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                <title>Employees' Provident Fund Organization (EPFO) - Loktej</title>
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                <description>Employees' Provident Fund Organization (EPFO) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईपीएफ़ओ की नई व्हाट्सएप सेवा: करोड़ों पीएफ खाताधारकों को घर बैठे मिलेगी बैलेंस और क्लेम की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 21 मई (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाली व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा शुरू की है।</p>
<p>इस नई सुविधा के माध्यम से खाताधारक केवल ‘Hello’ लिखकर अपने पीएफ बैलेंस की जानकारी, पिछले 5 ट्रांजैक्शन का विवरण और अपने क्लेम स्टेटस को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सुरक्षित है और सदस्य अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>संगठन ने उपयोगकर्ताओं को फ्रॉड से सचेत रहने की सलाह दी है। सदस्यों को केवल ‘ग्रीन टिक’ वाले ईपीएफओ के आधिकारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147233/epfos-new-whatsapp-service-will-help-crores-of-pf-account"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 21 मई (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाली व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा शुरू की है।</p>
<p>इस नई सुविधा के माध्यम से खाताधारक केवल ‘Hello’ लिखकर अपने पीएफ बैलेंस की जानकारी, पिछले 5 ट्रांजैक्शन का विवरण और अपने क्लेम स्टेटस को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सुरक्षित है और सदस्य अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>संगठन ने उपयोगकर्ताओं को फ्रॉड से सचेत रहने की सलाह दी है। सदस्यों को केवल ‘ग्रीन टिक’ वाले ईपीएफओ के आधिकारिक बिजनेस अकाउंट पर ही संपर्क करना चाहिए।</p>
<p>ईपीएफओ ने साफ कहा है कि वह कभी भी व्हाट्सएप के माध्यम से किसी भी सदस्य से उनका पासवर्ड, [Aadhaar Redacted] लिंक संबंधी निजी जानकारी, यूएएन (UAN) पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगेगा। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए यह सेवा डिजाइन की गई है।</p>
<p>व्हाट्सएप सेवा के साथ-साथ ईपीएफओ ने लंबित शिकायतों और कानूनी मुकदमों के निपटारे में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ के लंबित मामलों की संख्या अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।</p>
<p>पिछले एक वर्ष में अदालती मामलों में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है, और 10 साल से पुराने गंभीर विवादों में लगभग 45 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है, जिससे अंशधारकों का अनुभव बेहतर हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147233/epfos-new-whatsapp-service-will-help-crores-of-pf-account</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 15:30:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फेडरल बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ईपीएफओ सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। फेडरल बैंक का डिजिटल प्लेटफॉर्म अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ जुड़ गया है।</p>
<p>बैंक ने गुरुवार को बताया कि फेडरल बैंक के ग्राहक अब नेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सुविधानुसार और सुरक्षित तरीके से ईपीएफओ भुगतान कर सकेंगे। यह कार्य बेहद आसान तरीके से बिना किसी झंझट के हो सकेगा।</p>
<p>इसका शुभारंभ यहां आयोजित एक विशेष समारोह में किया गया जिसमें क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 (बैंकिंग) बृज मोहन सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 (बैंकिंग) अजय कृष्ण पालीवाल और ईपीएफओ अधिकारी कपिल आनंद भी मौजूद थे।</p>
<p>फेडरल बैंक का प्रतिनिधित्व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147001/epfo-service-also-on-digital-platform-of-federal-bank"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। फेडरल बैंक का डिजिटल प्लेटफॉर्म अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ जुड़ गया है।</p>
<p>बैंक ने गुरुवार को बताया कि फेडरल बैंक के ग्राहक अब नेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सुविधानुसार और सुरक्षित तरीके से ईपीएफओ भुगतान कर सकेंगे। यह कार्य बेहद आसान तरीके से बिना किसी झंझट के हो सकेगा।</p>
<p>इसका शुभारंभ यहां आयोजित एक विशेष समारोह में किया गया जिसमें क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 (बैंकिंग) बृज मोहन सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 (बैंकिंग) अजय कृष्ण पालीवाल और ईपीएफओ अधिकारी कपिल आनंद भी मौजूद थे।</p>
<p>फेडरल बैंक का प्रतिनिधित्व बैंक के सरकारी एवं संस्थागत कारोबार विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कंट्री हेड अनूप टी. ने अन्य अधिकारियों के साथ किया।</p>
<p>फेडरल बैंक के कार्यकारी निदेशक हर्ष दुगर ने कहा, “फेडरल बैंक अपने मूलमंत्र ‘डिजिटल एट द फोर, ह्यूमन एट द कोर’ पर अमल करते हुए ग्राहकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाये रखते हुए जरूरत के अनुरूप सुविधाजनक सेवाएं शुरू करता रहा है।</p>
<p>ये पहल न केवल ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाती हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों के साथ सहज जुड़ाव भी सुनिश्चित करती हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147001/epfo-service-also-on-digital-platform-of-federal-bank</link>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 15:31:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मई के अंत तक शुरू हो सकती है UPI के ज़रिए पीएफ निकासी की क्रांतिकारी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए यूपीआई (UPI) आधारित सिस्टम शुरू किया जा सकता है।</p>
