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                <title>Delhi - Loktej</title>
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                <description>Delhi RSS Feed</description>
                
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                <title>जंतर-मंतर पर अनशनरत सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ने का दावा, समर्थकों ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 04 जुलाई (वेब वार्ता)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने का दावा उनके समर्थकों ने किया है।</p>
<p>समर्थकों के अनुसार अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 5.5 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<p>सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि सोनम वांगचुक का वजन करीब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 04 जुलाई (वेब वार्ता)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने का दावा उनके समर्थकों ने किया है।</p>
<p>समर्थकों के अनुसार अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 5.5 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<p>सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि सोनम वांगचुक का वजन करीब 5.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका शुगर स्तर और ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी नीचे है तथा उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।</p>
<p>अभिजीत दीपके के अनुसार, सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।</p>
<p>वांगचुक के समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि लगातार गिरती सेहत के बीच उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील भी की है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर पिछले 15 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में सोनम वांगचुक सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।</p>
<p>हालांकि, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य संबंधी दावों अथवा उनकी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर संबंधित सरकारी एजेंसियों या चिकित्सकीय अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148100/sonam-wangchuk-fasting-at-jantar-mantar-claims-her-health-is-deteriorating--supporters-demand-government-intervention</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:33:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>पालतू कुत्ते संपत्ति नहीं, परिवार का हिस्सा हैं: दिल्ली उच्च न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पालतू जानवरों के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कहा है कि पालतू कुत्तों को केवल संपत्ति के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि वे परिवार का अभिन्न हिस्सा होते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में स्वामित्व से अधिक महत्व जानवरों के कल्याण और उनके भावनात्मक जुड़ाव को दिया जाना चाहिए।</p>
<p>न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने निचली अदालत के आदेश में संशोधन करते हुए तीन टॉय पोमेरेनियन नस्ल के कुत्तों—मिष्टी, कोको और कॉटन—को उन्हें गोद लेने वाले लोगों की अभिरक्षा मं्</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पालतू जानवरों के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कहा है कि पालतू कुत्तों को केवल संपत्ति के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि वे परिवार का अभिन्न हिस्सा होते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में स्वामित्व से अधिक महत्व जानवरों के कल्याण और उनके भावनात्मक जुड़ाव को दिया जाना चाहिए।</p>
<p>न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने निचली अदालत के आदेश में संशोधन करते हुए तीन टॉय पोमेरेनियन नस्ल के कुत्तों—मिष्टी, कोको और कॉटन—को उन्हें गोद लेने वाले लोगों की अभिरक्षा मं् सौंपने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि किसी पालतू जानवर को उस व्यक्ति से अलग करना, जिसके साथ उसका गहरा भावनात्मक संबंध बन चुका हो, उसके लिए मानसिक आघात का कारण बन सकता है।</p>
<p>मामले की शुरुआत उस समय हुई थी जब पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण कानून के तहत एक परिसर में छापेमारी कर कई कुत्तों को कथित रूप से खराब परिस्थितियों में पाया। इसके बाद इन जानवरों को एक गैर-सरकारी संस्था के सुपुर्द किया गया, जिसने तीन कुत्तों को इच्छुक व्यक्तियों को गोद दे दिया।</p>
<p>बाद में एक व्यक्ति ने स्वयं को इन कुत्तों का वास्तविक मालिक बताते हुए निचली अदालत में अस्थायी अभिरक्षा की मांग की। निचली अदालत ने उसकी याचिका स्वीकार करते हुए कुत्तों को उसे सौंपने का आदेश दिया था। इस आदेश को गोद लेने वाले लोगों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी।</p>
<p>सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि पालतू जानवरों की अभिरक्षा का निर्धारण किसी निर्जीव वस्तु के स्वामित्व विवाद की तरह नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में यह देखना आवश्यक है कि जानवर का हित किसमें है और उसका भावनात्मक जुड़ाव किसके साथ अधिक मजबूत है।</p>
<p>दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर न्यायालय ने तीनों कुत्तों को गोद लेने वाले लोगों की सुपरदारी में सौंपने का आदेश दिया। साथ ही प्रत्येक मामले में 50 हजार रुपये का बांड जमा कराने और मुकदमे की आवश्यकता पड़ने पर कुत्तों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया।</p>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पालतू जानवरों के अधिकारों और उनके कल्याण को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा। अदालत की यह टिप्पणी भविष्य में पालतू जानवरों की अभिरक्षा से जुड़े मामलों में मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में देखी जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148040/pet-dogs-are-part-of-the-family--not-property--delhi-high-court</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:45:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जेट फ्यूल की कीमत में कटौती, सस्ता हो सकता है हवाई सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज से जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में प्रति लीटर पांच रुपये की कटौती कर दी है।</p>
<p>इस कटौती के बाद राजधानी नई दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घट कर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बल्क रेट की बात करें तो जेट फ्यूल की कीमत को 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटा कर 1.10 लाख रुपये कर दिया गया है। कीमत में की गई इस कटौती से घरेलू एयरलाइंस को कुछ राहत मिलेगी।</p>
<p>बताया जा रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज से जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में प्रति लीटर पांच रुपये की कटौती कर दी है।</p>
<p>इस कटौती के बाद राजधानी नई दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घट कर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बल्क रेट की बात करें तो जेट फ्यूल की कीमत को 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटा कर 1.10 लाख रुपये कर दिया गया है। कीमत में की गई इस कटौती से घरेलू एयरलाइंस को कुछ राहत मिलेगी।</p>
