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                <description>Shivsena RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद पर 14 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। उच्चतम न्यायालय शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के बीच 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न आवंटन विवाद से संबंधित मामले में 14 जुलाई को विचार करेगा।</p>
<p>न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की अंशकालीन कार्य दिवस पीठ ने बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत की इस मामले में तत्काल सुनवाई की गुहार पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>अधिवक्ता कामत ने गुहार लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित घोषणा अगले सप्ताह कभी भी की जा सकती है।<br />पीठ के समक्ष उन्होंने कहा, “हम कुछ अंतरिम निर्देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141680/shiv-sena-will-hear-the-election-symbol-dispute-on-july"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। उच्चतम न्यायालय शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के बीच 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न आवंटन विवाद से संबंधित मामले में 14 जुलाई को विचार करेगा।</p>
<p>न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की अंशकालीन कार्य दिवस पीठ ने बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत की इस मामले में तत्काल सुनवाई की गुहार पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>अधिवक्ता कामत ने गुहार लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित घोषणा अगले सप्ताह कभी भी की जा सकती है।<br />पीठ के समक्ष उन्होंने कहा, “हम कुछ अंतरिम निर्देश चाहते हैं।‌ जैसे एनसीपी मामले में जारी किए गए थे। उन्हें चुनाव चिह्न दे दिया गया है।”</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि दो चुनाव हो चुके हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष इसी तरह की याचिका का उल्लेख किया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया।</p>
<p>पीठ ने कहा, “भले ही चुनाव अधिसूचित हो जाएं, लेकिन यह आखिरकार उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ है।”इस पर कामत ने कहा, “नहीं नहीं यह चुनाव चिह्न का विवाद है। मामला दो साल से लंबित है।”</p>
<p>पीठ ने फिर पूछा, “अगर यह लंबित है तो कोई समस्या नहीं है, कोई अधिकार (जो मिलना चाहिए) नहीं जाएगा। इतनी जल्दी क्या है।”अधिवक्ता ने कहा कि यह अंततः लोगों की पसंद का सवाल है।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने इसके बाद कहा कि वह इस मामले में 14 जुलाई को विचार करेगी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 17 फरवरी, 2023 को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को असली पार्टी के रूप में मान्यता दी थी।</p>
<p>चुनाव आयोग द्वारा तैयार किए गए प्रतीक आदेश के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के साथ संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए इसे 'धनुष और तीर' चुनाव चिह्न आवंटित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 15:01:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिवसेना(उबाठा) ने बाल ठाकरे को भारत रत्न देने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने बृहस्पतिवार को शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।</p>
<p>दिवंगत नेता की 99वीं जयंती के अवसर पर शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा नीत सरकार ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान कुछ ऐसे व्यक्तियों को दिया है, जो इसके हकदार नहीं थे।</p>
<p>राउत ने कहा, "लेकिन वह व्यक्ति जिसने देश में हिंदुत्व के बीज बोए, उन्हें भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए? 'हिंदू-हृदय सम्राट' बाल ठाकरे को भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। यह शिवसेना (उबाठा) की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124574/shiv-sena--ubatha--demanded-to-give-bharat-ratna-to-bal-thackeray"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/sanjay-raut.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने बृहस्पतिवार को शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।</p>
<p>दिवंगत नेता की 99वीं जयंती के अवसर पर शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा नीत सरकार ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान कुछ ऐसे व्यक्तियों को दिया है, जो इसके हकदार नहीं थे।</p>
<p>राउत ने कहा, "लेकिन वह व्यक्ति जिसने देश में हिंदुत्व के बीज बोए, उन्हें भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए? 'हिंदू-हृदय सम्राट' बाल ठाकरे को भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। यह शिवसेना (उबाठा) की मांग है।"</p>
<p>उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बाल ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष एक साल बाद मनाया जाना है।</p>
<p>राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, "(ठाकरे का) जन्म शताब्दी वर्ष शुरू होने से पहले उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। आपने वीर सावरकर (विनायक दामोदर सावरकर) को भारत रत्न नहीं दिया। यदि आप बालासाहेब को यह सम्मान प्रदान करते हैं, तो यह वीर सावरकर का भी सम्मान होगा।"</p>
