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                <title>United Kingodm (UK) - Loktej</title>
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                <description>United Kingodm (UK) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप की ‘धमकी’ को बताया ‘शोर’, होर्मुज पर सहयोगी देशों से बातचीत का दिलाया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लंदन</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंता के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि उनकी सरकार का फोकस देश के आर्थिक हित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर है। उन्होंने कहा कि वह समझते हैं कि लोग बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर क्यों चिंतित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी से निपटने के लिए सरकार पहले ही एक </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पांच-पॉइंट प्लान</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> पर काम कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्मर ने भरोसा दिलाया कि हालात के बावजूद लोगों को तुरंत राहत मिलेगी। उन्होंने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लंदन</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंता के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि उनकी सरकार का फोकस देश के आर्थिक हित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर है। उन्होंने कहा कि वह समझते हैं कि लोग बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर क्यों चिंतित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी से निपटने के लिए सरकार पहले ही एक </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पांच-पॉइंट प्लान</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> पर काम कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्मर ने भरोसा दिलाया कि हालात के बावजूद लोगों को तुरंत राहत मिलेगी। उन्होंने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज आपके एनर्जी बिल कम होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बजट में हमने जो कदम उठाए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका असर दिखेगा। और ईरान में जो भी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कीमतें फिलहाल जुलाई तक फिक्स हैं।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> उनका यह बयान सीधे उस डर को संबोधित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो होर्मुज में तनाव के चलते वैश्विक तेल कीमतों में उछाल को लेकर बना हुआ है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो से बाहर निकलने की संभावित चेतावनी पर भी स्टार्मर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">दबाव बनाने की कोशिश</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">शोर</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> बताते हुए कहा कि नाटो अब तक का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है और ब्रिटेन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे कितना भी प्रेशर या शोर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं हर फैसला अपने देशहित को ध्यान में रखकर ही लूंगा।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा। </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह हमारी लड़ाई नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हम इसमें नहीं फंसेंगे</span>,<span style="font-family:'Times New Roman', serif;">”</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन साथ ही जोड़ा कि रक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और आर्थिक भविष्य को देखते हुए यूरोप के साथ करीबी संबंध बनाना जरूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">होर्मुज संकट पर स्टार्मर ने कूटनीतिक पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन इस हफ्ते के आखिर में उन देशों के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी करेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यवेट कूपर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें नेविगेशन की आजादी बहाल करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी सामानों की आवाजाही फिर से शुरू करने पर चर्चा होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्मर के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन पहले ही इस दिशा में सक्रिय है। विदेश मंत्री और चांसलर जी</span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों के समकक्षों से बातचीत कर चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि रक्षा मंत्री मिडिल ईस्ट के साझेदारों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि यूके ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए </span>35<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों को एक साझा पहल के तहत साथ लाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने जोर देकर कहा कि </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन में रहने के खर्च को कम करने का सबसे असरदार तरीका मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना और होर्मुज को फिर से खोलना है</span>,<span style="font-family:'Times New Roman', serif;">”</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसके लिए हर संभव कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:54:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘अभी और चौंकाने वाली बातें सामने आएंगी’: पूर्व प्रिंस एंड्रयू पर किताब लिखने वाले लेखक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(डेनिस आल्टमैन, ला ट्रोब यूनिवर्सिटी)</p>
