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                <title>GJEPC - Loktej</title>
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                <description>GJEPC RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : सोने के आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले पर जीजेईपीसी ने जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने सोने के आयात शुल्क को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और कृषि उपकर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किए जाने के सरकार के फैसले पर गंभीर चिंता जताई है।</p>
<p>परिषद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के आह्वान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन शुल्क वृद्धि से उद्योग, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र, पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।</p>
<p>जीजेईपीसी ने बताया कि हाल ही में प्रमुख ज्वेलरी रिटेलर्स और निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147101/gjepc-expressed-concern-over-the-decision-to-increase-the-import"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/gjepc.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने सोने के आयात शुल्क को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और कृषि उपकर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किए जाने के सरकार के फैसले पर गंभीर चिंता जताई है।</p>
<p>परिषद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के आह्वान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन शुल्क वृद्धि से उद्योग, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र, पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।</p>
<p>जीजेईपीसी ने बताया कि हाल ही में प्रमुख ज्वेलरी रिटेलर्स और निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें सोने के आयात को कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए उद्योग द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी गई है।</p>
<p>परिषद ने कहा कि कम कैरेट वाले आभूषण जैसे 18 कैरेट और 14 कैरेट ज्वेलरी को बढ़ावा देकर सोने के आयात में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को पुराने सोने के बदले नए आभूषण बनवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी।</p>
<p>जीजेईपीसी ने ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ (जीएमएस) को अधिक व्यावहारिक स्वरूप में फिर से लागू करने की भी मांग की है, ताकि देश में मौजूद लगभग 25,000 टन स्वर्ण भंडार का बेहतर उपयोग हो सके।</p>
<p>परिषद ने सोने की छड़ों, बिलेट्स और सिक्कों में निवेश को हतोत्साहित करने की भी बात कही, क्योंकि कुल आयात में इनका हिस्सा 20 से 30 प्रतिशत तक है।</p>
<p>परिषद ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में सोने के आभूषणों के निर्यातकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, ताकि वे अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित कर सकें। जीजेईपीसी ने सरकार को जीएमएस को पुनर्जीवित करने संबंधी विस्तृत प्रस्ताव भी सौंपने की जानकारी दी।</p>
<p>हालांकि, परिषद ने स्पष्ट किया कि उसका हमेशा से मानना रहा है कि आयात शुल्क बढ़ाने से सोने का आयात कम नहीं होता, बल्कि इससे कीमतों में वृद्धि और तस्करी को बढ़ावा मिलता है। जीजेईपीसीके अनुसार, हाल के वर्षों में सोने की कीमतें दोगुनी होने के बावजूद आयात में उसी अनुपात में कमी नहीं आई है।</p>
<p>परिषद ने यह भी बताया कि निर्यातकों को अब शुल्क-मुक्त सोने के लिए ‘नामित एजेंसियों’ को प्रति किलोग्राम 28 से 30 लाख रुपये तक की बैंक गारंटी देनी पड़ रही है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी पर भारी दबाव पड़ रहा है और निर्यात कारोबार प्रभावित हो रहा है।</p>
<p>जीजेईपीसी ने चेतावनी दी कि इस नीति का सबसे अधिक असर एमएसएमई निर्माताओं पर पड़ेगा, जो उद्योग की रीढ़ माने जाते हैं। परिषद की कुल सदस्यता में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी एमएसएमई क्षेत्र की है और वर्तमान में वे गंभीर नकदी संकट का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>परिषद ने सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसे दीर्घकालिक और संतुलित समाधान तलाशे, जिनसे राजकोषीय लक्ष्यों के साथ-साथ निर्यात वृद्धि और उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता भी सुरक्षित रह सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 16:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :GJEPC और DGTS की अहम बैठक, टैक्स और रिफंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत में जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए GJEPC के रीजनल ऑफिस द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज़ (DGTS) के प्रिंसिपल एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुमित कुमार शामिल हुए।</p>
<p>बैठक का उद्देश्य टैक्सपेयर सर्विसेज़ को बेहतर बनाने और इंडस्ट्री की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाना था। DGTS की भूमिका सर्विस सेंटर्स और हेल्पलाइन की निगरानी, फीडबैक सर्वे, पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन और इंडस्ट्री के साथ संवाद के माध्यम से टैक्स सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाना है।</p>
<p>इस अवसर पर सूरत डायमंड एसोसिएशन,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146856/important-meeting-of-surat-gjepc-and-dgts-to-discuss-issues"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b29042026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत में जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए GJEPC के रीजनल ऑफिस द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज़ (DGTS) के प्रिंसिपल एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुमित कुमार शामिल हुए।</p>
<p>बैठक का उद्देश्य टैक्सपेयर सर्विसेज़ को बेहतर बनाने और इंडस्ट्री की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाना था। DGTS की भूमिका सर्विस सेंटर्स और हेल्पलाइन की निगरानी, फीडबैक सर्वे, पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन और इंडस्ट्री के साथ संवाद के माध्यम से टैक्स सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाना है।</p>
<p>इस अवसर पर सूरत डायमंड एसोसिएशन, सूरत ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, सूरत ज्वैलर्स एसोसिएशन, लैब ग्रोन डायमंड एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (वेस्टर्न ज़ोन) के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।</p>
<p>बैठक में इंडस्ट्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने रखे गए। इनमें GST क्रेडिट का अटकना, IGST रिफंड में देरी, एनफोर्समेंट से संबंधित चिंताएं, कंसाइनमेंट आधारित ट्रांसफर में माल की ज़ब्ती और कस्टम ड्यूटी रिफंड की समस्याएं प्रमुख रहीं।</p>
<p>इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने बताया कि इन चुनौतियों के कारण कारोबार की गति प्रभावित हो रही है और कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p>इस पर श्री सुमित कुमार ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित समस्याओं की विस्तृत जांच की जाएगी और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p>बैठक को इंडस्ट्री और सरकारी विभाग के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में टैक्स सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और उद्योग-हितैषी बनाने में मदद मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : GJEPC का स्टडेड डायमंड ज्वेलरी खरीदार-विक्रेता मिलन सफल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। हीरा और ज्वेलरी उद्योग के वैश्विक केंद्र सूरत में जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल(GJEPC) द्वारा 13-14 अप्रैल, 2026 को विशेष स्टडेड डायमंड ज्वेलरी खरीदार-विक्रेता मिलन का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्रीव्यू और उद्घाटन सत्र 12 अप्रैल को आयोजित हुआ।</p>
