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                <description>PNN RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जीबीएस फैशन वीक में सीम्स और सोनानी ज्वेलर्स ने पेश किया भव्य वेडिंग कलेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत: ग्लोबल बिजनेस सोशल (GBS) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय मेगा बिजनेस समिट एवं GBS फैशन वीक में फैशन प्रेमियों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र सीमा कलावडिया (सीम्स) और सोनानी ज्वेलर्स का विशेष संयुक्त ब्राइडल शो रहा।</p>
<p>इस शो में आगामी विवाह सीजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए विशेष वेडिंग कलेक्शन का भव्य अनावरण किया गया।</p>
<p>सीमा कलावडिया द्वारा डिज़ाइन किए गए आधुनिकता और परंपरा के खूबसूरत संगम वाले ब्राइडल आउटफिट्स के साथ सूरत स्थित सोनानी ज्वेलर्स की लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी ने रैंप पर अपनी अलग पहचान बनाई। उल्लेखनीय है कि सोनानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147827/sims-and-sonani-jewelers-presented-grand-wedding-collection-at-gbs"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b24062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत: ग्लोबल बिजनेस सोशल (GBS) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय मेगा बिजनेस समिट एवं GBS फैशन वीक में फैशन प्रेमियों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र सीमा कलावडिया (सीम्स) और सोनानी ज्वेलर्स का विशेष संयुक्त ब्राइडल शो रहा।</p>
<p>इस शो में आगामी विवाह सीजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए विशेष वेडिंग कलेक्शन का भव्य अनावरण किया गया।</p>
<p>सीमा कलावडिया द्वारा डिज़ाइन किए गए आधुनिकता और परंपरा के खूबसूरत संगम वाले ब्राइडल आउटफिट्स के साथ सूरत स्थित सोनानी ज्वेलर्स की लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी ने रैंप पर अपनी अलग पहचान बनाई। उल्लेखनीय है कि सोनानी ज्वेलर्स सूरत में देश के सबसे बड़े लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी शोरूम के रूप में जाना जाता है। इस अवसर पर ब्रांड ने अपनी नई वेडिंग ज्वेलरी कलेक्शन भी प्रस्तुत की।</p>
<p>शो के दौरान कुल 12 महिला मॉडल, एक शो-स्टॉपर और दो पुरुष मॉडल सहित कुल 15 लुक्स पेश किए गए। शो-स्टॉपर आउटफिट मिस इंडिया 2026 ने रैंप पर पहनकर प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।</p>
<p>प्रत्येक प्रस्तुति में ब्राइडल आउटफिट्स और लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला, जिसे उपस्थित अतिथियों और फैशन प्रेमियों ने खूब सराहा।</p>
<p>यह संयुक्त प्रस्तुति सीम्स और सोनानी ज्वेलर्स के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें दोनों ब्रांड्स ने आगामी विवाह सीजन के लिए अपने विशेष कलेक्शन को एक ही मंच पर प्रदर्शित कर नए फैशन ट्रेंड्स को सामने रखा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि GBS की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, उद्योगपति, बिजनेस कोच, डिज़ाइनर्स तथा देशभर से आए अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>पूरे आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मलय पारेख, राजसिंह, अंकित पानवाला तथा GBS की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। GBS फैशन वीक में देश के अग्रणी डिज़ाइनर्स द्वारा विभिन्न थीम आधारित कलेक्शन प्रस्तुत किए गए, जिनमें सीम्स और सोनानी ज्वेलर्स का ब्राइडल कलेक्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 19:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑटोडेस्क ने डिजिटल-फर्स्ट इंडिया में निवेश किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 जून:भारत में ऑटोडेस्क स्टोर में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड किया गया है। ऑटोडेस्क ने इसे एक पूरी तरह से सेल्फ-सर्व प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।</p>
<p>इससे देश में स्टार्टअप्स, उद्यमियों, फ्रीलांसर और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) को प्रोफेशनल डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अधिक आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। ऑटोडेस्क स्टोर एक डिजिटल-फर्स्ट गो-टू-मार्केट मॉडल की तरह काम करेगा। इससे ग्राहकों के लिए इसके डिज़ाइन एंड मेक</p>
<p>सॉल्यूशंस को खोजना, आजमाना, खरीदना और मैनेज करना आसान हो जाएगा।<br />·    भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और एसएमबी हैं।<br />·</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147826/autodesk-invests-in-digital-first-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b24062026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 जून:भारत में ऑटोडेस्क स्टोर में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड किया गया है। ऑटोडेस्क ने इसे एक पूरी तरह से सेल्फ-सर्व प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।</p>
<p>इससे देश में स्टार्टअप्स, उद्यमियों, फ्रीलांसर और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) को प्रोफेशनल डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अधिक आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। ऑटोडेस्क स्टोर एक डिजिटल-फर्स्ट गो-टू-मार्केट मॉडल की तरह काम करेगा। इससे ग्राहकों के लिए इसके डिज़ाइन एंड मेक</p>
<p>सॉल्यूशंस को खोजना, आजमाना, खरीदना और मैनेज करना आसान हो जाएगा।<br />·    भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और एसएमबी हैं।<br />·    यह नया डिजिटल स्टोर प्रोफेशनल ‘डिज़ाईन एंड मेक’ टेक्नोलॉजी मेट्रो शहरों एवं अन्य जगहों के सभी भारतीय क्रिएटर्स तक पहुँचाएगा।</p>
<p>इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की लेटेस्ट इंटरनेट इन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 958 मिलियन एक्टिव इंटरनेट यूज़र हैं। यानी भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इतने व्यापक इंटरनेट एडॉप्शन के कारण ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय के प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी खरीदने के अनुभव में भी बुनियादी परिवर्तन आया है।</p>
<p>नए ऑटोडेस्क स्टोर ने प्रोफेशनल ग्रेड टेक्नोलॉजी की उपलब्धता को सरल बना दिया है। खरीद एवं कंजंप्शन के नए विकल्प प्रदान किए हैं। ऐसा करने का मकसद हर आकार के बिजनेस, खासकर उभरते हुए बिजनेस और पहली बार के यूज़र्स की बाधाओं को कम करना है, ताकि वो विकसित भारत के लिए इनोवेशन, डिज़ाइन और निर्माण कर सकें।</p>
<p>भारत में यह प्लेटफॉर्म साल 2017 में लॉन्च हुआ था। धीरे-धीरे यह भारत में ऑटोडेस्क के सबसे महत्वपूर्ण कस्टमर एक्विजिशन चैनल्स में से एक बन गया। आज भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और उभरते हुए बिजनेस हैं।</p>
<p>इससे एक तरफ तो भारत में उद्यमियों का विस्तार प्रदर्शित होता है, तो दूसरी तरफ यह भी प्रदर्शित होता है कि नई पीढ़ी के प्रोफेशनल्स के बीच डिजिटल-फर्स्ट प्रोक्योरमेंट किस हद तक महत्वपूर्ण हो चुका है।</p>
<p>यह परिवर्तन पारंपरिक मेट्रो बाजारों से बाहर भी दिखाई दे रहा है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में उद्यमियों की बढ़ती गतिविधि और बढ़ते डिजिटल एडॉप्शन से नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।</p>
<p>ऑटोडेस्क के ऑनलाइन ग्राहकों में इन शहरों का हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक है। डेटा से प्रदर्शित होता है कि उभरते हुए व्यवसायिक केंद्र भारत में विकास और डिजिटल टेक्नोलॉजी एडॉप्शन के मुख्य इंजन बनते जा रहे हैं।</p>
<p>कामोलिका गुप्ता पेरेज़, वाईस प्रेसिडेंट, ऑटोडेस्क इंडिया और सार्क ने कहा, “भारत में लगभग एक बिलियन इंटरनेट यूज़र हैं। इस पीढ़ी के लिए डिजिटल एक चैनल नहीं, बल्कि एक जरूरत है।</p>
<p>आज के ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय में डिज़ाइनर, एनिमेटर और मैन्युफैक्चरर हैं, जो प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी को तुरंत खोजना, आजमाना और खरीदना चाहते हैं, ठीक वैसे ही, जैसे वो अन्य ऑनलाइन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए करते हैं।”</p>
<p>कामोलिका ने आगे कहा, “पिछले एक साल में हमने भारत में ऑटोडेस्क के ग्राहकों और क्रिएटर समुदाय के खरीदारी के व्यवहार और उनकी पसंदों का विश्लेषण किया।</p>
<p>इससे मिले नतीजों के आधार पर हमने ऑटोडेस्क स्टोर को ज्यादा इन्ट्यूटिव, इंक्लूसिव, सुगम और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया। यह आधुनिक भारतीय व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए विकसित किया गया है।</p>
<p>भारत में जैसे-जैसे ऑटोडेस्क का विस्तार हो रहा है, हम इसे और अधिक आसान बनाते जा रहे हैं, ताकि प्रोफेशनल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी हर जगह आसानी से उपलब्ध हो सके।”</p>