<p>बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट के बाद जेट फ्यूल की कीमत में कटौती करने का फैसला लिया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत होने के बाद जेट फ्यूल की कीमत रिकॉर्ड लेवल यानी 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर पहुंच गई थी। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद पहली बार इसकी कीमत में कटौती की गई है।</p>
<p>जेट फ्यूल यानी एटीएफ की कीमत में आमतौर पर हर महीने के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत के एवरेज रेट और रुपये तथा डॉलर के एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। हालांकि संकट अथवा आपात स्थिति में जेट फ्यूल की कीमत में कभी भी बढ़ोतरी की जा सकती है।</p>
<p>जानकारों का कहना है कि एयरलाइंस के ऑपरेटिंग कॉस्ट में सबसे बड़ा हिस्सा जेट फ्यूल का ही होता है। ऐसे में जेट फ्यूल की कीमत में कटौती होने से एयरलाइंस को ऑपरेटिंग कॉस्ट के मामले में काफी राहत मिलेगी। एयरलाइंस का ऑपरेटिंग कॉस्ट घटने पर हवाई सफर करने वाले मुसाफिरों को भी राहत मिल सकती है।</p>
<p>टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव घटने और होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते कच्चे तेल की आवा-जाही कुछ हद तक शुरू हो जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बना डर का माहौल कम होने लगा है।</p>
<p>तनाव कम होने के कारण कच्चे तेल की कीमत में भी लगभग 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल अभी 70 डॉलर प्रति बैरल से लेकर 73 डॉलर प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा है।</p>
<p>उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमत में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल तक की और गिरावट आ सकती है। ऐसा होने पर जेट फ्यूल के साथ ही पेट्रोल और डीजल जैसे दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में भी कटौती हो सकती है।</p>
<p>वैष्णव का कहना है कि नायरा एनर्जी ने आज पेट्रोल और डीजल को सस्ता कर कीमत में कटौती करने की शुरुआत कर दी है। अब सबकी नजर सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर टिकी है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल जैसे दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में कटौती करने का फैसला कर लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:50:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>समग्र स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक प्राचीन जड़ी-बूटी “शतावरी”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 जून:ऐसे समय में जब पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान स्वास्थ्य देखभाल को नया रूप दे रहे हैं, शतावरी एक प्राचीन जड़ी-बूटी वैश्विक हर्बल चिकित्सा में एक आधारशिला के रूप में उभर रही है। भारत में सदियों से पूजनीय यह औषधीय पौधा अपने बहुआयामी चिकित्सीय गुणों, आर्थिक मूल्य और समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में भूमिका के कारण विश्व स्तर पर तेजी से मान्यता प्राप्त कर रहा है।</p>
<p>शतावरी उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह पनपती है। यह भारत, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से पाई जाती है।</p>
<p>भारत में, इसके खेती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147972/%E2%80%9Cshatavari%E2%80%9D-an-ancient-herb-for-overall-health-and-health-care"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b29062026-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 23 जून:ऐसे समय में जब पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान स्वास्थ्य देखभाल को नया रूप दे रहे हैं, शतावरी एक प्राचीन जड़ी-बूटी वैश्विक हर्बल चिकित्सा में एक आधारशिला के रूप में उभर रही है। भारत में सदियों से पूजनीय यह औषधीय पौधा अपने बहुआयामी चिकित्सीय गुणों, आर्थिक मूल्य और समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में भूमिका के कारण विश्व स्तर पर तेजी से मान्यता प्राप्त कर रहा है।</p>
<p>शतावरी उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह पनपती है। यह भारत, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से पाई जाती है।</p>
<p>भारत में, इसके खेती के प्रमुख क्षेत्र मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु हैं। यह पौधा शुष्क सहिष्णुता और विभिन्न पारिस्थितिक स्थितियों के प्रति अनुकूलन प्रदर्शित करता है।</p>
<p>शतावरी, एस्पैरोगेशी कुल से संबंधित एक लता है, जिसकी विशेषता इसकी पतली, सुई जैसी शाखाएँ, छोटे सफेद सुगंधित फूल और कंदयुक्त जड़ें हैं। शतावरी की जड़ें रसीली, सफेद और गुच्छों में होती हैं और औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं।</p>
<p>भारतीय ज्ञान प्रणाली में निहित वैदिक साहित्य और आयुर्वेद में शतावरी को एक विशेष स्थान दिया गया है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में, शतावरी को रसायन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह एक दीर्घायु, रोग-प्रतिरोधक, स्फूर्तिदायक और कायाकल्प करने वाली जड़ी-बूटी है।</p>
<p>इसका स्वाद मधुर (मीठा), तासीर शीत वीर्य (शीत) और पित्त तथा वात दोषों में लाभकारी है। शतावरी का उपयोग यूनानी और तिब्बती चिकित्सा सहित एशिया की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। पारंपरिक औषधीय अभिलेखों से पता चलता है कि इसका उपयोग पाचन संबंधी विकारों, तंत्रिका संबंधी समस्याओं और प्रजनन संबंधी बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है।</p>
<p>आधुनिक वैज्ञानिक शोध कार्य शतावरी की समग्र स्वास्थ्य में भूमिका प्रमाणित करते हैं। इसके जैवसक्रिय घटक, जैसे सैपोनिन, फ्लेवोनोइड और एल्कलॉइड, इसके विविध औषधीय गुणों में योगदान देते हैं। शतावरी को व्यापक रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख जड़ी-बूटी माना जाता है।</p>
<p>यह अंडाशय के कार्य को बढ़ाती है, हार्मोनल संतुलन बनाए रखती है, दुग्ध स्राव को बढ़ावा देती है (गैलेक्टागॉग प्रभाव) और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती है।</p>
<p>यह बांझपन, मासिक धर्म की अनियमितता और पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) जैसी स्थितियों में अत्यधिक लाभकारी है। इसके अलावा, यह पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य में शुक्राणुजनन में सुधार करती है, टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाती है, कामेच्छा बढ़ाती है और वृषण ऊतकों को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाती है।</p>
<p>शतावरी में महत्वपूर्ण गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं। यह गैस्ट्रिक अल्सर को कम करती है, श्लेष्मा सुरक्षा को बढ़ाती है और आंत के माइक्रोबायोटा को नियंत्रित करती है।</p>
<p>इसके प्रतिरक्षा-नियंत्रण प्रभावों में मैक्रोफेज की सक्रियता, एंटीबॉडी उत्पादन में वृद्धि और सूजन का नियमन प्रमुख है। इन गुणों के कारण यह दीर्घकालिक सूजन और प्रतिरक्षा संबंधी स्थितियों के प्रबंधन में उपयोगी है।</p>
<p>शतावरी अपने तंत्रिका-सुरक्षात्मक और तनावरोधी गुणों के लिए जानी जाती है और चिंता तथा अवसाद को कम करती है। यह तंत्रिका कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाती है, संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाती है और एक एडाप्टोजेन के रूप में कार्य करती है। यह हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष को नियमित करके शरीर को शारीरिक और भावनात्मक तनाव को कम करने में मदद करती है।</p>
