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                <title>Meta - Loktej</title>
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                <description>Meta RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी ने 21 जुलाई को गूगल और मेटा को तलब किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्‍ली, 19 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामलों की जांच के सिलसिले में दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और मेटा को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन टेक कंपनियों को पूछताछ के लिए 21 जुलाई को बुलाया है।</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि ईडी ने सट्टेबाजी अनुप्रयोगों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संबंध में दिग्‍गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और मेटा को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सट्टेबाजी ऐप मामले में गूगल और मेटा को 21 जुलाई को तलब किया है।</p>
<p>प्राप्‍त जानकारी के अनुसार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142003/ed-summoned-google-and-meta-on-july-21-in-betting"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/meta-facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्‍ली, 19 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामलों की जांच के सिलसिले में दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और मेटा को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन टेक कंपनियों को पूछताछ के लिए 21 जुलाई को बुलाया है।</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि ईडी ने सट्टेबाजी अनुप्रयोगों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संबंध में दिग्‍गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और मेटा को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सट्टेबाजी ऐप मामले में गूगल और मेटा को 21 जुलाई को तलब किया है।</p>
<p>प्राप्‍त जानकारी के अनुसार गूगल और मेटा प्लेटफॉर्म विज्ञापनों के जरिए सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा दे रहे हैं और उपयोगकर्ताओं तक उनकी पहुंच को आसान बना रहे हैं। एजेंसी इन अवैध ऐप्स के प्रचार में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका की जांच कर रही है, जो धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के संभावित उल्लंघन के लिए जांच के दायरे में हैं।</p>
<p>उल्‍लेखनीय है कि यह कदम ईडी की ओर से मुंबई में एक बड़े डिब्बा व्यापार और ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में चार ठिकानों पर छापेमारी के कुछ दिनों बाद उठाया गया है, जिसमें 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, लग्‍जरी घड़ियां, आभूषण, विदेशी मुद्रा और लग्‍जरी वाहन जब्‍त किए गए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी को तलाशी अभियान के दौरान नकदी गिनने वाली मशीनें भी मिलीं थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 15:00:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मार्क ज़ुकरबर्ग ने जब इंस्टाग्राम को खरीदा, लोगों ने उड़ाया मजाक.....फिर पैसों की बारिश होने लगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 04 जुलाई (वेब वार्ता)। 2012 में मार्क ज़ुकरबर्ग तब फेसबुक चला रहे थे और कंपनी का आईपीओ (आईपीओ) आने ही वाला था। लेकिन उन्हें डर सता रहा था कि क्या फेसबुक मोबाइल के ज़माने में टिक पाएगा? उस समय बहुत से निवेश सोच रहे थे कि जैसे-जैसे लोग मोबाइल पर शिफ्ट होते हैं, फेसबुक की वैल्यू कम हो जाएगी। इसके बाद ज़ुकरबर्ग की नींद उड़ गई थी। वह टेंशन में थे कि कहीं फेसबुक फ्लॉप न हो जाए। </p>
<p>इसी बीच उन्हें एक एप इंस्टाग्राम दिखा। तब इंस्टाग्राम को शुरू हुए सिर्फ़ दो साल हुए थे। कंपनी में सिर्फ़ 13</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141701/when-mark-zuckerberg-bought-instagram-people-blowed-up"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/facebook-founder-mark-zuckerberg.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 04 जुलाई (वेब वार्ता)। 2012 में मार्क ज़ुकरबर्ग तब फेसबुक चला रहे थे और कंपनी का आईपीओ (आईपीओ) आने ही वाला था। लेकिन उन्हें डर सता रहा था कि क्या फेसबुक मोबाइल के ज़माने में टिक पाएगा? उस समय बहुत से निवेश सोच रहे थे कि जैसे-जैसे लोग मोबाइल पर शिफ्ट होते हैं, फेसबुक की वैल्यू कम हो जाएगी। इसके बाद ज़ुकरबर्ग की नींद उड़ गई थी। वह टेंशन में थे कि कहीं फेसबुक फ्लॉप न हो जाए। </p>
