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                <title>Central Bureau Of Investigation (CBI) - Loktej</title>
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                <description>Central Bureau Of Investigation (CBI) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीबीआई ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मामले में एनएचआईसीडीएल के कार्यकारी निदेशक को गिरफ्तार किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) सीबीआई ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में गुवाहाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के एक कार्यकारी निदेशक और क्षेत्रीय अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मैसनम रितेन कुमार सिंह के परिसरों की तलाशी के दौरान सीबीआई ने 2.62 करोड़ रुपये नकद और देश भर में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली नौ संपत्तियों और 20 अपार्टमेंट से संबंधित दस्तावेज जब्त किए।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि तलाशी के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143633/68ef70de9a5f2"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) सीबीआई ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में गुवाहाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के एक कार्यकारी निदेशक और क्षेत्रीय अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मैसनम रितेन कुमार सिंह के परिसरों की तलाशी के दौरान सीबीआई ने 2.62 करोड़ रुपये नकद और देश भर में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली नौ संपत्तियों और 20 अपार्टमेंट से संबंधित दस्तावेज जब्त किए।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि तलाशी के दौरान सिंह के नाम पर महंगी गाड़ियों की खरीद से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए।</p>
<p>असम के गुवाहाटी स्थित एनएचआईडीसीएल के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात सिंह ने एक निजी कंपनी से अन्य ठेकों के अलावा, असम में डेमो से मोरन बाईपास के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के चार लेन के निर्माण कार्य के लिए अनुकूल समय विस्तार (ईओटी) और पूर्णता प्रमाण पत्र देने के बदले में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी।</p>
<p>सीबीआई ने इस मामले में कोलकाता स्थित कंपनी मोहन लाल जैन के प्रतिनिधि बिनोद कुमार जैन को भी गिरफ्तार किया है।</p>
<p>सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर आरोपियों के सात कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि आरोपी लोक सेवक की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन जारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आज गुवाहाटी स्थित सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जाएगा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 15:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के सात जवानों के खिलाफ ‘अपहरण’ के आरोप में मामला दर्ज किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ 2022 में जिला न्यायालय परिसर से एक दंत चिकित्सक के कथित अपहरण के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने मोहित धवन द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश देते हुए इस मामले को छह अगस्त 2024 को सीबीआई को सौंप दिया था। धवन ने आरोप लगाए थे कि चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों ने सात जनवरी 2022 को सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्हें सेक्टर-43 स्थित अदालत परिसर से अगवा कर लिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132841/cbi-registered-a-case-against-seven-chandigarh-police-personnel-for--kidnapping"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ 2022 में जिला न्यायालय परिसर से एक दंत चिकित्सक के कथित अपहरण के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने मोहित धवन द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश देते हुए इस मामले को छह अगस्त 2024 को सीबीआई को सौंप दिया था। धवन ने आरोप लगाए थे कि चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों ने सात जनवरी 2022 को सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्हें सेक्टर-43 स्थित अदालत परिसर से अगवा कर लिया और बाद में शाम को गिरफ्तार किया।</p>
<p>सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह बात साबित हुई कि धवन के कहे अनुसार वह सच में उस दिन अदालत परिसर में मौजूद थे और चार पुलिसकर्मी एक आई20 कार में ‘‘जबरन’’ बैठाकर उन्हें ले गए।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने पाया कि उसी दिन शाम छह बजकर 32 मिनट पर सेक्टर-43 के अंतरराज्यीय बस अड्डे से पुलिसकर्मियों ने धवन की गिरफ्तारी दिखाई।</p>
<p>अगले दिन धवन को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, उसके बाद चार फरवरी 2022 तक के लिए न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई और पांच फरवरी को रिहा कर दिया गया।</p>
