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                <description>Heart RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : स्मार्ट सिटी के बाद अब 'वुमन-फ्रेंडली' शहर बनने की ओर अग्रसर, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वावलंबन पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत, 1 मार्च, 2026 – अपनी बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं के दम पर स्मार्ट सिटी और मेट्रो सिटी का खिताब हासिल करने के बाद, अब सूरत महानगर पालिका ( एसएमसी) शहर को 'वुमन-फ्रेंडली' (महिला-हितैषी) शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>इस नई पहल का मुख्य केंद्र शहर की महिला श्रमिक और वे महिलाएं हैं जो रोजगार की तलाश में बाहर से सूरत आई हैं।  जिनके स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।</p>
<p>महानगर पालिका ने महिला मजदूरों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। जिसके लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145818/after-surat-smart-city-now-focus-on-womens-health-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b01032026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत, 1 मार्च, 2026 – अपनी बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं के दम पर स्मार्ट सिटी और मेट्रो सिटी का खिताब हासिल करने के बाद, अब सूरत महानगर पालिका ( एसएमसी) शहर को 'वुमन-फ्रेंडली' (महिला-हितैषी) शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>इस नई पहल का मुख्य केंद्र शहर की महिला श्रमिक और वे महिलाएं हैं जो रोजगार की तलाश में बाहर से सूरत आई हैं।  जिनके स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।</p>
<p>महानगर पालिका ने महिला मजदूरों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। जिसके लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। इस वर्ष शहर के विभिन्न 'कड़ियानाकों' (श्रमिक बाज़ार) और शेल्टर होम्स में 50 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>हेल्थ केयर व हाइजीन: इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता (हाईजीन के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि वे शारीरिक रूप से मजबूत और बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।</p>
<p>आर्थिक सशक्तिकरण: 2000 महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण मिलेगा। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।</p>
<p>स्किल ट्रेनिंग: विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से 2000 महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाया जाएगा।</p>
<p>आधुनिक कोर्सेज: महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग, बेकरी उत्पाद, किचन गार्डनिंग और कैनिंग  जैसे आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।</p>
<p>पारंपरिक कला: सूरत की विरासत 'ज़रदोशी' वर्क और अन्य पारंपरिक हस्तकलाओं को भी इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, ताकि स्थानीय कला को जीवित रखते हुए महिलाएं घर बैठे आय अर्जित कर सकें।</p>
<p>इस पूरी योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को न केवल हुनरमंद बनाना है, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है।</p>
<p>सूरत महानगर पालिका का मानना है कि जब शहर की महिलाएं सुरक्षित और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी, तभी सूरत सही मायने में एक 'स्मार्ट और वुमन-फ्रेंडली' शहर कहलाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:54:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में निर्मित नयी पीढ़ी के हृदय स्टेंट को वैश्विक स्तर पर प्रमुख मान्यता मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सैन फ्रांसिस्को, 30 अक्टूबर (भाषा) भारत में निर्मित नयी पीढ़ी के हृदय स्टेंट ने अमेरिका में निर्मित अंतरराष्ट्रीय बाजार के अग्रणी स्टेंट की तुलना में उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए बेहतर कार्य किया है। इसके साथ ही संबंधित भारतीय चिकित्सा नवाचार ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान हासिल कर ली है।</p>