<p>इसी बीच उन्हें एक एप इंस्टाग्राम दिखा। तब इंस्टाग्राम को शुरू हुए सिर्फ़ दो साल हुए थे। कंपनी में सिर्फ़ 13 लोग काम करते थे। एप सिर्फ आईफोन पर चलता था, और कोई भी रेवेन्यू नहीं था।</p>
<p>इसके बाद मार्क ने इंस्टाग्राम के फाउंडर केविन सिस्ट्रॉम से मुलाकात की। बात हो रही थी इंटरनेट और सोशल मीडिया के फ्यूचर के बारे में, और बस 48 घंटे में डील फाइनल हो गई।</p>
<p>मार्क ने इंस्टाग्राम को 1 बिलियन डॉलर में खरीद लिया। जब फेसबुक के बोर्ड मेंबर्स को पता चला। तब लोगों ने ज़ुकरबर्ग का मज़ाक उड़ाया। लेकिन ज़ुकरबर्ग ने वहां देखा, जो बाकी दुनिया नहीं देख पा रही थी।</p>
<p>कुछ ही हफ्तों में इंस्टाग्राम का एंड्रॉयड वर्जन लांच हुआ और पहले ही दिन 10 लाख डाउनलोड हुए। ज़ुकरबर्ग को पता था कि आज के ज़माने में लोग सिर्फ़ कनेक्ट नहीं होना चाहते, वे अटेंशन चाहते हैं। </p>
<p>ज़ुकरबर्ग ने सिस्ट्रॉम से कहा कि इंस्टाग्राम को अपनी मर्जी से चलते रहे, उसे फेसबुक में पूरी तरह मिलाने की कोई ज़रूरत नहीं। यह एक बड़ा कारण था कि इंस्टा अपनी यूनीक पहचान बनाए रख पाया। पहले बड़े स्टार्स ने अपनाया और फिर आम लोगों ने भी अपनी कला से इस पर पहचान बना ली।</p>
<p>धीरे-धीरे इंस्टाग्राम सिर्फ़ एक फोटो शेयरिंग एप नहीं रहा, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया, जहां हर इंसान एक क्रिएटर बन सकता है, इंफ्लुएंसर बन सकता है, और पैसे कमा सकता है। </p>
<p>आज 2024 में इंस्टाग्राम ने करीब 66.9 से 70.9 बिलियन डॉलर तक का एड रेवेन्यू कमाया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में इसका रेवेन्यू 59.6 बिलियन से 71 बिलियन डॉलर तक हो सकता है। इंस्टाग्राम के मंथली सक्रिय यूज़र्स 2 बिलियन से भी ज़्यादा हैं, जो इस एप को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाता है।</p>
<p>मेटा के कुल रेवेन्यू में इंस्टाग्राम का बड़ा योगदान है। 2024 में मेटा के टोटल एड रेवेन्यू का लगभग 40.6 से 41.49 फीसदी हिस्सा सिर्फ़ इंस्टाग्राम से आया। और 2025 में यह 49.9 फीसदी तक जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 15:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेटा भारत में जल्द पेश करेगी एआई से लैस रे-बैन चश्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) सोशल मीडिया कंपनी मेटा जल्द ही भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) से लैस रे-बैन-मेटा चश्मा पेश करेगी।</p>
<p>कंपनी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि यह चश्मा सेंसर का उपयोग करके नजर में आने वाली वस्तुओं का पता लगाता है और उनके बारे में बताता है, इंटरनेट के बिना भी तत्काल अनुवाद करने में मदद करता है, संगीत बजाता है और प्रश्नों के उत्तर ढूंढने समेत अन्य कार्य करता है।</p>
<p>कंपनी ने ब्लॉग में कहा, “जल्द ही, हम मेक्सिको, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रे-बैन मेटा का चश्मा पेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140337/meta-will-soon-introduce-ai-ban-glasses-in-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/k24042025-151410.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) सोशल मीडिया कंपनी मेटा जल्द ही भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) से लैस रे-बैन-मेटा चश्मा पेश करेगी।</p>
<p>कंपनी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि यह चश्मा सेंसर का उपयोग करके नजर में आने वाली वस्तुओं का पता लगाता है और उनके बारे में बताता है, इंटरनेट के बिना भी तत्काल अनुवाद करने में मदद करता है, संगीत बजाता है और प्रश्नों के उत्तर ढूंढने समेत अन्य कार्य करता है।</p>
<p>कंपनी ने ब्लॉग में कहा, “जल्द ही, हम मेक्सिको, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रे-बैन मेटा का चश्मा पेश करने जा रहे हैं। हम दुनिया भर में और अधिक लोगों को इस अभियान में शामिल करने के लिए उत्साहित हैं।”</p>
<p>ब्लॉग के अनुसार, यदि उपयोगकर्ता ने पहले से भाषा पैक डाउनलोड कर लिया है तो यह चश्मा बिना वाई-फाई या नेटवर्क के अंग्रेजी, फ्रेंच, इतालवी और स्पेनिश भाषाओं में निर्बाध बातचीत की सुविधा प्रदान कर सकता है।</p>
<p>इसमें कहा गया, “आप जल्द ही अपने चश्मे पर (सोशल मीडिया मंच) इंस्टाग्राम से सीधे संदेश, फोटो, ऑडियो कॉल और वीडियो कॉल भेज और प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आप अपने आई-फोन या एंड्रॉयड फोन पर व्हाट्सएप और मैसेंजर के साथ-साथ स्थानीय मैसेजिंग (संदेश) ऐप के जरिए कॉल कर सकेंगे और संदेश भेज सकेंगे।”</p>
