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                <title>UPSC - Loktej</title>
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                <description>UPSC RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : सब रजिस्ट्रार मिहिर पटेल की UPSC में सफलता, 5वीं कोशिश में AIR 709 हासिल किया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा घोषित सिविल सर्विसेज़ परीक्षा-2025 के फाइनल रिजल्ट में सूरत के सब रजिस्ट्रार ऑफिस उधना में कार्यरत 26 वर्षीय मिहिर राजेंद्रभाई पटेल ने पूरे देश में 709वीं रैंक (AIR 709) हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है।</p>
<p>उनकी इस उपलब्धि से सूरत सहित उनके मूल जिले नवसारी में खुशी का माहौल है। सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता हासिल कर मिहिर ने युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।</p>
<p>मूल रूप से नवसारी जिले के गंडेवी तालुका के नंदरखा गांव के रहने वाले मिहिर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145883/surat-sub-registrar-mihir-patels-success-in-upsc-fulfilled-his"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b06032026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा घोषित सिविल सर्विसेज़ परीक्षा-2025 के फाइनल रिजल्ट में सूरत के सब रजिस्ट्रार ऑफिस उधना में कार्यरत 26 वर्षीय मिहिर राजेंद्रभाई पटेल ने पूरे देश में 709वीं रैंक (AIR 709) हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है।</p>
<p>उनकी इस उपलब्धि से सूरत सहित उनके मूल जिले नवसारी में खुशी का माहौल है। सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता हासिल कर मिहिर ने युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।</p>
<p>मूल रूप से नवसारी जिले के गंडेवी तालुका के नंदरखा गांव के रहने वाले मिहिर पटेल का यह सफर आसान नहीं रहा। वर्ष 2020 में आईटी इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज़ में जाने का निर्णय लिया। पिछले कई वर्षों से वे लगातार इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।</p>
<p>इस दौरान उन्हें एक बार असफलता का सामना करना पड़ा और तीन बार प्रीलिम्स पास करने के बावजूद अंतिम सफलता नहीं मिल सकी। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार अपनी पाँचवीं कोशिश में सफलता हासिल कर ली।</p>
<p>मिहिर की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उनकी माता एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि उनके दिवंगत पिता राजेंद्रभाई पटेल का सपना था कि उनका बेटा बड़ा सरकारी अधिकारी बने। मिहिर ने बताया कि बचपन से ही उनके पिता उन्हें अखबार पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।</p>
<p>अखबारों में कलेक्टर और कमिश्नर से जुड़े लेख पढ़कर उन्हें प्रेरणा मिलती थी। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और मेहनत जारी रखी। आज उनकी सफलता पर उनकी मां और बड़ी बहन को गर्व है।</p>
<p> ग्रेजुएशन के बाद मिहिर ने अहमदाबाद स्थित सरदार पटेल इंस्टीट्युट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एसपीआईपीए) में प्रवेश लिया, जहां से उन्हें सिविल सर्विसेज़ की तैयारी के लिए सही मार्गदर्शन और माहौल मिला।</p>
<p>मिहिर के अनुसार युपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अनुशासन और नियमित तैयारी भी बेहद जरूरी होती है। उन्होंने अपनी पढ़ाई को दैनिक, साप्ताहिक और मासिक लक्ष्यों में बांटकर तैयारी की। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ समय निकालकर पढ़ाई जारी रखी।</p>
<p>मिहिर पटेल का मानना है कि UPSC जैसे लंबे और कठिन प्रक्रिया वाले एग्जाम में मानसिक मजबूती बेहद जरूरी होती है। उनके अनुसार अनुशासन से की गई तैयारी आपको लगातार आगे बढ़ाती है, जबकि सकारात्मक सोच कठिन समय में संभालती है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे दोस्तों का साथ बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आसपास प्रेरणा देने वाले लोग हों तो मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।</p>
<p>भविष्य में युपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मिहिर पटेल का संदेश है कि उन्हें परिणाम पर नहीं, बल्कि मेहनत पर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>लगातार खुद को परखते रहना, गलतियों को सुधारना और सही दिशा में प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है। यदि कोई उम्मीदवार परिणाम की चिंता किए बिना ईमानदारी से मेहनत करता है तो देर-सवेर सफलता जरूर मिलती है।</p>
