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                <title>Cancer - Loktej</title>
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                <description>Cancer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात मुख्यमंत्री राहत कोष से 2,000 से अधिक कैंसर रोगियों को मिला जीवनदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 14 दिसंबर (भाषा) गुजरात राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) ने 2021 और 2025 के बीच 2,106 कैंसर रोगियों की सहायता के लिए 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार हुआ है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, सीएमआरएफ संकट के समय, विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के दौरान, जो अकसर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को गंभीर वित्तीय तनाव में डाल देती हैं, एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली के रूप में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144598/more-than-2000-cancer-patients-got-life-support-from-gujarat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/gujarat-chief-minister-bhupendra-patel.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 14 दिसंबर (भाषा) गुजरात राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) ने 2021 और 2025 के बीच 2,106 कैंसर रोगियों की सहायता के लिए 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार हुआ है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, सीएमआरएफ संकट के समय, विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के दौरान, जो अकसर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को गंभीर वित्तीय तनाव में डाल देती हैं, एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली के रूप में उभरा है।</p>
<p>इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यह कोष कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे और यकृत की विफलता जैसी गंभीर बीमारियों के साथ-साथ अंग प्रतिरोपण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, इस कोष ने अस्थि मज्जा प्रतिरोपण सहित 450 रक्त कैंसर रोगियों और अन्य प्रकार के कैंसर से पीड़ित 1,656 रोगियों के लिए समय पर जीवनरक्षक उपचार संभव बनाया है।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (जीसीआरआई), राजकोट स्थित नथलाल पारेख कैंसर अनुसंधान संस्थान और बी.टी. सवानी अस्पताल, सूरत स्थित भारत कैंसर अस्पताल और किरण मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के साथ-साथ एएआईएचएमएस जैसे प्रमुख संस्थानों में इलाज करा रहे मरीजों को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।</p>
<p>इस पहल के प्रभाव को रेखांकित करते हुए, जीसीआरआई के निदेशक शशांक पंड्या ने कहा, ‘‘जैसा कि हम जानते हैं, कैंसर का इलाज बहुत महंगा होता है और इसी कारण कई मरीज अपना इलाज पूरा नहीं करा पाते हैं। ऐसे मरीज सीएमआर कोष के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता मिलती है। यह सहायता मरीज की जीवन अवधि बढ़ाने में मदद करती है और मरीज तथा उनके पूरे परिवार को राहत प्रदान करती है।’’</p>
<p>पंड्या ने बताया कि सीएमआर कोष के तहत कम से कम 450 रक्त कैंसर के मरीजों और अन्य प्रकार के कैंसर से पीड़ित 1,656 मरीजों को पहले ही धनराशि मिल चुकी है।</p>
<p>सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, चार लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6 लाख रुपये) सहायता के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 21:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं के लिए कैंसर का टीका पांच से छह महीने में होगा उपलब्ध: केंद्रीय मंत्री जाधव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्रपति संभाजीनगर, 18 फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं को होने वाले कैंसर के इलाज के लिए पांच से छह महीने में टीका उपलब्ध हो जाएगा और नौ से 16 वर्ष की लड़कियां इसके लिए पात्र होंगी।</p>
<p>केंद्रीय आयुष मंत्री ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि टीके पर शोध का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और परीक्षण जारी हैं।</p>
