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                <description>Ganga RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गंगा दशहरा पर काशी, प्रयागराज में हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी/प्रयागराज, 05 जून (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के काशी और प्रयागराज में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर गुरुवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यह उत्‍सव ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन मां गंगा का अवतरण स्‍वर्ग लोक से धरती पर हुआ था। गुरुवार की सुबह तड़के से ही दशाश्वमेध घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।</p>
<p>दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना और पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। गंगा स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने दीपदान, गंगा आरती और मंत्रोच्चार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141157/thousands-of-devotees-came-to-kashi-prayagraj-on-ganga-dussehra"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/ganga-vilas.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी/प्रयागराज, 05 जून (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के काशी और प्रयागराज में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर गुरुवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यह उत्‍सव ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन मां गंगा का अवतरण स्‍वर्ग लोक से धरती पर हुआ था। गुरुवार की सुबह तड़के से ही दशाश्वमेध घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।</p>
<p>दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना और पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। गंगा स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने दीपदान, गंगा आरती और मंत्रोच्चार के माध्यम से गंगा मैया से सुख-शांति और मोक्ष की कामना की। घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैद रहा।</p>
<p>एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें भी घाटों पर तैनात की गईं। काशी की गलियों से लेकर घाटों तक आज का दिन भक्ति भाव और गंगा मैया की जयकारों से गुंजायमान रहा।</p>
<p>श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा दशहरा पर काशी में गंगा स्नान का विशेष महत्व है, जिससे सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा वह दिन है जब गंगा नदी का धरती पर अवतरण हुआ था, और इसी दिन को मां गंगा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।</p>
<p>दशाश्वमेध घाट के तीर्थपुरोहित विवेकानंद ने कहा कि ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष है। इस दिन को गंगा दशहरा के उत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। भागीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए मां गंगा की आराधना कर उनको प्रसन्न किया और मां गंगा को धरती पर लेकर आए।</p>
<p>श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं और मोक्ष पाने के लिए गंगा जी में डुबकी लगाते हैं। गुजरात के राजकोट से आए महंत विजय महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में गंगा दशहरा का बहुत महत्‍व है। आज ही के दिन गंगा जी धरती पर अवतरित हुईं थीं।</p>
<p>इसी क्रम में गंगा दशहरा का पर्व संगम नगरी प्रयागराज में भी पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रयागराज में गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए हुए हैं और ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही पूजा अर्चना और दान पुण्य भी कर रहे हैं।</p>
<p>श्रद्धालु महंत गोपाल ने कहा कि गंगा दशहरा के दिन भागीरथ के पूर्वजों के मोक्ष के लिए मां गंगा स्‍वर्ग लोक से मृत्युलोक में आईं। हम सब भाग्‍यशाली है जो इस दिन गंगा मां की पूजा अर्चना कर मोक्ष की याचना करते हैं। इस उत्‍सव के दौरान लोगों के 10 तरह के पाप से मुक्ति मिलती है।</p>
<p>इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा नाम दिया गया है। गंगा स्‍थान करने वाले श्रद्धालु के पितरों को भी मुक्ति मिलती है। प्रयागराज में एक रुपये के दान का लाभ एक लाख रुपये के बराबर माना जाता है। सीता जी ने मां गंगा को जगत जननी का नाम दिया है।</p>
<p>एक श्रद्धालु का कहना है, “हम गंगा दशहरा के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए संगम में मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के तट पर आए हैं। इस स्नान से पितर भी प्रसन्न होते हैं। महाकुंभ के आयोजन के बाद से लोगों में अध्यात्म बढ़ा हुआ है।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:48:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी में घाटों पर आम लोगों के लिए पांच फरवरी तक बंद रहेगी गंगा आरती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी (उप्र) 31 जनवरी (भाषा) प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी के घाटों पर होने वाली गंगा आरती को आम लोगों के लिए पांच फरवरी तक बंद रखने का फैसला किया गया है। आरती आयोजन समिति की तरफ से यह जानकारी दी गयी।</p>