<p>मेलबर्न, चार नवंबर (द कन्वरसेशन) ब्रिटेन के पूर्व युवराज एंड्रयू और उनकी पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन पर किताब लिखने वाले लेखक एंड्रयू लॉनी ने दावा किया है कि “अभी और भी बहुत कुछ सामने आने वाला है”, जो राजपरिवार के लिए और अधिक नुकसानदेह साबित हो सकता है।</p>
<p>कई वर्षों तक इस जोड़े पर शोध करने और करीब 300 लोगों से बातचीत करने के बाद लॉनी ने ‘एंटाइटल्ड’ शीर्षक से अनधिकृत जीवनी लिखी है। यह पुस्तक उस समय प्रकाशित हुई, जब एंड्रयू की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई थी। हाल में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143868/more-shocking-things-will-come-to-light-the-author-who"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/loktej-defult-news-image.jpg" alt=""></a><br /><p>(डेनिस आल्टमैन, ला ट्रोब यूनिवर्सिटी)</p>
<p>मेलबर्न, चार नवंबर (द कन्वरसेशन) ब्रिटेन के पूर्व युवराज एंड्रयू और उनकी पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन पर किताब लिखने वाले लेखक एंड्रयू लॉनी ने दावा किया है कि “अभी और भी बहुत कुछ सामने आने वाला है”, जो राजपरिवार के लिए और अधिक नुकसानदेह साबित हो सकता है।</p>
<p>कई वर्षों तक इस जोड़े पर शोध करने और करीब 300 लोगों से बातचीत करने के बाद लॉनी ने ‘एंटाइटल्ड’ शीर्षक से अनधिकृत जीवनी लिखी है। यह पुस्तक उस समय प्रकाशित हुई, जब एंड्रयू की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई थी। हाल में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स ने अपने भाई एंड्रयू को सभी शाही उपाधियों से वंचित कर दिया है और उन्हें रॉयल लॉज आवास खाली करने का आदेश दिया है।</p>
<p>इतिहासकार, पत्रकार और साहित्यिक एजेंट लॉनी लंबे समय से ब्रिटिश राजपरिवार के विवादों पर लिखते रहे हैं। उनका पिछला काम ड्यूक ऑफ विंडसर पर आधारित था, जिन्होंने 1936 में अमेरिकी तलाकशुदा महिला वॉलेस सिम्पसन से विवाह करने के लिए सिंहासन छोड़ दिया था।</p>
<p>पुस्तक में लॉनी ने लिखा है कि यह कहानी “बचपन के आघात, विश्वासघात, लालच, भ्रष्टाचार, अतिशय खर्च, अहंकार और सत्ता के दुरुपयोग” की दास्तान है।</p>
<p>एप्सटीन से संबंधों ने डुबोया करियर</p>
<p>लॉनी के अनुसार, एंड्रयू और सारा फर्ग्यूसन दोनों का ही स्वभाव लापरवाही भरा और विवादास्पद रहा है। यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन से एंड्रयू के करीबी संबंधों ने उनके राजकीय करियर को बर्बाद कर दिया। लॉनी ने लिखा है कि “रैंडी एंडी” के नाम से मशहूर एंड्रयू, एप्सटीन के बेहद करीब थे और दोनों कई बार एक ही महिलाओं के साथ देखे गए।</p>
<p>बीबीसी के न्यूज़नाइट कार्यक्रम में 2019 में एंड्रयू के विवादास्पद साक्षात्कार के बाद उन्हें अपने राजकीय दायित्वों को छोड़ना पड़ा था। उस इंटरव्यू में उन्होंने वर्जीनिया ज्यूफ्रे के आरोपों से इंकार किया था, जिन्होंने दावा किया था कि एंड्रयू ने उनके साथ तीन बार संबंध बनाए।</p>
<p>हाल में ज्यूफ्रे की आत्महत्या और उनकी आत्मकथा ‘नोबडी’ज़ गर्ल’ के प्रकाशन के बाद, राजमहल ने एंड्रयू के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया।</p>
<p>संदिग्ध सौदे और अपार धन</p>
<p>लॉनी ने एंड्रयू के वर्षों से चले आ रहे संदिग्ध वित्तीय सौदों का भी खुलासा किया है। अपने नौसैनिक करियर के बाद एंड्रयू ब्रिटिश व्यापार के “राजदूत” के रूप में काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इस पद का उपयोग निजी लाभ के लिए किया।</p>
<p>उन्होंने कथित रूप से लीबिया, कजाखस्तान और अज़रबैजान जैसे देशों के तानाशाहों से व्यक्तिगत व्यावसायिक सौदे किए। खबरों के अनुसार, उन्होंने कई बार सरकारी संसाधनों - जैसे निजी उड़ानों के लिए हेलीकॉप्टर का दुरुपयोग किया।</p>
<p>सारा फर्ग्यूसन का फिजूलखर्ची भरा जीवन</p>
<p>लॉनी लिखते हैं कि सारा फर्ग्यूसन की खर्च करने की आदतें “हैरान कर देने वाली” हैं। वे अमीर दोस्तों के खर्चे पर छुट्टियों पर जाती थीं और अमेरिकी टेलीविजन पर भाषणों और साक्षात्कारों के लिए भारी रकम लेती थीं।</p>
<p>उनकी कमाई और खर्च दोनों ही “कर्दाशियन परिवार की तरह” चकित करने वाले बताए गए हैं। लॉनी के अनुसार, सारा ने कई चैरिटी अभियानों में हिस्सा लिया, लेकिन उनमें से कुछ से उन्हें व्यक्तिगत आर्थिक लाभ भी हुआ।</p>
<p>राजपरिवार की तुलना ट्रंप परिवार से</p>
<p>लेखक ने माउंटबैटन-विंडसर परिवार की तुलना ट्रंप परिवार से की है। उन्होंने लिखा कि एंड्रयू और सारा का पहला घर सन्निंगहिल “ट्रंप शैली” का भव्य निर्माण था, जिसमें विशाल संगमरमर हॉल और सजी हुई ट्रॉफियों जैसे शाही प्रदर्शन थे।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इस परिवार के साथ जो हुआ, उस पर मुझे बहुत दुख है।”</p>
<p>राजशाही के भविष्य पर सवाल</p>
<p>लॉनी ने अपनी पुस्तक के अंत में लिखा है कि एंड्रयू से जुड़े विवाद ब्रिटिश राजशाही के लिए गंभीर नुकसानदेह रहे हैं। हालांकि, उनका मानना है कि महाराजा चार्ल्स के हालिया कठोर फैसलों ने “फिलहाल तो राजशाही को बचा लिया है”।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चार्ल्स ने खुद को “अपेक्षा से अधिक सक्षम संवैधानिक सम्राट” साबित किया है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या एंड्रयू का सैंड्रिंघम निर्वासन उन्हें और विवादों से बचा पाएगा या नहीं।</p>