<p>हाल के दशकों में, वैश्वीकरण ने शतावरी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुँचाया है, जहाँ इसे आहार पूरकों, कार्यात्मक खाद्य पदार्थों और एकीकृत चिकित्सा प्रोटोकॉल में शामिल किया गया है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, शतावरी की वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।</p>
<p>बेहतर उपज और फाइटोकेमिकल गुणवत्ता के लिए, उदासीन पीएच और अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी, गर्म उष्णकटिबंधीय से उपोष्णकटिबंधीय जलवायु परिस्थितियाँ, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज या जड़ वांछनीय हैं। इसके अलावा, जड़ों के विस्तार के लिए पर्याप्त दूरी, जैविक उर्वरकों का उपयोग, ड्रिप सिंचाई और एकीकृत कीट प्रबंधन तथा 18-24 महीने बाद कटाई बेहतर उपज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>शतावरी की पादप रासायनिक संरचना पर्यावरणीय कारकों और जड़ की कटाई के समय आयु से प्रभावित होती है। इन भिन्नताओं के कारण चिकित्सीय प्रभावकारिता बनाए रखने के लिए इनका मानकीकरण आवश्यक है।</p>
<p>औद्योगिक उत्पादन में कृषि एवं संग्रहण पद्धतियाँ (GACP), विनिर्माण पद्धतियाँ (GMP) और शतावरी जैसे यौगिकों का मानकीकरण हर्बल उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।</p>
<p>शतावरी की अन्य प्रजातियों के साथ मिलावट को डीएनए बारकोडिंग, एचपीएलसी और स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी उन्नत तकनीकों द्वारा दूर किया जा सकता है। जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक अनुसंधान ने शतावरी की खेती और सुधार के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं।</p>
<p>रोगमुक्त पौधों के तीव्र प्रसार के लिए ऊतक संवर्धन, बड़े पैमाने पर गुणन के लिए माइक्रोप्रोपोगेशन और जैव सक्रिय यौगिकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए आनुवंशिक अभियांत्रिकी उपयोग में लाई जा सकती है।</p>
<p>औषधीय विज्ञान में नवाचारों ने नए फॉर्मूलेशन जैसे नियंत्रित-मोचक, नैनोकण और नैनोइमल्शन, लिपोसोमल रूप विकसित किए हैं। ये शतावरी के सक्रिय यौगिकों की जैव उपलब्धता, स्थिरता और लक्षित वितरण में सुधार कर रहे हैं। इसी प्रकार, जीनोमिक्स, प्रोटीओमिक्स और मेटाबोलोमिक्स का एकीकरण शतावरी अनुसंधान में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।</p>
<p>जैवसंश्लेषण चक्र की पहचान, सक्रिय पादप घटकों का मानचित्रण, औषधि-लक्ष्य अंतःक्रियाओं का पूर्वानुमान और बायोकम्प्यूटेशनल विधियाँ पादप स्रोतों से अधिक सटीक औषधि खोज को संभव बना रही हैं।</p>
<p>शतावरी का भविष्य परंपरा और प्रौद्योगिकी के संगम पर निहित है। प्राकृतिक चिकित्सा की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ, यह जड़ी-बूटी एकीकृत चिकित्सा, महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, कार्यात्मक खाद्य पदार्थों और पोषक तत्वों तथा व्यक्तिगत हर्बल उपचारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आशा है। इसके लिए अनुसंधान, नीतिगत समर्थन और सतत खेती में निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।</p>
<p>कृत्रिम बुद्धिमत्ता शतावरी अनुसंधान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए आश्वस्त है। जैव सक्रियता का पूर्वानुमानित मॉडलिंग, खेती पद्धतियों का अनुकूलन, नए चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान, आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता नियंत्रण तथा विश्लेषण नवाचार को और गति प्रदान कर सकते हैं।</p>
<p>इसकी अभूतपूर्व क्षमता के बावजूद, बड़े पैमाने पर नैदानिक परीक्षणों की कमी, पादप रासायनिक संरचना में भिन्नता, अपर्याप्त मानकीकरण प्रोटोकॉल, अत्यधिक दोहन और पारिस्थितिक मुद्दे शतावरी को व्यापक रूप से अपनाने में एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं। चिकित्सा में मुख्यधारा की स्वीकृति के लिए इन कमियों को दूर करना आवश्यक है।</p>
<p>शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के हितधारकों के सहयोग से, शतावरी में न केवल मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की क्षमता है, बल्कि आर्थिक विकास और पारिस्थितिक स्थिरता में योगदान देने की भी क्षमता है।</p>
<p>हम राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने देशबंधु कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय को पौध वितरण और IEC जैसी गतिविधियों के माध्यम से “एस्पेरेगस रेसमोसस (शतावरी) की गुणों एवं संरक्षण के प्रचार” के लिए समर्थन और अनुदान प्रदान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147972/%E2%80%9Cshatavari%E2%80%9D-an-ancient-herb-for-overall-health-and-health-care</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:39:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 जून (वेब वार्ता)। पर्यावरण कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने रविवार को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।</p>
<p>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह जानकारी दी। श्री दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा, “सोनम वांगचुक ने विद्यार्थियों के लिए इंसाफ लेने तथा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।”</p>
<p>इससे पहले श्री वांगचुक राजघाट गये थे। यहां सीजेपी के संस्थापक श्री दिपके और सौरव दास उनके साथ मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि श्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147945/wangchuk-sits-on-hunger-strike-demanding-pradhan-s-resignation"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/file23.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 28 जून (वेब वार्ता)। पर्यावरण कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने रविवार को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।</p>
<p>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह जानकारी दी। श्री दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा, “सोनम वांगचुक ने विद्यार्थियों के लिए इंसाफ लेने तथा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।”</p>
<p>इससे पहले श्री वांगचुक राजघाट गये थे। यहां सीजेपी के संस्थापक श्री दिपके और सौरव दास उनके साथ मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि श्री दिपके ने रविवार सुबह 11 बजे लोगों से जंतर-मंतर आने की अपील की थी।</p>
