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                <description>Hotel Industry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>साल 2030 तक 700 होटल का पोर्टफोलियो हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में: आईएचसीएल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) टाटा समूह समर्थित इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी ‘एक्सेलरेट 2030’ रणनीति के तहत 2030 तक 700 होटल का पोर्टफोलियो हासिल करने के लिए ‘पूरी तरह तैयार’ है।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी होटल कंपनी के पोर्टफोलियो में फिलहाल 360 होटल हैं, जिनमें 237 परिचालन में हैं और 123 होटल पाइपलाइन में हैं।</p>
<p>कंपनी ने कहा, “आईएचसीएल अपनी रणनीति ‘एक्सेलरेट 2030’ के तहत 700 होटल पोर्टफोलियो के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है।”</p>
<p>आईएचसीएल ने कहा कि उसने ‘2024 में 85 अनुबंध और 40 उद्घाटन’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/119568/well-positioned-to-achieve-portfolio-of-700-hotels-by-2030--ihcl"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/6413_dinner-restaurant-food-party-lunch-meal-chinese-hotel-dining-table.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) टाटा समूह समर्थित इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी ‘एक्सेलरेट 2030’ रणनीति के तहत 2030 तक 700 होटल का पोर्टफोलियो हासिल करने के लिए ‘पूरी तरह तैयार’ है।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी होटल कंपनी के पोर्टफोलियो में फिलहाल 360 होटल हैं, जिनमें 237 परिचालन में हैं और 123 होटल पाइपलाइन में हैं।</p>
<p>कंपनी ने कहा, “आईएचसीएल अपनी रणनीति ‘एक्सेलरेट 2030’ के तहत 700 होटल पोर्टफोलियो के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है।”</p>
<p>आईएचसीएल ने कहा कि उसने ‘2024 में 85 अनुबंध और 40 उद्घाटन’ किए हैं।</p>
<p>आईएचसीएल की कार्यकारी उपाध्यक्ष (रियल एस्टेट एवं विकास) सुमा वेंकटेश ने कहा, “कंपनी की एक्सेलरेट रणनीति के तहत प्रतिष्ठित ताज ब्रांड 2024 में 19 अनुबंधों के साथ वृद्धि में सबसे आगे बना हुआ है। यह भारत में महानगरों, तीर्थ स्थानों, अवकाश स्थलों, प्रादेशिक राजधानियों के साथ-साथ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनुबंधों के साथ विलासिता के अनुभवों की बढ़ती समृद्धि और मांग को दर्शाता है।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 19:02:42 +0530</pubDate>
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                <title>चारधाम यात्रा पर जोशीमठ भू-धंसाव की छाया, बुकिंग कम होने से होटल व्यवसायियों में मायूसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोपेश्वर, 13 अप्रैल (हि.स.)। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कम समय रह गया है। इससे जुड़े व्यवसायी जहां हर वर्ष यात्रा को लेकर काफी उत्साहित रहते थे वहीं इस बार जोशीमठ भूधंसाव से जो स्थिति पैदा हुई है, उससे होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों में काफी मायूसी है। यात्रा मार्ग के पड़ावों पर होटल बुकिंग शुरू हो गई है परंतु अप्रैल माह में भी जोशीमठ में यात्रा बुकिंग बीते वर्षों की अपेक्षा कम होने से होटल व्यवसायी चिंतित हैं। अभी तक मई और जून माह के लिए निजी होटलों में बुकिंग फुल नहीं हो पाई है। तीर्थयात्रियों की पहली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91212/disappointment-among-hoteliers-due-to-low-booking-of-joshimath-landslide"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/k13042023-02.jpg" alt=""></a><br /><p>गोपेश्वर, 13 अप्रैल (हि.स.)। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कम समय रह गया है। इससे जुड़े व्यवसायी जहां हर वर्ष यात्रा को लेकर काफी उत्साहित रहते थे वहीं इस बार जोशीमठ भूधंसाव से जो स्थिति पैदा हुई है, उससे होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों में काफी मायूसी है। यात्रा मार्ग के पड़ावों पर होटल बुकिंग शुरू हो गई है परंतु अप्रैल माह में भी जोशीमठ में यात्रा बुकिंग बीते वर्षों की अपेक्षा कम होने से होटल व्यवसायी चिंतित हैं। अभी तक मई और जून माह के लिए निजी होटलों में बुकिंग फुल नहीं हो पाई है। तीर्थयात्रियों की पहली पसंद गढवाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को जोशीमठ में बुकिंग खुलने के बाद भी नाममात्र की बुकिंग मिल सकी है।<br /><br />जोशीमठ जो कि बदरीनाथ, हेमकुंड यात्रा मार्ग का मुख्य पड़ाव है, इस समय भू-धंसाव का दंश झेल रहा है। भू-धंसाव के चलते जहां यहां के कई भवनों पर दरारों के साथ होटलों पर भी दरारें आ गयी थीं। कुछ होटलों को सुरक्षा की दृष्टि से जमींदोज भी कर दिया गया है। इसकी खबरें अखबारों से लेकर टेलीविजन न्यूज चैनलों में काफी सुर्खियों में रहीं और अभी तक भी पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर जोशीमठ संघर्ष समिति आंदोलनरत है। इस बार मौसम भी बार-बार करवट बदल रहा है। शीतकाल में तो मौसम तकरीबन ठीक रहा लेकिन इसके विपरीत अबकी बार मार्च, अप्रैल में भी इसके तेवर कुछ तल्ख हैं। इन महीनों में जहां पहाड़ों में हल्की गुनगुनी गर्मी शुरू हो जाती थी वहीं इस बार यहां कब मौसम बदल जाये और बारिश शुरू हो जाये, पता नहीं चल पा रहा है। इसको लेकर भी काफी संशय लोगों में बना हुआ है।<br /><br />गढवाल मंडल विकास निगम के मैनेजर प्रदीप शाह का कहना है कि जोशीमठ में हो रही भू-धंसाव की खबरों के चलते जहां जिले में यात्रा मार्ग के अन्य जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में मई और जून की बेहतर बुकिंग मिली हैं। जोशीमठ और औली में इस वर्ष अभी तक आधे से भी कम बुकिंग मिली हैं। हालांकि इससे पहले के यात्रा सीजन के दौरान अप्रैल माह में मई और जून के लिये गेस्ट हाउस में बुकिंग फुल हो जाती थी।<br /><br />व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी का कहना है कि निजी होटलों में भी अभी बुकिंग फुल नहीं हो सकी है। इससे इस वर्ष चार धाम यात्रा के दौरान होने वाले व्यवसाय को लेकर होटल और होम स्टे संचालकों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने सरकार से जोशीमठ के होटल व्यवसाय को मजबूती देने के लिए नगर की मौजूदा स्थिति की सही जानकारी के प्रचार-प्रसार करने की मांग की है।<br /><br />होटल एसोसिएशन पीपलकोटी के अध्यक्ष अतुल शाह का कहना है कि अप्रैल माह तक मई, जून की यात्रा बुकिंग फुल हो जाया करती थी लेकिन इस बार अभी तक अप्रैल माह की बुकिंग भी पूरी तरह से नहीं हो पायी है। ऐसे में बैंकों से ऋण लेकर अपना व्यवसाय चलाने वाले व्यवसायियों के सामने एक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91212/disappointment-among-hoteliers-due-to-low-booking-of-joshimath-landslide</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Apr 2023 12:43:31 +0530</pubDate>
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