<p>जीजेईपीसी सूरत के अध्यक्ष जय सावलीया ने जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन अपनी तरह की पहली पहल रहा, जो विशेष रूप से स्टडेड डायमंड ज्वेलरी पर केंद्रित था। इसमें प्राकृतिक (नेचुरल) और लैब-ग्रोन दोनों सेगमेंट को शामिल किया गया। कार्यक्रम में 16 भारतीय प्रदर्शकों के साथ रूस, अमेरिका, ब्राजील, बुल्गारिया, कोलंबिया और पोलैंड से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146646/surat-gjepcs-studded-diamond-jewelery-buyer-seller-meeting-successful"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b17042026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। हीरा और ज्वेलरी उद्योग के वैश्विक केंद्र सूरत में जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल(GJEPC) द्वारा 13-14 अप्रैल, 2026 को विशेष स्टडेड डायमंड ज्वेलरी खरीदार-विक्रेता मिलन का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्रीव्यू और उद्घाटन सत्र 12 अप्रैल को आयोजित हुआ।</p>
<p>जीजेईपीसी सूरत के अध्यक्ष जय सावलीया ने जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन अपनी तरह की पहली पहल रहा, जो विशेष रूप से स्टडेड डायमंड ज्वेलरी पर केंद्रित था। इसमें प्राकृतिक (नेचुरल) और लैब-ग्रोन दोनों सेगमेंट को शामिल किया गया। कार्यक्रम में 16 भारतीय प्रदर्शकों के साथ रूस, अमेरिका, ब्राजील, बुल्गारिया, कोलंबिया और पोलैंड से आए 17 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों ने भाग लिया।</p>
<p>आयोजन की खास विशेषता ‘प्रीव्यू डे’ रही, जिसमें शोकेस बूथों के माध्यम से खरीदारों और विक्रेताओं के बीच व्यवस्थित संवाद का अवसर मिला। वहीं, फैक्ट्री विज़िट इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जहां अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों को सूरत की आधुनिक निर्माण क्षमताओं को नज़दीक से देखने का अवसर मिला।</p>
<p>एक सुनियोजित कार्यक्रम के तहत दो दिनों में सभी 16 फैक्ट्रियों का दौरा कराया गया, जिससे खरीदारों को उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता की सीधी जानकारी प्राप्त हुई।</p>
<p>इस पहल ने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही वैश्विक स्तर पर सूरत की पहचान को और सुदृढ़ किया है, जिससे शहर का डायमंड और ज्वेलरी हब के रूप में महत्व और बढ़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:56:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत में ‘इंडिया रफ डायमंड शो’ लॉन्च, ग्लोबल टेंडरिंग हब बनने की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। रत्न एवं आभूषण उद्योग को नई दिशा देते हुए जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) ने सूरत इंटरनेशनल डायाट्रेड सेंटर (SIDC) के साथ मिलकर ‘इंडिया रफ डायमंड शो’ (IRDS) लॉन्च किया है। यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर रफ डायमंड टेंडरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>
<p>यह शो 6 अप्रैल से 10 मई 2026 तक सूरत डायमंड बोर्स (SDB) में आयोजित किया जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिस कॉम्प्लेक्स है और हीरा व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। IRDS के माध्यम से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146453/launch-of-%E2%80%98india-rough-diamond-show%E2%80%99-in-surat-is-a"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b06042026-06.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। रत्न एवं आभूषण उद्योग को नई दिशा देते हुए जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) ने सूरत इंटरनेशनल डायाट्रेड सेंटर (SIDC) के साथ मिलकर ‘इंडिया रफ डायमंड शो’ (IRDS) लॉन्च किया है। यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर रफ डायमंड टेंडरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>
<p>यह शो 6 अप्रैल से 10 मई 2026 तक सूरत डायमंड बोर्स (SDB) में आयोजित किया जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिस कॉम्प्लेक्स है और हीरा व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। IRDS के माध्यम से पहली बार भारत में रफ डायमंड के लिए एक संगठित और पारदर्शी टेंडरिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।</p>
<p>इस आयोजन में स्टार जेम्स और कोइन इंटरनेशनल जैसी वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा मजबूत हुआ है। अनुमान है कि शो के दौरान करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1,000 करोड़) मूल्य के रफ डायमंड प्रदर्शित किए जाएंगे।</p>
<p>खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म से छोटे और मध्यम स्तर के हीरा निर्माता (MSME) भी सीधे रफ डायमंड तक पहुंच बना सकेंगे। हर सप्ताह होने वाले टेंडर सत्रों में 250 से अधिक MSME यूनिट्स के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि पूरे आयोजन में 1,000 से ज्यादा यूनिट्स की भागीदारी संभव है।</p>
<p>GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि यह पहल भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के करीब ग्लोबल सप्लाई लाने का बड़ा प्रयास है, जिससे लागत कम होगी और व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं, डायमंड पैनल कन्वीनर अनूप मेहता ने इसे इंडस्ट्री की लंबे समय से चली आ रही जरूरत का समाधान बताया।</p>
<p>रीजनल चेयरमैन जयंती सावलिया ने कहा कि सूरत में इस शो का आयोजन शहर की डायमंड इंडस्ट्री में वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगा और स्थानीय व्यापारियों को बेहतर अवसर प्रदान करेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि भारत दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक हीरों की प्रोसेसिंग करता है, लेकिन रफ डायमंड का अधिकांश व्यापार अब तक एंटवर्प, दुबई और तेल अवीव जैसे केंद्रों में होता रहा है। IRDS के जरिए इस व्यवस्था को भारत में लाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p>यह पहल न केवल व्यापार को आसान बनाएगी, बल्कि भारत को ग्लोबल डायमंड वैल्यू चेन में एक मजबूत ट्रेडिंग हब के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146453/launch-of-%E2%80%98india-rough-diamond-show%E2%80%99-in-surat-is-a</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 20:42:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : हीरा और आभूषण व्यापारियों को बड़ी राहत, बैंक अकाउंट फ्रीजिंग समस्या पर गृह मंत्रालय ने जारी किया एसओपी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत, 7 मार्च, 2026 – भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग (इंडियन जेम एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री ) के लिए एक बड़ी बाधा अब दूर हो गई है।</p>
<p>साइबर अपराध की शिकायतों के नाम पर व्यापारियों के बैंक अकाउंट अचानक फ्रीज होने की गंभीर समस्या का समाधान निकालते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है।</p>