<p>यह बेहतर प्लेटफॉर्म कई पर्चेजिंग मॉडल और क्षमताएं पेश करता है, जो भारत में स्वतंत्र प्रोफेशनल्स और छोटे व्यवसायों के काम करने के तरीके के अनुसार डिज़ाइन की गई हैं:<br />·    अनेकों प्रोडक्ट और पेमेंट विकल्प - ऑफिशियल ऑटोडेस्क ऑनलाइन स्टोर पर संपूर्ण प्रोडक्ट रेंज मौजूद है, जो भारत में उपलब्ध है। 60 से अधिक प्रोडक्ट खरीदे जा सकते हैं। उनके लिए क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, यूपीआई और डेबिट कार्ड सहित कई तरीकों से पेमेंट किया जा सकता है।<br />·    मासिक सदस्यता - प्रोफेशनल ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स की मासिक सदस्यता ले सकते हैं। प्रवेश शुल्क की शुरुआत ऑटोकैड वेब के लिए 1,062 रुपये से होती है।</p>
<p>तीन महीने के कमीशन पर काम करने वाला फ्रीलांस आर्किटेक्ट, अपने पहले प्रोडक्ट प्रोटोटाइप की टेस्टिंग करने वाला स्टार्टअप या छोटे डिज़ाइन प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कोई भी फर्म इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड टूल केवल तब तक के लिए प्राप्त कर सकती है, जब तक उन्हें इसकी जरूरत होती है।<br />·    फ्लेक्स टोकन (पे-पर-यूज़ मीटर) - ऑटोडेस्क फ्लेक्स केवल इंडिया स्टोर पर उपलब्ध है। टीमें अपने उपयोग के अनुसार टोकन खरीद सकती हैं। 100 टोकन का मूल्य 29,300 रुपये से शुरू होता है।</p>
<p>यह एक साल के लिए वैध होता है और इसे अनेकों यूज़र्स एवं चुनिंदा ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।<br />·    फुल सेल्फ-सर्व कॉमर्स, कॉलबैक की जरूरत नहीं - ग्राहक तुरंत आपस में कोटेशन बनाकर भेज सकते हैं, ताकि तेजी से अनुमति मिल सके।</p>
<p>एक ही चेकआउट में कई प्रोडक्ट के ऑर्डर पूरे किए जा सकते हैं। कई सब्सक्रिप्शंस को एक साथ रिन्यू किया जा सकता है। जीएसटी अनुपालन को संभाला जा सकता है। खरीदी की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सेल्फ-डायरेक्टेड होती है।</p>
<p>सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया डिजिटल होती जा रही है, इसलिए ऑटोडेस्क ने अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट के विकल्प बढ़ा दिए हैं। अब पेमेंट यूपीआई के साथ डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से भी किया जा सकता है।</p>
<p>इसलिए भारत के ग्राहकों के लिए अपने जाने-पहचाने और रोजमर्रा के पेमेंट माध्यमों द्वारा पेमेंट करके सॉल्यूशन खरीदना आसान हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147826/autodesk-invests-in-digital-first-india</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 18:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>21BY72 स्टार्टअप समिट को भव्य प्रतिसाद, दो दिन में पहुंचे 10 हजार से अधिक प्रतिभागी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। देश के प्रमुख स्टार्टअप आयोजनों में शामिल 21BY72 सीजन-5 का सूरत के अवध यूटोपिया में भव्य आयोजन हुआ। समिट के पहले दिन 5 हजार से अधिक और दो दिनों में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।</p>
<p>कार्यक्रम में पहले दिन गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शिरकत कर राज्य सरकार की ओर से उद्यमिता और नवाचार को मिल रहे प्रोत्साहन को रेखांकित किया।</p>
<p>समिट में युवा उद्यमियों, निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विभिन्न सत्रों में  अशनीर ग्रोवर, जहीर इकबाल, अंगद बेदी तथा अर्जुन वैद्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147736/grand-response-to-21by72-startup-summit-more-than-10-thousand"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। देश के प्रमुख स्टार्टअप आयोजनों में शामिल 21BY72 सीजन-5 का सूरत के अवध यूटोपिया में भव्य आयोजन हुआ। समिट के पहले दिन 5 हजार से अधिक और दो दिनों में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।</p>
<p>कार्यक्रम में पहले दिन गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शिरकत कर राज्य सरकार की ओर से उद्यमिता और नवाचार को मिल रहे प्रोत्साहन को रेखांकित किया।</p>
<p>समिट में युवा उद्यमियों, निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विभिन्न सत्रों में  अशनीर ग्रोवर, जहीर इकबाल, अंगद बेदी तथा अर्जुन वैद्य ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने स्टार्टअप की चुनौतियों, व्यक्तिगत ब्रांड निर्माण, कारोबार में आने वाले उतार-चढ़ाव और सफलता के सूत्रों पर चर्चा की।</p>
<p>आयोजन स्थल पर लगे प्रदर्शनी क्षेत्र में भी दिनभर चहल-पहल बनी रही। यहां स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधियों के बीच संवाद, नेटवर्किंग और संभावित साझेदारियों को लेकर बातचीत का दौर चलता रहा।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार समिट को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने आयोजन के नए आयाम स्थापित किए हैं। दोनों दिन भी कई महत्वपूर्ण सत्र, निवेशकों से संवाद और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे स्टार्टअप जगत को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रो. डॉ. सी.ए. शंकर अंदानी ने एक दिन में 106 पुस्तकों का विमोचन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147735/prof-dr-ca-shankar-andani-created-a-world-record-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है और यह डॉ. अंदानी की उस प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है जिसके तहत उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे ज़्यादा लिखने वाले साहित्यकारों में से एक माना जाता है।</p>
<p>जहाँ लेखक अक्सर कुछ किताबें प्रकाशित करने में ही सालों लगा देते हैं, वहीं डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदाणी ने एक साथ 106 मौलिक रचनाएँ पाठकों के सामने लाकर साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्पादकता और समर्पण का उदाहरण पेश किया है।</p>
<p>यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि साहित्य, भाषा, संस्कृति और निरंतर बौद्धिक योगदान की शक्ति का जश्न भी है।</p>
<p>हजारों कविताओं और सैकड़ों सम्मानों से भरी साहित्यिक यात्रा<br />यह नया रिकॉर्ड उनकी पहले से ही असाधारण रही यात्रा में एक और शानदार अध्याय जोड़ता है। सालों से, डॉ. अंदाणी ने पारिवारिक मूल्यों, मातृत्व, पितृत्व, भाई-बहन के रिश्तों, संस्कृति, आध्यात्मिकता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय विकास जैसे कई विषयों पर साहित्यिक रचनाएँ लिखी और संकलित की हैं।</p>
<p>उनका साहित्यिक योगदान 12,100 से अधिक कविताओं के अद्भुत संग्रह में झलकता है, जो उन्हें देश के सबसे ज़्यादा रचनाएँ करने वाले साहित्यकारों में से एक बनाता है।</p>
<p>उनके काम की खासियत न केवल इसकी विशाल मात्रा है, बल्कि इसकी भावनात्मक गहराई और सामाजिक प्रासंगिकता भी है। उनकी रचनाएँ हमेशा मानवीय मूल्यों को संजोने, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करती हैं।</p>
<p>मातृत्व पर दुनिया के सबसे बड़े कविता संग्रह के रचयिता<br />उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है "माँ की ममता – माँ अनेकता की शक्ति" का प्रकाशन, जो एक बहुत बड़ा साहित्यिक काम है और इसमें मातृत्व को समर्पित 5,121 कविताएँ शामिल हैं।</p>
<p>इस संग्रह में पूरे भारत के कवियों की रचनाएँ शामिल थीं और इसे माँ के प्यार, त्याग और देखभाल करने की भावना पर अब तक के सबसे बड़े साहित्यिक संकलनों में से एक माना जाता है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट ने अपने बड़े पैमाने और भावनात्मक महत्व के कारण राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इसने डॉ. अंदानी की उस क्षमता को उजागर किया जिसके ज़रिए वे साहित्य को एक ऐसे आंदोलन में बदल सकते हैं जो लोगों को साझा मानवीय अनुभवों से जोड़ता है।</p>
<p>साहित्य के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों को संजोना<br />मातृत्व के अलावा, डॉ. अंदानी ने उन विषयों को भी बढ़ावा दिया है जो आधुनिक समाज में तेज़ी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।<br />उनकी मराठी साहित्यिक पहल "बाबा – अबोल जीवनाचे कोडे" ने पूरे महाराष्ट्र के कवियों द्वारा लिखी गई 1,161 कविताओं के संग्रह के माध्यम से पिताओं के अक्सर अनकहे त्याग और भावनात्मक शक्ति को उजागर किया।</p>
<p>इसी तरह, भाई-बहनों के रिश्ते को समर्पित उनकी किताब "बहीण माझी प्रिया ताई" ने भाई-बहनों के बीच भावनात्मक मज़बूती, सहयोग और जीवन भर के जुड़ाव का जश्न मनाया।</p>
<p>इन प्रोजेक्ट्स की पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक रिश्तों को संजोने के लिए व्यापक रूप से सराहना की गई है, खासकर ऐसे समय में जब तेज़ी से हो रहा आधुनिकीकरण अक्सर पारंपरिक सामाजिक रिश्तों को पीछे छोड़ देता है।</p>
<p>भावनात्मक साहित्य से राष्ट्रीय दृष्टिकोण तक<br />डॉ. अंदानी का साहित्यिक काम केवल व्यक्तिगत रिश्तों तक ही सीमित नहीं रहा है।<br />उनकी हाल ही में घोषित किताब "विकसित भारत 2047 – शिक्षा से ही" एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में आकार देने में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देती है।</p>
