<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5917/vadnagar" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Vadnagar - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5917/rss</link>
                <description>Vadnagar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद मोदी ने कभी कोई नकारात्मकता नहीं रखी : शाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  वडनगर(गुजरात), 16 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कभी कोई नकारात्मकता नहीं रखी और अपनी गरीबी को जरूरतमंदों के प्रति करुणा में बदल दिया तथा लोगों के कल्याण के लिए अथक कार्य किए हैं। शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने करोड़ों गरीब लोगों को आवास, शौचालय, पानी, गैस और बिजली कनेक्शन, सस्ती कीमतों पर दवाइयां और मुफ्त राशन जैसी विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर उनके जीवन को बदल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात के दौरे पर आए शाह, मेहसाणा जिले में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/122174/despite-being-born-in-a-poor-family-modi-never-harbored"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d17042024-02-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> वडनगर(गुजरात), 16 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कभी कोई नकारात्मकता नहीं रखी और अपनी गरीबी को जरूरतमंदों के प्रति करुणा में बदल दिया तथा लोगों के कल्याण के लिए अथक कार्य किए हैं। शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने करोड़ों गरीब लोगों को आवास, शौचालय, पानी, गैस और बिजली कनेक्शन, सस्ती कीमतों पर दवाइयां और मुफ्त राशन जैसी विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर उनके जीवन को बदल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात के दौरे पर आए शाह, मेहसाणा जिले में मोदी के गृहनगर वडनगर में तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इन परियोजनाओं में एक पुनर्विकसित स्कूल भी शामिल है, जहां मोदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।  वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मनोविज्ञान में यह पढ़ाया जाता है कि जिस बच्चे का बचपन गरीबी और अभाव में बीता है, वह नकारात्मकता से प्रेरित होता है। ऐसे बच्चों में विनाशकारी सोच भी विकसित होता है और वे बदले की भावना के साथ बड़े होते हैं। लेकिन, चाय बेचने वाले के एक परिवार में पैदा हुए मोदीजी ने अपनी गरीबी को जरूरतमंद लोगों के प्रति करुणा में बदल दिया।’’</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा, ‘‘जब उस गरीब बच्चे ने राज्य (मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात) और फिर देश की बागडोर संभाली, तो उसके मन में कभी कोई नकारात्मकता नहीं आई। उन्होंने पूरे देश में गरीबों के कल्याण के लिए काम किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी अन्य बच्चे को उस तरह की गरीबी का सामना न करना पड़े, जिसका उन्होंने सामना किया।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, केवल ईश्वरीय कृपा वाला और प्रतिभाशाली बच्चा ही किसी भी नकारात्मकता को मन में रखे बिना पूरे समाज का कल्याण करने के बारे में सोच सकता है।<br />    <br /> वर्ष 1888 में निर्मित स्कूल को अब ‘‘प्रेरणा कॉम्प्लेक्स’’ के रूप में पुनर्विकसित किया गया है, जिसका शाह ने उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने वडनगर में एक पुरातत्व संग्रहालय और एक खेल परिसर का भी उद्घाटन किया। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा, ‘‘उनके प्रयासों की बदौलत स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर, जो उनके मुख्यमंत्री बनने के समय 37 प्रतिशत थी, 2014 में घटकर सिर्फ एक प्रतिशत रह गई। उन्होंने गुजरात के लोगों के समक्ष पेश आने वाली समस्याओं को जानने के लिए आरएसएस प्रचारक (पूर्णकालिक स्वयंसेवक) के रूप में राज्य के कोने-कोने का दौरा किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक-एक कर उन सभी मुद्दों को सुलझाया।’’</p>
