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                <title>Morari Bapu - Loktej</title>
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                <description>Morari Bapu RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्वच्छता, पवित्रता, प्रसन्नता, स्वतंत्रता और असंगता, यही सच्चे साधु के पंचतत्व हैं: मोरारी बापू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद (गुजरात), जून 16:लगाजरडा में श्रीमती नर्मदाबा के भंडारे में विमान दुर्घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के साथ मोरारी बापू ने संतों-महंतों की उपस्थिति में व्यक्त किए भाव।</p>
<p>दिनांक 13 जून की संध्या को तलगाजरडा में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और राम कथा वाचक मोरारी बापू की धर्मपत्नी श्रीमती नर्मदाबा के भंडारे के अवसर पर, संतों और महंतों की उपस्थिति में बापू ने सभी के प्रति अपनी भावनाएँ प्रकट कीं और कहा कि स्वच्छता, पवित्रता, प्रसन्नता, स्वतंत्रता और असंगता, यही साधु के पंचतत्व हैं।</p>
<p>अहमदाबाद विमान दुर्घटना की पीड़ा और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देते हुए, पूज्य मोरारी बापू ने एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141351/cleans"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-06/b16062025-05.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद (गुजरात), जून 16:लगाजरडा में श्रीमती नर्मदाबा के भंडारे में विमान दुर्घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के साथ मोरारी बापू ने संतों-महंतों की उपस्थिति में व्यक्त किए भाव।</p>
<p>दिनांक 13 जून की संध्या को तलगाजरडा में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और राम कथा वाचक मोरारी बापू की धर्मपत्नी श्रीमती नर्मदाबा के भंडारे के अवसर पर, संतों और महंतों की उपस्थिति में बापू ने सभी के प्रति अपनी भावनाएँ प्रकट कीं और कहा कि स्वच्छता, पवित्रता, प्रसन्नता, स्वतंत्रता और असंगता, यही साधु के पंचतत्व हैं।</p>
<p>अहमदाबाद विमान दुर्घटना की पीड़ा और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देते हुए, पूज्य मोरारी बापू ने एक आदर्श साधु की परिभाषा देते हुए कहा कि ये पंच गुण एक सच्चे साधु की पहचान हैं। उन्होंने प्रत्येक तत्व पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला और जोड़ा कि साधु लाभ के लिए नहीं, बल्कि शुभ के लिए कार्य करता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज द्वारा साधु के प्रति श्रद्धा रहती है, परंतु साधु को सहनशील भी होना पड़ता है।</p>
<p>इस भंडारे में श्री सतुआ बाबा, श्री अंशु बापू, श्री दुर्गादास बापू, श्री ललितकिशोर महाराज, श्री जानकीदास बापू, श्री राम बालकदासजी बापू, श्री निर्मला बा, श्री निजानंदजी स्वामी, श्री दलपतराम पधियारजी, श्री दयागीरी बापू, श्री जयदेवदासजी, श्री राजेंद्रप्रसाद शास्त्री, श्री रामेश्वरदासजी हरियाणी, श्री भक्तिराम बापू, श्री घनश्याम बापू आदि अनेक संत, महंत और कथाकार उपस्थित थे।</p>
<p>भंडारे की विधि में मोरारी बापू और चित्रकूटधाम परिवार के समन्वय से सभी ने प्रार्थना और प्रसाद ग्रहण किया। विमान दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए संतवाणी के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। पूज्य मोरारी बापू ने इस कार्यक्रम को विमान दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं को समर्पित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 16:13:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकोट : मोरारी बापू की रामकथा की तैयारी में राजकोट आध्यात्म के रंगो में रंगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजकोट : राजकोट में आध्यात्म की लहर शुरू हो गई है क्योंकि शहर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और रामचरितमानस के व्याख्याता मोरारी बापू की बहुप्रतीक्षित रामकथा की मेजबानी कर रहा है। यह रामकथा 23 नवंबर, शनिवार को शाम 4 बजे से शुरु होगी। रेसकोर्स ग्राउंड में शनिवार को शुरू होने वाले इस पवित्र महा महोत्सव में भारत ही नहीं दुनिया भर से श्रद्धालु आयेंगे।</p>
