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                <title>Dehradun - Loktej</title>
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                <description>Dehradun RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय महिला क्रिकेटर स्नेह राणा ने बढ़ाया मदद का हाथ, नेशनल स्टार की दरियादिली देख भावुक हुई संघर्षरत खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्नेह राणा ने खेल जगत में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।</p>
<p>स्नेह ने उत्तराखंड की उभरती हुई एथलीट सोनिया की मदद करने का बीड़ा उठाया है, जिन्होंने पिछले साल 38वें नेशनल गेम्स में फटे हुए जूते पहनकर दौड़ते हुए मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं।</p>
<p>स्नेह राणा ने देहरादून में एक अभ्यास सत्र के दौरान सोनिया को आमंत्रित किया और उन्हें एथलेटिक्स के लिए आवश्यक किट और सामग्रियां भेंट कीं। स्नेह ने न केवल आर्थिक सहायता का वादा किया, बल्कि सोनिया को एक मार्गदर्शक (मेंटर) के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146413/indian-female-cricketer-sneh-rana-extended-a-helping-hand-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/women-woman-cricket.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्नेह राणा ने खेल जगत में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।</p>
<p>स्नेह ने उत्तराखंड की उभरती हुई एथलीट सोनिया की मदद करने का बीड़ा उठाया है, जिन्होंने पिछले साल 38वें नेशनल गेम्स में फटे हुए जूते पहनकर दौड़ते हुए मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं।</p>
<p>स्नेह राणा ने देहरादून में एक अभ्यास सत्र के दौरान सोनिया को आमंत्रित किया और उन्हें एथलेटिक्स के लिए आवश्यक किट और सामग्रियां भेंट कीं। स्नेह ने न केवल आर्थिक सहायता का वादा किया, बल्कि सोनिया को एक मार्गदर्शक (मेंटर) के रूप में भविष्य के लिए तैयार करने का भी आश्वासन दिया।</p>
<p>क्रिकेटर का यह स्नेह पाकर 10 हजार मीटर की दौड़ लगाने वाली सोनिया की आंखें छलक आईं और उन्होंने इसे अपने करियर के लिए “ईश्वरीय मदद” करार दिया।</p>
<p>एथलीट सोनिया की कहानी अत्यंत प्रेरणादायक और संघर्षों से भरी है। मंगलौर की रहने वाली सोनिया ने महज 8 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। उनके पिता मजदूरी कर पांच भाई-बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं। इतनी तंगहाली के बावजूद सोनिया के हौसले कभी कम नहीं हुए।</p>
<p>हाल ही में उन्होंने जापान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप की 10 हजार मीटर श्रेणी में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है।</p>
<p>सोनिया ने बताया कि उनके पास न तो अच्छे संसाधन थे और न ही सही मार्गदर्शन, लेकिन राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया, जहां उन्होंने सीमित संसाधनों में भी देश का नाम रोशन किया।</p>
<p>स्नेह राणा को सोनिया के संघर्ष के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स और अपने मैनेजर के माध्यम से पता चला था। खुद एक साधारण परिवार से निकलकर विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने वाली स्नेह ने कहा कि वे एक खिलाड़ी का दर्द समझती हैं।</p>
<p>उन्होंने सिनौला में नए प्रैक्टिस टर्फ के उद्घाटन के अवसर पर सोनिया को सम्मानित किया और समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद करने की अपील की।</p>
<p>सोनिया ने भावुक होते हुए कहा कि आज तक किसी बड़े खिलाड़ी ने इस तरह उनका हाथ नहीं थामा था। स्नेह राणा का यह सहयोग न केवल सोनिया के फटे जूतों की जगह नए स्पाइक्स लाएगा, बल्कि उनके ओलंपिक के सपने को भी नई उड़ान देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 15:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारी बारिश से देहरादून और आसपास के इलाकों में भीषण तबाही, पांच लोग बहे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 16 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को बादल फटने और रात भर हुई भारी बारिश से भीषण तबाही मची जिसमें कम से कम पांच लोग बह गए और 500 से अधिक लोग विभिन्न स्थानों पर फंस गए।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार सहस्त्रधारा, मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सहस्त्रधारा में 192 मिमी, मालदेवता में 141.5 मिमी, हाथी बरकला और जॉली ग्रांट में 92.5 मिमी और कालसी में 83.5 मिमी बारिश हुई।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि कई सड़कें, मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143085/due-to-heavy-rains-five-people-flowed-in-dehradun-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/2944_riverpondhanddrowndrown2.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 16 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को बादल फटने और रात भर हुई भारी बारिश से भीषण तबाही मची जिसमें कम से कम पांच लोग बह गए और 500 से अधिक लोग विभिन्न स्थानों पर फंस गए।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार सहस्त्रधारा, मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सहस्त्रधारा में 192 मिमी, मालदेवता में 141.5 मिमी, हाथी बरकला और जॉली ग्रांट में 92.5 मिमी और कालसी में 83.5 मिमी बारिश हुई।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि कई सड़कें, मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा मंगलवार तड़के एक पुल बह गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार पानी में पांच लोग बह गए और 584 लोग फंसे हुए हैं।</p>
