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                <title>Raipur - Loktej</title>
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                <description>Raipur RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मारक्रम का शतक, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को चार विकेट से हराकर श्रृंखला 1-1 से बराबर की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर, तीन दिसंबर (भाषा) सलामी बल्लेबाज एडेन मारक्रम के शतक के बाद मैथ्यू ब्रीट्जके और डेवाल्ड ब्रेविस के अर्धशतक से दक्षिण अफ्रीका ने विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ शतकों पर पानी फेरते हुए भारत को यहां दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में चार विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर की।</p>
<p>भारत के 259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने मारक्रम की 98 गेंद में 10 चौकों और चार छक्कों से 110 रन की पारी और ब्रीट्जके (68 रन, 64 गेंद, पांच चौके ) तथा ब्रेविस (54 रन, 34 गेंद, पांच छक्के, एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144395/markrams-century-helps-south-africa-beat-india-by-four-wickets"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/cricket.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर, तीन दिसंबर (भाषा) सलामी बल्लेबाज एडेन मारक्रम के शतक के बाद मैथ्यू ब्रीट्जके और डेवाल्ड ब्रेविस के अर्धशतक से दक्षिण अफ्रीका ने विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ शतकों पर पानी फेरते हुए भारत को यहां दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में चार विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर की।</p>
<p>भारत के 259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने मारक्रम की 98 गेंद में 10 चौकों और चार छक्कों से 110 रन की पारी और ब्रीट्जके (68 रन, 64 गेंद, पांच चौके ) तथा ब्रेविस (54 रन, 34 गेंद, पांच छक्के, एक चौका) के अर्धशतक से 49.2 ओवर में छह विकेट पर 262 रन बनाकर जीत दर्ज की।</p>
<p>यह विदेशी सरजमीं पर लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी जीत है जबकि भारत के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी भी टीम की संयुक्त रूप से सबसे बड़ी जीत है। ऑस्ट्रेलिया ने भी इससे पहले भारत के खिलाफ 359 रन के लक्ष्य को हासिल किया था।</p>
<p>ब्रीट्जके और ब्रेविस ने चौथे विकेट के लिए 64 गेंद में 92 रन की आक्रामक साझेदारी भी की जबकि मारक्रम ने कप्तान तेम्बा बावुमा (46) के साथ दूसरे विकेट के लिए 101 और ब्रीट्जके के साथ तीसरे विकेट के लिए 70 रन जोड़े।</p>
<p>कोहली (102 रन, 93 गेंद, सात चौके, दो छक्के) ने इससे पहले रिकॉर्ड में सुधार करने वाला 53वां और लगातार दूसरा शतक जड़ने के अलावा गायकवाड़ (105 रन, 83 गेंद, 12 चौके, दो छक्के) के साथ तीसरे विकेट के लिए 195 रन की सझेदारी भी की जिससे भारत ने पांच विकेट पर 358 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान लोकेश राहुल ने भी नाबाद 66 रन बनाए।</p>
<p>कोहली और गायकवाड़ की यह साझेदारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस विकेट की भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।</p>
<p>लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने पांचवें ओवर में ही क्विंटन डिकॉक (08) का विकेट गंवा दिया जो अर्शदीप सिंह (54 रन पर दो विकेट) की गेंद को हवा में लहराकर मिड ऑन पर वाशिंगटन सुंदर को कैच दे बैठे।</p>
<p>मारक्रम और बावुमा ने इसके बाद पारी को संभाला। मारक्रम ने हर्षित राणा (70 रन पर एक विकेट) पर चार चौके मारने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा (85 रन पर दो विकेट) पर पारी का पहला छक्का जड़ा।</p>
<p>बावुमा ने भी रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन पर चौके मारे।</p>
<p>मारक्रम ने कुलदीप यादव पर एक रन के साथ अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि 53 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब कुलदीप की गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर यशस्वी जायसवाल ने कैच टपका दिया और गेंद छह रन के लिए चली गई।</p>
<p>बावुमा ने प्रसिद्ध पर छक्का जड़ा लेकिन अगली गेंद को पुल करने की कोशिश में बाउंड्री पर हर्षित को कैच दे बैठे।</p>
<p>मारक्रम ने कई आक्रामक शॉट खेले। उन्होंने जडेजा की लगातार गेंदों पर छक्के और चौके के बाद एक रन के साथ 88 गेंद में शतक पूरा किया।</p>
<p>मारक्रम हालांकि धीमी शॉर्ट गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर गायकवाड़ के हाथों लपके गए।</p>
<p>ब्रीट्जके और ब्रेविस ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी किया। ब्रेविस ने कुलदीप और प्रसिद्ध पर छक्के के साथ तेवर दिखाए।</p>
<p>ब्रेविस ने हर्षित पर लगातार दो छक्कों के बाद कुलदीप पर छक्के के साथ अर्धशतक पूरा किया लेकिन अगली गेंद पर फिर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर जायसवाल के हाथों लपके गए।</p>
<p>प्रसिद्ध ने इसके बाद ब्रीट्जके को पगबाधा किया जबकि अर्शदीप ने मार्को यानसेन (02) को पवेलियन भेजा।</p>
<p>दक्षिण अफ्रीका को अंतिम पांच ओवर में 27 रन की जरूरत थी लेकिन टॉनी डिजॉर्जी 17 रन बनाने के बाद पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए लेकिन कोर्बिन बॉश (नाबाद 29) ने टीम को जीत दिला दी।</p>
<p>इससे पहले भारत को एक बार फिर टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। टीम की शुरुआत खराब रही। रोहित शर्मा (14) ने नांद्रे बर्गर के पांचवें ओवर में लगातार तीन चौके मारे लेकिन इसी ओवर में विकेटकीपर डिकॉक को कैच दे बैठे।</p>
<p>जायसवाल (22) ने अच्छी शुरुआत की लेकिन मार्को यानसेन (63 रन पर दो विकेट) की उछाल लेती गेंद पर स्क्वायर लेग पर कोर्बिन बॉश के हाथों लपके गए।</p>
<p>पावर प्ले के भीतर भारत का स्कोर दो विकेट पर 62 रन हो गया। फॉर्म में चल रहे कोहली और गायकवाड़ ने इसके बाद मोर्चा संभाला।</p>
<p>रांची में असहज नजर आने वाले गायकवाड़ ने यहां कोहली के साथ शानदार साझेदारी की और दोनों ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले।</p>