<p>यह किताब युवा सशक्तिकरण, नवाचार, मूल्यों पर आधारित शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण जैसे विषयों पर बात करती है। यह साहित्य को व्यापक सामाजिक और विकासात्मक आकांक्षाओं से जोड़ने की उनकी क्षमता को दिखाती है।</p>
<p>पारिवारिक विषयों से राष्ट्रीय परिवर्तन की ओर यह बदलाव उनके साहित्यिक दृष्टिकोण और बौद्धिक योगदान के विस्तार को उजागर करता है।<br />साहित्य से परे एक रिकॉर्ड-तोड़ने वाली विरासत</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें प्रकाशित करना डॉ. अंदाणी के शानदार सफ़र का सिर्फ़ एक पहलू है।<br />उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:<br />    3,180 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार<br />    115 से ज़्यादा वर्ल्ड रिकॉर्ड<br />    150 मानद डॉक्टरेट<br />    12,100 से ज़्यादा प्रकाशित कविताएँ<br />    दर्जनों बड़े साहित्यिक प्रयासों के लेखक और सहयोगी<br />    शैक्षिक और सामाजिक पहलों के ज़रिए लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक और सलाहकार<br />ये उपलब्धियाँ उन्हें उन चुनिंदा लोगों की श्रेणी में रखती हैं जिनका प्रभाव साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।</p>
<p>लिखे हुए शब्दों से परे समाज की सेवा<br />अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के अलावा, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी अपनी व्यापक समाज सेवा और पेशेवर योगदान के लिए भी जाने जाते हैं।<br />पेशे से एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते, उन्होंने कई धार्मिक, धर्मार्थ और सामाजिक संगठनों के लिए टैक्स कंसल्टेंट और सलाहकार के तौर पर काम किया है।</p>
<p>उनके योगदान से पूरे भारत में मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, शिक्षण संस्थानों और गैर-लाभकारी संगठनों को फ़ायदा पहुँचा है।<br />जनसेवा के प्रति उनके समर्पण ने बार-बार यह साबित किया है कि सच्ची लीडरशिप पेशेवर सफलता से कहीं आगे बढ़कर समाज पर सार्थक प्रभाव डालने के बारे में है।</p>
<p>असाधारण योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान<br />लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स जैसे संस्थानों से मिली पहचान डॉ. अंदानी की उपलब्धियों के वैश्विक महत्व को और पुख्ता करती है।</p>
<p>ये रिकॉर्ड न केवल उनके साहित्यिक काम के बड़े पैमाने को मान्यता देते हैं, बल्कि इतने बड़े स्तर का काम करने के लिए ज़रूरी समर्पण, अनुशासन और विज़न को भी सराहते हैं।</p>
<p>साहित्यिक विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि एक ही दिन में खुद लिखी हुई 106 किताबें प्रकाशित करना सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं है—यह रचनात्मकता, समर्पण और मकसद-आधारित काम की असीमित संभावनाओं का एक उदाहरण है।</p>
<p>आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा<br />ऐसे समय में जब लोगों का ध्यान केंद्रित करने का समय कम होता जा रहा है और डिजिटल चीज़ों की वजह से साहित्य से जुड़ने में अक्सर रुकावटें आती हैं, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी की उपलब्धियाँ साहित्य के सदाबहार महत्व की एक ज़बरदस्त मिसाल हैं।</p>
<p>एक लेखक से रिकॉर्ड-होल्डर और सांस्कृतिक समर्थक से लेकर साहित्य के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच रखने वाले व्यक्ति तक का उनका सफ़र, भारत और उसके बाहर भी लेखकों, शिक्षकों, छात्रों और पाठकों को प्रेरित करता रहता है।</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें लॉन्च करने और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने के साथ, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साहित्य का मतलब सिर्फ़ किताबें लिखना नहीं है—बल्कि यह संस्कृति को संजोने, समाज को आकार देने और ऐसी विरासत बनाने के बारे में है जो पीढ़ियों तक बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता एल्यूमीनियम ने जामखानी और घोघरपल्ली के ग्रीष्मकालीन शिविरों में 600+ छात्रों को जोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भुवनेश्वर (ओडिशा), 19 जून:  भारत के सबसे बड़े एल्यूमीनियम निर्माता वेदांता एल्यूमीनियम ने ओडिशा के जामखानी और घोगरपल्ली क्षेत्रों में 12 सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए हैं, जिससे गर्मियों की छुट्टियों के दौरान शिक्षा, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों के मिश्रण में 600 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।</p>
<p>बच्चों के बीच समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस शिविर में भूविज्ञान, करियर परामर्श और खेल के साथ-साथ कला और शिल्प, कहानी कहने, प्रश्नोत्तरी और बुद्धि के खेल पर जानकारी शामिल था। छात्रों ने वृक्षारोपण अभियान, 500 से अधिक पौधे लगाने, कक्षा के बाहर सीखने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147734/vedanta-aluminum-engages-600-students-in-summer-camps-at-jamkhani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर (ओडिशा), 19 जून:  भारत के सबसे बड़े एल्यूमीनियम निर्माता वेदांता एल्यूमीनियम ने ओडिशा के जामखानी और घोगरपल्ली क्षेत्रों में 12 सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए हैं, जिससे गर्मियों की छुट्टियों के दौरान शिक्षा, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों के मिश्रण में 600 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।</p>
<p>बच्चों के बीच समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस शिविर में भूविज्ञान, करियर परामर्श और खेल के साथ-साथ कला और शिल्प, कहानी कहने, प्रश्नोत्तरी और बुद्धि के खेल पर जानकारी शामिल था। छात्रों ने वृक्षारोपण अभियान, 500 से अधिक पौधे लगाने, कक्षा के बाहर सीखने के अनुभवों के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता में भी भाग लिया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में हेमगीर खंड शिक्षा अधिकारी (बी. ई. ओ.) श्री करुणा सागर पटेल,स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य और भाग लेने वाले स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए।</p>
<p>ग्रीष्मकालीन शिविर ने कर्मचारियों की स्वयंसेवा का भी जश्न मनाया, जिसमें 26 कर्मचारियों ने छात्रों के लिए कार्यक्रम का आयोजन करने और शिविर चलाने के लिए 145 मानव-घंटे स्वेच्छा से दिए, जो 46 मानव-दिनों के बराबर है। उनकी सक्रिय योगदान ने सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करते हुए सार्थक सीखने के अनुभव बनाने में मदद की।</p>
<p>इस पहल की सराहना करते हुए हेमगीर खंड शिक्षा अधिकारी (बी. ई. ओ.) श्री करुणा सागर पटेल ने कहा, "मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार की दिलचस्प और आनंददायक शिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस तरह की पहल से बच्चों के समग्र विकास में मदद मिलेगी और भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों को जारी रखा जाना चाहिए</p>
<p>अपने अनुभवों को साझा करते हुए, कर्मचारियों के स्वयंसेवकों ने बच्चों के साथ जुड़ने और समुदाय में योगदान करने की खुशी पर प्रकाश डाला, इस पहल को सार्थक और संतोषजनक दोनों बताया।</p>
<p>छताबर गवर्नमेंट हाई स्कूल की शिक्षिका निर्मला पाधन ने कहा, "शिविर ने हमारे छात्रों को दैनिक गतिविधियों के माध्यम से एक समृद्ध अनुभव दिया। इसने आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया, जिससे कार्यक्रम बच्चों के लिए सार्थक और प्रभावी दोनों बन गया।</p>
<p>एक कर्मचारी स्वयंसेवक पार्थ सारथी महंता ने कहा, "बच्चों के साथ समय बिताना वास्तव में एक सुंदर अनुभव था। उनके साथ आमने-सामने की बातचीत संतोषजनक थी। मैं इस अवसर के लिए आभारी हूं।</p>
<p>वेदांता एल्यूमीनियम शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, टिकाऊ आजीविका, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जमीनी स्तर के खेल और संस्कृति में कई पहलों के माध्यम से अपने संचालन को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>स्थानीय अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों के साथ निकटता से काम करते हुए, कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि उसके हस्तक्षेप से उसके संचालन के क्षेत्रों में ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रगति हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का शुभारंभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा नया आधार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उमरपाड़ा, सूरत, गुजरात: उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का भव्य उद्घाटन पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मंगरोल के विधायक श्री गणपतसिंह वसावा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री वसावा के साथ प्रसिद्ध शिक्षाविद्, लेखक, वक्ता एवं समाजसेवी डॉ. जय वाशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में शाह परिवार के सदस्य, सामाजिक अग्रणी, अभिभावक, शिक्षक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।</p>