<p style="text-align:justify;"> शाह ने याद दिलाया कि जब मोदी अपने शुरुआती राजनीतिक करियर के दौरान भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बात करते थे, तो उनके (शाह) समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता हैरान रह जाते थे कि यह कैसे हकीकत बनेगा।  शाह ने कहा, ‘‘रामलला 500 साल से अधिक समय तक एक तंबू में थे। मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर का हमारा सपना साकार हुआ। इसी तरह, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर वास्तव में भारत का अभिन्न अंग बन गया।’’<br />    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/122174/despite-being-born-in-a-poor-family-modi-never-harbored</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/122174/despite-being-born-in-a-poor-family-modi-never-harbored</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 20:43:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-04/d17042024-02-amit-shah.jpg"                         length="45418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वडनगर में मिले प्राचीन शहर के सदियों पुराने कंकाल के रहस्य से पर्दा हटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मेहसाणा, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर गुजरात के वडनगर शहर में खुदाई के दौरान यहां सदियों पुरानी आबादी के प्रमाण मिले हैं। ऐतिहासिक नगरी वडनगर में 2800 साल पुराने इतिहास के कई साक्ष्य मिलने के बाद यहां विश्व के दूसरे नंबर का म्यूजियम बनाया जा रहा है। इस म्यूजियम में खुदाई के दौरान मिले प्राचीन अवशेषों को यहां रखा जाएगा।<br /><br />इस साल के शुरू में 17 जनवरी को वडनगर में दबे हजारों वर्ष पुरानी मानव आबादी होने के साक्ष्य मिले हैं। इस दौरान यहां 11 कंकाल मिले। कंकालों की जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कंकाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/100377/mystery-of-centuries-old-skeleton-found-in-vadnagar-removed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d21032024-01.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मेहसाणा, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर गुजरात के वडनगर शहर में खुदाई के दौरान यहां सदियों पुरानी आबादी के प्रमाण मिले हैं। ऐतिहासिक नगरी वडनगर में 2800 साल पुराने इतिहास के कई साक्ष्य मिलने के बाद यहां विश्व के दूसरे नंबर का म्यूजियम बनाया जा रहा है। इस म्यूजियम में खुदाई के दौरान मिले प्राचीन अवशेषों को यहां रखा जाएगा।<br /><br />इस साल के शुरू में 17 जनवरी को वडनगर में दबे हजारों वर्ष पुरानी मानव आबादी होने के साक्ष्य मिले हैं। इस दौरान यहां 11 कंकाल मिले। कंकालों की जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कंकाल तजाकिस्तान के एक नागरिक की है। गुजरात से तजाकिस्तान की दूरी करीब 1800 किलोमीटर है। विशेषज्ञ यह जानकर दंग हैं कि तजाकिस्तान का नागरिक गुजरात क्यों आया होगा और उसकी किस परिस्थिति में यहां मौत हुई होगी।<br /><br /><strong>11 मानव कंकालों से शोध को नई दिशा</strong><br /><br />इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई), फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल), जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और डेक्कन कॉलेज की शोध टीम ने यहां खुदाई की थी। इस दौरान वडनगर से 2800 वर्ष पुरानी मानव सभ्यता के प्रमाण मिले हैं। यह सारी चीजें ईसवी सन से 800 साल पहले की है। फिलहाल इन सभी चीजों पर शोध जारी है।<br /><br />वडनगर से मिले अवशेषों में 11 मानव कंकाल ने शोध के दौरान अलग ही आयाम दिया है। सभी कंकाल 150 से 600 साल पुराने बताए गए हैं। वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब की खुदाई के दौरान यह सभी कंकाल मिले हैं।<br /><br />एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह कंकाल तजाकिस्तान के नागरिक की है। तजाकिस्तान गुजरात से करीब 1800 किलोमीटर की दूरी पर है। सवाल यह है कि वर्षों पहले तजाकिस्तान का नागरिक वडनगर क्यों आया था और इसका गुजरात कनेक्शन क्या है। हालांकि वडनगर में तजाकिस्तान के नागरिक की मौत हुई है, यह बात कंकाल साबित कर रहा है।<br /><br /><strong>अत्यंत प्राचीन बौद्ध मठ भी मिला</strong><br /><br />एएसआई के पुरातात्विक विशेषज्ञ अभिजित अंबेकर ने बताया कि गहरी खुदाई से सात सांस्कृतिक समायावधि मौर्य, इंडो-ग्रीक, शक-क्षत्रपा, हिंदू-सोलंकी, सल्तनत-मुगल (इस्लामिक) से गायकवाड-ब्रिटिश आबादी के शासनकाल की जानकारी प्राप्त हुई है। खुदाई के दौरान सबसे पुराना बौद्ध मठ भी यहां मिला है। इसके अलावा यहां विशिष्ठ पुरातात्विक कलाकृति, मिट्टी कला, तांबा, सोना, चांदी और लोहे की जटिल डिजाइन वाली चूड़ियां मिली हैं। इसके अलावा इंडो-ग्रीक शासन की ग्रीक राजा अपोलोडेट्स के सिक्के का मोल्ड भी मिला है।<br /><br /><strong>7 मानव सभ्यता के लिए अलग-अलग होंगे सात फ्लोर</strong><br /><br />वडनगर की पुरातात्विक खुदाई के दौरान मिले अनमोल चीजों की वजह से सरकार यहां विश्व का दूसरा सबसे बड़ा म्यूजियम बना रही है। यह एशिया का पहला एक्सपीरियन्स म्यूजिम होगा। यहां 2800 साल पहले मानव सभ्यता के विकसित होने की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। वर्षों पहले इंसान किस तरह का जीवन जीता था, इसका लोगों को अहसास कराया जाएगा। इसके अलावा खुदाई के दौरान मिले पुरातात्विक महत्व की चीजों को भी यहां रखा जाएगा। यहां सात अलग-अलग काल को दर्शाते हुए सात फ्लोर तैयार किए जांएगे।