<p>प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई ने निरीक्षक हरिंदर सिंह, उप-निरीक्षक सुरेश कुमार, सहायक उप-निरीक्षक अजमेर सिंह, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल विकास हुड्डा, सुभाष और नीरज कुमार के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। ये सभी कथित अपराध के समय चंडीगढ़ की अपराध शाखा में तैनात थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 21:21:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने तिरुपति लड्डू मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया: अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले तिरुपति लड्डुओं में कथित मिलावट के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों की पहचान भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशकों विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी के राजू राजशेखरन के रूप में हुई है।</p>
<p>एक अधिकारी ने रविवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चार लोगों को गिरफ्तार किया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/131685/cbi--led-sit-arrested-four-people-in-tirupati-laddu-case--officer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले तिरुपति लड्डुओं में कथित मिलावट के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों की पहचान भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशकों विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी के राजू राजशेखरन के रूप में हुई है।</p>
<p>एक अधिकारी ने रविवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो व्यक्ति (बिपिन जैन और पोमी जैन) भोले बाबा डेयरी से हैं, अपूर्व चावड़ा ‘वैष्णवी डेयरी’ और (राजू) राजशेखरन ‘एआर डेयरी’ से जुड़े हैं।’’</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जांच में घी आपूर्ति के हर चरण में गड़बड़ियां होने का पता चला है, जिसके कारण गिरफ्तारियां की गईं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी की आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम से निविदा हासिल की और वह निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड बनाने में भी शामिल रही।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने खुलासा किया कि वैष्णवी डेयरी ने झूठा दावा किया था कि वह भोले बाबा डेयरी से घी प्राप्त करती थी, जबकि अधिकारियों ने पाया कि भोले बाबा डेयरी के पास मंदिर बोर्ड तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की मांग को पूरा करने की क्षमता नहीं थी।</p>
<p>सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर, तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पिछले वर्ष नवंबर में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का एक अधिकारी शामिल है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी (युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी) के राज्यसभा सदस्य वाई वी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले साल चार अक्टूबर को अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी करेगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे।</p>
<p>आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि राज्य में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। नायडू के इस बयान से बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/131685/cbi--led-sit-arrested-four-people-in-tirupati-laddu-case--officer</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 14:46:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई की याचिका पर छोटा राजन को नोटिस जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय 2021 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में गैंगस्टर छोटा राजन की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने तथा उसे जमानत देने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रमनाथ, न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राजन को नोटिस जारी किया और चार सप्ताह के भीतर उससे जवाब मांगा।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी करें, जिस पर चार सप्ताह के भीतर जवाब दिया जाए। इस बीच, याचिकाकर्ता के वकील रजिस्ट्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/131185/supreme-court-issued-notice-to-chhota-rajan-on-cbi-plea"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय 2021 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में गैंगस्टर छोटा राजन की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने तथा उसे जमानत देने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रमनाथ, न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राजन को नोटिस जारी किया और चार सप्ताह के भीतर उससे जवाब मांगा।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी करें, जिस पर चार सप्ताह के भीतर जवाब दिया जाए। इस बीच, याचिकाकर्ता के वकील रजिस्ट्री द्वारा बताई गई खामियों को भी दूर करेंगे।’’</p>
<p>पिछले साल मई में एक विशेष अदालत ने राजन को शेट्टी की हत्या का दोषी ठहराया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।</p>
<p>इसके बाद राजन ने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की। 23 अक्टूबर, 2024 को पारित अपने आदेश में उच्च न्यायालय ने उसकी सजा को निलंबित कर दिया और जमानत दे दी।</p>
<p>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है।</p>
<p>मध्य मुंबई के गामदेवी में गोल्डन क्राउन होटल के मालिक शेट्टी की 4 मई 2001 को होटल की पहली मंजिल पर राजन गिरोह के दो सदस्यों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।</p>
<p>जांच से पता चला कि शेट्टी को छोटा राजन गिरोह के सदस्य हेमंत पुजारी की ओर से जबरन वसूली के फोन आए थे और पैसे नहीं देने पर उनकी हत्या कर दी गई थी।</p>
