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                <title>Income Tax - Loktej</title>
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                <description>Income Tax RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : “प्रारंभ 2026” कार्यक्रम का आयोजन, नए आयकर अधिनियम-2025 पर जागरूकता अभियान शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।  सूरत मुख्य आयकर आयुक्तालय के निर्देशन में प्रधान आयकर आयुक्त-1 कार्यालय द्वारा नए आयकर अधिनियम-2025 पर देशव्यापी जागरूकता अभियान “प्रारंभ 2026” का आयोजन गुरुवार को सिटी लाइट स्थित महाराजा अग्रसेन पेलेस के द्वारका हॉल में किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों, उसके कार्यान्वयन और करदाताओं के लिए किए गए सरलीकरण को लेकर जागरूकता फैलाना तथा विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना था।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूरत के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. एन. सी. स्वाइँ  उपस्थित रहे। इस अवसर पर  प्रिय रंजन घोष प्रधान आयकर निदेशक (जांच),सहित आयकर विभाग के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147244/surat-%E2%80%9Cprarambh-2026%E2%80%9D-program-organized-awareness-campaign-on-new-income"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b21052026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।  सूरत मुख्य आयकर आयुक्तालय के निर्देशन में प्रधान आयकर आयुक्त-1 कार्यालय द्वारा नए आयकर अधिनियम-2025 पर देशव्यापी जागरूकता अभियान “प्रारंभ 2026” का आयोजन गुरुवार को सिटी लाइट स्थित महाराजा अग्रसेन पेलेस के द्वारका हॉल में किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों, उसके कार्यान्वयन और करदाताओं के लिए किए गए सरलीकरण को लेकर जागरूकता फैलाना तथा विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना था।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूरत के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. एन. सी. स्वाइँ  उपस्थित रहे। इस अवसर पर  प्रिय रंजन घोष प्रधान आयकर निदेशक (जांच),सहित आयकर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>
<p>कार्यक्रम में व्यापार, उद्योग, वस्त्र क्षेत्र और पेशेवर संगठनों के अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें जगदीश खुंट, सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष, राहुल अग्रवाल, आईसीएआई ब्रान्च सूरत, जीतेन्द्रभाई वखारीया साऊथ गुजरात टेक्सटाईल प्रोसेसर्स एसोसिएशन तथा फोस्टा प्रमुख कैलास हाकिम रूप से शामिल रहे।</p>
<p>इसके अलावा जे.पी. अग्रवाल, प्रमोद चौधरी, भरत अनधड, रोहन देसाई और फारुख पटेल  सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।</p>
<p>अपने संबोधन में मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. एन. सी. स्वाइँ ने कहा कि बदलते वैश्विक डिजिटल वातावरण और तकनीकी क्रांति को ध्यान में रखते हुए नए आयकर अधिनियम-2025 को अधिसूचित किया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पहले आयकर अधिनियम-1961 के अलग-अलग प्रावधानों को समझने के लिए कई धाराओं का अध्ययन करना पड़ता था, जबकि अब वेतन, व्यवसाय आय, कैपिटल गेन और अन्य स्रोतों से आय संबंधी प्रावधानों को सरल बनाकर व्यवस्थित रूप से एकीकृत किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नए अधिनियम का उद्देश्य करदाताओं को नियमों को आसानी से समझने और बिना विशेषज्ञ सहायता के उनका पालन करने में सक्षम बनाना है।</p>
<p>कार्यक्रम के आयोजक यु.बी.मिश्रा  ने कहा कि नए आयकर अधिनियम-2025 के जरिए जटिल प्रावधानों को सरल और अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया गया है। इससे करदाताओं को आयकर रिटर्न तैयार करने में आसानी होगी और प्रावधानों के सरलीकरण से अनावश्यक कानूनी विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।</p>
<p>आयकर विभाग ने इस अभियान को करदाताओं के प्रति पारदर्शिता, जागरूकता और बेहतर सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:38:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ: 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा नया टैक्स सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 31 मार्च (वेब वार्ता)। भारत में नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश के डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।</p>
<p>नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा, और इसमें नियमों, शब्दावली और टैक्स व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।</p>
<p>नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘फाइनेंशियल ईयर (एफवाई)’ और ‘असेसमेंट ईयर (एवाई)’ की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा। इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने और लोगों को ज्यादा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146326/the-new-tax-system-is-going-to-be-implemented-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 31 मार्च (वेब वार्ता)। भारत में नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश के डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।</p>
