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                <title>Shirdi Temple - Loktej</title>
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                <description>Shirdi Temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : दिल्ली-शिरडी फ्लाइट की सूरत में इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सोमवार रात दिल्ली से शिरडी जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट के समय पर लिए गए फैसले और सूझबूझ से एक संभावित खतरा टल गया, जिससे 150 से अधिक यात्रियों की जान सुरक्षित रही।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, फ्लाइट ने दिल्ली से तय समय पर उड़ान भरी थी, लेकिन शिरडी पहुंचने से पहले ही मौसम अचानक खराब हो गया। एयरपोर्ट के आसपास तेज हवाएं और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण पायलट को लैंडिंग में कठिनाई हुई। हालात सुधरने की उम्मीद में विमान ने करीब एक घंटे तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146319/major-accident-averted-due-to-emergency-landing-of-surat-delhi-shirdi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/air-plane-strip-airport-flight.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सोमवार रात दिल्ली से शिरडी जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट के समय पर लिए गए फैसले और सूझबूझ से एक संभावित खतरा टल गया, जिससे 150 से अधिक यात्रियों की जान सुरक्षित रही।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, फ्लाइट ने दिल्ली से तय समय पर उड़ान भरी थी, लेकिन शिरडी पहुंचने से पहले ही मौसम अचानक खराब हो गया। एयरपोर्ट के आसपास तेज हवाएं और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण पायलट को लैंडिंग में कठिनाई हुई। हालात सुधरने की उम्मीद में विमान ने करीब एक घंटे तक शिरडी के आसमान में चक्कर लगाए।</p>
<p>मौसम में सुधार न होने पर पायलट ने जोखिम लेने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सूरत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और अनुमति मिलने पर विमान को सूरत की ओर डायवर्ट किया गया।</p>
<p>अचानक रूट बदलने से यात्रियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में चिंता देखी गई। हालांकि, फ्लाइट क्रू और एयरपोर्ट स्टाफ ने संयम के साथ स्थिति को संभाला और यात्रियों को लगातार जानकारी दी।</p>
<p>सूरत एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले सुरक्षा और मेडिकल टीमों को अलर्ट रखा गया था। विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली और पायलट के निर्णय की सराहना की।</p>
<p>मौसम सामान्य होने के बाद देर रात फ्लाइट को दोबारा शिरडी के लिए रवाना किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के चलते यात्रियों को लगभग तीन घंटे की देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने संतोष जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:39:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिरडी में लूट के दौरान साईंबाबा मंदिर ट्रस्ट के दो कर्मचारियों की हत्या, एक अन्य व्यक्ति घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, चार फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में लूट की अलग-अलग कोशिशों के दौरान श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के दो कर्मचारियों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति हमले में घायल हो गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने श्रीराम नगर के निवासी किरण न्यानदेव सदा कुले को पकड़ लिया है और सोमवार तड़के हुए हमलों के सिलसिले में एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मृतक सुभाष साहेबराव घोडे (43) और नितिन कृष्ण शेजुल (45) शिरडी में प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/129659/two-employees-of-saibaba-temple-trust-killed-during-robbery-in-shirdi--another-person-injured"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/2749_murder-53.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, चार फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में लूट की अलग-अलग कोशिशों के दौरान श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के दो कर्मचारियों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति हमले में घायल हो गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने श्रीराम नगर के निवासी किरण न्यानदेव सदा कुले को पकड़ लिया है और सोमवार तड़के हुए हमलों के सिलसिले में एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मृतक सुभाष साहेबराव घोडे (43) और नितिन कृष्ण शेजुल (45) शिरडी में प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट के कर्मचारी थे।</p>
