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                <title>Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) - Loktej</title>
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                <description>Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एमएसएमई को मुथूट फिनकॉर्प वन से पांच लाख रुपये तक का मिल पाएगा कर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) रेहड़ी-पटरी वालों जैसे छोटे कारोबारियों को अब मुथूट फिनकॉर्प वन से पांच लाख रुपये तक का ऋण सिर्फ क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर उनके दैनिक लेनदेन के आधार पर मिल सकता है।</p>
<p>गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) ने बयान में कहा कि एक रणनीतिक व्यावसायिक इकाई और मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (एमएफएल) का डिजिटल मंच मुथूट फिनकॉर्प वन उन सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को दैनिक पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ ऋण प्रदान करेगा जो दैनिक लेनदेन के लिए क्यूआर-कोड आधारित ऐप का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p>यह छोटे व्यवसायों के लिए ‘नए क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल’ के अनुरूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105746/msmes-will-be-able-to-get-loan-up-to-rs"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/business-payment-cash-loan-banking.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) रेहड़ी-पटरी वालों जैसे छोटे कारोबारियों को अब मुथूट फिनकॉर्प वन से पांच लाख रुपये तक का ऋण सिर्फ क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर उनके दैनिक लेनदेन के आधार पर मिल सकता है।</p>
<p>गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) ने बयान में कहा कि एक रणनीतिक व्यावसायिक इकाई और मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (एमएफएल) का डिजिटल मंच मुथूट फिनकॉर्प वन उन सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को दैनिक पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ ऋण प्रदान करेगा जो दैनिक लेनदेन के लिए क्यूआर-कोड आधारित ऐप का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p>यह छोटे व्यवसायों के लिए ‘नए क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल’ के अनुरूप है, जिसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को अपने बजट भाषण में की थी।</p>
<p>मॉडल के तहत, बैंकों को छोटे व्यवसायों का मूल्यांकन उनके ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ के आधार पर करना है न कि उनके बही-खाते के आधार पर।</p>
<p>मुथूट फिनकॉर्प वन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चंदन खेतान ने बताया कि भारत में करीब छह करोड़ अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यम (आईएमई) हैं। यह देश में सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ताओं में से एक है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान देता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ क्यूआर-कोड आधारित ऋण कार्यक्रम का मकसद ऐसे आईएमई को ऋण सुलभ बनाना है, जो परंपरागत रूप से औपचारिक वित्त तक पहुंचने में बाधाओं का सामना करते हैं। यह उत्पाद उनकी दैनिक व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया है, जो स्थायी वृद्धि को सक्षम बनाता है। डिजिटल नकदी प्रवाह डेटा के साथ ऋण पहुंच को संरेखित कर हम एमएसएमई को वित्तीय मजबूती के लिए एक नया रास्ता प्रदान कर रहे हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 12:04:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : आंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 'ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी और वित्त' पर कार्यशाला आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="response-container ng-tns-c301441729-129 ng-star-inserted response-container-has-multiple-responses">
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<p>गुजरात में, सूरत के कपड़ा एमएसएमई को ब्याज सब्सिडी मिल सकती है यदि वे अपने संचालन में ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाते हैं। यह जानकारी गुरुवार को सूरत में आंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 'ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी और वित्त' पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने दी।</p>
<p>कार्यशाला में 112 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया, जिसमें कपड़ा एमएसएमई, नीति निर्माता, ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी प्रदाता और वित्तपोषण एजेंसियां शामिल थीं। कार्यशाला का ध्यान नई ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उनके सतत परिवर्तन के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता पर केंद्रित था।</p>
<p><strong>ब्याज सब्सिडी का प्रस्ताव:</strong></p>
<p>जीईडीए की वरिष्ठ परियोजना कार्यकारी अमिता पंड्या</p></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/102789/surat-organizes-workshop-on-energy-efficient-technology-and-finance-on-international"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/b27062024-08.jpg" alt=""></a><br /><div class="response-container ng-tns-c301441729-129 ng-star-inserted response-container-has-multiple-responses">
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<p>गुजरात में, सूरत के कपड़ा एमएसएमई को ब्याज सब्सिडी मिल सकती है यदि वे अपने संचालन में ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाते हैं। यह जानकारी गुरुवार को सूरत में आंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 'ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी और वित्त' पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने दी।</p>
<p>कार्यशाला में 112 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया, जिसमें कपड़ा एमएसएमई, नीति निर्माता, ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी प्रदाता और वित्तपोषण एजेंसियां शामिल थीं। कार्यशाला का ध्यान नई ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उनके सतत परिवर्तन के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता पर केंद्रित था।</p>