<p>बुधवार को यहां संपन्न हुए हृदय रोग विशेषज्ञों के एक वैश्विक सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसमें जाने-माने भारतीय हृदय रोग विशेषज्ञ एवं दिल्ली के बत्रा अस्पताल के चैयरमैन एवं डीन डॉ. उपेन्द्र कौल ने भारत में ‘टक्सेडो-2’ नामक एक परीक्षण के परिणाम प्रस्तुत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143789/new-generation-heart-stent-manufactured-in-india-receives-major-recognition"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/4356_heart.jpg" alt=""></a><br /><p>सैन फ्रांसिस्को, 30 अक्टूबर (भाषा) भारत में निर्मित नयी पीढ़ी के हृदय स्टेंट ने अमेरिका में निर्मित अंतरराष्ट्रीय बाजार के अग्रणी स्टेंट की तुलना में उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए बेहतर कार्य किया है। इसके साथ ही संबंधित भारतीय चिकित्सा नवाचार ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान हासिल कर ली है।</p>
<p>बुधवार को यहां संपन्न हुए हृदय रोग विशेषज्ञों के एक वैश्विक सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसमें जाने-माने भारतीय हृदय रोग विशेषज्ञ एवं दिल्ली के बत्रा अस्पताल के चैयरमैन एवं डीन डॉ. उपेन्द्र कौल ने भारत में ‘टक्सेडो-2’ नामक एक परीक्षण के परिणाम प्रस्तुत किए, जिसमें भारत में निर्मित नयी पीढ़ी के हृदय स्टेंट ‘सुप्राफ्लेक्स क्रुज’ की तुलना अंतरराष्ट्रीय बाजार में अग्रणी अमेरिका के ‘एक्सिएंस’ नामक स्टेंट से की गई।</p>
<p>डॉक्टर कौल के नेतृत्व में यह परीक्षण 66 भारतीय हृदय रोग केंद्रों में आयोजित किया गया। इसमें विशेष रूप से अत्यधिक जटिल स्थिति वाले रोगियों, जैसे मधुमेह और उन्नत बहु-वाहिका रोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षण में शामिल 80 प्रतिशत लोगों को त्रि-वाहिका रोग था।</p>
<p>भारतीय उपकरण के लिए परिणाम अत्यधिक सकारात्मक रहे, जिससे यह पता चला कि ‘सुप्राफ्लेक्स क्रुज़’ स्थापित अंतरराष्ट्रीय मानकों से कमतर नहीं है।</p>
<p>डॉ. कौल ने कहा कि सूरत की एक कंपनी द्वारा निर्मित भारतीय स्टेंट से एक वर्ष में हृदयाघात की दर में संख्यात्मक रूप से कमी देखी गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सम्मेलन में इन परिणामों की सराहना भारतीय चिकित्सा उपकरण विनिर्माण की तकनीकी उत्कृष्टता के उदाहरण के रूप में की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 16:51:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोवा से नियमित उड़ान के जरिये इंदौर लाए गए लिवर से 67 वर्षीय मरीज को मिली नयी जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 31 जनवरी (भाषा) गोवा से एक नियमित उड़ान के जरिये इंदौर लाया गया लिवर (यकृत) 67 वर्षीय मरीज को प्रतिरोपित किया गया जिससे उसे नयी जिंदगी मिलने की राह आसान हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि अजय गिरि (45) को ‘ब्रेन हेमरेज’ के बाद गोवा के एक निजी अस्पताल में 26 जनवरी को भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और चिकित्सकों ने उन्हें 29 जनवरी को दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि गिरि के शोक में डूबे हुए परिजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127693/67--year--old-patient-got-a-new-life-from-a-liver-brought-to-indore-through-regular-flight-from-goa"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/4356_heart.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 31 जनवरी (भाषा) गोवा से एक नियमित उड़ान के जरिये इंदौर लाया गया लिवर (यकृत) 67 वर्षीय मरीज को प्रतिरोपित किया गया जिससे उसे नयी जिंदगी मिलने की राह आसान हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि अजय गिरि (45) को ‘ब्रेन हेमरेज’ के बाद गोवा के एक निजी अस्पताल में 26 जनवरी को भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और चिकित्सकों ने उन्हें 29 जनवरी को दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि गिरि के शोक में डूबे हुए परिजन उनके मरणोपरांत अंगदान के लिए राजी हो गए जिसके बाद शल्य चिकित्सकों ने उनके शरीर से लिवर निकाला।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि लिवर को एक निजी विमानन कंपनी की नियमित उड़ान के जरिये गोवा से बृहस्पतिवार शाम इंदौर लाया गया। फिर इसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती 67 वर्षीय मरीज के शरीर में प्रतिरोपित किया गया।</p>
<p>इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के संस्थापक सचिव डॉ. संजय दीक्षित ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत फिलहाल ठीक है। गिरि के अंगदान से उन्हें नयी जिंदगी मिलने की उम्मीद है।’’</p>
