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                <title>मेरे शरीर पर किसी और को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं: सितार वादक अनुष्का शंकर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) सितार वादक अनुष्का शंकर ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीरों और स्टोरीज पर लोगों द्वारा की गईं आपत्तिजनक टिप्पणियों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनके शरीर पर किसी और को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।</p>
<p>वह सितार वादक पंडित रविशंकर की पुत्री हैं।</p>
<p>अनुष्का ने अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं थी, जिन पर ‘‘अजनबी पुरुषों’’ द्वारा उनके कपड़ों और शरीर के बारे में लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं।</p>
<p>संबंधित एक टिप्पणी में कहा गया, ‘‘भारतीय शास्त्रीय संगीत पवित्र संगीत है। लेकिन पहनावा मेल नहीं खा रहा है’’। वहीं, एक अन्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142897/sitar-player-anushka-shankar-does-not-have-the-right-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/3864_bollywood-cinema-multiplex-theater1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) सितार वादक अनुष्का शंकर ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीरों और स्टोरीज पर लोगों द्वारा की गईं आपत्तिजनक टिप्पणियों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनके शरीर पर किसी और को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।</p>
<p>वह सितार वादक पंडित रविशंकर की पुत्री हैं।</p>
<p>अनुष्का ने अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं थी, जिन पर ‘‘अजनबी पुरुषों’’ द्वारा उनके कपड़ों और शरीर के बारे में लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं।</p>
<p>संबंधित एक टिप्पणी में कहा गया, ‘‘भारतीय शास्त्रीय संगीत पवित्र संगीत है। लेकिन पहनावा मेल नहीं खा रहा है’’। वहीं, एक अन्य टिप्पणी में कहा गया, ‘‘आप धन्य हैं, लेकिन ‘क्लीवेज’ दिखाने की कोई जरूरत नहीं है’’।</p>
<p>बारह बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित सितारवादक ने कहा कि एक तरह से यह सिर्फ एक शरीर है और इसमें कुछ भी विशेष नहीं है, तथा दूसरी तरह से यह ‘‘एक चमत्कार भी है’’ कि उन्होंने बच्चों को जन्म दिया, बाल यौन शोषण, चार बड़ी सर्जरी और नशे की लत से उबरीं।</p>
<p>उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘यह, यहाँ, एक शरीर है। एक अर्थ में, सिर्फ़ एक शरीर (हर किसी के पास एक होता है!) और इसलिए इसमें कुछ ख़ास नहीं है। दूसरे अर्थ में (हर शरीर की तरह!) यह भी एक चमत्कार है। जब मैं सोचती हूँ कि मेरे शरीर ने मुझे किन-किन परिस्थितियों से गुज़रने में मदद की है, तो मैं विस्मय और कृतज्ञता से भर जाती हूँ।’’</p>
<p>अनुष्का (44) ने कहा कि उनका शरीर उनके लिए एक ‘‘पूर्ण, शक्तिशाली योद्धा’’ की तरह रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इस शरीर ने दो बच्चों को जन्म दिया है, बाल यौन शोषण और पुरुषों के साथ कई खतरनाक स्थितियों से उबारा है, चार प्रमुख सर्जरी से उबारा है, ग्यारह वर्ष की उम्र से ही मासिक धर्म के दौरान भारी दर्द और माइग्रेन के साथ ‘पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम’ जैसी पीड़ा से गुजरा है, नशे की लत से बाहर आया है, अज्ञात न्यूरोडाइवर्जेंस (और इसके साथ जुड़े भ्रम, तनाव और थकावट) से जूझने में कामयाब रहा है, एक ‘ऑटोइम्यून’ विकार से लड़ा है और उससे निपटने में कामयाब रहा है।’’</p>
<p>अनुष्का ने अपने पहनावे से संबंधित कुछ तस्वीरों पर की गईं अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं।</p>
<p>संबंधित कड़ी में एक टिप्पणी में कहा गया कि उनकी छुट्टियों के परिधान में एक साधारण फोटो होनी चाहिए थी, न कि यह कामुक फोटो। वहीं, एक अन्य टिप्पणी में कहा गया, ‘‘आपको सोशल मीडिया पर ऐसा नहीं करना चाहिए, कृपया अपने पिता की छवि के बारे में सोचें’’।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने शरीर से प्यार है, हर उस चीज़ के लिए जिससे यह गुज़रा है और जो यह है। मुझे अच्छी तरह पता है कि यहाँ तक पहुँचने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा है... यह अंतर्निहित अहंकार जो किसी इंसान को यह सोचने की अनुमति देता है कि उसे किसी पर इस तरह से फ़ैसला सुनाने का अधिकार है, हैरान करने वाला है। 2025 में हमें इस तरह की मूर्खता से बहुत आगे निकलना चाहिए - लड़ने के लिए और भी बड़ी लड़ाइयाँ हैं, लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकती।’’</p>
<p>सितारवादक ने कहा, ‘‘मेरे शरीर पर किसी और को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मेरे सभी फ़ैसले मेरे अपने हैं...।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 15:12:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काजल त्रिपाठी और राजनंदनी का बोलबम गीत 'भोला भस्मी लगवनी जी' रिलीज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 11 जुलाई (वेब वार्ता)। अभिनेत्री काजल त्रिपाठी और गायिका राजनंदनी की शानदार जोड़ी में बोलबम गीत 'भोला भस्मी लगवनी जी' रिलीज किया गया है।</p>
<p>बोलबम गीत भोला भस्मी लगवनी जी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। इस गीत को लेकर काजल त्रिपाठी ने कहा कि 'भोजपुरी की टॉप म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से हमेशा अच्छे अच्छे गाने रिलीज होते हैं, जिसे देख व सुनकर बहुत अच्छा लगता है।</p>
<p>ये बोलबम गीत भी रत्नाकर कुमार सर ने बहुत अच्छा बनाया है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऑडियंस का भरपूर एंटरटेनमेंट करती रहूं। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141852/kajal-tripathi-and-rajnandanis-bolbam-song-bhola-bhasmi-lagwani-ji"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/lord-bhagvan-shiva-shivaji-bholenath.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 11 जुलाई (वेब वार्ता)। अभिनेत्री काजल त्रिपाठी और गायिका राजनंदनी की शानदार जोड़ी में बोलबम गीत 'भोला भस्मी लगवनी जी' रिलीज किया गया है।</p>
<p>बोलबम गीत भोला भस्मी लगवनी जी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। इस गीत को लेकर काजल त्रिपाठी ने कहा कि 'भोजपुरी की टॉप म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से हमेशा अच्छे अच्छे गाने रिलीज होते हैं, जिसे देख व सुनकर बहुत अच्छा लगता है।</p>
