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                <title>UPI - Loktej</title>
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                <description>UPI RSS Feed</description>
                
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                <title>1 मार्च से सुबह-सुबह बदल जाएंगे LPG और ट्रेन टिकट के रूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 फरवरी (वेब वार्ता)| आज फरवरी महीने का आखिरी तारीख है। जिसके बाद कल से मार्च का महीना शुरू होगा। वैसे तो हर महीने आर्थिक बदलाव होते हैं। जो लोगों की मंथली खर्च को प्रभावित करते हैं।</p>
<p>मार्च के महीने में कई प्रकार के चीजों में बदलाव होने जा रहा है। जिसमें एलपीजी गैस से लेकर सिम और रेलवे टिकट संबंधी नियम शामिल हैं। ये बदलाव आपके जेब में सीधा असर पड़ सकता है।</p>
<p>आइए जानते हैं एक मार्च से क्या क्या चीजों पर बदलाव होगा।</p>
<p>एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG gas cylinder price)<br />New Rules 1st March 2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145797/lpg-and-train-ticket-rules-will-change-from-march-1"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/7674_lpg-cylinder.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 28 फरवरी (वेब वार्ता)| आज फरवरी महीने का आखिरी तारीख है। जिसके बाद कल से मार्च का महीना शुरू होगा। वैसे तो हर महीने आर्थिक बदलाव होते हैं। जो लोगों की मंथली खर्च को प्रभावित करते हैं।</p>
<p>मार्च के महीने में कई प्रकार के चीजों में बदलाव होने जा रहा है। जिसमें एलपीजी गैस से लेकर सिम और रेलवे टिकट संबंधी नियम शामिल हैं। ये बदलाव आपके जेब में सीधा असर पड़ सकता है।</p>
<p>आइए जानते हैं एक मार्च से क्या क्या चीजों पर बदलाव होगा।</p>
<p>एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG gas cylinder price)<br />New Rules 1st March 2026 वैसे तो हर महीने एलपीजी के दाम में बदलाव आता है। 1 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट घोषित हो सकते हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम अभी भी स्थिर हैं। पिछले महीने कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹49 तक बढ़ोतरी की थी</p>
<p>रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव (Train Ticket Booking)<br />1 मार्च 2026 से जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का नियम बदलने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुराने यूटीएस ऐप की जगह अब नया RailOne ऐप जगह ले लेगा। इस नए एप पर जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और लोकल यात्रा से जुड़ी सभी चीजें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा सीनियर सीटीजन के लिए लोअर बर्थ प्रायोरिटी को लेकर भी नई गाइडलाइंस आ सकती हैं।</p>
<p>सिम बाइंडिंग का नियम (New Rules For Whatsapp 2026)<br />1 मार्च से WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स में नया ‘सिम बाइंडिंग’ नियम लागू हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिस सिम कार्ड से आपका अकाउंट बनाया गया है, वह फोन में होना जरूरी है। अगर सिम निकाल दिया गया या डिवाइस में एक्टिव नहीं है, तो ऐप काम करना बंद कर देगा। फिलहाल कई लोग वॉट्सऐप बिना सिम कार्ड भी इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन अब यह संभव नहीं होगा।</p>
<p>UPI पेमेंट (UPI Payment)<br />1 मार्च से डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा को और मजबूत किया जाने वाला है। बड़ी रकम का ऑनलाइन ट्रांसफर अब सिर्फ UPI PIN से नहीं होगा, बल्कि बैंक हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक्स या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में भारत का बड़ा ऐलान, AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 16 हजार करोड़ का निवेश और ‘AI का UPI’ लॉन्च करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित करने वाली बड़ी घोषणाएं की हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अगले दो वर्षों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 2 बिलियन डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश करेगी।</p>