<p>लॉनी का निष्कर्ष है- “राजशाही शायद इसलिए बनी रहेगी, क्योंकि ब्रिटेन की जनता को अपने राजनीतिक नेताओं पर, अपने बदनाम शाही परिवार से भी कम भरोसा है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:54:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : भारत-यूके FTA से रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में 'बड़ी छलांग' की तैयारी- जीजेईपीसी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत । भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के अवसरों को तलाशने के लिए 8–9 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित भारत–यूके सीईओ फोरम में दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया।</p>
<p>इस उच्चस्तरीय बैठक में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p>दो दिवसीय फोरम का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि सीईटीए समझौते के तहत यूके को 99% भारतीय निर्यात और भारत को यूके निर्यात पर 90% टैरिफ हटाने से द्विपक्षीय व्यापार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143565/surat-preparation-for-big-leap-in-gems-and-jewelery-sector"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-10/b11102025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत । भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के अवसरों को तलाशने के लिए 8–9 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित भारत–यूके सीईओ फोरम में दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया।</p>
<p>इस उच्चस्तरीय बैठक में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p>दो दिवसीय फोरम का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि सीईटीए समझौते के तहत यूके को 99% भारतीय निर्यात और भारत को यूके निर्यात पर 90% टैरिफ हटाने से द्विपक्षीय व्यापार में किस तरह क्रांतिकारी बदलाव आएगा।</p>
<p>फोरम में  किरीट भंसाली ने उदय कोटक, करण राठौर,  दिलीप सांघवी,  नरेन गोयनका, अनिल अग्रवाल,  हरीश आहूजा,  भद्रेश डोढिया और श्री नमित जोशी जैसे उद्योग दिग्गजों के साथ “विकास और रोजगार प्राप्त करने के लिए भारत–यूके सीईटीए का लाभ उठाना” विषय पर विचार साझा किए।</p>
<p>इस फोरम की सह-अध्यक्षता भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक व अध्यक्ष  सुनील भारती मित्तल और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिल विंटर्स ने की।</p>
<p>कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने उद्घाटन सत्र में संबोधन दिया।</p>
<p>अपने संबोधन में जीजेईपीसी अध्यक्ष  किरीट भंसाली ने कहा—“भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौता भारतीय रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो हमारे उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खोलेगा।</p>
<p>आने वाले तीन वर्षों में यूके को हमारा निर्यात दोगुना होकर 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। यह साझेदारी न केवल व्यापार को गति देगी, बल्कि 1.4 लाख से अधिक नए रोजगार भी सृजित करेगी। इससे हमारे कारीगरों, निर्माताओं और निर्यातकों को सीधा लाभ होगा।</p>
<p>यह समझौता हीरे, सोने, चांदी और प्रयोगशाला में विकसित रत्नों के क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति को और मजबूत करेगा तथा यूके के खुदरा बाजारों में सहयोग और पहुँच को भी बढ़ाएगा। जीजेईपीसी इस अवसर का पूर्ण उपयोग कर नवाचार, रोजगार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>
<p>भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए यह फोरम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका का परिचायक रहा। टैरिफ में ढील और नए बाजारों तक पहुँच के साथ, ब्रिटेन भारतीय निर्यात वृद्धि, डिज़ाइन सहयोग और तकनीकी नवाचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।</p>
<p>सीईटीए के लागू होने से भारत–ब्रिटेन के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी और भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग को वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका प्राप्त होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 17:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-यूके एफटीए से एमएसएमई कारोबारियों में उत्साह का माहौल, निर्यात में आएगी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 30 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से एमएसएमई कारोबारियों में उत्साह का माहौल है और इससे देश के निर्यात को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी व्यापारियों की ओर से दिया गया।</p>
<p>समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए, तमिलनाडु के करूर में मौजूद होमलाइनंस टेक्सटाइल की मालिक एंजेला स्टीफन बाबू ने कहा कि भारत और यूके के बीच साइन हुआ एफटीए काफी अच्छा है, इससे हमारे उत्पादों पर लगने वाला 9.2 प्रतिशत से 20 प्रतिशत का टैरिफ अब जीरो हो गया है। इससे निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।</p>
<p>भारत वर्तमान में ब्रिटेन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142267/indo-uk-fta-will-boom-in-exports-of-enthusiasm-among-msme"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 30 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से एमएसएमई कारोबारियों में उत्साह का माहौल है और इससे देश के निर्यात को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी व्यापारियों की ओर से दिया गया।</p>
<p>समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए, तमिलनाडु के करूर में मौजूद होमलाइनंस टेक्सटाइल की मालिक एंजेला स्टीफन बाबू ने कहा कि भारत और यूके के बीच साइन हुआ एफटीए काफी अच्छा है, इससे हमारे उत्पादों पर लगने वाला 9.2 प्रतिशत से 20 प्रतिशत का टैरिफ अब जीरो हो गया है। इससे निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।</p>