<p>इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के समन्वयक संदीपन आर्य ने बताया कि गोवा से नियमित उड़ान के जरिये इंदौर आए लिवर को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर महज 15 मिनट के भीतर हवाई अड्डे से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<p>‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने के दौरान पुलिस की मदद से सड़क पर यातायात को कुछ यूं व्यवस्थित किया जाता है कि अंगदान से मिला अंग कम से कम समय में जरूरतमंद मरीज तक पहुंच सके।</p>
<p>मध्य भारत में इंदौर, मरणोपरांत अंगदान और अंगों के प्रतिरोपण से जुड़ी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।</p>
<p>आर्य ने बताया कि वर्ष 2015 से लेकर अब तक इंदौर में मरणोपरांत अंगदान और जरूरतमंद मरीजों में इन अंगों के प्रतिरोपण के 62 मामले सामने आए हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया,‘‘ गुजरे एक दशक में चार बार अन्य शहरों से आए अंगों को इंदौर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों में प्रतिरोपित किया गया है, जबकि 58 बार स्थानीय स्तर पर मरणोपरांत अंगदान और अंग प्रतिरोपण किया गया है।’’</p>
<p>आर्य ने बताया कि इंदौर में हुए मरणोपरांत अंगदान के जरिये मिले कुछ अंग हवाई मार्ग से दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र भी भेजे गए हैं और इन सूबों के अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों को प्रतिरोपित किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 12:15:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद मेट्रो ने हृदय प्रतिरोपण के लिए ‘हरित गलियारा’ बनाया, 13 मिनट में 13 किलोमीटर की दूरी तय की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 18 जनवरी (भाषा) दानदाता के हृदय को जल्द से जल्द और बिना किसी व्यवधान के अस्पताल पहुंचाने के लिए हैदराबाद मेट्रो रेल ने ‘हरित गलियारा’ बनाया और 13 किलोमीटर की दूरी 13 मिनट में तय की गयी।</p>
<p>हैदराबाद मेट्रो की एक विज्ञप्ति में बताया गया कि 17 जनवरी को रात साढ़े नौ बजे एलबी नगर के कामिनेनी अस्पताल से लकडी-का-पुल इलाके में स्थिति ‘ग्लेनेगल्स ग्लोबल’ अस्पताल तक दानदाता के ह्दय को पहुंचाया गया। इसमें कहा गया कि हरित गलियारा बनाने से इस जीवन रक्षक मिशन को समय रहते अंजाम दिया जा सका।</p>
<p>इसमें कहा गया कि यह प्रयास हैदराबाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/122680/hyderabad-metro-creates--green-corridor--for-heart-transplant--covers-distance-of-13-kilometers-in-13-minutes"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/4356_heart.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 18 जनवरी (भाषा) दानदाता के हृदय को जल्द से जल्द और बिना किसी व्यवधान के अस्पताल पहुंचाने के लिए हैदराबाद मेट्रो रेल ने ‘हरित गलियारा’ बनाया और 13 किलोमीटर की दूरी 13 मिनट में तय की गयी।</p>
<p>हैदराबाद मेट्रो की एक विज्ञप्ति में बताया गया कि 17 जनवरी को रात साढ़े नौ बजे एलबी नगर के कामिनेनी अस्पताल से लकडी-का-पुल इलाके में स्थिति ‘ग्लेनेगल्स ग्लोबल’ अस्पताल तक दानदाता के ह्दय को पहुंचाया गया। इसमें कहा गया कि हरित गलियारा बनाने से इस जीवन रक्षक मिशन को समय रहते अंजाम दिया जा सका।</p>
<p>इसमें कहा गया कि यह प्रयास हैदराबाद मेट्रो रेल, चिकित्सा पेशेवरों और अस्पताल अधिकारियों के बीच सावधानीपूर्वक तैयार योजना और सहयोग के माध्यम से संभव हुआ। इस पूरी प्रक्रिया को चिकित्सकों की देखरेख में पूरा किया गया।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि एलएंडटी मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड (एलएंडटीएमआरएचएल) आपात सेवाओं का समर्थन करने और अपने विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से समाज के हित में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 10:57:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेहत : अगर चाहते हैं अपने दिल का ख्याल रखना तो इन आदतों को जरुर अपनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">धूम्रपान करना और शराब पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। ये दोनों शरीर को खतरनाक स्तर की क्षति पहुंचा सकते हैं। अगर समय पर इसे बंद नहीं किया गया तो यह घातक हो सकता है। दोनों ही दिल के लिए बेहद हानिकारक हैं। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन आदतों से बचना चाहिए।ऐसा न करने पर हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>धूम्रपान, शराब पीने और रक्तचाप के बीच संबंध</strong></p>