<p>इस विद्यालय की स्थापना कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा की गई है, जो कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड की सामाजिक एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147733/inauguration-of-lilaben-mohanlal-shah-vidya-mandir-in-umarpada-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>उमरपाड़ा, सूरत, गुजरात: उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का भव्य उद्घाटन पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मंगरोल के विधायक श्री गणपतसिंह वसावा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री वसावा के साथ प्रसिद्ध शिक्षाविद्, लेखक, वक्ता एवं समाजसेवी डॉ. जय वाशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में शाह परिवार के सदस्य, सामाजिक अग्रणी, अभिभावक, शिक्षक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।</p>
<p>इस विद्यालय की स्थापना कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा की गई है, जो कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड की सामाजिक एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल है।</p>
<p>फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और सामुदायिक कल्याण के माध्यम से समाज में सकारात्मक एवं दीर्घकालिक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत है।</p>
<p>विद्यालय का नाम श्रीमती लीलाबेन मोहनलाल शाह एवं श्री मोहनलाल शाह (अध्यक्ष, कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड) के सम्मान में रखा गया है। यह संस्था उनके सरल जीवन, करुणा, सेवा-भाव और समाज के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास है।</p>
<p>उद्घाटन समारोह में उनकी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। यह विद्यालय इस विश्वास का जीवंत प्रतीक है कि सच्ची सफलता केवल अपने लिए कुछ बनाने में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों का निर्माण करने में है।</p>
<p>दक्षिण गुजरात के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र उमरपाड़ा में स्थित यह विद्यालय उन बच्चों और परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया द्वार खोलेगा, जिन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसरों की आवश्यकता है। यहां के अनेक बच्चों के लिए यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आशा, आत्मविश्वास, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनेगा।</p>
<p>वर्तमान में विद्यालय में किंडरगार्टन से कक्षा 8 तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को सुलभ, मूल्य-आधारित और समग्र शिक्षा प्रदान करना है। यहां शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, खेलकूद, आत्मविश्वास निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चे केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।</p>
<p>उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यार्थियों का कुमकुम तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जो उनके शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक था। साथ ही विद्यार्थियों को पुस्तक किट एवं स्कूल यूनिफॉर्म वितरित किए गए, जिससे वे अपने नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत सम्मान और उत्साह के साथ कर सकें।</p>
<p>अपने संबोधन में डॉ. जय वाशी ने कहा कि शिक्षा केवल साक्षरता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास, संस्कार और सीमाओं से आगे बढ़कर सपने देखने का साहस प्रदान करती है।</p>
<p>कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि समाज को वापस देना कोई गतिविधि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। कलामंदिर परिवार लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, भूख राहत, सम्मान और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों में योगदान देता रहा है तथा उसका उद्देश्य समाज में स्थायी और सार्थक परिवर्तन लाना है।</p>
<p>लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का उद्घाटन केवल एक विद्यालय भवन की शुरुआत नहीं, बल्कि उन बच्चों तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने का सामूहिक संकल्प है, जो बेहतर अवसरों, मजबूत सहयोग और उज्ज्वल भविष्य के हकदार हैं।</p>
<p>“शिक्षा समाज में किया जाने वाला सबसे सार्थक निवेश है। लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर के माध्यम से हम ऐसे आत्मविश्वासी, संवेदनशील और सक्षम बच्चों का निर्माण करना चाहते हैं, जो अपने परिवार, समुदाय और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दें।”<br />जारीकर्ता:</p>
<p>कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन<br />कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड की CSR पहल</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:56:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : 'अब भारत की बारी है, वह बनेगा वैश्विक विकास का मुख्य इंजन'- आर्सेलरमित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। आर्सेलरमित्तल अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा है। इस अवसर पर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल ने ऐतिहासिक विलय के 20 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी करते हुए भारत को वैश्विक विकास और स्टील मांग के अगले चरण का प्रमुख चालक बताया। यह संदेश 15 और 16 जून को न्यूयॉर्क में आयोजित ग्लोबल स्टील डायनेमिक्स फोरम 2026 के दौरान प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>अपने संबोधन में लक्ष्मी मित्तल ने वर्ष 2006 में मित्तल स्टील और आर्सेलर के ऐतिहासिक विलय को याद करते हुए कहा कि इस फैसले ने एक अधिक मजबूत, विविधीकृत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147725/surat-is-now-indias-turn-it-will-become-the-main"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b19062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। आर्सेलरमित्तल अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा है। इस अवसर पर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल ने ऐतिहासिक विलय के 20 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी करते हुए भारत को वैश्विक विकास और स्टील मांग के अगले चरण का प्रमुख चालक बताया। यह संदेश 15 और 16 जून को न्यूयॉर्क में आयोजित ग्लोबल स्टील डायनेमिक्स फोरम 2026 के दौरान प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>अपने संबोधन में लक्ष्मी मित्तल ने वर्ष 2006 में मित्तल स्टील और आर्सेलर के ऐतिहासिक विलय को याद करते हुए कहा कि इस फैसले ने एक अधिक मजबूत, विविधीकृत और लचीली वैश्विक कंपनी के निर्माण की नींव रखी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों के दौरान कंपनी ने वैश्विक वित्तीय संकट, कोविड-19 महामारी और चीन के स्टील उद्योग के अभूतपूर्व विस्तार जैसी बड़ी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 की तुलना में आज का स्टील उद्योग पूरी तरह बदल चुका है। बाजार अधिक गतिशील हो गए हैं, प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है, तकनीकी परिवर्तन तेज हुए हैं और कंपनियों को रियल-टाइम में बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना पड़ रहा है। उनके अनुसार, पारंपरिक उद्योग भी अब अधिक डेटा-संचालित, तकनीक-केंद्रित और पर्यावरणीय मानकों से प्रभावित हो चुके हैं।</p>
<p>भारत की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में चीन वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र रहा, लेकिन अब भारत की बारी है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, तेजी से बढ़ता शहरीकरण, आवासीय परियोजनाओं का विस्तार और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े नए निवेश स्टील की मांग को अभूतपूर्व गति देंगे।</p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि उभरते बाजारों में विकास, विकसित देशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के नवीनीकरण तथा ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं के चलते स्टील उद्योग का दीर्घकालिक भविष्य मजबूत बना रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी और सशक्त स्टील उद्योग के लिए घरेलू औद्योगिक नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p>लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि चुनौतियां और अप्रत्याशित परिस्थितियां भविष्य में भी आती रहेंगी, लेकिन स्टील उद्योग की संभावनाओं को लेकर वे पूरी तरह आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि स्टील क्षेत्र में पांच दशक बिताने के बाद भी उन्हें यह उद्योग अवसरों और संभावनाओं से भरपूर दिखाई देता है।</p>