<p>भारत वर्तमान में ब्रिटेन को प्रति वर्ष लगभग 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के टेक्सटाइल और रेडी-मेड गारमेंट्स का निर्यात करता है। मुक्त व्यापार समझौते के साथ, अगले 5-6 वर्षों में यह मात्रा दोगुनी होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि एफटीए होने के बाद यूके के आयातकों से हमारा संचार बेहतर होगा और वहां निर्यात आने वाले समय में दोगुना हो सकता है। मौजूदा समय में करूर से 1,000 करोड़ रुपए से 1,500 करोड़ रुपए का निर्यात होता है।</p>
<p>तमिलनाडु में मौजूद करूर देश का एक बड़ा टेक्सटाइल केंद्र है। ब्रिटिश बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से निर्यात, निवेश और रोजगार में बड़ी वृद्धि होगी।</p>
<p>तमिलनाडु के कांचीपुरम में सिल्क साड़ी उत्पादक मोहन ने कहा कि भारत-ब्रिटिश समझौते से रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिलने और बुनकरों के लिए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह समझौता उत्पादन और निर्यात बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे स्थानीय बुनकरों को लाभ होगा।</p>
<p>कांचीपुरम अपनी रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह 6,000 से ज्यादा हथकरघा बुनकरों का घर है। ये बुनकर अपनी साड़ियां निजी कंपनियों और सहकारी संस्थाओं को बेचते हैं।</p>
<p>सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उछाल के कारण कांचीपुरम रेशमी साड़ियों की कीमतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण बिक्री में कमी आई है, जिससे बुनकरों की आय प्रभावित हुई है।</p>
<p>मोहन ने आगे कहा कि कांचीपुरम रेशम उद्योग को इन चुनौतियों से निपटने और भारत-ब्रिटेन समझौते जैसे अवसरों का लाभ उठाने के लिए समर्थन की आवश्यकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142267/indo-uk-fta-will-boom-in-exports-of-enthusiasm-among-msme</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 21:12:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन के साथ एफटीए के तहत भारत हीरा, चांदी, स्मार्टफोन, ऑप्टिकल फाइबर पर कोई शुल्क छूट नहीं देगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत हीरा, चांदी, स्मार्टफोन और ऑप्टिकल फाइबर जैसे कई संवेदनशील औद्योगिक उत्पादों पर ब्रिटेन की कंपनियों को कोई शुल्क रियायत नहीं देगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित है।</p>
<p>इसी तरह, सीमा शुल्क की रियायती दर पर ब्रिटिश इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात का कोटा केवल कुछ हजार तक सीमित है।</p>
<p>प्लास्टिक, हीरा, चांदी, बेस स्टेशन, स्मार्टफोन, टेलीविजन कैमरा ट्यूब, ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर बंडल और केबल जैसे</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140610/india-diamond-silver-smartphone-under-fta-with-britain-will-not"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत हीरा, चांदी, स्मार्टफोन और ऑप्टिकल फाइबर जैसे कई संवेदनशील औद्योगिक उत्पादों पर ब्रिटेन की कंपनियों को कोई शुल्क रियायत नहीं देगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित है।</p>
<p>इसी तरह, सीमा शुल्क की रियायती दर पर ब्रिटिश इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात का कोटा केवल कुछ हजार तक सीमित है।</p>
<p>प्लास्टिक, हीरा, चांदी, बेस स्टेशन, स्मार्टफोन, टेलीविजन कैमरा ट्यूब, ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर बंडल और केबल जैसे संवेदनशील औद्योगिक सामान एफटीए को एफटीए की सूची से बाहर रखा गया है। भारत, ब्रिटेन को इन वस्तुओं पर कोई आयात शुल्क लाभ नहीं देता है।</p>
<p>वाहन क्षेत्र को खोलने के बारे में अधिकारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चौथे सबसे बड़े वाहन विनिर्माता के रूप में भारत के पास वाहन मूल्य श्रृंखला में वैश्विक अगुवा के रूप में उभरने की रणनीतिक क्षमता है।</p>
<p>भारत के मजबूत विनिर्माण आधार के बावजूद, वैश्विक वाहन बाजार में इसकी हिस्सेदारी कम बनी हुई है, जो विस्तार की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है।</p>
<p>आईसीई (आंतरिक दहन इंजन) यानी परंपरागत ईंधन के वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार तक पहुंच से देश के वाहन और वाहन कलपुर्जों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘ईवी के लिए कोटा से बाहर शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है। ईवी से जुड़ी संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है। आईसीई वाहनों पर कोटा से बाहर शुल्क को लंबे समय में धीरे-धीरे कम किया जाएगा, जिससे हमारे उद्योगों को ब्रिटेन से बढ़ने वाले आयात का मुकाबला करने के लिए वक्त मिल सके।’’</p>
<p>भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा और ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत को व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात करना आसान बना देगा। इस समझौते का मकसद 2030 तक दोतरफा व्यापार को मौजूदा के 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करना है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140610/india-diamond-silver-smartphone-under-fta-with-britain-will-not</link>