<p>इस समिट को जी- 20 से भी बड़ा आयोजन बताते हुए उन्होंने जानकारी दी कि वैश्विक दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) भारतीय कंपनियों के साथ बड़े सहयोग के लिए बातचीत कर रही है। सरकार का लक्ष्य एआई ‘मिशन 2.0’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145640/indias-big-announcement-in-india-ai-impact-summit-investment-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित करने वाली बड़ी घोषणाएं की हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अगले दो वर्षों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 2 बिलियन डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश करेगी।</p>
<p>इस समिट को जी- 20 से भी बड़ा आयोजन बताते हुए उन्होंने जानकारी दी कि वैश्विक दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) भारतीय कंपनियों के साथ बड़े सहयोग के लिए बातचीत कर रही है। सरकार का लक्ष्य एआई ‘मिशन 2.0’ के जरिए रिसर्च और स्किलिंग को लोकतांत्रिक बनाना है।</p>
<p>जिस तरह यूपीआई (UPI) ने डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी, उसी तर्ज पर भारत अब ‘एआई का यूपीआई’ विकसित करने जा रहा है। यह तकनीक विशेष रूप से स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों की जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी।</p>
<p>भारत का यह समावेशी एआई मॉडल अमेरिका और चीन के वर्चस्व को चुनौती दे रहा है। ग्लोबल साउथ के देशों ने भारत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जहां अमेरिकी मॉडल महंगा है और चीनी मॉडल पर भरोसे की कमी है, वहीं भारत का मॉडल आम आदमी के लिए सुलभ और कल्याणकारी है।</p>
<p>एआई के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीप-फेक के खिलाफ सख्त कानून लाने के संकेत दिए हैं। मंत्री वैष्णव ने स्पष्ट किया कि मेटा, यूट्यूब और नेटफ्लिक्स जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।</p>
<p>बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया के उपयोग की न्यूनतम उम्र सीमा तय करने पर भी मंथन चल रहा है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रामाणिक सूचना साझा करने वालों को आय में हिस्सेदारी देने जैसे क्रांतिकारी बदलावों पर विचार किया जा रहा है ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के यूपीआई, यूरोपीय संघ के टीआईपीएस को जोड़ने पर काम जारी: आरबीआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 21 नवंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि यूपीआई को यूरोसिस्टम के टीआईपीएस (टार्गेट इंस्टेंट पेमेंट सटेलमेंट) से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह सीमा-पार धन प्रेषण को व्यावहारिक रूप से शुरू करने के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर काम करता रहेगा।</p>
<p>आरबीआई तथा एनपीसीपीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) यूरोसिस्टम द्वारा संचालित तत्काल भुगतान प्रणाली टीआईपीएस से यूपीआई को जोड़ने के इस प्रयास पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>एक बयान में कहा गया, ''रचनात्मक और निरंतर बातचीत के बाद दोनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144191/rbi-continues-work-on-linking-indias-upi-with-eus-tips"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 21 नवंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि यूपीआई को यूरोसिस्टम के टीआईपीएस (टार्गेट इंस्टेंट पेमेंट सटेलमेंट) से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह सीमा-पार धन प्रेषण को व्यावहारिक रूप से शुरू करने के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर काम करता रहेगा।</p>
<p>आरबीआई तथा एनपीसीपीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) यूरोसिस्टम द्वारा संचालित तत्काल भुगतान प्रणाली टीआईपीएस से यूपीआई को जोड़ने के इस प्रयास पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>एक बयान में कहा गया, ''रचनात्मक और निरंतर बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने यूपीआई-टीआईपीएस जुड़ाव के लिए कार्यान्वयन चरण को शुरू करने पर सहमति जताई है।''</p>
<p>आरबीआई ने कहा कि प्रस्तावित यूपीआई-टीआईपीएस जुड़ाव का मकसद भारत और यूरो क्षेत्र के बीच सीमा-पार धन प्रेषण को सुविधाजनक बनाना है।</p>
<p>बयान के मुताबिक, ''भारतीय रिजर्व बैंक और एनआईपीएल यूपीआई-टीआईपीएस जुड़ाव को व्यावहारिक बनाने के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ निकट सहयोग जारी रखेंगे।''</p>
<p>आरबीआई सीमा-पार भुगतान को बढ़ावा देने के लिए दूसरे देशों की त्वरित भुगतान प्रणालियों से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 21:13:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं: मल्होत्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, एक अक्टूबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बुधवार को कहा कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।</p>
