत’’ की।</p>
<p>उन्होंने डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन से भी मुलाकात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143239/jaishankar-discussed-strategic-global-issues-on-many-bilateral-meetings-other"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र से इतर दुनिया भर के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और वैश्विक संघर्षों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर इन बैठकों के बारे में जानकारी साझा की।</p>
<p>न्यूयॉर्क में मंगलवार शाम को नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वैन वील के साथ बैठक में जयशंकर ने ‘‘यूरोप की रणनीतिक स्थिति और भारत के दृष्टिकोण के बारे में गहन बातचीत’’ की।</p>
<p>उन्होंने डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ‘‘यूरोप में हालिया घटनाक्रमों और जारी यूक्रेन संघर्ष पर उनके विचार की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने डेनमार्क की अध्यक्षता में यूरोपीय संघ परिषद और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों एवं सहयोग पर भी चर्चा की।</p>
<p>श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के साथ जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।</p>
<p>विदेश मंत्री ने मॉरीशस के विदेश मंत्री रितेश रामफुल से भी मुलाकात की और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम की भारत की हालिया राजकीय यात्रा के बाद की कार्रवाई पर चर्चा की।</p>
<p>मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील के साथ बैठक में, जयशंकर ने मालदीव के विकास के लिए भारत के "दृढ़" समर्थन को दोहराया।</p>
<p>लेसोथो के विदेश मंत्री लेजोन मपोटजोआना, सूरीनाम के मेल्विन बौवा, सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली, सेंट लूसिया के अल्वा बैप्टिस्ट और जमैका की कामिना जे. स्मिथ के साथ अलग-अलग बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>जयशंकर ने जमैका के विदेश मंत्री के रूप में पुन: नियुक्त किए जाने पर स्मिथ को बधाई दी और भारत-जमैका साझेदारी को मजबूत करने के प्रति आशा व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने समान विचारधारा वाले ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ भी ‘‘बातचीत’’ की।</p>
<p>अपने मंत्रिस्तरीय कार्यक्रमों के अलावा जयशंकर ने दुबई स्थित बहुराष्ट्रीय ‘लॉजिस्टिक्स’ कंपनी डीपी वर्ल्ड के ग्रुप चेयरमैन और सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलेयम से मुलाकात की और ‘‘अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में वर्तमान विकास और सम्पर्क एवं साजो सामान पर उनके प्रभावों’’ पर चर्चा की।</p>
<p>इससे पहले, उन्होंने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक में भाग लिया, जिसकी मेजबानी यूरोपीय संघ के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास ने की थी।</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि इस बैठक ने ‘‘बहुपक्षवाद, भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी, यूक्रेन संघर्ष, गाजा, ऊर्जा और व्यापार पर विचारों के मुक्त आदान-प्रदान’’ का अवसर प्रदान किया।</p>
<p>विदेश मंत्री 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143239/jaishankar-discussed-strategic-global-issues-on-many-bilateral-meetings-other</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 14:44:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण : जयशंकर से मुलाकात के बाद रुबियो ने कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहित द्विपक्षीय मुद्दों पर नयी दिल्ली की निरंतर भागीदारी की ‘‘सराहना’’ भी की।</p>
<p>उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय 80वें सत्र के इतर सोमवार सुबह यहां जयशंकर से मुलाकात की।</p>
<p>विदेश विभाग द्वारा बैठक के विवरण में कहा गया है कि रुबियो ने दोहराया कि ‘‘भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं’’ और उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143217/rubio-said-after-meeting-jaishankar-a-very-important-relationship-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहित द्विपक्षीय मुद्दों पर नयी दिल्ली की निरंतर भागीदारी की ‘‘सराहना’’ भी की।</p>
<p>उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय 80वें सत्र के इतर सोमवार सुबह यहां जयशंकर से मुलाकात की।</p>
<p>विदेश विभाग द्वारा बैठक के विवरण में कहा गया है कि रुबियो ने दोहराया कि ‘‘भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं’’ और उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों तथा द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित अन्य मुद्दों सहित अनेक मुद्दों पर भारत सरकार की निरंतर भागीदारी के लिए सराहना व्यक्त की।</p>
<p>बयान में कहा गया कि है कि रुबियो और जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि अमेरिका और भारत ‘क्वाड’ के माध्यम से एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।</p>
<p>जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि न्यूयॉर्क में रुबियो से ‘‘मिलकर अच्छा लगा।’’</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमारी बातचीत में वर्तमान चिंता के कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर जुड़ाव के महत्व पर सहमति बनी। हम संपर्क में बने रहेंगे।’’</p>