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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 15:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन के प्रस्तावित कार्बन कर से निर्यात प्रभावित होने पर भारत के पास जवाबी कार्रवाई का अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते में ब्रिटेन के प्रस्तावित कार्बन कर का मुकाबला करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि अनिश्चितता एवं इसको लेकर कोई भी ब्रिटिश कानून नहीं होने से भारत ने भविष्य में इससे घरेलू निर्यात प्रभावित होने पर जवाबी कार्रवाई या रियायतों को पुनर्संतुलित करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखा है।</p>
<p>ब्रिटेन सरकार ने 2027 से अपना ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (सीबीएएम) लागू करने का निर्णय दिसंबर 2023 में लिया था।</p>
<p>आर्थिक शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) के अनुसार, ब्रिटेन द्वारा 2027 से लोहा व इस्पात, एल्युमीनियम, उर्वरक व सीमेंट</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140599/india-has-the-right-to-retaliate-when-britains-proposed-carbon"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते में ब्रिटेन के प्रस्तावित कार्बन कर का मुकाबला करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि अनिश्चितता एवं इसको लेकर कोई भी ब्रिटिश कानून नहीं होने से भारत ने भविष्य में इससे घरेलू निर्यात प्रभावित होने पर जवाबी कार्रवाई या रियायतों को पुनर्संतुलित करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखा है।</p>
<p>ब्रिटेन सरकार ने 2027 से अपना ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (सीबीएएम) लागू करने का निर्णय दिसंबर 2023 में लिया था।</p>
<p>आर्थिक शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) के अनुसार, ब्रिटेन द्वारा 2027 से लोहा व इस्पात, एल्युमीनियम, उर्वरक व सीमेंट जैसे उत्पादों पर कार्बन कर लगाने के निर्णय के कारण ब्रिटेन को भारत का 77.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>अधिकारी ने कहा कि ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में सीबीएएम का मुकाबला करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है, जिससे ब्रिटेन द्वारा भारत को दी जाने वाली रियायतें रद्द होने की संभावना है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ वर्तमान अनिश्चितता और कोई कानून न होने के कारण ऐसा माना जा रहा है कि भारत (भविष्य में) जवाबी कार्रवाई करने या रियायतों को पुनः संतुलित करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखेगा/रख चुका है।’’</p>
<p>यूरोपीय संघ (ईयू) के बाद ब्रिटेन सीबीएएम को लागू करने वाली दूसरी अर्थव्यवस्था होगी। इसे आयात कार्बन मूल्य निर्धारण तंत्र कहा जाता है और यह शुरुआत में लोहा, इस्पात, एल्युमीनियम, उर्वरक, हाइड्रोजन, सिरेमिक, कांच और सीमेंट जैसे क्षेत्रों पर लागू होता है।</p>
<p>यह कर ईटीएस (उत्सर्जन व्यापार प्रणाली) के तहत मुफ्त अनुमतियों के चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह समाप्त होने पर आयात मूल्य के 14-24 प्रतिशत के बीच हो सकता है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में लंदन की यात्रा के दौरान इस कर पर चिंता जाहिर की थी और कहा था कि अगर ब्रिटेन इस योजना पर आगे बढ़ता है तो भारत जवाबी कार्रवाई पर विचार कर सकता है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140599/india-has-the-right-to-retaliate-when-britains-proposed-carbon</link>
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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 12:32:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत, ब्रिटेन के बीच महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौता, दोहरा योगदान समझौता संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) भारत और ब्रिटेन ने लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ दोहरे योगदान समझौता को भी मंगलवार को पूरा कर लिया। इन समझौतों से दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर से फोन पर बातचीत होने के बाद इन समझौतों के संपन्न होने की घोषणा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में, भारत और ब्रिटेन ने दोहरे योगदान समझौते के साथ एक महत्वाकांक्षी एवं पारस्परिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140591/independent-free-trade-agreement-double-contribution-agreement-between-india-britain"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) भारत और ब्रिटेन ने लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ दोहरे योगदान समझौता को भी मंगलवार को पूरा कर लिया। इन समझौतों से दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर से फोन पर बातचीत होने के बाद इन समझौतों के संपन्न होने की घोषणा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में, भारत और ब्रिटेन ने दोहरे योगदान समझौते के साथ एक महत्वाकांक्षी एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते को सफलतापूर्वक संपन्न किया है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ये ऐतिहासिक समझौते हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे और हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार सृजन एवं नवोन्मेषण को बढ़ावा देंगे।’’</p>
<p>मोदी ने कहा कि वह जल्द ही भारत में स्टार्मर का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।</p>
<p>दोनों नेताओं ने इसे द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, नवोन्मेषण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।</p>
<p>दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया की दो बड़ी और खुली बाजार अर्थव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक समझौते से कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और लोगों के बीच संबंध गहरे होंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार तेजी से मजबूत और बहुआयामी साझेदारी की ‘आधारशिला’ बना हुआ है।</p>