<p>अधिकारी के मुताबिक, मंदिर विभाग में सहायक घोडे और सुरक्षा विभाग में संविदा कर्मचारी शेजुल की चाकू मारकर हत्या की गई और श्रीकृष्ण नगर के निवासी कृष्णा डेहरकर को हमलों के दौरान चोटें आईं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तीन हमले एक घंटे के अंतराल में हुए।</p>
<p>अधिकारी ने कहा कि हमलों का एकमात्र मकसद लूट था और कुले व अन्य आरोपियों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 19:19:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस मंदिर ने बिना एक भी रुपया लिए 7000 मरीजो का किया इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[मरीज के साथ-साथ उनके परिजनों के रहने और खाने-पीने का भी किया इंतजाम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82448/this-temple-treated-7000-patients-without-a-single-rupee"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/8105_s18-07062021.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">कोरोना महामारी के कठिन समय में देश के कई धार्मिक स्थलों ने अपने दरवाजे मरीजों की सेवा के लिए खोल दिये थे। कहीं मंदिरों को ही अस्पताल में बदल दिया गया तो कही मंदिर द्वारा कोविड केर सेंटर तैयार किया गया। कुछ इसी तरह शिरडी के साईं मंदिर ने भी लोगों की सेवा के लिए अपने दामन को खोल दिया था। कोरोना के कारण मंदिर को 83 प्रतिशत दान कम मिला था, पर इस बीच भी मंदिर के ट्रस्ट द्वारा कोरोना मरीजों की सेवा में कोई कमी नहीं रखी गई। ट्रस्ट द्वारा चलाये जा रहे कोविड अस्पताल में अब तक 7 हजार से अधिक मरीज ठीक हो चुके है, जिनका पूरा इलाज ट्रस्ट द्वारा ही किया गया था। इस दौरान मरीज और मरीज के परिवार के लिए रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी मंदिर के ट्रस्ट द्वारा ही की गई थी। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">बता दे की शिरडी के साईं बाबा भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है। साल 2018 में 1.65 करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए शिरडी साईं धाम पहुंचे थे। साल 2019 में 1.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए, लेकिन साल 2020 में कोरोना के कहर के चलते मंदिर को बंद करना पड़ा। पहली लहर के बाद जब मंदिर खुला तो 16 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच 5.74 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पर साल 2021 में 1 जनवरी से 5 अप्रैल के बीच श्रद्धालुओं की संख्या मात्र 62 हजार ही रही। कोरोना महामारी को देखते हुए ट्रस्ट ने अप्रैल 2020 में कोविड अस्पताल बनाया और यहां मरीजों का मुफ्त में इलाज शुरू किया। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">अस्पताल के बनने के बाद से अब तक बाबा के धाम से 7,000 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। ट्रस्ट की टीम जो पहले श्रद्धालुओं की सेवा में लगी थी, अब मरीज की सेवा में लगी है। शिरडी ट्रस्ट ने द्वारा जो 640 बेड का कोविड अस्पताल बनाया है। इसमें 140 ऑक्सीजन बेड और 20 वेंटिलेटर बेड हैं। हालांकि कोविड के लिए कुल तीन जगहों की व्यवस्था की गई है। यदि तीनों जगह का मिलकर देखा जाये तो लगभग डेढ़ हजार से अधिक बेड की सुविधा है। </span><span style="font-size:1rem;">यहां इलाज करा रहे मरीजों के साथ परिवार के सदस्यों के रहने और खाने की भी व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा ही की जा रही है। </span></div><div><span style="font-size:1rem;">कोरोना काल में मंदिर ट्रस्ट को काफी कम दान मिला था। फिर भी ट्रस्ट द्वारा मरीजों की सेवा करने में कोई भी कमी नहीं आने दी गई है। बता दे मंदिर ट्रस्ट को साल 2018-19 में 428 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। इसके अलावा 24.795 किलोग्राम सोना और 428.555 किलोग्राम चांदी भी उसी साल मिली थी। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 357 करोड़ रुपये का चंदा ,17.90 किलोग्राम सोना और 357.492 किलोग्राम चांदी चंदे के स्वरूप में मिली थी। वहीं कोरोना काल में यानी 1 अप्रैल 2020 से मई 2021 में ट्रस्ट को ऑनलाइन 62 करोड़ रुपये का दान मिला, यानी पिछले साल के मुकाबले 295 करोड़ रुपये कम। </span></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jun 2021 20:09:46 +0530</pubDate>
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