<p>रे-बैन मेटा चश्मा पहली बार सितंबर, 2023 में पेश किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 15:14:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई एआई तकनीक कमाल, मात्र सोचने भर से हो जाएगा टाइप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सैन फ्रांसिस्को, 15 मार्च (वेब वार्ता)। सोशल मीडिया प्लेटफार्म कंपनी मेटा अब एक नई एआई तकनीक लेकर आई है जिसमें अब सिर्फ सोचने से ही टाइप हो जाएगा।</p>
<p>मेटा (पहले फेसबुक) ने 2017 में इस अनोखी ब्रेन-टाइपिंग तकनीक का कॉन्सेप्ट पेश किया था। इसका उद्देश्य यह है कि इंसान बिना कीबोर्ड या स्क्रीन के सिर्फ अपने दिमाग से शब्दों को टाइप कर सके।</p>
<p>मेटा की यह तकनीक न्यूरोसाइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संयोजन से काम करती है। यह ब्रेन की गतिविधियों का विश्लेषण करके अनुमान लगाती है कि व्यक्ति कौन सा अक्षर या शब्द टाइप करना चाहता है। इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139306/new-ai-technology-will-be-tied-just-by-thinking-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/news-photo2.jpg" alt=""></a><br /><p>सैन फ्रांसिस्को, 15 मार्च (वेब वार्ता)। सोशल मीडिया प्लेटफार्म कंपनी मेटा अब एक नई एआई तकनीक लेकर आई है जिसमें अब सिर्फ सोचने से ही टाइप हो जाएगा।</p>
<p>मेटा (पहले फेसबुक) ने 2017 में इस अनोखी ब्रेन-टाइपिंग तकनीक का कॉन्सेप्ट पेश किया था। इसका उद्देश्य यह है कि इंसान बिना कीबोर्ड या स्क्रीन के सिर्फ अपने दिमाग से शब्दों को टाइप कर सके।</p>
<p>मेटा की यह तकनीक न्यूरोसाइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संयोजन से काम करती है। यह ब्रेन की गतिविधियों का विश्लेषण करके अनुमान लगाती है कि व्यक्ति कौन सा अक्षर या शब्द टाइप करना चाहता है। इसके लिए एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाता है जो मस्तिष्क से निकलने वाले मैग्नेटिक संकेतों को पकड़कर उन्हें टेक्स्ट में बदलती है।</p>
<p> इस तकनीक में मैग्नेटोएन्सेफलोग्राफी (एमईजी) मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो मस्तिष्क की सूक्ष्म गतिविधियों को रिकॉर्ड करने में सक्षम है। यह मशीन बहुत सटीक है लेकिन इसका आकार काफी बड़ा और कीमत बहुत अधिक है जिससे इसका आम उपयोग फिलहाल संभव नहीं है।</p>
<p>भले ही यह तकनीक विज्ञान की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम हो लेकिन इसे रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करने के लिए अभी काफी समय लग सकता है। एमईजी मशीन का वजन लगभग 500 किलोग्राम है और इसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा इस मशीन के ठीक से काम करने के लिए व्यक्ति को पूरी तरह से स्थिर बैठना पड़ता है क्योंकि हल्की सी भी हरकत डेटा को गड़बड़ कर सकती है।</p>
<p>मेटा के शोधकर्ता जीन रेमी किंग और उनकी टीम इस तकनीक को किसी प्रोडक्ट के रूप में लाने के बजाय ब्रेन में भाषा की प्रोसेसिंग को समझने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसका मतलब है कि फिलहाल यह तकनीक रिसर्च के चरण में है लेकिन भविष्य में यह इंसानों के बीच संवाद करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।</p>
<p>मेटा की ब्रेन-टाइपिंग तकनीक निश्चित रूप से विज्ञान और तकनीकी दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ रही है लेकिन इसे सामान्य उपयोग के लिए तैयार होने में अभी वक्त लगेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:34:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेटा ने कहा, भारत सबसे लंबी समुद्री केबल परियोजना 'वाटरवर्थ' से जुड़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) सोशल मीडिया प्रमुख मेटा ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की सबसे लंबी समुद्री केबल परियोजना 'वाटरवर्थ' से जुड़ेगा, जिसके इस दशक के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।</p>
<p>मेटा ने 'प्रोजेक्ट वाटरवर्थ' की घोषणा की है, जो पांच प्रमुख महाद्वीपों तक पहुंचेगा और 50,000 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा। इसकी लंबाई पृथ्वी की परिधि से भी अधिक है।</p>
<p>यह परियोजना अमेरिका-भारत संयुक्त नेतृत्व बयान का हिस्सा थी, जिसे 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद जारी किया गया था।</p>
<p>मेटा के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा, ''मेटा भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/133737/meta-said--india-will-be-associated-with-the-longest-maritime-cable-project--waterworth"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/meta-facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) सोशल मीडिया प्रमुख मेटा ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की सबसे लंबी समुद्री केबल परियोजना 'वाटरवर्थ' से जुड़ेगा, जिसके इस दशक के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।</p>