<p>पीएमओ ने कहा, ‘‘वस्तुओं एवं सेवाओं के व्यापार को शामिल करने वाले एक संतुलित, न्यायसंगत और महत्वाकांक्षी एफटीए के पूरा होने से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि, रोजगार के नए अवसर पैदा होने, जीवन स्तर में सुधार और दोनों देशों के नागरिकों के समग्र कल्याण में सुधार होने की उम्मीद है।’’</p>
<p>पीएमओ ने कहा, ‘‘यह दोनों देशों के लिए वैश्विक बाजारों के लिए उत्पादों और सेवाओं को संयुक्त रूप से विकसित करने की नई क्षमता को भी खोलेगा।’’</p>
<p>पीएमओ ने बयान में कहा, ‘‘यह समझौता भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की नींव को और मजबूत करता है और सहयोग और समृद्धि के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त करता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140591/independent-free-trade-agreement-double-contribution-agreement-between-india-britain</link>
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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 19:58:40 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.loktej.com/media/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg"                         length="53003"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बानू मुश्ताक की किताब अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार की होड़ में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 25 फरवरी (भाषा) कर्नाटक की लेखिका, कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक के कहानी संग्रह 'हार्ट लैंप' को मंगलवार को यहां अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया।</p>
<p>दीपा भास्थी ने कन्नड़ से अंग्रेजी में इसका अनुवाद किया है।</p>
<p>पहली बार किसी कन्नड़ पुस्तक को प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया है।</p>
<p>मुश्ताक और भास्थी की 'हार्ट लैंप' के बारे में निर्णायकों ने कहा, "समाज में हाशिये पर रहने वाले लोगों के जीवन को दर्शाती ये जीवंत कहानियां बहुत भावनात्मक और नैतिक महत्व रखती हैं।"</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/137584/banu-mushtaq-s-book-international-booker-award"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/9789_books-fair1.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 25 फरवरी (भाषा) कर्नाटक की लेखिका, कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक के कहानी संग्रह 'हार्ट लैंप' को मंगलवार को यहां अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया।</p>
<p>दीपा भास्थी ने कन्नड़ से अंग्रेजी में इसका अनुवाद किया है।</p>
<p>पहली बार किसी कन्नड़ पुस्तक को प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया है।</p>
<p>मुश्ताक और भास्थी की 'हार्ट लैंप' के बारे में निर्णायकों ने कहा, "समाज में हाशिये पर रहने वाले लोगों के जीवन को दर्शाती ये जीवंत कहानियां बहुत भावनात्मक और नैतिक महत्व रखती हैं।"</p>
<p>दक्षिण भारत के मुस्लिम समुदायों पर आधारित 12 कहानियां मूल रूप से 1990 से 2023 के बीच प्रकाशित हुईं।</p>
<p>लेखिका ने इसे "कन्नड़ भाषा के साहित्य के लिए बहुत बड़ा सम्मान" बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 12:38:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवालियापन संबंधी आदेश के खिलाफ विजय माल्या की याचिका लंदन उच्च न्यायालय में लौटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 20 फरवरी (भाषा) कारोबारी विजय माल्या पर तीन साल पहले इंग्लैंड के उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए दिवालियापन संबंधी आदेश को पलटने के प्रयास के तहत दायर याचिका इस सप्ताह लंदन में अपीलीय अदालत में सुनवाई के लिए वापस आई।</p>
<p>लंदन के ‘चांसरी डिवीजन’ में बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एंथनी मान ने माल्या की स्थगन याचिका के खिलाफ फैसला सुनाया। माल्या अदालत में उपस्थित नहीं हुए और उनका प्रतिनिधित्व ‘जैवाला एंड कंपनी’ के वकीलों कार्तिक मित्तल और मार्क वाटसन-गैंडी ने किया था।</p>
<p>इसके बाद न्यायाधीश ने 69 वर्षीय व्यवसायी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की। माल्या भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/135382/vijay-mallya-s-petition-returned-to-london-high-court-against-bankruptcy-order"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 20 फरवरी (भाषा) कारोबारी विजय माल्या पर तीन साल पहले इंग्लैंड के उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए दिवालियापन संबंधी आदेश को पलटने के प्रयास के तहत दायर याचिका इस सप्ताह लंदन में अपीलीय अदालत में सुनवाई के लिए वापस आई।</p>
<p>लंदन के ‘चांसरी डिवीजन’ में बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एंथनी मान ने माल्या की स्थगन याचिका के खिलाफ फैसला सुनाया। माल्या अदालत में उपस्थित नहीं हुए और उनका प्रतिनिधित्व ‘जैवाला एंड कंपनी’ के वकीलों कार्तिक मित्तल और मार्क वाटसन-गैंडी ने किया था।</p>
<p>इसके बाद न्यायाधीश ने 69 वर्षीय व्यवसायी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की। माल्या भारत में धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में वांछित हैं।</p>