<p>वर्तमान में क्लेम सेटलमेंट में लगने वाले हफ्तों के समय को खत्म करने के लिए EPFO अपने नए डिजिटल ढांचे ‘CITES 2.0’ पर तेजी से काम कर रहा है।</p>
<p>इस सुविधा के शुरू होने के बाद, कर्मचारी अपने यूएएन (UAN) पोर्टल पर लॉगिन कर केवल अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करके रियल-टाइम में पैसा प्राप्त कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146773/revolutionary-facility-of-pf-withdrawal-through-upi-may-start-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए यूपीआई (UPI) आधारित सिस्टम शुरू किया जा सकता है।</p>
<p>वर्तमान में क्लेम सेटलमेंट में लगने वाले हफ्तों के समय को खत्म करने के लिए EPFO अपने नए डिजिटल ढांचे ‘CITES 2.0’ पर तेजी से काम कर रहा है।</p>
<p>इस सुविधा के शुरू होने के बाद, कर्मचारी अपने यूएएन (UAN) पोर्टल पर लॉगिन कर केवल अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करके रियल-टाइम में पैसा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी हो जाएगी।</p>
<p>भले ही पैसा निकालना अब आसान होने जा रहा है, लेकिन EPFO ने भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं।</p>
<p>नए प्रावधानों के तहत, कोई भी कर्मचारी यूपीआई के माध्यम से अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल पाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि खाते में सुरक्षित रखी जाएगी ताकि बुढ़ापे के लिए बचत बनी रहे।</p>
<p>निकासी की यह प्रक्रिया पूरी तरह से ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन पर टिकी होगी, जिससे किसी भी प्रकार के डिजिटल फ्रॉड की गुंजाइश न रहे और पैसा सीधे कर्मचारी के लिंक किए गए बैंक खाते में पहुंचे।</p>
<p>इस बड़े तकनीकी बदलाव के साथ ही सरकार वर्ष 2026 की नई सामाजिक सुरक्षा स्कीम्स (EPF, EPS और EDLI) को भी पेश करने की योजना बना रही है।</p>
<p>जानकारों का मानना है कि यूपीआई सुविधा न केवल तकनीकी खामियों के कारण होने वाले क्लेम रिजेक्शन को कम करेगी, बल्कि ईपीएफओ के ढांचे में जवाबदेही भी तय करेगी।</p>
<p>हालांकि, इस क्रांतिकारी कदम के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन यह डिजिटल अपग्रेड पूरे बैंकिंग और पेंशन सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p>इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि करोड़ों कर्मचारियों को आर्थिक इमरजेंसी में तुरंत राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146773/revolutionary-facility-of-pf-withdrawal-through-upi-may-start-by</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने की मांग को लेकर ईपीएस-95 पेंशनभोगी करेंगे प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 07 मार्च (वेब वार्ता)। सेवानिवृत्ति निधि निकाय ईपीएफओ द्वारा संचालित कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत पेंशनभोगी मौजूदा 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे नौ मार्च को जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।</p>
<p>एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी/निजी क्षेत्रों, मिलों और मीडिया प्रतिष्ठानों के लगभग 81 लाख पेंशनभोगी ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी मांगों के लिए पिछले नौ वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p>समिति ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145898/eps-95-pensioners-will-protest-demanding-minimum-pension-of-rs-7500"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 07 मार्च (वेब वार्ता)। सेवानिवृत्ति निधि निकाय ईपीएफओ द्वारा संचालित कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत पेंशनभोगी मौजूदा 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे नौ मार्च को जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।</p>
<p>एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी/निजी क्षेत्रों, मिलों और मीडिया प्रतिष्ठानों के लगभग 81 लाख पेंशनभोगी ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी मांगों के लिए पिछले नौ वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p>समिति ने कहा कि प्रधानमंत्री, सभी केंद्रीय मंत्रियों और सभी दलों के सांसदों से अपील की गई है, लेकिन सरकार बुजुर्ग पेंशनभोगियों की पुकार की अनदेखी कर रही है।</p>
<p>इसमें कहा गया कि 30 से 35 साल की सेवा के दौरान ईपीएफओ के साथ नियमित रूप से पेंशन अंशदान जमा करने के बाद भी पेंशनभोगियों को अभी भी औसतन 1,171 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। हालांकि, विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बिना किसी अंशदान के पेंशन बांटी जा रही है।</p>
<p>समिति ने आरोप लगाया कि इतनी कम पेंशन और मुफ्त चिकित्सा देखभाल की कमी के कारण देश भर में हर दिन औसतन 200-250 पेंशनभोगियों की असामयिक मृत्यु हो रही है।</p>