<p>नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा, और इसमें नियमों, शब्दावली और टैक्स व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।</p>
<p>नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘फाइनेंशियल ईयर (एफवाई)’ और ‘असेसमेंट ईयर (एवाई)’ की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा। इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने और लोगों को ज्यादा स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की समय सीमा में भी बदलाव किया गया है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन वही रहेगी, लेकिन जो लोग ऑडिट के दायरे में नहीं आते (जैसे सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स), उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित फैसले के तहत फ्यूचर्स और ऑप्शंस में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया गया है, जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।</p>
<p>हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) क्लेम करने के नियम सख्त किए गए हैं। अब कुछ मामलों में मकान मालिक की जानकारी जैसे पैन देना जरूरी होगा। साथ ही, ज्यादा एचआरए छूट वाले शहरों की सूची में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों को कुछ राहत भी दी है। मील (भोजन) से जुड़े टैक्स बेनिफिट बढ़ाए गए हैं और टैक्स-फ्री गिफ्ट की सालाना सीमा भी बढ़ाई गई है। पुराने टैक्स सिस्टम में बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट भी बढ़ाई गई है।</p>
<p>अब शेयर बायबैक पर टैक्स डिविडेंड की जगह कैपिटल गेन के रूप में लगेगा, जिससे निवेशकों पर असर पड़ेगा। वहीं, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल उन्हीं बॉन्ड्स पर मिलेगी जो मूल इश्यू के दौरान खरीदे गए हों।</p>
<p>नए नियमों के तहत अब डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर लिए गए कर्ज के ब्याज को टैक्स में छूट के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकेगा।</p>
<p>अब टैक्सपेयर्स एक ही घोषणा पत्र जमा करके कई इनकम स्रोतों पर टीडीएस से बच सकते हैं। एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस काटने के लिए अब टीएएन की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ पैन से काम हो जाएगा। विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी टीसीएस कम किया गया है।</p>
<p>अब टैक्सपेयर्स को रिटर्न में सुधार (रिवाइज) करने के लिए 31 मार्च तक का समय मिलेगा, हालांकि दिसंबर के बाद देरी से करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे पर प्राप्त ब्याज को पूरी तरह से कर-मुक्त कर दिया गया है।</p>
<p>वहीं, सरकार ने आकलन वर्ष 2-26-27 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर-1 से आईटीआर-7 तक) नोटिफाई कर दिए हैं, जिससे व्यक्तियों, पेंशनभोगियों और अन्य करदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न दाखिल करना शुरू करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि अपडेट किए गए फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म में दो मकानों से होने वाली आय भी दिखाई जा सकती है, जबकि पहले यह सीमा एक मकान तक ही थी।</p>
<p>इससे कई करदाताओं के लिए फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:44:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : मिरिक और ओपेरा ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड; 80 अधिकारियों की टीम ने खंगाले दस्तावेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />सूरत : फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आखिरी महीने में सूरत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिरिक ग्रुप और ओपेरा ग्रुप के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 80 अधिकारियों की टीम शामिल रही।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, विभाग को डेटा एनालिटिक्स के जरिए जानकारी मिली थी कि कुछ प्रोजेक्ट्स में बुकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में कैश ट्रांज़ैक्शन हुए हैं। मार्च क्लोजिंग से पहले की इस कार्रवाई को टैक्स टारगेट और अनअकाउंटेड कैश फ्लो से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p>ओपेरा ग्रुप के नवसारी स्थित प्लॉटिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145752/income-tax-raid-on-surat-mirik-and-opera-group-team"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p><br />सूरत : फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आखिरी महीने में सूरत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिरिक ग्रुप और ओपेरा ग्रुप के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 80 अधिकारियों की टीम शामिल रही।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, विभाग को डेटा एनालिटिक्स के जरिए जानकारी मिली थी कि कुछ प्रोजेक्ट्स में बुकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में कैश ट्रांज़ैक्शन हुए हैं। मार्च क्लोजिंग से पहले की इस कार्रवाई को टैक्स टारगेट और अनअकाउंटेड कैश फ्लो से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p>ओपेरा ग्रुप के नवसारी स्थित प्लॉटिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स तथा मिरिक ग्रुप के धोलेरा SIR प्रोजेक्ट्स की जांच की जा रही है। विभाग ने पिछले तीन वर्षों के सेल्स रजिस्टर, रॉ अकाउंट्स और अन्य दस्तावेज़ जब्त किए हैं, जिनकी तुलना दाखिल किए गए आयकर रिटर्न से की जाएगी।</p>