<p>आर्सेलरमित्तल का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है और स्टील क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 19:04:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजय्स कैफे ने भुज में पहला आउटलेट शुरू कर कच्छ में किया प्रवेश, जल्द खुलेंगे 8 से 10 नए कैफे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भुज (गुजरात), 18 जून 2026। गुजरात की अग्रणी और सबसे बड़ी कैफे चेन अजय्स कैफे (Ajay's Cafe) ने 18 जून 2026 को भुज में अपना पहला आउटलेट शुरू कर कच्छ क्षेत्र में आधिकारिक प्रवेश कर लिया है।</p>
<p>यह लॉन्च ब्रांड की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और पूरे गुजरात में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 272 आउटलेट्स का नेटवर्क स्थापित करने के बाद अजय्स कैफे राज्य के सबसे व्यापक रूप से मौजूद संगठित कैफे ब्रांड्स में शामिल हो चुका है।</p>
<p>कच्छ में प्रवेश कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147708/ajays-cafe-enters-kutch-by-starting-its-first-outlet-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b18062026-06.jpg" alt=""></a><br /><p>भुज (गुजरात), 18 जून 2026। गुजरात की अग्रणी और सबसे बड़ी कैफे चेन अजय्स कैफे (Ajay's Cafe) ने 18 जून 2026 को भुज में अपना पहला आउटलेट शुरू कर कच्छ क्षेत्र में आधिकारिक प्रवेश कर लिया है।</p>
<p>यह लॉन्च ब्रांड की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और पूरे गुजरात में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 272 आउटलेट्स का नेटवर्क स्थापित करने के बाद अजय्स कैफे राज्य के सबसे व्यापक रूप से मौजूद संगठित कैफे ब्रांड्स में शामिल हो चुका है।</p>
<p>कच्छ में प्रवेश कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उभरते उपभोक्ता बाजारों तक पहुंच बनाना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।</p>
<p>भुज का यह आउटलेट कच्छ में अजय्स कैफे की नई शुरुआत है। क्षेत्र के तेजी से बढ़ते आर्थिक महत्व और विकसित हो रहे उपभोक्ता आधार को देखते हुए कंपनी ने आने वाले समय में पूरे कच्छ में 8 से 10 नए आउटलेट शुरू करने की योजना बनाई है। इससे ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी सृजित होंगे।</p>
<p>इस अवसर पर अजय्स कैफे के संस्थापक निदेशक अजय सोलंकी ने कहा कि "भुज में हमारे पहले आउटलेट का शुभारंभ अजय्स कैफे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p>कच्छ गुजरात के सबसे संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है, जहां तेज आर्थिक विकास और लगातार बढ़ती उपभोक्ता मांग देखने को मिल रही है। हमें यहां विकास की अपार संभावनाएं नजर आती हैं और हम पूरे क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>हमारा लक्ष्य आने वाले समय में कच्छ में 8 से 10 कैफे स्थापित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा हमारी ब्रांड अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगी।"</p>
<p>गौरतलब है कि कच्छ में यह विस्तार ऐसे समय पर हुआ है जब अजय्स कैफे गुजरात की प्रमुख संगठित कैफे चेन के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।</p>
<p>नवसारी से शुरू हुई इस ब्रांड की यात्रा आज राज्यभर में 270 से अधिक आउटलेट्स तक पहुंच चुकी है, जहां यह शहरी और उभरते बाजारों के ग्राहकों को लगातार सेवाएं दे रही है।</p>
<p>कंपनी का मानना है कि तेजी से बढ़ती आर्थिक गतिविधियां, बुनियादी ढांचे का विकास, पर्यटन की संभावनाएं और बढ़ता उपभोक्ता वर्ग कच्छ को उसके विस्तार का स्वाभाविक अगला पड़ाव बनाते हैं।</p>
<p>भुज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और पूरे जिले में विस्तार की योजना के साथ कंपनी क्षेत्र के विकसित हो रहे रिटेल और लाइफस्टाइल इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p>यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब अजय्स कैफे को गुजरात के संगठित कैफे उद्योग में उल्लेखनीय योगदान के लिए लगातार सम्मान मिल रहे हैं। हाल ही में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा प्रदान किए गए प्रतिष्ठित 'प्राइड ऑफ गुजरात अवॉर्ड्स' में अजय्स कैफे को 'लीडिंग कैफे चेन ऑफ द ईयर' सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान ब्रांड की उद्यमशीलता, रोजगार सृजन और राज्य में संगठित कैफे इकोसिस्टम को मजबूत करने में निभाई गई भूमिका की पहचान है।</p>
<p>इसके अलावा ईटी नाउ ने भी अजय्स कैफे को 'मोस्ट पॉपुलर कैफे चेन ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में प्रदान किया गया।</p>
<p>वहीं फूड कॉनोइसर्स इंडिया अवॉर्ड्स में ब्रांड को 'बेस्ट क्विक सर्विस रेस्टोरेंट चेन – वेस्ट इंडिया 2026' का सम्मान भी मिला, जो ग्राहकों और उद्योग जगत में इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।</p>
<p>यह लॉन्च संगठित कैफे अनुभव को महानगरों के साथ-साथ उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंचाने की कंपनी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अजय्स कैफे रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गुजरात सहित पश्चिम भारत में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने पर लगातार कार्य कर रहा है।</p>
<p>अजय्स कैफे के बारे में :-</p>
<p>अजय्स कैफे की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। यह भारत की सबसे तेजी से विकसित हो रही शाकाहारी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन में से एक है, जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण भोजन को उचित कीमत पर सभी लोगों तक पहुंचाना है।</p>
<p>अजय्स गुड फूड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह ब्रांड नवसारी स्थित अपने पहले आउटलेट से शुरू होकर आज गुजरात के अनेक शहरों तक पहुंच चुका है। यह अपने ग्राहकों को सिग्नेचर कोल्ड कॉफी, बर्गर, पिज्जा और अन्य लोकप्रिय कैफे उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।</p>
<p>'हैप्पी वाली फीलिंग' की सोच पर आधारित इस ब्रांड की स्थापना अजय सोलंकी और जयदीप सोलंकी ने की थी। उनका उद्देश्य ऐसी ग्राहक-केंद्रित फूड ब्रांड तैयार करना था, जो बेहतरीन गुणवत्ता के साथ किफायती भी हो।</p>
<p>45,000 वर्गफुट की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई और इन-हाउस टेस्टिंग लैब की मदद से कंपनी अपने सभी उत्पादों की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करती है। मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क के कारण प्रत्येक आउटलेट तक समय पर उत्पाद पहुंचाए जाते हैं, जिससे ग्राहकों को हर बार ताजा और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके।</p>
<p>अजय्स कैफे का मिशन स्वादिष्ट, गुणवत्तापूर्ण और सभी के लिए सुलभ भोजन उपलब्ध कराना है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत की सबसे बड़ी क्यूएसआर चेन बनना है। ग्राहक संतुष्टि, नैतिक व्यावसायिक मूल्यों और निरंतर सुधार के साथ ब्रांड अपनी पहुंच का लगातार विस्तार कर रहा है।</p>
<p>सफल फूड ब्रांड बनने के साथ-साथ अजय्स कैफे ने एक मजबूत उद्यमशीलता इकोसिस्टम भी विकसित किया है। इसके फ्रेंचाइजी नेटवर्क के माध्यम से 200 से अधिक उद्यमियों को अवसर मिला है, जबकि इसके संचालन और पार्टनर आउटलेट्स के जरिए करीब 1,000 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।</p>
<p>अधिक जानकारी के लिए: https://ajays.co.in/ पर विजिट करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:22:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे-2026&quot; के अवसर पर Ajay's Cafe और GMRA भाईचारे तथा जिम्मेदार मोटरसाइकिलिंग की भावना का उत्साहपूर्वक मनाएंगे उत्सव”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मोटरसाइकिलिंग की भावना का जश्न मनाने के लिए 20-21 जून को दमण में बड़ी संख्या में जुटेंगे राइडर्स, पहल का संदेश- 'हर राइड का अंत सुरक्षित घर वापसी के साथ होना चाहिए'</p>
<p>सूरत, गुजरात, 18 जून, 2026 : गुजरात की अग्रणी कैफे एवं फूड ब्रांड Ajay's Cafe द्वारा 20-21 जून, 2026 को दमण स्थित ले विनो में "वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे-2026" का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए ब्रांड ने गुजरात मोटरसाइकिल राइडर्स एसोसिएशन (GMRA) के साथ साझेदारी की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से Ajay's Cafe और GMRA समाज में सुरक्षित एवं जिम्मेदार राइडिंग का सशक्त संदेश देंगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147707/on-the-occasion-of-world-motorcycle-day-2026-ajays-cafe-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b18062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मोटरसाइकिलिंग की भावना का जश्न मनाने के लिए 20-21 जून को दमण में बड़ी संख्या में जुटेंगे राइडर्स, पहल का संदेश- 'हर राइड का अंत सुरक्षित घर वापसी के साथ होना चाहिए'</p>