<p>पिछले कुछ समय से सूरत और देशभर के ज्वेलरी ट्रेडर्स को बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक खाते फ्रीज होने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। कई मामलों में, असली ट्रेडर्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145906/big-relief-to-surat-diamond-and-jewelery-traders-home-ministry"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b07032026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत, 7 मार्च, 2026 – भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग (इंडियन जेम एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री ) के लिए एक बड़ी बाधा अब दूर हो गई है।</p>
<p>साइबर अपराध की शिकायतों के नाम पर व्यापारियों के बैंक अकाउंट अचानक फ्रीज होने की गंभीर समस्या का समाधान निकालते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है।</p>
<p>पिछले कुछ समय से सूरत और देशभर के ज्वेलरी ट्रेडर्स को बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक खाते फ्रीज होने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। कई मामलों में, असली ट्रेडर्स को भी जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा था, जिससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा था बल्कि बाजार में उनकी साख पर भी असर पड़ रहा था।</p>
<p> इस संकट को देखते हुए जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने मोर्चा संभाला। गुजरात रीजन के चेयरमैन जयंती सावलिया और रीजनल कमेटी के मेंबर  दिनेश वाडियाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित भाई शाह को पत्र लिखकर एक संस्थागत व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया था।</p>
<p>इसके बाद जीजेईपीसी के प्रतिनिधिमंडल जयंति सावलिया, दिनेशभाई नावडिया ने I4C के डायरेक्टर कर्नल कौशिक बादल के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें व्यापारियों की परिचालन संबंधी मुश्किलों को विस्तार से रखा गया। </p>
<p>गृह मंत्री के दिशा-निर्देशों के बाद लागू किए गए इस नए SOP से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। </p>
<p>बैंक अकाउंट फ्रीज करना या फंड रोकना अब केवल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के नियमों के तहत ही होगा। जांच अधिकारियों को कार्रवाई से पहले सही वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा।</p>
<p> अब अकाउंट होल्डर्स को विवादित ट्रांजैक्शन (Disputed Transaction) पर अपनी सफाई पेश करने का अवसर दिया जाएगा।</p>
<p> शिकायतों के निपटारे के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है, जिससे असली ट्रेडर्स के खाते बेवजह लंबे समय तक बंद नहीं रहेंगे।</p>
<p> साइबर अपराध के पीड़ितों को फंड की तुरंत कस्टडी और रिफंड दिलाने के लिए भी मानक प्रक्रिया तय की गई है।</p>
<p> जीजेईपीसी के अनुसार, यह कदम असली ट्रेडर्स के हितों की रक्षा करेगा और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक समान प्रक्रिया होने से अब 'मनमाने ढंग' से खाते बंद करने की घटनाओं पर लगाम लगेगी।</p>
<p>गृह मंत्रालय का यह निर्णय सूरत के हीरा बाजार और देश के आभूषण उद्योग को सुरक्षा की गारंटी देता है, जिससे व्यापार का माहौल और अधिक सुगम बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 20:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : डायमंड इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर, बोत्सवाना की खनिज मंत्री ने GJEPC कार्यालय का किया दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। पिछले महीने बोत्सवाना में GJEPC (जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) की आधिकारिक यात्रा के बाद भारत–बोत्सवाना हीरा सहयोग को और मजबूती मिली है।</p>
<p>इसी क्रम में बोत्सवाना की माननीय खनिज और ऊर्जा मंत्री सुश्री बोगोलो जॉय केनेवेंडो ने भारतीय हीरा उद्योग के साथ विस्तृत चर्चा के लिए GJEPC के क्षेत्रीय कार्यालय, सूरत का दौरा किया।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि हालिया बोत्सवाना दौरे के दौरान GJEPC द्वारा भारत–बोत्सवाना हीरा सहयोग को मजबूत करने पर आधारित एक विस्तृत व्हाइट पेपर बोत्सवाना के माननीय राष्ट्रपति को सौंपा गया था, जिसे वहां की सरकार और स्थानीय मीडिया से व्यापक सराहना मिली थी।</p>
<p>सूरत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144715/big-news-for-surat-diamond-industry-botswanas-mineral-minister-visits"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b15122025-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। पिछले महीने बोत्सवाना में GJEPC (जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) की आधिकारिक यात्रा के बाद भारत–बोत्सवाना हीरा सहयोग को और मजबूती मिली है।</p>
<p>इसी क्रम में बोत्सवाना की माननीय खनिज और ऊर्जा मंत्री सुश्री बोगोलो जॉय केनेवेंडो ने भारतीय हीरा उद्योग के साथ विस्तृत चर्चा के लिए GJEPC के क्षेत्रीय कार्यालय, सूरत का दौरा किया।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि हालिया बोत्सवाना दौरे के दौरान GJEPC द्वारा भारत–बोत्सवाना हीरा सहयोग को मजबूत करने पर आधारित एक विस्तृत व्हाइट पेपर बोत्सवाना के माननीय राष्ट्रपति को सौंपा गया था, जिसे वहां की सरकार और स्थानीय मीडिया से व्यापक सराहना मिली थी।</p>
<p>सूरत आगमन पर मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का GJEPC गुजरात क्षेत्रीय अध्यक्ष जयंती सावलिया ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक हीरा मूल्य श्रृंखला में भारत और बोत्सवाना की रणनीतिक भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात में दोनों देशों को और अधिक तालमेल तथा विश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।</p>
<p>जयंति सावलिया ने विशेष रूप से बोत्सवाना से भारत के MSME हीरा निर्माताओं को कच्चे हीरों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया।</p>
<p>बैठक के दौरान सूरत इंटरनेशनल डायमंड सेंटर (SIDC) के स्पेशल नोटिफाइड जोन (SNZ) के निदेशक  हितेश शाह ने प्रतिनिधिमंडल को SNZ की कार्यप्रणाली से अवगत कराया और बताया कि यह तंत्र खनन कंपनियों के लिए पारदर्शी, अनुपालन-संगत और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करता है।</p>
<p>SIDC के अध्यक्ष के रूप में  जयंती सावलिया ने जानकारी दी कि सूरत SNZ-SIDC में अब तक 25 से अधिक कच्चे हीरे देखने (रफ डायमंड व्यूइंग) के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और उन्होंने बोत्सवाना की खनन कंपनियों को सूरत में अधिक बार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।</p>
<p>माननीय मंत्री सुश्री बोगोलो जॉय केनेवेंडो ने सूरत डायमंड बोर्स के विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की और सूरत में कच्चे हीरों के सीधे व्यापार को लेकर GJEPC के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक बाजार परिस्थितियों को देखते हुए, ऐसे किसी भी कदम को आपसी लाभ सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक और संतुलित योजना के साथ आगे बढ़ाना होगा।</p>
<p>कुल मिलाकर, यह बैठक अत्यंत उपयोगी और भविष्योन्मुखी रही, जिसने भारत और बोत्सवाना की इस साझा प्रतिबद्धता को दोहराया कि वे संरचित, दीर्घकालिक और सतत सहयोग के माध्यम से वैश्विक हीरा उद्योग को और सशक्त बनाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 20:04:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : GJEPC चेयरमैन किरीट भंसाली इज़राइल में भारत के हाई-लेवल बिज़नेस डेलिगेशन में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।  जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन किरीट भंसाली ने 20 नवंबर 2025 को तेल अवीव में हुए इंडिया-इज़राइल CEO फोरम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व वाले उच्च-स्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा लिया।</p>