<p>बारिश के बाद ज़्यादातर नदियां उफान पर हैं। तमसा नदी जिसके किनारे प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर स्थित है, खतरे के निशान के बहुत करीब बह रही है। गंगा और यमुना भी चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं।</p>
<p>सुबह तमसा नदी तेज़ी से उफान पर आ गई, जिससे टपकेश्वर मंदिर पूरी तरह डूब गया और प्रवेश द्वार के पास स्थित विशाल हनुमान प्रतिमा कंधों तक डूब गई। मंदिर के पुजारी बिपिन जोशी ने बताया कि उन्होंने पिछले 25-30 सालों में नदी का पानी इतना ऊपर बहते नहीं देखा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सौभाग्य से सुबह के समय जब बाढ़ आई, उस समय मंदिर परिसर में बहुत कम श्रद्धालु थे। उन्होंने कहा कि मंदिर में रहने वाले पुजारी सुरक्षित हैं।</p>
<p>आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रभावित इलाकों में टीम राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</p>
<p>सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि देहरादून के पौंधा क्षेत्र में देवभूमि संस्थान परिसर में जलभराव में फंसे लगभग 200 बच्चों को राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि टिहरी में जलभराव के कारण गीता भवन में लोग फंस गए थे जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के मलबे से नैनीताल में एक सड़क आवागमन के लिए बंद हो गई है।</p>
<p>वहीं मझारा गांव के निवासी सड़कों पर इकट्ठा हैं और उनका कहना है कि वे भूस्खलन से बाल बाल बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग लापता हो गए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिले के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे।</p>
<p>बारिश से प्रभावित मालदेवता क्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘ भारी बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं। 25 से 30 स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं और संपर्क मार्ग कट गए हैं। मकान और सरकारी संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत टीम युद्धस्तर पर काम कर रही हैं ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय है।’’</p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद की स्थिति से अवगत कराया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।</p>
<p>भारी बारिश के कारण सोंग नदी उफान पर है जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ आ गई।</p>
<p>इसे पहले सदर के उपमंडल मजिस्ट्रेट हरि गिरि ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘जलस्तर बढ़ रहा है और बहाव बहुत तेज़ है। किसी के मारे जाने की खबर नहीं है। पर्यटक होटलों में ठहरे हुए हैं।’’</p>
<p>नदी के कारण मालदेवता में एक पुल खतरे में पड़ गया, जिसके कारण प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए समन्वय से काम करना पड़ा।</p>
<p>देहरादून के आईटी पार्क इलाके में भी जलभराव की सूचना है और कई कार्यालयों में पानी घुस गया है जिससे लोग फंस गए हैं।</p>
<p>स्थानीय निवासी ऋतिक शर्मा ने कहा, ‘‘मैं सुबह साढ़े पांच बजे से यहां फंसा हुआ हूं। यहां बहुत पानी है, मेरी कार पानी में डूबी हुई है। कार्यालयों और बेसमेंट में पानी घुस गया है।’’</p>
<p>धामी ने भारी बारिश से प्रभावित देहरादून जिले के मालदेवता और केसरवाला क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और स्थानीय लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान धामी के साथ कई नेता और अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 15:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: धामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, तीन सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से संबंधित स्थायी प्रकृति के सभी कार्य अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएं।</p>
<p>कुंभ की तैयारियों को लेकर यहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142872/the-grand-and-divine-event-of-kumbh-to-be-held"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d13032024-01-cm-dhami.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, तीन सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से संबंधित स्थायी प्रकृति के सभी कार्य अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएं।</p>