<p>जाधव ने कहा, “देश में कैंसर के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है और केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाए हैं। 30</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/134789/cancer-vaccine-for-women-will-be-available-in-five-to-six-months--union-minister-jadhav"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/7448_breast-cancer.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्रपति संभाजीनगर, 18 फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं को होने वाले कैंसर के इलाज के लिए पांच से छह महीने में टीका उपलब्ध हो जाएगा और नौ से 16 वर्ष की लड़कियां इसके लिए पात्र होंगी।</p>
<p>केंद्रीय आयुष मंत्री ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि टीके पर शोध का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और परीक्षण जारी हैं।</p>
<p>जाधव ने कहा, “देश में कैंसर के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है और केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाए हैं। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की अस्पतालों में जांच की जाएगी और बीमारी का जल्द पता लगाने के लिए ‘डेकेयर कैंसर सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर सीमा शुल्क भी हटा दिया है।</p>
<p>मंत्री ने कहा, “महिलाओं को प्रभावित करने वाले कैंसर के लिए टीके पर शोध का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और परीक्षण जारी हैं। यह पांच से छह महीने में उपलब्ध हो जाएगा और नौ से 16 वर्ष की आयु की लड़कियां टीकाकरण के लिए पात्र होंगी।”</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि यह टीका किन कैंसरों से निपटेगा, जाधव ने बताया कि इससे स्तन, मुख और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से निपटने में मदद मिलेगी।</p>
<p>जाधव ने मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष केंद्रों में बदलने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अस्पतालों में आयुष विभाग हैं और लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश में ऐसे 12,500 स्वास्थ्य केंद्र हैं और सरकार इन्हें बढ़ा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 18:50:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत ने कैंसर से ठीक होने संबंधी सिद्धू के दावे के विरूद्ध याचिका पर विचार करने से इनकार किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के इस दावे के खिलाफ याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि कुछ उपचारों से उनकी पत्नी को चौथे चरण के कैंसर से लड़ने में मदद मिली। न्यायालय ने कहा कि देश में अब भी अभिव्यक्ति की आजादी है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर ने बस अपना विचार व्यक्त किया था और याचिकाकर्ता भी अपना प्रतिदावा करने के लिए स्वतंत्र है।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘वह बस अपना विचार रख रहे हैं। पत्रकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के इस दावे के खिलाफ याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि कुछ उपचारों से उनकी पत्नी को चौथे चरण के कैंसर से लड़ने में मदद मिली। न्यायालय ने कहा कि देश में अब भी अभिव्यक्ति की आजादी है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर ने बस अपना विचार व्यक्त किया था और याचिकाकर्ता भी अपना प्रतिदावा करने के लिए स्वतंत्र है।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘वह बस अपना विचार रख रहे हैं। पत्रकार वार्ता करके उनके दावे पर जवाब दीजिए। अभिव्यक्ति की आज़ादी का जवाब अभिव्यक्ति की आजादी से दीजिए, न कि कानूनी कार्रवाई या अवमानना ​​के डर से उनकी बोलने की आजादी पर अंकुश लगाकर। इस देश में अब भी बोलने की आजादी है।’’</p>
<p>पीठ ने यह भी कहा, ‘‘आप यह नहीं कह सकते कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया जाए। आप उनके दावे का जवाब दीजिए। यह हमारा क्षेत्राधिकार नहीं है। यदि आप इस सज्जन के विचारों से सहमत नहीं हैं, तो उनकी बात न सुनें। ऐसी बहुत सी पुस्तकें हैं जो आपको खराब लग सकती हैं, उन्हें न पढ़ें। आपको उन्हें पढ़ने के लिए कौन कह रहा है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अदालत में लाकर और अवमानना ​​के डर से रोक दिया जाए।’’</p>