<p>यह यात्रा कई वर्षों में किसी भारतीय वाणिज्य मंत्री की इज़राइल की पहली यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में एक नई गति का संकेत देती है।</p>
<p>इंडिया-इज़राइल CEO फोरम का उद्घाटन  पीयूष गोयल ने इज़राइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ किया, जिसे दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच "दोस्ती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144182/surat-gjepc-chairman-kirit-bhansali-joins-indias-high-level-business-delegation"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-11/b21112025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।  जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन किरीट भंसाली ने 20 नवंबर 2025 को तेल अवीव में हुए इंडिया-इज़राइल CEO फोरम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व वाले उच्च-स्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा लिया।</p>
<p>यह यात्रा कई वर्षों में किसी भारतीय वाणिज्य मंत्री की इज़राइल की पहली यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में एक नई गति का संकेत देती है।</p>
<p>इंडिया-इज़राइल CEO फोरम का उद्घाटन  पीयूष गोयल ने इज़राइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ किया, जिसे दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच "दोस्ती और मौके का एक नया दौर" बताया।</p>
<p>भंसाली ने इस दौरान मंत्री बरकत से भी मुलाकात की और जिम्मेदार डायमंड सोर्सिंग, इनोवेशन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की।</p>
<p><strong>भारत की मैन्युफैक्चरिंग और इज़राइल की टेक्नोलॉजी-</strong> इस दौरे पर बात करते हुए  भंसाली ने कहा, " पीयूष गोयल की इज़राइल की ऐतिहासिक यात्रा ने व्यापार, टेक्नोलॉजी और निवेश में गहरे सहयोग के लिए नए दरवाजे खोले हैं। इज़राइली टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप और भारत का बेजोड़ मैन्युफैक्चरिंग स्केल एक-दूसरे को पूरी तरह से कॉम्प्लिमेंट करते हैं।"</p>
<p>GJEPC चेयरमैन ने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्री गोयल के इस जुड़ाव से नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और डायमंड, ज्वेलरी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग के लिए ग्लोबल हब के तौर पर भारत की भूमिका को मज़बूती मिलेगी।</p>
<p><strong>व्यापार में सुधार के संकेत- </strong>भारत और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय रत्न और आभूषण व्यापार पारंपरिक रूप से डायमंड पर केंद्रित रहा है। हाल के महीनों में, व्यापार संबंधों में सुधार के मजबूत संकेत मिले हैं। आयात में वृद्धि: अप्रैल और सितंबर 2025 के बीच इज़राइल से भारत का आयात 60% से अधिक बढ़ा है।</p>
<p>सोने के आभूषण का निर्यात: भारत से इज़राइल को सोने के आभूषण का निर्यात 200% से अधिक बढ़कर USD 25 मिलियन को पार कर गया है।</p>
<p>भंसाली ने कहा कि GJEPC वैश्विक डायमंड इंडस्ट्री के एक स्तंभ के तौर पर पहचाने जाने वाले इज़राइल से किम्बरली प्रोसेस (KP) में मजबूत और रचनात्मक जुड़ाव की उम्मीद करता है, जो वैश्विक डायमंड इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 16:42:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में 3.66% की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूरत। भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात ने वित्त वर्ष </span><span>2025–26 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की पहली छमाही में स्थिर सुधार दर्ज करते हुए </span><span>3.66% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की वृद्धि के साथ </span><span>14.09 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर का स्तर प्राप्त किया है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह </span><span>13.60 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद यह वृद्धि भारत के आभूषण निर्यातकों की दृढ़ता और अनुकूलन क्षमता को दर्शाती है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि त्योहारी एवं विवाह सीजन की मांग ने रफ्तार पकड़ ली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सिर्फ सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में ही कुल निर्यात </span><span>6.55% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span>2.91 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो कई महीनों की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143618/indias-gems-and-jewelery-exports-increased-by-3-66"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-10/b14102025-10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूरत। भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात ने वित्त वर्ष </span><span>2025–26 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की पहली छमाही में स्थिर सुधार दर्ज करते हुए </span><span>3.66% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की वृद्धि के साथ </span><span>14.09 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर का स्तर प्राप्त किया है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह </span><span>13.60 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद यह वृद्धि भारत के आभूषण निर्यातकों की दृढ़ता और अनुकूलन क्षमता को दर्शाती है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि त्योहारी एवं विवाह सीजन की मांग ने रफ्तार पकड़ ली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सिर्फ सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में ही कुल निर्यात </span><span>6.55% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span>2.91 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो कई महीनों की अस्थिरता के बाद बाज़ार भावना में सुधार का संकेत देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रत्न एवं आभूषण निर्यात प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जीजेईपीसी के अध्यक्ष श्री किरीट भंसाली ने कहा</span><span>,“</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वित्त वर्ष की पहली छमाही उद्योग के लिए पुनरुद्धार के उत्साहजनक संकेत प्रस्तुत करती है। संयुक्त अरब अमीरात</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हांगकांग और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख बाजारों में रत्न एवं आभूषण उत्पादों की मांग में निरंतर मजबूती आई है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे निर्यात में स्थिर वृद्धि दर्ज हुई है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच आगामी त्योहारी और विवाह सीजन के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में अवकाश अवधि की मांग</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आने वाली तिमाही में इस सकारात्मक रफ्तार को और आगे बढ़ाने की संभावना रखती है।