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                <title>NCERT - Loktej</title>
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                <description>NCERT RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एनसीईआरटी, आईआईटी-मद्रास ने शैक्षिक अनुसंधान एवं विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी नवाचार और अनुसंधान में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी-मद्रास के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में पहुंच, समावेशिता और गुणवत्ता में सुधार के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और ‘मशीन लर्निंग’ (एमएल) सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है।</p>
<p>स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा, ‘‘नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और नयी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के दृष्टिकोण और लक्ष्यों को साकार करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143770/ncert-iit-madras-signs-mou-for-educational-research-and-development"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/national-council-of-educational-research-and-training-ncert.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी नवाचार और अनुसंधान में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी-मद्रास के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में पहुंच, समावेशिता और गुणवत्ता में सुधार के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और ‘मशीन लर्निंग’ (एमएल) सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है।</p>
<p>स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा, ‘‘नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और नयी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के दृष्टिकोण और लक्ष्यों को साकार करने के लिए यह सहयोगात्मक प्रयास महत्वपूर्ण है। बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने के मद्देनजर सभी पुस्तकों को डिजिटल बनाने और 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत रूप से अनुकूल शिक्षण (पीएएल) को विकसित करने की जरूरत है और एआई टूल का उपयोग करके भविष्य के कौशल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अच्छे शैक्षणिक और तकनीकी उपकरणों को विकसित करने की भी जरूरत है।’’</p>
<p>भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास के साथ एमओयू का उल्लेख करते हुए एनसीईआरटी के अध्यक्ष दिनेश सकलानी ने कहा, ‘‘यह सहयोग सुलभ और समावेशी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करके एनईपी-2020 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 18:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें 2025 से सस्ती होंगी, कक्षा 9-12 के लिए नयी किताबें 2026 तक : धर्मेंद्र प्रधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को घोषणा की कि अगले साल से कुछ कक्षाओं के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों की कीमतें घटाई जाएंगी।</p>
<p>प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी मौजूदा समय में हर साल पांच करोड़ पाठ्यपुस्तकें छापती है और अगले वर्ष से इस क्षमता को बढ़ाकर 15 करोड़ करने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p>
<p>शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार नयी पाठ्यपुस्तकें 2026-27 शैक्षणिक सत्र से उपलब्ध होंगी।</p>
<p>उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एनसीईआरटी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111304/ncert-textbooks-will-be-cheaper-from-2025--dharmendra-pradhan"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/national-council-of-educational-research-and-training-ncert.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को घोषणा की कि अगले साल से कुछ कक्षाओं के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों की कीमतें घटाई जाएंगी।</p>
<p>प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी मौजूदा समय में हर साल पांच करोड़ पाठ्यपुस्तकें छापती है और अगले वर्ष से इस क्षमता को बढ़ाकर 15 करोड़ करने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p>
<p>शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार नयी पाठ्यपुस्तकें 2026-27 शैक्षणिक सत्र से उपलब्ध होंगी।</p>
<p>उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एनसीईआरटी अगले शैक्षणिक वर्ष में 15 करोड़ गुणवत्तापूर्ण और किफायती किताबें प्रकाशित करेगी... फिलहाल वह करीब पांच करोड़ पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करती है। पाठ्यपुस्तकों की मांग और आपूर्ति के संबंध में पहले कई चिंताएं रही हैं, लेकिन अब इनका समाधान किया जाएगा।’’</p>
<p>प्रधान ने कहा, ‘‘चूंकि, छपने वाली किताबों की संख्या अधिक होगी, तो कुछ कक्षाओं के लिए पाठ्यपुस्तकों की कीमतें कम की जाएंगी। किसी भी कक्षा की पाठ्यपुस्तकों की कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभिभावकों पर कोई वित्तीय बोझ न पड़े।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि नये राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (एनसीएफ) के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p>प्रधान ने कहा, ‘‘प्रक्रिया जारी है और नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए पाठ्यपुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक तैयार हो जाएंगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘15 में से सात ग्रेड के लिए नयी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और अगले शैक्षणिक वर्ष में चार और ग्रेड के लिए पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। कला, शारीरिक शिक्षा और कल्याण (कक्षा 3-8) तथा व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा 6-8) के लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। सभी अनुसूचित भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं और ऑनलाइन मंचों के माध्यम से सुलभ बनाई जा रही हैं।’’</p>