<p>कुंभ की तैयारियों को लेकर यहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी कार्य मास्टर प्लान के अनुरूप किए जाएं, ताकि आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट और शिविर स्थलों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए ताकि आवश्यकता अनुसार भूमि का अधिग्रहण और अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>भीड़ के दबाव को कम करने के उद्देश्य से उन्होंने नए घाटों के निर्माण तथा मौजूदा घाटों की मरम्मत समय से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकारी भूमि और सड़कों से अतिक्रमण को सख्ती से हटाने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>उन्होंने हरिद्वार गंगा गलियारे में किए जा रहे कार्यों और निर्माणाधीन बहादराबाद-श्यामपुर बाईपास को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा, ताकि उसका लाभ कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को मिल सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ‘जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट’ अपनाने तथा पर्याप्त मोबाइल शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।</p>
<p>उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर लौटें। इसके लिए उन्होंने कार्मिकों को व्यवहार कुशलता का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को कुंभ मेले की तैयारियों की हर 15 दिन में समीक्षा करने का निर्देश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142872/the-grand-and-divine-event-of-kumbh-to-be-held</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 21:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चारधाम यात्रा 2025 : उत्तराखंड सरकार ने पूरी की तैयारियां, सतपाल महाराज ने दिए सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने हेली टिकटों की कालाबाजारी और यात्रा मार्ग पर मनमानी पार्किंग फीस वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>महाराज ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को और आसान किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के अलावा मोबाइल ऐप और आधार नंबर के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध होगी। हरिद्वार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140032/chardham-yatra-2025-uttarakhand-government-preparations-satpal-maharaj-gave-strict"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने हेली टिकटों की कालाबाजारी और यात्रा मार्ग पर मनमानी पार्किंग फीस वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>महाराज ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को और आसान किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के अलावा मोबाइल ऐप और आधार नंबर के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध होगी। हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा, देहरादून में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्यालय में 24 घंटे चलने वाला स्टेट लेवल कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता करेगा।</p>
<p>चारधाम यात्रा 30 अप्रैल 2025 से शुरू होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई, बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई और हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यात्रा की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>यात्रा मार्गों पर सुविधाओं के लिए सरकार ने 12 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि आवंटित की है। इसमें गढ़वाल मंडल आयुक्त को 25 लाख, जिलाधिकारी हरिद्वार, टिहरी और देहरादून को एक-एक करोड़, जिलाधिकारी पौड़ी को 50 लाख, जिलाधिकारी चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग को तीन-तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से मार्गों पर पानी, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p>मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि हेलीकॉप्टर बुकिंग भी जल्द शुरू होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेली टिकटों की बिक्री में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोका जाए। साथ ही, यात्रा मार्गों पर पार्किंग शुल्क को लेकर मनमानी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। सरकार का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें। स्थानीय लोगों ने भी सरकार के प्रयासों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस बार यात्रा पहले से अधिक व्यवस्थित होगी। यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 15:08:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो मई को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट: हेली सेवा के लिए 15 मिनट के अंदर 39 हजार बुकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा की बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>विशेषकर केदारनाथ धाम को लेकर लोगों की श्रद्धा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हेली सेवा की बुकिंग मंगलवार सुबह 12 बजे खुलने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही पूरे माह के स्लॉट फुल हो गए।</p>
<p>इस दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मई महीने के 38,850 टिकट बुक हुए। केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139977/39-thousand-bookings-will-be-opened-for-kedarnaths-doors-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा की बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>विशेषकर केदारनाथ धाम को लेकर लोगों की श्रद्धा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हेली सेवा की बुकिंग मंगलवार सुबह 12 बजे खुलने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही पूरे माह के स्लॉट फुल हो गए।</p>