<p>जांच की आंच जमीन ब्रोकर्स विकमल राव और अगम बडेचा तक भी पहुंची है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टाम्प ड्यूटी बचाने के लिए जंत्री से अधिक राशि नकद में लेने की आशंका है। ब्रोकर्स के ठिकानों से कुछ अहम दस्तावेज़ बरामद होने की बात सामने आई है।</p>
<p>रेड के दौरान तकनीकी टीम ने सर्वर और क्लाउड स्टोरेज से डिजिटल डेटा जब्त किया। कुछ डायरियों में कोडवर्ड में दर्ज लेन-देन मिले हैं, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा डिकोड किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।</p>
<p> फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और लॉकर खोलने की प्रक्रिया बाकी है। मार्च के अंत तक करोड़ों रुपये की अघोषित आय सामने आने की संभावना जताई जा रही है। आयकर विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न सिर्फ टैक्स रिकवरी है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में अनअकाउंटेड मनी के प्रवाह पर रोक लगाना भी है।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद शहर के बिल्डर और इंडस्ट्रियल सर्किल में हलचल तेज हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 19:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिरयानी के बिल में छिपा था 70,000 करोड़ का टैक्स स्कैम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आयकर विभाग को एक ऐसे बड़े टैक्स स्कैम तक पहुँचाया है, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है।</p>
<p>हैदराबाद के मशहूर बिरयानी आउटलेट्स से शुरू हुई इस जांच ने फूड इंडस्ट्री के भीतर ₹70,000 करोड़ की रेवेन्यू चोरी का खुलासा किया है।</p>
<p>आयकर विभाग की हैदराबाद यूनिट ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अरबों बिलों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक रेस्टोरेंट्स ने जानबूझकर अपनी बिक्री के असली आंकड़े छुपाए थे।</p>
<p>टैक्स अधिकारियों ने अपनी जांच के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145669/tax-scam-worth-rs-70000-crore-was-hidden-in-biryani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/income-tax-calculator-account-books-financial-pen-papers.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आयकर विभाग को एक ऐसे बड़े टैक्स स्कैम तक पहुँचाया है, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है।</p>
<p>हैदराबाद के मशहूर बिरयानी आउटलेट्स से शुरू हुई इस जांच ने फूड इंडस्ट्री के भीतर ₹70,000 करोड़ की रेवेन्यू चोरी का खुलासा किया है।</p>
<p>आयकर विभाग की हैदराबाद यूनिट ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अरबों बिलों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक रेस्टोरेंट्स ने जानबूझकर अपनी बिक्री के असली आंकड़े छुपाए थे।</p>
<p>टैक्स अधिकारियों ने अपनी जांच के दौरान लगभग 60 टीबी (Terabytes) बिलिंग डेटा का विश्लेषण किया। यह डेटा एक विशेष प्वाइंट ऑफ सेल (POS) सिस्टम से जुड़ा था, जो देशभर के करीब 1.7 लाख रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होता है। </p>
<p>जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट मालिक कार्ड, यूपीआई और कैश के जरिए होने वाली सेल्स को सॉफ्टवेयर में दर्ज तो करते थे, लेकिन बाद में टैक्स देनदारी और जीएसटी (GST) से बचने के लिए कैश इनवॉइस के डेटा को सिस्टम से पूरी तरह डिलीट कर देते थे।</p>
<p>इस घोटाले के सबूत मिलने के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने जांच का दायरा पूरे देश में बढ़ा दिया है। शुरुआत में हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे शहरों तक सीमित रही यह कार्रवाई अब देशभर के बड़े फूड चेंस तक पहुँच रही है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि पकड़ी गई ₹70,000 करोड़ की राशि अभी केवल ‘टिप ऑफ द आइसबर्ग’ हो सकती है।</p>
<p>आयकर विभाग अब उन सॉफ्टवेयर कंपनियों की भी जांच कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर सेल्स डेटा को गायब करने वाले विशेष फीचर्स रेस्टोरेंट्स को उपलब्ध कराए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145669/tax-scam-worth-rs-70000-crore-was-hidden-in-biryani</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:06:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : IT रेड का सातवां दिन, 1900 करोड़ के बेनामी लेन-देन और 30 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा लक्ष्मी डायमंड ग्रुप, बिल्डर अनिल बगदाना और बृजेश ठक्कर उर्फ मुन्ना ओलपाडी के ठिकानों पर की जा रही मैराथन छापेमारी आज सातवें दिन भी जारी रही।</p>
