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                <title>Adani Group - Loktej</title>
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                <description>Adani Group RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अदाणी एयरपोर्ट, ब्लिंकिट ने मुंबई हवाई अड्डे पर देश की पहली ‘इन-टर्मिनल’ त्वरित वाणिज्य सेवा शुरू की</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने ब्लिंकिट के साथ साझेदारी में बुधवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत की पहली ‘इन-टर्मिनल’ त्वरित वाणिज्य सेवा (फटाफट सामान पहुंचाने) शुरू करने की घोषणा की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सेवा वर्तमान में टर्मिनल-</span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> के घरेलू प्रस्थान क्षेत्र में शुरू हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके माध्यम से ऐप आधारित वितरण सेवा को सीधे हवाई अड्डे के भीतर उपलब्ध कराया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस सुविधा के तहत यात्री ब्लिंकिट ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत का सामान मंगवा सकते हैं। यह सामान हवाई अड्डे के भीतर बोर्डिंग गेट</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने ब्लिंकिट के साथ साझेदारी में बुधवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत की पहली ‘इन-टर्मिनल’ त्वरित वाणिज्य सेवा (फटाफट सामान पहुंचाने) शुरू करने की घोषणा की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सेवा वर्तमान में टर्मिनल-</span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> के घरेलू प्रस्थान क्षेत्र में शुरू हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके माध्यम से ऐप आधारित वितरण सेवा को सीधे हवाई अड्डे के भीतर उपलब्ध कराया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस सुविधा के तहत यात्री ब्लिंकिट ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत का सामान मंगवा सकते हैं। यह सामान हवाई अड्डे के भीतर बोर्डिंग गेट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाउंज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फूड कोर्ट और कुछ चुनिंदा केंद्रों पर सीधे यात्री के स्थान तक पहुंचाया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के एक प्रवक्ता ने कहा</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">टर्मिनल के भीतर ऐप आधारित सुविधा मिलने से यात्री अपने समय का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और इससे सेवाओं के समग्र स्तर में भी सुधार होगा। यह कदम हवाई अड्डों को यात्रियों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील और केंद्रित बनाने की दिशा में एक पहल है।’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस सेवा के दायरे में यात्रा से जुड़े सामान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रॉनिक उपकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खाने-पीने की वस्तुएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुस्तकें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों की देखभाल से जुड़े उत्पाद और व्यक्तिगत जरूरत की अन्य चीजें शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तरल पदार्थ जैसे कि पैक किया हुआ पानी और ठंडे पेय पदार्थ हवाई अड्डे के भीतर ही स्वीकृत भंडार से उपलब्ध कराए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्लिंकिट के लिए यह पहल त्वरित वाणिज्य सेवा को एक ऐसे व्यस्त स्थान तक ले जाने का प्रयास है जहां उपभोक्ताओं की मांग और जरूरत अधिक रहती है। इससे ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146362/adani-airports-blinkit-launches-countrys-first-in-terminal-instant-commerce-service</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:01:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेपी एसोसिएट्स अधिग्रहण: अदाणी की सफल बोली के खिलाफ वेदांता पहुंची उच्चतम न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">30 मार्च (वेब वार्ता)। खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की </span>14,535<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की सफल बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश पर रोक लगाने की अपील करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेदांता ने </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च को अपनी अपील दायर की। इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अदाणी की समाधान योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदाणी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146316/vedanta-moves-supreme-court-against-jp-associates-successful-bid-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/gavel-court-order-supreme-high-hathoda-justice1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">30 मार्च (वेब वार्ता)। खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की </span>14,535<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की सफल बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश पर रोक लगाने की अपील करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेदांता ने </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च को अपनी अपील दायर की। इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अदाणी की समाधान योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने भी शीर्ष न्यायालय में एक ‘कैविएट’ दायर की है। कैविएट एक कानूनी नोटिस है जिसमें अदालत से अनुरोध किया जाता है कि दूसरे पक्ष की याचिका पर कोई भी आदेश देने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च को वेदांता की उस याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से मना कर दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश को चुनौती दी गई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीएलएटी ने जेएएल के ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल की तारीख तय की है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वेदांता समूह ने दलील दी है कि उसने जेएएल के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी। वेदांता की बोली </span>16,726<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज की बोली </span>14,535<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वेदांता का तर्क है कि दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त संपत्ति का अधिकतम मूल्य प्राप्त करना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऋणदाताओं ने कम मूल्य वाली बोली को चुना।