<p>इस दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मई महीने के 38,850 टिकट बुक हुए। केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। धाम के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) और आईआरसीटीसी की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए हेली सेवा की बुकिंग ले रहे हैं।</p>
<p>इसके तहत मई महीने के लिए आठ अप्रैल को बुकिंग स्लॉट खुलने के 15 मिनट के अंदर ही सारी टिकटें बिक गईं। टिकट बुक कराने को लेकर मची मारामारी के चलते साइट पर लोड बढ़ गया। इससे साइट खुलने में परेशानी भी हुई। केदारनाथ के कपाट 2 मई को खुलेंगे चारधाम यात्रा के लिए धामों के कपाट खुलने की तिथि तय की जा चुकी है।</p>
<p>यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल, केदारनाथ धाम के कपाट दो मई और बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुलेंगे। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे।<br />जून के लिए स्लॉट खुलने का इंतजार</p>
<p>टिकट बुक करने से चूक गए लोगों को अब जून के लिए स्लॉट खुलने का इंतजार करना पड़ेगा। मालूम हो कि केदारनाथ धाम के लिए पवन हंस, आर्यन एविएशन, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन और एयरो एयरक्राफ्ट, हेली सेवा की सुविधा दे रही हैं।</p>
<p>एक आईडी से 6 टिकट ही बुक होगी एसीईओ यूकाडा दयानंद सरस्वती ने बताया, केदारनाथ हेली सेवा के तहत 1295 यात्री रोज के हिसाब से टिकट बुक की गई हैं। चूंकि यात्रा दो मई से शुरू हो रही है, ऐसे में मई में 30 दिन के लिए करीब 38,850 टिकट बुक किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 15:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धोनी और ऋषभ संगीत समारोह में ‘तू जाने ना’ गाते नजर आये</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 13 मार्च (वेब वार्ता)। टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी में पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी, सुरेश रैना सहित कई क्रिकेटर और बॉलीवुड सितारे शामिल हुए। शादी के संगीत समारोह में धोनी भी ऋषभ के साथ तू जाने ना गाना गाते दिखे, इसमें साक्षी धोनी भी नजर आ रही हैं।</p>
<p>इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ है। धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी और सुरेश रैना भी अपनी पत्नी के साथ इस शादी समारोह के लिए पहुंचे थे। </p>
<p>वीडियो में ऋषभ और धोनी को संगीत समारोह के दौरान बॉलीवुड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139247/dhoni-and-rishabh-were-seen-singing-tu-jaane-na-at"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2859_mahendra-singh-dhoni.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 13 मार्च (वेब वार्ता)। टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी में पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी, सुरेश रैना सहित कई क्रिकेटर और बॉलीवुड सितारे शामिल हुए। शादी के संगीत समारोह में धोनी भी ऋषभ के साथ तू जाने ना गाना गाते दिखे, इसमें साक्षी धोनी भी नजर आ रही हैं।</p>
<p>इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ है। धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी और सुरेश रैना भी अपनी पत्नी के साथ इस शादी समारोह के लिए पहुंचे थे। </p>
<p>वीडियो में ऋषभ और धोनी को संगीत समारोह के दौरान बॉलीवुड के हिट गाने ‘तू जाने ना’ को गाते हुए देखा जा सकता है। इसे देखकर दोनों के प्रशंसक और समारोह में शामिल लोग भी खुशी से झूमने लगे। इसी शादी का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर इससे पहले वायरल हुआ था। जिसमें धोनी, सुरेश रैना, पृथ्वी शॉ और ऋषभ दमा दम मस्त कलंदर गीत पर डांस करते नजर आए थे।</p>
<p>इस वायरल वीडियो को लेकर एक प्रशंसक ने लिखा, कितना भी देख लो जी नहीं भर रहा। ऋषभ की बहन साक्षी पंत की शादी के कारोबारी अंकित चौधरी के साथ हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 15:30:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमर्शियल वाहनों की ग्रीन कार्ड के बिना चार धाम में नो एंट्री: देहरादून आरटीओ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 11 मार्च (वेब वार्ता)। चारधाम यात्रा में आने वाले कमर्शियल वाहन चालकों को अब ग्रीन कार्ड के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। इस बार ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और भी सुगम बना दिया है।</p>
<p>देहरादून आरटीओ सुनील शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चारधाम यात्रा के लिए एक माह पहले ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। पीली प्लेट की जितनी भी गाड़ियां हैं उनके लिए ही ग्रीन कार्ड बनाना जरूरी होगा, चाहे वाहन प्रदेश का हो या दूसरे राज्य का हो। बसों के संचालन के लिए यूनियन से बातचीत कर रोटेशन सिस्टम लागू किया गया है।</p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139196/no-entry-dehradun-rto-in-char-dham-without-a-green"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 11 मार्च (वेब वार्ता)। चारधाम यात्रा में आने वाले कमर्शियल वाहन चालकों को अब ग्रीन कार्ड के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। इस बार ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और भी सुगम बना दिया है।</p>