<p>क्राइम रिपोर्टर जे. डे की हत्या के मामले में पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा राजन वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Feb 2025 15:37:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूजीसी नेट पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 2024 यूजीसी-नेट परीक्षा पेपर लीक से संबंधित मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। इस इनपुट के बाद इसे रद्द कर दिया गया था कि इसका प्रश्नपत्र डार्कनेट पर लीक हो गया है और टेलीग्राम पर बेचा जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।</p>
<p>एक विशेष अदालत के समक्ष दायर अपनी क्लोजर रिपोर्ट में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि मामले में पेपर लीक का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। एजेंसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भी एक रिपोर्ट भेज दी है।</p>
<p>अदालत अब तय करेगी कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127328/central-bureau-of-investigation-filed-a-closure-report-in-the-ugc-net-paper-leak-case"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 2024 यूजीसी-नेट परीक्षा पेपर लीक से संबंधित मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। इस इनपुट के बाद इसे रद्द कर दिया गया था कि इसका प्रश्नपत्र डार्कनेट पर लीक हो गया है और टेलीग्राम पर बेचा जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।</p>
<p>एक विशेष अदालत के समक्ष दायर अपनी क्लोजर रिपोर्ट में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि मामले में पेपर लीक का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। एजेंसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भी एक रिपोर्ट भेज दी है।</p>
<p>अदालत अब तय करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार करके मामले को बंद किया जाए या एजेंसी को आगे की जांच करने का निर्देश दिया जाए।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि 18 जून, 2024 की परीक्षा के लिए ‘लीक’ प्रश्नपत्र का ‘छेड़छाड़’ किया हुआ स्क्रीनशॉट एक छात्र द्वारा कुछ पैसे कमाने के लिए प्रसारित किया जा रहा था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि परीक्षा के दिन, यूजीसी-नेट की दूसरी पाली से पहले दोपहर में टेलीग्राम चैनलों पर पेपर प्रसारित होते पाया गया, जिससे यह आभास हुआ कि यह लीक हो गया है और इसे प्रसारित करने वाले व्यक्ति ने इसे हासिल किया है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि जांच में पाया गया कि स्क्रीनशॉट प्रसारित करने वाले व्यक्ति ने फोटो और इसकी तारीख तथा समय की स्टैम्प के साथ छेड़छाड़ की थी, ताकि यह दिखाया जा सके कि उसने परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र प्राप्त कर लिया था।</p>
<p>इस परीक्षा के लिए 11 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जो भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप, सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति और पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करती है।</p>
<p>भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई की चेतावनी के बाद शिक्षा मंत्रालय ने 19 जून को परीक्षा रद्द कर दी थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/127328/central-bureau-of-investigation-filed-a-closure-report-in-the-ugc-net-paper-leak-case</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:09:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई ने देश भर में 350 करोड़ रुपये के क्रिप्टो पोंजी घोटाले का भंडाफोड़ किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सात लोगों के खिलाफ 350 करोड़ रुपये के क्रिप्टो पोंजी घोटाले का मामला दर्ज करने के बाद इस सिलसिले में सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक आरोपी व्यक्ति कथित तौर पर दिल्ली, हजारीबाग, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुक्कोट्टई और चित्तौड़गढ़ शहरों में स्थित सात अलग-अलग मॉड्यूल चला रहे थे, जो क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का वादा करके निवेशकों से पैसे लेते थे।</p>
<p>सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘इन पोंजी योजनाओं को अनेक सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से प्रचारित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125161/cbi-busts-rs-350-crore-crypto-ponzi-scam-across-the-country"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सात लोगों के खिलाफ 350 करोड़ रुपये के क्रिप्टो पोंजी घोटाले का मामला दर्ज करने के बाद इस सिलसिले में सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक आरोपी व्यक्ति कथित तौर पर दिल्ली, हजारीबाग, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुक्कोट्टई और चित्तौड़गढ़ शहरों में स्थित सात अलग-अलग मॉड्यूल चला रहे थे, जो क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का वादा करके निवेशकों से पैसे लेते थे।</p>
<p>सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘इन पोंजी योजनाओं को अनेक सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा था। बैंक खातों के लेन-देन और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स के विश्लेषण से पता चला है कि इन योजनाओं से प्राप्त अवैध आय को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया जा रहा था ताकि उनकी उत्पत्ति को छिपाया जा सके।’’</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि आरोप है कि इन योजनाओं में 350 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। सीबीआई ने बृहस्पतिवार को दिल्ली, झारखंड, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान में कई स्थानों पर छापेमारी की।</p>
