<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5622/amarnath-yatra" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Amarnath Yatra - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5622/rss</link>
                <description>Amarnath Yatra RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर : भूस्खलन के कारण अमरनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे तीर्थ तीर्थयात्री, भारतीय सेना ने बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 जुलाई (वेब वार्ता)। भारतीय सेना ने बुधवार शाम को जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से फंसे सैकड़ों अमरनाथ यात्रियों को बचाया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:15 बजे, रायलपथरी और ब्रारीमार्ग के बीच जेड मोड़ पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा अचानक रुक गई। इस कारण सैकड़ों यात्री मुश्किल इलाके में फंस गए। हालांकि, भारतीय सेना की ब्रारीमार्ग टुकड़ी को कुछ ही मिनटों में तैनात कर दिया गया।</p>
<p>भारतीय सेना ने वहां फंसे यात्रियों को बचाया और लगभग 500 यात्रियों को सेना के टेंटों में सुरक्षित ठहराया गया है। साथ ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141968/indian-army-rescued-pilgrimage-trapped-on-amarnath-yatra-route-due"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 जुलाई (वेब वार्ता)। भारतीय सेना ने बुधवार शाम को जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से फंसे सैकड़ों अमरनाथ यात्रियों को बचाया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:15 बजे, रायलपथरी और ब्रारीमार्ग के बीच जेड मोड़ पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा अचानक रुक गई। इस कारण सैकड़ों यात्री मुश्किल इलाके में फंस गए। हालांकि, भारतीय सेना की ब्रारीमार्ग टुकड़ी को कुछ ही मिनटों में तैनात कर दिया गया।</p>
<p>भारतीय सेना ने वहां फंसे यात्रियों को बचाया और लगभग 500 यात्रियों को सेना के टेंटों में सुरक्षित ठहराया गया है। साथ ही उन्हें चाय और पीने का पानी भी दिया गया है। इसके अलावा, करीब 3,000 अन्य यात्रियों ने ब्रारीमार्ग और जेड मोड़ के बीच लंगरों में शरण ली है, जहां उन्हें आश्रय और भोजन समेत आवश्यक सहायता प्रदान की गई है।</p>
<p>एक गंभीर रूप से बीमार यात्री रायलपथरी में दो भूस्खलन स्थलों के बीच फंस गया था। सेना की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) ने जोखिम भरे रास्तों और खराब मौसम में मैनुअल स्ट्रेचर से उसे सुरक्षित निकाला और रायलपथरी लाया, जहां से उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।</p>
<p>ब्रारीमार्ग के कैंप डायरेक्टर और सेना के कंपनी कमांडर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।</p>
<p>भारतीय सेना ने पुष्टि की है कि स्थिति अब स्थिर और नियंत्रण में है। क्षेत्र में हल्की बारिश जारी रहने के कारण सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं। यह बचाव और राहत अभियान उच्च-ऊंचाई वाले और आपदा क्षेत्रों में नागरिकों की रक्षा के लिए भारतीय सेना के अटूट संकल्प और तत्परता को दर्शाता है।</p>
<p>अप्रत्याशित मौसम के बीच अमरनाथ यात्रा आगे बढ़ रही है। इस यात्रा के दौरान सेना न केवल सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि जीवन रक्षक सहायता और करुणा के साथ दृढ़ता से खड़ी है।</p>
<p>भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि राष्ट्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो हर चुनौती में यात्रियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141968/indian-army-rescued-pilgrimage-trapped-on-amarnath-yatra-route-due</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141968/indian-army-rescued-pilgrimage-trapped-on-amarnath-yatra-route-due</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 15:20:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी, 90 हजार से अधिक लोगों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>श्रीनगर, 08 जुलाई (वेब वार्ता)। पिछले पांच दिनों से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और हर दिन तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को 7,541 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 03 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 90 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 7,541 यात्रियों का जत्था दो सुरक्षित काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। पहला काफिला, जिसमें 148 वाहन थे और 3,321 यात्री थे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141777/amarnath-yatra-more-than-90-thousand-people-visited-baba-barfani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर, 08 जुलाई (वेब वार्ता)। पिछले पांच दिनों से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और हर दिन तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को 7,541 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 03 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 90 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 7,541 यात्रियों का जत्था दो सुरक्षित काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। पहला काफिला, जिसमें 148 वाहन थे और 3,321 यात्री थे, सुबह 2:55 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। वहीं, दूसरा काफिला, जिसमें 161 वाहन और 4,220 यात्री थे, सुबह 4:03 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।</p>