<p>रुबियो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा उन्होंने जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार, ऊर्जा, दवाइयां, महत्त्वपूर्ण खनिज और अन्य विषय शामिल हैं, ताकि भारत और अमेरिका के लिए समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>पिछले कुछ महीनों में व्यापार, शुल्क (टैरिफ) और नयी दिल्ली द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर दोनों देशों में तनाव के बीच लगभग एक घंटे तक चली यह बैठक रुबियो और जयशंकर के बीच पहली आमने-सामने की बातचीत थी।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने रूसी तेल की खरीद के लिए नयी दिल्ली पर दंड स्वरूप 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया, जिससे अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया, जो विश्व में सर्वाधिक है।</p>
<p>इस बैठक से कुछ ही दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नए एच1बी वीजा पर एक लाख अमेरिकी डॉलर का भारी-भरकम शुल्क लगाने वाले एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इस घोषणा से सूचना प्रौद्योगिकी और चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों सहित भारतीय पेशेवरों में व्यापक चिंता पैदा हो गयी, जो एच1बी कुशल-कर्मचारी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।</p>
<p>रुबियो और जयशंकर ने पिछली बार जुलाई में वाशिंगटन डीसी में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर द्विपक्षीय मुलाकात की थी।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय सत्र के इतर हुई यह द्विपक्षीय बैठक उसी दिन हुई जब भारत और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए चर्चा की।</p>
<p>केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को अमेरिकी पक्ष के साथ बैठकों के लिए न्यूयॉर्क में है।</p>
<p>वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया था कि ‘‘प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य चर्चाओं को आगे बढ़ाना है ताकि आपसी लाभकारी व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके।’’</p>
<p>जयशंकर ने सोमवार को यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से उनकी अनौपचारिक बैठक में भी मुलाकात की।</p>
<p>उन्होंने विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास को मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।</p>
<p>जयशंकर ने कहा, ‘‘बहुपक्षवाद, भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी, यूक्रेन संघर्ष, गाजा, ऊर्जा और व्यापार पर विचारों का खुले तौर पर आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।’’</p>
<p>अमेरिकी विदेश विभाग के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने कहा कि दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत और भारत के लिए नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर जयशंकर से मुलाकात की।</p>
<p>उसने कहा, ‘‘वे (जयशंकर और गोर) अमेरिका-भारत संबंधों की सफलता को और बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं।’’</p>
<p>जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय सत्र में हिस्सा लेने के लिए रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। वह सत्र के इतर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें करेंगे और 27 सितंबर को आम बहस में यूएनजीए मंच से राष्ट्रीय वक्तव्य देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:39:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा : जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>बर्लिन, 23 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और ‘‘परमाणु ब्लैकमेल’’ के आगे कभी नहीं झुकेगा।</p>
<p>जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने यह भी कहा, ‘‘भारत पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा’’ और इस संबंध में ‘‘किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।’’</p>
<p>विदेश मंत्री जयशंकर वर्तमान में तीन देशों की यूरोप यात्रा के तहत जर्मनी में हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद बर्लिन आया था। मैं</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140935/india-will-not-tolerate-terrorism-at-all"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>बर्लिन, 23 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और ‘‘परमाणु ब्लैकमेल’’ के आगे कभी नहीं झुकेगा।</p>
<p>जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने यह भी कहा, ‘‘भारत पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा’’ और इस संबंध में ‘‘किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।’’</p>
<p>विदेश मंत्री जयशंकर वर्तमान में तीन देशों की यूरोप यात्रा के तहत जर्मनी में हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद बर्लिन आया था। मैं आपको वह बताना चाहता हूं जो मैंने उस संदर्भ में वेडफुल को बताया। भारत आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत कभी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।’’</p>
<p>जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा। इस संबंध में किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि भारत ‘‘जर्मनी की इस समझ’’ को महत्व देता है कि ‘‘हर देश को आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने का अधिकार है।’’</p>