<p><strong>ब्याज सब्सिडी का प्रस्ताव:</strong></p>
<p>जीईडीए की वरिष्ठ परियोजना कार्यकारी अमिता पंड्या ने कहा कि "हम ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाने वाले कपड़ा एमएसएमई को ब्याज सब्सिडी प्रदान करने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) जैसे वित्तीय संस्थानों के साथ बातचीत कर रहे हैं।"</p>
<p><strong>कपड़ा क्षेत्र में एमएसएमई का महत्व:</strong></p>
<p>कपड़ा मंत्रालय के सहायक निदेशक सिद्धेश्वर डोम्बे ने सूरत के कपड़ा निर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि "कपड़ा बुनाई और प्रसंस्करण में नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग से लागत कम हो जाती है और एमएसएमई विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र बन जाते हैं।"</p>
<p><strong>जीपीसीबी की सूरत क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जिग्नासा ओझा</strong> ने एमएसएमई के लिए सतत विकास के महत्व को रेखांकित किया। "भारत के आर्थिक विकास में एमएसएमई का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनके सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए नई तकनीकें और वित्तपोषण के अवसर महत्वपूर्ण हैं। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी एजेंसियों, एमएसएमई इकाइयों और ऊर्जा कुशल तकनीक और वित्तीय सहायता प्रदाताओं को जोड़ना है। </p>
<p><strong>एसजीटीपीए के अध्यक्ष जितेंद्र वखारिया</strong> ने सूरत के औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई की पर्याप्त वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "सूरत में औद्योगिक क्षेत्र में 80% से अधिक वृद्धि एमएसएमई से है। कपड़ा क्षेत्र शहर के विकास में महत्वपूर्ण रहा है। इस वृद्धि को केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ जीईडीए और जीपीसीबी जैसी एजेंसियों ने भी समर्थन दिया है।" </p>
<p><strong>कार्यशाला का उद्देश्य:</strong></p>
<p>कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी एजेंसियों, एमएसएमई इकाइयों और ऊर्जा-कुशल तकनीक और वित्तीय सहायता प्रदाताओं को जोड़ना था।</p>
<p><strong>कार्यशाला में अन्य मुख्य बिंदु:</strong></p>
<ul>
<li>भारत के आर्थिक विकास में एमएसएमई का योगदान महत्वपूर्ण है।</li>
<li>बुने हुए फाइबर उत्पादन में गुजरात सबसे अधिक योगदान देने वाला राज्य है।</li>
<li>कार्यशाला में कपड़ा क्षेत्र में स्थिरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।</li>
<li>RISE सूरत का लक्ष्य सूरत के कपड़ा क्षेत्र में कम से कम 50 एमएसएमई और 500 श्रमिकों को भारत में कम कार्बन संक्रमण के लिए आवश्यक उपकरण, ज्ञान और कौशल से लैस करना है।</li>
</ul>
<p>यह कार्यक्रम डब्ल्यूआरआई इंडिया के RISE (लचीले, समावेशी और सतत उद्यम) सूरत पहल का एक प्रमुख घटक था।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<p></p>
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                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 15:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश : सरकार ने किया एमएसएमई नीति में बदलाव, अब स्टाम्प शुल्क में छूट के लिए बैंक गारंटी की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति को संशोधित किया है। नए संशोधन के अनुसार निजी निवेशकों को स्टैंप ड्यूटी छूट का लाभ उठाने के लिए बैंक गारंटी प्रदान करनी होगी। नीति में कहा गया है कि बैंक गारंटी स्टांप शुल्क छूट से मेल खानी चाहिए और इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के बाद जमा और जारी की जाएगी। उत्पादन शुरू होने की पुष्टि या तो जिलाधिकारी या जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा की जाएगी।</p>
<p><strong>पिछले साल लागू हुई थी एमएसएमई नीति</strong></p>
<p>आपको बता दें कि राज्य सरकार ने छोटी इकाइयों को प्रोत्साहित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90643/uttar-pradesh-government-changes-msme-policy-now-bank-guarantee-is"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/news-photo-(18)2.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति को संशोधित किया है। नए संशोधन के अनुसार निजी निवेशकों को स्टैंप ड्यूटी छूट का लाभ उठाने के लिए बैंक गारंटी प्रदान करनी होगी। नीति में कहा गया है कि बैंक गारंटी स्टांप शुल्क छूट से मेल खानी चाहिए और इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के बाद जमा और जारी की जाएगी। उत्पादन शुरू होने की पुष्टि या तो जिलाधिकारी या जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा की जाएगी।</p>
<p><strong>पिछले साल लागू हुई थी एमएसएमई नीति</strong></p>
<p>आपको बता दें कि राज्य सरकार ने छोटी इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए अक्टूबर 2022 में एमएसएमई नीति को मंजूरी दी है। इस नीति में एमएसएमई औद्योगिक पार्कों, सम्पदाओं और 10 एकड़ या उससे अधिक में फैले फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स इकाइयों के लिए निजी क्षेत्र द्वारा भूमि की खरीद पर 100% स्टांप शुल्क छूट के प्रावधान शामिल हैं। । इसके अतिरिक्त, एमएसएमई इकाइयों के लिए स्टैंप ड्यूटी में छूट के अन्य प्रावधान भी हैं।</p>
<p><strong>क्या है स्टंप शुल्क पर मिलने वाले लाभ का नियम</strong><br /> <br />सरकारी प्रवक्ता के अनुसार 10 एकड़ या उससे अधिक में एमएसएमई औद्योगिक पार्क स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को सभी स्टांप शुल्क से छूट दी जाएगी। महिला उद्यमियों को प्रदेश में कहीं भी इकाई लगाने पर शत-प्रतिशत छूट प्राप्त होगी। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर, मध्यांचल और पश्चिमांचल में छूट 75% होगी। साथ ही बुंदेल में एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों को स्टांप शुल्क में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90643/uttar-pradesh-government-changes-msme-policy-now-bank-guarantee-is</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 21:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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