<p>बयान में कहा गया कि निरंतर उपेक्षा से नाराज होकर पेंशनभोगी संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत में नौ, 10 और 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145898/eps-95-pensioners-will-protest-demanding-minimum-pension-of-rs-7500</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 19:17:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईपीएफ पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत बनी रहेगी, निष्क्रिय खातों के स्वचालित निपटान की पायल योजना मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 02 मार्च (वेब वार्ता)। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के भविष्य निधि योजना कोष का प्रबंधन करने वाले श्रम मंत्रालय के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में जमा राशि पर चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बनाये रखने की सिफारिश की है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भी ईपीएफ पर ब्याज इतना ही रखा गया था। ब्याज दर की इस सिफारिश को वित्त मंत्रालय की औपचारिक स्वीकृति के बाद लागू किया जाएगा।</p>
<p>श्रम मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145840/interest-rate-on-epf-will-remain-825-percent-payal-scheme"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 02 मार्च (वेब वार्ता)। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के भविष्य निधि योजना कोष का प्रबंधन करने वाले श्रम मंत्रालय के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में जमा राशि पर चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बनाये रखने की सिफारिश की है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भी ईपीएफ पर ब्याज इतना ही रखा गया था। ब्याज दर की इस सिफारिश को वित्त मंत्रालय की औपचारिक स्वीकृति के बाद लागू किया जाएगा।</p>
<p>श्रम मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल की सोमवार को हुई 239वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया।</p>
<p>बैठक में 1,000 रुपये या उससे कम की जमा राशियों वाले निष्क्रिय ईपीएफ खातों में दावा निपटान की स्वत: संचालित व्यवस्था के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी। इसमें लगभग कुल 5.68 करोड़ रुपये के 1.33 लाख से ज़्यादा खातों के स्वचालित निपाटन को शामिल किया जाएगा।</p>
<p>ईपीएफओ बोर्ड ने कर्मचारियों के हित की रक्षा और विवादों के तेज़ी से समाधान के लिए छूट वाले नियोक्ता प्रतिष्ठानों के लिए अभयदान-योजना को भी मंज़ूरी दी है।</p>
<p>मांडविया की अध्यक्षता में बैठक में ईपीएफओ की वाइस चेयरमैन तथा श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, को-वाइस-चेयरपर्सन और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी और सदस्य सचिव एवं केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति शामिल हुए।</p>
<p>ईपीएफओ पिछले कई सालों से एक्सचेंज ट्रेड कोषों और दूसरे प्रकार के निवेश में प्रतिफल आच्छा रहने से से आठ प्रतिशत वार्षिक से ज़्यादा की दर से ब्याज देता आ रहा है।</p>
<p>ईपीएफओ न्यासी मंडल ने आयकर छूट वाले मान्यता प्राप्त ऐसे भविष्य निधि न्यासों से उठने वाले अनुपालन से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए एक बार की क्षमादान योजना को मंज़ूरी दी है, जिन्हें अभी तक ईपीएफ एवं अन्य प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत कवर नहीं किया गया है या छूट नहीं दी गई है।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह क्षमादान वित्त अधिनियम, 2026 के नियमों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। प्रस्तावित स्कीम का मकसद तय छह महीने के समय में प्रतिष्ठानों और ट्रस्टों को नियमों के अनुपालन का अवसर देना है, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो।</p>
<p>इसके तहत ऐसे प्रतिष्ठानों का दंड-ब्याज और जुर्माना माफ किया जा सकेगा, जिन्होंने पहले ही कर्मचारियों को कानून संगत योजना के बराबर या उससे बेहतर लाभ दे चुके हैं।</p>
<p>इस क्षमादान तय शर्तों के तहत पिछली तारीख से लागू होगी। इसमें यह तय किया गया है कि सभी पात्र कर्मचारियों को कानूनी फायदे मिलें।<br />संगठन ने ईपीएफ छूट पर नई आसान प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंज़ूरी दी है और वर्तमान मौजूदा चार एसओपी और छूट नियमावलियों को एक ही नियमावली में समाहित कर दिया गया, ताकि अनुपालना में आसानी हो।</p>
<p>ईएपीएफओ न्यासी मंडल ने सामाजिक सुरक्षा संहित, 2020 के साथ तालमेल बिठाने के लिए नई सामाजिक सुरक्षा स्कीमों को अधिसूचित करने को मंज़ूरी भी दी है।</p>
<p>इस बैठक में न्यासी मंडल ने ईपीएफओ की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को भी मंज़ूरी दी और उसे संसद में प्रस्तुत करने की सिफारिश की। रिपोर्ट में साल 2024-25 के दौरान ईपीएफ कवरेज में बढ़ोतरी, काम-काज में डिजिटलीकरण की विभिन्न पहलों, सेवा देने में सुधार तथा संगठन के कार्य-निष्पादन की जानकारियां दी गई हैं।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2024-25 के दौरान, ईपीएफओ ने परिचालन में मजबूत प्रदर्शन किया और अच्छी वित्तीय उपलब्धियां दर्ज कीं। आलोच्य वर्ष के दौरान ईपीएफओं के कोष में कुल योगदान 3,35,628.81 करोड़ रुपये का योगदान हुआ। इस दौरान 2,86,894 प्रतिष्ठानों को पंजीकृत किया गया और 1,22,89,244 नये ईपीएफ अंशधारक जोड़े गये।</p>
<p>वर्ष के दौर संगठन ने 81,48,490 पेंशनधारकों को सेवायें दी और 6,01,59,608 दवों का निपटना किया, जिसमें 69,983 दावे कर्मचारियों की जमा से जुड़ी पेंशन योजना (ईडीएलआई) संबंधी दावे थे। साल के दौरान कुल 17,33,046 शिकायतों का निपटारा किया गया और 39,74,501 कॉल पर गौर किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145840/interest-rate-on-epf-will-remain-825-percent-payal-scheme</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 21:21:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! लॉन्च होने जा रहा है खास ऐप, अब एक क्लिक में मिलेगा PF का पैसा, जानिए पूरी प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 फरवरी (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) देश के करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव लाने की तैयारी में है। संगठन अप्रैल 2026 तक अपना नया मोबाइल ऐप लॉन्च कर सकता है, जो ईपीएफ़ओ 3.0 अपग्रेड का हिस्सा होगा।</p>