<p>सूरत, गुजरात, 18 जून, 2026 : गुजरात की अग्रणी कैफे एवं फूड ब्रांड Ajay's Cafe द्वारा 20-21 जून, 2026 को दमण स्थित ले विनो में "वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे-2026" का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए ब्रांड ने गुजरात मोटरसाइकिल राइडर्स एसोसिएशन (GMRA) के साथ साझेदारी की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से Ajay's Cafe और GMRA समाज में सुरक्षित एवं जिम्मेदार राइडिंग का सशक्त संदेश देंगे।</p>
<p>दो दिवसीय इस आयोजन में गुजरात तथा आसपास के राज्यों से लगभग 160 से 200 मोटरसाइकिल राइडर्स के शामिल होने की उम्मीद है। सभी राइडर्स राइडिंग संस्कृति, भाईचारे, रोमांच और जिम्मेदार मोटरसाइकिलिंग का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित होंगे। GMRA की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ऑफ-रोड राइडिंग अनुभव, पूल पार्टी, खेलकूद, मनोरंजन सत्र, नेटवर्किंग के अवसर और सामुदायिक सहभागिता जैसी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।</p>
<p>मोटरसाइकिलिंग के रोमांच और राइडर्स के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार राइडिंग के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस साझेदारी के माध्यम से Ajay's Cafe और GMRA राइडर्स को यह संदेश देंगे कि हर यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी होनी चाहिए, क्योंकि मोटरसाइकिलिंग का वास्तविक आनंद अपने प्रियजनों के पास सकुशल घर लौटने में ही है।</p>
<p>यह पहल Ajay's Cafe की "हैप्पी वाली फीलिंग" की सोच से प्रेरित है। ब्रांड के लिए इसका अर्थ केवल स्वादिष्ट भोजन और खुशियां बांटना नहीं, बल्कि हर यात्रा के बाद अपने प्रियजनों के सुरक्षित घर लौटने पर परिवारों को मिलने वाली मानसिक शांति और खुशी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p>इस पहल पर Ajay's Cafe के संस्थापक निदेशक श्री जयदीप सोलंकी ने कहा कि "मेरे लिए मोटरसाइकिल चलाना हमेशा सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि एक जुनून रहा है। इसी जुनून ने हमें ऐसे राइडर्स के शानदार समुदाय से जोड़ा है, जो रोमांच, दोस्ती और आपसी सम्मान की समान भावना साझा करते हैं। GMRA के सदस्य के रूप में हमने राइडिंग समुदाय के भीतर मौजूद मजबूत भाईचारे को स्वयं महसूस किया है। 'वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे' के साथ हमारा जुड़ाव उसी भावना का उत्सव है।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "Ajay's Cafe में हमारा मानना है कि सबसे यादगार यात्रा वही होती है, जो खूबसूरत यादें बनाए और लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाए। इसके साथ ही हर राइडर की यह जिम्मेदारी भी है कि वह अपने घर पर इंतजार कर रहे प्रियजनों के पास सुरक्षित लौटे। किसी भी राइड का असली आनंद सुरक्षित वापसी में ही है, क्योंकि तभी परिवार 'हैप्पी वाली फीलिंग' का वास्तविक अनुभव करते हैं। हमें GMRA के साथ मिलकर राइडिंग समुदाय और उससे जुड़े मूल्यों का उत्सव मनाने पर गर्व है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि GMRA लंबे समय से जिम्मेदार राइडिंग संस्कृति को बढ़ावा देने तथा मोटरसाइकिल प्रेमियों के बीच भाईचारे की मजबूत भावना विकसित करने के लिए कार्यरत है। 'वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे' का यह आयोजन समान सोच और जुनून रखने वाले राइडर्स को एक मंच पर लाकर सुरक्षित एवं अनुशासित राइडिंग को प्रोत्साहित करने की इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।</p>
<p>अजय्स कैफे के बारे में :-</p>
<p>अजय्स कैफे की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। यह भारत की सबसे तेजी से विकसित हो रही शाकाहारी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन में से एक है, जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण भोजन को उचित कीमत पर सभी लोगों तक पहुंचाना है। अजय्स गुड फूड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह ब्रांड नवसारी स्थित अपने पहले आउटलेट से शुरू होकर आज गुजरात के अनेक शहरों तक पहुंच चुका है। यह अपने ग्राहकों को सिग्नेचर कोल्ड कॉफी, बर्गर, पिज्जा और अन्य लोकप्रिय कैफे उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।</p>
<p>'हैप्पी वाली फीलिंग' की सोच पर आधारित इस ब्रांड की स्थापना अजय सोलंकी और जयदीप सोलंकी ने की थी। उनका उद्देश्य ऐसी ग्राहक-केंद्रित फूड ब्रांड तैयार करना था, जो बेहतरीन गुणवत्ता के साथ किफायती भी हो। 45,000 वर्गफुट की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई और इन-हाउस टेस्टिंग लैब की मदद से कंपनी अपने सभी उत्पादों की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करती है। मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क के कारण प्रत्येक आउटलेट तक समय पर उत्पाद पहुंचाए जाते हैं, जिससे ग्राहकों को हर बार ताजा और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके।</p>
<p>अजय्स कैफे का मिशन स्वादिष्ट, गुणवत्तापूर्ण और सभी के लिए सुलभ भोजन उपलब्ध कराना है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत की सबसे बड़ी क्यूएसआर चेन बनना है। ग्राहक संतुष्टि, नैतिक व्यावसायिक मूल्यों और निरंतर सुधार के साथ ब्रांड अपनी पहुंच का लगातार विस्तार कर रहा है।</p>
<p>सफल फूड ब्रांड बनने के साथ-साथ अजय्स कैफे ने एक मजबूत उद्यमशीलता इकोसिस्टम भी विकसित किया है। इसके फ्रेंचाइजी नेटवर्क के माध्यम से 200 से अधिक उद्यमियों को अवसर मिला है, जबकि इसके संचालन और पार्टनर आउटलेट्स के जरिए करीब 1,000 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।</p>
<p>अधिक जानकारी के लिए: https://ajays.co.in/ पर विजिट करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:17:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IIFD सूरत ने शानदार &quot;Fashionet 2026&quot; इवेंट का आयोजन किया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत : इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन डिज़ाइन (IIFD), सूरत द्वारा 9 जून, 2026 को सूरत के सरसाना कन्वेंशन सेंटर में अपने वार्षिक फ़ैशन शोकेस "Fashionate 2026" का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस इवेंट में सृजनात्मकता, कला- कौशल, इनोवेशन(नवीनता) और फ़ैशन एक्सीलेंस की शानदार प्रस्तुती दी गई। </p>
<p>IIFD सूरत की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह संस्था क्रिएटिव एजुकेशन(सृजनात्मक  शिक्षा) में गुजरात के अग्रणी इंस्टीटूट्स में से एक बनकर उभरी है, जो फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन और इवेंट मैनेजमेंट में उभरते हुए प्रोफेशनल्स को लगातार प्रोत्साहित करती है।</p>
<p>वर्षो से इस संस्था ने नवीनता,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147706/iifd-surat-organized-spectacular-fashionet-2026-event"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b18062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत : इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन डिज़ाइन (IIFD), सूरत द्वारा 9 जून, 2026 को सूरत के सरसाना कन्वेंशन सेंटर में अपने वार्षिक फ़ैशन शोकेस "Fashionate 2026" का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस इवेंट में सृजनात्मकता, कला- कौशल, इनोवेशन(नवीनता) और फ़ैशन एक्सीलेंस की शानदार प्रस्तुती दी गई। </p>
<p>IIFD सूरत की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह संस्था क्रिएटिव एजुकेशन(सृजनात्मक  शिक्षा) में गुजरात के अग्रणी इंस्टीटूट्स में से एक बनकर उभरी है, जो फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन और इवेंट मैनेजमेंट में उभरते हुए प्रोफेशनल्स को लगातार प्रोत्साहित करती है।</p>
<p>वर्षो से इस संस्था ने नवीनता, कला-कौशल और उद्योग-लक्षी शिक्षा की एक मज़बूत विरासत बनाई है, जिससे सृजनात्मकता को बढ़ावा मिला है, और साथ ही इस क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच मिला है। </p>
<p>यह उल्लेखनीय है कि, अपने क्रिएटिव विज़न को और बढ़ाते हुए, IIFD सूरत ने ZICA सूरत भी लॉन्च किया है, जो शहर में एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, ग्राफ़िक डिज़ाइन, गेमिंग और डिजिटल आर्ट्स में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने में प्रयासरत है ।</p>
<p>इस विस्तार के साथ, यह संस्थान क्रिएटिव उद्योग में उभरते कलाकारों, डिज़ाइनरों और कहानीकारों के लिए नए रास्ते खोलकर सूरत में विकसित हो रहे क्रिएटिव इकोसिस्टम को और मज़बूती प्रदान कर रहा है । </p>
<p>इस वर्ष, "Fashionate 2026" इवेंट ने एक बार फिर 200+ स्टूडेंट डिज़ाइनरों और 200 से ज़्यादा ओरिजिनल आउटफिट्स को एक साथ लाकर एक उच्च मानक स्थापित किया, जिसने इसे विद्यार्थियों द्वारा संचालित फैशन शो में सूरत के सबसे महत्वाकांक्षी इवेंट के रूप में स्थापित किया । </p>