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋणदाताओं की समिति(सीओसी) ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी बोलीदाता द्वारा केवल सबसे ऊंची बोली लगाना उसके लिए जीत की गारंटी नहीं होता।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऋणदाताओं के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदाणी की योजना को इसलिए प्राथमिकता दी गई क्योंकि उन्होंने लगभग </span>6,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का तत्काल नकद भुगतान और दो साल के भीतर पूरा भुगतान करने की पेशकश की थी। इसके विपरीत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेदांता का भुगतान पांच साल की लंबी अवधि में फैला हुआ था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जून</span>, 2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> में जेपी एसोसिएट्स (जेएएल) को </span>57,185<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान में चूक के बाद दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल किया गया था।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 12:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदाणी पोर्ट्स और फ्रांस के मार्सिले पोर्ट ने सहयोग का किया ऐलान, भारत-यूरोप के बीच ट्रेड कनेक्टिविटी बढ़ेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस के बड़े बंदरगाहों में से एक मार्सिले पोर्ट ने बुधवार को सहयोग का ऐलान किया है।</p>
<p>इसके जरिए दोनों कंपनियां पोर्ट इनोवेशन, व्यापार सुगमीकरण पर सहयोग को गहरा करने, ऊर्जा परिवर्तन और भारत-यूरोप ट्रेड कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेंगी।</p>
<p>समझौता ज्ञापन (एमओयू) में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) मार्ग पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय को मजबूत करने और भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए एक आईएमईसी पोर्ट्स क्लब के निर्माण का प्रस्ताव है।</p>
<p>नई दिल्ली में 2023</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145641/adani-ports-and-marseille-port-of-france-announced-cooperation-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b18022026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस के बड़े बंदरगाहों में से एक मार्सिले पोर्ट ने बुधवार को सहयोग का ऐलान किया है।</p>
<p>इसके जरिए दोनों कंपनियां पोर्ट इनोवेशन, व्यापार सुगमीकरण पर सहयोग को गहरा करने, ऊर्जा परिवर्तन और भारत-यूरोप ट्रेड कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेंगी।</p>
<p>समझौता ज्ञापन (एमओयू) में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) मार्ग पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय को मजबूत करने और भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए एक आईएमईसी पोर्ट्स क्लब के निर्माण का प्रस्ताव है।</p>
<p>नई दिल्ली में 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में शुरू की गई, आईएमईसी एक 6,000 किलोमीटर लंबी बहुआयामी कनेक्टिविटी पहल है जो एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल प्रणालियों और स्वच्छ ऊर्जा मार्गों के माध्यम से भारत और यूरोप को जोड़ती है।</p>
<p>एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा,”भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “भारत के पश्चिमी तट पर स्थित हजीरा और मुंद्रा में हमारे बंदरगाहों ने कॉरिडोर के पहले और मध्य चरणों में एक सुगम मार्ग स्थापित कर लिया है।”</p>
<p>गुप्ता ने कहा,”फ्रांस के मार्सिले फॉस बंदरगाह के साथ इस समझौता ज्ञापन से हमने यूरोप से अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ लिया है। यह साझेदारी सभी भागीदार देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को काफी तेज करेगी, जिससे आर्थिक सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और भी बढ़ेगी।”</p>
<p>इससे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार के लिए आईएमईसी मार्ग पूरा हो गया है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से काफी बढ़ावा मिला है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड’ बताया है।</p>
<p>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की यात्रा के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो भारत-फ्रांस की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है।</p>
<p>मार्सिले फोस पोर्ट के सीईओ हरवे मार्टेल ने कहा, “ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने से प्रसन्न हैं।</p>
<p>भारत और मार्सिले इस भावी व्यापार मार्ग के दो छोरों पर स्थित हैं, जिससे दोनों बंदरगाहों पर इस नए मार्ग की संरचना और उसे सक्रिय करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ जाती है।”</p>
<p>मार्टेल ने आगे कहा, “हम मिलकर इसमें शामिल बंदरगाहों को एकजुट और एकीकृत करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच अधिक कुशल, लचीले और टिकाऊ संपर्क के प्रबल समर्थक के रूप में कार्य करेंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145641/adani-ports-and-marseille-port-of-france-announced-cooperation-to</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 18:24:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में बनेगा वर्ल्ड क्लास हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम, एक ही स्थान पर होगी मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण : जीत अदाणी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 03 फरवरी (वेब वार्ता)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कहा कि इटली की दिग्गज कंपनी लियोनार्डो हेलिकॉप्टर्स के साथ मिलकर वे भारत की जमीन पर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएंगे, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण और वर्ल्ड क्लास सपोर्ट एक ही स्थान पर मिलेगा।</p>