<p>कोहली ने फरवरी 2018 में डरबन में अजिंक्य रहाणे के साथ 189 रन की साझेदरी की थी लेकिन कुछ मायनों में गायकवाड़ के साथ इस साझेदारी का उन्होंने अधिक लुत्फ उठाया होगा क्योंकि महाराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने उनकी ही शैली में बल्लेबाजी की।</p>
<p>दोनों बल्लेबाजों ने स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी और कुछ मौकों पर आसानी से एक रन को दो रन में बदला।</p>
<p>गायकवाड़ ने आत्मविश्वास हासिल करने के बाद कई आकर्षक शॉट खेले। उन्होंने मारक्रम की गेंद पर एक रन के साथ अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया।</p>
<p>कोहली ने भी लुंगी एनगिडी की गेंद पर एक रन के साथ 47 गेंद में अर्धशतक जड़ा।</p>
<p>अर्धशतक पूरा करने के बाद गायकवाड़ ने केशव महाराज पर दो चौके जड़े और फिर 28वें ओवर में भी इस स्पिनर पर दो चौके और एक छक्का मारा। उन्होंने 34वें ओवर में कोर्बिन बॉश पर लगातार दो चौकों के साथ 77 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया।</p>
<p>शतक पूरा करने के तुरंद बाद गायकवाड़ ने यानसेन की गेंद पर टॉनी डिजॉर्जी को कैच थमाया।</p>
<p>कोहली ने भी यानसेन की गेंद पर एक रन के साथ 53वां शतक पूरा किया लेकिन फिर एनगिडी की गेंद पर मारक्रम को कैच दे बैठे।</p>
<p>अंतिम ओवरों में भारत ने धीमी बल्लेबाजी की लेकिन राहुल ने 43 गेंद में छह चौकों और दो छक्कों से नाबाद 66 रन की पारी खेलकर टीम का स्कोर 350 रन के पार पहुंचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144395/markrams-century-helps-south-africa-beat-india-by-four-wickets</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 14:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोहली, गायकवाड़ के शतक से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 359 रन का लक्ष्य दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर, तीन दिसंबर (भाषा) विराट कोहली के लगातार दूसरे शतक और रुतुराज गायकवाड़ के करियर के पहले शतक से भारत ने बुधवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पांच विकेट पर 358 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।</p>
<p>कोहली (102 रन, 93 गेंद, सात चौके, दो छक्के) और गायकवाड़ (105 रन, 83 गेंद, 12 चौके, दो छक्के) ने शतक जड़ने के अलावा तीसरे विकेट के लिए 195 रन की सझेदारी भी की जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में इस विकेट की भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।</p>
<p>कप्तान लोकेश राहुल ने भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144387/kohli-gaikwads-century-gave-india-a-target-of-359-runs"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/cricket-01.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर, तीन दिसंबर (भाषा) विराट कोहली के लगातार दूसरे शतक और रुतुराज गायकवाड़ के करियर के पहले शतक से भारत ने बुधवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पांच विकेट पर 358 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।</p>
<p>कोहली (102 रन, 93 गेंद, सात चौके, दो छक्के) और गायकवाड़ (105 रन, 83 गेंद, 12 चौके, दो छक्के) ने शतक जड़ने के अलावा तीसरे विकेट के लिए 195 रन की सझेदारी भी की जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में इस विकेट की भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।</p>
<p>कप्तान लोकेश राहुल ने भी अंतिम ओवरों में 43 गेंद में छह चौकों और दो छक्कों से नाबाद 66 रन की उम्दा पारी खेली।</p>
<p>भारत को एक बार फिर टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का मौका मिला। टीम की शुरुआत खराब रही। रोहित शर्मा (14) ने नांद्रे बर्गर के पांचवें ओवर में लगातार तीन चौके मारे लेकिन इसी ओवर में विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक को कैच दे बैठे।</p>
<p>यशस्वी जायसवाल (22) ने अच्छी शुरुआत की लेकिन मार्को यानसेन (63 रन पर दो विकेट) की उछाल लेती गेंद को हवा में लहराकर स्क्वायर लेग पर कोर्बिन बॉश के हाथों लपके गए।</p>
<p>पावर प्ले के भीतर भारत का स्कोर दो विकेट पर 62 रन हो गया लेकिन फॉर्म में चल रहे कोहली और गायकवाड़ ने इसके बाद मोर्चा संभाला।</p>
<p>रांची में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए असहज नजर आने वाले गायकवाड़ ने यहां कोहली के साथ शानदार साझेदारी की और दोनों ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले।</p>
<p>कोहली ने फरवरी 2018 में डरबन में अजिंक्य रहाणे के साथ 189 रन की साझेदरी की थी लेकिन कुछ मायनों में गायकवाड़ के साथ इस साझेदारी का उन्होंने अधिक लुत्फ उठाया होगा क्योंकि महाराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने उनकी ही शैली में बल्लेबाजी की।</p>
<p>दोनों बल्लेबाजों ने स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी और कुछ मौकों पर आसानी से एक रन को दो रन में बदला।</p>
<p>गायकवाड़ शुरुआत में थोड़े असहज नजर आए लेकिन एक बार आत्मविश्वास हासिल करने के बाद उन्होंने कई आकर्षक शॉट खेले।</p>
<p>गायकवाड़ ने मारक्रम की गेंद पर एक रन के साथ अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया।</p>
<p>कोहली ने भी लुंगी एनगिडी की गेंद पर एक रन के साथ 47 गेंद में अर्धशतक जड़ा।</p>
<p>अर्धशतक पूरा करने के बाद गायकवाड़ ने केशव महाराज पर दो चौके जड़े और फिर इस स्पिनर के 28वें ओवर में भी दो चौके और एक छक्का मारा। उन्होंने 34वें ओवर में कोर्बिन बॉश पर लगातार दो चौकों के साथ 77 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया।</p>
<p>शतक पूरा करने के तुरंद बाद गायकवाड़ ने यानसेन की गेंद पर टॉनी डिजॉर्जी को कैच थमाया।</p>
<p>कोहली ने भी यानसेन की गेंद पर एक रन के साथ रिकॉर्ड में सुधार करते हुए 53वां शतक पूरा किया लेकिन फिर एनगिडी की गेंद पर एडेन मारक्रम को कैच दे बैठे।</p>
<p>अंतिम ओवरों में भारत ने धीमी बल्लेबाजी की लेकिन कप्तान राहुल ने अर्धशतक जड़कर टीम का स्कोर 350 रन के पार पहुंचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144387/kohli-gaikwads-century-gave-india-a-target-of-359-runs</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 18:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित भारत के पहले डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर, एक नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित भारत के पहले डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन किया।</p>
