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                <title>Mansoon - Loktej</title>
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                <description>Mansoon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उत्तर पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में 25 जून तक पहुंच सकता है मानसून: आईएमडी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि इस सप्ताह फिर से गति पकड़ने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य तिथियों से काफी पहले 25 जून तक दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर भागों में पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>मानसून 24 मई को केरल पहुंचा, जो 2009 के बाद से भारतीय धरती पर इतने पहले पहुंचा है। वर्ष 2009 में यह 23 मई को केरल पहुंचा था।</p>
<p>अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में निम्न-दबाव वाले मजबूत तंत्र के कारण मानसून अगले कुछ दिन में तेजी से बढ़ा और 29 मई तक मुंबई सहित मध्य महाराष्ट्र</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141294/monsoon-imd-can-reach-most-parts-of-north-western-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d13062024-22-rain.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि इस सप्ताह फिर से गति पकड़ने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य तिथियों से काफी पहले 25 जून तक दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर भागों में पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>मानसून 24 मई को केरल पहुंचा, जो 2009 के बाद से भारतीय धरती पर इतने पहले पहुंचा है। वर्ष 2009 में यह 23 मई को केरल पहुंचा था।</p>
<p>अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में निम्न-दबाव वाले मजबूत तंत्र के कारण मानसून अगले कुछ दिन में तेजी से बढ़ा और 29 मई तक मुंबई सहित मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और पूरे पूर्वोत्तर तक पहुंच गया।</p>
<p>हालांकि, यह 28-29 मई से 10-11 जून तक रुका रहा और फिर से सक्रिय हो गया।</p>
<p>जून की शुरुआत से बारिश की कमी के कारण तापमान में तेज वृद्धि हुई, जिससे 8-9 जून से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी की स्थिति पैदा हो गई।</p>
<p>आईएमडी के विस्तारित अवधि पूर्वानुमान के अनुसार, अब मानसून 18 जून तक मध्य और पूर्वी भारत के शेष हिस्सों तथा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों को कवर कर लेगा।</p>
<p>इसके 19 जून से 25 जून के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि मानसून के 27 जून की सामान्य शुरुआत की तारीख से पहले 22-23 जून तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है।</p>
<p>मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून की शुरुआत की तारीख सीधे तौर पर कुल मौसमी वर्षा से संबंधित नहीं है। केरल या मुंबई में मानसून का जल्दी या देरी से आना जरूरी नहीं कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की प्रगति का संकेत हो।</p>
<p>उनका कहना है कि मानसून जटिल वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय कारकों से प्रभावित होता है, जिसमें महत्वपूर्ण परिवर्तनशीलता होती है।</p>
<p>मई में, आईएमडी ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि भारत में जून-सितंबर मानसून के मौसम के दौरान 87 सेंटीमीटर की दीर्घ अवधि औसत वर्षा का 106 प्रतिशत प्राप्त होने की संभावना है।</p>
<p>इस 50 वर्षीय औसत के 96 और 104 प्रतिशत के बीच बारिश को ‘सामान्य’ माना जाता है।</p>
<p>लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के आस-पास के इलाकों, पूर्वोत्तर और बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है।</p>
<p>पंजाब, हरियाणा, केरल और तमिलनाडु के कुछ अलग-अलग इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। मानसून भारत के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, जिस पर लगभग 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका टिकी है और जो सकल घरेलू उत्पाद में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 12:27:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>केरल में मूसलाधार बारिश से व्यापक नुकसान; आईएमडी ने आठ जिलों में जारी किया ‘रेड अलर्ट’</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद मूसलाधार बारिश हो रही है जिसकी वजह से व्यापक नुकसान हुआ है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को राज्य के आठ जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया।</p>
<p>भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में कई पेड़ उखड़ गए तथा निचले इलाकों और नदियों के निकटवर्ती इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।</p>
<p>वायनाड जैसे राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया है।</p>