<p>इस ऑपरेशन ने सूरत के रियल एस्टेट और डायमंड मार्केट में भूचाल ला दिया है। अब तक की जांच में 1900 करोड़ रुपये के बेनामी ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है।</p>
<p>जांच का सबसे मुख्य केंद्र डुमस रोड पर प्रस्तावित एक फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट की लैंड डील है। करीब 17,000 वार की इस बेशकीमती ज़मीन की डील मुन्ना ओलपाडी ने की थी। जांच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145405/seventh-day-of-surat-raid-benami-transactions-worth-rs-1900"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b28012026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा लक्ष्मी डायमंड ग्रुप, बिल्डर अनिल बगदाना और बृजेश ठक्कर उर्फ मुन्ना ओलपाडी के ठिकानों पर की जा रही मैराथन छापेमारी आज सातवें दिन भी जारी रही।</p>
<p>इस ऑपरेशन ने सूरत के रियल एस्टेट और डायमंड मार्केट में भूचाल ला दिया है। अब तक की जांच में 1900 करोड़ रुपये के बेनामी ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है।</p>
<p>जांच का सबसे मुख्य केंद्र डुमस रोड पर प्रस्तावित एक फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट की लैंड डील है। करीब 17,000 वार की इस बेशकीमती ज़मीन की डील मुन्ना ओलपाडी ने की थी। जांच में पता चला है कि डील की कुल रकम का केवल 25% हिस्सा ही व्हाइट (चेक) में दिखाया गया, जबकि बाकी 75% हिस्सा कैश में चुकाया गया।</p>
<p>मुन्ना ओलपाडी को रियल एस्टेट का 'कमांडो' माना जाता है, जो पाल और रांदेर रोड के प्राइम प्रोजेक्ट्स में एडवांस में संपत्तियां खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर कैश में बेचता था।</p>
<p>सात दिनों की सघन जांच के बाद विभाग ने निम्नलिखित जब्ती की है। 30 करोड़ मूल्य के कैश और सोने-चांदी के गहने सीज किए गए। संदिग्धों के नाम पर मौजूद 30 से ज्यादा बैंक लॉकर फ्रीज कर दिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही खोला जाएगा।</p>
<p>एक प्राइवेट फ्लैट से लैपटॉप, पेन ड्राइव और कई गोपनीय दस्तावेज़ मिले हैं, जिनसे डायमंड ट्रेड में बोगस खर्च और टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क का पता चला है।</p>
<p>IT अधिकारियों को ऐसे पुख्ता संकेत मिले हैं कि ज़मीन सौदों का पैसा हवाला के जरिए विदेश भेजा गया है। ट्रांजैक्शन की जटिलता को देखते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। यदि हवाला के सबूत पक्के होते हैं, तो प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मुन्ना ओलपाडी और उसके साथियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।</p>
<p>लक्ष्मी डायमंड ग्रुप पर हुई इस रेड से डायमंड इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। डिजिटल सबूतों से पता चला है कि यह ग्रुप बोगस लोन और फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी कर रहा था।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे फ्रीज किए गए लॉकर खुलेंगे, बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी का यह आंकड़ा 2500 करोड़ के पार जा सकता है। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य बड़े प्लेयर्स को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:50:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत: गजेरा परिवार के 'लक्ष्मी ग्रुप' पर आयकर विभाग का बड़ा छापा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।  गुजरात के जाने-माने उद्योगपति गजेरा परिवार के स्वामित्व वाले लक्ष्मी डायमंड ग्रुप पर आयकर विभाग ने बुधवार (28 जनवरी 2026) सुबह से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस कार्रवाई में आयकर विभाग की DDI विंग की 150 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने गुजरात के विभिन्न शहरों में ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है।</p>
<p>लक्ष्मी ग्रुप डायमंड, एजुकेशन और रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा नाम माना जाता है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई खास तौर पर ग्रुप की रियल एस्टेट डील्स और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर की जा रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145293/surat-big-raid-of-income-tax-department-on-lakshmi-group"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b28012026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।  गुजरात के जाने-माने उद्योगपति गजेरा परिवार के स्वामित्व वाले लक्ष्मी डायमंड ग्रुप पर आयकर विभाग ने बुधवार (28 जनवरी 2026) सुबह से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस कार्रवाई में आयकर विभाग की DDI विंग की 150 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने गुजरात के विभिन्न शहरों में ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है।</p>
<p>लक्ष्मी ग्रुप डायमंड, एजुकेशन और रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा नाम माना जाता है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई खास तौर पर ग्रुप की रियल एस्टेट डील्स और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विभाग के पास लक्ष्मी ग्रुप से जुड़े रियल एस्टेट ट्रांजैक्शनों की पूर्व सूचना और इनपुट मौजूद थे, जिसके आधार पर दस्तावेज़ों की गहन जांच की जा रही है।</p>