<p>इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाना है। इसके जरिए सैलरीड कर्मचारियों को अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया या हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>पीएफ राशि सीधे यूपीआई से ऐसे निकाल सकेंगे नई प्रणाली लागू होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145541/good-news-for-employees-special-app-is-going-to-be"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 फरवरी (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) देश के करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव लाने की तैयारी में है। संगठन अप्रैल 2026 तक अपना नया मोबाइल ऐप लॉन्च कर सकता है, जो ईपीएफ़ओ 3.0 अपग्रेड का हिस्सा होगा।</p>
<p>इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाना है। इसके जरिए सैलरीड कर्मचारियों को अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया या हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>पीएफ राशि सीधे यूपीआई से ऐसे निकाल सकेंगे नई प्रणाली लागू होने के बाद सदस्य अपने लिंक्ड बैंक खाते में यूपीआई (यूपीआई) के माध्यम से सीधे पीएफ राशि ट्रांसफर कर सकेंगे। यूजर को केवल ऐप में लॉगिन कर यूपीआई पिन दर्ज करना होगा और रकम सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएगी।</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ट्रांजेक्शन में लगभग 25 हजार रुपये तक निकासी की सीमा तय की जा सकती है। हालांकि, कुल बैलेंस का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए लॉक रहेगा, यानी पूरा फंड एक साथ निकालना संभव नहीं होगा।</p>
<p>नए ऐप की एक खास विशेषता यह होगी कि इसमें पीएफ बैलेंस को दो हिस्सों में दिखाया जाएगा पहला ‘एलिजिबल बैलेंस’, जिसे सदस्य तुरंत निकाल सकते हैं, और दूसरा ‘लॉक्ड बैलेंस’, जो रिटायरमेंट तक सुरक्षित रहेगा।</p>
<p>इससे यूजर्स को स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि वे कितनी राशि निकालने के पात्र हैं। यह फीचर पारदर्शिता बढ़ाने के साथ भ्रम की स्थिति को भी खत्म करेगा।</p>
<p>ईपीएफओ ने ऑटो सेटलमेंट सुविधा को भी अपग्रेड किया है। अब 5 लाख रुपये तक के क्लेम बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के इलेक्ट्रॉनिक तरीके से 3 दिनों के भीतर निपटाए जा सकेंगे। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है। बीमारी, शिक्षा, शादी या मकान निर्माण जैसे जरूरी कामों के लिए यह सुविधा कर्मचारियों को बड़ी राहत देगी।</p>
<p>हर साल EPFO करीब 5 करोड़ से अधिक क्लेम का निपटारा करता है, जिनमें अधिकांश पीएफ निकासी से जुड़े होते हैं। नई डिजिटल प्रणाली से प्रक्रिया तेज होने के साथ संगठन पर काम का बोझ भी कम होने की उम्मीद है। श्रम और रोजगार मंत्रालय परीक्षण में जुटा</p>
<p>नया EPFO ऐप भीम (BHIM) और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेटेड होगा, जिससे यूजर्स को बैंकिंग ऐप जैसा अनुभव मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि ईपीएफओ की सेवाएं भी उतनी ही सरल और सुविधाजनक हों जितनी आज डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हैं।</p>
<p>श्रम और रोजगार मंत्रालय फिलहाल इस सिस्टम का परीक्षण 100 डमी खातों पर कर रहा है और लॉन्च से पहले तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है।</p>
<p>अप्रैल 2026 में सार्वजनिक लॉन्च के बाद यूपीआई के जरिए निकासी के लिए यही नया ऐप मुख्य प्लेटफॉर्म होगा। हालांकि यूनिफाइड मेंबर पोर्टल और उमंग ऐप अन्य सेवाओं के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे।</p>
<p>डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में यह कदम कर्मचारियों के लिए पीएफ प्रबंधन को और आसान बना सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:16:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रम सुधारों को 2025 में बढ़ावा मिला,चार आचार संहिताओं के 2026 में लागू होने की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) सरकार ने पांच साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद चार श्रम संहिताओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो 2026 में पूर्ण रूप से लागू हो जाएंगी। ये नियम देश के सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>श्रम मंत्रालय ने 2026 में ईपीएफओ 3.0 संस्करण लाने की भी योजना बनाई है, जो कर्मचारियों की भविष्य निधि की तेजी से निकासी सुनिश्चित करेगा एवं कर्मचारियों की पेंशन योजना 1995 के तहत पेंशन निर्धारण तथा कर्मचारियों की जमाकर्ता-सम्बंधित बीमा योजना 1976 के तहत बीमा दावों को भी सुविधाजनक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144816/labor-reforms-get-a-boost-in-2025-codes-of-conduct"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) सरकार ने पांच साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद चार श्रम संहिताओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो 2026 में पूर्ण रूप से लागू हो जाएंगी। ये नियम देश के सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>श्रम मंत्रालय ने 2026 में ईपीएफओ 3.0 संस्करण लाने की भी योजना बनाई है, जो कर्मचारियों की भविष्य निधि की तेजी से निकासी सुनिश्चित करेगा एवं कर्मचारियों की पेंशन योजना 1995 के तहत पेंशन निर्धारण तथा कर्मचारियों की जमाकर्ता-सम्बंधित बीमा योजना 1976 के तहत बीमा दावों को भी सुविधाजनक बनाएगा।</p>