<p>देहरादून आरटीओ सुनील शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चारधाम यात्रा के लिए एक माह पहले ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। पीली प्लेट की जितनी भी गाड़ियां हैं उनके लिए ही ग्रीन कार्ड बनाना जरूरी होगा, चाहे वाहन प्रदेश का हो या दूसरे राज्य का हो। बसों के संचालन के लिए यूनियन से बातचीत कर रोटेशन सिस्टम लागू किया गया है।</p>
<p>उन्होंने आगे बताया कि ग्रीन कार्ड एक फिटनेस सर्टिफिकेट है। बिना फिटनेस के वाहन चालकों को ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा। छोटी गाड़ी 400 और बड़ी गाड़ी की फीस 600 रुपये है। उसकी फिटनेस के बाद उसको ऑनलाइन ही ग्रीन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माने जाने वाले चारधाम यात्रा का हिंदूओं के दिलों में अन्य हिंदू तीर्थस्थलों की तुलना में एक अलग धार्मिक महत्व है। यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ से मिलकर बनी चार धाम यात्रा अप्रैल/मई के महीने से शुरू होती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया यानि 30 अप्रैल 2025 से होने जा रही है। बद्रीनाथ के कपाट 4 मई और केदारनाथ धाम के द्वार 2 मई को सुबह 7 बजे खुलेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 16:30:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी के छह मार्च के उत्तरकाशी जिले के भ्रमण की तैयारियां जोरों पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 04 मार्च (वेब वार्ता)। सीमांत उत्तरकाशी जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छह मार्च के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर है। हर्षिल और मुखवा गांव को विषेश तौर पर सजाने के साथ ही यहां निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है।</p>
<p>प्रशासन की हर संभव काेशिश है कि कार्यक्रम में कोई कमी न रहे। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह स्वयं कमान संभाले हुए हैं। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति लगातार निगरानी कर रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह दौरा कई मायनों में विशेष माना जा रहा है। हर्षिल और मुखवा उत्तरकाशी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138980/preparations-for-prime-minister-modis-visit-to-uttarkashi-district-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/prime-minister-narendra-modi-4.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 04 मार्च (वेब वार्ता)। सीमांत उत्तरकाशी जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छह मार्च के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर है। हर्षिल और मुखवा गांव को विषेश तौर पर सजाने के साथ ही यहां निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है।</p>
<p>प्रशासन की हर संभव काेशिश है कि कार्यक्रम में कोई कमी न रहे। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह स्वयं कमान संभाले हुए हैं। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति लगातार निगरानी कर रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह दौरा कई मायनों में विशेष माना जा रहा है। हर्षिल और मुखवा उत्तरकाशी जिले के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में है। मुखवा गंगोत्री का शीतकालीन वास स्थल है और शीतकाल में गंगा विग्रह के यही दर्शन होते हैं। यहां से हिमालय की चोटियां ऐसे नजर आती हैं, जैसे बिलकुल सामने ही हों।</p>
<p>हिमालय की चोटियों को छूकर बहने वाली ठंडी हवाओं में ममता मय स्पर्श का एहसास होता है। हर्षिल की सुंदरता के तो क्या कहने। यहां देवदार के पेड़ों को छूकर बहने वाली हवाओं में एक खूशबू हमेशा मंद-मंद बहती है। सम्मोहित सी करने वाली खूशबू के बीच शांत बहती गंगा का नाद मन को आनंदित करता है। यह तपस्थली के साथ ही पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। हर्षिल और मुखवा में प्रधानमंत्री के आगमन से न सिर्फ शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सीमांत इन गांवों में पर्यटन की संभावनाओं के नए द्वार भी खुलेंगे।</p>
<p>बिजली और पानी की सप्लाई सुचारू रखना चुनौतीः</p>
<p>मुखवा और हर्षिल दोनों बर्फीली चोटियों की घाटियों में स्थित है। यहां सहस्त्रताल क्षेत्र भी है। ऐसे में प्रशासन ने हिमस्खलन के संभावित स्थलों को चिह्नित किया है। बर्फबारी से बंद गंगोत्री हाइवे पर यातायात पूरी तरह सुचारू रखने के कार्य किया जा रहा है। मार्गों से बर्फ हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है।</p>
<p>इसके लिए उत्तरकाशी से हर्षिल तक सड़क के हर संवेदशील स्थल पर मशीनें तैनात की गई हैं। पेयजल, बिजली, समेत अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है। असल में अधिक बर्फबारी से पाइपों में पानी बर्फ बन जाता है और ऐसे में पेयजल सप्लाई बाधित हो जाती है। बिजली के तारों पर भी बर्फ जम जाती हे और अधिक वजन से कई बार तार भी टूट जाते हैं।</p>
<p>ऐसे में बिजली और पानी की सप्लाई सुचारू रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि व्यवस्था को चाक चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं और डीएम स्वयं सारी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार व्यवस्थाओं पर निगरानी रखे हुए हैं।</p>