<p>लियोनार्डो के साथ साझेदारी का ऐलान करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि देश की हेलिकॉप्टर क्षमताएं यहां से मजबूत एवं स्थिर होंगी और पीढ़ियों तक मजबूत रहेंगी।</p>
<p>अपनी भाषण में जीत अदाणी ने आगे कहा,”इस पहल का एक गहरा सामाजिक आयाम भी है। दुनिया भर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145397/world-class-helicopter-ecosystem-will-be-built-in-india-manufacturing"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/‍‍‍b03022026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 03 फरवरी (वेब वार्ता)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कहा कि इटली की दिग्गज कंपनी लियोनार्डो हेलिकॉप्टर्स के साथ मिलकर वे भारत की जमीन पर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएंगे, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण और वर्ल्ड क्लास सपोर्ट एक ही स्थान पर मिलेगा।</p>
<p>लियोनार्डो के साथ साझेदारी का ऐलान करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि देश की हेलिकॉप्टर क्षमताएं यहां से मजबूत एवं स्थिर होंगी और पीढ़ियों तक मजबूत रहेंगी।</p>
<p>अपनी भाषण में जीत अदाणी ने आगे कहा,”इस पहल का एक गहरा सामाजिक आयाम भी है। दुनिया भर में, हेलीकॉप्टर जीवन बचाने, आशा जगाने और सबसे अधिक जरूरत के समय राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ब्राजील और जापान जैसे देशों ने यह प्रदर्शित किया है कि चिकित्सा देखभाल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समुदायों को जोड़ने में रोटरी-विंग विमान कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा,”भारत के शहर बड़े हो रहे हैं, हमारी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और ऐसी क्षमताओं की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि हमारे लोग इन सेवाओं का अनुभव इस आश्वासन के साथ करें कि इन्हें भारत में निर्मित, भारत के लिए बनाए गए एक इकोसिस्टम द्वारा तैयार किया जा रहा है।”</p>
<p>भारत की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस साझेदारी के तहत चरणबद्ध स्वदेशीकरण, मजबूत रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) क्षमताओं को और पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम को विकसित किया जाएगा।</p>
<p>जीत अदाणी के अनुसार, हाल के महीनों में, उन्होंने एक बड़े एविएशन और एयरोस्पेस विजन को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।<br />उन्होंने आगे कहा,”हाल ही में घोषित एम्ब्रेयर के साथ हमारा सहयोग हमारी लंबी अवधि की सोच का नतीजा है।</p>
<p>जैसे-जैसे हम इन पहलों को एक साथ ला रहे हैं, हम एक ऐसे एविएशन इकोसिस्टम की नींव रख रहे हैं जो देश की सिविल और रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा और भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”</p>
<p>जीत अदाणी ने आगे कहा कि वे केंद्र सरकार की ओर से मजबूत समर्थन और विजन के लिए भी उतने ही आभारी हैं। उन्होंने कहा,”आज रक्षा सचिव और नागर विमान सचिव की उपस्थिति एक शक्तिशाली संदेश देती है कि भारत एक विश्व स्तरीय एयरोस्पेस भविष्य बनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतियों और पार्टनरशिप को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 19:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : विझिंजम पोर्ट का मेगा विस्तार: ₹16,000 करोड़ के निवेश के साथ फेज-2 शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। भारत की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के विस्तार के लिए ₹16,000 करोड़ के निवेश की औपचारिक घोषणा की है। यह निवेश 'इन्वेस्ट केरल ग्लोबल समिट 2025' में घोषित ₹30,000 करोड़ के कुल निजी निवेश का हिस्सा है, जो केरल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है।</p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस अवसर पर कहा, "विझिंजम अब केवल एक नेशनल ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल नहीं रहा, बल्कि पूर्ण विकास के बाद यह अफ्रीका और मध्य-पूर्व की सेवा करने वाला एक 'अंतरराष्ट्रीय हब'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145248/mega-expansion-of-surat-vizhinjam-port-phase-2-started-with-investment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b24012026-10.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। भारत की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के विस्तार के लिए ₹16,000 करोड़ के निवेश की औपचारिक घोषणा की है। यह निवेश 'इन्वेस्ट केरल ग्लोबल समिट 2025' में घोषित ₹30,000 करोड़ के कुल निजी निवेश का हिस्सा है, जो केरल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है।</p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस अवसर पर कहा, "विझिंजम अब केवल एक नेशनल ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल नहीं रहा, बल्कि पूर्ण विकास के बाद यह अफ्रीका और मध्य-पूर्व की सेवा करने वाला एक 'अंतरराष्ट्रीय हब' बन जाएगा। यह वैश्विक समुद्री व्यापार के मानचित्र पर भारत का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।"</p>
<p>अदाणी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने पोर्ट के शानदार प्रदर्शन के आंकड़े साझा किए। सबसे तेज़ 10 लाख TEU: विझिंजम भारत का सबसे तेज़ पोर्ट बना जिसने रिकॉर्ड समय में 10 लाख TEU (स्टैंडर्ड कंटेनर) का आंकड़ा पार किया।</p>
<p>विशाल जहाज़ों की पसंद: पिछले एक साल में 399 मीटर से अधिक लंबे 50 से ज्यादा अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCV) यहाँ पहुंचे। दुनिया का सबसे बड़ा जहाज़ 'MSC इरिना' भी यहाँ सफलतापूर्वक हैंडल किया गया। मासिक रिकॉर्ड: दिसंबर 2025 में 1.21 लाख TEU हैंडल कर इसने दक्षिण और पूर्वी तट का नया रिकॉर्ड बनाया।</p>
<p><strong>फेज-2: क्षमता में 5 गुना से ज्यादा बढ़ोतरी</strong><br />मास्टरप्लान के अनुसार, फेज-2 का लक्ष्य 2028 तक विस्तार कार्य पूरा करना है। बर्थ की लंबाई: कंटेनर बर्थ को 800 मीटर से बढ़ाकर 2,000 मीटर किया जाएगा। ब्रेकवॉटर विस्तार: इसे लगभग 3,900 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। क्षमता: 2029 तक पोर्ट की क्षमता 10 लाख TEU से बढ़कर 57 लाख TEU हो जाएगी।</p>