<p>गवर्नर ने साथ ही बताया कि केंद्रीय बैंक एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिसके तहत वित्तीय संस्थानों को मासिक किस्त भुगतान में चूक की स्थिति में ऋण लेकर खरीदे गए मोबाइल फोन को डिजिटन तरीके से ‘लॉक’ करने की अनुमति मिल पाएगी।</p>
<p>यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव होने के सवाल पर मल्होत्रा ​​ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। यूपीआई लेनदेन में काफी वृद्धि हो गई है।</p>
<p>उन्होंने मौद्रिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143367/malhotra-has-no-proposal-to-impose-fees-on-upi-transactions"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, एक अक्टूबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बुधवार को कहा कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।</p>
<p>गवर्नर ने साथ ही बताया कि केंद्रीय बैंक एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिसके तहत वित्तीय संस्थानों को मासिक किस्त भुगतान में चूक की स्थिति में ऋण लेकर खरीदे गए मोबाइल फोन को डिजिटन तरीके से ‘लॉक’ करने की अनुमति मिल पाएगी।</p>
<p>यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव होने के सवाल पर मल्होत्रा ​​ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। यूपीआई लेनदेन में काफी वृद्धि हो गई है।</p>
<p>उन्होंने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ क्या यूपीआई पर शुल्क लगेगा? हमारे समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’’</p>
<p>ऋण पर खरीदे गए फोन को डिजिटल तरीके से ‘लॉक’ करने के बारे में गवर्नर ने कहा कि मामला विचाराधीन है।</p>
<p>आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव ने कहा कि फोन को डिजिटल तरीके से ‘लॉक’ करने के फायदे व नुकसान दोनों पर गौर किया जा रहा है।</p>
<p>राव ने कहा, ‘‘ जैसा कि गवर्नर ने बताया कि डिजिटल तरीके से फोन को ‘लॉक’ करने का मामला विचाराधीन है। ग्राहकों के अधिकारों व जरूरतों, निजी सूचना की गोपनीयता एवं कर्ज देने वालों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के मामले में दोनों पक्षों के फायदे व नुकसान हैं। इसलिए हम इस मुद्दे पर गौर कर रहे हैं और बाद में इस पर कोई निर्णय लेंगे।’’</p>
<p>नीतिगत दरों में कटौती पर गवर्नर ने कहा कि मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे मौद्रिक नीति में ढील की गुंजाइश बनी है।</p>
<p>अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक किसी स्तर को लक्षित नहीं करता, बल्कि केवल अनावश्यक अस्थिरता को रोकने का प्रयास करता है।</p>
<p>मल्होत्रा ​​ने भरोसा जताया कि मूल्य स्थिरता के साथ उच्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर जारी रहेगी तथा निजी पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 2025-26 की पहली छमाही में अच्छी आर्थिक गतिविधियों के दम पर चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वृद्धि अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143367/malhotra-has-no-proposal-to-impose-fees-on-upi-transactions</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 15:02:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब नेपाल के प्रसिद्ध मुक्तिनाथ मंदिर में भारतीय श्रद्धालु यूपीआई से दे सकेंगे दान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, 16 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुक्तिनाथ मंदिर में अब भारतीय ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम भीम यूपीआई से दान दक्षिणा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर महा प्रसाद अधिकारी ने मुक्तिनाथ मंदिर के प्रांगण में इस सुविधा का अनावरण किया है। नेपाल के फोन पे के साथ समझौता होने के बाद इस सुविधा की शुरुआत हो चुकी है।</p>
<p>अभी तक काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में भारत के किसी भी ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम से दान देने या विशेष पूजा का शुल्क जमा करने की सुविधा थी, लेकिन अब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139319/now-indian-devotees-will-be-able-to-donate-from-upi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, 16 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुक्तिनाथ मंदिर में अब भारतीय ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम भीम यूपीआई से दान दक्षिणा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर महा प्रसाद अधिकारी ने मुक्तिनाथ मंदिर के प्रांगण में इस सुविधा का अनावरण किया है। नेपाल के फोन पे के साथ समझौता होने के बाद इस सुविधा की शुरुआत हो चुकी है।</p>