<p>भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद कूटनीतिक संपर्क स्थापित किया है। पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत सीमा पार आतंकवाद के किसी भी कृत्य को भारत के खिलाफ युद्ध मानेगा।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 20:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना : जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात करने के बाद कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।</p>
<p>जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और दोनों देशों के मध्य पहले से ही जारी गंभीर टकराव और बढ़ गया है।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “आज सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत हुई।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140667/indias-stance-balanced-and-responsible-jaishankar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात करने के बाद कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।</p>
<p>जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और दोनों देशों के मध्य पहले से ही जारी गंभीर टकराव और बढ़ गया है।</p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “आज सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत हुई। भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।”</p>
<p>अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को गलत अनुमान लगाने से बचने के लिए तनाव कम करने और प्रत्यक्ष संवाद को फिर से स्थापित करने के तरीके तलाशने की आवश्यकता है।</p>
<p>विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, “उन्होंने भविष्य में होने वाले विवादों को टालने के लिए सार्थक चर्चाओं को सुविधाजनक बनाने में अमेरिका की ओर से समर्थन दिए जाने का प्रस्ताव रखा।”</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 12:34:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : राजपीपला में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया आधुनिक जिमनास्टिक हॉल का उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नर्मदा, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। गुजरात में नर्मदा जिले के राजपीपला में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने छोटूभाई पुरानी स्पोर्ट्स कैंपस में एक आधुनिक जिमनास्टिक हॉल का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस जिमनास्टिक हॉल का निर्माण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और देश में जिमनास्टिक्स जैसे खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p>उद्घाटन समारोह के दौरान विदेश मंत्री के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पहल की सराहना की और इसे स्थानीय युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर बताया।</p>
<p>इस अवसर पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140125/foreign-minister-s-jaishankar-inaugurated-modern-gymnastics-hall-in-gujarat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/gujarat-map.jpg" alt=""></a><br /><p>नर्मदा, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। गुजरात में नर्मदा जिले के राजपीपला में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने छोटूभाई पुरानी स्पोर्ट्स कैंपस में एक आधुनिक जिमनास्टिक हॉल का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस जिमनास्टिक हॉल का निर्माण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और देश में जिमनास्टिक्स जैसे खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p>उद्घाटन समारोह के दौरान विदेश मंत्री के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पहल की सराहना की और इसे स्थानीय युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर बताया।</p>
<p>इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी आधुनिक खेल सुविधाएं न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि युवाओं के मनोबल को भी बढ़ावा देंगी।</p>
<p>उन्होंने उद्घाटन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “राजपीपला के छोटूभाई पुरानी स्पोर्ट्स कैंपस में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित नए जिमनास्टिक हॉल का उद्घाटन करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि युवा एथलीट और खेल प्रेमी, यहां तक कि छोटे बच्चे भी इन सुविधाओं का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।”</p>
<p>जयशंकर ने आगे कहा कि इस प्रकार की खेल सुविधाएं देश की छिपी हुई प्रतिभा को आगे आने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका देती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा देशभर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह जिमनास्टिक हॉल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>बता दें कि इस दौरान वहां मौजूद समारोह के दौरान स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह का माहौल था। इस दौरान कई युवा खिलाड़ी और प्रशिक्षु बच्चों ने नए जिमनास्टिक हॉल में अभ्यास करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140125/foreign-minister-s-jaishankar-inaugurated-modern-gymnastics-hall-in-gujarat</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 15:20:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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