<p>केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि 2025 वास्तव में भारत के श्रम एवं रोजगार परिवेश के लिए परिवर्तनकारी वर्ष रहा जिसे ऐसे सुधारों ने चिह्नित किया जो श्रमिकों को शासन के केंद्र में रखते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष की एक प्रमुख उपलब्धि 21 नवंबर 2025 से चार श्रम संहिताओं का लागू होना रही। इससे 29 श्रम कानूनों को आधुनिक, समेकित एवं सरल ढांचे में परिवर्तित किया गया।</p>
<p>मंत्री ने कहा, ‘‘ 2026 में ध्यान प्रौद्योगिकी-संचालित सेवा वितरण तथा प्रभावी भौतिक क्रियान्वयन के माध्यम से सुधारों को और बढ़ाने पर रहेगा। इसके साथ ही श्रम संहिताओं के तहत नियमों का कार्यान्वयन भी समान रूप से महत्वपूर्ण होगा।’’</p>
<p>मांडविया ने कहा, ‘‘ एक बार लागू होने पर ये नियम कार्यस्थल स्तर पर विधायी ढांचे को व्यावहारिक परिणामों में बदल देंगे जिससे कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं दोनों के लिए अधिक स्पष्टता, समानता एवं पूर्वानुमेयता सुनिश्चित होगी। इससे भारत के आधुनिक, औपचारिक तथा समावेशी श्रम बाजार की ओर बदलाव तेजी से होगा।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि ये नियम भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में सबसे व्यापक सुधार का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनका उद्देश्य कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करना, और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, जिसकी परियोजना लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये है, अगले दो वर्ष में 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि निरंतर नीतिगत ध्यान के परिणामस्वरूप भारत में सामाजिक सुरक्षा एक दशक पहले 19 प्रतिशत लोगों को मिलती थी जो अब 64 प्रतिशत से अधिक लोगों को मिल रही है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसे अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ द्वारा भी मान्यता दी गई है।</p>
<p>मांडविया ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कार्य संचालन में महत्वपूर्ण सुधार, विशेषकर निकासी प्रक्रियाओं के सरलीकरण ने सदस्यों के जीवन को आसान बनाया है और करोड़ों सदस्यों के लिए उनकी बचत तक तेज एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित की है।</p>
<p>मंत्री ने साथ ही कहा कि श्रम के लिए भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (जिसमें ई-श्रम पोर्टल और राष्ट्रीय कैरियर सेवा प्लेटफॉर्म शामिल हैं) ने अभूतपूर्व स्तर हासिल कर लिया है जिससे सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन पहलों ने समावेशिता तथा श्रमिकों को बड़े पैमाने पर सेवाएं देने में प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी प्राप्त की है। ये सुधार मिलकर भविष्य के तैयार कार्यबल और विकसित भारत के लिए मजबूत आधार बनाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144816/labor-reforms-get-a-boost-in-2025-codes-of-conduct</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 15:36:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया, सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे सभी कामगार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में सभी चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया। इस प्रमुख सुधार के जरिये 29 मौजूदा श्रम कानूनों को तर्कसंगत बनाया गया है।</p>
<p>इसमें गिग यानी अल्पकालिक अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज, सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नियुक्ति पत्र और सभी क्षेत्रों में वैधानिक न्यूनतम मजदूरी तथा समय पर भुगतान जैसे प्रावधान शामिल हैं।</p>
<p>साथ ही लंबे कार्य घंटे, व्यापक निश्चित अवधि के रोजगार और नियोक्ता-अनुकूल छंटनी नियमों की अनुमति भी है जिसकी श्रमिक संगठनों ने आलोचना की थी।</p>
<p>ये चार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144193/government-notified-four-labor-codes-all-workers-will-come-under"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में सभी चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया। इस प्रमुख सुधार के जरिये 29 मौजूदा श्रम कानूनों को तर्कसंगत बनाया गया है।</p>
<p>इसमें गिग यानी अल्पकालिक अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज, सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नियुक्ति पत्र और सभी क्षेत्रों में वैधानिक न्यूनतम मजदूरी तथा समय पर भुगतान जैसे प्रावधान शामिल हैं।</p>
<p>साथ ही लंबे कार्य घंटे, व्यापक निश्चित अवधि के रोजगार और नियोक्ता-अनुकूल छंटनी नियमों की अनुमति भी है जिसकी श्रमिक संगठनों ने आलोचना की थी।</p>
<p>ये चार श्रम संहिताएं - वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता, 2020 हैं। इन्हें पांच साल पहले संसद ने पास किया था।</p>
<p>चार संहिताओं में 29 श्रम कानून शामिल किए गए हैं। वेतन संहिता में चार, सामाजिक सुरक्षा संहिता में नौ, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता में 13 और औद्योगिक संबंध संहिता में तीन कानूनों को मिलाया गया है।</p>
<p>हालांकि, मजदूर संगठनों ने पूर्व में छंटनी संबंधी अस्पष्ट प्रावधानों और केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वयन के दौरान संभावित मनमाने व्यवहार को लेकर इन संहिताओं की आलोचना की थी। इनमें बंदी, छंटनी या लागत कटौती के लिए अनिवार्य सरकारी अनुमति की सीमा बढ़ा दी गई है। मौजूदा प्रावधान में 100 या अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों को सरकारी अनुमति की जरूरत थी। अब नई संहिता में यह सीमा 300 श्रमिकों तक बढ़ा दी गई है।</p>