<p>मेटा ने 'प्रोजेक्ट वाटरवर्थ' की घोषणा की है, जो पांच प्रमुख महाद्वीपों तक पहुंचेगा और 50,000 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा। इसकी लंबाई पृथ्वी की परिधि से भी अधिक है।</p>
<p>यह परियोजना अमेरिका-भारत संयुक्त नेतृत्व बयान का हिस्सा थी, जिसे 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद जारी किया गया था।</p>
<p>मेटा के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा, ''मेटा भारत में निवेश कर रहा है, जो इसके सबसे बड़े बाजारों में से एक है। भारत, अमेरिका और अन्य स्थानों को जोड़ने के लिए दुनिया की सबसे लंबी, सबसे अधिक क्षमता वाली और सबसे तकनीकी रूप से उन्नत समुद्री केबल परियोजना लाई जा रही है।''</p>
<p>इंटरनेट संचालन के लिए समुद्री केबल महत्वपूर्ण हैं। ये केबल देशों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। स्थानीय दूरसंचार परिचालक अपने ग्राहकों को इंटरनेट पहुंच देने के लिए समुद्री केबल से जुड़ते हैं।</p>
<p>यह निवेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दूरसंचार परिचालक डेटा भार को कम करने और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मेटा सहित बड़ी तकनीकी कंपनियों से निवेश करने की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा, ''डिजिटल सेवाओं के लिए भारत की बढ़ती मांग से प्रेरित, यह निवेश आर्थिक वृद्धि, लचीले बुनियादी ढांचे और डिजिटल समावेशन के लिए मेटा की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इससे भारत के डिजिटल परिदृश्य और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।''</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/133737/meta-said--india-will-be-associated-with-the-longest-maritime-cable-project--waterworth</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 14:56:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीएलएटी ने व्हॉट्सएप-मेटा के आंकड़े साझा करने पर सीसीआई के प्रतिबंध पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के व्हॉट्सएप और मेटा के बीच आंकड़े साझा करने पर लगाए पांच साल के प्रतिबंध पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी।</p>
<p>विज्ञापन उद्देश्यों के लिए आंकड़ा साझा करने के मामले में सीसीआई ने व्हाट्सएप और मेटा पर यह प्रतिबंध लगाया था।</p>
<p>मेटा ने ‘‘ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश पर आंशिक रोक लगाने के एनसीएलएटी के निर्णय’’ का स्वागत किया और कहा कि वह आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।</p>
<p>मेटा के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हम आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124600/nclat-stays-cci-s-ban-on-sharing-of-whatsapp-meta-data"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/meta-facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के व्हॉट्सएप और मेटा के बीच आंकड़े साझा करने पर लगाए पांच साल के प्रतिबंध पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी।</p>
<p>विज्ञापन उद्देश्यों के लिए आंकड़ा साझा करने के मामले में सीसीआई ने व्हाट्सएप और मेटा पर यह प्रतिबंध लगाया था।</p>
<p>मेटा ने ‘‘ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश पर आंशिक रोक लगाने के एनसीएलएटी के निर्णय’’ का स्वागत किया और कहा कि वह आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।</p>
<p>मेटा के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हम आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे, हमारा ध्यान आगे का रास्ता तलाशने पर रहेगा जो उन लाखों व्यवसायों का समर्थन करेगा जो विकास व नवाचार के लिए हमारे मंच पर निर्भर हैं...।’’</p>
<p>सीसीआई ने नवंबर में व्हॉट्सएप गोपनीयता नीति ‘अपडेट’ के संबंध में अनुचित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया प्रमुख मेटा पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p>मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप ने इस आदेश को एनसीएलएटी के समक्ष चुनौती दी थी, जो सीसीआई द्वारा पारित आदेशों पर अपीलीय प्राधिकार है।</p>