<p>अभी तक काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में भारत के किसी भी ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम से दान देने या विशेष पूजा का शुल्क जमा करने की सुविधा थी, लेकिन अब यह सुविधा मुक्तिनाथ मंदिर में भी शुरू की गई है। राष्ट्र बैंक के गवर्नर अधिकारी ने इसकी शुरुआत करते हुए कहा कि अब भारतीय श्रद्धालुओं को इस मंदिर में आने के बाद कैश से दान या दक्षिणा देने के बजाए क्यू आर कोड के जरिए भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर के बाद भारतीय श्रद्धालु मुक्तिनाथ मंदिर जाते हैं। अधिकारी ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होने से अब भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं को काफी आसानी हो गई है। </p>
<p>भारत के रिजर्व बैंक ने नेपाल में सिर्फ 100 या उससे कम के नोट ही कानूनी रूप से वैध किये हैं। इस कारण भारतीय यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटक अपने साथ में 25 हजार से अधिक रुपए कैश नहीं रख सकते हैं। इस कारण भी भारतीय नागरिकों को काफी दिक्कतें आती थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 19:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीआई के जरिये लेनदेन दिसंबर में आठ प्रतिशत बढ़कर 16.73 अरब पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की संख्या दिसंबर में मासिक आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 16.73 अरब तक पहुंच गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।</p>
<p>नवंबर में यूपीआई लेनदेन की संख्या 15.48 अरब थी।</p>
<p>एनपीसीआई ने कहा कि लेनदेन का मूल्य दिसंबर, 2024 में 23.25 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नवंबर में यह 21.55 लाख करोड़ रुपये था।</p>
<p>दिसंबर के दौरान औसत दैनिक लेनदेन संख्या 53.97 करोड़ रही, जो नवंबर में 51.1 करोड़ थी।</p>
<p>मूल्य के संदर्भ में, दिसंबर में औसत दैनिक लेनदेन 74,990</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/117152/transactions-through-upi-increased-by-eight-percent-to-16-73-billion-in-december"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की संख्या दिसंबर में मासिक आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 16.73 अरब तक पहुंच गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।</p>
<p>नवंबर में यूपीआई लेनदेन की संख्या 15.48 अरब थी।</p>
<p>एनपीसीआई ने कहा कि लेनदेन का मूल्य दिसंबर, 2024 में 23.25 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नवंबर में यह 21.55 लाख करोड़ रुपये था।</p>
<p>दिसंबर के दौरान औसत दैनिक लेनदेन संख्या 53.97 करोड़ रही, जो नवंबर में 51.1 करोड़ थी।</p>
<p>मूल्य के संदर्भ में, दिसंबर में औसत दैनिक लेनदेन 74,990 करोड़ रुपये रहा। वहीं नवंबर में यह 71,840 करोड़ रुपये था।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ की पहल एनपीसीआई भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के संचालन के लिए प्रमुख इकाई है।</p>
<p>एनपीसीआई, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का संचालन करता है। इसका उपयोग आपस में लेन-देन और खरीदारी करते समय दुकानदारों को वास्तविक समय के भुगतान के लिए किया जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 22:11:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीआई लाइट में अब एक बार में 1,000 रुपये तक होगा भुगतान, वॉलेट सीमा 5,000 रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तत्काल भुगतान प्रणाली के व्यापक प्रसार के लिए बुधवार को 'यूपीआई लाइट' में वॉलेट की सीमा को बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन की सीमा को 1,000 रुपये कर दिया।</p>
<p>यूपीआई लाइट के तहत होने वाले लेनदेन इस हद तक ऑफलाइन हैं कि उनमें 'प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक' (एएफए) की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा लेनदेन से जुड़े अलर्ट भी वास्तविक समय में नहीं भेजे जाते हैं।</p>
<p>ऑफलाइन भुगतान का मतलब ऐसे लेनदेन से है जिसके लिए मोबाइल फोन में इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होती है।</p>