<p>ये बोलबम गीत भी रत्नाकर कुमार सर ने बहुत अच्छा बनाया है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऑडियंस का भरपूर एंटरटेनमेंट करती रहूं। इस गाने को पसंद करने के लिए सभी को दिल से धन्यवाद देती हूं।'</p>
<p>वहीं राजनंदनी ने कहा कि 'वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी से गीत गाकर मुझे बहुत खुशी है। ये बोलबम गीत मेरे दिल के बहुत करीब है। इस गीत को अपना प्यार आशीर्वाद देने के लिए सभी को मैं दिल से धन्यवाद देती हूं।'</p>
<p>वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत बोलबम गीत 'भोला भस्मी लगवनी जी' के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर राजनंदनी ने गाया है। इसके वीडियो में काजल त्रिपाठी नजर आ रही हैं। इस गाने को गौतम राय (काला नाग) ने लिखा है, कंपोजर नवरत्न पांडेय हैं, जबकि छोटू बंटी ने संगीत दिया है।</p>
<p>वीडियो डायरेक्टर गोल्डी जायसवाल, डीओपी राजन वर्मा, कोरियोग्राफर सनी सोनकर, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 21:17:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उस्ताद जाकिर हुसैन की इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस से गई जान, फेफड़ों का प्रतिरोपण ही एकमात्र इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन की मौत इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण हुई। फेफड़े की यह बीमारी शरीर को अत्यधिक दुर्बल बना देती है, जिसे एक प्रकार से मृत्युदंड माना जाता है।</p>
<p>इस बीमारी का एकमात्र मुकम्मल इलाज फेफड़े का प्रतिरोपण है और वह भी यदि सही समय पर किया जाए।</p>
<p>इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के श्वसन एवं गहन चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश बंसल ने बताया कि ‘एंटी-फाइब्रोटिक दवाएं’ और ऑक्सीजन बीमारी के विकराल रूप धारण करने की गति को धीमा कर सकती हैं, जिससे व्यक्ति सात-आठ साल और जी सकता है।</p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110995/ustad-zakir-hussain-died-due-to-idiopathic-pulmonary-fibrosis--lung-transplantation-is-the-only-treatment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k16122024-01.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन की मौत इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण हुई। फेफड़े की यह बीमारी शरीर को अत्यधिक दुर्बल बना देती है, जिसे एक प्रकार से मृत्युदंड माना जाता है।</p>
<p>इस बीमारी का एकमात्र मुकम्मल इलाज फेफड़े का प्रतिरोपण है और वह भी यदि सही समय पर किया जाए।</p>
<p>इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के श्वसन एवं गहन चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश बंसल ने बताया कि ‘एंटी-फाइब्रोटिक दवाएं’ और ऑक्सीजन बीमारी के विकराल रूप धारण करने की गति को धीमा कर सकती हैं, जिससे व्यक्ति सात-आठ साल और जी सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस का कोई इलाज नहीं है। फेफड़े के प्रतिरोपण से निश्चित रूप से कुछ चुनिंदा रोगियों को ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसे भी सही समय पर किया जाना चाहिए और इसमें स्थिति की गंभीरता, आयु और अन्य स्वास्थ्य कारकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रतिरोपण का जीवनकाल भी पांच से छह वर्ष होता है।’’</p>
<p>भारतीय परिदृश्य में बीमारी होने के बाद मरीज कम से कम 10 से 12 वर्षों तक जीवित रहते हैं।</p>
<p>चिकित्सक ने कहा, ‘‘ लेकिन हर मरीज का शरीर और प्रणाली अलग-अलग तरीके से व्यवहार करती है और इसका कोई निश्चित नियम नहीं है।’’</p>
<p>बंसल ने कहा कि जहां तक बीमारी के कारणों का सवाल है तो करीब 50 प्रतिशत मरीजों में इसका कारण ज्ञात नहीं है, यही कारण है कि ‘‘इडियोपैथिक’’ शब्द का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>लेकिन अन्य 50 प्रतिशत मामलों में, रूमटॉइड आर्थ्राइटिस, सिस्टेमिक स्क्लेरोसिस या ल्यूपस से पीड़ित रोगियों को इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (आईपीएफ) हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आईपीएफ की स्थिति में फेफड़ों में सामान्य ऊतक का स्थान फाइब्रोटिक ऊतक ले लेते हैं, जिससे फेफड़ों से रक्त तक ऑक्सीजन का पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>डॉ. बंसल ने बताया, ‘‘फेफड़ों का आकार घट जाता है। इसका मतलब है कि यह सिकुड़ने लगता है, जिससे सांस लेना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।’’</p>
<p>फेफड़े के फाइब्रोसिस के कई प्रकार हैं, जिनमें सबसे आम आईपीएफ है, जो लगभग 50 प्रतिशत रोगियों में होता है।</p>
<p>डॉ. बंसल ने कहा, ‘‘यह बीमारी आमतौर पर 50 वर्ष की आयु में होती है। लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है। पश्चिमी देशों में कहा जाता है कि यदि आपको कोई निश्चित निदान मिल जाता है, तो निदान के बाद आपका जीवन काल लगभग सात से आठ वर्ष का होता है।’’</p>
<p>दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स) में पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरभ मित्तल ने कहा कि बढ़ती उम्र के अलावा धूम्रपान से भी आईपीएफ का जोखिम बढ़ता है।</p>
<p>डॉ. मित्तल ने कहा, ‘‘इसके अलावा, यदि किसी के माता-पिता या भाई-बहन को आईपीएफ है, तो उन्हें भी यह रोग होने का खतरा स्वतः ही अधिक होता है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे पेशे हैं, जिनमें धुएं और धूल के संपर्क में आना पड़ता है, उनसे भी आईपीएफ का खतरा बढ़ जाता है। गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग भी आईपीएफ के लिए अतिसंवेदनशील होता है।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a13aa81a4ec9 htmlwidget"><div class="pbwidget-body">(अस्वीकरण: उपरोक्त समाचार/लेख समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की ऑटो जनरेटेड  सिंडिकेटेड फीड से प्राप्त हुई है और लोकतेज टीम द्वारा संपादित नहीं की गई है। लोकतेज इस सामग्री के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।)</div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110995/ustad-zakir-hussain-died-due-to-idiopathic-pulmonary-fibrosis--lung-transplantation-is-the-only-treatment</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 19:42:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तबले, ताल और राग में बसती थी ज़ाकिर हुसैन की सांसें : हरिप्रसाद चौरसिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया को अब भी महान तबला वादक ज़ाकिर हुसैन के इस दुनिया को अलविदा कह जाने की खबर पर यकीन नहीं हो रहा है। वह अपने आप से सवाल कर रहे हैं कि कोई इतनी कम उम्र में कैसे जा सकता है और वह भी ऐसा शख्स जिसकी सांसें ही केवल तबले, ताल और राग में बसती थीं।</p>