<br /><br />वडनगर, एक ऐसा शहर है जिसे वृद्धनगर, आनंदपुर, अनंतपुर और नगर जैसे नामों से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह 2,700 वर्षों से अधिक समय से बसा हुआ है। 2006 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने शहर को बौद्ध धर्म के केंद्र के रूप में उजागर किया था, तब यहां कई पुरातात्विक खुदाई शुरू हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/100377/mystery-of-centuries-old-skeleton-found-in-vadnagar-removed</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/100377/mystery-of-centuries-old-skeleton-found-in-vadnagar-removed</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 19:52:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-03/d21032024-01.jpg"                         length="58183"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : ताना-रीरी गार्डन में आयोजित हुआ ‘अनंत अनादि वडनगर’ का भव्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटन विभाग ने इस नगर के महत्वपूर्ण इतिहास को उजागर करने का प्रेरणादायी कार्य किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/92699/grand-screening-of-anant-anadi-vadnagar-held-at-gujarat-tana-riri"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/d08062023-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित प्राचीन शहर वडनगर के ताना-रीरी गार्डन में आयोजित ‘अनंद अनादि वडनगर’ नामक डॉक्यूमेंट्री के भव्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम में कहा कि इस पावन भूमि का दर्शन करना मेरे लिए एक तीर्थ यात्रा है। इस नगर का इतिहास 2000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। इस नगर के महत्व को इसके स्व-दर्शन से जाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से मुझे लगा कि इस नगर का महत्व सचमुच अनूठा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के मथुरा, उज्जैन, पटना और वाराणसी जैसे जीवंत प्राचीन नगरों की श्रेणी में इस नगर की गणना होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने आगे कहा कि पर्यटन विभाग ने इस नगर के महत्वपूर्ण इतिहास को उजागर करने का प्रेरणादायी कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो हजार वर्षों की सात प्राचीन संस्कृतियों के संगम इस नगर की महत्ता को प्रस्तुत करने वाला स्टेट ऑफ आर्ट आर्कियोलॉजिकल एक्सपेरीमेंटल म्यूजियम तथा 16वीं सदी में बलिदान देने वाली ताना-रीरी नामक गायिका बहनों के सम्मान के लिए ताना-रीरी म्यूजियम का निर्माण हो रहा है। 277 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले ये दोनों प्रोजेक्ट वर्ष 2024 तक पूरे हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री रेड्डी ने कहा कि देश भर में 12 हजार से अधिक म्यूजियम संचालित हैं। अनेक अत्याधुनिक संग्रहालय निर्माणाधीन हैं। प्रधानमंत्री संग्रहालय इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने देश भर में 12 अलग-अलग स्थानों पर आकार ले रहे थीम आधारित म्यूजियम के बारे में बताया, जिसमें वडनगर भी शामिल है।<br /> <br />केंद्रीय मंत्री ने राजपीपला में आकार ले रहे अत्याधुनिक म्यूजियम की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वडनगर एक ऐसा विरासत स्थल है जहां प्राचीन नगर संस्कृति, जल प्रबंधन और व्यापार-वाणिज्य जैसे अनेक क्षेत्रों में अनुसंधान के विशाल अवसर शहर के गर्भ में छिपे पड़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत के महत्व को प्राथमिकता देते हुए रामायण, श्री कृष्ण, जगन्नाथ और बौद्ध सर्किट जैसी पर्यटन विविधता को प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ वर्षों के शासनकाल के दौरान भारत की सर्वांगीण विकास गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने दुनिया भर में अद्वितीय प्रतिष्ठा हासिल की है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात के पर्यटन मंत्री मुळूभाई बेरा ने कहा कि भारत का इतिहास बेहद रोचक और जानने लायक है। इतिहास में सात नामों से जाने जाने वाले वडनगर में 360 बावड़ियां और 360 मंदिर आदि थे। यह नगर बौद्ध धर्म के केंद्र के रूप में भी पहचाना जाता है। इस नगर का अपना एक अलग ही इतिहास है। यह नगर अनेक बार गिरने के बाद फिर से खड़ा हुआ है, जो इस नगर की पहचान है। उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण के अलावा अबुल फजल ने भी आइने अकबरी में वडनगर का प्राचीन नगर के रूप में उल्लेख किया था। आज वडनगर देखने लायक और