<p dir="ltr">हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिगरेट पीने से ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। इससे दिल पर भी बुरा असर पड़ता है। जबकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p dir="ltr">धूम्रपान करना और शराब पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। ये दोनों शरीर को खतरनाक स्तर की क्षति पहुंचा सकते हैं। अगर समय पर इसे बंद नहीं किया गया तो यह घातक हो सकता है। दोनों ही दिल के लिए बेहद हानिकारक हैं। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन आदतों से बचना चाहिए।ऐसा न करने पर हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।</p>
<p dir="ltr"><strong>धूम्रपान, शराब पीने और रक्तचाप के बीच संबंध</strong></p>
<p dir="ltr">हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिगरेट पीने से ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। इससे दिल पर भी बुरा असर पड़ता है। जबकि शराब ही इस समस्या को बढ़ाने का काम करती है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषक आपको कुछ सलाह देते हैं। आइये जानते हैं कैसे रख सकते हैं अपने दिल का ख्याल:</p>
<ul>
<li dir="ltr">कॉफी, तंबाकू और शराब जैसे खतरनाक पदार्थों से शरीर को दूर रखें। इसके इस्तेमाल से आपके शरीर को नुकसान होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सिगरेट पीने से ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है।</li>
<li dir="ltr">सिगरेट पीना दिल की सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।</li>
<li dir="ltr">शराब का सेवन जितना हो सके कम करना चाहिए क्योंकि अगर आप ज्यादा शराब पीते हैं तो यह आपको हाई बीपी का मरीज बना देता है।</li>
<li dir="ltr">हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जो लोग प्रेशर या स्ट्रेस में रहते हैं उन्हें हाई बीपी का खतरा ज्यादा होता है। तनाव से यह डर भी पैदा हो सकता है कि वे शराब की ओर रुख कर सकते हैं।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90924/if-you-want-to-take-care-of-your-heart-then</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Apr 2023 19:30:51 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल की बीमारी का पता लगाकर Apple वॉच ने बचाई ब्रिटेन के आदमी की जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ब्रिटेन के बेडफोर्डशायर में फ्लिटविक के एक व्यक्ति ने एक अज्ञात हृदय स्थिति का पता लगाकर अपनी जान बचाने के लिए अपनी Apple वॉच को श्रेय दिया है। एडम क्रॉफ्ट अपने ऐप्पल डिवाइस के एलर्ट पर जाग गये जो उन्हें दिल के एट्रियल फाइब्रिलेशन की स्थिति के बारे में सतर्क कर रहा था। उन्होंने शुरुआत में अलर्ट को खारिज कर दिया, लेकिन अगले दिन उन्हें चक्कर आने का अनुभव हुआ और लगभग बेहोश हो गए। उसने फिर अपनी घड़ी को फिर से चेक किया और महसूस किया कि उसे चिकित्सकीय ध्यान देने की आवश्यकता है।</p>
<p>क्रॉफ्ट ने यूके की मेडिकल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>ब्रिटेन के बेडफोर्डशायर में फ्लिटविक के एक व्यक्ति ने एक अज्ञात हृदय स्थिति का पता लगाकर अपनी जान बचाने के लिए अपनी Apple वॉच को श्रेय दिया है। एडम क्रॉफ्ट अपने ऐप्पल डिवाइस के एलर्ट पर जाग गये जो उन्हें दिल के एट्रियल फाइब्रिलेशन की स्थिति के बारे में सतर्क कर रहा था। उन्होंने शुरुआत में अलर्ट को खारिज कर दिया, लेकिन अगले दिन उन्हें चक्कर आने का अनुभव हुआ और लगभग बेहोश हो गए। उसने फिर अपनी घड़ी को फिर से चेक किया और महसूस किया कि उसे चिकित्सकीय ध्यान देने की आवश्यकता है।</p>
<p>क्रॉफ्ट ने यूके की मेडिकल हेल्पलाइन, 111 को फोन किया, जिसने उन्हें एक घंटे के भीतर अस्पताल जाने की सलाह दी। बेडफोर्ड अस्पताल में अतिरिक्त परीक्षण के बाद पता चला कि उन्हें एट्रियल फिब्रिलेशन है। डॉक्टरों ने उन्हें ब्लड थिनर पर रखा और सलाह दी कि नियमित हृदय ताल बहाल करने के लिए उन्हें कार्डियोवर्जन प्रक्रिया से गुजरना होगा।</p>
<p>क्रॉफ्ट ने दावा किया कि अगर उन्हें अपने ऐप्पल वॉच से अलर्ट नहीं मिला होता तो वह अस्पताल नहीं जाते। उन्होंने कहा कि घड़ी पहले दिल की "थोड़ी स्पंदन" को सेव कर चुकी थी, लेकिन उन्होंने महीनों में किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं किया था। घटना अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों के व्यक्तियों का पता लगाने और सतर्क करने के लिए ऐप्पल वॉच जैसी पहनने योग्य तकनीक की क्षमता पर प्रकाश डालती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90342/apple-watch-saves-uk-mans-life-by-detecting-heart-disease</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Mar 2023 14:20:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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