<p>मिहिर पटेल की इस उपलब्धि पर सूरत के बहुमाली भवन में खुशी का माहौल रहा। इस अवसर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रेशन सर इंस्पेक्टर डॉ. दिव्येश पटेल, हेड क्वार्टर सब रजिस्ट्रार अजितसिंह राठोड और सब रजिस्ट्रार अंजणाबेन मोंगलपरा सहित रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।</p>
<p>विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि जब किसी साथी को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान मिलता है तो पूरे विभाग को गर्व महसूस होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 19:56:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीएससी ने ‘बेंचमार्क’ दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों को ‘पसंद का केंद्र’ आवंटित करने का निर्णय लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने सभी परीक्षाओं के लिए ‘बेंचमार्क’ दिव्यांगता (40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता) वाले अभ्यर्थियों को उनकी ‘पसंद का केंद्र’ आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों तक उनके पहुंचने को सुगम करना है।</p><p>आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन अभ्यर्थियों को आने-जाने में अक्सर होने वाली समस्याओं और विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी ने यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक ‘बेंचमार्क दिव्यांगता वाले’ (पीडब्ल्यूबीडी) अभ्यर्थी को आवेदन पत्र में बताई गई उनकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144551/upsc-decides-to-allot-centre-of-choice-to-candidates-with"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d16042024-03-upsc.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने सभी परीक्षाओं के लिए ‘बेंचमार्क’ दिव्यांगता (40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता) वाले अभ्यर्थियों को उनकी ‘पसंद का केंद्र’ आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों तक उनके पहुंचने को सुगम करना है।</p><p>आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन अभ्यर्थियों को आने-जाने में अक्सर होने वाली समस्याओं और विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी ने यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक ‘बेंचमार्क दिव्यांगता वाले’ (पीडब्ल्यूबीडी) अभ्यर्थी को आवेदन पत्र में बताई गई उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र ही आवंटित किए जाएंगे।</p><p>इस पहल के बारे में बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि दिल्ली, कटक, पटना, लखनऊ जैसे कुछ केंद्रों की क्षमता बहुत जल्दी पूरी हो जाती है क्योंकि वहां आवेदकों की संख्या काफी अधिक होती है।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘इससे पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था क्योंकि उन्हें फिर ऐसे केंद्र चुनने पड़ते थे जो उनके लिए सुविधाजनक नहीं होते। मुझे खुशी है कि इस निर्णय से अब प्रत्येक पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थी को उनकी पसंद का केंद्र मिल सकेगा, जिससे यूपीएससी परीक्षाओं में शामिल होने के दौरान उन्हें अधिकतम सुविधा और सहजता सुनिश्चित होगी।’’</p><p>इस पहल को लागू करने के लिए आयोग ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र की मौजूदा क्षमता का उपयोग पहले पीडब्ल्यूबीडी और गैर-पीडब्ल्यूबीडी दोनों प्रकार के अभ्यर्थियों द्वारा किया जाएगा।</p><p>आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘जैसे ही किसी केंद्र की क्षमता पूरी हो जाएगी, वह केंद्र गैर-पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा, लेकिन पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थी उस केंद्र को चुन सकेंगे। यूपीएससी फिर अतिरिक्त व्यवस्था करेगा ताकि किसी भी पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थी को उसकी पसंद का केंद्र आवंटित करने से वंचित न किया जाए।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:00:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सात युवा आईएएस अधिकारियों की प्रेरणादायी कहानी बयां करती है ‘स्केलिंग माउंट यूपीएससी’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले बिहार के सत्यम गांधी हों, दसवीं कक्षा में आंखों की रोशनी गंवा चुकी अंजलि हो या अनंतनाग के एक मधुमक्खी पालक के बेटे वसीम अहमद भट हों, ऐसी सात प्रतिभाओं की प्रेरणादायी कहानियों को किताब ‘स्केलिंग माउंट यूपीएससी’ की शक्ल दी गई है।</p>