<p>प्रधान ने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों की संख्या 2014 में 14,974 से बढ़कर 2024 में 30,415 हो गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘दाखिला, स्थानांतरण और सीबीएसई से संबद्धता की प्रक्रिया अब पूरी तरह से ऑनलाइन है। केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई शत प्रतिशत ई-ऑफिस मंच पर काम कर रहे हैं। व्यावसायिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने वाले स्कूल 2014 में 960 से बढ़कर 2024 में 29,342 हो गए हैं। कौशल शिक्षा में छात्रों का नामांकन 2014 में 58,720 से बढ़कर 2024 में 30.8 लाख से अधिक हो गया है।’’</p>
<p>एक अलग संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान शिक्षा के बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘...जिसके कारण सात भारतीय संस्थान-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी मुंबई और आईआईटी मद्रास, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु तथा दिल्ली विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में जगह मिली है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 15:23:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीईआरटी ने किया इतिहास और नागरिक शास्त्र की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने हाल ही में अपने पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधनों की घोषणा की है, जिससे भारतीय स्कूलों में कई पाठ्यपुस्तकें प्रभावित हुई हैं। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार  2023-2024 के वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाने वाले परिवर्तनों में 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब से मुगल साम्राज्य से संबंधित अध्यायों को हटाने के साथ-साथ विभिन्न पाठ्य पुस्तकों से अन्य विषयों को हटाना शामिल है।</p>
<p dir="ltr"><strong>इन पाठों को हटाया गया</strong></p>
<p dir="ltr">रिपोर्ट के अनुसार, 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब 'थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री-पार्ट 2' में अब 'किंग्स एंड क्रॉनिकल्स; मुगल दरबार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90943/ncert-revises-history-and-civics-textbooks-to-remove-chapters-based"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/national-council-of-educational-research-and-training-ncert.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने हाल ही में अपने पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधनों की घोषणा की है, जिससे भारतीय स्कूलों में कई पाठ्यपुस्तकें प्रभावित हुई हैं। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार  2023-2024 के वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाने वाले परिवर्तनों में 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब से मुगल साम्राज्य से संबंधित अध्यायों को हटाने के साथ-साथ विभिन्न पाठ्य पुस्तकों से अन्य विषयों को हटाना शामिल है।</p>
<p dir="ltr"><strong>इन पाठों को हटाया गया</strong></p>
<p dir="ltr">रिपोर्ट के अनुसार, 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब 'थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री-पार्ट 2' में अब 'किंग्स एंड क्रॉनिकल्स; मुगल दरबार ( 16वीं और 17वीं शताब्दी)' हटा दिया गया है। इसके साथ ही, हिंदी पाठ्यपुस्तकों से कुछ कविताएं और पैराग्राफ भी हटा दिए जाएंगे। इसके अलावा, 12वीं कक्षा की नागरिक शास्त्र की किताब को भी संशोधित किया गया है, और 'विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य' और 'द कोल्ड वॉर एरा' शीर्षक वाले दो अध्यायों को किताब से हटा दिया गया है। 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक 'इंडियन पॉलिटिक्स आफ्टर इंडिपेंडेंस' से दो चैप्टर 'राइज ऑफ पॉपुलर मूवमेंट्स' और 'एरा ऑफ वन पार्टी डोमिनेंस' भी हटा दिए गए हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>10वीं और 11वीं की पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव</strong></p>
<p dir="ltr">रिपोर्ट के अनुसार 10वीं और 11वीं की पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव किए गए हैं। 10वीं कक्षा की किताब 'डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स-2' से 'लोकतंत्र और विविधता', 'लोकप्रिय संघर्ष और आंदोलन' और 'लोकतंत्र की चुनौतियां' वाले अध्याय हटा दिए गए हैं. 11वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक 'विश्व इतिहास में विषय' में 'सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स', 'संस्कृतियों का टकराव' और 'औद्योगिक क्रांति' जैसे अध्याय हटा दिए गए हैं।</p>
<p dir="ltr">एनसीईआरटी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अद्यतन पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें वर्तमान में देश भर के विभिन्न स्कूलों में लागू की जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90943/ncert-revises-history-and-civics-textbooks-to-remove-chapters-based</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Apr 2023 17:59:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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