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                <description>Denmark RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विश्व चैम्पियनशिप में पदक पक्का करने पर प्रणय ने कहा- मेरा दृढ़ संकल्प आखिरकार सफल हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">डेनमार्क, 26 अगस्त (हि.स.)। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में दो बार के गत चैंपियन डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन पर शानदार जीत के बाद, भारत के एचएस प्रणय ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दृढ़ संकल्प आखिरकार सफल हुआ और अब उनके पास विश्व पदक है।<br /><br />मैच के बाद प्रणय ने कहा, “आखिरकार मेरे पास विश्व पदक है। मैं अभी-अभी ज़ोन से बाहर हुआ हूं, मेरे नियंत्रण में एकमात्र चीज़ मैं हूं। मैं वास्तव में किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा था, बस यह सोच रहा था कि अगले पाँच अंक लेने के लिए क्या करना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/95034/on-being-assured-of-a-medal-in-the-world-championship"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-08/d26082023-07.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डेनमार्क, 26 अगस्त (हि.स.)। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में दो बार के गत चैंपियन डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन पर शानदार जीत के बाद, भारत के एचएस प्रणय ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दृढ़ संकल्प आखिरकार सफल हुआ और अब उनके पास विश्व पदक है।<br /><br />मैच के बाद प्रणय ने कहा, “आखिरकार मेरे पास विश्व पदक है। मैं अभी-अभी ज़ोन से बाहर हुआ हूं, मेरे नियंत्रण में एकमात्र चीज़ मैं हूं। मैं वास्तव में किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा था, बस यह सोच रहा था कि अगले पाँच अंक लेने के लिए क्या करना चाहिए, लेकिन मुझे इस बात का एहसास नहीं था कि मेरे आसपास क्या हो रहा है। दूसरे गेम के बाद मैं काफी हद तक अपने क्षेत्र में था।''<br /><br />उन्होंने आगे बड़े टूर्नामेंटों में अपने खेल को नया करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और कहा, “मैं अपने खेल का विकास कर रहा हूं और जितना संभव हो उतने नए शॉट्स सीखने की कोशिश कर रहा हूं। मैं अगले सप्ताह नए शॉट्स के साथ सामने आ सकता हूं।''इस उल्लेखनीय जीत के साथ, प्रणय अंततः विश्व चैम्पियनशिप पदक अपने नाम कर लेंगे। पहले गेम में पिछड़ने के बावजूद, प्रणय ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की और अपने धैर्य और स्वभाव का शानदार प्रदर्शन करते हुए एक्सेलसन को 13-21, 21-15, 21-16 से शिकस्त दी।<br /><br />पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन, बी साई प्रणीत और प्रकाश पादुकोण पहले विश्व चैम्पियनशिप के एकल स्पर्धाओं में जीत हासिल कर चुके हैं, प्रणय भी अब उनके साथ इस सूची में शामिल हो चुके हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पिछले संस्करण में कांस्य पदक जीता था, और ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा (महिला) ने भी 2011 में युगल वर्ग में कांस्य पदक जीता था।<br /><br />एक्सेलसन के खिलाफ प्रणय की जीत निश्चित रूप से फाइनल मुकाबले में थाईलैंड के कुनलावुत विटिडसार्न के खिलाफ उनका मनोबल बढ़ाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Aug 2023 19:25:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डेनमार्क में पिछले एक साल से एक भी बैंक डकैती नहीं हुई है, जानें क्या है वजह </title>
                                    <description><![CDATA[बैंक डकैती लगभग सभी देशों में आम है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">बैंक डकैती लगभग सभी देशों में आम है। भारत में कहीं न कहीं बैंक डकैती की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां पिछले एक साल से बैंक डकैती की कोई घटना नहीं हुई है। यह भाग्यशाली देश है डेनमार्क। वहां की बैंक यूनियनों का दावा है कि देश में बैंक कर्मचारियों के लिए बीता एक साल काफी शांतिपूर्ण रहा है। देश में बैंक डकैती की एक भी घटना सामने नहीं आई है। बैंक डकैतियों में कमी के पीछे का कारण डेनमार्क में नकदी की घटती मुद्रा को माना जाता है।</p>