<p>हरिप्रसाद चौरसिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ मैं इस खबर पर यकीन ही नहीं कर सकता। हर कोई इस बारे में बात कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब झूठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111000/zakir-hussain-s-breath-resided-in-tabla--taal-and-raga--hariprasad-chaurasia"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k16122024-22.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया को अब भी महान तबला वादक ज़ाकिर हुसैन के इस दुनिया को अलविदा कह जाने की खबर पर यकीन नहीं हो रहा है। वह अपने आप से सवाल कर रहे हैं कि कोई इतनी कम उम्र में कैसे जा सकता है और वह भी ऐसा शख्स जिसकी सांसें ही केवल तबले, ताल और राग में बसती थीं।</p>
<p>हरिप्रसाद चौरसिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ मैं इस खबर पर यकीन ही नहीं कर सकता। हर कोई इस बारे में बात कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब झूठ है। कैसे यकीन करूं कि परमात्मा ने उन्हें इतनी जल्दी बुला लिया या कि वह बीमार थे। मैं तो इसके बारे में सोच भी नहीं सकता।’’</p>
<p>हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में निधन हो गया। हुसैन की मृत्यु फेफड़े संबंधी समस्या ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। वह 73 वर्ष के थे।</p>
<p>ज़ाकिर हुसैन ने कई संगीत परियोजनाओं पर चौरसिया के साथ जुलगबंदी की थी, जिनमें 1999 में आया ‘रिमेम्बरिंग शक्ति’ एलबम भी था।</p>
<p>छियासी वर्षीय बांसुरी वादक ने कहा, ‘‘ अगर ये खबर सही भी है, तो इतनी कम उम्र में ऐसा कैसे हो सकता है, उन्होंने ऐसा क्या किया था? मैंने कभी उन्हें शराब पीते या कुछ भी गलत खाते पीते नहीं देखा था। वह केवल तबले, ताल और रागों के लिए जीते थे।’’</p>
<p>नौ मार्च 1951 को महान तबला वादक उस्ताद अल्ला रक्खा के घर जन्मे ज़ाकिर हुसैन को अपनी पीढ़ी के महानतम तबला वादकों में से एक माना जाता था।</p>
<p>फरवरी में, हुसैन 66वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम, सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन और सर्वश्रेष्ठ समकालीन वाद्य एल्बम के लिए तीन ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारत के पहले संगीतकार बने।</p>
<p>हुसैन ने 2024 के ग्रैमी में ‘फ्यूजन म्युजिक ग्रुप’ ‘शक्ति’ के तहत ‘‘दिस मोमेंट’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम का अपना पहला खिताब हासिल किया, जिसमें संस्थापक सदस्य ब्रिटिश गिटारवादक जॉन मैकलॉघलिन, साथ ही गायक शंकर महादेवन, वायलिन वादक गणेश राजगोपालन और तालवादक सेल्वागणेश विनायकराम शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/111000/zakir-hussain-s-breath-resided-in-tabla--taal-and-raga--hariprasad-chaurasia</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 19:41:22 +0530</pubDate>
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                <title>जब नन्हे जाकिर हुसैन को पहली दुआ में तबले की ताल सुनने को मिली थी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 16 दिसंबर (भाषा) तबला उस्ताद जाकिर हुसैन ने आठ साल पहले बताया था कि कैसे उनके पिता अल्ला रक्खा ने दुआ पढ़ने के लिए कहे जाने पर उनके कानों में तबले की ताल सुनाकर उनका इस दुनिया में स्वागत किया था।</p>
<p>मुंबई में जन्मे जाकिर हुसैन का सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में फेफड़ों की समस्या ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ की जटिलताओं के कारण निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>तबले को घर-घर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले जाकिर हुसैन ने बताया था कि उनके पिता ने उन्हें पहली बार अपनी गोद में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110791/when-little-zakir-hussain-got-to-hear-the-beat-of-the-tabla-in-his-first-prayer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/16122024-12.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 16 दिसंबर (भाषा) तबला उस्ताद जाकिर हुसैन ने आठ साल पहले बताया था कि कैसे उनके पिता अल्ला रक्खा ने दुआ पढ़ने के लिए कहे जाने पर उनके कानों में तबले की ताल सुनाकर उनका इस दुनिया में स्वागत किया था।</p>
<p>मुंबई में जन्मे जाकिर हुसैन का सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में फेफड़ों की समस्या ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ की जटिलताओं के कारण निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>तबले को घर-घर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले जाकिर हुसैन ने बताया था कि उनके पिता ने उन्हें पहली बार अपनी गोद में लिया और कानों में तबले की ताल सुनाई थी।</p>
<p>अल्ला रक्खा एक कुशल तबला वादक थे और प्रतिष्ठित सितार वादक पंडित रविशंकर के साथ अक्सर संगत करते थे।</p>
<p>हुसैन ने बताया, ‘‘मुझे घर लाया गया। मैं अपने पिता की गोद में था। परंपरा यह थी कि पिता बच्चे के कान में दुआ पढ़कर इस दुनिया में बच्चे का स्वागत करता और कुछ अच्छे शब्द कहता। उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठाया, अपने होंठ मेरे कान के पास लाए और मेरे कानों में तबले की ताल सुनाई। मेरी मां गुस्से में थीं। उन्होंने कहा कि आप क्या कर रहे हैं? आपको दुआ पढ़नी चाहिए, ताल नहीं सुनानी चाहिए।’’</p>
<p>जाकिर हुसैन ने बताया, ‘‘इस पर मेरे पिता ने कहा, लेकिन ये मेरी दुआएं हैं। मैं इसी तरह दुआ करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं देवी सरस्वती और भगवान गणेश का उपासक हूं। यह एक मुसलमान बोल रहा था। उन्होंने कहा कि यह ज्ञान उन्हें अपने शिक्षकों से मिला है और वे इसे अपने बेटे को देना चाहते हैं।’’</p>
<p>नौ मार्च, 1951 को मुंबई में जन्मे उस्ताद जाकिर हुसैन को 1988 में ‘पद्मश्री’, 2002 में ‘पद्म भूषण’ और 2023 में ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया।</p>
<p>जाकिर हुसैन की प्रारंभिक शिक्षा माहिम के सेंट माइकल स्कूल से हुई और उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। दोनों ही संस्थान मुंबई में हैं।</p>
<p>अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने खासा संघर्ष किया। वह ट्रेन से यात्रा करते थे और अगर उन्हें सीट नहीं मिलती थी, तो वे फर्श पर अखबार बिछाकर सो जाते थे। ऐसी यात्राओं के दौरान वे संगीत वाद्ययंत्रों को अपनी गोद में रखकर सोते थे ताकि किसी का पैर उनके तबले पर न पड़े।</p>