<p>इस सप्ताह की अपीलें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के एक संघ से संबंधित हैं, जो अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया लगभग 1.05 अरब पाउंड के अनुमानित ऋण की अदायगी की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति मान ने कहा, ‘‘भारतीय कार्यवाही के परिणाम आने तक मामले को स्थगित करने का मुझे कोई उचित कारण नहीं दिखता।’’ उन्होंने कहा कि अपील पर काफी समय पहले ही ‘‘बर्बाद’’ हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने मामले में नए साक्ष्य पेश करने के माल्या के प्रयास को भी अप्रासंगिक बताकर खारिज कर दिया, जिसमें पिछले वर्ष दिसंबर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में यह कहा जाना भी शामिल था कि माल्या की संपत्ति से संबंधित 14,131 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को वापस कर दिए गए हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति मान मुख्य दिवाला एवं कंपनी न्यायालय (आईसीसी) के न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स के निर्णय से संबंधित अपीलों पर सुनवाई कर रहे हैं। यह निर्णय लगभग छह वर्ष पहले माल्या के खिलाफ बैंकों द्वारा शुरू की गई दिवालियापन कार्यवाही के संदर्भ में दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 12:26:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन सरकार ने भारती ग्लोबल के बीटी में हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 17 दिसंबर (भाषा) ब्रिटेन सरकार ने भारती ग्लोबल के बीटी में 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>यह फैसला अधिग्रहण प्रक्रिया का विस्तृत राष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन करने के बाद किया गया। भारत की बहुराष्ट्रीय कंपनी और ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी ने अगस्त में इस सौदे की घोषणा की थी।</p>
<p>मंत्रिमंडल कार्यालय ने कहा कि उसका फैसला सोमवार को लागू हो गया है। सरकार को यह भरोसा दिया गया है कि बीटी रणनीतिक कार्यों की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का गठन करेगी।</p>
<p>मंत्रिमंडल कार्यालय ने बयान में कहा, ‘‘एक विस्तृत राष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111503/uk-government-approves-bharti-global-s-acquisition-of-stake-in-bt"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 17 दिसंबर (भाषा) ब्रिटेन सरकार ने भारती ग्लोबल के बीटी में 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>यह फैसला अधिग्रहण प्रक्रिया का विस्तृत राष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन करने के बाद किया गया। भारत की बहुराष्ट्रीय कंपनी और ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी ने अगस्त में इस सौदे की घोषणा की थी।</p>
<p>मंत्रिमंडल कार्यालय ने कहा कि उसका फैसला सोमवार को लागू हो गया है। सरकार को यह भरोसा दिया गया है कि बीटी रणनीतिक कार्यों की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का गठन करेगी।</p>
<p>मंत्रिमंडल कार्यालय ने बयान में कहा, ‘‘एक विस्तृत राष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और निवेश अधिनियम 2021 की धारा 26 के अनुसार एक अंतिम आदेश दिया है, जो 16 दिसंबर, 2024 को लागू होगा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 20:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन : भारतीय मूल व्यक्ति की मौत मामले में 12 वर्षीय लड़की के खिलाफ मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 16 दिसंबर (भाषा) पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर में भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत मामले में सोमवार को 12 साल की एक लड़की के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अभियोग तय किया।</p>
<p>लीसेस्टर के पास एक पार्क में सितंबर में कुत्ता टहलाते समय 80 वर्षीय बुजुर्ग भीम सेन कोहली पर हमला किया गया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में एक और व्यक्ति को अभियोजित किया गया है।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि नाबालिग को गैर इरादतन हत्या के आरोप में लीसेस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। नाबालिग होने की वजह से उसका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111090/britain--case-filed-against-12-year-old-girl-in-case-of-death-of-indian-origin-person"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/crime-story.jpg" alt=""></a><br /><p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 16 दिसंबर (भाषा) पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर में भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत मामले में सोमवार को 12 साल की एक लड़की के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अभियोग तय किया।</p>
<p>लीसेस्टर के पास एक पार्क में सितंबर में कुत्ता टहलाते समय 80 वर्षीय बुजुर्ग भीम सेन कोहली पर हमला किया गया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में एक और व्यक्ति को अभियोजित किया गया है।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि नाबालिग को गैर इरादतन हत्या के आरोप में लीसेस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। नाबालिग होने की वजह से उसका नाम उजागर नहीं किया गया है।</p>
<p>कोहली की मौत मामले में एक नाबालिग लड़के को भी हिरासत में किया गया था। घटना के समय उसकी उम्र करीब 14 साल थी और इस समय वह अब भी हिरासत में है।</p>
<p>पुलिस ने बताया, ‘‘भीम कोहली की सितंबर में हुई मौत मामले में 12 साल की एक लड़की पर आरोप लगाया गया है। कानूनी कारणों से आरोपी लड़की की पहचान उजागर नहीं की जा रही है लेकिन उसपर गैर इरादतन हत्या का अभियोग लगाया गया है।’’</p>