<p><strong>टेक्नोलॉजी और सशक्तिकरण में अग्रणी</strong><br />विझिंजम न केवल व्यापार बल्कि तकनीक में भी मिसाल है। सेमी-ऑटोमेटेड पोर्ट: यह भारत का पहला सेमी-ऑटोमेटेड कंटेनर पोर्ट है। महिला क्रेन ऑपरेटर्स: देश का पहला पोर्ट जहाँ महिला ऑपरेटर्स ऑटोमेटेड क्रेन संभाल रही हैं। प्राकृतिक लाभ: 18-20 मीटर की प्राकृतिक गहराई के कारण यहाँ दुनिया के सबसे बड़े जहाज़ बिना अतिरिक्त ड्रेजिंग के आ सकते हैं।</p>
<p><strong>कोलंबो और सिंगापुर का भारतीय विकल्प</strong><br />अपनी रणनीतिक स्थिति (पूर्व-पश्चिम शिपिंग रूट के करीब) के कारण विझिंजम अब दुबई, कोलंबो और सिंगापुर जैसे ग्लोबल हब्स का एक सशक्त विकल्प बन गया है। इस विस्तार से न केवल केरल में बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा होगा, बल्कि भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 20:27:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारावी पुनर्विकास परियोजना अदाणी को दिए जाने के खिलाफ दुबई की कंपनी की याचिका पर सुनवाई स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने संयुक्त अरब अमीरात आधारित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्थगित कर दी जिसमें मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है।</p>
<p>प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन तथा न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश इस मामले में सुनवाई पूरी नहीं कर पाएंगे क्योंकि वह 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति गवई ने मौखिक रूप से कहा, ‘‘हमारे हाथ में बहुत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144035/hearing-postponed-on-dubai-companys-petition-against-awarding-dharavi-redevelopment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने संयुक्त अरब अमीरात आधारित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्थगित कर दी जिसमें मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है।</p>
<p>प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन तथा न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश इस मामले में सुनवाई पूरी नहीं कर पाएंगे क्योंकि वह 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति गवई ने मौखिक रूप से कहा, ‘‘हमारे हाथ में बहुत से मामले हैं, मैं कितने फैसले लिखूंगा?’’</p>
<p>शीर्ष अदालत ने सात मार्च को परियोजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और बंबई उच्च न्यायालय के 20 दिसंबर, 2024 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार तथा अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से जवाब मांगा था।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने धारावी में मलिन बस्तियों के पुनर्विकास का रास्ता साफ कर दिया था और परियोजना के लिए अदाणी समूह को दी गई निविदा को बरकरार रखा था, तथा कहा था कि निर्णय में कोई ‘‘मनमानापन, अनुचित तरीका या गड़बड़ी’’ नहीं थी।</p>
<p>इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय ने सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें राज्य सरकार द्वारा मेगा पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को सौंपे जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने 5,069 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।</p>
<p>सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन 2018 में 7,200 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ इस परियोजना के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी थी, लेकिन बाद में सरकार ने इस निविदा को रद्द कर दिया था।</p>
<p>अदाणी समूह 2022 की निविदा प्रक्रिया में सबसे बड़ा बोलीदाता बनकर उभरा और उसने 5,069 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के साथ 259 हेक्टेयर में धारावी पुनर्विकास परियोजना हासिल कर ली।</p>
<p>सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना के लिए भुगतान एक ही बैंक खाते के माध्यम से करने का निर्देश दिया।</p>
<p>सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने उसकी इस दलील को भी खारिज कर दिया था कि निविदा निजी समूह की एक विशेष फर्म के अनुरूप तैयार की गई थी। उसने कहा था कि इस प्रक्रिया में तीन बोलीदाताओं ने भाग लिया था।</p>
<p>सरकार ने कहा कि 2018 की निविदा रद्द कर दी गई थी और चार साल बाद एक नयी निविदा जारी की गई थी, क्योंकि कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई कारकों ने वित्तीय और आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया था।</p>
<p>मेगा पुनर्विकास परियोजना के लिए पहली निविदा नवंबर 2018 में जारी की गई थी।</p>
<p>मार्च 2019 में बोलियां खोली गईं और पाया गया कि सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी थी।</p>
<p>दुनिया के सबसे घने शहरी इलाकों में से एक धारावी एक झुग्गी बस्ती है जिसमें आवासीय और छोटी औद्योगिक इकाइयां हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144035/hearing-postponed-on-dubai-companys-petition-against-awarding-dharavi-redevelopment</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 14:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदाणी पावर का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 12 प्रतिशत घटकर 2,906 करोड़ रुपये पर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) बिजली कारोबार से जुड़ी कंपनी अदाणी पावर का वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 12 प्रतिशत घटकर 2,906 करोड़ रुपये रह गया।</p>
<p>अदाणी समूह की कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 3,297.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।</p>
<p>हालांकि, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 14,307.79 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 14,062.84 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>इस दौरान कंपनी का कुल व्यय भी बढ़कर 10,341.59</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143786/adani-powers-second-quarter-net-profit-declined-by-12-percent"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/d03102023-11-wind-power.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) बिजली कारोबार से जुड़ी कंपनी अदाणी पावर का वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 12 प्रतिशत घटकर 2,906 करोड़ रुपये रह गया।</p>