<p>उन्होंने एक पोस्ट में यह भी दावा किया था कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को नज़रबंद किया जा रहा है ताकि वे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 20:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>12,100 कविताओं का एक ही दिन में प्रकाशन: डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी ने रचा साहित्य में नया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 27 जून: साहित्य की दुनिया में ऐसे क्षण बहुत कम आते हैं जो केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक युग का निर्माण करते हैं। ऐसा ही एक ऐतिहासिक अध्याय तब लिखा गया जब प्रसिद्ध साहित्यकार, समाजसेवी और विचारक सीए (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक ही दिन में 12,100 कविताओं का प्रकाशन कर विश्व साहित्य जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित भव्य समारोह में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया। साहित्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी एक कवि द्वारा इतनी विशाल संख्या में रचित और प्रकाशित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147911/dr-shankar-ghanshyamdas-andani-created-a-new-history-in-literature"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b27062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 27 जून: साहित्य की दुनिया में ऐसे क्षण बहुत कम आते हैं जो केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक युग का निर्माण करते हैं। ऐसा ही एक ऐतिहासिक अध्याय तब लिखा गया जब प्रसिद्ध साहित्यकार, समाजसेवी और विचारक सीए (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक ही दिन में 12,100 कविताओं का प्रकाशन कर विश्व साहित्य जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित भव्य समारोह में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया। साहित्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी एक कवि द्वारा इतनी विशाल संख्या में रचित और प्रकाशित कविताओं का उदाहरण अत्यंत दुर्लभ है। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की सृजनात्मक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है।</p>
<p> शब्दों को बनाया समाज परिवर्तन का माध्यम<br />डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी की साहित्यिक यात्रा केवल लेखन तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से परिवार, संस्कार, समाज, राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों को केंद्र में रखा है।</p>
<p>उनकी कविताएं केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास भी हैं। यही कारण है कि उनकी रचनाएं विभिन्न आयु वर्गों के पाठकों के बीच लोकप्रिय रही हैं।</p>
<p>12,100 कविताओं का यह विशाल संग्रह वर्षों की साधना, अनुशासन और साहित्य के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।</p>
<p>‘मां’ पर दुनिया के सबसे बड़े काव्य संग्रह से मिली विशेष पहचान<br />डॉ. अंदानी की पहचान उन साहित्यकारों में होती है जिन्होंने भावनात्मक विषयों को व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप दिया।</p>
<p>उनकी चर्चित कृति “मां की ममता – मां अनेकता की शक्ति” विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसमें 5121 कविताओं का विशाल संग्रह प्रकाशित किया गया। यह संग्रह मातृत्व, त्याग, प्रेम और भारतीय पारिवारिक मूल्यों को समर्पित है तथा इसे दुनिया के सबसे बड़े हिंदी काव्य संग्रहों में शामिल किया जाता है।</p>
<p>इस पुस्तक ने साहित्य प्रेमियों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों का भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया।<br />पिता और बहन के रिश्तों को भी दिया साहित्यिक सम्मान डॉ. अंदानी ने केवल मातृत्व तक ही अपने साहित्य को सीमित नहीं रखा।</p>
<p>उन्होंने “बाबा – अबोल जीवनाचे कोडे” नामक मराठी पुस्तक के माध्यम से पिता के मौन त्याग, संघर्ष और जीवन मूल्यों को साहित्यिक अभिव्यक्ति दी। इस संग्रह में 1161 कविताएं शामिल की गईं।</p>
<p>इसी प्रकार “बहिण माझी प्रिय ताई” पुस्तक के माध्यम से भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को रेखांकित किया गया। इन दोनों कृतियों को परिवार केंद्रित साहित्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है।</p>
<p>साहित्य से राष्ट्र निर्माण तक हाल के वर्षों में डॉ. अंदानी ने अपने साहित्यिक चिंतन को राष्ट्रीय विकास के विषयों तक भी विस्तारित किया है।</p>
<p>उनकी पुस्तक “विकसित भारत 2047 – शिक्षा से ही” भारत के भविष्य, शिक्षा सुधार, युवा शक्ति, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर केंद्रित है। यह पुस्तक इस विचार को आगे बढ़ाती है कि विकसित भारत का सपना केवल शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से ही साकार हो सकता है।</p>
<p>इस प्रकार डॉ. अंदानी का साहित्य व्यक्तिगत भावनाओं से लेकर राष्ट्रीय दृष्टि तक एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करता है।</p>
<p>106 पुस्तकों का एक दिन में प्रकाशन भी बना विश्व रिकॉर्ड 12,100 कविताओं के प्रकाशन के साथ-साथ डॉ. अंदानी ने एक और अद्भुत उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है।</p>
<p>उन्होंने एक ही दिन में 106 स्वलिखित पुस्तकों का प्रकाशन कर साहित्य जगत को चौंका दिया। इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली तथा London Book of Records, OMG Book of Records और India Proud Book of Records जैसी संस्थाओं ने इसे रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की।</p>
<p>उपलब्धियों का अद्भुत सफर<br />डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी का व्यक्तित्व केवल साहित्य तक सीमित नहीं है। उनके नाम अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां दर्ज हैं।<br />उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:<br />    12,100 से अधिक प्रकाशित कविताएं<br />    106 स्वलिखित पुस्तकों का एक दिन में प्रकाशन<br />    115 से अधिक विश्व रिकॉर्ड<br />    3180 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार<br />    150 मानद डॉक्टरेट<br />    साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान<br />इन उपलब्धियों ने उन्हें देश के सबसे सक्रिय और सम्मानित साहित्यिक व्यक्तित्वों में शामिल कर दिया है।</p>
<p>समाज सेवा में भी उल्लेखनीय योगदान</p>
<p>व्यवसाय से चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के बावजूद डॉ. अंदानी ने समाज सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।<br />उन्होंने अनेक धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया है। विभिन्न मंदिरों, ट्रस्टों, सामाजिक संगठनों और जनहित संस्थाओं के साथ उनका योगदान लंबे समय से जुड़ा रहा है।</p>
<p>उनका मानना है कि साहित्य और समाज सेवा दोनों का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है।</p>
<p>नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा<br />आज जब डिजिटल युग में पढ़ने और लिखने की संस्कृति अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के माध्यम से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।</p>
<p>एक ही दिन में 12,100 कविताओं का प्रकाशन केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि साहित्य के प्रति आजीवन समर्पण का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और भारतीय साहित्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब शब्दों के साथ उद्देश्य जुड़ जाता है, तब साहित्य केवल पढ़ा नहीं जाता—वह इतिहास बन जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 15:36:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सेशेल्स रवाना, राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 27 जून (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि उनकी सेशेल्स यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करेगी तथा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिन्द महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।</p>
<p>श्री मोदी ने तीन दिन की यात्रा पर सेशेल्स रवाना होने से पहले कहा कि वह राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे । वह मुख्य अतिथि के रूप में सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147907/modi-leaves-for-seychelles--will-hold-bilateral-talks-with-president-hermi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/file20.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 27 जून (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि उनकी सेशेल्स यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करेगी तथा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिन्द महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।</p>