<p>सीसीआई के 18 नवंबर 2024 के आदेश के अनुसार, मेटा और व्हॉट्सएप को प्रतिस्पर्धा-विरोधी मुद्दों के समाधान के लिए एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर कुछ व्यवहारिक उपायों को लागू करने के लिए भी कहा गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/124600/nclat-stays-cci-s-ban-on-sharing-of-whatsapp-meta-data</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 16:10:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीएलएटी ने सीसीआई के खिलाफ मेटा, व्हाट्सएप की याचिकाएं स्वीकार कीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के खिलाफ मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप की याचिकाओं को बृहस्पतिवार को स्वीकार कर लिया।</p>
<p>सीसीआई ने अपने आदेश में मेटा पर अपनी दबदबे वाली स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।</p>
<p>एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने इस मुद्दे पर मेटा और सीसीआई के प्रतिवेदनों पर गौर करने के बाद कहा कि इस मुद्दे पर सुनवाई करने की जरूरत है।</p>
<p>एनसीएलएटी के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी इस पीठ का हिस्सा हैं।</p>
<p>पीठ ने कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/121981/nclat-accepts-petitions-of-meta--whatsapp-against-cci"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/telephone-wifi-hotspot-social-media-smart-phone-internet-mobile-sms-chat-crime1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के खिलाफ मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप की याचिकाओं को बृहस्पतिवार को स्वीकार कर लिया।</p>
<p>सीसीआई ने अपने आदेश में मेटा पर अपनी दबदबे वाली स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।</p>
<p>एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने इस मुद्दे पर मेटा और सीसीआई के प्रतिवेदनों पर गौर करने के बाद कहा कि इस मुद्दे पर सुनवाई करने की जरूरत है।</p>
<p>एनसीएलएटी के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी इस पीठ का हिस्सा हैं।</p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘ हमने पाया है कि पक्षों द्वारा उठाए गए अनुरोध पर विचार करने की जरूरत है। हम दोनों अपीलों को स्वीकार करते हैं।’’</p>
<p>हालांकि, सीसीआई के आदेश पर रोक लगाने संबंधी अंतरिम राहत के बारे में एनसीएलएटी ने कहा कि वह अगले सप्ताह फैसला करेगा।</p>
<p>व्हाट्सएप और मेटा प्लेटफॉर्म्स की ओर से पेश हुए वकील ने सुनवाई के दौरान अपीलीय न्यायाधिकरण से सीसीआई के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया। हालांकि, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के वकील ने इसका विरोध किया।</p>
<p>भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 18 नवंबर को अपने आदेश में 2021 की व्हाट्सएप गोपनीयता नीति ‘अपडेट’ के संबंध में अनुचित व्यावसायिक तरीके अपनाने के लिए मेटा पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p>मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप ने इस आदेश को एनसीएलएटी के समक्ष चुनौती दी है।</p>
<p>मेटा और व्हाट्सएप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि सीसीआई ने व्हाट्सएप की गोपनीयता नीति पर फैसला देकर अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है, क्योंकि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ के समक्ष विचाराधीन है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ सीसीआई ने इकाई की गोपनीयता नीति पर विचार किया है। यह मामला उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों के समक्ष लंबित है। इससे निपटने का अधिकार उसके पास नहीं है।’’</p>
<p>उन्होंने सीसीआई के आदेश पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया जिसे 19 फरवरी तक लागू करने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p>सिब्बल ने कहा‘‘ उच्चतम न्यायालय को गोपनीयता नीति पर निर्णय लेने दें और वैधानिक नियम आने दें, फिर आप (एनसीएएलटी) मामले को उठा सकते हैं और निर्णय ले सकते हैं....’’</p>
<p>हालांकि, सीसीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता समर बंसल ने कहा कि शीर्ष न्यायालय में लंबित मामले और सीसीआई द्वारा की गई जांच के बीच कोई संबंध नहीं है।</p>