<p>भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सज्जन यादव की लिखी पुस्तक का विमोचन सोमवार को किया गया।</p>
<p>अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1995 बैच के अधिकारी यादव ने कहा, ‘‘यह पुस्तक सात उल्लेखनीय व्यक्तियों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140458/scaling-mount-upsc-tells-the-inspirational-story-of-seven-young"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d16042024-03-upsc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले बिहार के सत्यम गांधी हों, दसवीं कक्षा में आंखों की रोशनी गंवा चुकी अंजलि हो या अनंतनाग के एक मधुमक्खी पालक के बेटे वसीम अहमद भट हों, ऐसी सात प्रतिभाओं की प्रेरणादायी कहानियों को किताब ‘स्केलिंग माउंट यूपीएससी’ की शक्ल दी गई है।</p>
<p>भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सज्जन यादव की लिखी पुस्तक का विमोचन सोमवार को किया गया।</p>
<p>अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1995 बैच के अधिकारी यादव ने कहा, ‘‘यह पुस्तक सात उल्लेखनीय व्यक्तियों की आकर्षक जीवन यात्रा बताती है, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में आईएएस बनने के लिए कठिन ‘माउंट यूपीएससी’ की चढ़ाई की है। यह इन नायकों के सामने आने वाली जटिल चुनौतियों और इस कठिन परीक्षा के प्रत्येक चरण को पार करने के लिए उनके द्वारा अपनाई गई कुशल रणनीतियों पर भी प्रकाश डालती है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक कहानी कड़ी मेहनत, समर्पण और अटूट आत्मविश्वास की शक्ति का प्रमाण है।’’</p>
<p>पुस्तक का विमोचन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नौकरशाहों की चुनौतियां केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही समाप्त नहीं होती हैं, बल्कि उन्हें प्रत्येक दिन समर्पण के साथ काम करना होता है और ईमानदारी बनाए रखनी होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘पुस्तक में जो कहानियां हैं, वह उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत होंगी जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं या जो अन्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।’’</p>
<p>पुस्तक की सात कहानियों में से एक केरल पुलिस में जूनियर क्लर्क मिन्नू पीएम की है, जिन्होंने परीक्षा पास करने के लिए पांच साल तक अथक संघर्ष किया।</p>
<p>लेखक ने कहा, ‘‘जब मिन्नू 12वीं कक्षा में थीं, तब उनके पिता का दुखद निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कम उम्र में शादी हो जाने के कारण उन्हें दो साल के बच्चे, घर के कामों और एक कठिन नौकरी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। पढ़ाई की दुनिया से सालों तक दूर रहने के कारण मिन्नू की यात्रा किसी वीरता से कम नहीं थी।’’</p>
<p>बिहार के समस्तीपुर जिले के एक गांव के 21 वर्षीय सत्यम गांधी ने विपरीत परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर अपने पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की।</p>
<p>लेखक ने कहा, ‘‘सत्यम ने यह जानते हुए कि उनके माता-पिता उनकी पढ़ाई के लिए भारी-भरकम ब्याज पर कर्ज ले रहे हैं, उन्होंने स्नातक के अंतिम वर्ष में अपनी तैयारी शुरू कर दी। खराब भोजन, आर्थिक तंगी, प्रोफेसरों के ताने, बीमारी और कोविड-19 को झेलते हुए, उन्होंने एक सुनियोजित अध्ययन योजना के अनुसार प्रतिदिन चौदह घंटे पढ़ाई की और सिविल सेवा परीक्षा-2020 में दसवीं रैंक हासिल की।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सिक्किम में एक फैक्टरी कर्मी की बेटी अंजलि शर्मा की जिंदगी उस समय अंधकार में डूब गई, जब वह 10वीं कक्षा में थी और उसकी आंखों की रोशनी चली गई। इसके बावजूद यूपीएससी के लिए उसका दृष्टिकोण एकदम साफ था। ’’</p>
<p>यादव ने कहा, ‘‘दृष्टिहीनों के लिए सहायक साधनों से अपरिचित अंजलि ने सभी बाधाओं का मुकाबला किया और स्नातक होने के तुरंत बाद ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। वह पूरी तरह से स्वाध्याय पर निर्भर रहीं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ने अंजलि को अपने सपने को साकार करने में मदद की।’’</p>
<p>इसी तरह भरत सिंह का आईएएस अधिकारियों के कर्मचारी आवास से बाहर निकलकर खुद आईएएस बनने तक का सफर बेहद प्रेरणादायक है।</p>
<p>यादव के अनुसार, ‘‘उसका संघर्ष तब शुरू हुआ जब उसके माता-पिता ने छठी कक्षा में हिंदी-माध्यम के सरकारी स्कूल से अंग्रेजी-माध्यम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में भेज दिया। उसने रोजाना छह घंटे की थका देने वाली यात्रा के साथ हीन भावना को दूर करते हुए आगे का सफर जारी रखा और मैकेनिकल इंजीनियर बना।’’</p>