<p>इस ऑपरेशन के तहत अनिल बगदाना तथा उनके साझेदार तरुण भगत और प्रवीण भूत के व्यवसायिक ठिकानों, आवासों और विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर भी आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। इस व्यापक कार्रवाई के बाद सूरत समेत गुजरात के कारोबारी जगत में हलचल मच गई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि इस सर्च ऑपरेशन की तैयारी पिछले कई दिनों से गोपनीय रूप से की जा रही थी और बुधवार तड़के सभी टीमें एक साथ निर्धारित स्थानों पर पहुंचीं। जांच का मुख्य फोकस लक्ष्मी ग्रुप से जुड़े रियल एस्टेट निवेश, नकद लेनदेन और संभावित हवाला नेटवर्क कनेक्शन्स पर केंद्रित है।</p>
<p>आयकर विभाग द्वारा गजेरा परिवार के प्रमुख साझेदार वसंत गजेरा, चीनू गजेरा और धीरू गजेरा सहित परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, उनके बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। विभाग ने इस मामले में कथित हवाला नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच भी तेज कर दी है।</p>
<p>फिलहाल, आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और जांच प्रक्रिया जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 19:40:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन, टैक्सेशन की चुनौतियों और तकनीक पर हुआ मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP – वेस्टर्न ज़ोन) के सहयोग से शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को उषाकांत मारफतिया हॉल, SIECC कैंपस, सरसाना में एक दिवसीय ‘नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025’ का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में टैक्सेशन से जुड़े कानूनी पहलुओं, प्रैक्टिकल समस्याओं और आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कॉन्क्लेव के चीफ गेस्ट सूरत के चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स  राजर्षि द्विवेदी (IRS) थे, जबकि AIFTP के नेशनल प्रेसिडेंट एडवोकेट समीर जानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एडवोकेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144734/surat-national-tax-conclave-2025-organized-brainstorming-on-challenges-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b20122025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP – वेस्टर्न ज़ोन) के सहयोग से शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को उषाकांत मारफतिया हॉल, SIECC कैंपस, सरसाना में एक दिवसीय ‘नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025’ का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में टैक्सेशन से जुड़े कानूनी पहलुओं, प्रैक्टिकल समस्याओं और आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कॉन्क्लेव के चीफ गेस्ट सूरत के चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स  राजर्षि द्विवेदी (IRS) थे, जबकि AIFTP के नेशनल प्रेसिडेंट एडवोकेट समीर जानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एडवोकेट समीर जानी ने टैक्स प्रैक्टिशनर्स से गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट करने का आह्वान किया।</p>
<p>अपने संबोधन में राजर्षि द्विवेदी (IRS) ने थर्ड पार्टी सर्च की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर्च की कार्रवाई में कई बार ऐसे लोग भी जांच के दायरे में आ जाते हैं, जो सीधे तौर पर मुख्य व्यक्ति से जुड़े नहीं होते।</p>
<p>उन्होंने बताया कि सर्च के दौरान मिले दस्तावेज़ों और तथ्यों की सही व्याख्या बेहद ज़रूरी है और जांच व टैक्सपेयर्स के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना कानून का उद्देश्य रहा है। उन्होंने ‘डमी डॉक्यूमेंट्स’ की समस्या पर भी चिंता जताई और फैक्ट्स के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।</p>
<p>गुजरात हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट तुषार हेमानी ने “थर्ड पार्टी सर्च और इनकम टैक्स की कार्रवाई पर इसका प्रभाव” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी के खिलाफ कार्रवाई तभी वैध मानी जाएगी जब आयकर विभाग द्वारा तय कानूनी प्रक्रिया और गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए।</p>
<p>पुणे के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षित औरंगाबादकर ने टैक्सेशन और फाइनेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि AI के ज़रिए रिटर्न फाइलिंग, स्क्रूटनी, रिस्क असेसमेंट और फ्रॉड डिटेक्शन जैसे काम तेज़ और अधिक पारदर्शी हो गए हैं।</p>
<p>अमृतसर की चार्टर्ड अकाउंटेंट आंचल कपूर ने ऑनलाइन सत्र में GSTR-9/9C फाइलिंग और GST ट्रिब्यूनल मामलों पर प्रैक्टिकल गाइडेंस दी। उन्होंने डेटा रिकंसिलिएशन और ITC मिसमैच जैसी समस्याओं पर सावधानी बरतने की सलाह दी।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला ने स्वागत भाषण दिया। ऑनरेरी सेक्रेटरी बिजल जरीवाला ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जबकि ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितेश मोदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। AIFTP (वेस्टर्न ज़ोन) के चेयरमैन एडवोकेट सचिन गांधी ने समापन संबोधन किया।</p>