</span><span lang="hi" style="font-family:Arial, 'sans-serif';" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालाँकि</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संयुक्त राज्य अमेरिका — जो भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार है — शुल्क संबंधी कारणों से चुनौतियों का सामना करता रहा। अप्रैल से सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की अवधि के दौरान</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिका को कुल निर्यात में </span><span>40.28% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की गिरावट दर्ज की गई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो घटकर </span><span>2,770.66 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि कट और पॉलिश डायमंड केनिर्यात में </span><span>53.62% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की गिरावट आई और यह घटकर </span><span>1,175.09 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पर टिप्पणी करते हुए</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">श्री किरीट भंसाली ने कहा</span><span>,“</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी बाज़ार को आपूर्ति करने वाले निर्यातक और निर्माता वर्तमान शुल्क स्थिति के कारण भारी दबाव का सामना कर रहे हैं। इस संदर्भ में जीजेईपीसी भारत सरकार के साथ लगातार चर्चा व महत्वपूर्ण कार्यों में लगा हुआ है। परिषद सरकार के साथ मिलकर ऐसे व्यावहारिक और राहत-उन्मुख उपायों की वकालत कर रही है जो इस क्षेत्र को स्थिरता प्रदान कर सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्य सिफारिशों में कार्यशील पूंजी ऋणों पर ब्याज स्थगन</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्री-शिपमेंट वित्त में राहत</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ब्याज समानिकीकरण योजना (</span><span>Interest Equalisation Scheme) </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">का विस्तार</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एसईज़ेड में रिवर्स जॉब वर्क की अनुमति</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एसईज़ेड से घरेलू शुल्क क्षेत्र (</span><span>DTA) </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में बिक्री की अनुमति</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तथा प्रभावित एमएसएमई के लिए तरलता सहायता पैकेज की व्यवस्था शामिल है।</span><span lang="hi" style="font-family:Arial, 'sans-serif';" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span> </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा</span><span>,“</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कारीगरों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने प्रभावित कारीगरों के लिए रियायती ऋण और लिक्विडीटी</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">व्यक्तिगत ऋणों के </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रिस्ट्रक्चरिंग </span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रत्येक बालिका के लिए </span><span>₹1,000 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की शैक्षणिक सहायता राशि</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तथा स्वास्थ्य कवरेज के लिए अस्थायी रूप से आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इन उपायों का उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम करना और सामान्य स्थिति बहाल होने तक आवश्यक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।</span><span lang="hi" style="font-family:Arial, 'sans-serif';" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भविष्य की संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए श्री भंसाली ने कहा</span><span>,“</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वैश्विक खुदरा बाजार अपने सबसे व्यस्त तिमाही में प्रवेश कर रहे हैं</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में निर्यात प्रदर्शन और मजबूत होगा। शिल्प कौशल और बड़े पैमाने की उत्पादन क्षमता से सशक्त भारत की विश्वसनीय सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रतिष्ठा लगातार अंतरराष्ट्रीय मांग को बढ़ा रही है।</span><span lang="hi" style="font-family:Arial, 'sans-serif';" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि</span><span> (</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> प्लेन और स्टेडडज्वेलरी दोनों शामिल)</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की अवधि में गोल्ड ज्वेलरी निर्यात में </span><span>21.97% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो बढ़कर </span><span>5.79 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह </span><span>4.75 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर था।</span></p>
<ul style="margin-top:0cm;" type="disc">
<li class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्लेन गोल्ड ज्वेलरी (</span><span>Plain Gold Jewellery) </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">का निर्यात </span><span>46.74% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span>2.80 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर हो गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसका श्रेय बढ़ती सोने की कीमतों और मध्य पूर्व के बाज़ार से प्राप्त मजबूत ऑर्डरों को जाता है।</span></li>
<li class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्डेड ज्वेलरी का निर्यात </span><span>5.35% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span>3.00 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा।</span></li>
</ul>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="en-in" xml:lang="en-in"><br /></span></strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के दौरान यूएई को प्लेन औऱ स्डेड ज्वेलरी का कुल निर्यात </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">61.37% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">3,192.87 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">1,978.55 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर था। इससे एक बार फिर यूएई की भारत के आभूषणों के लिए प्रमुख बाज़ार के रूप में स्थिति सुदृढ़ हुई।यूनाइटेड किंगडम को निर्यात </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">17.01% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">155.50 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो स्थिर खुदरा मांग और भारतीय डिज़ाइन की बढ़ती सराहना से प्रेरित था।इस बीच</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सऊदी अरब को निर्यात में </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">124.10% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की वृद्धि दर्ज की गई</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">128.90 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया — यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय आभूषणों के प्रति सऊदी अरब की रुचि लगातार बढ़ रही है और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध मजबूत हो रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की अवधि में<strong>सोने की औसत कीमत वर्ष-दर-वर्ष लगभग </strong></span><strong><span>36% </span></strong><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़ी</span></strong><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो वैश्विक बाजार की स्थिति और निवेशकों के भरोसे में वृद्धि को दर्शाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के दौरान कट और पॉलिश हीरे के निर्यात </span><span>9.57% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटकर </span><span>6.25 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर रहे</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह </span><span>6.91 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर थे।