<p>यादव ने कहा, ‘‘इसके बाद भरत ने टाटा मोटर्स में एक आकर्षक नौकरी छोड़ दी और आईएएस बनने के सपने को पूरा करने के लिए अपने पद और सम्मान को छोड़ दिया। चार साल तक कई असफलताओं, वित्तीय तनाव और मानसिक परीक्षाओं का सामना करते हुए वह विजयी हुए।’’</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140458/scaling-mount-upsc-tells-the-inspirational-story-of-seven-young</link>
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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 16:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीएससी ने सिविल सेवा अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए अपने ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं, क्योंकि अभ्यर्थियों ने इसके माध्यम से आवेदन करते समय तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। एक आधिकारिक नोटिस में यह जानकारी दी गई है।</p>
<p>आयोग ने हाल में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी तक बढ़ा दी थी।</p>
<p>यूपीएससी ने नोटिस में कहा कि ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए एक बार के पंजीकरण में कुछ प्रविष्टियों को ‘‘संपादन योग्य’’ बना दिया गया है।</p>
<p>इसमें कहा गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132844/upsc-changed-the-online-application-process-after-complaints-from-civil-service-candidates"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/8583_upsc-main.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए अपने ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं, क्योंकि अभ्यर्थियों ने इसके माध्यम से आवेदन करते समय तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। एक आधिकारिक नोटिस में यह जानकारी दी गई है।</p>
<p>आयोग ने हाल में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी तक बढ़ा दी थी।</p>
<p>यूपीएससी ने नोटिस में कहा कि ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए एक बार के पंजीकरण में कुछ प्रविष्टियों को ‘‘संपादन योग्य’’ बना दिया गया है।</p>
<p>इसमें कहा गया है, ‘‘सिविल सेवा परीक्षा, 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए सवालों/दिक्कतों को देखते हुए, आयोग ने ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए एकमुश्त पंजीकरण (ओटीआर) में बदलाव करने का निर्णय लिया है।’’</p>
<p>आयोग ने नोटिस में कहा कि अभ्यर्थियों को ओटीआर में ‘‘नाम (दसवीं कक्षा के अनुसार)’’, ‘‘जन्म तिथि’’, ‘‘पिता का नाम’’, ‘‘माता का नाम’’, ‘‘मोबाइल नंबर’’ और ‘‘ईमेल आईडी’’ से संबंधित कॉलम में कोई भी बदलाव करने की अनुमति नहीं है।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल लिया है लेकिन उसके पास पंजीकृत ईमेल आईडी है, तो वह मोबाइल नंबर में बदलाव के लिए आवेदन कर सकता है और इस मामले में, पंजीकृत ईमेल आईडी पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।</p>
<p>यूपीएससी द्वारा प्रतिवर्ष तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन किया जाता है।</p>
<p>सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि भी हाल में 18 फरवरी, 2025 (शाम छह बजे तक) तक बढ़ा दी गई थी। इससे पहले, परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 फरवरी थी।</p>
<p>आयोग के नोटिस के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी का नाम बदल गया है और उसके मैट्रिक या उच्च शैक्षणिक प्रमाण पत्र में दिए गए नाम से कोई मेल नहीं खाता है, तो अभ्यर्थी को इस आशय का राजपत्र अधिसूचना प्रस्तुत करना आवश्यक है।</p>
<p>यूपीएससी ने कहा कि एकीकृत मास्टर डिग्री (स्नातक और स्नातकोत्तर) वाले अभ्यर्थी अपने स्नातक और उच्च योग्यता वाले कॉलम में समान पाठ्यक्रम भर सकते हैं।</p>
<p>नोटिस में कहा गया है, ‘‘अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन पत्र को अंतिम रूप से जमा करने से पहले संबंधित कॉलम में अपनी प्रविष्टियों को अच्छी तरह से पढ़ लें। यह ध्यान देने योग्य बात है कि आवेदन पत्र जमा करने के बाद, आवेदन पत्र में प्रविष्टियों में यदि कोई बदलाव/सुधार है तो वह केवल एक सप्ताह की अवधि के दौरान ही किया जा सकता है...।’’</p>
<p>आवेदन विंडो बंद होने के अगले दिन से ‘‘सात दिन की समाप्ति तक’’ यानी 19 से 25 फरवरी तक आवेदकों के लिए सुधार के लिए विंडो खुली रहेगी।</p>