<p>तलाशी के दौरान, सीबीआई ने आरोपी व्यक्तियों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में कुल 38,414 अमेरिकी डॉलर (लगभग) की डिजिटल आभासी संपत्ति जब्त की, जिसे जांच के लिए डिजिटल रूप से सुरक्षित कर लिया गया था।</p>
<p>सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘तलाशी के परिणामस्वरूप 34.20 लाख (लगभग) रुपये नकद राशि बरामद हुई। इसके अलावा महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों के साथ, जिसमें सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, तीन हार्ड डिस्क, 10 पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सिम कार्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड, ईमेल खाते और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।’’</p>
<p>एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के साथ धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है।</p>
<p>सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘यह आरोप लगाया गया कि आरोपी व्यक्ति आपराधिक षड़यंत्र के तहत सक्रिय रूप से विभिन्न पोंजी और धोखाधड़ी योजनाएं चला रहे हैं, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी निवेश के आधार पर अधिक लाभ का वादा किया जा रहा था। उन पर इन अनियमित जमा योजनाओं में निवेशकों को लुभाने के लिए झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने, वादा करने और प्रसारित करने का भी आरोप है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जैसे नियामक प्राधिकरणों से अपेक्षित अनुमोदन के बिना संचालित होते हैं। ’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 21:50:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई ने आर जी कर मामले में दोषी को मृत्युदंड की मांग के साथ उच्च न्यायालय में अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आर जी कर अस्पताल बलात्कार एवं हत्या मामले के दोषी संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील की।</p>
<p>न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि वह 27 जनवरी को सीबीआई की अपील पर सुनवाई करेगी और साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार की उस प्रार्थना पर भी सुनवाई करेगी जिसमें इसी तरह की याचिका के साथ उसकी अपील को स्वीकार करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अधीनस्थ अदालत द्वारा रॉय को सुनायी गयी आजीवन कारावास की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124940/cbi-appealed-to-the-high-court-with-demand-for-death-penalty-in-the-case"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आर जी कर अस्पताल बलात्कार एवं हत्या मामले के दोषी संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील की।</p>
<p>न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि वह 27 जनवरी को सीबीआई की अपील पर सुनवाई करेगी और साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार की उस प्रार्थना पर भी सुनवाई करेगी जिसमें इसी तरह की याचिका के साथ उसकी अपील को स्वीकार करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अधीनस्थ अदालत द्वारा रॉय को सुनायी गयी आजीवन कारावास की सजा की अपर्याप्तता का दावा करते हुए अपनी अपील पर न्यायमूर्ति बसाक और न्यायमूर्ति शब्बर रशीदी की इस खंडपीठ से सुनवाई का अनुरोध किया है।</p>
<p>सीबीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए उप सॉलीसीटर जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि मामले की जांच कर चुकी इस केंद्रीय एजेंसी को सजा की अपर्याप्तता के आधार पर अधीनस्थ अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का अधिकार है।</p>
<p>सियालदह की एक अधीनस्थ अदालत ने नौ अगस्त, 2024 को आर जी कर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक की बलात्कार के बाद हत्या के देने के जुर्म में राय को 20 जनवरी को जीवन की आखिरी सांस तक के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करने/न करने पर निर्णय लेने से पहले वह सीबीआई, मृत चिकित्सक के परिवार वालों एवं दोषी का पक्ष सुनेगा।</p>
<p>सीबीआई ने इस मामले में अपील करने के राज्य के अधिकार का विरोध करते हुए यह दावा किया था कि चूंकि वह (सीबीआई) अभियोजन एजेंसी है, इसलिए सजा की अपर्याप्तता के आधार पर उसे ही अपील करने का अधिकार है।</p>
<p>रॉय के वास्ते मौत की सजा का अनुरोध करते हुए राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने उच्च न्यायालय से कहा है कि अभियुक्त को सुनायी गयी उम्रकैद की सजा अपर्याप्त है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/124940/cbi-appealed-to-the-high-court-with-demand-for-death-penalty-in-the-case</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 15:43:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीबीआई को केंद्र के अफसरों के खिलाफ प्राथमिकी के लिए राज्य की सहमति की जरूरत नहीं : न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात केंद्र के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए राज्य सरकारों की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>न्यायमूर्ति सी.टी. रविकुमार और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने दो जनवरी को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को पलट दिया जिसमें भ्रष्टाचार के मामले में दो केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई जांच को रद्द कर दिया गया था।</p>