<p>अदाणी समूह की कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 3,297.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।</p>
<p>हालांकि, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 14,307.79 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 14,062.84 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>इस दौरान कंपनी का कुल व्यय भी बढ़कर 10,341.59 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 9,928.76 करोड़ रुपये था।</p>
<p>अदाणी पावर लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एस बी खयालिया ने कहा कि इस तिमाही में मांग में मौसम संबंधी उतार-चढ़ाव के बावजूद एक बार फिर स्थिर वित्तीय प्रदर्शन रहा है जो कंपनी की परिचालन दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को दर्शाता है।</p>
<p>कंपनी 'शक्ति' योजना के तहत 4.5 गीगावाट के नए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) हासिल कर अपनी बाजार उपस्थिति भी बढ़ा रही है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143786/adani-powers-second-quarter-net-profit-declined-by-12-percent</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 15:21:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गूगल एआई केंद्र के लिए करेगी 15 अरब डॉलर का निवेश, अदाणी समूह के साथ मिलकर बनाएगी डेटा केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका की कंपनी गूगल अगले पांच वर्ष में विशाखापत्तनम में एक कृत्रिम मेधा(एआई) केंद्र स्थापित करने के लिए 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। इसमें अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर भी शामिल होगा।</p>
<p>प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में यह एआई केंद्र अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा केंद्र होगा। इसमें एक गीगावाट का डाटा सेंटर परिसर, नए बड़े पैमाने के ऊर्जा स्रोत एवं विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क शामिल होगा।</p>
<p>कंपनी के एक कार्यक्रम में गूगल क्लाउड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143604/google-will-invest-15-billion-dollars-for-ai-center-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-10/b14102025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका की कंपनी गूगल अगले पांच वर्ष में विशाखापत्तनम में एक कृत्रिम मेधा(एआई) केंद्र स्थापित करने के लिए 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। इसमें अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर भी शामिल होगा।</p>
<p>प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में यह एआई केंद्र अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा केंद्र होगा। इसमें एक गीगावाट का डाटा सेंटर परिसर, नए बड़े पैमाने के ऊर्जा स्रोत एवं विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क शामिल होगा।</p>
<p>कंपनी के एक कार्यक्रम में गूगल क्लाउड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थॉमस कुरियन ने कहा, ‘‘ यह अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा एआई केंद्र होगा जिसमें हम निवेश करने जा रहे हैं।’’</p>
<p>कार्यक्रम में औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>यह घोषणा नयी दिल्ली में गूगल द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘भारत एआई शक्ति’ के दौरान की गई। यह कार्यक्रम भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p>गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करके बहुत अच्छा लगा, हमने विशाखापत्तनम में पहले गूगल एआई केंद्र के लिए अपनी योजनाओं को साझा किया जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।’’</p>
<p>पिचाई ने लिखा, ‘‘ यह केंद्र गीगावाट स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी गेटवे और विशाल ऊर्जा अवसंरचना को एक साथ लाता है। इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी प्रौद्योगिकी को भारत के उद्यमों एवं उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे जिससे एआई नवोन्मेषण में तेजी आएगी और देश भर में विकास को गति मिलेगी।’’</p>
<p>इसके अलावा अरबपति गौतम अदाणी के समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने कहा कि उसकी संयुक्त उद्यम कंपनी अडानीकॉनेक्स और गूगल, विशाखापत्तनम में भारत का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर परिसर और नई हरित ऊर्जा अवसंरचना विकसित करेंगे।</p>
<p>विशाखापत्तनम में गूगल का एआई केंद्र पांच वर्ष (2026-2030) में करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर का बहुआयामी निवेश है, जिसमें गीगावाट स्तरीय डेटा सेंटर संचालन शामिल है जो एक मजबूत सब-सी केबल नेटवर्क और स्वच्छ ऊर्जा द्वारा समर्थित है। इसका मकसद भारत में सबसे जटिल एआई कार्यों को अंजाम देना है।</p>
<p>कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘ इसे अडानीकॉनेक्स और एयरटेल सहित परिवेश भागीदारों के साथ घनिष्ठ सहयोग से क्रियान्वित किया जाएगा।’’</p>
<p>डेटा सेंटर में कितना निवेश किया जाएगा हालांकि इसकी यहां कोई जानकारी नहीं दी गई।</p>
<p>कंपनी ने कहा कि इस परियोजना के तहत आंध्र प्रदेश में नई पारेषण लाइन, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और नवीन ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में संयुक्त निवेश किया जाएगा।</p>
<p>अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ‘‘ अदाणी समूह को इस ऐतिहासिक परियोजना पर गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, जो भारत के डिजिटल परिवेश के भविष्य को परिभाषित करेगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश से कहीं बढ़कर है। यह एक उभरते राष्ट्र में निवेश है।’’</p>
<p>कुरियन ने कहा, ‘‘ गूगल, एआई युग में भारत की विशाल क्षमता को उजागर करने के लिए एआई केंद्र में निवेश कर रही है जो विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा। साथ ही व्यवसायों, शोधकर्ताओं एवं रचनाकारों को एआई के साथ निर्माण एवं विस्तार करने में सक्षम बनाएगा।’’</p>
<p>कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में 2014 से कई नीतिगत प्रणालियां शासन का हिस्सा रही हैं।</p>
<p>आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू की सराहना करते हुए सीतारमण ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में दिखाया कि वह डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं।</p>