<p>केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा कि भारी बारिश</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141037/imd-released-red-alert-in-eight-districts-due-to-widespread"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d13062024-22-rain.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद मूसलाधार बारिश हो रही है जिसकी वजह से व्यापक नुकसान हुआ है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को राज्य के आठ जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया।</p>
<p>भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में कई पेड़ उखड़ गए तथा निचले इलाकों और नदियों के निकटवर्ती इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।</p>
<p>वायनाड जैसे राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया है।</p>
<p>केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य की विभिन्न नदियों मणिमाला, अचनकोविल, मीनाचिल, कोरापुझा और कबानी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p>केएसडीएमए ने तटों के करीब रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>
<p>आईएनसीओआईएस ने तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और अन्य निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि शुक्रवार रात 8.30 बजे तक केरल के तटों पर 1.2 से 3.7 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है।</p>
<p>आईएनसीओआईएस ने शुक्रवार रात तक राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, एर्णाकुलम और त्रिशूर के तटीय क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और मलप्पुरम, कोझीकोड, कासरगोड और कन्नूर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि समुद्र में उथल-पुथल की आशंका है, इसलिए समुद्र में मछली पकड़ने तथा पर्यटन सहित सभी गतिविधियों से बचना चाहिए।</p>
<p>इससे पहले आईएमडी ने पत्तनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में बृहस्पतिवार के लिए ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष छह जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया।</p>
<p>इसके अलावा तीन जिलों - इडुक्की, कन्नूर और कासरगोड - के लिए शुक्रवार के लिए भी ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष 11 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।</p>
<p>‘रेड अलर्ट’ का अभिप्राय है कि 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक एवं मूसलाधार बारिश हो सकती है जबकि ‘ऑरेंज अलर्ट’ का अर्थ है कि उक्त क्षेत्र में 24 घंटे की अवधि में 11 से 20 सेमी तक वर्षा हो सकती है। ‘येलो अलर्ट’ का अभिप्राय है कि अधिसूचित क्षेत्र में छह से 11 सेमी बारिश हो सकती है।</p>
<p>आईएमडी द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के मद्देनजर कन्नूर और कासरगोड जिलों के शैक्षणिक संस्थानों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है।</p>
<p>आईएमडी ने इससे पहले कहा था कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत निम्न दबाव के कारण राज्य के कुछ इलाकों में अगले कुछ दिन तक मूसलाधार बारिश हो सकती है।</p>
<p>मौसम विभाग ने यह भी बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।</p>
<p>राज्य में मानसून ने निर्धारित समय से आठ दिन पहले 24 मई को दस्तक दी थी।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 20:27:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून के 27 मई को केरल पहुंचने की संभावना: आईएमडी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 27 मई को केरल पहुंचने की संभावना है, जो आमतौर पर एक जून को दस्तक देता है।</p>
<p>आईएमडी के आंकड़े के अनुसार, यदि मानसून केरल में उम्मीद के अनुरूप पहुंचता है, तो यह 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर मानसून का समय से पहले आगमन होगा। तब मानसून ने 23 मई को दस्तक दी थी।</p>
<p>भारतीय मुख्य भूमि पर मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा तब की जाती है जब यह केरल पहुंचता है, आमतौर पर एक जून के आसपास।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140669/imd-likely-to-reach-kerala-on-27-may"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/rain.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 27 मई को केरल पहुंचने की संभावना है, जो आमतौर पर एक जून को दस्तक देता है।</p>
<p>आईएमडी के आंकड़े के अनुसार, यदि मानसून केरल में उम्मीद के अनुरूप पहुंचता है, तो यह 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर मानसून का समय से पहले आगमन होगा। तब मानसून ने 23 मई को दस्तक दी थी।</p>
<p>भारतीय मुख्य भूमि पर मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा तब की जाती है जब यह केरल पहुंचता है, आमतौर पर एक जून के आसपास।</p>
<p>दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश में छा जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस हो जाता है।</p>
<p>मानसून पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में आया था, 2023 में 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल आया था।</p>
<p>आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि मानसून के आगमन की तिथि और पूरे देश में इस मौसम में होने वाली कुल वर्षा के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘केरल में मानसून के जल्दी या देर से पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह पहुंचेगा। यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय स्थितियों पर निर्भर होता है।"</p>