<p>शिवसेना(उबाठा) नेता एवं मुंबई दक्षिण से सांसद अरविंद सावंत ने भी बाल ठाकरे को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा, "बाल ठाकरे ने देश को बताया कि 'हिंदुत्व के आदर्श' क्या हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''जो सरकार (केंद्र सरकार) खुद को हिंदुत्व समर्थक कहती है, उसे बाल ठाकरे को भारत रत्न से अवश्य सम्मानित करना चाहिए। हम इसकी पुरजोर मांग करते हैं।"</p>
<p>सावंत और राउत ने यह बयान शिवाजी पार्क स्थित बाल ठाकरे के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दिया।</p>
<p>इस बीच, राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर तंज कसते हुए इसे "चीनी पटाखे" बताया जो फूटेंगे नहीं।</p>
<p>राउत ने कहा, "वास्तविक शिवसेना 'मातोश्री' में है, जहां उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ रहते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''बाजार में नकली दवाइयां, कपड़े उपलब्ध हैं...और चीनी पटाखे भी हैं। वे (चीनी पटाखे) केवल चिंगारियां छोड़ते हैं, फूटते नहीं है। भाजपा इसी तरह के नकली उत्पाद ला रही है।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे समूहों द्वारा दायर क्रॉस-याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखने से पहले नौ दिनों तक दलीलें सुनीं। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ चंद्रचूड़ ने ठाकरे समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से कई सवाल किए।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने सिंघवी से सवाल किया कि क्या राज्यपाल द्वारा विश्वास मत हासिल करने के लिए शक्ति का वैध प्रयोग किया गया था और क्या होगा यदि अदालत यह निष्कर्ष निकालती है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90469/sc-reserves-verdict-on-maharashtra-political-crisis"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/2751_supreme-court-india.jpg" alt=""></a><br /><p>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे समूहों द्वारा दायर क्रॉस-याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखने से पहले नौ दिनों तक दलीलें सुनीं। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ चंद्रचूड़ ने ठाकरे समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से कई सवाल किए।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने सिंघवी से सवाल किया कि क्या राज्यपाल द्वारा विश्वास मत हासिल करने के लिए शक्ति का वैध प्रयोग किया गया था और क्या होगा यदि अदालत यह निष्कर्ष निकालती है कि राज्यपाल द्वारा शक्ति का कोई वैध प्रयोग नहीं किया गया था। जब सिंघवी ने कहा कि ठाकरे का इस्तीफा और विश्वास मत का सामना नहीं करना अप्रासंगिक है, तो मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि अदालत एक ऐसे मुख्यमंत्री को कैसे बहाल कर सकती है जिसने शक्ति परीक्षण का सामना भी नहीं किया हो।</p>
<p> </p>
<p>21 फरवरी को सुनवाई शुरू हुई और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनू सिंघवी, देवदत्त कामत और अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी ने अपनी दलीलें रखीं। हार को भांपते हुए ठाकरे के इस्तीफा देने के बाद शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना-भाजपा गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में आया। शीर्ष अदालत ने 29 जून, 2022 को फ्लोर टेस्ट कराने के राज्यपाल के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90469/sc-reserves-verdict-on-maharashtra-political-crisis</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 19:44:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के गृहनगर ठाणे में स्थानीय शाखा पर नियंत्रण को लेकर प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट आपस में भिड़ गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के ठाणे में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले अपना दबदबा कायम करने के लिए शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी धड़े सोमवार को एक स्थानीय शाखा पर नियंत्रण को लेकर आपस में भिड़ गए। विचाराधीन शाखा वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के नियंत्रण में है, लेकिन विरोधी गुट ने अपने स्वयं के बैनर को स्थापित करने और नियंत्रण करने का प्रयास किया। पुलिस के हस्तक्षेप करने और भीड़ को तितर-बितर करने से पहले दोनों समूहों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की देखी गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</p>
<p>दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90261/rival-shiv-sena-factions-clash-over-control-of-local-branch"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/shivsena-eknath-shinde-uddhav-thackeray.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र के ठाणे में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले अपना दबदबा कायम करने के लिए शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी धड़े सोमवार को एक स्थानीय शाखा पर नियंत्रण को लेकर आपस में भिड़ गए। विचाराधीन शाखा वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के नियंत्रण में है, लेकिन विरोधी गुट ने अपने स्वयं के बैनर को स्थापित करने और नियंत्रण करने का प्रयास किया। पुलिस के हस्तक्षेप करने और भीड़ को तितर-बितर करने से पहले दोनों समूहों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की देखी गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</p>