<p>अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द स्वतंतत्रा सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह और आदिवासी नायकों की स्मृतियों को संजोने तथा भावी पीढ़ी तक उनके प्रेरणास्पद कार्यों को पहुंचाने के लिए नवा रायपुर में भारत का पहला डिजिटल संग्रहालय बनाया गया है।</p>
<p>'शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय' नामक इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के अपने एक दिन के दौरे के दौरान किया।</p>
<p>अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143819/modi-inaugurates-indias-first-digital-museum-dedicated-to-tribal-freedom"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/pm-narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर, एक नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित भारत के पहले डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन किया।</p>
<p>अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द स्वतंतत्रा सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह और आदिवासी नायकों की स्मृतियों को संजोने तथा भावी पीढ़ी तक उनके प्रेरणास्पद कार्यों को पहुंचाने के लिए नवा रायपुर में भारत का पहला डिजिटल संग्रहालय बनाया गया है।</p>
<p>'शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय' नामक इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के अपने एक दिन के दौरे के दौरान किया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि लगभग 10 एकड़ ज़मीन पर 50 करोड़ रुपये की लागत से बना यह म्यूज़ियम सोनाखान के ज़मींदार और छत्तीसगढ़ के पहले शहीद स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने ब्रिटिश अत्याचार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे - हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह तथा जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 वीथिकाओं में किया गया है। जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक वीथिका का भी निर्माण किया गया है।</p>
<p>राज्य के आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि यह स्मारक सह- संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन एवं शोध के बाद ‘वीएफएक्स टेक्नोलॉजी’ और ‘प्रोजेक्शन वर्क’ के साथ तैयार किया गया है।</p>
<p>बोरा के मुताबिक संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन ‘स्टैच्यू’ के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत प्रस्तुति के सामने स्कैनर से मोबाइल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<p>बोरा ने बताया कि इस संग्रहालय में ‘सेल्फी पॉइंट’, दिव्यांग सुविधाएं, बुजुर्गों के लिए विशेष इंतजाम, आदिवासी कलाकृतियों से सजा फर्श, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह और अन्य की मूर्तियां भी लगाई गई है, जो लोगों के लिए प्रेरणाप्रद होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143819/modi-inaugurates-indias-first-digital-museum-dedicated-to-tribal-freedom</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:28:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर : ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेंगे तीन करोड़ : मुख्यमंत्री साय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर 17 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को तीन करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को दाे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105443/chhattisgarh-players-who-won-gold-medal-in-olympics-will-get"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-11/b17112024-10.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर 17 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को तीन करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को दाे करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।<br /><br />मुख्यमंत्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे।<br /><br />मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता हरिहरन व रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया।<br /><br />इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, महासचिव संजय मिश्रा, राकेश शेखर, गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 21:13:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर : पहाड़ी कोरवा छतकुंवर अब बन गई शिक्षिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर / कोरबा 22 अगस्त (हि.स.)। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से ताल्लुक रखने वाली छतकुंवर की पहचान अब शिक्षिका के रूप में होगी। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा छतकुंवर को सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी दे दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजाति की होने के बावजूद छतकुंवर ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल करने के साथ कम्प्यूटर में डिप्लोमा भी की है। छतकुंवर के उच्च शिक्षा हासिल करने के पीछे तत्कालीन कलेक्टर पी. दयानंद की विशेष प्रेरणा रही है।<br /><br />कोरबा में कलेक्टर रहने के दौरान पी. दयानंद एक बार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103935/raipur-pahadi-korwa-chhatkunwar-has-now-become-a-teacher"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-08/b22082024-11.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर / कोरबा 22 अगस्त (हि.स.)। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से ताल्लुक रखने वाली छतकुंवर की पहचान अब शिक्षिका के रूप में होगी। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा छतकुंवर को सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी दे दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजाति की होने के बावजूद छतकुंवर ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल करने के साथ कम्प्यूटर में डिप्लोमा भी की है। छतकुंवर के उच्च शिक्षा हासिल करने के पीछे तत्कालीन कलेक्टर पी. दयानंद की विशेष प्रेरणा रही है।