<p>एक अन्य साक्षात्कार में जाकिर हुसैन ने एक घटना को याद कर बताया कि कैसे जब वह 12 साल के थे तो अपने पिता के साथ एक संगीत समारोह में गए थे। उस संगीत समारोह में पंडित रविशंकर, उस्ताद अली अकबर खान, बिस्मिल्लाह खान, पंडित शांता प्रसाद और पंडित किशन महाराज जैसे दिग्गज भी मौजूद थे।</p>
<p>जाकिर हुसैन अपने पिता के साथ मंच पर गए और अपनी कला के प्रदर्शन के लिए उन्हें पांच रुपये मिले।</p>
<p>तबला वादक ने कहा था, ‘‘मैंने अपने जीवन में बहुत पैसा कमाया है, लेकिन वे पांच रुपये सर्वाधिक कीमती थे।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 15:45:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गायक, संगीतकार पंडित संजय मराठे का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे (महाराष्ट्र), 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और हारमोनियम वादक पंडित संजय राम मराठे का यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>वह 68 वर्ष के थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि कलाकार को दिल का गंभीर दौरा पड़ा था और उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार रात उनका निधन हो गया।</p>
<p>वह प्रसिद्ध संगीतकार पंडित राम मराठे के सबसे बड़े पुत्र थे।</p>
<p>पंडित संजय मराठे अपने पीछे भारतीय शास्त्रीय संगीत और रंगमंच की विरासत छोड़ गए हैं।</p>
<p>हारमोनियम वादन और मधुर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110782/singer--musician-pandit-sanjay-marathe-passes-away"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/sad-death-tragic-news-candle-condolence-tribute.jpg" alt=""></a><br /><p>ठाणे (महाराष्ट्र), 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और हारमोनियम वादक पंडित संजय राम मराठे का यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>वह 68 वर्ष के थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि कलाकार को दिल का गंभीर दौरा पड़ा था और उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार रात उनका निधन हो गया।</p>
<p>वह प्रसिद्ध संगीतकार पंडित राम मराठे के सबसे बड़े पुत्र थे।</p>
<p>पंडित संजय मराठे अपने पीछे भारतीय शास्त्रीय संगीत और रंगमंच की विरासत छोड़ गए हैं।</p>
<p>हारमोनियम वादन और मधुर गायन में महारत रखने वाले मराठे को बहुत सम्मान प्राप्त था और उन्होंने इस वर्ष अपने पिता की सौवीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया था।</p>
<p>अपने छोटे भाई मुकुंद मराठे के सहयोग से पंडित संजय मराठे ने अपने पिता की सौवीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रसिद्ध मराठी संगीत नाटक ‘संगीत मंदारमाला’ का फिर से मंचन किया।</p>
<p>इस प्रस्तुति को पारंपरिक मराठी संगीत नाटक के सार को संरक्षित करते हुए अपने अभिनव प्रयोगों के कारण व्यापक प्रशंसा मिली।</p>
<p>पंडित संजय मराठे के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और पोती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 10:52:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>‘वाह, उस्ताद’: जाकिर हुसैन ने तबले को दी नयी पहचान, संगीत का जादू बिखेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) रागों की ताल और लय के साथ तबले पर कभी थिरकती, कभी तैरती और कभी उड़ती हुई जाकिर हुसैन की उंगलियां संगीत का एक जादू सा पैदा करती थीं। वह केवल तबला वादक ही नहीं, तालवादक, संगीतकार और यहां तक कि अभिनेता भी थे। वह एक किंवदंती थे जो भारत के तो अपने थे ही, लेकिन पूरी दुनिया के भी थे।</p>
<p>हुसैन का फेफड़े से संबंधी ‘‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’’ बीमारी के कारण अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे।</p>
<p>भारत और विदेश में जाना-माना नाम हुसैन अपने पीछे 60</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110764/%E2%80%98wah--ustad%E2%80%99--zakir-hussain-gave-new-identity-to-tabla--spread-the-magic-of-music"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k16122024-01.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) रागों की ताल और लय के साथ तबले पर कभी थिरकती, कभी तैरती और कभी उड़ती हुई जाकिर हुसैन की उंगलियां संगीत का एक जादू सा पैदा करती थीं। वह केवल तबला वादक ही नहीं, तालवादक, संगीतकार और यहां तक कि अभिनेता भी थे। वह एक किंवदंती थे जो भारत के तो अपने थे ही, लेकिन पूरी दुनिया के भी थे।</p>
<p>हुसैन का फेफड़े से संबंधी ‘‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’’ बीमारी के कारण अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे।</p>
<p>भारत और विदेश में जाना-माना नाम हुसैन अपने पीछे 60 साल से ज्यादा का संगीत अनुभव छोड़ गए हैं। उन्होंने कुछ महानतम भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीतकारों के साथ मंच पर तबला बजाया तथा भारतीय शास्त्रीय एवं विश्व संगीत का ‘फ्यूजन’ रचा, जिससे तबले को एक नयी पहचान मिली।</p>
<p>महान तालवादक ने विभिन्न विधाओं और शैलियों में संगीत की रचना की। उनके प्रदर्शनों की सूची में ‘जैज’ और ‘कंसर्ट’ भी शामिल हैं। अपने पिता एवं प्रसिद्ध तबला वादक अल्ला रक्खा के संरक्षण में तबला सीखने और बजाने के बाद स्वाभाविक रूप से उनमें ‘‘सर्व-समावेशी संगीत रचनात्मकता’’ का विकास हुआ।</p>
<p>हुसैन ने लगभग एक वर्ष पहले गोवा में एक कार्यक्रम से पहले ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा था, मेरी सोच इस विचार के अनुकूल होती गई कि संगीत सिर्फ संगीत है, यह न तो भारतीय संगीत नहीं है, न कोई और संगीत। इसलिए जब मैंने गैर-भारतीय संगीतकारों के साथ काम करना शुरू किया तो यह एक स्वाभाविक तालमेल जैसा लगा।’’</p>
<p>अपने समय के महानतम तबला वादकों में से एक अल्ला रक्खा के पुत्र के रूप में हुसैन संगीत के लिए जन्मे थे।</p>
<p>उन्होंने बहुत कम उम्र में ही संगीत की शुरुआत कर दी थी। इस प्रतिभाशाली बालक ने सात साल की उम्र में अपना पहला संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया और 12 साल की उम्र में ही संगीत कार्यक्रम करने लगे। मुंबई में जन्मे हुसैन अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद 1970 में अमेरिका चले गए।</p>
<p>जब बात उनके संगीत की आती थी तो सीमाएं मायने नहीं रखती थीं।</p>
<p>फरवरी में, हुसैन 66वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम, सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन और सर्वश्रेष्ठ समकालीन वाद्य एल्बम के लिए तीन ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारत के पहले संगीतकार बने।</p>