<p>रिजर्व बैंक ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/106558/now-up-to-rs-1-000-can-be-paid-at-a-time-in-upi-lite--wallet-limit-rs-5-000"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तत्काल भुगतान प्रणाली के व्यापक प्रसार के लिए बुधवार को 'यूपीआई लाइट' में वॉलेट की सीमा को बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन की सीमा को 1,000 रुपये कर दिया।</p>
<p>यूपीआई लाइट के तहत होने वाले लेनदेन इस हद तक ऑफलाइन हैं कि उनमें 'प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक' (एएफए) की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा लेनदेन से जुड़े अलर्ट भी वास्तविक समय में नहीं भेजे जाते हैं।</p>
<p>ऑफलाइन भुगतान का मतलब ऐसे लेनदेन से है जिसके लिए मोबाइल फोन में इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होती है।</p>
<p>रिजर्व बैंक ने एक परिपत्र में कहा, "यूपीआई लाइट के लिए बढ़ी हुई सीमा 1,000 रुपये प्रति लेनदेन होगी जिसमें किसी भी समय कुल सीमा 5,000 रुपये होगी।"</p>
<p>फिलहाल ऑफलाइन भुगतान में लेनदेन की ऊपरी सीमा 500 रुपये है। इसके साथ किसी भी समय भुगतान साधन पर ऑफलाइन लेनदेन की कुल सीमा 2,000 रुपये है।</p>
<p>रिजर्व बैंक ने ऑफलाइन लेनदेन में छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतानों को सुविधाजनक बनाने के लिए जनवरी, 2022 में जारी 'ऑफलाइन ढांचे' के प्रावधानों को संशोधित किया।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने इस साल अक्टूबर में यूपीआई लाइट के आफलाइन भुगतान की सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/106558/now-up-to-rs-1-000-can-be-paid-at-a-time-in-upi-lite--wallet-limit-rs-5-000</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/106558/now-up-to-rs-1-000-can-be-paid-at-a-time-in-upi-lite--wallet-limit-rs-5-000</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 06:00:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अब यूपीआई लाइट के जरिए एक बार में होगा एक हजार रुपये का भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 09 अक्‍टूबर (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) की बढ़ती लोकप्रियता को बढ़ावा देने के मकसद से यूपीआई लाइट के जरिए लेन-देन की सीमा बढ़ाकर एक हजार रुपये और वॉलेट की सीमा 5 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया है। फिलहाल यूपीआई लाइट के जरिए लेन-देन की सीमा 500 रुपये और 2 हजार रुपये है। आरबीआई इस बारे में जल्दी ही दिशा-निर्देश जारी करेगा।<br /><br />तीन दिवसीय द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बुधवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लगातार नवोन्मेष और स्वीकार्यता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104855/now-one-thousand-rupees-will-be-paid-at-one-time"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/b09102024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 09 अक्‍टूबर (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) की बढ़ती लोकप्रियता को बढ़ावा देने के मकसद से यूपीआई लाइट के जरिए लेन-देन की सीमा बढ़ाकर एक हजार रुपये और वॉलेट की सीमा 5 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया है। फिलहाल यूपीआई लाइट के जरिए लेन-देन की सीमा 500 रुपये और 2 हजार रुपये है। आरबीआई इस बारे में जल्दी ही दिशा-निर्देश जारी करेगा।<br /><br />तीन दिवसीय द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बुधवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लगातार नवोन्मेष और स्वीकार्यता के साथ यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान और समावेशी बनाकर देश के वित्तीय परिदृश्य को बदल दिया है। उन्‍होंने कहा कि ऑफलाइन डिजिटल माध्यम से छोटे मूल्य के भुगतान की सुविधा के लिए यूपीआई लाइट से जुड़ी आरबीआई की रूपरेखा में उपयुक्त संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा ‘यूपीआई 123 पे' की सुविधा अब 12 भाषाओं में उपलब्ध होगी।<br /><br />शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि यूपीआई के उपयोग को और प्रोत्साहित करने तथा और समावेशी बनाने को लेकर यूपीआई 123 पे में प्रति लेन-देन की सीमा 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही यूपीआई वॉलेट की सीमा 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने और प्रति लेन-देन की सीमा को भी एक हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) में भी कोष अंतरण को अंतिम रूप देने से पहले यूपीआई और तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) की तरह खाताधारक के नाम के सत्यापन की सुविधा मिलेगी।