</span><span><br /></span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालाँकि</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सितंबर माह के आँकड़े सुधार के शुरुआती संकेत दिखाते हैं</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि मासिक निर्यात </span><span>5.91% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़कर </span><span>1.37 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span>2025 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की अवधि में अमेरिका को कट और पॉलिश डायमंड का निर्यात </span><span>53% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटकर </span><span>1,175.09 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।</span><span><br /></span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यूएई को भेजे गए शिपमेंट में </span><span>65.23% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और यह </span><span>1,299.71 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो दुबई की वैश्विक हीरा व्यापार केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।</span><span><br /></span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हांगकांग को निर्यात में भी </span><span>18.08% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की वृद्धि हुई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो बढ़कर </span><span>2,057.02 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसे त्योहारी और अवकाश सीजन से पहले निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं की बढ़ती मांग ने समर्थन दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नेचरल डायमंड का<strong>प्रति कैरेट औसत मूल्य </strong></span><strong><span>778.29 </span></strong><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी डॉलर</span></strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दर्ज किया गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो मूल्य स्थिरता और बाजार में धीरे-धीरे लौटते विश्वास को दर्शाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अप्रैल–सितंबर </span><span>2025</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> के दौरान पॉलिश लैब-ग्रोउन डायमंड के निर्यात में </span><span>7.99%</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> की गिरावट आई और यह घटकर </span><span>586.63</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस अवधि में प्रति कैरेट निर्यात मूल्य </span><span>58.66</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो बढ़ते उत्पादन और इन्वेंटरी समायोजन के चलते वैश्विक मूल्य प्रवृत्तियों के अनुरूप रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी अवधि में सिल्वर ज्वेलरी के निर्यात में </span><span>17.43%</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> की वृद्धि दर्ज की गई और यह </span><span>596.41</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि प्लैटिनम आभूषण निर्यात में </span><span>25.37%</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> की बढ़ोतरी के साथ </span><span>106.54</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मिलियन अमेरिकी डॉलर का स्तर प्राप्त हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्ल्ड जेमस्टोन के निर्यात में मामूली </span><span>0.75% </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की वृद्धि दर्ज की गई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो </span><span>236.66 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उद्योग त्यौहार और वेडिंग सीजन की शुरुआत के साथ सकारात्मक बने हुए हैं</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि प्रमुख बाजारों में उपभोक्ता भावना में सुधार हो रहा है और आगामी व्यापारिक सहभागिताएँ मध्य पूर्व और उससे आगे नए व्यापारिक अवसरों के द्वार खोलने की उम्मीद जता रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (</span></strong><strong><span>GJEPC) </span></strong><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के बारे में</span></strong></p>
<p class="MsoNoSpacing"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (</span><span>GJEPC) </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की स्थापना वर्ष</span><span> 1966 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में भारत सरकार केवाणिज्य मंत्रालयद्वारा की गई थी। यह उन कई निर्यात संवर्धन परिषदों में से एक है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिन्हें स्वतंत्रता के बाद भारत की अर्थव्यवस्था के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश को गति देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।</span></p>
<p class="MsoNoSpacing"><span>1998 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">से</span><span>, GJEPC </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">को स्वायत्त दर्जा प्राप्त है। आज </span><span>GJEPC </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रत्न और आभूषण उद्योग की सर्वोच्च संस्था के रूप में कार्य कर रही है और इस क्षेत्र में</span><span> 10,700 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">से अधिक सदस्योंका प्रतिनिधित्व करती है।परिषद कामुख्यालय मुंबईमें स्थित है</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि इसकेक्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कोलकाता</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चेन्नई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूरत और जयपुरमें हैं — जो सभी इस उद्योग के प्रमुख केंद्र हैं। इन कार्यालयों के माध्यम से </span><span>GJEPC </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने सदस्यों के साथ सीधा और प्रभावी संवाद बनाए रखती है तथा उन्हें विभिन्न सेवाएँ प्रदान करती है।</span></p>
<p class="MsoNoSpacing"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले कई दशकों में </span><span>GJEPC </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देश की सबसे सक्रिय निर्यात संवर्धन परिषदों में से एक बन गई है। इसने निरंतर अपने प्रचार-प्रसार की गतिविधियों के दायरे और गहराई को बढ़ाया है तथा अपने सदस्यों के लिए सेवाओं की विविधता और गुणवत्ता में विस्तार किया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 22:03:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>सूरत : भारत-यूके FTA से रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में 'बड़ी छलांग' की तैयारी- जीजेईपीसी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत । भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के अवसरों को तलाशने के लिए 8–9 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित भारत–यूके सीईओ फोरम में दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया।</p>
<p>इस उच्चस्तरीय बैठक में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p>दो दिवसीय फोरम का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि सीईटीए समझौते के तहत यूके को 99% भारतीय निर्यात और भारत को यूके निर्यात पर 90% टैरिफ हटाने से द्विपक्षीय व्यापार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143565/surat-preparation-for-big-leap-in-gems-and-jewelery-sector"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-10/b11102025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत । भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के अवसरों को तलाशने के लिए 8–9 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित भारत–यूके सीईओ फोरम में दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया।</p>