<p>हुसैन ने 2024 के ग्रैमी में ‘फ्यूजन म्युजिक ग्रुप’ ‘शक्ति’ के तहत ‘‘दिस मोमेंट’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम का अपना पहला खिताब हासिल किया, जिसमें संस्थापक सदस्य ब्रिटिश गिटारवादक जॉन मैकलॉघलिन, साथ ही गायक शंकर महादेवन, वायलिन वादक गणेश राजगोपालन और तालवादक सेल्वागणेश विनायकराम शामिल हैं।</p>
<p>बाद में उन्होंने बांसुरी वादक राकेश चौरसिया, अमेरिकी बैंजो वादक बेला फ्लेक और अमेरिकी बास वादक एडगर मेयर के साथ ‘‘पश्तो’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन और ‘‘एज वी स्पीक’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ समकालीन वाद्य एल्बम के लिए दो अन्य पुरस्कार जीते।</p>
<p>पिछले वर्ष जनवरी में विश्व भ्रमण के तहत भारत आए ‘शक्ति’ के कलाकार एक बार फिर जुटे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह देखा गया।</p>
<p>‘शक्ति’ के अलावा, हुसैन ने कई अभूतपूर्व कार्यक्रमों में भी योगदान दिया, जिनमें ‘मास्टर्स ऑफ पर्क्यूशन’, ‘प्लैनेट ड्रम’ ‘ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट विथ मिकी हार्ट’, ‘तबला बीट साइंस’ ‘संगम विथ चार्ल्स लॉयड’ और ‘एरिक हारलैंड’ और हाल में हर्बी हैनकॉक के साथ कार्यक्रम शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110764/%E2%80%98wah--ustad%E2%80%99--zakir-hussain-gave-new-identity-to-tabla--spread-the-magic-of-music</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 10:30:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली/मुंबई/कोलकाता, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>परिवार ने एक बयान में कहा कि हुसैन की मृत्यु फेफड़े संबंधी समस्या ‘‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’’ से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। वह 73 वर्ष के थे।</p>
<p>हुसैन पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया था।</p>
<p>हुसैन की बहन खुर्शीद औलिया ने कहा कि उन्होंने ‘‘सुकून के साथ अंतिम सांस’’ ली।</p>
<p>उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘वेंटिलेशन मशीन बंद किए जाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110766/famous-tabla-player-zakir-hussain-passes-away"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k16122024-01.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली/मुंबई/कोलकाता, 16 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>परिवार ने एक बयान में कहा कि हुसैन की मृत्यु फेफड़े संबंधी समस्या ‘‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’’ से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। वह 73 वर्ष के थे।</p>
<p>हुसैन पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया था।</p>
<p>हुसैन की बहन खुर्शीद औलिया ने कहा कि उन्होंने ‘‘सुकून के साथ अंतिम सांस’’ ली।</p>
<p>उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘वेंटिलेशन मशीन बंद किए जाने के बाद उन्होंने सुकून के साथ अंतिम सांस ली। सैन फ्रांसिस्को के समय के अनुसार, तब शाम के चार बजे थे।’’</p>
<p>प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद अल्ला रक्खा के पुत्र जाकिर हुसैन का जन्म नौ मार्च 1951 को हुआ था। उन्हें उनकी पीढ़ी के सबसे महान तबला वादकों में से एक माना जाता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी एंटोनिया मिनेकोला और उनकी बेटियां अनीशा कुरैशी और इज़ाबेला कुरैशी हैं।</p>
<p>परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘वह दुनिया भर के अनगिनत संगीत प्रेमियों द्वारा संजोई गई एक असाधारण विरासत छोड़ गए हैं, जिसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक बना रहेगा।’’</p>
<p>छह दशकों के अपने करियर में, हुसैन ने कई प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कलाकारों के साथ काम किया, लेकिन गिटारवादक जॉन मैकलॉघलिन, वायलिन वादक एल शंकर और तालवादक टीएच ‘विक्कू’ विनायक्रम के साथ 1973 में भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी जैज संगीत के तत्वों के उनके संलयन को काफी सराहा गया।</p>
<p>हुसैन ने मात्र सात वर्ष की आयु से ही तबले पर हाथ आजमाना शुरू कर दिया था और आगे चलकर उन्होंने पंडित रविशंकर, अली अकबर खान और शिवकुमार शर्मा जैसे दिग्गजों सहित भारत के लगभग सभी प्रतिष्ठित संगीत कलाकारों के साथ काम किया।</p>
<p>यो-यो मा, चार्ल्स लॉयड, बेला फ्लेक, एडगर मेयर, मिकी हार्ट और जॉर्ज हैरिसन जैसे पश्चिमी संगीतकारों के साथ उनके अभूतपूर्व संगीत ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया।</p>
<p>हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार जीते, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे।</p>
<p>भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में ‘पद्म श्री’, 2002 में ‘पद्म भूषण’ और 2023 में ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया।</p>
<p>हुसैन के निधन के बारे में जानकारी मिलने पर मशहूर हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।</p>
<p>राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने दिग्गज तबला वादक को श्रद्धांजलि दी।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के बिना संगीत की दुनिया अधूरी रह जाएगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना। मेरी प्रार्थनाएं, ओम शांति।’’</p>
<p>फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने कहा, ‘‘कुछ घंटे पहले उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन हो गया। अलविदा उस्ताद जी। वह व्यक्ति, जिन्होंने तबला वादन को आकर्षण का केंद्र बनाया, जिन्होंने एक संगत वाद्य यंत्र को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान दिया। उनके परिवार, प्रशंसकों और दुनिया भर में उनके चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदनाएं।’’</p>
<p>महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन पर दुख प्रकट किया और कहा कि देश ने अपने प्रिय तबलावादक और सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक को खो दिया।</p>
<p>राधाकृष्णन ने कहा कि हुसैन भारतीय शास्त्रीय संगीत में ऐसा नाम बन गए थे जिन्हें घर-घर में पहचाना जाता है।</p>
<p>राज्यपाल ने कहा कि उनके जाने से संगीत की दुनिया में अपूरणीय क्षति हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उनके निधन से भारत, खास तौर पर महाराष्ट्र ने अपने प्रिय तबलावादक और सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक को खो दिया है। उस्ताद जाकिर हुसैन का संगीत अमर रहेगा, जो संगीतकारों की पीढ़ियों को कुछ नया करने और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।’’</p>