<p>सीतारमण ने कहा कि इसलिए मुझे लगता है कि यह काम करने के लिए सही जगह और आने के लिए सही देश है... ‘‘ यह भारतीय इतिहास के उन बहुत ही दिलचस्प चरणों में से एक है जहां नीति, राजनीतिक क्षेत्र में कई दलों द्वारा इसे अपनाने से पहले ही आगे बढ़ रही है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 14:21:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आस्था और इंजीनियरिंग का संगम: उमिया धाम में अदाणी सीमेंट ने रचा सबसे बड़े राफ्ट फाउंडेशन का विश्व रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद : गुजरात की धरती पर आस्था और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा संगम देखने को मिला, जब अदाणी सीमेंट ने अहमदाबाद के पास जगत जननी माँ उमिया धाम मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा राफ्ट फाउंडेशन कास्ट कर इतिहास रच दिया। यह कार्य 54 घंटे लगातार चला और इसने धार्मिक अवसंरचना के लिए विश्व रिकॉर्ड कायम किया।</p>
<p>इस मेगा ऑपरेशन में 24,100 घन मीटर ईकोमैक्सX M45 ग्रेड लो-कार्बन कंक्रीट, 3,600 टन उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट, 26 रेडी- मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) प्लांट और 285+ ट्रांजिट मिक्सर का इस्तेमाल हुआ। 600 से अधिक कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143129/the-confluence-of-faith-and-engineering-in-umia-dham-adani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-09/b18092025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद : गुजरात की धरती पर आस्था और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा संगम देखने को मिला, जब अदाणी सीमेंट ने अहमदाबाद के पास जगत जननी माँ उमिया धाम मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा राफ्ट फाउंडेशन कास्ट कर इतिहास रच दिया। यह कार्य 54 घंटे लगातार चला और इसने धार्मिक अवसंरचना के लिए विश्व रिकॉर्ड कायम किया।</p>
<p>इस मेगा ऑपरेशन में 24,100 घन मीटर ईकोमैक्सX M45 ग्रेड लो-कार्बन कंक्रीट, 3,600 टन उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट, 26 रेडी- मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) प्लांट और 285+ ट्रांजिट मिक्सर का इस्तेमाल हुआ। 600 से अधिक कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर यह चुनौतीपूर्ण कार्य बिना किसी रुकावट और बिना कोल्ड जॉइंट्स के पूरा किया।</p>
<p>इस फाउंडेशन कास्टिंग की खासियत यह रही कि “ईकोमैक्सX” कंक्रीट के प्रयोग से प्रोजेक्ट का कार्बन फुटप्रिंट 60% तक घट गया। “कूलक्रीट” तकनीक से तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखा गया, जिससे थर्मल तनाव नियंत्रित रहा और मजबूती बरकरार रही।</p>
<p>अदाणी समूह के सीईओ – सीमेंट बिज़नेस, विनोद बाहेती ने कहा: “उमिया धाम एक प्रतीकात्मक आध्यात्मिक स्थल बनने जा रहा है, जो 60 एकड़ में फैला है और इसमें लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश किया गया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है—यह अदाणी सीमेंट की गुणवत्ता, पैमाने, गति और उद्देश्य को दर्शाता है। जैसा कि हमारे चेयरमैन मानते हैं, ये केवल इंजीनियरिंग की उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि आस्था और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के बीच सेतु हैं।</p>
<p>उमिया धाम में सफल राफ्ट कास्टिंग इसी सोच का जीवंत उदाहरण है: जहाँ आस्था नवाचार को प्रेरित करती है, और नवाचार पूरे समुदाय को आगे बढ़ाता है। जब हम नवाचार, लोगों और टिकाऊ सामग्रियों को एकजुट करते हैं, तो हम ऐसे समाधान बनाते हैं जो पीढ़ियों तक कायम रहते हैं और वैश्विक स्तर पर नए मानक स्थापित करते हैं। हमारे ECO MaxX लो कार्बन कंक्रीट ने इस संरचना को अपने कार्बन उत्सर्जन को 60% तक कम करने में सक्षम बनाया है, जो हमारी स्थिरता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।”</p>
<p>विश्व उमिया फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री आर.पी. पटेल ने कहा: “जगत जननी माँ उमिया (पार्वती) मंदिर का यह विश्व-रिकॉर्ड फाउंडेशन भारत की सांस्कृतिक और इंजीनियरिंग धरोहर के लिए गौरव का क्षण है। मेगा प्रोजेक्ट्स में अदाणी सीमेंट की विशेषज्ञता ने उन्हें हमारा स्वाभाविक साझेदार बनाया।”</p>
<p>504 फीट ऊँचा यह मंदिर (450 ft x 400 ft x 8 ft फाउंडेशन पर आधारित) भविष्य में जसपुर स्थित 60 एकड़ के विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक परिसर का आध्यात्मिक केंद्र होगा। इसमें 1,551 धर्म स्तंभ होंगे।</p>
<p>ईकोमैक्सX M45 मिश्रण में 66% सप्लीमेंटरी सीमेंटिशियस मटेरियल (SCM) शामिल है, जिससे कार्बन उत्सर्जन 60% तक कम हुआ। “कूलक्रीट” फार्मूले ने तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखा, जिससे थर्मल तनाव कम हुआ। संरचना में लगे थर्मोकपल्स तापमान और मजबूती की रियल-टाइम निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p>इस भव्य राफ्ट फाउंडेशन को 1,000 से अधिक लोगों ने मौके पर देखा, जबकि 10,000 से ज्यादा लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा। यह अडानी सीमेंट की भारत की इंजीनियरिंग और आध्यात्मिक यात्रा में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।</p>
<p>वर्ल्ड वन टॉवर, चिनाब रेलवे ब्रिज और अब उमिया धाम, इन परियोजनाओं के साथ अदाणी सीमेंट ने एक बार फिर साबित किया है कि वह न केवल भारत के बुनियादी ढाँचे और रियल्टी सेक्टर का अहम हिस्सा है, बल्कि सतत विकास और सांस्कृतिक धरोहर को भी नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।</p>
<p>यह उपलब्धि न केवल अदाणी सीमेंट की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि सतत विकास और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 15:35:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह भारत का पहला अर्ध-स्वचालित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। केरल के तिरुवनंतपुरम ज़िले स्थित अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह एक मात्र ऐसा बंदरगाह जिसमें महिलाए कर्मचारियों की भी सहभागीता है । अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित यह बंदरगाह भारत के समुद्री व्यापार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।</p>