<p>सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 25 मई को आयोजित की जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/132844/upsc-changed-the-online-application-process-after-complaints-from-civil-service-candidates</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 21:27:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर पर बड़ी कार्रवाई, यूपीएससी ने दर्ज कराया केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 19 जुलाई (हि.स.)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विवादों में घिरी प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने<br /><br />पूजा खेडकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और सिविल सेवा परीक्षा-2022 से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं से उन्हें रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।<br /><br />यूपीएससी ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि सिविल सेवा परीक्षा-2022 की अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के दुर्व्यवहार की विस्तृत और गहन जांच की गई है। इस जांच से पता चला है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103219/upsc-registers-case-against-new-delhi-trainee-ias-pooja-khedkar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/b19072024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 19 जुलाई (हि.स.)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विवादों में घिरी प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने<br /><br />पूजा खेडकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और सिविल सेवा परीक्षा-2022 से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं से उन्हें रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।<br /><br />यूपीएससी ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि सिविल सेवा परीक्षा-2022 की अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के दुर्व्यवहार की विस्तृत और गहन जांच की गई है। इस जांच से पता चला है कि उसने अपना नाम, अपने पिता और माता का नाम, अपनी तस्वीर/हस्ताक्षर, अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर तथा अपनी पहचान बदलकर परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से अधिक प्रयास किए। इसलिए यूपीएससी ने पुलिस प्राधिकारियों के पास प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करके आपराधिक अभियोजन सहित उनके खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की है और सिविल सेवा परीक्षा-2022 के नियमों के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने, भविष्य की परीक्षाओं, चयनों से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गद्रे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासनिक विभाग (जीएडी) ने खेडकर के खिलाफ कई आरोपों पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सौंपी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 15:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीएससी परिणामों में दिखी हिन्दी की बढ़ती ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>आर.के. सिन्हा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की साल 2022 के परीक्षा परिणाम इस साल 23 मई को आए। यूपीएससी के परिणामों को नतीजा आने के बाद हर साल गहराई से विश्लेषण होता रहा है। पर इस बारे में अधिक चर्चा नहीं हो रही कि इस बार सफल हुए अभ्यार्थियों में हिन्दी माध्यम से परीक्षा देने वालों का आंकड़ा शानदार रहा है। यह पिछले 20-25 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ परिणाम है।<br /><br />इस बार हिन्दी माध्यम से कुल 54 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें रैंक 66, 85, 89, 105 और 120 प्रमुख हैं। यूपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में हिन्दी माध्यम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/92439/hindis-growing-strength-seen-in-upsc-results"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/8583_upsc-main.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>आर.के. सिन्हा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की साल 2022 के परीक्षा परिणाम इस साल 23 मई को आए। यूपीएससी के परिणामों को नतीजा आने के बाद हर साल गहराई से विश्लेषण होता रहा है। पर इस बारे में अधिक चर्चा नहीं हो रही कि इस बार सफल हुए अभ्यार्थियों में हिन्दी माध्यम से परीक्षा देने वालों का आंकड़ा शानदार रहा है। यह पिछले 20-25 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ परिणाम है।