<p>पीठ के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि डेटा गोपनीयता कानून केवल व्यक्तिगत डेटा पर विचार करेगा, जबकि प्रतिस्पर्धा कानून व्यावसायिक डेटा पर विचार करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 16:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : मेटा ने सीसीआई के फैसले से जताई असहमति‍, कहा-आगे अपील की योजना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 19 नवंबर (हि.स.)। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के उस पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के फैसले से सहमत नहीं है। कंपनी ने कहा कि वो, इसके खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है।<br /><br />मेटा के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि कंपनी सीसीआई के फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि अपडेट वैकल्पिक और पारदर्शी दोनों था। मेटा ने व्हाट्स ऐप की 2021 की गोपनीयता नीति अपडेट से जुड़ी कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के उसके ऊपर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105465/new-delhi-meta-expressed-disagreement-with-ccis-decision-and-said"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-11/b19112024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 19 नवंबर (हि.स.)। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के उस पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के फैसले से सहमत नहीं है। कंपनी ने कहा कि वो, इसके खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है।<br /><br />मेटा के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि कंपनी सीसीआई के फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि अपडेट वैकल्पिक और पारदर्शी दोनों था। मेटा ने व्हाट्स ऐप की 2021 की गोपनीयता नीति अपडेट से जुड़ी कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के उसके ऊपर 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती देने की अपनी मंशा की घोषणा की है।<br /><br />भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने सोमवार को सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। ये जुर्माना 2021 में व्हॉट्स ऐप की निजता नीति अद्यतन के संबंध में अनुचित व्यावसायिक तरीकों को अपनाने के लिए लगाया गया। सीसीआई ने व्हॉट्स ऐप से कहा कि वह मेटा के स्वामित्व वाले अन्य एप्लिकेशन के साथ विज्ञापन उद्देश्यों के लिए पांच साल की अवधि के लिए उपयोगकर्ता डेटा साझा न करे।</p>
<p><br />भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने मेटा को प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार को बंद करने और उनसे दूर रहने का निर्देश दिए है। सीसीआई ने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने के खिलाफ आदेश पारित करते हुए कहा कि यह जुर्माना इस बात से जुड़ा है कि व्हॉट्सएप की 2021 की निजता नीति को कैसे लागू किया गया है, उपयोगकर्ता डेटा कैसे जमा किया गया और इसे मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा किया गया है।<br /><br />उल्‍लेखनीय है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग भारत में मुख्य राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नियामक है। यह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है। ये प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने तथा भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।</p>
<p>उल्‍लेखनीय है कि मेटा प्लेटफॉर्म्स, इंक एक सोशल मीडिया कंपनी है, जो मेटा के नाम से अपना बिजनेस करता है। यह एक अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी ग्रुप है। इसको पहले फेसबुक, इंक. और फेसबुक डॉट कॉम इंक के नाम से जाना जाता था। इसका मुख्यालय मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है। 31 दिसंबर, 2021 तक के प्राप्‍त आंकड़ों के मुताबिक मेटा ने करीब 118 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व उत्पन्न किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/105465/new-delhi-meta-expressed-disagreement-with-ccis-decision-and-said</link>
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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 15:12:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेक्नोलॉजी : एआई चैटबॉट की दौड़ में शामिल हुआ मेटा, लौंच किया खुद का नया AI लैंग्वेज मॉडल</title>
                                    <description><![CDATA[मेटा शोधकर्ताओं के लिए मददगार होगा ये लार्ज लैंग्वेज मॉडल ‘लामा’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>माइक्रोसॉफ्ट चैटजीपीटी और गूगल के बार्ड के बाद, अब सोशल मीडिया कंपनी मेटा भी एआई चैटबॉट की दौड़ में शामिल हो रहा है। फेसबुक की पेरेंटिंग कंपनी मेटा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोधकर्ताओं को अपने काम को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए अपने अत्याधुनिक फाउंडेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल ‘लामा’ (LLAMA) को सामने प्रस्तुत किया है। मेटा का लार्ज लैंग्वेज मॉडल मेटा AI (LLaMA) फिलहाल चैटजीपीटी-संचालित बिंग की तरह नहीं है क्योंकि यह अभी तक मनुष्यों से बात नहीं कर सकता है लेकिन शोधकर्ताओं की मदद करेगा।</p>