<p>जाड़ जनजाति की पोशाक में सजेंगे प्रधानमंत्रीः</p>
<p>उद्योग विभाग ने जाड़ जनजाति बाहुल्य डुंडा स्थित नालंदा स्वयं सहायता समूह को प्रधानमंत्री के लिए पट्टू कपड़े के कोट, पाजामे व पहाड़ी टोपी तैयार करने का आर्डर दिया है। कपड़े सिलने का कार्य तेजी से चल रहा है। विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि एक कोट व टोपी बनकर तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ये वस्त्र भेंट स्वरूप दिए जाएंगे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 15:45:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमस्खलन की चपेट में आए सभी श्रमिक मिले, आठ के शव बरामद </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 02 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में भारत, चीन पर स्थित माणा गांव के पास शुक्रवार को हुए हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता चल रहे सभी चार श्रमिकों के शव रविवार को खोज एवं बचाव दलों ने बरामद किए।<br />इससे पहले शनिवार रात चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए थे। इस प्रकार अब तक कुल आठ श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में उपचार किया जा रहा है।<br />आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने आज शाम बताया कि खोज एवं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138809/the-bodies-of-eight-laborers-found-in-the-avalanche%C2%A0"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/leh-ladakh-kargil-snowfall.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 02 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में भारत, चीन पर स्थित माणा गांव के पास शुक्रवार को हुए हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता चल रहे सभी चार श्रमिकों के शव रविवार को खोज एवं बचाव दलों ने बरामद किए।<br />इससे पहले शनिवार रात चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए थे। इस प्रकार अब तक कुल आठ श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में उपचार किया जा रहा है।<br />आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने आज शाम बताया कि खोज एवं बचाव दलों द्वारा युद्व स्तर पर किए गए रेस्क्यू कार्य अब पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ में मृत श्रमिकों का पोस्टमार्टम किए जाने की कार्रवाई गतिमान है। मृतकों के शवों को उनके घर पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जा रही है।<br />उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों का एम्स में उपचार किया जा रहा है। एम्स, ऋषिकेश प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार, उनकी स्थिति में सुधार है। उन्होंने बताया कि वृहद स्तर पर संचालित रेस्क्यू अभियान के दौरान, आज चार शव बरामद हुए हैं जबकि कल भी चार शव बरामद किए गए थे। इस तरह कुल आठ शव अब तक बरामद किए गए हैं।<br />श्री सुमन ने बताया कि बदरीनाथ/माणा से सुरक्षित रेस्क्यू किये गए 46 श्रमिकों में से 44 श्रमिकों को ज्योतिर्मठ स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति सामान्य बतायी गयी है। उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की गयी है तथा उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए आज जीपीआर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची, जिसे एमआई-17 हैलीकाप्टर द्वारा घटना स्थल के लिए भेजा गया। इसके अलावा, एनडीआरएफ द्वारा थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, एवलांच रॉड, डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर भेजा गया तथा इनके माध्यम से व्यापक स्तर पर रैस्क्यू अभियान संचालित किया गया।<br />श्री सुमन ने बताया कि मृतकों में उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड के आठ श्रमिक शामिल है। इसमें महेंद्र पुत्र देशराज, निवासी ग्राम शो, पोस्ट खांवड़ा, जनपद कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, जितेंद्र सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, निवासी ग्राम गढ़िया नसीबगंज, तहसील बिलासपुर, जनपद रामपुर, उत्तर प्रदेश, मंजीत यादव पुत्र शंभू यादव, निवासी ग्राम सारवान, बबनीपुर, पोस्ट सरला खसी, तहसील व जनपद मऊ, उत्तर प्रदेश, आलोक यादव पुत्र शिवपाल सिंह, निवासी ग्राम बद्री बिलाई, पोस्ट रिनिया, तहसील अकबरपुर, जनपद कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश, हरमेश चंद्र पुत्र ज्ञान चंद्र, निवासी ग्राम कोठारखुर्द, पोस्ट ऊना, जनपद ऊना, हिमाचल प्रदेश, अनिल कुमार, निवासी ग्राम बरी, पोस्ट बारा, तहसील किच्छा, जनपद उधमसिंह नगर, अशोक पासवान, निवासी ग्राम हस्बा, पोस्ट फतेहपुर, थाना यारियांव, जनपद फतेहपुर, उत्तर प्रदेश और अरविंद कुमार सिंह, निवासी गोकुल धाम सोसाइटी, क्लेमेनटाउन, जनपद देहरादून, उत्तराखंड कुल आठ श्रमिक शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 19:34:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में हिमस्खलन में फंसे 57 मजूदरों में से 32 को बाहर निकाला गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 28 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के उंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फवारी के बीच चमोली जिले में बदरीनाथ के पास सीमांत माणा गांव में शुक्रवार सुबह हिमस्खलन होने से वहां फंसे सीमा सड़क संगठन के 57 मजदूरों में से 32 को सुरक्षित निकाल लिया गया है । आपदा प्रबंधन विभाग ने इसकी जानकारी दी।</p>