एक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘अनंत अनादि वडनगर’ डॉक्यूमेंट्री के स्क्रीनिंग कार्यक्रम में  मनोज मुंतशिर शुक्ला ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा में मानने वाला देश है। इस देश के इतिहास ने भारत को गौरवशाली बनाया है। उन्होंने कहा कि महाभारत काल से ही इस शहर का महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि इस नगर को शाश्वत कहा जाता है। इस चमत्कार नगरी में हाटकेश्वर महादेव विराजमान हैं, जो इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह नगरी सात बार नष्ट हुई और फिर से खड़ी हुई है। इस नगरी ने देश को यशस्वी प्रधानमंत्री दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेहसाणा जिले की ऐतिहासिक नगरी वडनगर में ताना-रीरी सहित विभिन्न सात स्थलों पर ‘अनंत अनादि वडनगर’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें कीर्ति तोरण, शर्मिष्ठा तालाब, हाटकेश्वर महादेव मंदिर, प्रेरणा स्कूल, बी.एन. हाईस्कूल, अमरथोळ दरवाजा और वडबारा परा क्षेत्र शामिल हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अनंत अनादि वडनगर कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, मेहसाणा की सांसद श्रीमती शारदाबेन पटेल, राज्यसभा सांसद जुगलजी ठाकोर, सामाजिक अग्रणी सोमभाई मोदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रहलादभाई परमार, विधायक सर्वश्री करशनभाई सोलंकी, मुकेशभाई पटेल, सुखाजी ठाकोर, सरदारभाई चौधरी, के.के. पटेल, गुजरात साहित्य अकादमी के चेयरमैन भाग्येश झा, प्रदेश अग्रणी रत्नाकर, जिला अग्रणी गिरीशभाई राजगोर, जिला कलक्टर एम. नागराजन, गुजरात पर्यटन निगम के मेनेजिंग डायरेक्टर सौरभ पारधी, खेल विभाग के केएस वसावा, युवक सेवा विभाग के डीएम प्रजापति, निवासी अतिरिक्त कलक्टर इंद्रजीतसिंह वाळा, वडनगर के प्रबुद्ध नागरिक, जिले के पदाधिकारी और अधिकारी सहित साहित्य एवं इतिहास प्रेमी उपस्थित रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/92699/grand-screening-of-anant-anadi-vadnagar-held-at-gujarat-tana-riri</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/92699/grand-screening-of-anant-anadi-vadnagar-held-at-gujarat-tana-riri</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 21:04:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-06/d08062023-11.jpg"                         length="109716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : पीएम मोदी के गांव वडनगर को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा प्लान, बड़े पैमाने पर होगा विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत को दुनिया भर में मशहूर करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी अपनी जन्मभूमि वडनगर का कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से अब वडनगर के कायाकल्प के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पीएम मोदी की योजनाएं आकार ले रही हैं। इसके नतीजे आने वाले दिनों में न केवल वडनगर बल्कि पूरे गुजरात को विश्व प्रसिद्ध करेंगे। निकट भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। जिसमें एक बड़ा संग्रहालय तैयार करने की योजना तैयार की गई है। जिसे विश्वस्तरीय पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">खास बात यह है कि वडनगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/92624/central-governments-big-plan-regarding-pm-modis-village-vadnagar-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/4629_pm.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत को दुनिया भर में मशहूर करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी अपनी जन्मभूमि वडनगर का कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से अब वडनगर के कायाकल्प के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पीएम मोदी की योजनाएं आकार ले रही हैं। इसके नतीजे आने वाले दिनों में न केवल वडनगर बल्कि पूरे गुजरात को विश्व प्रसिद्ध करेंगे। निकट भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। जिसमें एक बड़ा संग्रहालय तैयार करने की योजना तैयार की गई है। जिसे विश्वस्तरीय पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">खास बात यह है कि वडनगर में एक स्कूल है, जो 19वीं शताब्दी का है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्ययन किया था। इसे प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसका नाम प्रेरणा रखा गया है। हालांकि यहां देशभर से 1500 बच्चों को लाया जाएगा, जिन्हें प्रेरक कहानियां सुनाई जाएंगी। जहां बच्चों को प्रेरणा के संदेश मिलेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वडनगर के इस स्कूल में 8 क्लासरूम हैं। जहां डिजिटल