<p>दो सितंबर को अस्पताल में कोहली की मौत होने के बाद 12-14 साल उम्र के पांच बच्चों को गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि पीड़ित के शव का पोस्टमार्टम करने पर पता चला कि गर्दन पर चोट लगने के कारण उनकी मुत्यु हुई थी।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid69f2c1a3d6d3f htmlwidget"><div class="pbwidget-body">(अस्वीकरण: उपरोक्त समाचार/लेख समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की ऑटो जनरेटेड  सिंडिकेटेड फीड से प्राप्त हुई है और लोकतेज टीम द्वारा संपादित नहीं की गई है। लोकतेज इस सामग्री के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।)</div></div>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/111090/britain--case-filed-against-12-year-old-girl-in-case-of-death-of-indian-origin-person</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 21:10:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन के शाही परिवार से कथित चीनी जासूस की नजदीकी का मामला गहराया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 15 दिसंबर (भाषा) महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू के ‘‘करीबी विश्वासपात्र’’ के रूप में ‘बकिंघम पैलेस’ में प्रवेश पाने में कामयाब रहे एक कथित चीनी जासूस से जुड़ा मामला रविवार को और गहरा गया। मामले में अब पता चला है कि उसने पूर्व प्रधानमंत्रियों डेविड कैमरन और थेरेसा मे से भी मुलाकात की थी।</p>
<p>‘बकिंघम पैलेस’ ब्रिटेन के महाराजा-महारानी का लंदन स्थित आधिकारिक निवास है।</p>
<p>हालांकि, कैमरन और थेरेसा ने व्यक्ति के जासूस होने संबंधी किसी भी तरह की जानकारी से इनकार किया है, लेकिन मामला सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि एक न्यायाधिकरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110713/the-issue-of-alleged-chinese-spy-s-closeness-to-the-british-royal-family-deepens"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>(अदिति खन्ना)</p>
<p>लंदन, 15 दिसंबर (भाषा) महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू के ‘‘करीबी विश्वासपात्र’’ के रूप में ‘बकिंघम पैलेस’ में प्रवेश पाने में कामयाब रहे एक कथित चीनी जासूस से जुड़ा मामला रविवार को और गहरा गया। मामले में अब पता चला है कि उसने पूर्व प्रधानमंत्रियों डेविड कैमरन और थेरेसा मे से भी मुलाकात की थी।</p>
<p>‘बकिंघम पैलेस’ ब्रिटेन के महाराजा-महारानी का लंदन स्थित आधिकारिक निवास है।</p>
<p>हालांकि, कैमरन और थेरेसा ने व्यक्ति के जासूस होने संबंधी किसी भी तरह की जानकारी से इनकार किया है, लेकिन मामला सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि एक न्यायाधिकरण के न्यायाधीश ने कहा है कि वरिष्ठ शाही परिवार में उस व्यक्ति पर ‘‘असामान्य’’ स्तर का भरोसा था।</p>
<p>कानूनी कारणों से व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया गया और उसे ‘‘एच6’’ कोड नाम दिया गया है। बताया जाता है कि वह एक कारोबारी है।</p>
<p>इससे पहले ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ एंड्रयू ने एक बयान में कहा था कि उन्होंने कथित जासूस के साथ ‘‘सभी संपर्क खत्म कर लिए हैं।’’</p>
<p>कैमरन का हवाला देते एक सूत्र के हवाले कहा, ‘‘डेविड कैमरन एक दशक से अधिक समय तक कंजरवेटिव पार्टी के नेता और छह साल तक प्रधानमंत्री रहे। उस दौरान सैकड़ों कार्यक्रमों में हजारों लोगों से उनकी मुलाकात हुई। हमारे पास इस व्यक्ति के बारे में कोई और जानकारी नहीं है।’’</p>
<p>वहीं, थेरेसा मे के प्रवक्ता ने कहा कि ‘‘उन्हें यह याद नहीं है कि (व्यक्ति के साथ) तस्वीर कब और कहां ली गई थी, या वह व्यक्ति कौन है।’’</p>
<p>इससे पहले पता चला था कि ‘एच6’ नामक शख्स को राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों के कारण ब्रिटेन में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। जुलाई में एक विशेष आव्रजन अपील आयोग (एसआईएसी) ने सुनवाई की जिसमें कहा गया कि उस व्यक्ति को 2020 में प्रिंस एंड्रयू की जन्मदिन की पार्टी में आमंत्रित किया गया था और शाही परिवार के एक सहयोगी ने उसे बताया था कि वह चीन में संभावित निवेशकों के साथ ड्यूक की ओर से काम कर सकता है।</p>
<p>एसआईएसी के मामले के विवरण के अनुसार, ‘एच6’ को पहली बार 2023 में सुएला ब्रेवरमैन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की आशंकाओं के कारण देश में प्रवेश करने से रोक दिया गया था, जो उस समय गृह मंत्री थीं।</p>
<p>पिछले साल जुलाई में, गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘एच6’ को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से ‘‘गोपनीय गतिविधि’’ में संलिप्त पाया गया। ‘एच6’ ने आरोपों से इनकार किया और एसआईएसी में उस फैसले की अपील की, जिसने बृहस्पतिवार को उसके खिलाफ फैसला सुनाया।</p>
<p>एक बयान में प्रिंस एंड्रयू के कार्यालय ने कहा कि ड्यूक ने ‘‘आधिकारिक चैनल के माध्यम से’’ उस व्यक्ति से मुलाकात की थी और ‘‘किसी भी संवेदनशील प्रकृति की कोई चर्चा नहीं हुई।’’</p>
<p>ब्रिटेन में चीनी दूतावास ने जासूसी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि ‘‘ब्रिटेन में कुछ लोग हमेशा चीन को निशाना बनाकर आधारहीन ‘जासूसी’ कहानियां गढ़ने के लिए उत्सुक रहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/110713/the-issue-of-alleged-chinese-spy-s-closeness-to-the-british-royal-family-deepens</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/110713/the-issue-of-alleged-chinese-spy-s-closeness-to-the-british-royal-family-deepens</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 10:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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