<p><strong>मार्क जुकरबर्ग ने दी जानकारी</strong><br /> <br />आपको बता दें कि मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि आज हम एक नया अत्याधुनिक एआई लार्ज लैंग्वेज मॉडल जारी कर रहे हैं, जिसे LLaMA कहा जाता है, जो शोधकर्ताओं को उनके काम को आगे बढ़ाने में मदद करता है। "एलएलएएमए जैसे छोटे, अधिक प्रदर्शन करने वाले मॉडल अनुसंधान समुदाय में दूसरों को सक्षम करते हैं, जिनके पास इन मॉडलों का अध्ययन करने के लिए बड़ी मात्रा में बुनियादी ढांचे तक पहुंच नहीं है, जो इस महत्वपूर्ण, तेजी से बदलते क्षेत्र में पहुंच को और अधिक लोकतांत्रिक बनाता है।" </p>
<p><strong>जानिए क्या हैं इसकी खूबियाँ </strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार मेटा LLaMA को कई आकारों (7 बिलियन, 13 बिलियन, 33 बिलियन और 65 बिलियन पैरामीटर्स) पर उपलब्ध करा रहा है। मेटा ने कहा, "वे अरबों लोगों को बड़े पैमाने पर एआई द्वारा पेश किए जा सकने वाले पर्याप्त संभावित लाभों के स्पष्ट मामलों में से एक हैं।" LLaMA की खूबियों के बारे में उन्होंने जान‍का‍री दी कि यह मॉडल टेक्स्ट जनरेट कर सकता है। संवाद, लिखित मटेरियल या डॉक्यूमेंट्स को संक्षिप्त कर सकता है। गणित की जटिल समस्याओं को हल कर सकता है एवं प्रोटीन के स्ट्रक्चर को भी प्रेडिक्ट कर सकता है। मेटा इस नए 'ओपन मॉडल ऑफ रिसर्च' को AI रिसर्च समुदाय के लिए उपलब्ध करवाएगा। मेटा ने 1.4 ट्रिलियन टोकन पर LLaMA 65 बिलियन और LLaMA 33 बिलियन को प्रशिक्षित किया है। इस पर कंपनी ने कहा  "हमारा सबसे छोटा मॉडल, LLaMA 7B, एक ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित है।"</p>
<p><strong>फिलहाल बीस भाषाओं के साथ हो रहा हैं परिक्षण</strong></p>
<p>वहीं अन्य बड़े भाषा मॉडल की तरह, LLaMA एक इनपुट के रूप में शब्दों के अनुक्रम को लेकर काम करता है और पुनरावर्ती पाठ (रिपीटेड लेसन) उत्पन्न करने के लिए अगले शब्द की कल्पना करता है। मेटा ने बताया, "अपने मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए, हमने लैटिन और सिरिलिक वर्णमाला वाले लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, सबसे अधिक वक्ताओं वाली 20 भाषाओं में से टेक्स्ट को चुना।" वहीं इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए, कंपनी ने कहा कि वह इस समय अनुसंधान उपयोग के मामलों पर केंद्रित एक गैर-वाणिज्यिक लाइसेंस के तहत मॉडल जारी कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90023/meta-joins-ai-chatbot-race-launches-its-own-new-ai</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Feb 2023 19:48:29 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्विटर के बाद अब मेटा ने भी शुरू की फेसबुक और इंस्टाग्राम के लिए पेड वेरिफिकेशन सर्विसेज, जानिए पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने हाल ही में पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस Twitter blue को लॉन्च किया था। भारत में ब्लू टिक लेने और प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सर्विस के फीचर्स का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल यूजर्स को 900 रुपये प्रतिमाह चुकाने होंगे। अब मेटा ने भी इस तर्ज पर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक नई पेड वेरिफिकेशन सब्सक्रिप्शन सेवा की घोषणा की है। यानी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी वेरिफाइड अकाउंट यानी ब्लू टिक के लिए पैसे चुकाने होंगे। </p>
<p><strong>क्या है ये वेरिफिकेशन बैज</strong></p>
<p>आपको बता दें कि इसके साथ, आपको एक सत्यापित बैज मिलेगा, जो यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89895/after-twitter-now-meta-has-also-started-paid-verification-services"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/meta-facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने हाल ही में पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस Twitter blue को लॉन्च किया था। भारत में ब्लू टिक लेने और प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सर्विस के फीचर्स का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल यूजर्स को 900 रुपये प्रतिमाह चुकाने होंगे। अब मेटा ने भी इस तर्ज पर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक नई पेड वेरिफिकेशन सब्सक्रिप्शन सेवा की घोषणा की है। यानी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी वेरिफाइड अकाउंट यानी ब्लू टिक के लिए पैसे चुकाने होंगे। </p>
<p><strong>क्या है ये वेरिफिकेशन बैज</strong></p>