<p>राजकोट की यह रामकथा खास है क्योंकि यह सिर्फ एक आध्यात्मिक पर्व ही नहीं बल्कि सेवा का प्रतीक भी है क्योंकि इससे आने वाला दान सद्भावना ट्रस्ट को दिया जायेगा जिससे वृद्धाश्रम का निर्माण और अन्य धर्मार्थ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105605/rajkot-colored-in-colors-of-spirituality-in-preparation-for-morari"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-11/b27112024-08.jpg" alt=""></a><br /><p>राजकोट : राजकोट में आध्यात्म की लहर शुरू हो गई है क्योंकि शहर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और रामचरितमानस के व्याख्याता मोरारी बापू की बहुप्रतीक्षित रामकथा की मेजबानी कर रहा है। यह रामकथा 23 नवंबर, शनिवार को शाम 4 बजे से शुरु होगी। रेसकोर्स ग्राउंड में शनिवार को शुरू होने वाले इस पवित्र महा महोत्सव में भारत ही नहीं दुनिया भर से श्रद्धालु आयेंगे।</p>
<p>राजकोट की यह रामकथा खास है क्योंकि यह सिर्फ एक आध्यात्मिक पर्व ही नहीं बल्कि सेवा का प्रतीक भी है क्योंकि इससे आने वाला दान सद्भावना ट्रस्ट को दिया जायेगा जिससे वृद्धाश्रम का निर्माण और अन्य धर्मार्थ कार्य होंगें।</p>
<p>भगवान राम और तुलसीदास जी कृत रामचरितमानस (रामायण) की शिक्षाओं को समाज में स्थापित करने वाली मोरारी बापू की छह दशक लंबी यात्रा में यह 947वीं रामकथा है। सत्य, प्रेम और करुणा के अपने संदेशों के लिए पहचाने जाने वाले मोरारी बापू इस कथा के लिए सविशेष उत्सुक हैं क्योंकि इस बार आध्यात्मिकता का संगम एक महान उद्देश्य के साथ हो रहा है।</p>
<p>बता दें कि पडधरी में जामनगर रोड के पास स्थित सद्भावना वृद्धाश्रम को जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए एक आश्रय स्थल के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी शामिल है जो इसे जलवायु परिवर्तन को कम करने के वैश्विक पर्यावरण प्रयासों से जोड़ती है ।<br />इस दिव्य कथा में लीन होने के साथ-साथ महान कार्य में योगदान देने के लिए लगभग 10,000 से अधिक भक्तगण, गणमान्य व्यक्ति और मेहमान पधारेंगे ।  मेहमानों का अतिथि सत्कार तथा आरामदायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सात्विक भोजन तथा जलपान की व्यवस्था भी की गई है।</p>
<p>आध्यात्मिकता से भरपूर यह रामकथा सामूहिक सेवा के एक अनोखे मंच के रूप में भी काम करेगी। दर्जनों सामाजिक संगठन, नेता और स्वयंसेवक इस पहल को सफल बनानें के लिए पूर्ण समर्पण व्यक्त करके एक साथ आए हैं, जो समाज की उन्नति में सामूहिक प्रतिबद्धता को बताता है। सद्भावना वृद्धाश्रम 500 से अधिक बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक आश्रय स्थल रहा है जो पारंपरिक मूल्यों को आधुनिक चुनौतियों के साथ जोड़कर इस मिशन की सार्थकता को व्यक्त करता है।</p>
<p>1 दिसंबर को जिसकी पूर्णाहूति होगी ऐसी यह रामकथा न केवल भगवान राम की शाश्वत विरासत को नमन करती है, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को प्रेरित करने के लिए आध्यात्मिकता की क्षमता पर भी प्रकाश डालती है। राजकोट के निवासी और आनेवाले मेहमान सभी एक ऐसी रामकथा के लिए उत्साहित हैं जो अनन्त प्रभाव छोड़ेगी। बापू की यह कथा बेहतर भविष्य के लिए आस्था और सेवा का संगम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजकोट</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 19:01:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुख्यमंत्री ने सुनी मोरारी बापू की रामकथा, बोले- सभी का जीवन सार्थक हों</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मोरबी, 1 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को मोरबी के नानी वावडी स्थित कबीरधाम में मोरारी बापू की भक्तिपूर्ण शैली में आयोजित रामकथा में उपस्थित रहकर कथा सुनी। यह मानस श्रद्धांजलि कथा मोरबी पुल दुर्घटना की दिवंगत आत्माओं के मोक्ष के लिए आयोजित की गयी है। मुख्यमंत्री ने भी दिवंगतों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।