<p>इसके अलावा, फैक्टरियों में काम के घंटे नौ से बढ़ाकर 12 घंटे और दुकानों तथा प्रतिष्ठानों में नौ घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिए गए हैं।</p>
<p>अब इन संहिताओं के आधार पर नियम बनाने होंगे। चूंकि श्रम समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए केंद्र और राज्य दोनों को कानून एवं नियम बनाने होंगे। पश्चिम बंगाल को छोड़कर अधिकांश राज्यों ने पिछले कुछ वर्षों में श्रम कानूनों से संबंधित बदलाव कर लिए हैं।</p>
<p>सुधारों में महिलाओं के लिए विस्तारित अधिकार और सुरक्षा शामिल हैं। इनमें रात की पाली में काम, 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच, खतरनाक प्रक्रिया इकाइयों सहित पूरे भारत में ईएसआईसी कवरेज और एकल पंजीकरण, लाइसेंस प्रणाली शामिल हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि ये संहिताएं ''हमारे लोगों, विशेष रूप से नारी शक्ति और युवा शक्ति के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम और समय पर मजदूरी भुगतान, सुरक्षित कार्यस्थल तथा लाभकारी अवसरों की मजबूत नींव का काम करेंगी।''</p>
<p>उन्होंने कहा, ''यह श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाला तथा भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने वाला भविष्य के लिए तैयार परिवेश बनाएगा। ये सुधार रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे, उत्पादकता को गति देंगे तथा विकसित भारत की हमारी यात्रा को तेज करेंगे।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ''यह आजादी के बाद से अब तक के सबसे व्यापक और प्रगतिशील श्रम-उन्मुख सुधारों में से एक है। यह हमारे श्रमिकों को बहुत अधिक सशक्त बनाता है। यह अनुपालन को काफी सरल भी बनाता है तथा 'कारोबारी सुगमता' को बढ़ावा देता है।''</p>
<p>श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''चारों श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया गया है और अब ये देश का कानून हैं।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रम संहिताएं रोजगार को संगठित रूप देंगी, श्रमिक संरक्षण को मजबूत करेंगी तथा श्रम परिवेश को सरल, सुरक्षित और वैश्विक गतिविधियों के अनुरूप बनाएंगी।</p>
<p>अतिरिक्त व्यवस्थागत सुधारों में राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी, स्त्री-पुरूष का अंतर किए बिना कार्य नीतियां, सहायक अनुपालन के लिए इंस्पेक्टर-सह-सुविधाकर्ता मॉडल, दो-सदस्यीय न्यायाधिकरण के जरिये तेजी से विवाद समाधान और राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य (ओएसएच) बोर्ड शामिल हैं।</p>
<p>सरकार अब विस्तृत नियम और योजनाएं बनाने के लिए परामर्श शुरू करेगी। इस बीच जहां जरूरी होगा, मौजूदा श्रम कानूनों के प्रावधान लागू रहेंगे।</p>
<p>सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।</p>
<p>मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि श्रम नियमन को आधुनिक बनाकर, श्रमिकों के कल्याण को बढ़ाकर तथा श्रम परिवेश को बदलते कार्य जगत के साथ जोड़कर यह कदम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और मजबूत उद्योगों की नींव रखता है।</p>
<p>बयान में कहा गया कि इससे आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधारों को गति मिलेगी। मंत्रालय ने कहा कि भारत के कई श्रम कानून आजादी से पहले और आजादी के शुरुआती दौर (1930 से 1950 के दशक तक) में बनाए गए थे। उस समय अर्थव्यवस्था और कामकाज के परिवेश बहुत अलग थे।</p>
<p>बयान में कहा गया कि अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने हाल के दशकों में अपने श्रम नियमन को समय के अनुसार बदला है, लेकिन भारत 29 केंद्रीय श्रम कानूनों में बिखरे हुए खंडित, जटिल और पुराने प्रावधानों के साथ काम रहा था।</p>
<p>मांडविया ने एक्स पर लिखा, ''मोदी सरकार की गारंटी: हर श्रमिक को सम्मान! आज से देश में नई श्रम संहिताएं प्रभावी कर दी गई हैं।''</p>
<p>मंत्री ने कहा कि संहिताएं सभी श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देंगी, युवाओं को नियुक्ति पत्र, महिलाओं को समान वेतन और सम्मान, 40 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, एक साल रोजगार के बाद तय अवधि वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों को मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच, ओवरटाइम के लिए दोगुना वेतन, खतरनाक क्षेत्रों में श्रमिकों को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार श्रमिकों को सामाजिक न्याय देंगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''ये सुधार साधारण बदलाव नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कार्यबल के कल्याण के लिए उठाया गया बड़ा कदम हैं। ये सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को गति देंगे।''</p>
<p>सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत गिग कर्मचारियों समेत सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। सभी श्रमिकों को पीएफ, ईएसआईसी, बीमा तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।</p>
<p>वेतन संहिता, 2019 के तहत सभी श्रमिकों को वैधानिक न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। न्यूनतम मजदूरी तथा समय पर भुगतान वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>ईएसआईसी प्रसार और लाभ पूरे भारत में विस्तारित - 10 से कम कर्मचारियों वाली इकाइयों के लिए स्वैच्छिक तथा खतरनाक प्रक्रियाओं में शामिल इकाइयों के लिए अनिवार्य होंगे। अब एक तय अवधि के लिए नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों (एफटीई) को स्थायी श्रमिकों के समान सभी लाभ मिलेंगे, जिनमें अवकाश, चिकित्सा तथा सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।</p>