<p>जब उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि रिट याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता है, तब याचिकाकर्ता ने उसे वापस लेने की अनुमति मांगी।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘ हम इस पर रिट याचिका पर गौर नहीं कर सकते। हजारों लोग दावा करते हैं कि वे किसी चीज से ठीक हो गये लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं है कि आप उनके विरूद्ध कार्रवाई की मांग करेंगे।’’</p>
<p>सिद्धू ने 21 नवंबर को अमृतसर में पत्रकार वार्ता में कहा था कि उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को कैंसर मुक्त घोषित कर दिया गया है और उनके ठीक होने में आहार एवं जीवनशैली में बदलाव की भूमिका है।</p>
<p>उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी के आहार में नींबू पानी, कच्ची हल्दी, सेब साइडर सिरका, नीम के पत्ते, तुलसी, कद्दू, अनार, आंवला, चुकंदर और अखरोट जैसी चीजें शामिल थीं, जिससे वह स्वस्थ हुईं।</p>
<p>जब कैंसर चिकित्सकों ने उनके इस दावे पर सवाल उठाया कि सख्त आहार ने उनकी पत्नी को चौथे चरण के कैंसर को हराने में मदद की, तो सिद्धू ने 25 नवंबर को स्पष्ट किया कि आहार योजना डॉक्टरों के परामर्श से लागू की गई थी और इसे ‘‘उपचार में सहयोगपरक’’ माना जाना चाहिए।</p>
<p>सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि वह कैंसर के शत प्रतिशत इलाज संबंधी सिद्धू के दावे के खिलाफ हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या तुलसी और अश्वगंधा चौथे चरण के कैंसर को पूरी तरह से हरा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/106291/court-refuses-to-consider-petition-against-sidhu-s-claim-of-recovery-from-cancer</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/106291/court-refuses-to-consider-petition-against-sidhu-s-claim-of-recovery-from-cancer</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:49:32 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व : कैंसर के इस नए टीके से बचा सकती हैं लाखों लोगों की जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">दुनिया भर के वैज्ञानिक और चिकित्सक लगातार दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कार्यरत रहते हैं. अब एक फार्मास्युटिकल फर्म मॉडर्न ने कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारियों, हृदय रोगों और अन्य स्थितियों के लिए टीके पर काम कर रही है। विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि नए टीकों के निर्माण से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।</p>
<p dir="ltr"><strong>कब तक हो जाएगी ये दवा उपलब्ध</strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि विशेषज्ञों को भरोसा है कि ये टीके 2030 तक उपलब्ध हो जाएंगे। अनुसंधान से पता चलता है कि ये इसके परिणाम बहुत अशस्पद हैं और कोविड टीकों की सफलता के कारण 12</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p dir="ltr">दुनिया भर के वैज्ञानिक और चिकित्सक लगातार दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कार्यरत रहते हैं. अब एक फार्मास्युटिकल फर्म मॉडर्न ने कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारियों, हृदय रोगों और अन्य स्थितियों के लिए टीके पर काम कर रही है। विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि नए टीकों के निर्माण से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।</p>
<p dir="ltr"><strong>कब तक हो जाएगी ये दवा उपलब्ध</strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि विशेषज्ञों को भरोसा है कि ये टीके 2030 तक उपलब्ध हो जाएंगे। अनुसंधान से पता चलता है कि ये इसके परिणाम बहुत अशस्पद हैं और कोविड टीकों की सफलता के कारण 12 से 18 महीनों में प्रगति की है। मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पॉल बर्टन आशावादी हैं कि उनकी फर्म पांच वर्षों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार में मदद करेगी। मॉडर्न कैंसर के टीके विकसित कर रहा है जो विभिन्न प्रकार के ट्यूमर को भी लाभ पहुंचा सकता है। बर्टन का कहना है कि जल्द ही एक ऐसा टीका उपलब्ध होगा जो अत्यधिक प्रभावी है और लाखों लोगों की जान बचा सकता है।</p>