<p>श्री मोदी ने तीन दिन की यात्रा पर सेशेल्स रवाना होने से पहले कहा कि वह राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे । वह मुख्य अतिथि के रूप में सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्त्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और हमारे महासागर दृष्टिकोण तथा वैश्विक दक्षिण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रमुख साझेदार है। उन्होंने कहा,“इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगाँठ भी मना रहे हैं, जो पारस्परिक विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और हमारे लोगों के बीच गहरे आत्मीय संबंधों पर आधारित हैं।”</p>
<p>राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की इस वर्ष फरवरी की भारत की सफल राजकीय यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “ मैं हमारी स्थाई मित्रता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से होने चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। हम मिलकर अपने लोगों की प्रगति को आगे बढ़ाने तथा हिन्द महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य करेंगे।“</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्हें सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सम्मान प्राप्त होगा। यह ऐतिहासिक अवसर उन सशक्त लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का प्रतीक है, जो हमारे दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं।</p>
<p>श्री मोदी ने कहा कि वह सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं जिसने पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स के बीच विशेष मित्रता को सशक्त बनाया है तथा दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में कार्य किया है।</p>
<p>उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और अधिक गहरा करेगी, हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को सुदृढ़ बनाएगी तथा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिन्द महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147907/modi-leaves-for-seychelles--will-hold-bilateral-talks-with-president-hermi</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 15:00:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑटोडेस्क ने डिजिटल-फर्स्ट इंडिया में निवेश किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 जून:भारत में ऑटोडेस्क स्टोर में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड किया गया है। ऑटोडेस्क ने इसे एक पूरी तरह से सेल्फ-सर्व प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।</p>
<p>इससे देश में स्टार्टअप्स, उद्यमियों, फ्रीलांसर और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) को प्रोफेशनल डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अधिक आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। ऑटोडेस्क स्टोर एक डिजिटल-फर्स्ट गो-टू-मार्केट मॉडल की तरह काम करेगा। इससे ग्राहकों के लिए इसके डिज़ाइन एंड मेक</p>
<p>सॉल्यूशंस को खोजना, आजमाना, खरीदना और मैनेज करना आसान हो जाएगा।<br />·    भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और एसएमबी हैं।<br />·</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147826/autodesk-invests-in-digital-first-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b24062026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 जून:भारत में ऑटोडेस्क स्टोर में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड किया गया है। ऑटोडेस्क ने इसे एक पूरी तरह से सेल्फ-सर्व प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।</p>
<p>इससे देश में स्टार्टअप्स, उद्यमियों, फ्रीलांसर और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) को प्रोफेशनल डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अधिक आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। ऑटोडेस्क स्टोर एक डिजिटल-फर्स्ट गो-टू-मार्केट मॉडल की तरह काम करेगा। इससे ग्राहकों के लिए इसके डिज़ाइन एंड मेक</p>
<p>सॉल्यूशंस को खोजना, आजमाना, खरीदना और मैनेज करना आसान हो जाएगा।<br />·    भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और एसएमबी हैं।<br />·    यह नया डिजिटल स्टोर प्रोफेशनल ‘डिज़ाईन एंड मेक’ टेक्नोलॉजी मेट्रो शहरों एवं अन्य जगहों के सभी भारतीय क्रिएटर्स तक पहुँचाएगा।</p>
<p>इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की लेटेस्ट इंटरनेट इन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 958 मिलियन एक्टिव इंटरनेट यूज़र हैं। यानी भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इतने व्यापक इंटरनेट एडॉप्शन के कारण ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय के प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी खरीदने के अनुभव में भी बुनियादी परिवर्तन आया है।</p>
<p>नए ऑटोडेस्क स्टोर ने प्रोफेशनल ग्रेड टेक्नोलॉजी की उपलब्धता को सरल बना दिया है। खरीद एवं कंजंप्शन के नए विकल्प प्रदान किए हैं। ऐसा करने का मकसद हर आकार के बिजनेस, खासकर उभरते हुए बिजनेस और पहली बार के यूज़र्स की बाधाओं को कम करना है, ताकि वो विकसित भारत के लिए इनोवेशन, डिज़ाइन और निर्माण कर सकें।</p>
<p>भारत में यह प्लेटफॉर्म साल 2017 में लॉन्च हुआ था। धीरे-धीरे यह भारत में ऑटोडेस्क के सबसे महत्वपूर्ण कस्टमर एक्विजिशन चैनल्स में से एक बन गया। आज भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और उभरते हुए बिजनेस हैं।</p>
<p>इससे एक तरफ तो भारत में उद्यमियों का विस्तार प्रदर्शित होता है, तो दूसरी तरफ यह भी प्रदर्शित होता है कि नई पीढ़ी के प्रोफेशनल्स के बीच डिजिटल-फर्स्ट प्रोक्योरमेंट किस हद तक महत्वपूर्ण हो चुका है।</p>
<p>यह परिवर्तन पारंपरिक मेट्रो बाजारों से बाहर भी दिखाई दे रहा है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में उद्यमियों की बढ़ती गतिविधि और बढ़ते डिजिटल एडॉप्शन से नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।</p>
<p>ऑटोडेस्क के ऑनलाइन ग्राहकों में इन शहरों का हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक है। डेटा से प्रदर्शित होता है कि उभरते हुए व्यवसायिक केंद्र भारत में विकास और डिजिटल टेक्नोलॉजी एडॉप्शन के मुख्य इंजन बनते जा रहे हैं।</p>
<p>कामोलिका गुप्ता पेरेज़, वाईस प्रेसिडेंट, ऑटोडेस्क इंडिया और सार्क ने कहा, “भारत में लगभग एक बिलियन इंटरनेट यूज़र हैं। इस पीढ़ी के लिए डिजिटल एक चैनल नहीं, बल्कि एक जरूरत है।</p>
<p>आज के ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय में डिज़ाइनर, एनिमेटर और मैन्युफैक्चरर हैं, जो प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी को तुरंत खोजना, आजमाना और खरीदना चाहते हैं, ठीक वैसे ही, जैसे वो अन्य ऑनलाइन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए करते हैं।”</p>
<p>कामोलिका ने आगे कहा, “पिछले एक साल में हमने भारत में ऑटोडेस्क के ग्राहकों और क्रिएटर समुदाय के खरीदारी के व्यवहार और उनकी पसंदों का विश्लेषण किया।</p>