<p>वाराणसी पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का सहयोग करने की अपील की है।</p>
<p>गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती अपरिहार्य कारणों से पांच फरवरी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127800/ganga-aarti-will-be-closed-for-common-people-at-ghats-in-varanasi-till-february-5"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/ganga-vilas.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी (उप्र) 31 जनवरी (भाषा) प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी के घाटों पर होने वाली गंगा आरती को आम लोगों के लिए पांच फरवरी तक बंद रखने का फैसला किया गया है। आरती आयोजन समिति की तरफ से यह जानकारी दी गयी।</p>
<p>वाराणसी पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का सहयोग करने की अपील की है।</p>
<p>गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती अपरिहार्य कारणों से पांच फरवरी, 2025 तक जनसामान्य के लिए बंद रहेगी।</p>
<p>गंगा आरती करने वाली संस्था ने दर्शनार्थियों/श्रद्धालुओं से अपील की है।</p>
<p>इसी प्रकार शीतला घाट, अस्सी घाट समेत अन्य घाटों पर भी गंगा आरती करने वाली समितियों ने भी जनसामान्य, दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं से पांच फरवरी तक आरती में शामिल न होने की अपील की है।</p>
<p>इस बीच, वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने भी काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का सहयोग करने की अपील की है।</p>
<p>प्रयागराज महाकुंभ में स्नान कर वापस लौटे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब भी वाराणसी कैंट और बनारस स्टेशन पर फंसे हुए हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि अत्यधिक भीड़ की वजह से वे अपनी ट्रेन पकड़ नहीं पाए और अब वे भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे। वहीं कुछ ट्रेनों के निरस्त होने की वजह से यात्री अब भी स्टेशन पर फंसे हैं और अन्य किसी साधन का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>असम के सोनिकपुर निवासी बॉबी माया लिम्बु ने बताया कि वह अपने समूह के साथ प्रयागराज आयी थीं। उन लोगों ने 26 जनवरी को प्रयागराज संगम तट पर स्नान किया। वहां से वे अयोध्या दर्शन पूजन करने गए। वहां से 30 जनवरी को वाराणसी पहुंचे हैं। कल ही उनकी ट्रेन थी परंतु भीड़ के कारण ये लोग ट्रेन नहीं पकड़ पाए। अब जो भी ट्रेन आएगी उसमें जाएंगे।</p>
<p>माया लिम्बु ने बताया कि भीड़ भाड़ की वजह से दिक्कत तो बहुत हुई परंतु दर्शन पूजन कर आत्मा को बहुत सुख की अनुभूति हुई है।</p>
<p>गया जिला से आये श्रद्धालु दीनानाथ ने बताया कि वह अपने बीवी बच्चों के साथ दो दिन से बनारस में फंसे हुए है। बृहस्पतिवार को उन्होंने ट्रेन पकड़ने की कोशिश की, परंतु भारी भीड़ की वजह से उनका दम घुटने के कारण ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा। तब से वे प्लेटफॉर्म के बाहर बने रैन बसेरा में रह रहे हैं।</p>
<p>रैन बसेरा का प्रबंधन देख रहे रजत सिंह ने बताया कि कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के विश्राम के लिए यह बसेरा बनाया गया है। यहां यात्रियों के सोने रहने की व्यवस्था की गई है। किसी यात्री को स्वास्थ्य परेशानी होने पर उपचार के लिए यहां स्वास्थ्य टीम मौजूद है। पर, यहां खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है।</p>
<p>कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विदुश सक्सेना ने बताया कि महाकुंभ के पर्व और मौनी अमावस्या बीतने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ काशी में बढ़ी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार जांच अभियान चल रहा है। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं। यात्रियों के ठहरने के लिये रैन बसेरा बनाया गया है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए स्टैंड बनाया गया है।</p>
<p>सक्सेना ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे कुछ दिन रुक कर वाराणसी दर्शन पूजन के लिए आएं ताकि यहां आने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 14:56:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार के चार लोग डूबे, एक की मौत, दो लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कौशांबी (उप्र) छह जनवरी (भाषा) जिले के कड़ा धाम थाना क्षेत्र में गंगा स्नान के दौरान सोमवार को एक ही परिवार के चार लोग नदी में डूब गए जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा अस्पताल में भर्ती है जबकि दो लापता हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, लापता व्यक्तियों की गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है । अब तक तक उनका पता नहीं चला है।</p>