<br /><br />इस बार हिन्दी माध्यम से कुल 54 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें रैंक 66, 85, 89, 105 और 120 प्रमुख हैं। यूपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में हिन्दी माध्यम के विद्यार्थी पिछले कुछ सालों से लगातार अपेक्षित नतीजे नहीं दे पा रहे थे। चाहे बात चयनित विद्यार्थियों की हो या टॉप रैंक की, हिन्दी माध्यम हमेशा से संघर्ष करता रहा है। इसलिए कहा जाने लगा था कि हिन्दी माध्यम से देश की इस सबसे खास परीक्षा को उत्तीर्ण करना लगभग असंभव है। लेकिन इस साल 2022 के परिणाम बेहतरीन रहे हैं। ये एक तरह से बेहतर भविष्य की उम्मीद पैदा कर रहे हैं।<br /><br />पिछले साल आए 2021 के परिणाम में हिन्दी माध्यम वाले 24 उम्मीदवार सफल हुए थे, इस बार पिछले से 30 ज्यादा। यानी हिन्दी का ग्राफ धीरे-धीरे सुधर रहा है। हिन्दी माध्यम की टॉपर 66वीं रैंक हासिल करने वाली कृतिका मिश्रा कानपुर की रहने वाली हैं। दिव्या तंवर ने इस बार 105वीं रैंक हासिल की है। 2021 बैच में भी दिव्या ने 438वीं रैंक हासिल की थी और सबसे कम उम्र ( सिर्फ 22 साल) की आईपीएस चुनी गई थीं। अब वह आईएएस हो गई हैं। दरअसल इस बार के नतीजों में सबसे खास बात यह है कि हिन्दी के माध्यम से परीक्षा देने वाले 54 उम्मीदवारों में से 29 ने वैकल्पिक विषय के रूप में हिन्दी साहित्य लेकर यह कामयाबी हासिल की है। पांच-पांच उम्मीदवार ऐसे भी सफल हुए जिन्होंने इतिहास, भूगोल व राजनीति विज्ञान विषय लिया था। दो छात्रों ने गणित विषय लेकर हिन्दी माध्यम से सफलता हासिल की, जिनमें से एक ने 120वीं रैंक हासिल की है।<br /><br />अगर बात पिछले साल की जारी रखें तो राजस्थान के रवि कुमार सिहाग 18वीं रैंक के साथ हिन्दी मीडियम से परीक्षा देने वालों में टॉपर बने थे। सात साल के बाद हिन्दी माध्यम का कोई छात्र यूपीएससी पास करने वाले शीर्ष 25 उम्मीदवारों में जगह बना पाया था। इससे पहले सिविल सेवा की 2014 की परीक्षा में निशांत कुमार जैन 13वें स्थान पर रहे थे। मैं आगे बढ़ने से पहले बताना चाहता हूं कि भारत के पूर्व विदेश सचिव शशांक संभवत: देश के हिन्दी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने वाले पहले उम्मीदवार थे। वे भारत के बहुत सफल विदेश सचिव के रूप में याद किए जाते हैं। इसी तरह से दिल्ली पुलिस के आला अफसर अजय चौधरी ने भी हिन्दी को यूपीएससी में परीक्षा देने का माध्यम बनाया था। वे दिल्ली पुलिस के धाकड़ पुलिस अधिकारी रहे हैं।<br /><br />इस बेहतर परिणाम में सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी के लिये कोचिंग देने वाले दृष्टि आईएएस संस्थान का विशेष योगदान है। इस बार हिन्दी माध्यम से चयनित 54 से अधिक विद्यार्थी परीक्षा के किसी न किसी स्तर पर दृष्टि संस्थान से जुड़े रहे हैं। यहां के प्रमुख विद्वान डॉ. विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि हमने कुछ साल पहले हिन्दी माध्यम के परिणाम को सुधारने के लिए कई पहलों की शुरुआत कर दी थी। जैसे कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को दिल्ली में रहने और पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'अस्मिता' नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अलावा परिणाम में सुधार करने के लिए हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों को विशेष तौर पर मेंटरशिप और लाइब्रेरी की सुविधा भी दी जा रही है। इन्हीं तमाम प्रयासों का परिणाम रहा है कि आज इतना बेहतर हो सका है और उम्मीद है कि परिणाम भविष्य में और बेहतर हो सकेगा।<br /><br />अगर बात हिन्दी से हटकर करें तो जो अभ्यार्थी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य सेवाओं में जाएंगे उनसे देश को अनेक उम्मीदें रहेंगी। उनसे पहली अपेक्षा तो यही होगी कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार के जनकल्याण के कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाएं। सरकार की तरफ से आने वाली योजनाओं को लागू करने का काम तो अफसरों पर ही निर्भर होता है। उन्हें यह देखना होता है कि सरकारी कार्यक्रम सही से लागू हों। इस मोर्चे पर बहुत से अफसर निकम्मे ही साबित होते हैं।