<p>इससे मिले नतीजों के आधार पर हमने ऑटोडेस्क स्टोर को ज्यादा इन्ट्यूटिव, इंक्लूसिव, सुगम और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया। यह आधुनिक भारतीय व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए विकसित किया गया है।</p>
<p>भारत में जैसे-जैसे ऑटोडेस्क का विस्तार हो रहा है, हम इसे और अधिक आसान बनाते जा रहे हैं, ताकि प्रोफेशनल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी हर जगह आसानी से उपलब्ध हो सके।”</p>
<p>यह बेहतर प्लेटफॉर्म कई पर्चेजिंग मॉडल और क्षमताएं पेश करता है, जो भारत में स्वतंत्र प्रोफेशनल्स और छोटे व्यवसायों के काम करने के तरीके के अनुसार डिज़ाइन की गई हैं:<br />·    अनेकों प्रोडक्ट और पेमेंट विकल्प - ऑफिशियल ऑटोडेस्क ऑनलाइन स्टोर पर संपूर्ण प्रोडक्ट रेंज मौजूद है, जो भारत में उपलब्ध है। 60 से अधिक प्रोडक्ट खरीदे जा सकते हैं। उनके लिए क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, यूपीआई और डेबिट कार्ड सहित कई तरीकों से पेमेंट किया जा सकता है।<br />·    मासिक सदस्यता - प्रोफेशनल ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स की मासिक सदस्यता ले सकते हैं। प्रवेश शुल्क की शुरुआत ऑटोकैड वेब के लिए 1,062 रुपये से होती है।</p>
<p>तीन महीने के कमीशन पर काम करने वाला फ्रीलांस आर्किटेक्ट, अपने पहले प्रोडक्ट प्रोटोटाइप की टेस्टिंग करने वाला स्टार्टअप या छोटे डिज़ाइन प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कोई भी फर्म इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड टूल केवल तब तक के लिए प्राप्त कर सकती है, जब तक उन्हें इसकी जरूरत होती है।<br />·    फ्लेक्स टोकन (पे-पर-यूज़ मीटर) - ऑटोडेस्क फ्लेक्स केवल इंडिया स्टोर पर उपलब्ध है। टीमें अपने उपयोग के अनुसार टोकन खरीद सकती हैं। 100 टोकन का मूल्य 29,300 रुपये से शुरू होता है।</p>
<p>यह एक साल के लिए वैध होता है और इसे अनेकों यूज़र्स एवं चुनिंदा ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।<br />·    फुल सेल्फ-सर्व कॉमर्स, कॉलबैक की जरूरत नहीं - ग्राहक तुरंत आपस में कोटेशन बनाकर भेज सकते हैं, ताकि तेजी से अनुमति मिल सके।</p>
<p>एक ही चेकआउट में कई प्रोडक्ट के ऑर्डर पूरे किए जा सकते हैं। कई सब्सक्रिप्शंस को एक साथ रिन्यू किया जा सकता है। जीएसटी अनुपालन को संभाला जा सकता है। खरीदी की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सेल्फ-डायरेक्टेड होती है।</p>
<p>सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया डिजिटल होती जा रही है, इसलिए ऑटोडेस्क ने अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट के विकल्प बढ़ा दिए हैं। अब पेमेंट यूपीआई के साथ डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से भी किया जा सकता है।</p>
<p>इसलिए भारत के ग्राहकों के लिए अपने जाने-पहचाने और रोजमर्रा के पेमेंट माध्यमों द्वारा पेमेंट करके सॉल्यूशन खरीदना आसान हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 18:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दी इस्तीफे को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का अपना कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे थे।</p>
<p>भाजपा का निर्णय और कार्यकाल</p>
<p>जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून को पूर्ण हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 23 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का अपना कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे थे।</p>
<p>भाजपा का निर्णय और कार्यकाल</p>
<p>जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून को पूर्ण हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाने का निर्णय लिया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई। कुरियन 1980 से भाजपा से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।</p>
<p>एक समर्पित राजनीतिक सफर</p>
<p>केरल के कोट्टायम में जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हैं। अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश की रिक्त सीट से राज्यसभा के लिए चुने गए कुरियन को ईसाई समुदाय का प्रमुख चेहरा माना जाता था। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यशैली ने उन्हें केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिलाई थी। अब उनके इस्तीफे के साथ ही सरकार में नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147795/union-minister-of-state-george-kurien-resigns-from-the-council-of-ministers--president-murmu-approves-resignation-after-rajya-sabha-tenure-ends</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:17:41 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रो. डॉ. सी.ए. शंकर अंदानी ने एक दिन में 106 पुस्तकों का विमोचन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147735/prof-dr-ca-shankar-andani-created-a-world-record-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है और यह डॉ. अंदानी की उस प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है जिसके तहत उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे ज़्यादा लिखने वाले साहित्यकारों में से एक माना जाता है।</p>
<p>जहाँ लेखक अक्सर कुछ किताबें प्रकाशित करने में ही सालों लगा देते हैं, वहीं डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदाणी ने एक साथ 106 मौलिक रचनाएँ पाठकों के सामने लाकर साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्पादकता और समर्पण का उदाहरण पेश किया है।</p>
<p>यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि साहित्य, भाषा, संस्कृति और निरंतर बौद्धिक योगदान की शक्ति का जश्न भी है।</p>
<p>हजारों कविताओं और सैकड़ों सम्मानों से भरी साहित्यिक यात्रा<br />यह नया रिकॉर्ड उनकी पहले से ही असाधारण रही यात्रा में एक और शानदार अध्याय जोड़ता है। सालों से, डॉ. अंदाणी ने पारिवारिक मूल्यों, मातृत्व, पितृत्व, भाई-बहन के रिश्तों, संस्कृति, आध्यात्मिकता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय विकास जैसे कई विषयों पर साहित्यिक रचनाएँ लिखी और संकलित की हैं।</p>
<p>उनका साहित्यिक योगदान 12,100 से अधिक कविताओं के अद्भुत संग्रह में झलकता है, जो उन्हें देश के सबसे ज़्यादा रचनाएँ करने वाले साहित्यकारों में से एक बनाता है।</p>
<p>उनके काम की खासियत न केवल इसकी विशाल मात्रा है, बल्कि इसकी भावनात्मक गहराई और सामाजिक प्रासंगिकता भी है। उनकी रचनाएँ हमेशा मानवीय मूल्यों को संजोने, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करती हैं।</p>
<p>मातृत्व पर दुनिया के सबसे बड़े कविता संग्रह के रचयिता<br />उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है "माँ की ममता – माँ अनेकता की शक्ति" का प्रकाशन, जो एक बहुत बड़ा साहित्यिक काम है और इसमें मातृत्व को समर्पित 5,121 कविताएँ शामिल हैं।</p>
<p>इस संग्रह में पूरे भारत के कवियों की रचनाएँ शामिल थीं और इसे माँ के प्यार, त्याग और देखभाल करने की भावना पर अब तक के सबसे बड़े साहित्यिक संकलनों में से एक माना जाता है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट ने अपने बड़े पैमाने और भावनात्मक महत्व के कारण राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इसने डॉ. अंदानी की उस क्षमता को उजागर किया जिसके ज़रिए वे साहित्य को एक ऐसे आंदोलन में बदल सकते हैं जो लोगों को साझा मानवीय अनुभवों से जोड़ता है।</p>