<p>श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि भगवती नगर यात्री निवास से घाटी पहुंचने वाले यात्रियों के अलावा, कई श्रद्धालु सीधे ट्रांजिट कैंपों और दो बेस कैंपों पर पहुंचकर तुरंत पंजीकरण करवाकर अमरनाथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं।</p>
<p>इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।</p>
<p>180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।</p>
<p>सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं। पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है।</p>
<p>हर साल की तरह इस साल भी स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा में पूरा सहयोग दिया है। पहलगाम आतंकी हमले से कश्मीरियों के आहत होने का संदेश देने के लिए, स्थानीय लोग पहले जत्थे के यात्रियों का स्वागत करने सबसे पहले पहुंचे। जैसे ही यात्री नौगाम सुरंग पार कर काजीगुंड से कश्मीर घाटी में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</p>
<p>बता दें कि अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई है और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी। श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141777/amarnath-yatra-more-than-90-thousand-people-visited-baba-barfani</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141777/amarnath-yatra-more-than-90-thousand-people-visited-baba-barfani</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:49:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा : भगवान भोले के जयकारों के साथ जम्मू से पहला जत्था रवाना, उपराज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। जम्मू ‘बम-बम भोले’ के नारों से गूंज रहा है। भगवान शिव शंकर के जयकारों के बीच भगवती नगर बेस कैंप से बुधवार सुबह अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना हुआ।</p>
<p>पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए। पूजा के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</p>
<p>पहले चरण में लगभग 4500 श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ। उपराज्यपाल ने कहा, “एक बार फिर जम्मू में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन देखने को मिल रहा है। यह आतंकवाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141681/amarnath-yatra-the-first-batch-from-jammu-with-the-cheers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। जम्मू ‘बम-बम भोले’ के नारों से गूंज रहा है। भगवान शिव शंकर के जयकारों के बीच भगवती नगर बेस कैंप से बुधवार सुबह अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना हुआ।</p>
<p>पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए। पूजा के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</p>
<p>पहले चरण में लगभग 4500 श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ। उपराज्यपाल ने कहा, “एक बार फिर जम्मू में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन देखने को मिल रहा है। यह आतंकवाद पर एक बहुत बड़ा तमाचा है कि देशभर से श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं।”</p>
<p>एलजी मनोज सिन्हा ने सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के पवित्र निवास तक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के लिए शांति और आशीर्वाद के लिए बाबा अमरनाथ से प्रार्थना की। पहले जत्थे में शामिल एक महिला ने कहा कि बहुत ही अच्छा लगा है। हमें इस बात की भी खुशी है कि हम पहले जत्थे के साथ रवाना हो रहे हैं।</p>
<p>सुरक्षा के मसले पर श्रद्धालुओं ने कहा कि जब तक हमारी सेना और प्रधानमंत्री मोदी हैं, तब तक कोई हमारा ‘बाल भी बांका’ नहीं कर सकता है। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है। एक व्यक्ति ने कहा, “हम लोगों को यही संदेश देंगे कि बिना डर के यहां आएं। बिंदास होकर इस यात्रा के लिए पहुंच सकते हैं।”</p>
<p>पुरानी मंडी मंदिर के महंत रामेश्वर दास ने कहा कि यात्रा में लोगों के मन में उत्साह है। लोगों में निडरता है, भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। बाबा के दर्शन के लिए सरकार ने बहुत अच्छी सुविधाएं दी हैं। पहले के मुकाबले इस बार यात्रा अच्छी होगी।</p>
<p>निडरता के साथ भक्त यात्रा के लिए निकलकर आ रहे हैं। लोगों में किसी तरह का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिए मुंहतोड़ जवाब है, जो इसे कमजोर करने के प्रयास करते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि यात्रा इस बार और भी अच्छी होने वाली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141681/amarnath-yatra-the-first-batch-from-jammu-with-the-cheers</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141681/amarnath-yatra-the-first-batch-from-jammu-with-the-cheers</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 15:05:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा के मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई, चेहरा पहचानने वाली प्रणाली (एफआरएस) लगाई गई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>श्रीनगर, 30 जून (वेब वार्ता)। अमरनाथ यात्रा से पहले दक्षिण कश्मीर के पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर उच्च तकनीक वाले उपकरणों की तैनाती समेत कई उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>इस वर्ष पहली बार, अमरनाथ यात्रा के पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर रणनीतिक स्थानों पर चेहरा पहचानने वाली प्रणाली (एफआरएस) लगाई गई है। इस तकनीक के ज़रिए 19 जून को आतंकवादी संगठनों के लिए काम करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी।</p>