<p>उसने कहा, “तैनाती के स्थान पर ध्यान दिए बिना, पूर्वोक्त तथ्यात्मक स्थिति यह दर्शाती है कि वे केंद्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/117562/cbi-does-not-need-state-s-consent-to-file-fir-against-central-officials--court"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात केंद्र के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए राज्य सरकारों की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>न्यायमूर्ति सी.टी. रविकुमार और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने दो जनवरी को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को पलट दिया जिसमें भ्रष्टाचार के मामले में दो केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई जांच को रद्द कर दिया गया था।</p>
<p>उसने कहा, “तैनाती के स्थान पर ध्यान दिए बिना, पूर्वोक्त तथ्यात्मक स्थिति यह दर्शाती है कि वे केंद्र सरकार के कर्मचारी/केंद्र सरकार के उपक्रम के कर्मचारी थे और कथित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध किया है, जो एक केंद्रीय अधिनियम है।”</p>
<p>यह मामला आंध्र प्रदेश में कार्यरत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से उत्पन्न हुआ।</p>
<p>उन्होंने सीबीआई के अधिकार क्षेत्र को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें तर्क दिया गया था कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (डीएसपीई अधिनियम) के तहत अविभाजित आंध्र प्रदेश राज्य द्वारा सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति, विभाजन के बाद नवगठित आंध्र प्रदेश राज्य पर स्वतः लागू नहीं होती।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने आरोपियों से सहमति जताते हुए, जिन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, प्राथमिकी रद्द कर दी और इस बात पर जोर दिया कि आंध्र प्रदेश से नए सिरे से सहमति लेना आवश्यक है।</p>
<p>न्यायमूर्ति रविकुमार, जिन्होंने 32 पृष्ठ का निर्णय लिखा था, उच्च न्यायालय की व्याख्या से असहमत थे तथा उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने सीबीआई की जांच के लिए राज्य से नए सिरे से सहमति मांगने में गलती की थी।</p>
<p>इसमें कहा गया, “ऐसी परिस्थितियों में और पहले से प्राप्त निष्कर्ष के आलोक में, 26 मई, 2014 के परिपत्र ज्ञापन के प्रावधानों के अनुसार, 1 जून, 2014 को अविभाजित आंध्र प्रदेश राज्य पर लागू सभी ‘कानून’ तत्कालीन आंध्र प्रदेश के विभाजन के बावजूद नए राज्यों, अर्थात् तेलंगाना और आंध्र प्रदेश पर तब तक लागू होते रहेंगे, जब तक कि उनमें परिवर्तन, निरसन या संशोधन नहीं किया जाता।”</p>
<p>पीठ ने कहा कि डीएसपीई अधिनियम के तहत राज्य द्वारा दी गई सामान्य सहमति केंद्रीय अपराधों से संबंधित सीबीआई जांच के लिए पर्याप्त है और इसके लिए नई सहमति जैसी राज्य-विशिष्ट औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/117562/cbi-does-not-need-state-s-consent-to-file-fir-against-central-officials--court</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 22:01:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शीना बोरा हत्याकांड : शीर्ष अदालत ने इंद्राणी की विदेश यात्रा की अर्जी पर सीबीआई को नोटिस दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अपनी ही बेटी की हत्या की आरोपी पूर्व मीडिया कार्यकारी इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा पर रोक संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय में यात्रा पर पाबंदी का विषय तब आया है जब एक विशेष अदालत ने अगले तीन महीने में 10 दिन के लिए स्पेन एवं ब्रिटेन की यात्रा करने के मुखर्जी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।</p>
<p>सीबीआई ने विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108067/sheena-bora-murder-case--top-court-issues-notice-to-cbi-on-indrani-s-plea-for-foreign-travel"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/gavel-court-order-supreme-high-hathoda-justice1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अपनी ही बेटी की हत्या की आरोपी पूर्व मीडिया कार्यकारी इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा पर रोक संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय में यात्रा पर पाबंदी का विषय तब आया है जब एक विशेष अदालत ने अगले तीन महीने में 10 दिन के लिए स्पेन एवं ब्रिटेन की यात्रा करने के मुखर्जी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।</p>
<p>सीबीआई ने विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने 27 सितंबर को विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था।</p>
<p>मुखर्जी ने उच्च न्यायालय के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।</p>
<p>न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने एजेंसी को नोटिस जारी किया और उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ मुखर्जी द्वारा दायर अपील पर उसका जवाब मांगा।</p>
<p>बोरा की हत्या का मामला सामने आने के बाद मुखर्जी को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था। मई 2022 में उच्चतम न्यायालय ने मुखर्जी को जमानत दी थी। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है।</p>
<p>अप्रैल 2012 में मुंबई में मुखर्जी, उनके तत्कालीन चालक श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना ने कथित तौर पर एक कार में बोरा (24) की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।</p>
