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                <description>Joshimath RSS Feed</description>
                
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                <title>अप्रैल में शुरू होगी चारधाम यात्रा, प्रशासन ने शुरू की तैयारी, इन रास्तों से गुजरेगी यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे में कई जगह दरारें आने से बद्रीनाथ हाईवे की स्थिति गंभीर हो गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89737/chardham-yatra-will-start-in-april-the-administration-has-started"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>इस साल चारधाम यात्रा अप्रैल माह से शुरू हो रही है। इसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। चारधाम यात्रा के दौरान जोशीमठ में यात्रा वाहनों की आवाजाही पहले की तरह ही होगी। पुलिस के ट्रैफिक प्लान के तहत यात्रा वाहनों को मारवाड़ी चौक से नरसिंह मंदिर होते हुए बदरीनाथ धाम जबकि पेट्रोल पंप से मुख्य बाजार की ओर वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। स्थानीय वाहनों को भी इस ट्रैफिक प्लान से गुजरना पड़ेगा।</p>
<p><strong>जोशीमठ में भूस्खलन से स्थिति हुई गंभीर</strong></p>
<p>आपको बता दें जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे में कई जगह दरारें आने से बद्रीनाथ हाईवे की स्थिति गंभीर हो गई है। इसके साथ ही सिंधार में माउंट व्यू और मलारी इन होटलों को तोडऩे के काम से राजमार्ग की स्थिति खतरनाक हो गई है। यहां हाईवे करीब 20 मीटर तक भूस्खलन की चपेट में है। हालांकि पिछले एक महीने से औली मार्ग से छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही भी हो रही है। चारधाम यात्रा की स्थिति को देखते हुए यात्रा वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की जांच की जा रही है।</p>
<p><strong>हो रहा है मरम्मत का काम</strong></p>
<p>पुलिस विभाग ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पुराने ट्रैफिक प्लान को यथावत रखने का फैसला किया है। बीआरओ के कमांडिंग ऑफिसर पीपलकोटी ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले जोशीमठ नगर में मलारी इन और माउंट व्यू होटल से बद्रीनाथ स्टैंड तक हाईवे पर डामरीकरण का काम किया जाएगा। होटलों को तोड़ने का काम पूरा होते ही हाईवे के सुधार का काम शुरू कर दिया जाएगा। यात्रा शुरू होने से पहले पेट्रोल पंप से जेपी कॉलोनी और मारवाड़ी ब्रिज तक हाईवे की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त हाइवे की मरम्मत का काम जारी</strong></p>
<p>लोक निर्माण विभाग चमोली गोपेश्वर के एक अधिकारी ने बताया कि जोशीमठ के मारवाड़ी ट्राई रोड से सिंहधार, नृसिंह मंदिर पेट्रोल पंप तक हाईवे सुधार का कार्य किया जाएगा। भूस्खलन से जहां-जहां हाईवे क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां मरम्मत का काम किया जा रहा है। हाईवे के किनारे दो जगह क्षतिग्रस्त हैं, जिनमें यात्रा शुरू होने से पहले डामरीकरण यानी डामर डालने का काम किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Feb 2023 05:53:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>उत्तराखंड : जोशीमठ के कई घरों में दरार, लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तराखंड के चमोली के जोशीमठ के लोकल बाशिंदे तनाव में जी रहे हैं। लोगों के तनाव का कारण यह है कि यहां जमीन धंसने के कारण कई घरों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। एक स्थानीय ने मीडिया को बताया कि दरारों से कई लोग घर खाली करके चले गए हैं। सरकार तत्काल समाधान निकाले। हम घरों के बाहर रहने को मजबूर हैं। </p>
<p>म्युनिसिपल अध्यक्ष शेलेन्द्र पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले साल भी बारिश न होने के बाद भी मकान जमीन में समा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88513/cracks-in-many-houses-of-joshimath-uttarakhand-people-are-wandering"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/k31122022-02.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तराखंड के चमोली के जोशीमठ के लोकल बाशिंदे तनाव में जी रहे हैं। लोगों के तनाव का कारण यह है कि यहां जमीन धंसने के कारण कई घरों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। एक स्थानीय ने मीडिया को बताया कि दरारों से कई लोग घर खाली करके चले गए हैं। सरकार तत्काल समाधान निकाले। हम घरों के बाहर रहने को मजबूर हैं। </p>
<p>म्युनिसिपल अध्यक्ष शेलेन्द्र पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले साल भी बारिश न होने के बाद भी मकान जमीन में समा रहे थे। नगर का करीब 70% हिस्सा इसकी चपेट में है। करीब 574 मकान इससे प्रभावित हुए हैं जिसमें 3000 लोग निवास करते हैं। हमने सरकार से मांग रखी है और आज एक जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात तय की गई है। </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">पिछले साल भी बारिश न होने के बाद भी मकान ज़मीन में समा रहे थे। नगर का करीब 70% हिस्सा इसकी चपेट में है। करीब 574 मकान इससे प्रभावित हुए हैं जिसमें 3,000 लोग निवास करते हैं। हमने सरकार से मांग रखी है और हमारी 1 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात है: म्युनिसिपल अध्यक्ष शैलेन्द्र पवार <a href="https://t.co/2LsyziWXKZ">pic.twitter.com/2LsyziWXKZ</a></p>
— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1609029313109819394?ref_src=twsrc%5Etfw">December 31, 2022</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>जोशीमठ के बाशिंदों के लिये स्थिति कितनी सकट भरी है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों कहते हैं रात में जो दरार हल्की दिखाई देती है, वो सुबह तक यानि 12 घंटे बाद हाथ डालने जितनी चौड़ी हो जाती है। जमीन धंसने का ये सिलसिला दिनों-दिन बढ़ता चला जा रहा है। </p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वाडिया इंस्टीट्यूट की वैज्ञानिक डॉ. स्वप्नमिता ने अपने शोध में पाया है कि जोशीमठ की इस बदहाली के लिये खराब ड्रेनेज और सिवेज सिस्टम कारणभूत है। इस कारण से शहर में बारिश का पानी अलकनंदा नदी में न जाकर जमीन के भीतर रिस रहा है, जिससे जमीन धंस रही है। </p>
<p>दूसरी ओर ‘जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति’ का कहना है कि तपोवन-विष्‍णुगाड पावर प्रोजेक्ट की सुरंग जोशीमठ के नीचे से गुजर रही है और यही शहर के धंसाव का कारण है। हेलंग-विष्‍णुप्रयाग बाइपास के नाम पर जोशीमठ की जड़ को खोदने का काम शुरु कर दिया गया है। नगर की इस समस्या के मद्देनजर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन स्वरुप 24 दिसंबर को बाजार भी बंद रखे। देखना होगा, इस हिमालयी नगरी के भविष्य को लेकर प्रशासन क्या सुरक्षात्मक कदम उठाता है और लोगों को राहत पहुंचाने के लिये क्या कदम उठाये जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Dec 2022 11:00:20 +0530</pubDate>
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