<p>एफआरएस प्रणाली में सक्रिय आतंकवादियों और संदेहास्पद ओवरग्राउंड वर्करों की तस्वीरें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141648/security-increased-face-identifying-system-frs-on-the-routes-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर, 30 जून (वेब वार्ता)। अमरनाथ यात्रा से पहले दक्षिण कश्मीर के पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर उच्च तकनीक वाले उपकरणों की तैनाती समेत कई उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>इस वर्ष पहली बार, अमरनाथ यात्रा के पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर रणनीतिक स्थानों पर चेहरा पहचानने वाली प्रणाली (एफआरएस) लगाई गई है। इस तकनीक के ज़रिए 19 जून को आतंकवादी संगठनों के लिए काम करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी।</p>
<p>एफआरएस प्रणाली में सक्रिय आतंकवादियों और संदेहास्पद ओवरग्राउंड वर्करों की तस्वीरें फीड की गई हैं ताकि यदि कोई काली सूची में डाला गया व्यक्ति निगरानी कैमरों के दायरे में आता है तो यह प्रणाली तुरंत सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दे।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया, ‘जैसे ही काली सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति कैमरे की जद में आएगा, सुरक्षा बलों द्वारा संचालित निगरानी केंद्र पर हूटर बजने लगेगा, ताकि खतरे को समाप्त करने के लिए वास्तविक समय में कदम उठाए जा सकें।’</p>
<p>इसके अतिरिक्त, कश्मीर घाटी से गुजरने वाले पूरे यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया गया है और अधिकारियों ने एक जुलाई से 10 अगस्त तक इन क्षेत्रों में किसी भी यूएवी या ड्रोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।</p>
<p>दक्षिण कश्मीर हिमालय में भगवान शिव का निवास स्थान माने जाने वाले पवित्र गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी और रक्षा बंधन के दिन नौ अगस्त को समाप्त होगी। इस वर्ष यात्रा की अवधि पिछले वर्ष की 52 दिनों की अवधि की तुलना में घटाकर 38 दिन कर दी गई है।</p>
<p>उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पिछले एक सप्ताह से आधार शिविरों का दौरा कर रहे हैं और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।</p>
<p>सिन्हा ने सोमवार को बालटाल आधार शिविर में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने वरिष्ठ अधिकारियों (श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के) और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद मैं कह सकता हूं कि इस वर्ष व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं। सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय अच्छा है और वे सभी सतर्क हैं।’</p>
<p>जम्मू से लेकर पवित्र गुफा तक के पूरे मार्ग पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी और सभी आधार शिविरों को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है।</p>
<p>जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। राजमार्ग से जुड़ने वाली लिंक सड़कों पर कुछ संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141648/security-increased-face-identifying-system-frs-on-the-routes-of</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141648/security-increased-face-identifying-system-frs-on-the-routes-of</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 21:43:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा: श्रद्धालुओं के लिए उधमपुर में बनाए गए लॉजमेंट सेंटर्स, मिलेगी हर सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उधमपुर, 26 जून (वेब वार्ता)। आगामी 3 जुलाई से शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में उधमपुर जिले में भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों के ठहराव के लिए 26 लॉजमेंट सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। जिला आयुक्त सलोनी राय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सलोनी राय खुद लॉजमेंट सेंटर्स का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने एक सेंटर पर पहुंचकर तैयारियों का पूरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141549/amarnath-yatra-will-get-every-facility-for-devotees-in-udhampur"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>उधमपुर, 26 जून (वेब वार्ता)। आगामी 3 जुलाई से शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में उधमपुर जिले में भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों के ठहराव के लिए 26 लॉजमेंट सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। जिला आयुक्त सलोनी राय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सलोनी राय खुद लॉजमेंट सेंटर्स का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने एक सेंटर पर पहुंचकर तैयारियों का पूरा जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ जिला अधिकारियों की एक टीम भी मौजूद रही। जिला आयुक्त ने कहा कि वो लगातार उन सेंटर्स पर जाकर व्यवस्थाओं को देख रही हैं।</p>
<p>यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को भी इन लॉजमेंट सेंटर्स पर मजबूत किया गया है। साथ ही, ट्रेन से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए उधमपुर रेलवे स्टेशन पर आरएफआईडी- कार्ड्स फैसिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है, जिससे उन्हें यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>
<p>डीसी सलोनी राय के मुताबिक, लॉजमेंट सेंटर्स में पानी, शौचालय, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। उनका कहना है कि यदि किसी कारणवश मौसम खराब होता है या यात्रा को उधमपुर में रोकना पड़ता है तो यात्रियों को ठहरने और आराम करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।</p>