और फिजिकल एजुकेशन की व्यवस्था की जाएगी। वडनगर का बौद्ध और जैन धर्म से गहरा संबंध है। गौरतलब है कि वडनगर चीन से भी जुड़ा हुआ है। वडनगर में अब तक की खुदाई में ढाई हजार साल पुरानी संस्कृति मिली है। इसके साथ ही महाभारत, पुराणों और शास्त्रों में वडनगर का वर्णन किया गया है। गौरतलब है कि भारत में अभी तक इस तरह का विस्तृत शोध नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">वडनगर का पहले भी इसी तरह विकास हुआ है, जो लगातार जारी है। वडनगर एक ऐतिहासिक शहर है, लेकिन वडनगर के लोग इस शहर को वैश्विक पहचान दिलाने और विकास के पथ पर ले जाने का श्रेय नरेंद्र मोदी को ही देते हैं। यह एक प्राचीन शहर है जिसके गर्भ में एक लंबा इतिहास है। इसका अतीत गौरवशाली और प्राचीन है, जबकि इसका वर्तमान चमकदार है। शहर ने कई बदलाव देखे हैं। इस शहर पर आज पूरी दुनिया की नजर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यह शहर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी इस शहर की पहचान देश की सीमाओं को लांघ गई। आज भी जब मोदी विकास की बात करते हैं तो सबसे पहले विरोधी यही सवाल करते हैं कि मोदी ने अपने गृहनगर वडनगर में क्या विकास किया है? ऐसे ही एक प्रश्न का सही उत्तर पाने का यह एक प्रयास है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/92624/central-governments-big-plan-regarding-pm-modis-village-vadnagar-will</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/92624/central-governments-big-plan-regarding-pm-modis-village-vadnagar-will</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jun 2023 19:53:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/4629_pm.jpg"                         length="74847"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात :  पीएम मोदी के गृहनगर में होगा हीराबा की प्रार्थना सभा का आयोजन, जानें कार्यक्रम </title>
                                    <description><![CDATA[वडनगर में रविवार को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक प्रार्थना सभा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88507/heerabas-prayer-meeting-and-meeting-will-be-held-in-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/0338.jpg" alt=""></a><br /><p>शतायु वर्ष में प्रवेश कर चुकीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। उनके निधन पर देश भर के प्रमुख नेताओं और जानी-मानी हस्तियों समेत लोगों ने दुख जताया। उधर, उनके गृहनगर वडनगर में भी लोग शोक मना रहे हैं।</p>
<p>जानकरी के अनुसार हीरा बा के निधन पर वडनगर में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। रविवार सुबह 9 से 12 बजे तक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है। वडनगर में ही सुबह 9 बजे बैठक भी होनी है।  इसके अलावा अन्य सांसारिक गतिविधियों को भी वहां कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं एशिया के सबसे बड़े मार्केट यार्ड में व्यापारियों ने भी शुक्रवार को कामकाज बंद रख कर शोक मनाया। उनके गृहनगर वडनगर में व्यापारी तीन दिन का बंद रखकर श्रद्धांजलि देंगे।</p>
<p><strong>उंझा यार्ड की सभी पेढ़ियां बंद रही</strong></p>
<p>उत्तर गुजरात के ऊंझा व्यापारियों ने शुक्रवार को मंडी प्रांगण में काम काज बंद रखा। बाजार में शोक जारी करने पर सभी यार्ड के फर्मों को बंद रखना पड़ा है। सभी व्यापारियों, किसानों और यार्ड ने प्रधानमंत्री की मां हीरा बा को श्रद्धांजलि दी है। उधर अंबाजी मंदिर में भी हीरा बा के निधन के बाद शांति पाठ किया गया।</p>
<p><strong>वडनगर में भी व्यापारियों ने स्वतः बंद रखा</strong></p>
<p>पीएम मोदी के गृहनगर वडनगर में शुक्रवार को व्यापारियों ने स्वत: बंद रखा। वडनगर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने स्वैच्छिक बंद का अवलोकन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। हीराबा की मौत के बाद वडनगर के लोग भी शोक में हैं। व्यापारियों ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री की माता के निधन के कारण शुक्रवार, शनिवार और रविवार को शहर के सभी व्यापारी बंद रहेंगे। इस दुखद अवसर पर समस्त नगर वासी गहरा दुख की अनुभूति कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/88507/heerabas-prayer-meeting-and-meeting-will-be-held-in-the</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/88507/heerabas-prayer-meeting-and-meeting-will-be-held-in-the</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Dec 2022 05:34:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-12/0338.jpg"                         length="47577"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        