<p>दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना ने मुंबई में 160 से अधिक स्थानीय 'शाखा' और पूरे महाराष्ट्र में अपने गढ़ों में कई और स्थापित की हैं। शक्तिशाली 'शाखा प्रमुखों' की अध्यक्षता वाली ये शाखाएँ स्थानीय या राज्य सरकारों के साथ लोगों की शिकायतों को हल करने में सफल साबित हुई हैं और इसने पार्टी को विभिन्न चुनाव जीतने में मदद की है।</p>
<p>राज्य भर में विभिन्न प्रतिष्ठानों और कार्यालयों के नियंत्रण के लिए गुटों के साथ पार्टी हाल के वर्षों में आंतरिक संघर्षों में उलझी हुई है। जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र विधायिका और संसद में पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया है। मुंबई के दादर में प्रतिष्ठित शिवसेना भवन, जो कि ठाकरे परिवार के ट्रस्ट से संबंधित है, सेना (यूबीटी) के नियंत्रण में है। शिंदे गुट ने पिछले महीने ठाणे में एक नया केंद्रीय कार्यालय स्थापित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90261/rival-shiv-sena-factions-clash-over-control-of-local-branch</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Mar 2023 14:09:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SC ने एकनाथ शिंदे को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता देने के चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एकनाथ शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता देने के चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत फैसले को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गई है। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शिंदे का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल से पूछा कि क्या समूह व्हिप जारी करने या सदस्यों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया में है। जैसा कि कौल ने नकारात्मक में उत्तर दिया, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत मामले पर नोटिस जारी करेगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89947/sc-refuses-to-stay-ecs-decision-to-recognize-eknath-shinde"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/shivsena-eknath-shinde-uddhav-thackeray.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एकनाथ शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता देने के चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत फैसले को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गई है। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शिंदे का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल से पूछा कि क्या समूह व्हिप जारी करने या सदस्यों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया में है। जैसा कि कौल ने नकारात्मक में उत्तर दिया, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत मामले पर नोटिस जारी करेगी।</p>
<p>ठाकरे का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि शिंदे गुट पार्टी की संपत्तियों और वित्त पर कब्जा कर लेगा। सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे के समूह को ऐसा करने से रोकने से इनकार करते हुए कहा कि वह चुनाव आयोग के आदेश पर रोक नहीं लगा सकता है। </p>
<p>ठाकरे का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग पार्टी के भीतर ठाकरे को मिले भारी समर्थन की सराहना करने में विफल रहा, क्योंकि उसके पास प्रतिनिधि सभा में लगभग 200 सदस्यों में से 160 सदस्यों का समर्थन है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Feb 2023 18:48:20 +0530</pubDate>
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                <title>पार्टी के नाम और सिंबल पर चुनाव आयोग के फैसले को शिवसेना चुनौती देगी</title>
                                    <description><![CDATA[शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहेबंची शिवसेना को 'शिवसेना' नाम और उसके प्रतीक 'धनुष और तीर' देने के चुनाव आयोग (ईसी) के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय जाने की योजना बनाई है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89806/shiv-sena-will-challenge-the-decision-of-the-election-commission"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/uddhav-thackeray.jpg" alt=""></a><br /><p>शिवसेना (यूबीटी) ने बालासाहेबंची शिवसेना को शिवसेना का मूल नाम और चुनाव चिह्न देने के चुनाव आयोग (ईसी) के फैसले का विरोध करने का फैसला किया है। मुख्य प्रवक्ता और सांसद संजय राउत के मुताबिक यूबीटी इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देगी। राउत ने चुनाव आयोग के कदम की आलोचना करते हुए इसे सच्चाई और न्याय का मजाक बताया। उन्होंने सरकार पर देश को तानाशाही की ओर ले जाने का भी आरोप लगाया। इसके विपरीत, बालासाहेबंची शिवसेना ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया और तुरंत नए नाम और प्रतीक के तहत काम करना शुरू कर देगी।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने चुनाव आयोग के फैसले को ऐतिहासिक और सच्चाई की जीत बताया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बालासाहेबंची शिवसेना को मूल शिवसेना का नाम और प्रतीक दिया गया है। यूबीटी की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि पार्टी चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती देगी।</p>