<p>प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे तक बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि शेष बचे 25 अन्य को निकालने की कार्रवाई चल रही है।</p>
<p>माणा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138434/32-out-of-57-men-trapped-in-avalanche-in-uttarakhand"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 28 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के उंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फवारी के बीच चमोली जिले में बदरीनाथ के पास सीमांत माणा गांव में शुक्रवार सुबह हिमस्खलन होने से वहां फंसे सीमा सड़क संगठन के 57 मजदूरों में से 32 को सुरक्षित निकाल लिया गया है । आपदा प्रबंधन विभाग ने इसकी जानकारी दी।</p>
<p>प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे तक बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि शेष बचे 25 अन्य को निकालने की कार्रवाई चल रही है।</p>
<p>माणा और बदरीनाथ के बीच में स्थित बीआरओ के मजदूरों के कैंप पर करीब सवा सात बजे हिमस्खलन हुआ था जिससे मजदूर बर्फ में दब गए थे ।</p>
<p>घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बचाव और राहत कार्य शुरू किया ।</p>
<p>खराब मौसम और लगातार बर्फवारी के कारण मौके पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने में मुश्किलें आ रही हैं । हांलांकि, घटना में अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है ।</p>
<p>बदरीनाथ से करीब तीन किलोमीटर दूर माणा भारत तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3200 मीटर की उंचाई पर स्थित है ।</p>
<p>हादसा स्थल हिमस्खलन की दृष्टि से शीतकाल में खतरनाक माना जाता रहा है इसलिए पूर्व में इस कैंप से लोगों को हटाकर बदरीनाथ में रखा जाता था। माणा के गांव प्रधान पिताम्बर सिंह ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि इस बार बर्फ नही गिरने से कैंप बंद नहीं किया गया था और आज मजदूर हादसे की चपेट में आ गए ।</p>
<p>बद्रीनाथधाम, नर और नारायण पर्वत की तलहटी पर बसा है जिसके बीचोंबीच अलकनंदा नदी प्रवाहित होती है। हादसा नर पर्वत से आए हिमस्खलन के कारण हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/138434/32-out-of-57-men-trapped-in-avalanche-in-uttarakhand</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 15:30:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2020-21 से केदारनाथ मंदिर की आमदनी दोगुनी से ज्यादा हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 24 फरवरी (भाषा) चढ़ावे, दान और श्रद्धालुओं को दी गयी विभिन्न सेवाओं से केदारनाथ मंदिर की आय 2021 से दोगुनी से भी अधिक हो गयी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत एक आवेदन पर यह जानकारी सामने आयी है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा आरटीआई कानून के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने बताया कि 2020-21 में केदारनाथ मंदिर की आय 22.04 करोड़ रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>इसका विस्तृत विवरण देते हुए मंदिर समिति ने बताया कि गढ़वाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/137093/the-income-of-kedarnath-temple-from-the-year-2020-21-was-more-than-doubled"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 24 फरवरी (भाषा) चढ़ावे, दान और श्रद्धालुओं को दी गयी विभिन्न सेवाओं से केदारनाथ मंदिर की आय 2021 से दोगुनी से भी अधिक हो गयी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत एक आवेदन पर यह जानकारी सामने आयी है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा आरटीआई कानून के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने बताया कि 2020-21 में केदारनाथ मंदिर की आय 22.04 करोड़ रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>इसका विस्तृत विवरण देते हुए मंदिर समिति ने बताया कि गढ़वाल हिमालय में स्थित बाबा केदार के मंदिर की आय 2021-22 में कोविड-19 के दौरान घटकर 16.52 करोड़ रुपये रह गयी लेकिन उसके अगले साल 2022-23 में यह बढ़कर 29.67 करोड़ रुपये और 2023-24 में 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>वर्ष 2020-21 से 2023—24 की अवधि में मंदिर की आय में बढ़ोत्तरी 2.3 गुना है ।</p>
<p>कोविड महामारी के मद्देनजर 2021 में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को देरी से खोले जाने, आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट को अनिवार्य किए जाने, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या को सीमित किए जाने, मास्क पहनने और सामाजिक-दूरी बनाए रखने के मानदंडों के अनुपालन के कारण काफी कम संख्या में तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे।</p>
<p>हांलांकि, जैसे-जैसे कोविड मामले कम हुए, यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई, अगले साल से तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होती गयी और मंदिर की कमाई एक बार फिर बढ़ गई।</p>