<p>आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून में सामान्य से अधिक कुल वर्षा का पूर्वानुमान जताया था और अल नीनो परिस्थितियों की संभावना को खारिज कर दिया था, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है।</p>
<p>पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम रविचंद्रन ने कहा था, ‘‘भारत में चार महीने के मानसून (जून से सितंबर) में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।’’</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140669/imd-likely-to-reach-kerala-on-27-may</link>
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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 15:28:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 10 से 14 जुलाई के बीच 17 जिलों में होगी बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 8 जुलाई (हि.स.)। गुजरात में इस साल दूसरी बार मानसून सक्रिय हुआ है। पहले फेज में दक्षिण समेत पूरे गुजरात में जबर्दस्त बारिश के बाद अब दूसरे फेज की बारी आई है। बताया गया कि इस फेज में भी कुछ जिलों में 6 से लेकर 8 इंच तक बारिश हो सकती है।</p>
<p>मौसम विभाग ने गुजरात के कई क्षेत्रों में 8 से 14 जुलाई के दौरान भारी और मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके अनुसार राज्य के 17 जिलों में भारी बारिश होगी। इसमें आगामी दो दिन तक उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात समेत सौराष्ट्र के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103025/monsoon-becomes-active-again-in-gujarat-there-will-be-rain"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d13062024-22-rain.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 8 जुलाई (हि.स.)। गुजरात में इस साल दूसरी बार मानसून सक्रिय हुआ है। पहले फेज में दक्षिण समेत पूरे गुजरात में जबर्दस्त बारिश के बाद अब दूसरे फेज की बारी आई है। बताया गया कि इस फेज में भी कुछ जिलों में 6 से लेकर 8 इंच तक बारिश हो सकती है।</p>
<p>मौसम विभाग ने गुजरात के कई क्षेत्रों में 8 से 14 जुलाई के दौरान भारी और मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके अनुसार राज्य के 17 जिलों में भारी बारिश होगी। इसमें आगामी दो दिन तक उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात समेत सौराष्ट्र के अधिकांश भागों में गरज के साथ मूसलाधार बारिश होगी। सौराष्ट्र के कच्छ में हल्की बारिश भी होगी। <br />सोमवार को दक्षिण गुजरात के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव ने बताया कि दक्षिण गुजरात में 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश होगी। तीसरे दिन यानी 10 से 14 जुलाई तक हल्के से लेकर मध्यम बारिश होगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी है। समुद्र किनारे हवा की गति 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रह सकती है। </p>
<p>दक्षिण गुजरात के सूरत, वलसाड, नवसारी, तापी समेत दक्षिण गुजरात में इस दौरान मूसलाधार बारिश होगी। अभी तक के मानसून में इन जिलों में 4 से लेकर 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार 8 जुलाई को शाम से लेकर रात तक दाहोद, छोटा उदेपुर, नर्मदा, तापी, नवसारी, डांग और वलसाड में भारी बारिश होगी। </p>
<p>वहीं, अहमदाबाद, खेड़ा, आणंद, वडोदरा, गांधीनगर, भरुच, पंचमहाल, महीसागर, अरवल्ली, मेहसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, पाटण, सुरेन्द्रनगर, बोटाद, अमरेली और भावनगर में भारी बारिश होगी। इसके अलावा कच्छ, मोरबी, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ और गिर सोमनाथ में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 9 जुलाई को दाहोद, पंचमहाल, छोटा उदेपुर, नर्मदा, सूरत, तापी, नवसारी, डांग और वलसाड में भारी बारिश की संभावना है। कच्छ, पाटण, बनासकांठा, मेहसाणा, साबरकांठा, गांधीनगर, अरवल्ली, महीसागर, खेड़ा, वडोदरा, भरुच, आणंद, अहमदाबाद, सुरेन्द्रनगर, मोरबी, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर और बोटाद में हल्की से लेकर मध्यम बारिश होगी। </p>
<p>इसके अलावा 10 से 14 जुलाई तक कच्छ, मोरबी, सुरेन्द्रनगर, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, पाटण, बनासकांठा, साबरकांठा, अरवल्ली, महीसागर, खेड़ा, आणंद, वडोदरा, पंचमहाल, दाहोद, छोटा उदेपुर, नर्मदा, भरुच, सूरत, तापी, डांग, नवसारी और वलसाड में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 20:45:43 +0530</pubDate>