<p>सूरत के फैशन लैंडस्केप में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर रुपक इस इवेंट में, सूरत में पहली बार, मशहूर इंडियन कॉउचर पायनियर शांतनु मेहरा और निखिल मेहरा ने "Fashionate 2026" में इवनिंग चीफ जूरी के तौर पर उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p>उनकी मौजूदगी ने इस इवेंट में नई उर्जा भरी और नए डिज़ाइनरों को आज के ज़माने के फैशन में भारत की दो सबसे जाने-मानी हस्तियों के सामने अपनी सृजनात्मकता प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया। </p>
<p>यह शाम कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक शानदार उत्सव के रूप में उभरी, जिसमें बेहतरीन क्रिएटिविटी और आकर्षक डिज़ाइन को प्रोत्साहन और अवांट-गार्डे प्रयोग के साथ मिश्रित किया गया था।</p>
<p>रनवे पर हर कृति ने एक यूनिक कल्चरल कहानी प्रस्तुत की, जिसमें इनोवेटिव टेक्सटाइल और कंटेंपररी स्टाइल के ज़रिए एक साहसिक आर्टिस्टिक विज़न दिखाया गया था। </p>
<p>इस इवेंट में सबसे खास शोकेस में 'गली की दीवारें' जैसे कलेक्शन थे, जो भूली-बिसरी सड़कों, धुंधले पोस्टरों और पुराने शहरी इलाकों में छिपी खामोश कहानियों से प्रेरित थे।</p>
<p>इसके अलावा 'वृक्षा – आर्ट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी', जो सचेत और सस्टेनेबल डिज़ाइन के ज़रिए प्रकृति और फ़ैशन के बीच तालमेल को खूबसूरती से दिखाता था; 'क्लार्टे – रॉटन बट रीगल', जिसने कमियों और क्षति को शानदार लग्ज़री में बदल दिया;</p>
<p>'द डिस्ट्राइब', जो एक डिस्टोपियन नज़रिए से ज़िंदा रहने, और सहनशीलता को दिखाता है; 'क्षतसौंदर्य', जो टूटी-फूटी बनावट और मूर्तियों से प्रेरित होकर कमियों के अंदर सुंदरता का उत्सव मनाता है; '</p>
<p>आर्मोरीयर', जो भविष्य के विकास और ताकत की एक नाटकीय अवांट-गार्डे व्याख्या है और 'इंट्रावॉइड', जो हड्डियों के टिशू की नाजुक लेकिन शक्तिशाली माइक्रोस्कोपिक बनावट से प्रेरित है, जो कमज़ोरी और मज़बूती को बैलेंस करता है। </p>
<p>बीते कुछ सालों में, IIFD सूरत ने उद्योग सहयोग, बैकस्टेज अनुभव, प्रोफेशनल फैशन प्लेटफॉर्म और एकेडमिक एसोसिएशन के ज़रिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन अवसर देना जारी रखा है, जो क्लासरूम लर्निंग को रियल-वर्ल्ड इंडस्ट्री अनुभवो से जोड़ता है। </p>
<p>इस इवेंट में सूरत की जानी-मानी हस्तियां, टेक्सटाइल उद्यमी, फैशन प्रोफेशनल, विद्यार्थियों के माता-पिता और आकर्षक डिजाइन के प्रशंसक उपस्थित रहे थे, जो अगली पीढ़ी के डिजाइनरों की कल्पना, लगन और कला का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। </p>
<p>गौरतलब है कि, IIFD सूरत संस्थान (श्री मुकेश माहेश्वरी, संस्थापक एवं निदेशक) और श्रीमती पल्लवी माहेश्वरी (सह-निदेशक) के नेतृत्व एवं दूरदर्शिता में एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहा है, जहां शिक्षा, नवीनता, उद्योग के साथ संपर्क और वैश्विक दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147706/iifd-surat-organized-spectacular-fashionet-2026-event</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता ने रचा इतिहास; बीएसई और एनएसई पर चार स्वतंत्र कंपनियों की लिस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b17062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में एक साथ सबसे अधिक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड<br />नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार उस परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में सेक्टर-लीडर कंपनियां तैयार करना है।</p>
<p>ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला हिंदुस्तान जिंक तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।</p>
<p>लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा: “आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और मेरे लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास है। 24 वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया।</p>
<p>उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। अभूतपूर्व विकास का अगला अध्याय अब मुंबई में शुरू हो रहा है, जो वह शहर है जहां मेरी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी।</p>
<p>हमारी पूरी यात्रा के दौरान शेयरधारकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्षों में हमने 300 प्रतिशत से अधिक का कुल शेयरधारक प्रतिफल दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही हमने 70 प्रतिशत से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी प्रदान किया है।</p>
<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में मिनरल्स, मेटल्स और ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ने वाली है।</p>
<p>वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण कच्चे माल की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>
<p>इन कंपनियों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करने, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।</p>
<p>हालांकि, वेदांता की विकास यात्रा का अगला अध्याय केवल हम अकेले नहीं लिख सकते। इसके लिए हमारे शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और 1.5 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं तथा सहभागिता की आवश्यकता होगी।</p>
<p>भारत जैसा कोई देश नहीं है। और यह भारत का समय है।”</p>
<p>भारत के औद्योगिक भविष्य का नया अध्याय</p>
<p>यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आवश्यक सामग्रियों, जिनमें ऑयल एवं गैस, सोना, चांदी, जिंक, एल्युमिनियम, आयरन एवं स्टील, कॉपर और कोयला शामिल हैं, की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>ऐसे परिदृश्य में वेदांता के व्यवसाय हमारे समय के सबसे बड़े औद्योगिक विकास अवसरों के केंद्र में स्थित हैं। सामूहिक रूप से ये भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना निर्माण, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण, एआई-आधारित विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम (बीएसई: 544780 एवं एनएसई: VAML) — वैश्विक एल्युमिनियम चैंपियन बनने की ओर</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक और चीन के बाहर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू कर रहा है। इसका आधार ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम स्मेल्टर है।</p>
<p>बाल्को में मात्र 1 लाख टन उत्पादन से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता तक पहुंच चुकी है, जिससे वेदांता दुनिया के सबसे बड़े और सबसे कम लागत वाले एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो गया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है और उसका लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे कम लागत वाला पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम उत्पादक बनना है।</p>
<p>प्राथमिक धातु उत्पादन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत के व्यापक औद्योगिकीकरण एजेंडे को मजबूती मिलेगी।</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस (बीएसई: 382914 एवं एनएसई: VOGL) — भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल एवं गैस उत्पादक कंपनी और देश के सबसे रणनीतिक ऊर्जा व्यवसायों में से एक के रूप में बाजार में प्रवेश कर रही है।</p>
<p>आने वाले दशक में भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।</p>
<p>ऋण-मुक्त बैलेंस शीट के साथ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही कंपनी वित्तीय मजबूती, परिचालन क्षमता और संसाधन संभावनाओं का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करती है। वेदांता अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।</p>
<p>इसके विकास पोर्टफोलियो में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो-वॉटर एवं डीप-वॉटर एसेट्स, सैटेलाइट फील्ड्स तथा असम और पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण एकरेज शामिल हैं। विविध संसाधन आधार और उन्नत वैश्विक तकनीकों तक पहुंच के कारण कंपनी भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील (बीएसई: 544784 एवं एनएसई: VISL) — भारत के अवसंरचना विकास की मजबूत नींव</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, संसाधन-सुरक्षित और ऋण-मुक्त व्यवसाय है, जो भारत की अवसंरचना और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।</p>
<p>वर्तमान में लगभग 40 लाख टन वार्षिक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनी ने क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।</p>
<p>कंपनी को तीन महत्वपूर्ण इनपुट्स की उपलब्धता के रूप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त है — गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में लगभग 4 अरब टन आयरन ओर संसाधन, लगभग 800 केटीपीए मेटलर्जिकल कोक तथा गैस पाइपलाइन अवसंरचना तक सीधी पहुंच।</p>
<p>ये एकीकृत क्षमताएं कंपनी को भारत में तेजी से बढ़ती स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती हैं। व्यवसाय का फोकस ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों पर रहेगा।</p>