<p>मंदिर की आय श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से आने वाले लोगों को दी जाने वाली प्राथमिकता दर्शन की सुविधाओं से होती है जिसके लिए समिति द्वारा अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 21:25:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में रंगारंग समारोह के बीच 38वें राष्ट्रीय खेलों की शुरूआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 28 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां उत्तराखंड की धार्मिक विरासत और जैव विविधता का झलक पेश करते रंगारंग उद्घाटन समारोह में 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुरू होने की घोषणा की और 2036 ओलंपिक को भारत में लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>  राष्ट्रीय खेलों में 32 खेलों में लगभग 10 हजार खिलाड़ी 450 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे। स्पर्धायें प्रदेश के सात शहरों में आयोजित की जायेगी जिसमें देहरादून मुख्य आयोजन स्थल होगा ।</p>
<p>अल्मोड़ा के रहने वाले भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय खेलों की तेजस्विनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/126688/38th-national-games-begins-amid-colorful-ceremony-in-the-presence-of-prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/prime-minister-narendra-modi-4.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 28 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां उत्तराखंड की धार्मिक विरासत और जैव विविधता का झलक पेश करते रंगारंग उद्घाटन समारोह में 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुरू होने की घोषणा की और 2036 ओलंपिक को भारत में लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p> राष्ट्रीय खेलों में 32 खेलों में लगभग 10 हजार खिलाड़ी 450 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे। स्पर्धायें प्रदेश के सात शहरों में आयोजित की जायेगी जिसमें देहरादून मुख्य आयोजन स्थल होगा ।</p>
<p>अल्मोड़ा के रहने वाले भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय खेलों की तेजस्विनी मशाल सौंपी । टीमों के मार्च के बाद मोदी ने खेलों की शुरूआत की घोषणा की ।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा ,‘‘जब कोई देश खेल में आगे बढ़ता है तो देश की साख भी बढ़ती है और प्रोफाइल भी बढ़ता है । यहां कई रिकॉर्ड टूटेंगे, नये रिकॉर्ड बनेंगे लेकिन यह राष्ट्रीय खेल सिर्फ खेल स्पर्धा नहीं बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का मजबूत मंच भी है ।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस अवसर का उपयोग कुछ स्वास्थ्य सुझाव देने के लिए भी किया। उन्होंने युवाओं से अपने भोजन में तेल (वसा) कम करके और अपनी दैनिक दिनचर्या में अधिक सैर और व्यायाम को शामिल करके मोटापे के बढ़ते खतरे से लड़ने का आग्रह किया।</p>
<p>समारोह की शुरुआत ‘तांडव’ के प्रदर्शन से हुई, जो भगवान शिव की स्तुति में होने वाला शास्त्रीय नृत्य शैली है। समारोह के आखिरी चरण में शंख बजाने के साथ खेलों की शुरुआत की घोषणा की गई।</p>
<p>समारोह के दौरान स्थानीय स्टार और लोकप्रिय बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने अपनी आवाज के जादू से समां बांध दिया।</p>
<p>  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ स्टेडियम पहुंचे थे । ठंड के मौसम के बावजूद करीब 25000 दर्शक रंगारंग समारोह को देखने के लिए राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने 2022 (गुजरात) और 2023 (गोवा) में खेलों के पिछले दो सत्र का भी उद्घाटन किया था।</p>
<p>इससे पहले सजी हुई गोल्फ कार्ट में स्टेडियम का चक्कर लगाने के बाद मोदी को पारंपरिक पहाड़ी टोपी, शॉल और खेलों के शुभंकर मौली और पदकों की प्रतिकृति वाला स्मृति चिन्ह भेंट किया गया ।</p>
<p>उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से और उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य इस मौके पर मौजूद थीं । भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के प्रमुख क्रिस जेंकिंस भी समारोह में मौजूद थे ।</p>
<p>राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि राज्य अपने गठन की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है।</p>
<p>उत्तराखंड के राज्य पक्षी ‘मोनाल’ से प्रेरित ‘मौली’ खेलों का शुभंकर है जो इस क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक सुंदरता, विविधता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।</p>
<p>भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू, निशानेबाज मनु भाकर जैसे देश के अधिकांश स्थापित स्टार इसमें भाग नहीं ले रहे हैं जिससे अन्य खिलाड़ियों को अपनी छाप छोड़ने का मौका मिलेगा।</p>
<p>इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह, विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन और तोक्यो खेलों की कांस्य विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन शामिल हैं।</p>
<p>चार खेल कलारीपयट्टू, योगासन, मल्लखंभ और राफ्टिंग प्रदर्शनी खेल होंगे जिनमें पदक नहीं दिया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 21:45:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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