<p>आपको बता दें कि इसके साथ, आपको एक सत्यापित बैज मिलेगा, जो यह पुष्टि करता है कि आप वास्तविक हैं और आपका खाता एक सरकारी आईडी से प्रमाणित किया गया है। इस सर्विस को मेटा वेरिफिकेशन नाम दिया गया है। सर्विस को इस सप्ताह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में शुरू कर दिया जाएगा। सोशल नेटवर्क के अनुसार, यह सुविधा फर्जी खातों की पहचान और असली खातों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। सामान्य खाता समस्याओं के लिए किसी वास्तविक व्यक्ति तक पहुंच के साथ आपको इसकी आवश्यकता होने पर भी यह मदद करेगा।</p>
<p><strong>मार्क जुकरबर्ग ने दी जानकारी</strong><br /> <br />इस बारे में खुद मार्क जुकरबर्ग ने जानकारी दी। इसके अलावा, पैड सर्विस वाले यूजर्स को कस्टमर केयर से डायरेक्ट सपोर्ट मिलेगा। मार्क जुकरबर्ग ने आगे यह भी कहा कि यह नई सर्विस प्लेटफार्म की प्रामाणिकता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए है।उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि जो यूजर्स पैड सर्विस को लेते हैं तो उन्हें एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन मिलेगी। इस सुविधा के लिए, खातों को न्यूनतम गतिविधि आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए, जैसे पूर्व पोस्टिंग इतिहास, और कम से कम 18 वर्ष का होना चाहिए। साथ ही मेटा ने कहा, "आवेदकों को तब एक सरकारी आईडी जमा करने की आवश्यकता होती है, जो उनके द्वारा आवेदन किए जा रहे फेसबुक या इंस्टाग्राम अकाउंट के प्रोफाइल नाम और फोटो से मेल खाता हो।"</p>
<p><strong>अभी व्यवसाय के लिए नहीं है ये सुविधा</strong></p>
<p>कंपनी ने कहा कि व्यवसाय इस समय मेटा सत्यापित के लिए आवेदन करने के योग्य नहीं हैं।  इस समय, मेटा सत्यापित आपकी प्रोफ़ाइल पर केवल आपके वास्तविक नाम का समर्थन करेगा। कंपनी ने कहा, "एक बार आपकी प्रोफ़ाइल सत्यापित हो जाने के बाद, आप मेटा सत्यापित सदस्यता और सत्यापन आवेदन प्रक्रिया के बिना प्रोफ़ाइल नाम, उपयोगकर्ता नाम, जन्म तिथि या प्रोफ़ाइल पर फोटो को फिर से नहीं बदल सकते हैं।" </p>
<p><strong>अभी ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड में शुरू होगी सुविधा</strong></p>
<p>'मेटा वेरिफाइड' इस सप्ताह के अंत से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इंस्टाग्राम या फेसबुक पर सीधी खरीद के लिए उपलब्ध है। मेटा ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि यह सर्विस भारत में कब शुरू की जाएगी। मेटा वेरिफाइड ब्लू टिक  की वेब पर शुरुआती कीमत $11.99 (991.85 रुपये) प्रति माह और Apple के iOS सिस्टम पर $14.99 (1,240.02 रुपये) प्रति माह होगी। मेटा की पैड सर्विस की कीमत ट्विटर की पैड सर्विस से ज्यादा लग रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 07:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए पेड वेरिफिकेशन सब्सक्रिप्शन सर्विस लॉन्च की</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक सीमित, मासिक सदस्यता शुल्क वेब पर $11.99 और iOS और Android पर $14.99 है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89887/meta-launches-paid-verification-subscription-service-for-facebook-and-instagram"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/meta-facebook.jpg" alt=""></a><br /><p>फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए नई पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस की घोषणा की है। "मेटा वेरिफाइड" के नाम से यह सेवा खाता धारकों को एक सत्यापित बैज प्रदान करती है जो उनकी प्रामाणिकता और पहचान की पुष्टि करता है, जिसे सरकार द्वारा जारी आईडी का उपयोग करके प्रमाणित किया गया है। मेटा वेरिफाइड भी प्रतिरूपण को रोकने के लिए सक्रिय खाता निगरानी प्रदान करता है, और खाते के मुद्दों के लिए वास्तविक व्यक्ति तक पहुंच प्रदान करता है।</p>
<p>इसके अलावा, मेटा वेरिफाइड सर्च, कमेंट्स और रिकमन्डेश्न्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म के कुछ क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित करके बढ़ी हुई दृश्यता और पहुंच प्रदान करेगा। हालांकि, केवल वे खाते जो न्यूनतम गतिविधि आवश्यकताओं को पूरा करते हैं और कम से कम 18 वर्ष पुराने हैं, सेवा के लिए पात्र हैं।</p>
<p>ट्विटर के सीईओ एलोन मस्क ने पहले ही वेरिफाइड बैज के लिए समान सदस्यता सेवा शुरू की है। मेटा वेरिफाइड की उपलब्धता वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक सीमित है। मासिक सदस्यता शुल्क वेब पर $11.99 और iOS और Android पर $14.99 है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Feb 2023 15:50:07 +0530</pubDate>
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