<br /><br />कोरबा में कलेक्टर रहने के दौरान पी. दयानंद एक बार दौरे में कोरबा ब्लॉक के आंछीमार गांव पहुंचे थे। इस दौरान गांव में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी पहाड़ी कोरवा जनजाति की छात्रा छतकुंवर से मुलाकात हुई थी। कलेक्टर ने छतकुंवर को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा था कि उसे नौकरी हासिल करने के लिए आगे की पढ़ाई पूरी करनी होगी। पोस्ट ग्रेजुएट छतकुंवर आज सहायक शिक्षिका के रूप में करतला ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक शाला नोनबिर्रा में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। विषम परिस्थिति में एक गरीब परिवार में पली-बढ़ी वह कहती है कि उन्हें खुशी है कि तत्कालीन कलेक्टर पी. दयानंद ने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था। उनकी प्रेरणा का ही परिणाम है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा हासिल कर शिक्षक बन गई हैं।<br /><br />छतकुवंर का कहना है कि पहाड़ी कोरवा समाज अभी भी बहुत पिछड़ा हुआ है। समाज के कुछ लोग ही शिक्षा हासिल कर पाये हैं। उन्हें नौकरी दिए जाने से जो पिछड़े हुए हैं उन्हें भी प्रेरणा मिल रही है। वे लोग भी पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं। छतकुंवर चाहती है कि अन्य समाज की तरह उनके समाज के सभी लोग शिक्षा से जुड़ पाएं और एक सामान्य जीवनयापन कर सकें। छतकुंवर ने उन्हें और उनके समाज के बेरोजगारों को नौकरी से जोड़ने आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर विकास से जोड़ने के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया और बताया कि नौकरी मिलने के बाद घर की आर्थिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समाज के अनेक घरों में आज भी जीवनयापन सामान्य नहीं है। गरीबी की वजह से ही वे पीछे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षा से नाता जोड़ लिया, आज इसी का परिणाम है कि जिला प्रशासन ने उन्हें नौकरी देकर बहुत पिछड़े हुए समाज को अन्य समाज के साथ मुख्यधारा में लाने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में कदम उठाया है।<br /><br />छतकुंवर बताती है कि उनके समाज में युवा ज्यादा पढ़ाई नहीं किये थे, इसलिए आठवीं पास सजातीय युवक से विवाह हो गया। इस बीच उन्हें 12वीं तक पढ़ाने में मदद की। अभी उनके पति की नौकरी भी भृत्य के पद पर लग गई है और परिवार खुश है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 15:54:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुकमा में 4 हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुकमा/रायपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बीस लाख के चार हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने जिला पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सामने मंगलवार को समर्पण किया है। इन नक्सलियों में 2 महिलाएं और 2 पुरुष हैं।<br /><br />पुलिस अधीक्षक ने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक कंपनी नंबर 10 में डिप्टी कमांडर कैलाश उर्फ कवासी देवा पर 8 लाख का इनाम घोषित है। इनके साथ ही 5-5 लाख के दो नक्सली व एक दो लाख के इनामी नक्सलियों ने समर्पण किया है। उन्होंने बताया कि यह नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103166/raipur-4-hardcore-rewarded-naxalites-surrender-in-sukma-chhattisgarh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/b16072024-09.jpg" alt=""></a><br /><p>सुकमा/रायपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बीस लाख के चार हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने जिला पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सामने मंगलवार को समर्पण किया है। इन नक्सलियों में 2 महिलाएं और 2 पुरुष हैं।<br /><br />पुलिस अधीक्षक ने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक कंपनी नंबर 10 में डिप्टी कमांडर कैलाश उर्फ कवासी देवा पर 8 लाख का इनाम घोषित है। इनके साथ ही 5-5 लाख के दो नक्सली व एक दो लाख के इनामी नक्सलियों ने समर्पण किया है। उन्होंने बताया कि यह नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103166/raipur-4-hardcore-rewarded-naxalites-surrender-in-sukma-chhattisgarh</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 15:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ः नारायणपुर मुठभेड़ में 6 नक्सली ढेर, हथियार बरामद, 3 जवान घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नारायणपुर, 8 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बस्तर जिले की सीमा में शुक्रवार दोपहर गोबेल के जंगल में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में जवानों ने 6 नक्सलियों को मार गिराया। घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान अब तक 03 महिला एवं 03 पुरुष नक्सलियों के शव एवं हथियार बरामद किए गए हैं। हथियारों में 3 राइफल व बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 6 हथियार और नक्सल सामग्री बरामद की गई है। नक्सलियों के शवों की शिनाख्त की जा रही है। मुठभेड़ में शामिल जवानों का दावा है कि मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सली घायल हुए हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/102292/chhattisgarh-6-naxalites-killed-weapons-recovered-in-narayanpur-encounter-3"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d08062024-03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नारायणपुर, 8 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बस्तर जिले की सीमा में शुक्रवार दोपहर गोबेल के जंगल में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में जवानों ने 6 नक्सलियों को मार गिराया। घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान अब तक 03 महिला एवं 03 पुरुष नक्सलियों के शव एवं हथियार बरामद किए गए हैं। हथियारों में 3 राइफल व बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 6 हथियार और नक्सल सामग्री बरामद की गई है। नक्सलियों के शवों की शिनाख्त की जा रही है। मुठभेड़ में शामिल जवानों का दावा है कि मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सली घायल हुए हैं।