<p>अदाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) द्वारा विकसित यह परियोजना भारत का पहला अर्ध-स्वचालित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब है। यहाँ 20 मीटर तक की प्राकृतिक गहराई और सिर्फ 10 नॉटिकल मील दूर अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की निकटता इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।<br />अदाणी विझिंजम पोर्ट </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि  भारत के बंदरगाहों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143068/surat-vyzhinjam-international-marine-port-indias-first-semi-automatic-container-transpiration"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-09/b15092025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। केरल के तिरुवनंतपुरम ज़िले स्थित अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह एक मात्र ऐसा बंदरगाह जिसमें महिलाए कर्मचारियों की भी सहभागीता है । अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित यह बंदरगाह भारत के समुद्री व्यापार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।</p>
<p>अदाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) द्वारा विकसित यह परियोजना भारत का पहला अर्ध-स्वचालित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब है। यहाँ 20 मीटर तक की प्राकृतिक गहराई और सिर्फ 10 नॉटिकल मील दूर अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की निकटता इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।<br />अदाणी विझिंजम पोर्ट </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि  भारत के बंदरगाहों से हर साल करीब 4.30 मिलियन TEU कंटेनर ट्रांसशिप होते हैं, जिनमें से लगभग 68% कंटेनर कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर स्थानांतरित किए जाते थे। इसके चलते भारत को हर साल लगभग 1700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान उठाना पड़ता है। विझिंजम बंदरगाह चालू होने के बाद यह गतिविधियाँ भारत में ही होंगी।</p>
<p>बंदरगाह में दो अत्याधुनिक कंटेनर बर्थ, 3 किमी लंबा ब्रेकवाटर, 63 हेक्टेयर का बैकअप यार्ड और 8 रेल माउंटेड क्वे क्रेन (RMQC) व 24 कैंटिलीवर रेल माउंटेड गैन्ट्री क्रेन (CRMG) लगाए जा रहे हैं। यह बंदरगाह भारत का पहला स्मार्ट पोत यातायात प्रबंधन प्रणाली (VTMS) से लैस है।</p>
<p>अदाणी पोर्ट्स के अधिकारियों ने बताया कि विझिंजम ने अपनी शुरुआती उपलब्धियों में दुनिया के सबसे बड़े जहाज़ एमएससी इरिना और 399 मीटर लंबे एमएससी तुर्किये को हैंडल किया है। महज़ आठ महीने में ही इसने 10 लाख TEU वार्षिक क्षमता पार कर इतिहास रच दिया।</p>
<p>विझिंजम बंदरगाह आधुनिक तकनिक और एआई की मदद से सेमी ऑटोमेटीक ऑपरेटेड होने से इस बंदरगाह पर महिला कर्मचारीयों को भी रोजगार मिल रहा है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि यह बंदरगाह न सिर्फ भारत की समुद्री क्षमता को मज़बूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हज़ारों रोज़गार अवसर और केरल के लिए सबसे बड़ा निजी निवेश भी लेकर आएगा।</p>
<p>अदाणी ग्रुप द्वारा जल्द ही विझिंजम बंदरगाह के दुसरे फेस का कार्य शुरू किया जायेगा जिससे बंदरगाह की कंटेनर लोडिंग अनलोडिंग क्षमता में और वृध्दि होगी।</p>
<p>भारत सरकार के बंदरगाह मंत्रालय द्वारा जारी समुद्री अमृतकल विज़न 2047 के अनुसार विझिंजम बंदरगाह के दुसरा फेस चालू होने से न केवल भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी, बल्कि यह देश को वैश्विक शिपिंग मानचित्र पर एक नई पहचान भी देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143068/surat-vyzhinjam-international-marine-port-indias-first-semi-automatic-container-transpiration</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 17:11:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में 2,400 मेगावाट के ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट के लिए अदाणी पावर को मिला लेटर ऑफ अवार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 29 अगस्त (वेब वार्ता)। अदाणी पावर लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि कंपनी को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) से 25 साल की लंबी अवधि की बिजली खरीद के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) मिला है।</p>
<p>अदाणी समूह की यह कंपनी भागलपुर जिले के पीरपैंती में स्थापित होने वाले 2,400 मेगावाट (800 मेगावाट x 3) ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट से बिजली की सप्लाई करेगी।</p>
<p>अदाणी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की थर्मल पावर उत्पादक कंपनी के रूप में अदाणी पावर ने बड़े पैमाने पर विश्वसनीय क्षमता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142779/adi-power-mixed-letter-of-award-for-2400-mw-greenfield"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/adani-group.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 29 अगस्त (वेब वार्ता)। अदाणी पावर लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि कंपनी को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) से 25 साल की लंबी अवधि की बिजली खरीद के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) मिला है।</p>
<p>अदाणी समूह की यह कंपनी भागलपुर जिले के पीरपैंती में स्थापित होने वाले 2,400 मेगावाट (800 मेगावाट x 3) ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट से बिजली की सप्लाई करेगी।</p>
<p>अदाणी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की थर्मल पावर उत्पादक कंपनी के रूप में अदाणी पावर ने बड़े पैमाने पर विश्वसनीय क्षमता प्रदान करने की क्षमता का लगातार प्रदर्शन किया है।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “बिहार में अपनी आगामी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल, उच्च दक्षता वाली पीरपैंती परियोजना के साथ, हम परिचालन उत्कृष्टता और सस्टेनेबिलिटी के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह प्लांट बिहार के लोगों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगा, औद्योगीकरण को गति देगा, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और लोगों की समृद्धि में सहायक होगा।”</p>