<br /><br />मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मोरबी पुल दुर्घटना के दिवंगतों की मोक्ष प्राप्ति के लिए इस मानस श्रद्धांजलि कथा का आयोजन किया गया है, मैं भी उनके मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना करता हूं। रामकथा वाचक मोरारी बापू की 924वीं रामकथा सुनने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/96010/chief-minister-listened-to-morari-bapus-ramkatha-and-said"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/k01102023-01.jpg" alt=""></a><br /><p>मोरबी, 1 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को मोरबी के नानी वावडी स्थित कबीरधाम में मोरारी बापू की भक्तिपूर्ण शैली में आयोजित रामकथा में उपस्थित रहकर कथा सुनी। यह मानस श्रद्धांजलि कथा मोरबी पुल दुर्घटना की दिवंगत आत्माओं के मोक्ष के लिए आयोजित की गयी है। मुख्यमंत्री ने भी दिवंगतों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।<br /><br />मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मोरबी पुल दुर्घटना के दिवंगतों की मोक्ष प्राप्ति के लिए इस मानस श्रद्धांजलि कथा का आयोजन किया गया है, मैं भी उनके मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना करता हूं। रामकथा वाचक मोरारी बापू की 924वीं रामकथा सुनने का अवसर मिलने को मुख्यमंत्री ने अपना सौभाग्य बताया।<br /><br />उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मोरारी बापू की कथा सुनने से सत्य, प्रेम, करुणा और राम नाम के माध्यम से सभी का जीवन सार्थक बनेगा। भूपेंद्र पटेल ने व्यासपीठ के समक्ष नतमस्तक होकर भारत को विश्व गुरु बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने की प्रार्थना की।<br /><br />इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री भानुबेन बाबरिया, सांसद मोहनभाई कुंडारिया, राज्यसभा सांसद केसरीदेवसिंहजी झाला, मोरबी जिला पंचायत अध्यक्ष हंसाबेन पारघी, मोरबी-मालिया विधायक कांतिभाई अमृतिया, टंकारा विधायक दुर्लभजीभाई देथरिया, पूर्व मंत्री ब्रिजेशभाई मेरजा और जयंतीभाई कवाडिया, कबीरधाम के महंत शिवरामदासजी महाराज, अग्रणी जयंतीभाई भाडेसीया, रणछोड़भाई दलवाडी, दीपिकाबेन सरडवा, यजमानों के परिवारजन सहित बड़ी संख्या में कथा सुनने के लिए श्रद्धालु उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Oct 2023 19:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाइजीरिया में हुई बोट दुर्घटना में मारे गए लोगों को मोरारीबापू की सहाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समाचार पत्रों के अहवाल के अनुसार नाइजीरिया में एक भयानक बोट दुर्घटना हुई है जिसमें कई लोगों की मृत्यु हुई है। उत्तर मध्य नाइजीरिया के कवारा राज्य में एक शादी समारोह से वापस जा रहे ३०० लोगों को लेकर एक नाव नदी में डूब गई। इस घटना में १०० से अधिक लोगों की मौत हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ये आंकड़े बढ़ सकते हैं।</p>
<p>पूज्य मोरारीबापू ने इस दुर्घटना को लेकर अपनी संवेदना व्यक्त की है। पूज्य बापू ने इन सभी मृतकों के परिवारजनों के लिए ११ लाख से अधिक राशि की सहायता अर्पण की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/92953/morari-bapus-help-to-the-people-killed-in-the-boat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/morari-bapu.jpg" alt=""></a><br /><p>समाचार पत्रों के अहवाल के अनुसार नाइजीरिया में एक भयानक बोट दुर्घटना हुई है जिसमें कई लोगों की मृत्यु हुई है। उत्तर मध्य नाइजीरिया के कवारा राज्य में एक शादी समारोह से वापस जा रहे ३०० लोगों को लेकर एक नाव नदी में डूब गई। इस घटना में १०० से अधिक लोगों की मौत हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ये आंकड़े बढ़ सकते हैं।</p>
<p>पूज्य मोरारीबापू ने इस दुर्घटना को लेकर अपनी संवेदना व्यक्त की है। पूज्य बापू ने इन सभी मृतकों के परिवारजनों के लिए ११ लाख से अधिक राशि की सहायता अर्पण की है। केन्या स्थित रामकथा के श्रोता निलेश जसाणी और उनकी पुत्री शबरी द्वारा इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। पूज्य मोरारीबापू ने प्रत्येक मृतक को भारतीय मुद्रा मूजब ११ हजार रुपये अर्पण किए हैं। इससे अर्पित हुई यह राशि स्थानिक ६३ हजार नाइजीरियाई नाइरा जितनी होगी।</p>
<p>इस दुर्घटना में जिन लोगों ने अपने प्राण गंवाए हैं, उनके निर्वाण के लिए पूज्य मोरारीबापू ने श्री हनुमानजी के चरणों में प्रार्थना की है और परिवारजनों को अपनी संवेदना भेजी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jun 2023 12:38:47 +0530</pubDate>
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