<p>अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसके शव को पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था। बोरा मुखर्जी की पूर्व पति से हुई बेटी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/108067/sheena-bora-murder-case--top-court-issues-notice-to-cbi-on-indrani-s-plea-for-foreign-travel</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 14:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : सीबीआई ने पांडेसरा उद्योगपतियों के साथ की भ्रष्टाचार विरोधी बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की गांधीनगर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सूरत के सीईटीपी पांडेसरा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में सूरत के प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों पर चर्चा की।</p>
<p>बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष  कमलविजय तुलस्यान, एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतेन्द्र वखारिया, महेशभाई कबूतरवाला, जे.पी. अग्रवाल सहित कई उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे। सीबीआई के डीएसपी  राम प्रसाद, पीआई  नीरज मलिक और पंकज ए पटेल ने उद्योगपतियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>बैठक में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए विधायी उपायों और जागरूकता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104761/surat-cbi-holds-anti-corruption-meeting-with-pandesara-industrialists"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/b04102024-08.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की गांधीनगर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सूरत के सीईटीपी पांडेसरा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में सूरत के प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों पर चर्चा की।</p>
<p>बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष  कमलविजय तुलस्यान, एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतेन्द्र वखारिया, महेशभाई कबूतरवाला, जे.पी. अग्रवाल सहित कई उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे। सीबीआई के डीएसपी  राम प्रसाद, पीआई  नीरज मलिक और पंकज ए पटेल ने उद्योगपतियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>बैठक में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए विधायी उपायों और जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। सीबीआई ने उद्योगपतियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी सरकारी अधिकारी से रिश्वत लेने या भ्रष्टाचार की कोई गतिविधि की जानकारी हो, तो वे तुरंत सीबीआई को सूचित करें।</p>
<p> यदि केंद्र सरकार, बैंक या रेलवे का कोई अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत मांगता है, नाजायज वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करता है या उसके पास आय से अधिक संपत्ति है, तो तुरंत सीबीआई, एसीबी गांधीनगर को रिपोर्ट करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/104761/surat-cbi-holds-anti-corruption-meeting-with-pandesara-industrialists</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 19:00:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तृणमूल विधायक जीवन कृष्ण साहा को 65 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 17 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के मुर्शिदाबाद के बरवान से विधायक जीवन कृष्ण साहा को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 65 घंटे की तलाशी और पूछताछ के बाद सोमवार सुबह करीब 5ः30 बजे गिरफ्तार कर लिया।<br /><br />जांच एजेंसी केंद्रीय अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस की सुरक्षा में साहा को बैछाकर दुर्गापुर में स्थित अस्थाई कैंप में ले गई है। यहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें जांच में सहयोग नहीं करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91333/trinamool-mla-jeevan-krishna-saha-arrested-by-cbi-after-65"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/17dl_m_82_17042023_1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 17 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के मुर्शिदाबाद के बरवान से विधायक जीवन कृष्ण साहा को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 65 घंटे की तलाशी और पूछताछ के बाद सोमवार सुबह करीब 5ः30 बजे गिरफ्तार कर लिया।<br /><br />जांच एजेंसी केंद्रीय अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस की सुरक्षा में साहा को बैछाकर दुर्गापुर में स्थित अस्थाई कैंप में ले गई है। यहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें जांच में सहयोग नहीं करने और साक्ष्य को नष्ट करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।<br /><br />इस मामले में इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के अलावा नदिया जिले के पलाशिपाड़ा से तृणमूल कांग्रेस के विधायक व प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया जा चुका है।<br /><br />जां एजेंसी ने शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बरवान के ओंदी स्थित साहा के घर छापा मारा था। तब से उनसे पूछताछ हो रही थी। शाम को साहा ने चकमा देकर रोशनदान से अपने दो मोबाइल फोन और दो पेन ड्राइव और एक हार्डडिस्क को घर के पीछे बने तालाब में फेंक दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने तालाब का पूरा पानी निकलवाकर करीब 32 घंटे की तलाशी के बाद उनका केवल एक मोबाइल फोन रविवार को बरामद कर पाई है।