<p>इस कॉन्क्लेव में सूरत सहित मुंबई, वडोदरा, राजकोट, पुणे, नागपुर, नासिक और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, वकील, टैक्स प्रोफेशनल्स और उद्यमी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन टैक्सेशन क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144734/surat-national-tax-conclave-2025-organized-brainstorming-on-challenges-and</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 19:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों, प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की है। कंपनी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात स्थित यह कंपनी सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क चोरी के आरोप में अमेरिका में भी जांच का सामना कर रही है।</p>
<p>कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि वह आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने कहा, ‘‘ ...आयकर (आईटी) विभाग के कुछ अधिकारियों ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत जांच-पड़ताल करने के लिए भारत में कंपनी के कुछ कार्यालयों और इसकी सुविधाओं का दौरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144142/income-tax-officials-investigated-the-offices-and-establishments-of-vari"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की है। कंपनी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात स्थित यह कंपनी सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क चोरी के आरोप में अमेरिका में भी जांच का सामना कर रही है।</p>
<p>कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि वह आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने कहा, ‘‘ ...आयकर (आईटी) विभाग के कुछ अधिकारियों ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत जांच-पड़ताल करने के लिए भारत में कंपनी के कुछ कार्यालयों और इसकी सुविधाओं का दौरा किया।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि कार्यवाही जारी है और अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने सितंबर में कहा था कि वह सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क की कथित चोरी के लिए कंपनी के खिलाफ जारी जांच में अमेरिकी सरकार के साथ सहयोग करना जारी रखेगी।</p>
<p>कंपनी की अनुषंगी कंपनी वारी सोलर अमेरिकाज की टेक्सास में 1.6 गीगावाट मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा है, जिसे 3.2 गीगावाट तक विस्तारित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144142/income-tax-officials-investigated-the-offices-and-establishments-of-vari</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 15:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नया इनकम टैक्स बिल: देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता भी कर सकेंगे रिफंड्स का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 अगस्त (वेब वार्ता)। लोकसभा में पास हुए नए इनकम टैक्स बिल के तहत देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता भी अतिरिक्त काटे गए टैक्स के रिफंड के लिए दावा कर सकते हैं।</p>
<p>विश्लेषकों ने मंगलवार को कहा कि नए इनकम टैक्स में में छोटे करदाताओं के लिए केवल टैक्स रिफंड का दावा करने हेतु रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव नहीं है।</p>
<p>इसका मतलब छोटे करदाताओं को भी टैक्स रिफंड पाने के लिए आईटीआर जमा करना होगा।</p>
<p>नए इनकम टैक्स बिल में धारा 433 को बरकरार रखा गया है, जिसके अनुसार ‘रिफंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142489/taxpayers-who-submit-itr-delay-will-also-be-able-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 अगस्त (वेब वार्ता)। लोकसभा में पास हुए नए इनकम टैक्स बिल के तहत देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता भी अतिरिक्त काटे गए टैक्स के रिफंड के लिए दावा कर सकते हैं।</p>
<p>विश्लेषकों ने मंगलवार को कहा कि नए इनकम टैक्स में में छोटे करदाताओं के लिए केवल टैक्स रिफंड का दावा करने हेतु रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव नहीं है।</p>
<p>इसका मतलब छोटे करदाताओं को भी टैक्स रिफंड पाने के लिए आईटीआर जमा करना होगा।</p>
<p>नए इनकम टैक्स बिल में धारा 433 को बरकरार रखा गया है, जिसके अनुसार ‘रिफंड का प्रत्येक दावा धारा 263 के तहत रिटर्न प्रस्तुत करके ही किया जा सकता है।"</p>
<p>नए इनकम टैक्स बिल के तहत ऐसे करदाता जो अंतिम तारीख निकलने के बाद आईटीआर जमा या संशोधित करते हैं, वे भी रिफंड के पात्र होंगे।</p>
<p>वरिष्ठ नागरिकों सहित छोटे करदाताओं को केवल टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स(टीडीएस) की वापसी का दावा करने के लिए रिटर्न दाखिल करना होगा, भले ही उनकी आय मूल छूट सीमा से कम हो।</p>