<br /><br />पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली कि पूर्व बस्तर डिवीजन इलाके में मुंगेड़ी, गोबेल गांव के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद 6 जून की रात को दंतेवाड़ा, नारायणपुर, जगदलपुर और कोंडागांव जिले की डीआरजी, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, एवं सीआरपीएफ की टीम मौके के लिए रवाना हुई थी। 7 जून को नक्सलियों के बीच दिनभर चली मुठभेड़ के बाद शुक्रवार रात पुलिस की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक 5 नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए जाने के साथ 3 जवानों के घायल हो गए। शनिवार दोपहर 12 बजे जारी की गई जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में 6 नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए जाने के साथ मुठभेड़ में 3 जवान घायल हो गए। घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया है और इन जवानों की स्थिति सामान्य व खतरे से बाहर होने का दावा किया गया है। आज शाम 04 बजे जगदलपुर के त्रिवेणी परिसर में बस्तर आईजी संबंधित डीआईजी, एसपी एवं सीआरपीएफ के अधिकारी मुठभेड़ से संबंधित जानकारी विस्तार से देंगे।<br /><br />बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें नारायणपुर डीआरजी के तीन जवान भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ समाप्त हो गई है, जवान वापस लौट रहे हैं, वापसी के बाद आज शाम 04 बजे जगदलपुर के त्रिवेणी परिसर में विस्तृत जानकारी विस्तार से दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/102292/chhattisgarh-6-naxalites-killed-weapons-recovered-in-narayanpur-encounter-3</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 17:50:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईआईएम रायपुर के चिंतन शिविर में विजन 2047 पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">रायपुर, 31 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत की। प्रथम सत्र के आरंभ में नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि शिविर का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के विजन को प्राप्त करने के लिए रणनीति तैयार करना और राज्य के कामकाज में प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों को शामिल करना है। इस शिविर में साय मंत्रिमंडल के दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी सहयोगी भाग ले रहे हैं।<br /><br />सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/102099/brainstorming-on-vision-2047-in-the-brainstorming-camp-of-iim"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/d31052024-13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर, 31 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत की। प्रथम सत्र के आरंभ में नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि शिविर का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के विजन को प्राप्त करने के लिए रणनीति तैयार करना और राज्य के कामकाज में प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों को शामिल करना है। इस शिविर में साय मंत्रिमंडल के दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी सहयोगी भाग ले रहे हैं।<br /><br />सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है, जिससे भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सके।<br /><br />सुब्रमण्यम ने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है, चाहे डिजिटल इकोनॉमी हो, अथवा कर संबंधी सुधार हो, या नवाचार को बढ़ावा देना हो, भारत इसमें अग्रणी रहा है और आने वाले समय में इन्हें तेजी से बढ़ाना है। विकसित भारत सबके लिए समृद्धि लेकर आये, इसके लिए कार्य करना है। सुब्रमण्यम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।<br /><br />इस चिंतन बैठक में मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों को सामने रखा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के रोडमैप को लेकर अपने विचार नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम के समक्ष रखे। सुब्रमण्यम ने कहा कि क्लाइमेट चेंज जैसी समस्याओं को देखते हुए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देते हुए सतत विकास की दिशा में काम करना है।<br /><br />उल्लेखनीय है इस दो दिवसीय चिंतन बैठक में सभी मंत्री एक रात आईआईएम में ही रहेंगे तथा देशभर के उच्च संस्थानों के विशेषज्ञ उनका ज्ञानवर्द्धन करेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस दौरान देशभर के उच्च संस्थानों आईआईएम, आईएसएस, बीआईएसएजी और आईसीसीआर के विशेषज्ञ विकसित भारत के बारे में केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों तथा उनके क्रियान्वयन की जानकारी देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 20:17:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ः बीजापुर में 33 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, तीन पर था 5 लाख का इनाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बीजापुर, 25 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान लगातार हो रही मुठभेड़ों में बड़े कैडर के नक्सलियों के मारे जाने से नक्सली संगठनों में भय का माहौल देखा जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप शनिवार को सीआरपीएफ डीआईजी एसके मिश्रा, बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव एवं अन्य पुलिस के अधिकारियों के समक्ष दो महिला नक्सली सहित 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले दो नक्सलियों पर दो-दो लाख और एक नक्सली पर एक लाख का इनाम घोषित था।<br /><br />बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/101943/chhattisgarh-33-naxalites-surrendered-in-bijapur-there-was-a-reward"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/d25052024-10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बीजापुर, 25 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान लगातार हो रही मुठभेड़ों में बड़े कैडर के नक्सलियों के मारे जाने से नक्सली संगठनों में भय का माहौल देखा जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप शनिवार को सीआरपीएफ डीआईजी एसके मिश्रा, बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव एवं अन्य पुलिस के अधिकारियों के समक्ष दो महिला नक्सली सहित 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले दो नक्सलियों पर दो-दो लाख और एक नक्सली पर एक लाख का इनाम घोषित था।