<br /><br />जांच एजेंसी को साहा के घर से कंप्यूटर, तीन नोटपैड और कई संदिग्ध सॉफ्टवेयर मिले हैं। साथ ही नियुक्ति भ्रष्टाचार से संबंधित दो बोरा दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षकों से लेकर 9वीं 10वीं और 11वीं 12वीं नियुक्ति तक के एडमिट कार्ड हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 3400 परीक्षार्थियों के दस्तावेज भी मिले हैं। सिंदूरदान में छुपाकर रखा गया मोबाइल फोन का मेमोरी कार्ड भी बरामद कर लिया गया है।<br /><br />भारतीय जनता पार्टी के विधायक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने समानांतर "वसूली आयोग" चला रखा था। सबसे अधिक बोली लगाने वालों को सरकारी नौकरियां बेची गई हैं। तृणमूल कांग्रेस ने फिलहाल इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91333/trinamool-mla-jeevan-krishna-saha-arrested-by-cbi-after-65</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 12:33:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई छापेमारी: सेहत बिगड़ने का बहाना बनाकर बाथरूम गए टीएमसी विधायक ने तालाब में फेंका मोबाइल, छिपाया मेमोरी कार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। मुर्शिदाबाद के बरवान से तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा के घर 24 घंटे से अधिक समय से अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का तलाशी अभियान चल रहा है। सीबीआई की एक और टीम शनिवार सुबह विधायक के घर पहुंची और उस तालाब के कीचड़ में उनके दोनों मोबाइल फोन ढूंढे जा रहे हैं, जो सीबीआई के आने के बाद विधायक ने फेंके थे।<br /><br />केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों ने बताया है कि सीबीआई की टीम ने शुक्रवार दोपहर छापेमारी की तभी से जीवन कृष्ण साहा को बिठाकर लगातार पूछताछ की जा रही थी। उसी बीच उन्होंने अपनी सेहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91286/tmc-mla-went-to-bathroom-on-the-pretext-of-ill"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/k15042023-04.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। मुर्शिदाबाद के बरवान से तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा के घर 24 घंटे से अधिक समय से अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का तलाशी अभियान चल रहा है। सीबीआई की एक और टीम शनिवार सुबह विधायक के घर पहुंची और उस तालाब के कीचड़ में उनके दोनों मोबाइल फोन ढूंढे जा रहे हैं, जो सीबीआई के आने के बाद विधायक ने फेंके थे।<br /><br />केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों ने बताया है कि सीबीआई की टीम ने शुक्रवार दोपहर छापेमारी की तभी से जीवन कृष्ण साहा को बिठाकर लगातार पूछताछ की जा रही थी। उसी बीच उन्होंने अपनी सेहत बिगड़ने का बहाना बनाया और बाथरूम जाने के लिए अनुरोध किया। केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी उन्हें अपने साथ लेकर बाथरूम तक गए। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद किया और बाथरूम में मौजूद रोशनदान से अपने दोनों मोबाइल फोन दीवार के ठीक पीछे स्थित तालाब में फेंक दिया। उन्होंने एक हार्डडिस्क भी तालाब में फेंक दिया।<br /><br />पानी में किसी चीज के गिरने की आवाज आने के बाद सीबीआई अधिकारियों को शक हुआ तो पड़ताल की गई। पता चला कि विधायक के दोनों मोबाइल गायब हैं। उसके बाद रात को ही पंप लगाकर तालाब का सारा पानी निकाल दिया गया है। शनिवार सुबह से ही तालाब के कीचड़ में दोनों मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क ढूंढा जा रहा है। इसके लिए मेटल डिटेक्टर लाया गया है और सीबीआई की एक और टीम मौके पर पहुंची है। राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान भी सुरक्षा के लिए मौजूद हैं।<br /><br />सूत्रों ने बताया है कि जीवन कृष्णा साहा की गिरफ्तारी होगी। शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में विधायक के घर से दो बोरे दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिसमें उन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड हैं जिन्हें गैरकानूनी तरीके से शिक्षक की नियुक्ति दी गई थी। इसके अलावा उनके मोबाइल का एक मेमोरी कार्ड भी बरामद किया गया है जो उसने सिन्होरा (सिंदूर दानी) में छुपाया था। दावा है कि इसमें कुछ परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड की तस्वीरें और लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की तस्वीरें हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिलने की संभावना है।<br /><br />सीबीआई के एक सूत्र ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया है कि जीवन कृष्ण साहा के घर से एक डायरी भी बरामद हुई है जिनमें उन लोगों की सूची है जिनसे वसूली की गई है। इसके अलावा किसे कितने रुपये दिए गए इसकी भी सूची है। ऐसे में यह बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिससे भ्रष्टाचार में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी खुलासा होगा। फिलहाल उनसे पूछताछ भी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91286/tmc-mla-went-to-bathroom-on-the-pretext-of-ill</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Apr 2023 13:55:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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