<p>संसदीय समिति ने सिफारिश की थी कि करदाताओं को केवल पेनल्टी से बचने के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>बीडीओ इंडिया में ग्लोबल एम्प्लॉयर सर्विसेज, टैक्स एंड रेगुलेटरी सर्विसेज की पार्टनर प्रीति शर्मा ने कहा, "नए कानून का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आम आदमी इसे पुराने कानून की तुलना में कम मेहनत में आसानी से समझ सकता है।</p>
<p>संशोधित विधेयक में सेलेक्ट समिति द्वारा सुझाए गए ज्यादातर बदलावों को शामिल किया गया है। करदाताओं को अभी भी टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय सही रिजीम का आकलन करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसी तरह, बजट 2025 में पेश की गई कर दरों में भी कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं है।"</p>
<p>भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व वाली 31 सदस्यीय संसदीय समिति की सिफारिशों को शामिल करते हुए नया विधेयक पारित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 15:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयकर विभाग ने अपडेटेड आईटीआर-1 और आाईटीआर-2 फॉर्म जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्‍ली, 30 जुलाई (वेब वार्ता)। आयकर विभाग ने करदाताओं को आकलन वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न (आईटीआर) का अपडेट (आईटीआर-यू) दाखिल करने का एक और मौका दे दिया है। करदाताओं के लिए अद्यतन आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा अब 24 महीने से बढ़ाकर 48 महीना कर दी गई है।</p>
<p>आयकर विभाग ने बुधवार को ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर जारी बयान में बताया कि वित्त अधिनियम, 2025 के अनुसार करदाताओं को आधिकारिक तौर पर आकलन वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए अद्यतन रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की सुविधा दे दी गई है।</p>
<p>इससे करदाताओं को पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142265/income-tax-department-released-updated-itr-1-and-itr-2-form"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्‍ली, 30 जुलाई (वेब वार्ता)। आयकर विभाग ने करदाताओं को आकलन वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न (आईटीआर) का अपडेट (आईटीआर-यू) दाखिल करने का एक और मौका दे दिया है। करदाताओं के लिए अद्यतन आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा अब 24 महीने से बढ़ाकर 48 महीना कर दी गई है।</p>
<p>आयकर विभाग ने बुधवार को ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर जारी बयान में बताया कि वित्त अधिनियम, 2025 के अनुसार करदाताओं को आधिकारिक तौर पर आकलन वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए अद्यतन रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की सुविधा दे दी गई है।</p>
<p>इससे करदाताओं को पिछले रिटर्न को सही करने या पूरा करने का मौका मिलेगा। लेकिन, यह सुविधा केवल अधिक इनकम घोषित करने के लिए, टैक्‍स कम करने या रिफंड का दावा करने के लिए नहीं।</p>
<p>क्या होता है अद्यतन आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू)<br />आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) करदाताओं को स्वैच्छिक अनुपालन का अवसर प्रदान करता है, ताकि मुकदमेबाजी को कम करने के उद्देश्य से त्रुटियों यानी चूक में सुधार किया जा सके। आयकर विभाग के मुताबिक करदाताओं के लिए अद्यतन आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा संबंधित आकलन वर्ष की समाप्ति से 24 महीने से बढ़ाकर इसे 48 महीने कर दी गई है।</p>
<p>अब करदाताओं के पास इनकम टैक्‍स अधिनियम की धारा 139 (8ए) के तहत अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय होगा। ये अतिरिक्त समय व्यक्तियों को अधिक कर चुकाकर अपनी पिछली फाइलिंग में हुई गलतियों या चूकों को ठीक करने का अवसर देता है, करदाता भले ही रिटर्न जमा न किया हो या गलत तरीके से दाखिल किया हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142265/income-tax-department-released-updated-itr-1-and-itr-2-form</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 21:08:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए इनकम टैक्स बिल में सरल भाषा एक बड़ा बदलाव, कानून समझने में होगी आसानी: वित्त मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। नए इनकम टैक्स बिल 2025 में सरल भाषा का उपयोग प्रावधानों को आसानी से समझने, गलत व्याख्या की संभावना को कम करने और करदाता-केंद्रितता और अनुपालन को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दी गई।</p>
<p>उन्होंने आयकर विभाग से फेसलेस अपीलीय प्राधिकारियों के समक्ष लंबित विवादित कर मांगों के निपटान में तेजी लाने और मुकदमेबाजी के लंबित मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि विभाग को तीन महीने के भीतर केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित संशोधित मौद्रिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142133/simple-language-in-the-new-income-tax-bill-will-be"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। नए इनकम टैक्स बिल 2025 में सरल भाषा का उपयोग प्रावधानों को आसानी से समझने, गलत व्याख्या की संभावना को कम करने और करदाता-केंद्रितता और अनुपालन को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दी गई।</p>