<p>इस उच्चस्तरीय बैठक में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p>दो दिवसीय फोरम का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि सीईटीए समझौते के तहत यूके को 99% भारतीय निर्यात और भारत को यूके निर्यात पर 90% टैरिफ हटाने से द्विपक्षीय व्यापार में किस तरह क्रांतिकारी बदलाव आएगा।</p>
<p>फोरम में  किरीट भंसाली ने उदय कोटक, करण राठौर,  दिलीप सांघवी,  नरेन गोयनका, अनिल अग्रवाल,  हरीश आहूजा,  भद्रेश डोढिया और श्री नमित जोशी जैसे उद्योग दिग्गजों के साथ “विकास और रोजगार प्राप्त करने के लिए भारत–यूके सीईटीए का लाभ उठाना” विषय पर विचार साझा किए।</p>
<p>इस फोरम की सह-अध्यक्षता भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक व अध्यक्ष  सुनील भारती मित्तल और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिल विंटर्स ने की।</p>
<p>कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने उद्घाटन सत्र में संबोधन दिया।</p>
<p>अपने संबोधन में जीजेईपीसी अध्यक्ष  किरीट भंसाली ने कहा—“भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौता भारतीय रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो हमारे उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खोलेगा।</p>
<p>आने वाले तीन वर्षों में यूके को हमारा निर्यात दोगुना होकर 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। यह साझेदारी न केवल व्यापार को गति देगी, बल्कि 1.4 लाख से अधिक नए रोजगार भी सृजित करेगी। इससे हमारे कारीगरों, निर्माताओं और निर्यातकों को सीधा लाभ होगा।</p>
<p>यह समझौता हीरे, सोने, चांदी और प्रयोगशाला में विकसित रत्नों के क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति को और मजबूत करेगा तथा यूके के खुदरा बाजारों में सहयोग और पहुँच को भी बढ़ाएगा। जीजेईपीसी इस अवसर का पूर्ण उपयोग कर नवाचार, रोजगार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>
<p>भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए यह फोरम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका का परिचायक रहा। टैरिफ में ढील और नए बाजारों तक पहुँच के साथ, ब्रिटेन भारतीय निर्यात वृद्धि, डिज़ाइन सहयोग और तकनीकी नवाचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।</p>
<p>सीईटीए के लागू होने से भारत–ब्रिटेन के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी और भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग को वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका प्राप्त होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 17:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  &quot;दुबई में भारतीय गहनों की नई चमक, IJEX बना वैश्विक निर्यात का नया द्वार&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत । दुबई स्थित इंडिया ज्वैलरी एक्सपोजिशन सेंटर (IJEX) भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए वैश्विक विस्तार का नया द्वार बनता जा रहा है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) द्वारा स्थापित यह प्लेटफॉर्म भारतीय निर्माताओं को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ-साथ अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, रूस और मध्य एशिया के बाजारों तक पहुंच प्रदान कर रहा है।</p>
<p>IJEX की स्थापना वर्ष 2023 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। यह साल भर चलने वाला B2B प्लेटफॉर्म है, जो खासतौर पर लघु और मध्यम उद्यमों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141448/new-glow-of-indian-jewelery-in-surat-dubai-became-a"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-06/b21062025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत । दुबई स्थित इंडिया ज्वैलरी एक्सपोजिशन सेंटर (IJEX) भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए वैश्विक विस्तार का नया द्वार बनता जा रहा है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) द्वारा स्थापित यह प्लेटफॉर्म भारतीय निर्माताओं को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ-साथ अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, रूस और मध्य एशिया के बाजारों तक पहुंच प्रदान कर रहा है।</p>
<p>IJEX की स्थापना वर्ष 2023 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। यह साल भर चलने वाला B2B प्लेटफॉर्म है, जो खासतौर पर लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने नमूने प्रदर्शित करने और विदेशी खरीदारों से ऑर्डर प्राप्त करने का व्यावसायिक मंच प्रदान करता है।</p>
<p>दुबई वैश्विक सोने और आभूषण व्यापार का केंद्र माना जाता है। इसकी अनुकूल कर नीतियाँ, सरल व्यापार प्रक्रियाएं और आधुनिक आधारभूत संरचना ने भारतीय उद्यमियों के लिए अपने व्यवसाय शुरू करना आसान बना दिया है। अब तक IJEX के माध्यम से 50 निर्यातक जुड़ चुके हैं, जिनमें से 12 ने दुबई में अपनी स्वतंत्र कंपनियां शुरू की हैं। उल्लेखनीय है कि 16 देशों के 885 से अधिक B2B खरीदार IJEX का दौरा कर चुके हैं। कई महिला उद्यमियों और युवा पीढ़ी के व्यापारियों के लिए यह एक प्रभावशाली लॉन्चपैड बन गया है।</p>
<p>IJEX के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए GJEPC ने एक विशेष एक-सप्ताहीय "मार्केट इंट्रोडक्शन प्रोग्राम" तैयार किया है। यह कार्यक्रम भाग लेने वाले ज्वैलर्स को दुबई और GCC बाजार की उपभोक्ता प्रवृत्तियों, नीतियों, खरीद व्यवहार, कर प्रणाली और वितरण नेटवर्क की जमीनी समझ प्रदान करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य  वैश्विक निर्यात के लिए नए उद्यमियों को तैयार करना, विभिन्न राष्ट्रीयताओं के उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं का विश्लेषण, ब्रांड पोजिशनिंग व बाज़ार में प्रवेश की रणनीतियों पर मार्गदर्शन, दुबई, शारजाह और अबू धाबी के प्रमुख शोरूमों का दौरा, बाज़ार-अनुकूल उत्पाद डिज़ाइन और मूल्य निर्धारण रणनीतियाँ है। </p>
<p>कार्यक्रम में कार्यशालाएं, उद्योग विशेषज्ञों से संवाद, प्रवृत्ति विश्लेषण व विनियामक प्रशिक्षण उत्पाद स्थानीयकरण व वितरण मॉडल की समझ शामिल हैं।</p>
<p>IJEX को एक “इन्क्यूबेटर प्लेटफॉर्म” के रूप में तैयार किया गया है, जहां उद्यमियों को उत्पादन से विपणन, ग्राहक संपर्क, बैंकिंग और व्यवसाय निर्माण तक हर स्तर पर सहयोग मिलता है।</p>
<p>इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देने और उद्यमियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से GJEPC सूरत क्षेत्र कार्यालय द्वारा एक विशेष वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें पूरे गुजरात से 100 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत जयंतीभाई सावलिया (क्षेत्र अध्यक्ष - गुजरात) के उद्घाटन भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने IJEX के महत्व और MSME उद्यमियों के लिए इसके लाभों को विस्तार से बताया। इसके बाद श्री आशीष एस. (प्रमुख - IJEX दुबई) ने पूरे कार्यक्रम की संरचना, लाभ और अनुसूची साझा की।</p>
<p>इस वेबिनार में दो बैचों की घोषणा की गई – पहला 7 जुलाई 2025 और दूसरा 11 अगस्त 2025 से आरंभ होगा। आश्चर्यजनक रूप से, पहले ही सत्र में 25 उद्यमियों ने तत्काल पंजीकरण करा लिया, जिससे उद्योग जगत में IJEX के प्रति बढ़ती हुई रुचि और विश्वास स्पष्ट झलकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 18:41:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : हीरा श्रमिकों को राहत, जीजेईपीसी देगी 35,000 रुपये का स्वास्थ्य बीमा और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। देश के प्रमुख हीरा उद्योग केंद्र सूरत में मंदी से प्रभावित रत्न कलाकारों (हीरा श्रमिकों) के लिए राहत की खबर आई है। रत्न एवं आभूषण संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने हीरा श्रमिकों के लिए 35,000 रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा और उनके बच्चों के लिए शैक्षणिक नोटबुक वितरित करने की योजना शुरू की है। यह योजना केवल उन श्रमिकों को उपलब्ध होगी जिनका पंजीकरण जीजेईपीसी द्वारा किया गया हो और जिनके पास आधिकारिक पहचान पत्र होगा।</p>