<br /><br />आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वर्तमान में यूपीआई और आईएमपीएस के तहत पैसा भेजने से पहले भेजने वाले को प्राप्तकर्ता यानी लाभार्थी के नाम को सत्यापित करने की सुविधा मिलती है। शक्तिकांत दास ने कहा कि अब आरटीजीएस और एनईएफटी के तहत राशि भेजने से लाभार्थी के नाम के सत्यापन की सुविधा मिलेगी। इससे गलत व्यक्ति को पैसा जाने और धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। उन्‍होंने कहा कि आरबीआई इससे संबंधित दिशा-निर्देश को जल्‍द ही जारी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 15:17:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : रिजर्व बैंक ने यूपीआई के जरिए  कर भुगतान की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई/नई दिल्‍ली, 08 अगस्‍त (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) उपभोक्‍ताओं को बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने यूपीआई के जरिए कर भुगतान करने की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है।<br /><br />आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय द्वमासिक बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यूपीआई अपनी सहज सुविधाओं से भुगतान का सबसे पसंदीदा तरीका बन गया है। उन्हाेंने कहा कि एमपीसी ने यूपीआई के जरिए भुगतान की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103683/mumbai-reserve-bank-increases-payment-limit-through-upi-to-rs"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-08/b08082024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई/नई दिल्‍ली, 08 अगस्‍त (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) उपभोक्‍ताओं को बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने यूपीआई के जरिए कर भुगतान करने की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है।<br /><br />आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय द्वमासिक बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यूपीआई अपनी सहज सुविधाओं से भुगतान का सबसे पसंदीदा तरीका बन गया है। उन्हाेंने कहा कि एमपीसी ने यूपीआई के जरिए भुगतान की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। फिलहाल यूपीआई के लिए कर भुगतान की सीमा एक लाख रुपये है।<br /><br />एमपीसी बैठक के बाद यहां आयोजित प्रेस को संबोधित करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि विभिन्न उपयोग-मामलों के आधार पर रिजर्व बैंक ने पूंजी बाजार, आईपीओ अभिदान, ऋण संग्रह, बीमा, चिकित्सकीय और शैक्षिक सेवाओं आदि जैसी कुछ श्रेणियों के लिए सीमाओं की समीक्षा की है और उन्हें बढ़ाया है। दास ने मौद्रिक नीति समिति के फैसलों को बताते हुए कहा कि चेक क्लीयरेंस सिर्फ कुछ घंटों में करने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव है।<br /><br />आरबीआई गवर्नर ने दास कहा कि चूंकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर भुगतान सामान्य, नियमित तथा उच्च मूल्य के हैं। इसलिए यूपीआई के जरिए कर भुगतान की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख प्रति लेन-देन करने का निर्णय एमपीसी की बैठक में लिया गया है। उन्हाेंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। रिजर्व बैंक गवर्नर ने बताया कि अनधिकृत कंपनियों की जांच के लिए डिजिटल ऋण देने वाले एप के सार्वजनिक तौर पर आंकड़े तैयार करने का भी प्रस्ताव है।<br /><br />उल्‍लेखनीय है कि आरबीआई के अनुसार यूपीआई का उपयोगकर्ता आधार 42.4 करोड़ पर पहुंच गया है। यूपीआई में ‘डेलिगेटेड पेमेंट्स’ शुरू करने के प्रस्ताव से देशभर में डिजिटल भुगतान की पहुंच और उपयोग में वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103683/mumbai-reserve-bank-increases-payment-limit-through-upi-to-rs</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 15:08:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीआई से लेन-देन में लोगों ने बनाया नए रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 14.05 लाख करोड़ रुपए के पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">देश में यूपीआई सिस्टम के जरिए लेन-देन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मार्च महीने के लिए आज जारी किए गए डेटा में यूपीआई के जरिए रिकॉर्ड 8.7 अरब ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। जिसकी वैल्यू 14.05 लाख करोड़ रुपए हो गई है। जो अब तक का नया रिकॉर्ड है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जनवरी से लगातार तीसरे महीने यूपीआई के माध्यम से 8 अरब से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>मार्च 2022 में यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन का आंकड़ा 5.4 अरब </strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि पिछले साल मार्च 2022 में यूपीआई के जरिए 5.4 अरब ट्रांजैक्शन रजिस्टर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p dir="ltr">देश में यूपीआई सिस्टम के जरिए लेन-देन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मार्च महीने के लिए आज जारी किए गए डेटा में यूपीआई के जरिए रिकॉर्ड 8.7 अरब ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। जिसकी वैल्यू 14.05 लाख करोड़ रुपए हो गई है। जो अब तक का नया रिकॉर्ड है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जनवरी से लगातार तीसरे महीने यूपीआई के माध्यम से 8 अरब से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>मार्च 2022 में यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन का आंकड़ा 5.4 अरब </strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि पिछले साल मार्च 2022 में यूपीआई के जरिए 5.4 अरब ट्रांजैक्शन रजिस्टर किए गए थे। जिसकी वैल्यू 9.6 लाख करोड़ रुपए थी। इस प्रकार इस वर्ष मार्च माह में लेन-देन में 60 प्रतिशत तथा मूल्य में 46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। जानकार के मुताबिक, भविष्य में ये लेन-देन और भी बढ़ने की संभावना है। इस बीच, एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा कि भारत न केवल तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए तैयार है, बल्कि कम और मध्यम आय वाले देशों को भी धन मुहैया कराने के लिए तैयार है, जो अपनी डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुधारने या विकसित करने में रुचि रखते हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>जी20 अध्यक्षता में यूपीआई को प्रदर्शित कर सकता है भारत</strong></p>
<p dir="ltr">भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर ने पिछले महीने कहा था कि कैरेबियन और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र और कुछ लैटिन अमेरिकी देश यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या इसी तरह की तकनीक का उपयोग करने के इच्छुक हैं। इस तरह की कवायद के लिए धन मुहैया कराने से मध्यम और निम्न आय वाले देशों तक भारत की पहुंच को एक नई दिशा मिलेगी। आधार, यूपीआई जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में सफलता कुछ ऐसा है जिसे भारत अपने जी20 अध्यक्षता में प्रदर्शित करना चाहता है।</p>
<p dir="ltr"><strong>नीति की समीक्षा होने तक लेन-देन मुक्त</strong></p>
<p dir="ltr">युनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस इकोसिस्टम पर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किए गए कुछ भुगतानों पर लागू होने वाले शुल्क जरूरी नहीं कि सभी यूपीआई पर लागू हों। उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए लगभग 99.99% यूपीआई लेनदेन (खाते से खाते में स्थानांतरण) मुफ्त होगा। साथ ही, जब तक सरकार नीति की समीक्षा करने का फैसला नहीं करती, तब तक यह सुविधा मुफ्त रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90959/people-created-a-new-record-in-transactions-through-upi-transaction</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Apr 2023 23:13:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कारोबार : यूपीआई पेमेंट को लेकर चल रहे अफवाहों के बीच एनपीसीआई ने जारी की सुचना, बताया ग्राहकों को नहीं देना होगा कोई चार्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">आज के समय में यूपीआई पेमेंट की कुछ ऐसी लत लग चुकी हैं कि लोग छोटी से बड़ी खरीदारी के लिए ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। ऐसे में यूपीआई पेमेंट को लेकर एक बार फिर एक अहम खबर सामने आई है। 1 अप्रैल से UPI के नियमों में बदलाव को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने सफाई दी है। सुबह से ही ऐसी खबरें चल रही थीं कि यूपीआई के जरिए 2000 से ऊपर के पेमेंट पर ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा। इसको लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बताया है कि UPI के जरिए पेमेंट सिस्टम में बदलाव का असर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90824/amidst-the-ongoing-rumors-regarding-upi-payment-npci-has-issued"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/7421_online-payment-upi.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">आज के समय में यूपीआई पेमेंट की कुछ ऐसी लत लग चुकी हैं कि लोग छोटी से बड़ी खरीदारी के लिए ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। ऐसे में यूपीआई पेमेंट को लेकर एक बार फिर एक अहम खबर सामने आई है। 