<p>हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा, ‘‘प्रसिद्ध तबला वादक ‘पद्म भूषण’ उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर दुखद है। जाकिर हुसैन भारत के सबसे प्रसिद्ध तबला वादक के रूप में जाने जाते थे, वह एक बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे।’’</p>
<p>पवार ने कहा, ‘‘उन्होंने भारतीय संगीत के एक वाद्य यंत्र तबला को विश्व पटल पर स्थापित किया... कला जगत के एक दिग्गज का आज निधन हो गया।’’</p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने तबला वादक को ‘‘भारत की समृद्ध संगीत विरासत का प्रतीक और शास्त्रीय परंपराओं का सच्चा संरक्षक’’ बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उस्ताद जाकिर हुसैन ने भारतीय संगीत को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह भारत की समृद्ध संगीत विरासत के प्रतीक रहे। वह शास्त्रीय परंपराओं के सच्चे संरक्षक थे। कला के क्षेत्र में उनका योगदान अद्वितीय है। उनका निधन संस्कृति और मानवता के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना।’’</p>
<p>हुसैन के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें ‘‘एक सांस्कृतिक दूत बताया, जिन्होंने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली ताल से सीमाओं और पीढ़ियों के बीच सेतु का काम किया।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘पद्म विभूषण से सम्मानित तबला वादक और तालवादक ने असाधारण प्रदर्शन के जरिए अपने पिता की विरासत को बेहद शानदार ढंग से आगे बढ़ाया। उनको मिले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान इस बात के प्रमाण हैं।’’</p>
<p>पश्चिम बंगाल के प्रमुख संगीतकारों ने भी हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया।</p>
<p>संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘शास्त्रीय संगीत की दुनिया में कोई दूसरा जाकिर हुसैन नहीं होगा।’’</p>
<p>भट्टाचार्य ने कहा कि हुसैन ने विभिन्न शास्त्रीय रागों और शैली में तबला बोल (ताल) के साथ प्रयोग किए।</p>
<p>भट्टाचार्य ने याद किया कि वह किसी भी प्रस्तुति से पहले मंच पर बड़ों के पैर छूते थे। संतूर वादक ने कहा कि वह ही थे जिन्होंने भारतीय तबले को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया और भारतीय शास्त्रीय वाद्य संगीत को बीटल्स के बराबर खड़ा किया।</p>
<p>‘ग्लोबल इंडियन म्यूजिक एकेडमी अवार्ड’ विजेता एवं ग्रैमी के लिए जूरी सदस्य तबला वादक प्रद्युत मुखर्जी ने हुसैन को एक बहुमुखी प्रतिभा बताया जो मंच पर जादू बिखेर देते थे।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें अपना गुरु मानता हूं, हालांकि वह आधिकारिक तौर पर मेरे गुरु नहीं थे। मैंने उनसे लय तथा ताल सीखी। वह हमेशा बेहद विनम्र रहते थे तथा नए लोगों के प्रति कभी अहंकार नहीं दिखाते थे।’’</p>
<p>मुखर्जी ने कहा कि अगर किसी उभरते कलाकार में उन्हें कोई खूबी नजर आती थी तो वह हमेशा उनकी मदद के लिए उत्सुक रहते थे।</p>
<p>मुखर्जी ने कहा, ‘‘जाकिर जी दक्षिण कोलकाता में एक तबला बनाने वाले की दुकान पर जाते थे और यहां तथा विदेशों में अपने प्रदर्शन के लिए उनके वाद्य यंत्र का इस्तेमाल करते थे।’’</p>
<p>सरोद वादक पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने कहा कि हुसैन यहां आयोजित होने वाले स्वर सम्राट महोत्सव में नौ साल से प्रस्तुति दे रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जाकिर भाई से हम उम्मीद कर रहे थे कि वह कल (बीत गया) भी अपनी तबला प्रतिभा से दर्शकों का मनोरंजन करते। कल इस चार दिवसीय महोत्सव का तीसरा दिन था। हम सभी जानते थे कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन वह बहुत जल्दी चले गए।’’</p>
<p>सरोज वादक अमजद अली खान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उनके पास कोई शब्द नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं जाकिर भाई के बारे में सुनकर पूरी तरह से टूट गया हूं। उस्ताद जाकिर हुसैन एक अद्भुत व्यक्ति थे। वह वास्तव में दुनिया के सबसे लोकप्रिय संगीतकारों में से एक थे।’’</p>
<p>सारंगी वादक कमाल साबरी ने हुसैन के निधन को संगीत दुनिया के लिए ‘‘बड़ी क्षति’’ बताया।</p>
<p>उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वह एक अद्भुत संगीतकार थे जिन्होंने लंबे समय तक वैश्विक मंच पर भारतीय संगीत का प्रतिनिधित्व किया।’’</p>
<p>शास्त्रीय गायक वसीफुद्दीन डागर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वह एक प्रेरणा थे। यह एक अपूरणीय क्षति है... वह दुनिया भर में सबसे प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार थे।’’</p>
<p>बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने कहा कि उन्हें हुसैन के निधन के बारे में जानकर ‘‘दुख’’ हुआ है।</p>
<p>उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘वह वास्तव में हमारे देश की संगीत विरासत के लिए एक खजाना थे। ओम शांति।’’</p>
<p>करीना कपूर खान ने ‘इंस्टाग्राम’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उस्ताद हमेशा के लिए।’’</p>
<p>कमल हासन ने सोशल मीडिया पर हुसैन के साथ तबला बजाते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की।</p>
<p>दिग्गज तमिल अभिनेता ने कहा, ‘‘जाकिर भाई ! वह बहुत जल्दी हमें छोड़कर चले गए। फिर भी हम, उनके द्वारा दिए गए समय और अपनी कला के रूप में जो कुछ भी उन्होंने पीछे छोड़ा है, उसके लिए आभारी हैं। अलविदा और धन्यवाद।’’</p>
<p>संगीतकार विशाल ददलानी ने ‘इंस्टाग्राम’ पर कहा कि कोई दूसरा उस्ताद जाकिर हुसैन कभी नहीं होगा।</p>
<p>संगीतकार कर्श काले ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वाद्य यंत्र को इस तरह रखा गया था जिससे वह ‘जाकिर’ लिखे हुए नजर आ रहे थे। उन्होंने उसका कैप्शन लिखा था, ‘‘नो वर्ड्स’’</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत ने हुसैन का एक पुराना वीडियो अपनी ‘इंस्टाग्राम स्टोरीज’ पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘आपने भारत को समृद्ध बनाया। आपके योगदान के लिए धन्यवाद।’’</p>
<p>अमेरिका में रहने वाली गायिका अनुराधा पलाकुर्थी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में बहुत सारे घराने हैं, लेकिन मेरा मानना ​​है कि जाकिर हुसैन साहब एक ऐसे व्यक्ति थे जो इन सबसे परे थे। वह किसी एक घराने के नहीं, बल्कि हर घराने के थे।’’</p>
<p>ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज ने हुसैन को उनकी ‘‘सादगी, विनम्रता और उनके मिलनसार स्वभाव’’ के लिए याद किया।</p>