<br /><br />बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में राजू हेमला और सामो कर्मा नक्सलियों के पीएलजीए सदस्य थे। इन दोनों पर दो-दो लाख रुपये के इनाम घोषित हैं। सुदरू पुनेम जनताना सरकार अध्यक्ष था, जिस पर एक लाख का इनाम घोषित है। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष 2024 में अब तक पुलिस ने 189 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है जबकि 109 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।<br /><br />पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सलियों में दो लाख का इनामी पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 का पार्टी सदस्य राजू हेमला उर्फ ठाकुर पिता पाण्डु हेमला उम्र 35 निवासी बीरागूड़ापारा कोरसागुड़ा, दो लाख का इनामी कंपनी नम्बर 05 प्लाटून नम्बर 01 ए सेक्शन पार्टी सदस्या सामो कर्मा उर्फ रनिता पिता भीमा कर्मा उम्र 24 निवासी दुगोली, एक लाख का इनामी पुसनार आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष सुदरु पुनेम उर्फ हिरोली सुदरु पिता भोस्कु पुनेम उम्र 30 निवासी गायतापारा हिरोली, सहित जनताना सरकार सदस्य व मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर सुखराम माड़वी पिता सन्नू उम्र 25 निवासी केशामुंडी, भूमकाल मिलिशिया कमाण्डर सुरेश कुंजाम पिता मासा कुंजाम उम्र 23 निवासी दुगोली, पुसनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन डिप्टी कमाण्डर आयतु पुनेम उर्फ डोगुम पिता सोमा पुनेम उम्र 30 निवासी गायतापारा हिरोली, हिरोली भूमकाल मिलिशिया सी सेक्शन कमाण्डर रमेश पुनेम उर्फ पोजा पिता बुधराम पुनेम उम्र 29 निवासी सरपंच पारा हिरोली, डुमरी पालनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून बी सेक्शन कमाण्डर पायकु मड़काम पिता हिड़मा मड़काम उम्र 30 निवासी इंदड़पारा करका, डुमरीपालनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन कमाण्डर आयतु कुंजाम पिता मासा कुंजाम उम्र 22 निवासी दुगोली ने आत्मसमर्पण कर दिया है।<br /><br />इनके अलावा अन्य आत्मसमर्पितों में मंगल पुनेम ऊर्फ करका पिता बुधु निवासी हिरोली सरपंचपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम हिरोली भूमकाल मिलिशिया कमाण्डर, मासा सोढ़ी पिता अंदा सोढ़ी निवासी करका मंजारीपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया बी सेक्शन कमाण्डर, रेनू पुनेम पिता सुक्कु पुनेम निवासी हिरोली सरपंचपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम हिरोली जीआरडी कमाण्डर, राजू तामो ऊर्फ पाण्डू पिता हुंगा तामो निवासी दुगोली थाना गंगालूर, पदनाम डुमरीपालनार आरपीसी जनतान सरकार सदस्य/आर्थिक शाखा अध्यक्ष, अर्जुन कर्मा ऊर्फ पिडिदेड पिता गुडडी कर्मा निवासी दुगोली थाना गंगालूर, पदनाम डुमरीपालनार आरपीसी जनताना सरकार उपाध्यक्ष, हुर्रा कर्मा ऊर्फ बोटी पिता गुडडी कर्मा निवासी दुगोली थाना गंगालूर, पदनाम- डुमरीपालनार आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, सुखराम कर्मा ऊर्फ मासा पिता लखमा कर्मा निवासी दुगोली थाना गंगालूर, पदनाम- डुमरीपालनार आरपीसी सदस्य/डॉक्टर शाखा सदस्य, संजय तामो ऊर्फ खुटा पिता हुंगा तामो निवासी दुगोली थाना गंगालूर पदनाम- डुमरीपालनार आरपीसी सीएनएम सदस्य, छोटू पुनेम ऊर्फ बड़गा पिता सुक्कु पुनेम निवासी हिरोली सरपंच पारा थाना गंगालूर पदनाम- पुसनार आरपीसी जनताना सरकार सदस्य/न्याया शाखा सदस्य, पोदिया पुनेम ऊर्फ कुकल पिता मंगु पुनेम निवासी हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर, पदनाम- पुसनार आरपीसी डीएकेएमएस कमेटी सदस्य, मंगडू मड़कम ऊर्फ मोंगडु पिता लखमा मड़कम उम्र 55 वर्ष जाति मुरिया निवासी करका इंदड़पारा थाना गंगालूर, पदनाम डुमरीपालनार आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, जटिया मड़कम पिता सोमडू मड़कम निवासी करका पटेलपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिय सदस्य, बुधराम ताती पिता भीमा ताती निवासी करका पटेलपारा थाना गंगालूर, पदनाम- डुमरीपालनार आरसीसी डीएकेएमएस सदस्य, मासा मड़कम पिता कमलू मड़कम करका इंदड़पारा थाना गंगालूर पदनाम- डुमरीपालनार आरपीसी सीएनएम सदस्य, राजू मड़कम पिता माडको मड़कम साकिन करका इंदडपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, भीमा मड़कम पिता मंगू मड़कम निवासी करका इंदड़पारा थाना गंगालूर,दनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, भीमा मड़कम पिता हुंगा मड़कम उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी करका छिंदपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, देवा माड़वी ऊर्फ बोमड़ा पिता हिड़मा माड़वी निवासी करका पटेलपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, कुमार सोढ़ी पिता जटिया सोढ़ी निवासी करका मंजारीपारा थाना गंगालूर पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिशिया सदस्य, जोगा मड़कम पिता बामन मड़कम निवासी करका मंजारीपारा थाना गंगालूर, पदनाम-ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, हिड़मा मड़कम पिता हड़मा मड़कम निवासी करका इंदड़पारा थाना गंगालूर पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, सोना मड़कम पिता पाण्डु मड़कम निवासी करका पटेलपारा थाना गंगालूर, पदनाम- ग्राम करका भूमकाल मिलिशिया सदस्य, शंकर मड़कम पिता मंगेल मड़कम निवासी करका इंदड़पारा थाना गंगालूर, पदनाम- डुमरीपालनार आरपीसी सीएनएम सदस्य, बुदरी कारम ऊर्फ बैयमे पिता स्व. कोवा कारम निवासी हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर, पदनाम- पुसनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 20:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्यारह सालों में भी झीरम नक्सली हमले का सच सामने नहीं आ सका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">रायपुर, 25 मई (हि.स.)। झीरम नक्सली हमले की आज 25 मई को 11वीं बरसी है। ग्यारह साल के बाद भी इस हमले का सच सामने नहीं आ सका है। इस हत्याकांड को लेकर अभी भी भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में जुबानी जंग जारी है। देश के इस सबसे बड़े नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं सहित 30 लोगों की मौत हुई थी। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार झीरम कांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। शर्मा ने कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश पर भी इस मामले को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">रायपुर, 25 मई (हि.स.)। झीरम नक्सली हमले की आज 25 मई को 11वीं बरसी है। ग्यारह साल के बाद भी इस हमले का सच सामने नहीं आ सका है। इस हत्याकांड को लेकर अभी भी भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में जुबानी जंग जारी है। देश के इस सबसे बड़े नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं सहित 30 लोगों की मौत हुई थी। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार झीरम कांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। शर्मा ने कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश पर भी इस मामले को लेकर तंज कसते हुए कहा कि सबूत उनकी जेब में हैं, वे निकाल नहीं रहे हैं। उसे निकलवाना पड़ेगा।<br /><br />इस नक्सली हमले के जांच के लिए एनआईए जांच शुरू की गई, फिर मामला कोर्ट गया। फिर भाजपा ने इस मामले को लेकर कोर्ट से स्टे ले लिया और अब तक इस मामले में स्टे लगा हुआ है। इस मामले पर जमकर सियासत हुई। पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए. इस तरह देश के इस बड़े नक्सली हमले को 11 साल हो गए लेकिन जांच अधूरी है। झीरम नक्सली हमला एक अनसुलझी पहली बनकर रह गई है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2013 के ठीक पहले कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के नेतृत्व में परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की थी। उस दौरान राज्य में भाजपा की रमन सरकार प्रदेश की सत्ता में काबिज थी। इस परिवर्तन यात्रा के जरिए कांग्रेस सत्ता पर काबिज होना चाह रही थी। इसी बीच 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सलियों ने एक साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, विद्या चरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित लगभग 32 से ज्यादा नेता, कार्यकर्ता और कई जवानों पर हमला कर मार डाला। इतना बड़ा राजनीतिक नरसंहार देश में इससे पहले नहीं हुआ था।<br /><br />झीरम घाटी नक्सल घटना को लेकर छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भाजपा सरकार ने जांच का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद साल 2013 विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो गया और भाजपा एक बार फिर सत्ता पर काबिज हो गई। इसके बाद पांच साल भाजपा सरकार रही।.फिर साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन हुआ और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनी। यह सरकार झीरम का सच सामने लाने का दावा कर रही थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के भी पांच साल बीत गए और झीरम का सच भूपेश सरकार नहीं ला सकी। फिर साल 2023 में विधानसभा चुनाव हुए इसके बाद दोबारा प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी।<br /><br />साल 2013 में हुए झीरम नक्सली हमले की जांच की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने घटना के दो दिन बाद ही 27 मई 2013 को एनआईए को सौंप दी। एनआईए ने इस मामले की पहली चार्ज सीट 24 सितंबर 2014 को विशेष अदालत में दाखिल की। इस मामले में नौ गिरफ्तार नक्सली सहित कुल 39 लोगों को आरोपित बनाया गया। 28 सितंबर 2015 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें 88 और आरोपितों के नामों को शामिल किया गया।<br /><br />झीरम घाटी हमले की जांच कर रहे न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने छह अक्टूबर 2021 में तात्कालिक राज्यपाल अनुसुईया उइके को चार हजार 184 पेज की रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट 10 खंडों में विभाजित थी। झीरम आयोग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) संतोष कुमार तिवारी ने राज्यपाल को यह रिपोर्ट दी थी।<br /><br />भूपेश सरकार ने आयोग की रिपोर्ट को अधूरी बताते हुए इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद न्यायिक जांच आयोग में पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश अग्निहोत्री को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। साथ में न्यायमूर्ति जी.मिन्हाजुद्दीन को आयोग का सदस्य बनाया गया। सरकार ने तीन नए बिंदुओं को जोड़ते हुए आयोग को छह महीने में जांच पूरी कर आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया। मामले में काफी लंबी सुनवाई हुई लेकिन इसी बीच जस्टिस प्रशांत मिश्रा का प्रमोशन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में हो गया। जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। इस रिपोर्ट को कांग्रेस सरकार ने अधूरा बताया। फिर कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने रिपोर्ट को बिना सार्वजनिक किये जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और रिटायर्ड जज मिन्हाजुद्दीन की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इस जांच कमेटी के खिलाफ भाजपा नेता धरमलाल कौशिक ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। जिस पर अब तक स्थगन मिला हुआ है। इस मामले में जैसे ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी अधूरी जांच, राजनीतिक दबाव, नक्सली लीडर्स को बचाने जैसे आरोप लगने शुरू हो गए। झीरम कांड की 10वीं बरसी पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और झीरम हत्याकांड में बलिदान हुए महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने अपने ही सरकार के मंत्री कवासी लखमा, अमित जोगी, डाॅ. रमन सिंह, बस्तर के तात्कालिक आइजी मुकेश गुप्ता, तोंगपाल और दरभा थाना के तात्कालिक थाना प्रभारियों के नार्को टेस्ट की मांग की थी।<br /><br />भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामू जगदीश रोहरा कहते है कि कांग्रेस नक्सलवाद पर केवल राजनीति करती आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश ने तो इसके कीर्तिमान बनाए हैं। उन्होंने झीरम कांड कांग्रेस के नेताओं के मारे जाने की घटना के सबूत जेब में होने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी, लेकिन आज तक उन्होंने ऐसा कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया।<br /><br />नक्सलियों के हमले में बाल बाल बचे शिव कुमार ठाकुर बताते हैं कि लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी हमले में मारे गए लोगों के परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। 11 साल से पीड़ित के परिवार वाले न्याय की उम्मीद में दर दर की ठोकरे खा रहे हैं। शिव सिंह ठाकुर कहते हैं कि ''नक्सलियों ने पूरी तैयारी के साथ एंबुश लगा रखा था। काफिले को रोका गया और ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार करनी शुरु कर दी गई। शिव सिंह ठाकुर कहते हैं कि माओवादी सबका नाम पूछ पूछकर गोली मार रहे थे। नक्सली लगातार नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, दिनेश पटेल का नाम ले रहे थे। नंदकुमार पटेल और उनके बेटे को 34 से 40 नक्सली पहाड़ पर ले गए। ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उनकी सुपारी दी है। जैसा फिल्मों में होता है बिल्कुल वैसा ही सबकुछ हमारी आंखों के सामने घट रहा था। नक्सलियों के माथे पर खून सवार था। माओवादी लगातार किसी से वॉकी टॉकी के जरिए बातचीत भी कर रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे माओवादियों को भी कहीं से दिशा निर्देश मिल रहे हैं और वो उनको फॉलो कर रहे हैं। नक्सलियों ने नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, दिनेश पटेल, विद्याचरण शुक्ल समेत सभी को घेरकर गोली मारी। शुक्ल की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/101933/the-truth-of-jheeram-naxalite-attack-could-not-be-revealed</link>
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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 20:08:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के गांव बोरसी की बारूद फैक्टरी में भीषणा विस्फोट, 10 के मरने की सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बेमेतरा /रायपुर, 25 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बेरला ब्लॉक के गांव बोरसी की बारूद फैक्टरी में आज सुबह हुए विस्फोट में 10 लोगों के मरने और कइयों के घायल होने की सूचना है। मलबे में भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्टरी में 800 लोग कार्यरत हैं। विस्फोट के बाद इलाके में दहशत है।<br /><br />बारूद फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हैं। जिला प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पहुंच गई है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि सैकड़ों फीट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/101926/information-of-10-dead-in-massive-explosion-in-gunpowder-factory"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/4200_sucide.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बेमेतरा /रायपुर, 25 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बेरला ब्लॉक के गांव बोरसी की बारूद फैक्टरी में आज सुबह हुए विस्फोट में 10 लोगों के मरने और कइयों के घायल होने की सूचना है। मलबे में भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्टरी में 800 लोग कार्यरत हैं। विस्फोट के बाद इलाके में दहशत है।<br /><br />बारूद फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हैं। जिला प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पहुंच गई है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि सैकड़ों फीट ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार भी चपेट में आ गए। इसके अलावा कई घर हिल गए। इससे डरकर लोग घरों से बाहर निकल गए। चारों तरफ धुआं फैला हुआ है। विस्फोट के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 20:07:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण बस्तर में एक-एक लाख के तीन इनामी सहित 35 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">दंतेवाड़ा, 05 मई (हि.स.)। दक्षिण बस्तर में पुलिस व सीआरपीएफ का नक्सलियों पर बढ़ते दवाब का परिणाम नजर आने लगा है। दक्षिण बस्तर के तीनों जिले के सरहदी इलाकों सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में सक्रिय एक-एक लाख रुपये के तीन इनामी सहित 35 नक्सलियों ने रविवार को आत्मसमर्पण कर दिया है।<br /><br />दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से पुनर्वास योजना के तहत 25-25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ दिए जायेंगे। उन्होंने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत अब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/101524/35-naxalites-surrendered-in-south-bastar-with-three-rewards-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/d05052024-18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दंतेवाड़ा, 05 मई (हि.स.)। दक्षिण बस्तर में पुलिस व सीआरपीएफ का नक्सलियों पर बढ़ते दवाब का परिणाम नजर आने लगा है। दक्षिण बस्तर के तीनों जिले के सरहदी इलाकों सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में सक्रिय एक-एक लाख रुपये के तीन इनामी सहित 35 नक्सलियों ने रविवार को आत्मसमर्पण कर दिया है।<br /><br />दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से पुनर्वास योजना के तहत 25-25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ दिए जायेंगे। उन्होंने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 180 इनामी नक्सली सहित कुल 796 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।<br /><br />इस मौके पर पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ विकास कठेरिया, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, द्वितीय कमान अधिकारी (परि.) सीआरपीएफ अनिल कुमार झा, द्वितीय कमान अधिकारी विवेक कुमार सिंह 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन उपस्थित रहे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/101524/35-naxalites-surrendered-in-south-bastar-with-three-rewards-of</link>
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                <pubDate>Mon, 06 May 2024 12:32:53 +0530</pubDate>
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