<p>थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दारानगर निवासी जेके मिश्रा अपने परिवार के साथ 10 दिन पूर्व दिवंगत हुए अपने पिता मनमोहन मिश्रा का दसवां श्राद्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/118357/four-people-of-the-same-family-drowned-while-bathing-in-ganga--one-died--two-missing"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/tapi-river-frunt.jpg" alt=""></a><br /><p>कौशांबी (उप्र) छह जनवरी (भाषा) जिले के कड़ा धाम थाना क्षेत्र में गंगा स्नान के दौरान सोमवार को एक ही परिवार के चार लोग नदी में डूब गए जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा अस्पताल में भर्ती है जबकि दो लापता हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, लापता व्यक्तियों की गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है । अब तक तक उनका पता नहीं चला है।</p>
<p>थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दारानगर निवासी जेके मिश्रा अपने परिवार के साथ 10 दिन पूर्व दिवंगत हुए अपने पिता मनमोहन मिश्रा का दसवां श्राद्ध करने थाना क्षेत्र के कड़ा घाट पर सोमवार को आए थे। जेके मिश्रा (50) के साथ उनके छोटे भाई जनार्दन मिश्रा (45), बेटे शिखर (28) और भतीजे ऋषभ मिश्रा (20) भी उपस्थित थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मुंडन संस्कार करवाने के बाद चारों गंगा स्नान करने लगे और तभी स्नान करते समय गहरे पानी में जाने से चारों डूब गए ।</p>
<p>सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गोताखोरों की सहायता से जेके मिश्रा व उनके बेटे शिखर मिश्रा को नदी से बाहर निकाल लिया तथा दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां इलाज के दौरान जेके मिश्रा की मौत हो गई ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जनार्दन मिश्रा और उनके बेटे ऋषभ का पता नहीं चला है।</p>
<p>सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए।</p>
<p>दोनों लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए गोताखोरों द्वारा बचाव अभियान जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/118357/four-people-of-the-same-family-drowned-while-bathing-in-ganga--one-died--two-missing</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 18:51:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में रह रहे हिन्दू परिवारों को मिलेगा अपने परिजनों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने के लिए विशेष वीजा</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार 426 पाकिस्तानी हिंदू परिवार भारत आकर अपने परिजनों की अस्थियां गंगा में बहा सकेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88885/hindu-families-living-in-pakistan-will-get-special-visa-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/a20230111-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>आजादी के समय भारत से अलग हुए पाकिस्तान में कई हिंदू परिवार रहते हैं। इन हिन्दू परिवार के लोगों की आस्था और विश्वास अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा नदी में विसर्जित करना है। इसके लिए भारत सरकार ने ऐसे हिंदू परिवारों को विशेष मामलों में 10 दिन का वीजा देने का फैसला किया है।</p>
<p>पाकिस्तान में हिंदू समर्थक समूहों ने भारत सरकार के इस फैसले का  स्वागत करते हुए खूब सराहना की है। ऐसे में इस बार 426 पाकिस्तानी हिंदू परिवार भारत आकर अपने परिजनों की अस्थियां गंगा में बहा सकेंगे।</p>
<p><strong>पहले इस शर्त पर मिलता था वीजा</strong></p>
<p>आपको बता दें कि इससे पहले सिर्फ उन्हीं पाकिस्तानी हिंदू परिवारों को भारत आने का वीजा मिलता था, जिनका कोई रिश्तेदार भारत में रह रहा हो। लेकिन इस बार अस्थि विसर्जन के लिए भारत आने के इच्छुक पाकिस्तानी हिंदू परिवारों को भी वीजा मिलेगा.</p>
<p><strong>पाकिस्तानी शमशानों में हिंदू परिजनों की अस्थियों का खत्म होगा इंतजार</strong></p>
<p>पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों ने अपने रिश्तेदारों की मौत के बाद उनकी अस्थियों को पाकिस्तानी श्मशान घाट में सुरक्षित रख लिया है। उसे आशा थी कि यदि वह कभी भारत जा सके तो इन अस्थियों को गंगा नदी में विसर्जित किया जा सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, 400 से ज्यादा लोगों की अस्थियां गंगा नदी में प्रवाहित किए जाने का इंतजार कर रही थीं। ये अस्थियाँ वर्तमान में कराची के मंदिरों और श्मशान घाटों में संरक्षित हैं। पाकिस्तान में 22 लाख से ज्यादा हिंदू रहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 11 Jan 2023 22:51:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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