<p>केज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारत के अब तक के सबसे महान संगीतकारों और व्यक्तित्वों में से एक...। खुद को इस मुकाम तक पहुंचाने के साथ-साथ, जाकिर जी को कई संगीतकारों के करियर को नयी ऊचाइयों तक पहुंचाने के लिए जाना जाता था।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘वह कौशल और ज्ञान का खजाना थे और हमेशा सहयोग तथा अपने कामों के जरिए पूरे संगीत जगत के लोगों को प्रोत्साहित करते थे। वह अपने पीछे एक विरासत छोड़ गए हैं और उनकी छाप पीढ़ियों तक रहेगी। वह हमें बहुत जल्दी छोड़कर दुनिया से चले गए।’’</p>
<p>अमेरिकी ‘ड्रमर’ नैट स्मिथ ने कहा ‘‘हुसैन जी, आपने हमें जो भी संगीत दिया, उसके लिए धन्यवाद। आपकी विरासत हमारी अनमोल पूंजी है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 10:19:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उच्च न्यायालय ने दिलजीत दोसांझ के चंडीगढ़ कार्यक्रम को अनुमति दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंडीगढ़, 13 दिसंबर (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के शनिवार शाम को यहां होने वाले कार्यक्रम को अनुमति दे दी है। इसने साथ ही निर्देश दिया कि वह ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन करें।</p>
<p>शुक्रवार को कार्यक्रम के आयोजन को अनुमति देते हुए मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि ध्वनि संबंधी प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।</p>
<p>पीठ ने यह भी कहा कि तय नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।</p>
<p>अदालत चंडीगढ़ निवासी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110142/high-court-gives-permission-to-diljit-dosanjh-s-chandigarh-program"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/diljit-dosanjh.jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़, 13 दिसंबर (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के शनिवार शाम को यहां होने वाले कार्यक्रम को अनुमति दे दी है। इसने साथ ही निर्देश दिया कि वह ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन करें।</p>
<p>शुक्रवार को कार्यक्रम के आयोजन को अनुमति देते हुए मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि ध्वनि संबंधी प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।</p>
<p>पीठ ने यह भी कहा कि तय नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।</p>
<p>अदालत चंडीगढ़ निवासी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने सेक्टर 34 प्रदर्शनी मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रमों के प्रबंधन पर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को निर्देश देने का अनुरोध किया था।</p>
<p>शनिवार को दोसांझ का संगीत कार्यक्रम इसी मैदान में आयोजित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 10:32:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिलजीत दोसांझ को ‘लाइव शो’ में शराब पर आधारित गानों से बचने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंडीगढ़, 12 दिसंबर (भाषा) चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ को शनिवार को यहां होने वाले उनके ‘लाइव शो’ के दौरान शराब पर आधारित गानों से परहेज करने की सलाह दी है।</p>
<p>आयोग ने कहा है कि शराब से संवेदनशील उम्र के बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल द्वारा बृहस्पतिवार को जारी परामर्श में विशेष रूप से ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा’ और ‘केस’ आदि गीतों का उल्लेख किया गया है तथा शराब, मादक पदार्थों या हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों के प्रति भी आगाह किया गया है।</p>
<p>यह निर्देश पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109512/diljit-dosanjh-advised-to-avoid-alcohol-based-songs-in--live-shows"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/diljit-dosanjh.jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़, 12 दिसंबर (भाषा) चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ को शनिवार को यहां होने वाले उनके ‘लाइव शो’ के दौरान शराब पर आधारित गानों से परहेज करने की सलाह दी है।</p>
<p>आयोग ने कहा है कि शराब से संवेदनशील उम्र के बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल द्वारा बृहस्पतिवार को जारी परामर्श में विशेष रूप से ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा’ और ‘केस’ आदि गीतों का उल्लेख किया गया है तथा शराब, मादक पदार्थों या हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों के प्रति भी आगाह किया गया है।</p>
<p>यह निर्देश पिछले महीने तेलंगाना सरकार द्वारा हैदराबाद में दोसांझ के शो के दौरान जारी किए गए इसी तरह के निर्देश के बाद आया है, जहां उन्हें शराब और मादक पदार्थों को बढ़ावा देने वाले गानों से परहेज करने को कहा गया था। नोटिस में तेज आवाज और चमकती रोशनी के कारण बच्चों को मंच पर आमंत्रित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।</p>
<p>चंडीगढ़ के शो के लिए जारी परामर्श में सीसीपीसीआर अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमारे संज्ञान में आया है कि दिलजीत दोसांझ 14 दिसंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित ‘एग्जीबिशन ग्राउंड’ में होने वाले अपने लाइव शो में प्रस्तुति देने जा रहे हैं।’’</p>
<p>सीसीपीसीआर ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित में संबंधित परामर्श जारी करने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>आयोग की सलाह में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 25 वर्ष से कम आयु के लोगों को शराब न परोसी जाए, क्योंकि ऐसा करना किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और कानून के अन्य प्रावधानों के तहत दंडनीय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Dec 2024 19:17:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन की 2024 दक्षिण एशियाई सेलिब्रिटी सूची में शीर्ष पर दिलजीत दोसांझ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 12 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ बुधवार को लंदन में प्रदर्शित ‘2024 की विश्व की शीर्ष 50 एशियाई हस्तियों’ की ब्रिटिश सूची में शीर्ष पर रहे।</p>
<p>पिछले साल इस सूची में अभिनेता शाहरुख खान शीर्ष पर रहे थे। पंजाबी गायक एवं अभिनेता दोसांझ ने ब्रिटेन के साप्ताहिक समाचार पत्र ‘ईस्टर्न आई’ द्वारा प्रकाशित सूची के 2024 संस्करण में सिनेमा, टेलीविजन, संगीत, कला और साहित्य की दुनिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।</p>