<p dir="ltr"><strong>कोविड, फ्लू और आरएसवी जैसे कई श्वसन संक्रमणों से होगा बचाव</strong></p>
<p dir="ltr">उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक इंजेक्शन लोगों को कोविड, फ्लू और आरएसवी जैसे कई श्वसन संक्रमणों से बचा सकता है। एमआरएनए थेरेपी उन दुर्लभ बीमारियों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है जिनके पास वर्तमान में कोई दवा नहीं है। एमआरएनए थेरेपी कोशिकाओं को सिखाकर काम करती है कि प्रोटीन कैसे बनाया जाए जो बीमारी के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91090/this-new-vaccine-for-world-cancer-can-save-millions-of</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Apr 2023 21:05:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन के शोधकर्ताओं को मिली बड़ी सफलता, घातक हड्डी के कैंसर पर अधिक असरकारक दवा पर चल रहे शोध का सकारात्मक परिणाम </title>
                                    <description><![CDATA[सर्जरी या कीमोथेरेपी की आवश्यकता के बिना जीवित रहने की दर को 50 प्रतिशत तक बढ़ा देगी ये दवा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>तकनीक के बढ़ते प्रयास के साथ दिन बा दिन हर क्षेत्र में तरक्की हो रही है। मेडिकल के क्षेत्र में भी ऐसा ही हो रहा है। अब ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने एक नई दवा विकसित की है जो सभी मुख्य प्रकार के प्राथमिक हड्डी के कैंसर के खिलाफ काम करती है और सर्जरी या कीमोथेरेपी की आवश्यकता के बिना जीवित रहने की दर को 50 प्रतिशत तक बढ़ा देती है।</p>
<p><strong>क्या है ये बीमारी और कैसे होता है इसका उपचार</strong></p>
<p>आपको बता दें कि जब कैंसर की कोशिकाएं हड्डियों के अंदर फैल जाती हैं, तो उसे हड्डियों (बोन्स) का कैंसर कहते है। बोन कैंसर किसी भी हड्डी के अंदर हो सकता है, लेकिन खासकर बोन कैंसर हाथों और पैरों की हड्डियों में ज्यादा होता है। हड्डियों में शुरू होकर हड्डियों में फैलने वाला ये कैंसर मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। वर्तमान में इसके लिए कीमोथेरेपी कॉकटेल और अंग विच्छेदन ही उपचार है। इस सब के बावजूद, पांच साल की जीवित रहने की दर केवल 42 प्रतिशत कम है।  लेकिन जर्नल ऑफ बोन ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि सीएडीडी 522 नामक एक नई दवा मानव हड्डी के कैंसर से प्रत्यारोपित चूहों में कैंसर के फैलाव को चलाने वाले जीन को कैसे अवरुद्ध करती है। कीमोथेरेपी के विपरीत, यह बालों के झड़ने, थकान और बीमारी जैसे जहरीले दुष्प्रभाव भी पैदा नहीं करता है।</p>
<p><strong>हर साल आते है इतने मामले सामने, क्या है नए शोध के अपेक्षित परिणाम</strong></p>
<p>इस बीमारी की गंभीरता के बारे में बात करें तो दुनिया भर में हर साल इसके लगभग 52,000 नए मामले सामने आते हैं। ऐसे में नई दवा CADD522-RUNX2 प्रोटीन को प्रभावी होने से रोकने के लिए असरकारक पाया गया। वहीं चूहों पर प्रीक्लिनिकल परीक्षणों से पता चला है कि "कैमोथेरेपी या सर्जरी के बिना, नई CADD522 दवा का उपयोग करके मेटास्टेसिस-मुक्त उत्तरजीविता में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस शोध से जुड़े डॉक्टर ग्रीन ने कहा ‘मैं आशावादी हूं कि सर्जरी जैसे अन्य उपचारों के साथ मिलकर, यह इस बीमारी के लिए अधिक प्रभावशाली साबित होगा।" उन्होंने आगे कहा "महत्वपूर्ण रूप से, क्योंकि RUNX2 जीन की आमतौर पर सामान्य कोशिकाओं द्वारा आवश्यकता नहीं होती है, दवा कीमोथेरेपी जैसे दुष्प्रभावों का कारण नहीं बनती है। यह सफलता वास्तव में महत्वपूर्ण है क्योंकि हड्डी के कैंसर का इलाज 45 से अधिक वर्षों से नहीं बदला है।," </p>
<p><strong>अंतिम स्टेज पर है शोध</strong></p>
<p>गौरतलब है कि इस पर टीम के सभी डेटा को इकट्ठा करने और मानव नैदानिक ​​परीक्षण शुरू करने के अनुमोदन के लिए एमएचआरए से संपर्क करने से पहले दवा अब औपचारिक विज्ञान मूल्यांकन से गुजर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90291/uk-researchers-get-major-breakthrough-positive-results-of-ongoing-research</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Mar 2023 06:59:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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