1 अप्रैल से UPI के नियमों में बदलाव को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने सफाई दी है। सुबह से ही ऐसी खबरें चल रही थीं कि यूपीआई के जरिए 2000 से ऊपर के पेमेंट पर ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा। इसको लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बताया है कि UPI के जरिए पेमेंट सिस्टम में बदलाव का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूपीआई एक मुफ्त, तेज और सुरक्षित भुगतान प्रणाली है। यूपीआई के माध्यम से उपभोक्ताओं और खरीदारों द्वारा हर महीने 8 अरब से अधिक लेनदेन किए जाते हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत नहीं</strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि एनपीसीआई ने अपने सर्कुलर में जवाब दिया कि 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर आपको 1.1 फीसदी का चार्ज लगेगा। सुझाव दिया गया है कि UPI से मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स यानी PPI फीस लागू हो सकता है। एनपीसीआई ने बयान जारी कर कहा है कि यूपीआई के तहत 99.9% लेन-देन एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते के लिए होते हैं। ऐसे लेन-देन प्रस्तावित शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। आम ग्राहकों को किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। </p>
<p dir="ltr"><strong>किसको देना होगा शुल्क ?</strong></p>
<p dir="ltr">एनपीसीआई से मिली जानकारी के अनुसार एक अप्रैल से यूपीआई भुगतान यानी गूगल पे, फोन पे और पेटीएम के माध्यम से अगर पीपीआई का इस्तेमाल करते हुए 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया तो इसके लिए आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ सकता है। हालांकि ऐसे लेनदेन फिलहाल यूपीआई के तहत होने वाले कुल लेन-देन के महज 0.1 प्रतिशत ही हैं। इसका मतलब है कि जीपे, पेटीएम और अन्य ऐप्स के माध्यम से किए गए UPI भुगतानों पर ₹2,000 से अधिक के पीपीआई लेनदेन पर शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क केवल उन उपयोगकर्ताओं को देना होगा जो मर्चेंट लेनदेन के लिए भुगतान करते हैं।</p>
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<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">NPCI Press Release: UPI is free, fast, secure and seamless<br />Every month, over 8 billion transactions are processed free for customers and merchants using bank-accounts<a href="https://twitter.com/EconomicTimes?ref_src=twsrc%5Etfw">@EconomicTimes</a> <a href="https://twitter.com/FinancialXpress?ref_src=twsrc%5Etfw">@FinancialXpress</a> <a href="https://twitter.com/businessline?ref_src=twsrc%5Etfw">@businessline</a> <a href="https://twitter.com/bsindia?ref_src=twsrc%5Etfw">@bsindia</a> <a href="https://twitter.com/livemint?ref_src=twsrc%5Etfw">@livemint</a> <a href="https://twitter.com/moneycontrolcom?ref_src=twsrc%5Etfw">@moneycontrolcom</a> <a href="https://twitter.com/timesofindia?ref_src=twsrc%5Etfw">@timesofindia</a> <a href="https://twitter.com/dilipasbe?ref_src=twsrc%5Etfw">@dilipasbe</a> <a href="https://t.co/VpsdUt5u7U">pic.twitter.com/VpsdUt5u7U</a></p>
— NPCI (@NPCI_NPCI) <a href="https://twitter.com/NPCI_NPCI/status/1640964585267281926?ref_src=twsrc%5Etfw">March 29, 2023</a></blockquote>

</div>
<p dir="ltr">

</p>
<p dir="ltr"><strong>क्या है पीपीआई?</strong></p>
<p dir="ltr">पीपीआई यानी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स एक ऐसा वित्तीय उपकरण है, जिसमें आप पहले से पैसे डालकर भविष्य में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस स्टोर किए गए पैसे से वस्तु और सेवाएं खरीदी जा सकती हैं। पीपीआई से दोस्त या रिश्तेदार, आदि को पैसे भी भेजे जा सकते हैं। यह शुल्क केवल व्यापारी क्यूआर कोड के माध्यम से किए गए डिजिटल वॉलेट लेनदेन पर लागू होगा, जो कि व्यापारी अधिग्रहणकर्ता द्वारा वॉलेट जारीकर्ता को देय होगा। इसलिए, न तो व्यापारी और न ही ग्राहक इंटरचेंज शुल्क से सीधे प्रभावित होते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90824/amidst-the-ongoing-rumors-regarding-upi-payment-npci-has-issued</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Mar 2023 00:19:20 +0530</pubDate>
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