<p>इन संहिताओं में पहली बार 'गिग कार्य', 'मंच कार्य (जोमैटो, स्विगी जैसी कंपनियों के लिए काम करने वाले) तथा 'एग्रीगेटर्स' को परिभाषित किया गया है। पौधरोपण श्रमिकों को ओएसएचडब्ल्यूसी संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत लाया जाएगा।</p>
<p>डिजिटल तथा ध्वनि-दृश्य श्रमिक अब पूर्ण लाभों के हकदार होंगे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार, डबिंग कलाकार तथा स्टंट करने वाले शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 21:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईपीएस 95 योजना: न्यूनतम पेंशन 7,500 रु. करने की मांग को लेकर पेंशनधारकों ने किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की पेंशन योजना में आने वाने पेंशधारकों ने सोमवार को न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर यहां विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन चला रही ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) ने सोमवार को बयान में कहा कि हजारों पेंशनधारकों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ईपीएफओ के मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>पेंशनधारक महंगाई भत्ते के साथ मूल पेंशन 7,500 रुपये मासिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143599/pensioners-protested-demanding-eps-95-scheme-minimum-pension-of-rs"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/1191_pension.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की पेंशन योजना में आने वाने पेंशधारकों ने सोमवार को न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर यहां विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन चला रही ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) ने सोमवार को बयान में कहा कि हजारों पेंशनधारकों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ईपीएफओ के मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>पेंशनधारक महंगाई भत्ते के साथ मूल पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत अन्य मांग कर रहे हैं।</p>
<p>यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक थी।</p>
<p>ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और कई अन्य राज्यों के पेंशनधारक शामिल हुए।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष अशोक राउत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय इस संबंध में अपना फैसला सुना चुका है। फिर भी लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्याय अभी भी पहुंच से बाहर है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने जीवनभर देश की सेवा की, वे आज गुजर-बसर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि वे हस्तक्षेप करें और पेंशन प्रणाली में गरिमा और निष्पक्षता बहाल करें।’’</p>
<p>समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आने वाले महीनों में राज्यों की राजधानियों और क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 21:46:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने ईपीएफ रिटर्न भरने की समयसीमा बढ़ायी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सितंबर माह के लिए ईपीएफ रिटर्न या ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न) दाखिल करने की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाकर 22 अक्टूबर, 2025 तक कर दी है।</p>
<p>श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा कि नियोक्ताओं को हर महीने की 15 तारीख तक ईसीआर दाखिल करना अनिवार्य है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक संशोधित इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) प्रणाली शुरू की है, जो सितंबर, 2025 वेतन माह से लागू होगी।</p>
<p>नवीनीकृत ईसीआर की नई विशेषताओं को अपनाने में कई नियोक्ताओं के अनुरोध और इसके परिणामस्वरूप प्रतिष्ठानों को रिटर्न दाखिल करने में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143598/employees-provident-fund-organization-extends-deadline-for-filing-epf-returns"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सितंबर माह के लिए ईपीएफ रिटर्न या ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न) दाखिल करने की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाकर 22 अक्टूबर, 2025 तक कर दी है।</p>
<p>श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा कि नियोक्ताओं को हर महीने की 15 तारीख तक ईसीआर दाखिल करना अनिवार्य है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक संशोधित इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) प्रणाली शुरू की है, जो सितंबर, 2025 वेतन माह से लागू होगी।</p>
<p>नवीनीकृत ईसीआर की नई विशेषताओं को अपनाने में कई नियोक्ताओं के अनुरोध और इसके परिणामस्वरूप प्रतिष्ठानों को रिटर्न दाखिल करने में आने वाली कठिनाई को देखते हुए, सितंबर वेतन माह के लिए ईसीआर दाखिल करने की तिथि 22 अक्टूबर, 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>ईपीएफओ ने संशोधित इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) प्रणाली में सुचारू परिवर्तन की सुविधा के लिए देश भर में नियोक्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 21:42:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईपीएफओ ने एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 जून (वेब वार्ता)। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है।</p>