<p><strong>बैंक डकैतियों का न होना कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क भी इस खास उपलब्धि का खूब जश्न मना रहा है। डेनमार्क के फाइनेंस वर्कर्स यूनियन फाइनेंस फॉर बंडेट के वाइस-चेयरमैन स्टीन ऑलसेन ने कहा कि बैंक डकैतियों का न होना कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है। बैंक डकैती की घटनाओं से न केवल कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ती है बल्कि उनकी मानसिक स्थिति पर भी बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बैंक डकैतियों का कर्मचारियों के मनोबल पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2017 के बाद से घटनाओं में कमी आई है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">संघ ने दावा किया कि डेन की नकदी पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इसलिए वित्तीय संस्थानों ने अपनी नकद सेवाओं को कम कर दिया है। इस बीच लूटपाट की आशंका कम हो गई है। संघ का कहना है कि 2000 में डेनमार्क में 221 बैंक डकैतियां हुईं। 2017 तक यह संख्या 10 के आसपास रही। पिछले एक साल में लूट की कोई घटना नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/88685/there-has-not-been-a-single-bank-robbery-in-denmark</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jan 2023 06:42:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया का एक ऐसा महानगर जहां पेट्रोल-डीजल बचाने लोग खूब चलाते हैं साइकिल!</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:1rem;">पिछले काफी समय से देश भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से लोग काफी परेशान है। ऐसे में यूक्रेन और रूस के बीच हो रहे युद्ध के कारण क्रूड की कीमतों में और भी इजाफ आ चुका है। जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और भी इजाफा आ सकता है। कई लोग बढ़ती हुई कीमतों से परेशान होकर इलेक्ट्रिक व्हिकल्स का इस्तेमाल करने लगे है तो कई लोगों ने साइकल पर अपना पैर फिर से रख दिया है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे है जहां अभी भी</span></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84488/one-such-metropolis-of-the-world-where-people-cycle-a-lot-to-save-petrol-and-diesel"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/2306_s6-040322.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">पिछले काफी समय से देश भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से लोग काफी परेशान है। ऐसे में यूक्रेन और रूस के बीच हो रहे युद्ध के कारण क्रूड की कीमतों में और भी इजाफ आ चुका है। जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और भी इजाफा आ सकता है। कई लोग बढ़ती हुई कीमतों से परेशान होकर इलेक्ट्रिक व्हिकल्स का इस्तेमाल करने लगे है तो कई लोगों ने साइकल पर अपना पैर फिर से रख दिया है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे है जहां अभी भी 42 प्रतिशत से भी अधिक लोग हर दिन साइकल ही चलाते है। देश भर में जितनी कार आपको दिखाई देंगी उसके मुक़ाबले तकरीबन 5 गुना अधिक साइकल आपको दिखाई दे। </span><br /></div><div>हम बात कर रहे है डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन शहर की, इस शहर में यदि शहर के बाहर 4 से 5 किलोमीटर का अंतर भी हो तो भी अधिकतर लोग सायकल का ही इस्तेमाल करते है। शहर में 400 किलोमीटर से भी अधिक सड़क तो मात्र साइकल सवारों के लिए ही तैयार किए गए है। बता दें कि कोपन हेगन दुनिया में पर्यावरण और हवामान की दृष्टि से सबसे अनुकूल शहरों में से एक है। </div><div>कोपनहेगन जिलेंड द्वीपपर आया हुआ है। शहर के पूर्वी हिस्से में आया ओरेसंड नाम का जल विस्तार डेनमार्क और स्वीडन को अलग करता है। कोपनहेगन का इलाका तकरीबन 24 किलोमीटर इलाके में ही फैला हुआ है। भारत में जहां एक और अधिकतर लोग कॉलेज या स्कूल के समय में ही सायकल चलाते है, वहीं कोपनहेगन में बच्चे लेकर बूढ़े सभी के पास सायकल होती है। कई लोग तो सायकल पर ही दूर-दूर तक निकल जाते है। आउटिंग में जाते वक्त वह सायकल को फ़ोल्ड कर के ले जाते है और जैसे ही सायकलिंग का मौका मिलता है वह सायकल जोड़ कर उसे चलाने लगते है। एक अनुमान के अनुसार कोपन हेगन के लोग हर दिन तकरीबन 11 लाख किलोमीटर जितना सायकल चलाते है। ऐसे में उनके द्वारा कितना ईंधन बचाया जा रहा है उसका अनुमान लगाया ही जा सकता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 16:40:51 +0530</pubDate>
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