<p>वेदांता पावर (बीएसई: 544781 एवं एनएसई: VEDPOWER) — भारत की अगली औद्योगिक क्रांति को ऊर्जा</p>
<p>वेदांता पावर को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की स्थिर बेसलोड बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।</p>
<p>भारत की बिजली मांग अगले दशक में लगभग 240 गीगावाट से बढ़कर 460 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में कंपनी देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के बड़े अवसर देख रही है।</p>
<p>4.2 गीगावाट परिचालन क्षमता, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स और सुरक्षित कोल माइंस के आधार पर वेदांता पावर पहले से ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी की योजना क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने और देश की अग्रणी पावर कंपनियों में शामिल होने की है।</p>
<p>विस्तार का अधिकांश हिस्सा ब्राउनफील्ड एक्सपैंशन के माध्यम से होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले दशकों तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी, जो नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ सह-अस्तित्व में रहेगा।</p>
<p>साथ ही, कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है, जिसे वह स्वच्छ, विश्वसनीय और 24×7 बिजली स्रोत तथा भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का प्रमुख सक्षमकर्ता मानती है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड: भारत का क्रिटिकल मिनरल्स चैंपियन</p>
<p>नई सूचीबद्ध कंपनियों के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों में से एक होगी।</p>
<p>विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक इसकी आधारशिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल, फेरो अलॉयज तथा अन्य रणनीतिक खनिजों का वैश्विक महत्व वाला पोर्टफोलियो है।</p>
<p>हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से कंपनी भारत की कृषि महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी विकसित कर रही है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा परिवर्तन तकनीकों तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकेल उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है।</p>
<p>कंपनी के कॉपर व्यवसाय घरेलू आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जबकि फैकोर भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है तथा कुछ मैंगनीज सेगमेंट्स में जल्द ही देश की एकमात्र निजी क्षेत्र की उत्पादक कंपनी बन जाएगी।</p>
<p>ये सभी व्यवसाय मिलकर वेदांता लिमिटेड को भारत की दीर्घकालिक क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और भविष्य के विनिर्माण विकास के केंद्र में स्थापित करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:45:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : एएम/एनएस इंडिया ने लॉन्च किया ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’, ऑटोमोबाइल उद्योग को मिलेगा विश्वस्तरीय स्वदेशी स्टील समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया (AM/NS India) ने अपने वैल्यू-ऐडेड स्टील पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ (Zagnelis® Protect) नामक प्रीमियम जिंक-एल्युमिनियम-मैग्नीशियम कोटेड स्टील ब्रांड लॉन्च किया है।</p>
<p>यह विश्वस्तरीय और पेटेंटेड स्टील विशेष रूप से उच्च प्रदर्शन वाले ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है। यूरोपीय बाजारों में अपनी सफलता साबित कर चुका यह उत्पाद अब पहली बार भारत में उपलब्ध कराया गया है।</p>
<p>हजीरा स्थित कंपनी के अनुसार, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन उत्पादक देश है, लेकिन अब तक इस श्रेणी के उन्नत कोटेड स्टील उत्पाद मुख्य रूप से आयात किए जाते थे। चेन्नई में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147688/surat-amns-india-launches-%E2%80%98jagnelis%C2%AE-protect%E2%80%99-to-provide-world-class"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b17062026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया (AM/NS India) ने अपने वैल्यू-ऐडेड स्टील पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ (Zagnelis® Protect) नामक प्रीमियम जिंक-एल्युमिनियम-मैग्नीशियम कोटेड स्टील ब्रांड लॉन्च किया है।</p>
<p>यह विश्वस्तरीय और पेटेंटेड स्टील विशेष रूप से उच्च प्रदर्शन वाले ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है। यूरोपीय बाजारों में अपनी सफलता साबित कर चुका यह उत्पाद अब पहली बार भारत में उपलब्ध कराया गया है।</p>
<p>हजीरा स्थित कंपनी के अनुसार, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन उत्पादक देश है, लेकिन अब तक इस श्रेणी के उन्नत कोटेड स्टील उत्पाद मुख्य रूप से आयात किए जाते थे। चेन्नई में प्रमुख ऑटोमोटिव ग्राहकों की उपस्थिति में हुए इस लॉन्च के साथ एएम/एनएस इंडिया भारत में इस तकनीक को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने वाली पहली कंपनी बन गई है।</p>
<p>कंपनी का मानना है कि ऑटोमोबाइल उद्योग में टिकाऊपन, सुरक्षा, प्रदर्शन और विनिर्माण गुणवत्ता को लेकर बढ़ती अपेक्षाओं के बीच ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ निर्माताओं को तेज आपूर्ति, निरंतर गुणवत्ता और बेहतर सप्लाई चेन का लाभ प्रदान करेगा। शुरुआती चरण में इसका उपयोग वाहनों में लगने वाली डायरेक्ट करंट (DC) मोटरों के लिए आवश्यक ‘मोटर कप्स’ के निर्माण में किया जाएगा।</p>
<p>एक कार में ऐसी 20 से 30 मोटरों का उपयोग होने के कारण यह उत्पाद तत्काल व्यावसायिक उपयोगिता प्रदान करेगा।</p>
<p>वर्तमान में भारत में उपयोग होने वाले कई महत्वपूर्ण ऑटोमोटिव स्टील ग्रेड का लगभग 8 से 10 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में प्रतिवर्ष 3 करोड़ से अधिक वाहनों के उत्पादन और जंग-रोधी, हल्के तथा उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों की बढ़ती मांग के बीच उन्नत कोटेड स्टील का स्थानीयकरण ऑटोमोटिव क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p>एएम/एनएस इंडिया के डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) श्री रंजन धर ने कहा कि ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ का लॉन्च देश की ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह उत्पाद वैश्विक मानकों के अनुरूप है और ‘स्मार्टर स्टील्स, ब्राइटर फ्यूचर्स’ के विजन के अनुरूप भारत को उच्च गुणवत्ता वाले वैल्यू-ऐडेड स्टील समाधानों से सशक्त करेगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आर्सेलरमित्तल और निप्पन स्टील की वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञता के सहयोग से विकसित यह उत्पाद ऑटोमोबाइल निर्माताओं को आयात पर निर्भरता कम करने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने तथा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने में सहायता करेगा। साथ ही यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगा।</p>
<p>कंपनी के अनुसार, ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ पारंपरिक गैल्वनाइज्ड स्टील की तुलना में अधिक जंग-रोधी क्षमता प्रदान करता है। विशेष रूप से कट एज, हेम फ्लैंज और फॉर्म्ड क्षेत्रों में यह बेहतर सुरक्षा देता है। इसमें सेल्फ-हीलिंग प्रोटेक्शन, उत्कृष्ट ड्रॉएबिलिटी और विश्वसनीय वेल्डेबिलिटी जैसी विशेषताएं भी शामिल हैं।</p>
<p>मोटर कप्स के अलावा यह स्टील ऑटोमोटिव उद्योग के विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे चेसिस पार्ट्स, डोर इनर पैनल, बोनट इनर पैनल तथा टेलगेट इनर पैनल में भी उपयोग किया जा सकेगा।</p>
<p>यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में यात्री वाहनों की बिक्री 4.7 मिलियन यूनिट के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी है। इससे भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव बाजारों में शामिल होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।</p>
<p>कंपनी ने बताया कि ‘जैग्नेलिस® प्रोटेक्ट’ उसके स्वदेशीकरण अभियान का हिस्सा है। इससे पहले एएम/एनएस इंडिया नवीकरणीय ऊर्जा एवं आधारभूत संरचना क्षेत्र के लिए ‘मैग्नेलिस®’ और रूफिंग व क्लैडिंग अनुप्रयोगों के लिए ‘ऑप्टिगल®’ जैसे पेटेंटेड उत्पाद भी भारतीय बाजार में पेश कर चुकी है।</p>
<p>हजीरा में चल रही लगभग ₹60,000 करोड़ की विस्तार परियोजना के तहत कंपनी अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव और वैल्यू-ऐडेड स्टील विनिर्माण को समर्थन देने के लिए अत्याधुनिक अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम और बुनियादी ढांचा सुविधाओं का विकास भी कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:05:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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