<br /><br />कई बार ईमानदार अफसरों को जान से भी हाथ धोना पड़ा है। कुछ साल पहले चंडीगढ़ से सटे खरड़ शहर में जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी में अधिकारी नेहा शौरी की उनके दफ्तर में ही गोली मार कर हत्या कर गई थी। नेहा शौरी एक बेहद मेहनती और ईमानदार सरकारी अफसर थीं। बेईमानों को छोड़ती नहीं थीं। इसका खामियाजा उन्हें जान देकर देना पड़ा। नेहा से पहले सत्येंद्र दुबे हों, मंजूनाथ हों या अशोक खेमका, इन्हें ईमानदारी की भारी कीमत अदा करनी पड़ी थी। सरकार को अपने ईमानदार अफसरों के साथ हमेशा खड़ा होना होगा,साथ देना होगा। दरअसल कड़वी दवा और कड़क ईमानदार अफसर को कम लोग ही पसंद करते हैं । ज्यादातर लोगों को बिकने वाले सरकारी बाबू चाहिए जो उनके हिसाब से काम करे।<br /><br />बहरहाल, यूपीएससी की परीक्षा में हिन्दी के माध्यम से सफल हुए सभी उम्मीदवारों को अलग से बधाई। उनसे उम्मीद तो यही रहेगी कि वे शशांक और अजय चौधरी जैसे बेहतरीन अफसरों के रूप में अपने को साबित करेंगे। (लेखक वरिष्ठ स्तंभकार और पूर्व सांसद हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 19:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सूरत :  पीसीआर वैन चालक के बेटे ने युपीएससी क्रेक की </title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात में 9वीं रैंक लानेवाले मयूर परमार ने कहा-इस रैंक से संतुष्ट नहीं हूं, एक और कोशिश करूंगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/92361/surat-pcr-van-drivers-son-cracks-upsc"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/story-23052023-b-16.jpg" alt=""></a><br /><p>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के आज घोषित परिणाम 2022 में गुजरात के 16 उम्मीदवारों ने शीर्ष 1000 में जगह बनाई है। इसमें सूरत के युवक मयूर परमार को देश में 823वीं रैंक और गुजरात में 9वीं रैंक मिली है। खास बात यह है कि मयूर के पिता रमेशभाई पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल हैं और एक पीसीआर वैन के ड्राइवर हैं। मयूर ने गुजराती साहित्य विषय में यूपीएससी की परीक्षा पास की है। मयूर पिछले 4 साल से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। </p>
<p><strong>मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देता हूं</strong></p>
<p>मयूर परमार ने कहा कि मैंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 को क्रैक कर लिया है, इसमें मेरी 823वीं रैंक है। गुजरात में कोई रैंक नहीं है, लेकिन एसपीआईपीए (स्पीपा) में जो छात्र हैं, उनके अनुसार मेरी नौवीं रैंक है। ग्रेजुएशन के बाद मैंने सिविल इंजीनियरिंग की और 3 महीने तक कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम किया। आमतौर पर मैं रात में पढ़ना पसंद करता हूं, क्योंकि इस समय कोई डिस्टर्ब नहीं करता। शुरुआत में उचित दिशा का अभाव था, लेकिन फिर पिछले एमसीक्यू पेपर हल किए और अधिक से अधिक अभ्यास किया। इसके अलावा मैं सीनियर्स से मिला, उनसे सीखा और यह परीक्षा पास की। मैं अभी भी इस रैंक से संतुष्ट नहीं हूं और एक और कोशिश करूंगा, जिसमें मुझे बेहतर रैंक मिलेगी। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देता हूं।</p>
<p><strong>अब बेटे को सलाम करूंगा: मयूर के पापा</strong></p>
<p>मयूर के पिता रमेशभाई ने कहा कि मै ड्रायवर हु और मै किसी अधिकारी से मिलता हु तो मुझे उन्हे सैल्यूट करना होता है। मैंने आज अपने बेटे को सैल्यूट किया। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है? अब अगर मेरा बेटा मुझे कहीं ऑन ड्युटी मिलेगा तो मैं उसे एक खास यूनिफॉर्म पहनकर सैल्यूट करूंगा।' वह पिछले चार-पांच साल से लगातार महेनत कर रहा था। वह किसी शादी या किसी जगह पर नहीं आ रहा था और उसने मुझसे कहा कि पिताजी, मेरा एक उद्देश्य है कि यूपीएससी पास कर लूं और जिन लोगों ने इस क्षेत्र में पांच-सात साल मेहनत की है, उन्हें परिणाम मिल गया है।</p>
<p><strong>1011 पदों पर भर्ती</strong></p>
<p>यूपीएससी ने 03 चरणों में सिविल सेवा 2022 के उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार आयोजित किया, जिसका तीसरा और अंतिम चरण 18 मई, 2023 को समाप्त हुआ। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा मुख्य परीक्षा परिणाम 2022 के अनुसार, सिविल सेवा प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने वाले लगभग 2,529 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के तहत आईएएस, आईपीएस सहित 1011 पदों पर भर्ती निकाली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/92361/surat-pcr-van-drivers-son-cracks-upsc</link>
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                <pubDate>Tue, 23 May 2023 21:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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