<p>पिछले दो वर्षों से हीरा उद्योग गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, और बीते छह महीनों में लेब्रोन डायमंड और रियल डायमंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140732/relief-to-surat-diamond-workers-will-give-gjepc-health-insurance"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9388_gjepc.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। देश के प्रमुख हीरा उद्योग केंद्र सूरत में मंदी से प्रभावित रत्न कलाकारों (हीरा श्रमिकों) के लिए राहत की खबर आई है। रत्न एवं आभूषण संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने हीरा श्रमिकों के लिए 35,000 रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा और उनके बच्चों के लिए शैक्षणिक नोटबुक वितरित करने की योजना शुरू की है। यह योजना केवल उन श्रमिकों को उपलब्ध होगी जिनका पंजीकरण जीजेईपीसी द्वारा किया गया हो और जिनके पास आधिकारिक पहचान पत्र होगा।</p>
<p>पिछले दो वर्षों से हीरा उद्योग गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, और बीते छह महीनों में लेब्रोन डायमंड और रियल डायमंड क्षेत्र में गिरावट ने श्रमिकों की कमर तोड़ दी है। सूरत में कई रत्न कलाकारों ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया, जिससे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हीरा श्रमिक संघ ने विरोध रैली का आयोजन किया था।</p>
<p>हीरा उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लाखों लोग इस संकट का सामना कर रहे हैं। काम के घंटों में कटौती और वेतन में 50 प्रतिशत तक की गिरावट के चलते श्रमिकों के सामने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। इन हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए एक विशेष समिति गठित करने और आर्थिक सहायता योजना पर विचार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>इसी के तहत जीजेईपीसी ने पहले चरण में पंजीकृत रत्न कलाकारों को बीमा का लाभ देने का फैसला किया है। परिषद की अध्यक्ष जयंती सावलिया ने बताया कि, “हम रत्न कलाकारों के लिए परिचय पत्र बनाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य में डायमंड एसोसिएशन, ज्वेलरी एसोसिएशन और डायमंड वर्कर्स यूनियन को भी शामिल किया गया है।”</p>
<p>श्रमिकों का आधार कार्ड और बैंक विवरण एकत्र कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही लाभार्थियों को बीमा और शैक्षणिक सामग्री जैसे नोटबुक वितरित की जाएंगी। सावलिया ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।</p>
<p>हीरा उद्योग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम रत्न कलाकारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। हालांकि, इस योजना का सफल क्रियान्वयन श्रमिकों के समुचित पंजीकरण और पहचान प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 15:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत में ‘ई-कॉमर्स कॉन्क्लेव 2025’ का भव्य आयोजन: डिजिटल व्यापार के भविष्य पर हुई गहन चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत : दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) की संयुक्त पहल पर ‘ई-कॉमर्स के भविष्य को अनलॉक करें’ विषय पर आधारित ‘ई-कॉमर्स कॉन्क्लेव – 2025<strong>’</strong> का आयोजन सूरत में किया गया।</p>
<p>इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने ई-कॉमर्स उद्यमियों को डिजिटल व्यापार की नई संभावनाओं और वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी रणनीतियों से अवगत कराया।</p>
<p>सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में डीएचएल के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर तेज देसाई और ईबे की श्रेणी लीडर नेहा केजरीवाल शामिल रहे। दोनों ने ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक व्यापार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140460/a-grand-discussion-on-the-future-of-digital-trade-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/b28042025-031.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत : दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) की संयुक्त पहल पर ‘ई-कॉमर्स के भविष्य को अनलॉक करें’ विषय पर आधारित ‘ई-कॉमर्स कॉन्क्लेव – 2025<strong>’</strong> का आयोजन सूरत में किया गया।</p>
<p>इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने ई-कॉमर्स उद्यमियों को डिजिटल व्यापार की नई संभावनाओं और वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी रणनीतियों से अवगत कराया।</p>
<p>सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में डीएचएल के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर तेज देसाई और ईबे की श्रेणी लीडर नेहा केजरीवाल शामिल रहे। दोनों ने ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक व्यापार को सरल और सुलभ बनाने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के नवनिर्वाचित अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय ई-कॉमर्स बाजार 2024 तक ₹10.82 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है और 2030 तक इसके ₹29.88 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने डिजिटल भुगतान और इंटरनेट की पहुंच में तेजी को इस प्रगति का प्रमुख कारण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें ऐसा इकोसिस्टम बनाना होगा, जिसमें छोटे व्यवसायों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक सभी डिजिटल व्यापार का लाभ उठा सकें।</p>
<p>तेज देसाई ने ई-कॉमर्स उद्यमियों को डीएचएल की सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे भारत से 40 देशों तक रत्न एवं आभूषण समेत कई उत्पादों की कूरियर और कार्गो सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उनकी कंपनी डोर-टू-डोर और वन-स्टॉप समाधान उपलब्ध कराती है जिससे व्यापारियों को अलग से एजेंट रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। डीएचएल सीमा शुल्क निकासी शुल्क नहीं लेती और छह प्रकार की डिलीवरी-संबंधी मूल्यवर्धित सेवाएं प्रदान करती है।</p>
<p>नेहा केजरीवाल ने बताया कि ईबे पर 132 मिलियन सक्रिय खरीदार हैं और उनके प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले उद्यमियों के उत्पाद 190 देशों में दिखाई देते हैं। उन्होंने रत्न और आभूषणों की अंतरराष्ट्रीय मांग, प्रामाणिकता की आवश्यकता और जीआईएस प्रमाणन जैसी सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि $500 से $2500 तक के आभूषणों की प्रमाणित जांच की जाती है, जिससे खरीदारों को भरोसे के साथ खरीदारी करने का अवसर मिलता है।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में चैंबर के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में पूर्व अध्यक्ष रमेश वघासिया, मानद मंत्री नीरव मंडलेवाला, मानद कोषाध्यक्ष मृणाल शुक्ला सहित सूरत के कई ई-कॉमर्स उद्यमी, निर्यातक और पेशेवर उपस्थित रहे।</p>
<p>सम्मेलन का संचालन संदीप कथीरिया ने किया और वक्ताओं का परिचय हिरेन लाठिया तथा जीजेईपीसी के सहायक निदेशक रजत वानी ने दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे, जिनके संतोषजनक उत्तर देकर सम्मेलन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 17:47:30 +0530</pubDate>
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