<p>उन्होंने आयकर विभाग से फेसलेस अपीलीय प्राधिकारियों के समक्ष लंबित विवादित कर मांगों के निपटान में तेजी लाने और मुकदमेबाजी के लंबित मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि विभाग को तीन महीने के भीतर केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित संशोधित मौद्रिक सीमा से नीचे आने वाली विभागीय अपीलों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें वापस लेना चाहिए।</p>
<p>166वें आयकर दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “टैक्स रिफंड की समय पर प्रोसेसिंग और करदाताओं की शिकायतों का सक्रिय एवं समय पर समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतों का विश्लेषण करें और न केवल मौजूदा लंबित मामलों को सुलझाने के लिए, बल्कि उन चुनौतियों का समाधान करने के लिए भी रणनीति तैयार करें जो शिकायतों का कारण बन रही हैं।”</p>
<p>वित्त मंत्री ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर नए इनकम टैक्स बिल 2025 का कुशलतापूर्वक ड्राफ्ट तैयार करने में विभाग के सराहनीय कार्य के लिए भी बधाई दी। उन्होंने इस बात की सराहना की कि विभाग सेलेक्ट कमेटी से प्राप्त सिफारिशों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने भविष्य में भी इस गति को जारी रखने के महत्व पर बल दिया और निरंतर एवं कुशल सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए आगे एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर भी जोर दिया।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा, “सीबीडीटी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर कार्यस्थलों और आवासों के मामले में पर्याप्त सहायता प्रदान करें, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में आवागमन न करना पड़े। मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहूंगी कि सीबीडीटी और राजस्व विभाग परिवारों के लिए आवास और बेहतर कार्यस्थलों के त्वरित विकास को प्राथमिकता दें।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:18:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नया आयकर विधेयक-2025: कर प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा में सोमवार को नया आयकर विधेयक-2025 पेश किया जाएगा, जो 1961 के छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा।</p>
<p>भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में गठित 31 सदस्यीय प्रवर समिति ने इस विधेयक की समीक्षा कर 285 सुझावों के साथ रिपोर्ट तैयार की है, जिसे 16 जुलाई को अंतिम रूप दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को यह विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया था।</p>
<p>सरकार का दावा है कि यह विधेयक कर प्रणाली को सरल, स्पष्ट और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नए विधेयक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142023/new-income-tax-bill-2025-preparation-for-historical-changes-in-tax"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/income-tax-calculator-account-books-financial-pen-papers.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा में सोमवार को नया आयकर विधेयक-2025 पेश किया जाएगा, जो 1961 के छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा।</p>
<p>भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में गठित 31 सदस्यीय प्रवर समिति ने इस विधेयक की समीक्षा कर 285 सुझावों के साथ रिपोर्ट तैयार की है, जिसे 16 जुलाई को अंतिम रूप दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को यह विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया था।</p>
<p>सरकार का दावा है कि यह विधेयक कर प्रणाली को सरल, स्पष्ट और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नए विधेयक में धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है और शब्दों की कुल संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है।</p>
<p>अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है, जबकि तालिकाएं 18 से बढ़ाकर 57 की गई हैं। इसमें 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटा दिए गए हैं, जिससे विधेयक अधिक सरल और समझने योग्य बन गया है। करदाताओं के हित में एक बड़ा बदलाव यह है कि पिछले वर्ष और आकलन वर्ष की अवधारणाएं हटाकर कर वर्ष को लागू किया गया है। इससे कर निर्धारण अधिक सीधा और पारदर्शी होगा।</p>
<p>विधेयक में टीडीएस/टीसीएस और छूट संबंधी प्रावधानों को सारणीबद्ध रूप में रखा गया है और गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए नियमों को सरल भाषा में स्पष्ट किया गया है। यह बदलाव आयकर प्रणाली को अधिक न्यायपूर्ण, डिजिटल युग के अनुकूल और विवाद रहित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142023/new-income-tax-bill-2025-preparation-for-historical-changes-in-tax</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 18:32:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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