<p>अब 72 घंटों के भीतर फास्ट-ट्रैक वितरण किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सदस्य सेवाओं को बढ़ाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण है। इस कदम से लाखों ईपीएफओ सदस्यों को, खासकर तत्काल जरूरत के समय, जल्दी धन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141530/epfo-increased-auto-settlement-limit-to-rs-5-lakh-for-advance"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 जून (वेब वार्ता)। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है।</p>
<p>अब 72 घंटों के भीतर फास्ट-ट्रैक वितरण किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सदस्य सेवाओं को बढ़ाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण है। इस कदम से लाखों ईपीएफओ सदस्यों को, खासकर तत्काल जरूरत के समय, जल्दी धन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2024-25 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से रिकॉर्ड 2.32 करोड़ एडवांस क्लेम को सफलतापूर्वक प्रोसेस कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 161 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से 89.52 लाख एडवांस क्लेम को प्रोसेस किया था। 2024-25 में सभी एडवांस क्लेम में से 59 प्रतिशत का निपटान ऑटो मोड के माध्यम से किया गया।</p>
<p>इस वृद्धि को जारी रखते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले ढाई महीनों में, ईपीएफओ ने पहले ही 76.52 लाख क्लेम का स्वतः निपटान कर दिया है, जो अब तक निपटाए गए सभी एडवांस क्लेम का लगभग 70 प्रतिशत है। यह वृद्धि ईपीएफओ के स्वचालन पर मजबूत फोकस और अपने सदस्यों को तेज, अधिक कुशल सेवाएं प्रदान करने पर प्रकाश डालती है।</p>
<p>ईपीएफओ ने सदस्यों को त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोरोना महामारी के दौरान एडवांस क्लेम का स्वतः निपटान शुरू किया था। तब से इस सुविधा को बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास उद्देश्यों के लिए एडवांस क्लेम को कवर करने के लिए बढ़ाया गया है। इन क्लेम को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से प्रोसेस किया जाता है, जिससे त्वरित बदलाव और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141530/epfo-increased-auto-settlement-limit-to-rs-5-lakh-for-advance</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 15:04:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2024-25 में ऑटो माध्यम से अब तक निपटाए 2.16 करोड़ क्लेम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 मार्च (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष में (6 मार्च तक) रिकॉर्ड 2.16 करोड़ ऑटो क्लेम का सेटलमेंट किया है। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 89.52 लाख था। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में सोमवार को दी गई।</p>
<p>केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि 99.31 प्रतिशत से अधिक दावे अब ऑनलाइन प्राप्त हो रहे हैं और इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। वित्त वर्ष 2024-25 (6 मार्च तक) 7.14 करोड़ क्लेम ऑनलाइन माध्यम से जमा किए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139346/epfo-has-set-up-216-crore-claims-so-far-through"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 मार्च (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष में (6 मार्च तक) रिकॉर्ड 2.16 करोड़ ऑटो क्लेम का सेटलमेंट किया है। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 89.52 लाख था। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में सोमवार को दी गई।</p>
<p>केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि 99.31 प्रतिशत से अधिक दावे अब ऑनलाइन प्राप्त हो रहे हैं और इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। वित्त वर्ष 2024-25 (6 मार्च तक) 7.14 करोड़ क्लेम ऑनलाइन माध्यम से जमा किए गए हैं। </p>
<p>ऑटो माध्यम से होने वाले क्लेम सेटलमेंट की सीमा को सरकार ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के लिए एडवांस के अलावा, आवास, शिक्षा और विवाह के लिए एडवांस भी ऑटो माध्यम से दिया जा रहा है। अब 60 प्रतिशत एडवांस क्लेम का प्रोसेस ऑटो मोड में किया जाता है।</p>
<p>ईपीएफओ के मुताबिक, ऑटो मोड से दावों का भुगतान तीन दिनों के अंदर कर दिया जाता है। ईपीएफओ ने उन सदस्यों को डी-लिंकिंग की सुविधा भी प्रदान की है, जिनके ईपीएफ खातों को संस्थाओं द्वारा गलत तरीके से/धोखाधड़ी से लिंक किया गया है।</p>
<p>करंदलाजे ने बताया, “18.01.2025 को इसके लॉन्च होने के बाद से, फरवरी 2025 के अंत तक 55,000 से अधिक सदस्यों ने अपने खातों को डी-लिंक कर लिया है।” सरकार ईपीएफओ में क्लेम के सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।</p>
<p>इसके लिए जल्द ही नया सिस्टम ‘ईपीएफओ 3.0’ आने जा रहा है। इसके बाद सदस्य बैंक की तरह एटीएम से प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) अकाउंट का पैसा निकाल सकते हैं। इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा था कि नया सिस्टम बैंकिंग की तरह सुविधाजनक होगा। इसमें कई डिजिटल फीचर्स दिए जाएंगे, जिससे लेनदेन आसान हो जाएगा।</p>
<p>ईपीएफओ 3.0 मौजूदा सिस्टम का एक उन्नत वर्जन होगा। इसे निकासी की प्रक्रिया को तेज और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। सदस्य बैंक खाते से नकदी निकालने की तरह ही एटीएम के माध्यम से भी अपना पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। ईपीएफओ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) का उपयोग करके अपने खातों को मैनेज कर सकेंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एटीएम से पीएफ निकासी की सीमा क्या होगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 21:29:39 +0530</pubDate>
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