<p>दोसांझ ने फिल्मों के लिए कई सफल गीत गाए हैं और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगीत समारोहों के जरिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109263/diljit-dosanjh-tops-britain-s-2024-south-asian-celebrity-list"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/diljit-dosanjh.jpg" alt=""></a><br /><p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 12 दिसंबर (भाषा) प्रसिद्ध गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ बुधवार को लंदन में प्रदर्शित ‘2024 की विश्व की शीर्ष 50 एशियाई हस्तियों’ की ब्रिटिश सूची में शीर्ष पर रहे।</p>
<p>पिछले साल इस सूची में अभिनेता शाहरुख खान शीर्ष पर रहे थे। पंजाबी गायक एवं अभिनेता दोसांझ ने ब्रिटेन के साप्ताहिक समाचार पत्र ‘ईस्टर्न आई’ द्वारा प्रकाशित सूची के 2024 संस्करण में सिनेमा, टेलीविजन, संगीत, कला और साहित्य की दुनिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।</p>
<p>दोसांझ ने फिल्मों के लिए कई सफल गीत गाए हैं और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगीत समारोहों के जरिए उनकी लोकप्रियता और बढ़ी है।</p>
<p>‘ईस्टर्न आई’ के संपादक (मनोरंजन) असजाद नजीर ने कहा, ‘‘गायन के क्षेत्र के इस सुपरस्टार का अति सफल ‘दिल-लुमिनाती’ कार्यक्रम इतिहास में किसी भी दक्षिण एशियाई सेलिब्रिटी द्वारा किया गया दुनिया का सबसे सफल ‘टूर’ है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ ‘द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फॉलन’ में उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारतीय संगीत के लिए नयी जमीन तैयार की। संगीत का जादू बिखेरने के साथ ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी इस सितारे ने फिल्मों में भी अपनी अभिनय क्षमता दिखाई और अपनी पंजाबी संस्कृति का गर्व से प्रचार किया। हर कोई उनके बारे में बात कर रहा है और यह उनके लिए एक स्वप्निल वर्ष साबित हुआ।’’</p>
<p>भारतीय मूल की पॉप सुपरस्टार चार्ली एक्ससीएक्स दूसरे स्थान पर रहीं।</p>
<p>सूची में तीसरे स्थान पर अभिनेता अल्लू अर्जुन रहे जिन्होंने वर्ष की सबसे सफल भारतीय फिल्म ‘पुष्पा: द रूल’ के जरिए बॉक्स-ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ दिए और अपने देश में सिनेमा के परिदृश्य को बदल दिया। अभिनेता एवं फिल्मकार देव पटेल चौथे स्थान पर रहे जिन्होंने हिट फिल्म ‘मंकी मैन’ में उल्लेखनीय लेखन, निर्देशन, निर्माण और अभिनय करके हॉलीवुड के एक शक्तिशाली कलाकार के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली।</p>
<p>अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास पांचवें, तमिल फिल्मों के अभिनेता विजय छठे और गायक अभिजीत सिंह सातवें स्थान पर रहे। ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री गेराल्डिन विश्वनाथन, पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर और ब्रिटिश अभिनेत्री सिमोन एश्ले इस वर्ष की शीर्ष 10 हस्तियों में शामिल हैं।</p>
<p>सूची में शामिल सबसे अधिक उम्र के कलाकार 82 वर्षीय अमिताभ बच्चन (26वां स्थान) हैं और सबसे युवा कलाकार 17 वर्षीय अभिनेत्री नितांशी गोयल (42वां स्थान) हैं, जिन्हें भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि ‘लापता लेडीज’ में उनके प्रभावशाली अभिनय के लिए सूची में शामिल किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Dec 2024 10:51:27 +0530</pubDate>
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                <title>दिलजीत दोसांझ ने उनके कंसर्ट के टिकटों की कालाबाजारी पर तोड़ी चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ ने ‘दिल-लुमिनाती इंडिया टूर 2024’ के तहत अपने संगीत कार्यक्रमों के टिकटों की कालाबाजारी के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कलाकारों को इस गोरखधंधे के लिए दोषी ठहराया जाता है, लेकिन यह उनकी गलती नहीं है।</p>
<p>गायक ने रविवार को इंदौर में अपनी प्रस्तुति के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखी, जो 26 अक्टूबर को भारत में हुए शुरू हुए उनके कार्यक्रम को प्रभावित कर रहा है।</p>
<p>दिलजीत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘कुछ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108244/diljit-dosanjh-breaks-silence-on-black-marketing-of-his-concert-tickets"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/diljit-dosanjh.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ ने ‘दिल-लुमिनाती इंडिया टूर 2024’ के तहत अपने संगीत कार्यक्रमों के टिकटों की कालाबाजारी के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कलाकारों को इस गोरखधंधे के लिए दोषी ठहराया जाता है, लेकिन यह उनकी गलती नहीं है।</p>
<p>गायक ने रविवार को इंदौर में अपनी प्रस्तुति के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखी, जो 26 अक्टूबर को भारत में हुए शुरू हुए उनके कार्यक्रम को प्रभावित कर रहा है।</p>
<p>दिलजीत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘कुछ समय से यह बात मेरे खिलाफ की जा रही है कि दिलजीत के कंसर्ट के टिकट की कालाबाजारी की जा रही है। लेकिन यह मेरी गलती नहीं है कि टिकट इस तरह बेचे जा रहे हैं, हैं न? अगर आपको टिकट 10 रुपये में मिल रहा है और आप इसे 100 रुपये में बेचते हैं, तो कलाकार की क्या गलती है?’’</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, ‘‘एक काम करें, मुझ पर आरोप लगाएं। मीडिया वालों, मुझे जितना दोष देना है, दो। मुझे बदनामी का कोई डर नहीं है। मुझे कोई परेशानी नहीं है।’’</p>
<p>दलजीत के कार्यक्रमों के आयोजकों के मुताबिक ‘दिल-लुमिनाती इंडिया टूर 2024’ की सितंबर के शुरुआत में 2.5 लाख टिकटों की बिक्री हुई है और यह भारत में अब तक का सबसे अधिक कमाई वाला कंसर्ट टूर बन गया है। हालांकि, ऐसे कई प्रशंसक थे जिन्हें संगीत समारोह का टिकट नहीं मिल पाया, जिसके बाद कालाबाजारी के माध्यम से ऊंची कीमतों पर टिकट की बिक्री बढ़ गई।</p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अक्टूबर में कहा था कि उसने ब्रिटिश रॉक बैंड कोल्डप्ले और दिलजीत के संगीत कार्यक्रमों की टिकटों की ‘कालाबाजारी’ के संबंध में धनशोधन की जांच के लिए छापेमारी की थी, जिसके बाद कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ था।</p>
<p>दिलजीत ने कहा कि कालाबाजारी पुरानी बात है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई नई बात नहीं है। टिकटों की कालाबाजारी पहले से होती आ रही है। पहले सिनेमा था... बस कार्यक्रम बदल गए हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 21:17:34 +0530</pubDate>
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