<p>साहित्य के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों को संजोना<br />मातृत्व के अलावा, डॉ. अंदानी ने उन विषयों को भी बढ़ावा दिया है जो आधुनिक समाज में तेज़ी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।<br />उनकी मराठी साहित्यिक पहल "बाबा – अबोल जीवनाचे कोडे" ने पूरे महाराष्ट्र के कवियों द्वारा लिखी गई 1,161 कविताओं के संग्रह के माध्यम से पिताओं के अक्सर अनकहे त्याग और भावनात्मक शक्ति को उजागर किया।</p>
<p>इसी तरह, भाई-बहनों के रिश्ते को समर्पित उनकी किताब "बहीण माझी प्रिया ताई" ने भाई-बहनों के बीच भावनात्मक मज़बूती, सहयोग और जीवन भर के जुड़ाव का जश्न मनाया।</p>
<p>इन प्रोजेक्ट्स की पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक रिश्तों को संजोने के लिए व्यापक रूप से सराहना की गई है, खासकर ऐसे समय में जब तेज़ी से हो रहा आधुनिकीकरण अक्सर पारंपरिक सामाजिक रिश्तों को पीछे छोड़ देता है।</p>
<p>भावनात्मक साहित्य से राष्ट्रीय दृष्टिकोण तक<br />डॉ. अंदानी का साहित्यिक काम केवल व्यक्तिगत रिश्तों तक ही सीमित नहीं रहा है।<br />उनकी हाल ही में घोषित किताब "विकसित भारत 2047 – शिक्षा से ही" एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में आकार देने में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देती है।</p>
<p>यह किताब युवा सशक्तिकरण, नवाचार, मूल्यों पर आधारित शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण जैसे विषयों पर बात करती है। यह साहित्य को व्यापक सामाजिक और विकासात्मक आकांक्षाओं से जोड़ने की उनकी क्षमता को दिखाती है।</p>
<p>पारिवारिक विषयों से राष्ट्रीय परिवर्तन की ओर यह बदलाव उनके साहित्यिक दृष्टिकोण और बौद्धिक योगदान के विस्तार को उजागर करता है।<br />साहित्य से परे एक रिकॉर्ड-तोड़ने वाली विरासत</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें प्रकाशित करना डॉ. अंदाणी के शानदार सफ़र का सिर्फ़ एक पहलू है।<br />उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:<br />    3,180 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार<br />    115 से ज़्यादा वर्ल्ड रिकॉर्ड<br />    150 मानद डॉक्टरेट<br />    12,100 से ज़्यादा प्रकाशित कविताएँ<br />    दर्जनों बड़े साहित्यिक प्रयासों के लेखक और सहयोगी<br />    शैक्षिक और सामाजिक पहलों के ज़रिए लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक और सलाहकार<br />ये उपलब्धियाँ उन्हें उन चुनिंदा लोगों की श्रेणी में रखती हैं जिनका प्रभाव साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।</p>
<p>लिखे हुए शब्दों से परे समाज की सेवा<br />अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के अलावा, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी अपनी व्यापक समाज सेवा और पेशेवर योगदान के लिए भी जाने जाते हैं।<br />पेशे से एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते, उन्होंने कई धार्मिक, धर्मार्थ और सामाजिक संगठनों के लिए टैक्स कंसल्टेंट और सलाहकार के तौर पर काम किया है।</p>
<p>उनके योगदान से पूरे भारत में मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, शिक्षण संस्थानों और गैर-लाभकारी संगठनों को फ़ायदा पहुँचा है।<br />जनसेवा के प्रति उनके समर्पण ने बार-बार यह साबित किया है कि सच्ची लीडरशिप पेशेवर सफलता से कहीं आगे बढ़कर समाज पर सार्थक प्रभाव डालने के बारे में है।</p>
<p>असाधारण योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान<br />लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स जैसे संस्थानों से मिली पहचान डॉ. अंदानी की उपलब्धियों के वैश्विक महत्व को और पुख्ता करती है।</p>
<p>ये रिकॉर्ड न केवल उनके साहित्यिक काम के बड़े पैमाने को मान्यता देते हैं, बल्कि इतने बड़े स्तर का काम करने के लिए ज़रूरी समर्पण, अनुशासन और विज़न को भी सराहते हैं।</p>
<p>साहित्यिक विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि एक ही दिन में खुद लिखी हुई 106 किताबें प्रकाशित करना सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं है—यह रचनात्मकता, समर्पण और मकसद-आधारित काम की असीमित संभावनाओं का एक उदाहरण है।</p>
<p>आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा<br />ऐसे समय में जब लोगों का ध्यान केंद्रित करने का समय कम होता जा रहा है और डिजिटल चीज़ों की वजह से साहित्य से जुड़ने में अक्सर रुकावटें आती हैं, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी की उपलब्धियाँ साहित्य के सदाबहार महत्व की एक ज़बरदस्त मिसाल हैं।</p>
<p>एक लेखक से रिकॉर्ड-होल्डर और सांस्कृतिक समर्थक से लेकर साहित्य के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच रखने वाले व्यक्ति तक का उनका सफ़र, भारत और उसके बाहर भी लेखकों, शिक्षकों, छात्रों और पाठकों को प्रेरित करता रहता है।</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें लॉन्च करने और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने के साथ, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साहित्य का मतलब सिर्फ़ किताबें लिखना नहीं है—बल्कि यह संस्कृति को संजोने, समाज को आकार देने और ऐसी विरासत बनाने के बारे में है जो पीढ़ियों तक बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में ईवी नीति 2.0 को मिल सकती है मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 जून (वेब वार्ता)। दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2.0 को अगले सप्ताह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नयी नीति का मसौदा अप्रैल में हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक किया गया था। नीति के तहत हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर प्राधिकारियों को अभी अंतिम फैसला लेना हैं।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार इस नीति के तहत सब्सिडी योजना में हाइब्रिड वाहनों को भी शामिल करना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नयी दिल्ली, 19 जून (वेब वार्ता)। दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2.0 को अगले सप्ताह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नयी नीति का मसौदा अप्रैल में हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक किया गया था। नीति के तहत हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर प्राधिकारियों को अभी अंतिम फैसला लेना हैं।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार इस नीति के तहत सब्सिडी योजना में हाइब्रिड वाहनों को भी शामिल करना चाहती है, लेकिन कुछ जगहों से इसका विरोध हो रहा है। हालांकि, यह देखा गया है कि हाइब्रिड वाहन पर सब्सिडी देने से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेज़ी से अपनाने में मदद मिली है।’’</p>
<p>नीति के मसौदे में 30 लाख रुपये तक कीमत वाले हाइब्रिड वाहनों के लिए पथकर में 50 प्रतिशत की छूट देने की सिफारिश की गई है।<br />हाइब्रिड वाहन परंपरागत इंजन और एक या अधिक इलेक्ट्रिक मोटर से संचालित होते हैं। इनमें लगी बैटरी स्वयं चार्ज होती है।</p>
<p>दिल्ली की मौजूदा ईवी नीति की अवधि 30 जून तक बढ़ाई गई है।<br />अधिकारी ने कहा, “मौजूदा नीति को आगे भी बढ़ाए जाने की संभावना है, इसलिए नयी ईवी नीति 2.0 को मंजूरी मिलना आवश्यक है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147723/ev-policy-20-may-get-approval-in-delhi-cabinet-meeting</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:00:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>The Farming Box को ‘Revolutionary Product of 2026’ और ‘Passive Income Role Model’ सम्मान मिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 जून: भारत में डिजिटल आय और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रही कंपनी The Farming Box Pvt. Ltd. ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए Entrepreneurs Forum of India Awards 2026 में दो प्रतिष्ठित सम्मानों पर अपना नाम दर्ज कराया है।</p>