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                <title>दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई क्षेत्रों में बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 19 जून (हि.स.)। गुजरात में मानसून का आगमन हो चुका है। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य की 252 तहसीलों में से 34 तहसीलों में मानसून की बारिश हुई। जूनागढ़ जिले के विसावदर में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।<br /><br />बुधवार सुबह से सूरत, नवसारी, वलसाड समेत दक्षिण गुजरात में बरसाती माहौल बना हुआ है। कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी से लेकर तेज बारिश हुई। बारडोली स्टेशन रोड, गांधी रोड, शास्त्री रोड, बाबेन गाम और धामरोड क्षेत्र में बारिश हुई है। नवसारी और वलसाड में भी बारिश होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/102556/rain-in-many-areas-of-south-gujarat-and-saurashtra"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d13062024-22-rain.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 19 जून (हि.स.)। गुजरात में मानसून का आगमन हो चुका है। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य की 252 तहसीलों में से 34 तहसीलों में मानसून की बारिश हुई। जूनागढ़ जिले के विसावदर में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।<br /><br />बुधवार सुबह से सूरत, नवसारी, वलसाड समेत दक्षिण गुजरात में बरसाती माहौल बना हुआ है। कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी से लेकर तेज बारिश हुई। बारडोली स्टेशन रोड, गांधी रोड, शास्त्री रोड, बाबेन गाम और धामरोड क्षेत्र में बारिश हुई है। नवसारी और वलसाड में भी बारिश होने की खबर है। गणदेवी और बिलीमोरा समेत आसपास के गांवों में तेज बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों तक राज्य में सामान्य से लेकर तेज बारिश का अनुमान लगाया है। बुधवार को वलसाड, संघ प्रदेश के अलावा पंचमहाल, दाहोद, महीसागर में बारिश हुई है।<br /><br />राज्य में मंगलवार सुबह से लेकर बुधवार सुबह तक राज्य की 252 तहसीलों में से 33 तहसीलों में बारिश हुई। इसमें जूनागढ़ के विसावदर में 1.25 इंच, सुरेन्द्रनगर के थानगढ़ में 21 मिलीमीटर (मिमी), भरुच के अंकलेश्वर में 19 मिमी, अमरेली के राजुला में 16 मिमी, नवसारी के खेरगाम में 15 मिमी, वलसाड में 12 मिमी, भावनगर के पालिताणा में 11 मिमी, अमरेली के कुंकावाव में 10 मिमी और बाबरा में 10 मिमी बारिश हुई। अन्य तहसीलों में 1 से 9 मिमी बारिश हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>राजकोट</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 20:44:41 +0530</pubDate>
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                <title>सामान्य रहेगा मानसून, दूसरे भाग में एल नीनो का दिखाई दे सकता है असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हि.स.)। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को देश में दक्षिण पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के सामान्य रहने के आसार जताए हैं। विभाग का कहना है कि पूरे देश में बारिश लंबी अवधि के औसत का 96 प्रतिशत रहेगी। जून से सितंबर तक चार महीनों के दौरान लगभग 83 प्रतिशत बारिश होगी। 1971-2020 की अवधि के लिए पूरे देश में वर्षा का दीर्घावधि औसत 87 सेंमी है।<br /><br />भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों और इससे सटे पूर्वी मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हि.स.)। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को देश में दक्षिण पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के सामान्य रहने के आसार जताए हैं। विभाग का कहना है कि पूरे देश में बारिश लंबी अवधि के औसत का 96 प्रतिशत रहेगी। जून से सितंबर तक चार महीनों के दौरान लगभग 83 प्रतिशत बारिश होगी। 1971-2020 की अवधि के लिए पूरे देश में वर्षा का दीर्घावधि औसत 87 सेंमी है।<br /><br />भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों और इससे सटे पूर्वी मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य वर्षा होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के कुछ इलाकों और पश्चिम मध्य भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।<br /><br />महापात्र का कहना है कि दुनियाभर में गर्मी का कारण बनने वाले एल नीनो का प्रभाव मानसून के दौरान विकसित हो सकता है और इसका प्रभाव मानसून के दूसरे भाग में देखा जा सकता है।<br /><br />उनके अनुसार वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की स्थिति तटस्थ स्थितियों में बदल गई है। जलवायु मॉडल पूर्वानुमान इंगित करते हैं कि अल नीनो की स्थिति मानसून के मौसम के दौरान विकसित होगी। वर्तमान में तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव स्थितियां हिंद महासागर के ऊपर मौजूद हैं और नवीनतम जलवायु मॉडल पूर्वानुमान इंगित करते हैं कि सकारात्मक 100 स्थितियां दक्षिण- पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान विकसित होने की संभावना है।<br /><br />फरवरी और मार्च 2023 के दौरान उत्तरी गोलार्ध के बर्फ से ढके क्षेत्र सामान्य से कम पाए गए। उत्तरी गोलार्ध के साथ-साथ यूरेशिया में सर्दियों और वसंत के बर्फ के आवरण की सीमा के आने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून ऋतु वर्षा के साथ सामान्यतः विपरीत संबंध की प्रवृत्ति है।<br /><br />मौसम विभाग का कहना है कि वह मई के अंतिम सप्ताह में मानसून में होने वाली वर्षा के नवीनतम पूर्वानुमान जारी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Apr 2023 14:55:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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