<p>बीएसपीजीसीएल ने राज्य की दो बिजली कंपनियों, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) की ओर से अदाणी पावर को एलओए प्रदान किया। इसके बाद दोनों कंपनियों के बीच पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।</p>
<p>ख्यालिया ने कहा, “इस तरह की परियोजनाओं के माध्यम से, अदाणी पावर भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>
<p>इससे पहले, अदाणी पावर बीएसपीजीसीएल द्वारा आयोजित एक कड़ी प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ-आधारित बोली प्रक्रिया में विजेता बनकर उभरी थी, जिसमें कंपनी ने 6.075 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा की सबसे कम सप्लाई कीमत की पेशकश की थी। कंपनी इस प्लांट और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी।</p>
<p>कंपनी के अनुसार, यह परियोजना निर्माण चरण के दौरान 10,000-12,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करेगी और संचालन शुरू होने पर 3,000 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी।</p>
<p>भारत में बिजली की मांग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इसी के साथ, तेज औद्योगीकरण, शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या के कारण, अधिकतम मांग वर्तमान 250 गीगावाट से बढ़कर 2031-32 तक 400 गीगावाट और 2047 तक 700 गीगावाट से अधिक हो जाएगी।</p>
<p>थर्मल पावर, बड़े पैमाने पर, विश्वसनीय और चौबीसों घंटे बिजली प्रदान करने की अपनी अंतर्निहित क्षमता के साथ, ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ बनी रहेगी और महत्वपूर्ण बेस-लोड और ग्रिड बैलेंसिंग सपोर्ट प्रदान करेगी।</p>
<p>इस लगातार बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए, सरकार ने 2035 तक अतिरिक्त 100 गीगावाट थर्मल क्षमता जोड़ने की परिकल्पना की है।</p>
<p>अदाणी पावर के पास 12 पावर प्लांट में 18,110 मेगावाट की इंस्टॉल्ड थर्मल पावर क्षमता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 14:59:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title> सांसद डॉ. शशि तरूर ने 'अदाणी तिरुवनंतपुरम रॉयल्स' के मुख्य संरक्षक बनने का निमंत्रण स्वीकार किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तिरुवनंतपुरम (केरल), अगस्त 1: केरल क्रिकेट लीग के दूसरे सत्र से पूर्व एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र से सांसद डॉ. शशि तरूर ने ‘अदाणी तिरुवनंतपुरम रॉयल्स’ के मुख्य संरक्षक बनने का निमंत्रण औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। यह टीम तिरुवनंतपुरम ज़िले का प्रतिनिधित्व करने वाली केसीएल फ्रेंचाइज़ी है।</p>
<p>यह फ्रेंचाइज़ी प्रतिष्ठित फ़िल्म निर्देशक प्रियदर्शन और जोस पट्टारा के नेतृत्व में गठित कंसोर्टियम द्वारा संचालित प्रो विजन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रा. लि. के अधीन है, और तिरुवनंतपुरम के तटीय और उपनगरीय क्षेत्रों में क्रिकेट प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है।</p>
<p>इस अवसर पर डॉ.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142300/dr-shashi-tarur-accepted-the-invitation-to-become-the-chief"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-08/b01082025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम (केरल), अगस्त 1: केरल क्रिकेट लीग के दूसरे सत्र से पूर्व एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र से सांसद डॉ. शशि तरूर ने ‘अदाणी तिरुवनंतपुरम रॉयल्स’ के मुख्य संरक्षक बनने का निमंत्रण औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। यह टीम तिरुवनंतपुरम ज़िले का प्रतिनिधित्व करने वाली केसीएल फ्रेंचाइज़ी है।</p>
<p>यह फ्रेंचाइज़ी प्रतिष्ठित फ़िल्म निर्देशक प्रियदर्शन और जोस पट्टारा के नेतृत्व में गठित कंसोर्टियम द्वारा संचालित प्रो विजन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रा. लि. के अधीन है, और तिरुवनंतपुरम के तटीय और उपनगरीय क्षेत्रों में क्रिकेट प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है।</p>
<p>इस अवसर पर डॉ. तरूर ने कहा: “केरल क्रिकेट लीग", जिसे केरल क्रिकेट संघ ने 2024 में प्रारंभ किया, बहुत ही कम समय में एक पेशेवर टी ट्वेन्टी मंच के रूप में उभरी है जो राज्य भर में उभरती हुई क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर रही है।</p>
<p>सुपरस्टार मोहनलाल के ब्रांड एम्बेसडर बनने और केसीएल के कई खिलाड़ियों के आईपीएल में चयनित होने से यह स्पष्ट है कि यह लीग केरल के क्रिकेटरों को राष्ट्रीय पटल तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।</p>
<p>अदाणी तिरुवनंतपुरम रॉयल्स, जो प्रियदर्शन–जोस पट्टारा कंसोर्टियम द्वारा संचालित है, उपनगरों में जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय है—यह एक ऐसा उद्देश्य है जो मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन्हीं कारणों से मैंने उनके मुख्य संरक्षक बनने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है और टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।”</p>
<p>प्रो विजन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रा. लि. के निदेशक श्री जोस पट्टारा ने कहा:<br /> “डॉ. शशि तरूर द्वारा हमारे प्रस्ताव को स्वीकार कर मुख्य संरक्षक बनने की सहमति देना हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उनका यह समर्थन हमारे उस दृष्टिकोण को बल प्रदान करता है जिसके अंतर्गत हम तिरुवनंतपुरम में एक मज़बूत जमीनी क्रिकेट ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम उनके मार्गदर्शन में एक प्रभावशाली और सार्थक यात्रा की अपेक्षा रखते हैं।”</p>
<p>केरल क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आरंभ की गई केरल क्रिकेट लीग अब राज्य की एक प्रमुख T20 प्रतियोगिता के रूप में स्थापित हो चुकी है। कई केसीएल खिलाड़ी पहले ही आईपीएल टीमों का हिस्सा बन चुके हैं और सुपरस्टार मोहनलाल के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में जुड़ने से लीग को अतिरिक्त प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।</p>
<p>ग्रीनफ़ील्ड अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, और अब डॉ. तरूर के संरक्षण से समर्थित 'अदाणी तिरुवनंतपुरम रॉयल्स' सत्र 2 के लिए एक ऊर्जावान और आशाजनक प्रदर्शन के लिए कमर कस चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 15:17:10 +0530</pubDate>
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