<p>कंपनी के फ्लैगशिप उत्पाद The Farming Box को “Revolutionary Product of 2026” तथा “Role Model for Passive Income” पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे द्वारा एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर के उद्यमी, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और बिजनेस लीडर्स उपस्थित रहे।</p>
<p>ये पुरस्कार उन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147661/the-farming-box-received-%E2%80%98revolutionary-product-of-2026%E2%80%99-and-%E2%80%98passive"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b16062026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 जून: भारत में डिजिटल आय और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रही कंपनी The Farming Box Pvt. Ltd. ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए Entrepreneurs Forum of India Awards 2026 में दो प्रतिष्ठित सम्मानों पर अपना नाम दर्ज कराया है।</p>
<p>कंपनी के फ्लैगशिप उत्पाद The Farming Box को “Revolutionary Product of 2026” तथा “Role Model for Passive Income” पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे द्वारा एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर के उद्यमी, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और बिजनेस लीडर्स उपस्थित रहे।</p>
<p>ये पुरस्कार उन उत्पादों और कंपनियों को दिए जाते हैं जो नवाचार, उपयोगकर्ता सुविधा, तकनीकी उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से नए मानक स्थापित करती हैं। The Farming Box को यह सम्मान डिजिटल अर्थव्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने और घर बैठे अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदान किया गया।</p>
<p>आज के समय में जब लोग अपनी नियमित आय के साथ-साथ वैकल्पिक आय स्रोतों की तलाश कर रहे हैं, The Farming Box ने एक ऐसा समाधान प्रस्तुत किया है जो तकनीक और सरलता का अनूठा संयोजन है। कंपनी का उद्देश्य उन लोगों तक डिजिटल आय के अवसर पहुंचाना है जो जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं, महंगे उपकरणों या बड़े निवेश के कारण इस क्षेत्र से दूर रह जाते हैं।</p>
<p>The Farming Box एक कॉम्पैक्ट, प्लग-एंड-प्ले डिजिटल डिवाइस है जिसे विशेष रूप से घरेलू उपयोग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसे संचालित करने के लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती।</p>
<p>उपयोगकर्ता को केवल डिवाइस को बिजली और वाई-फाई से कनेक्ट करना होता है, जिसके बाद यह स्वतः कार्य करना शुरू कर देता है। इसकी शांत कार्यप्रणाली, कम बिजली खपत और आसान उपयोग इसे परिवारों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, गृहिणियों और छोटे व्यवसायियों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है।</p>
<p>“Revolutionary Product of 2026” पुरस्कार इस बात की पहचान है कि The Farming Box ने डिजिटल माइनिंग और डिजिटल आय से जुड़ी पारंपरिक चुनौतियों को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p>सामान्यतः इस क्षेत्र में उच्च लागत, तकनीकी जटिलता और अधिक ऊर्जा खपत जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। The Farming Box ने इन चुनौतियों का समाधान एक ऐसे उत्पाद के माध्यम से प्रस्तुत किया है जो उपयोगकर्ता के लिए सरल, सुविधाजनक और अधिक सुलभ है।</p>
<p>वहीं, “Role Model for Passive Income” सम्मान कंपनी के उस व्यापक प्रभाव को दर्शाता है जिसके माध्यम से हजारों लोगों को वैकल्पिक आय के नए अवसरों के प्रति जागरूकता मिली है। यह पुरस्कार उन संगठनों को दिया जाता है जो वित्तीय सशक्तिकरण और आर्थिक अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।</p>
<p>इस अवसर पर The Farming Box के संस्थापक अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा, "हमारे लिए यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस विश्वास की पहचान है जिसके साथ हमने The Farming Box की शुरुआत की थी। हमारा लक्ष्य हमेशा से यह रहा है कि डिजिटल आय के अवसर केवल तकनीकी विशेषज्ञों या बड़े निवेशकों तक सीमित न रहें, बल्कि आम परिवार भी उनका लाभ उठा सकें।</p>
<p>आज जब हमें ‘Revolutionary Product of 2026’ और ‘Role Model for Passive Income’ जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं, तो यह हमारी टीम और हमारे उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए गर्व का क्षण है।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि कंपनी आने वाले वर्षों में और अधिक नवाचारों पर कार्य करेगी ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी को और भी आसान बनाया जा सके।</p>
<p>The Farming Box की एक प्रमुख विशेषता इसका समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन है, जो उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस की गतिविधियों और आय को रियल टाइम में ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करता है।</p>
<p>प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी एनक्रिप्शन तथा ऑडिटेड प्रोटोकॉल का उपयोग किया गया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को पारदर्शी और सुरक्षित अनुभव प्राप्त होता है।</p>
<p>उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीक-आधारित आय मॉडल की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे समय में The Farming Box जैसे उत्पाद लोगों को नई तकनीकों से जोड़ने और वित्तीय अवसरों तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।<br />Entrepreneurs Forum of India ने भी The Farming Box को ऐसे नवाचार का उदाहरण बताया जो आधुनिक तकनीक को आम उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप सरल बनाता है।</p>
<p>संगठन के अनुसार, यह उत्पाद केवल एक तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि वित्तीय जागरूकता और आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>इन दो राष्ट्रीय सम्मानों के साथ The Farming Box ने भारत के उभरते हुए टेक्नोलॉजी और पैसिव इनकम इकोसिस्टम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी भविष्य में नए उत्पादों के विकास, रणनीतिक साझेदारियों और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की योजनाओं पर काम कर रही है।</p>
<p>डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में The Farming Box का उद्देश्य तकनीक को आम लोगों के लिए उपयोगी बनाते हुए उन्हें अतिरिक्त आय और वित्तीय सशक्तिकरण के नए अवसर प्रदान करना है।</p>
<p>The Farming Box Pvt. Ltd. एक भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनी है जो डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी को सरल और सुलभ बनाने वाले समाधानों के विकास पर केंद्रित है।</p>
<p>कंपनी का प्रमुख उत्पाद The Farming Box एक घरेलू डिजिटल डिवाइस है, जिसे उपयोगकर्ताओं को तकनीक-संचालित पैसिव इनकम अवसरों तक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।<br />अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: www.thefarmingbox.com</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:50:36 +0530</pubDate>
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