<p>ठाणे, नासिक, औरंगाबाद और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों में बालासाहेबंची शिवसेना के समर्थकों द्वारा इस फैसले का जश्न मनाया गया। परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे मीडिया को संबोधित करेंगे और चुनाव आयोग के फैसले पर अपने विचार रखेंगे। फडणवीस ने कहा कि यूबीटी उच्च न्यायालय में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दे सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Feb 2023 20:28:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एकनाथ शिंदे गुट को चुनाव आयोग ने दिया शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चुनाव आयोग (ईसी) ने फैसला सुनाया है कि शिवसेना पार्टी का नाम और चिन्ह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के पास रहेगा। चुनाव आयोग ने शिवसेना के वर्तमान संविधान को अलोकतांत्रिक पाया, जिस पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भरोसा कर रहे थे। जब भी चुनाव हुए या नियुक्तियां की गईं, विभिन्न निकायों के पदाधिकारियों की पूरी सूची आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई। </p>
<p>चुनाव आयोग के आदेश में कहा गया है कि शिवसेना के मूल संविधान के अलोकतांत्रिक मानदंड, जिन्हें 1999 में आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था, को चोरी-छिपे वापस लाया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89805/shiv-senas-name-and-symbol-given-by-election-commission-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/eknath-shinde-cm-maharashtra.jpg" alt=""></a><br /><p>चुनाव आयोग (ईसी) ने फैसला सुनाया है कि शिवसेना पार्टी का नाम और चिन्ह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के पास रहेगा। चुनाव आयोग ने शिवसेना के वर्तमान संविधान को अलोकतांत्रिक पाया, जिस पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भरोसा कर रहे थे। जब भी चुनाव हुए या नियुक्तियां की गईं, विभिन्न निकायों के पदाधिकारियों की पूरी सूची आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई। </p>
<p>चुनाव आयोग के आदेश में कहा गया है कि शिवसेना के मूल संविधान के अलोकतांत्रिक मानदंड, जिन्हें 1999 में आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था, को चोरी-छिपे वापस लाया गया था। चुनाव आयोग ने यह भी देखा कि भारत में राजनीतिक क्षेत्र में कुछ पार्टियों का कब्जा है, जिन्हें जागीर माना जाता है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का विरोधाभास है।</p>
<p>चुनाव आयोग के आदेश में यह भी कहा गया है कि 2018 में संविधान में किए गए संशोधनों ने 1999 के पार्टी संविधान में चुनाव आयोग के आग्रह पर स्वर्गीय बाल ठाकरे द्वारा लाए गए लोकतांत्रिक मानदंडों की शुरूआत को पूर्ववत कर दिया था। चुनाव आयोग ने फैसला सुनाया कि 'बाला साहेबंची शिवसेना' का नाम और दो तलवार और ढाल का प्रतीक, जो अंतरिम आदेश के माध्यम से याचिकाकर्ता को आवंटित किया गया था, तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Feb 2023 20:17:39 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई: अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अडाणी का बोर्ड देखकर भड़के शिवसेना के कार्यकर्ता</title>
                                    <description><![CDATA[शिवसेना कार्यकर्ताओं ने 'अडानी एयरपोर्ट' के बोर्ड को किया क्षतिग्रस्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82716/mumbai-shiv-sena-workers-furious-after-seeing-adani-s-board-at-the-international-airport"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/2153_1.jpg" alt=""></a><br /><div>शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तोड़फोड़ की। हवाई अड्डे का प्रबंधन वर्तमान में अदानी समूह द्वारा किया जाता है। इसी बात से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर 'अडानी एयरपोर्ट' के बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया।</div><div>शिवसेना का आरोप है कि पहले इस एयरपोर्ट को छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता था लेकिन अब यहां अडानी एयरपोर्ट का बोर्ड है। यह बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अडाणी समूह द्वारा पिछले कुछ वर्षों में विमानन क्षेत्र में भारी निवेश किया गया।</div><div>आपको बता दें कि अदाणी समूह अब देश में कई प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन करता है। अदानी समूह ने जुलाई में मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसकी जानकारी खुद गौतम अडानी ने ट्वीट कर दी। विपक्षी समूहों ने अडानी समूह को देश के कई हवाई अड्डों पर नियंत्रण देने का विरोध किया। कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Aug 2021 21:12:36 +0530</pubDate>
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