<p>जिला आयुक्त ने कहा कि अमरनाथ यात्रा उधमपुर जिले से भी होकर गुजरती है। हमने 26 लॉजमेंट सेंटर्स बनाए हैं, जहां पर साढ़े 6 हजार लोगों के रुकने की क्षमता है। किसी कारण से यात्रा रुकती है तो उन यात्रियों को पूरी सुविधा इन लॉजमेंट सेंटर्स में मिलेगी। उन्होंने बताया कि हमने लॉजमेंट सेंटर्स पर अधिकारियों को तैनात किया है, जो सुनिश्चित करेंगे कि जो भी यात्री यहां रुकते हैं, उनको आरामदायक सुविधाएं मिलें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141549/amarnath-yatra-will-get-every-facility-for-devotees-in-udhampur</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141549/amarnath-yatra-will-get-every-facility-for-devotees-in-udhampur</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 15:31:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा के मार्गों को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>श्रीनगर, 17 जून (वेब वार्ता)। जम्मू कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाते हुए मंगलवार को यात्रा मार्गों को 'नो फ्लाइंग जोन' (उड़ान निषिद्ध क्षेत्र) घोषित किया।</p>
<p>अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्री दो मार्ग – पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p>उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि इस क्षेत्र में एक जुलाई से 10 अगस्त तक मानवरहित हवाई यान (यूएवी), ड्रोन, गुब्बारे समेत किसी भी प्रकार के विमानन यंत्र उड़ाना प्रतिबंधित है।</p>
<p>बहरहाल, यह पाबंदी मरीजों को उपचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141370/the-routes-of-amarnath-yatra-declared-no-flying-zone"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर, 17 जून (वेब वार्ता)। जम्मू कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाते हुए मंगलवार को यात्रा मार्गों को 'नो फ्लाइंग जोन' (उड़ान निषिद्ध क्षेत्र) घोषित किया।</p>
<p>अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्री दो मार्ग – पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p>उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि इस क्षेत्र में एक जुलाई से 10 अगस्त तक मानवरहित हवाई यान (यूएवी), ड्रोन, गुब्बारे समेत किसी भी प्रकार के विमानन यंत्र उड़ाना प्रतिबंधित है।</p>
<p>बहरहाल, यह पाबंदी मरीजों को उपचार के लिए विमान से ले जाने, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी उड़ानों पर लागू नहीं होगी। ऐसे अपवादों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी।</p>
<p>आदेश में कहा गया है कि तीन जुलाई से शुरू हो रही श्री अमरनाथजी यात्रा के मद्देनजर यात्रा के सुचारू एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए विभिन्न सुरक्षा बंदोबस्त किए जा रहे हैं।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सलाह दी है कि श्री अमरनाथजी यात्रा के पूरे मार्ग को एक जुलाई से 10 अगस्त तक 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया जाए।</p>
<p>आदेश में कहा गया है, ''इसलिए, श्री अमरनाथजी यात्रा, 2025 के दौरान मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यात्रा के सभी मार्गों को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया जाता है, जिसमें पहलगाम और बालटाल दोनों मार्ग शामिल हैं।''</p>
<p>पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए हैं। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी थी।</p>
<p>अमरनाथ यात्रा में हर साल देशभर से हजारों तीर्थयात्री शामिल होते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141370/the-routes-of-amarnath-yatra-declared-no-flying-zone</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141370/the-routes-of-amarnath-yatra-declared-no-flying-zone</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 15:49:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीनगर : 3,700 तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था जम्मू से कश्मीर घाटी रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू, 17 जुलाई (हि.स.)। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार को अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 3,700 तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुआ।<br /><br />भगवती नगर आधार शिविर से सीआरपीएफ की सुरक्षा में 127 वाहनों में सवार होकर तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था सुबह 3ः05 बजे रवाना हुआ। इस जत्थे में 2,734 पुरुष, 952 महिलाएं और नौ बच्चे शामिल हैं। 2,305 तीर्थयात्रियों ने पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग को चुना जबकि 1,435 ने छोटे लेकिन अधिक कठिन 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना।<br /><br />52 दिवसीय यात्रा 29 जून को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103181/srinagar-20th-batch-of-3700-pilgrims-leaves-for-kashmir-valley"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/b17072024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू, 17 जुलाई (हि.स.)। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार को अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 3,700 तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुआ।<br /><br />भगवती नगर आधार शिविर से सीआरपीएफ की सुरक्षा में 127 वाहनों में सवार होकर तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था सुबह 3ः05 बजे रवाना हुआ। इस जत्थे में 2,734 पुरुष, 952 महिलाएं और नौ बच्चे शामिल हैं। 2,305 तीर्थयात्रियों ने पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग को चुना जबकि 1,435 ने छोटे लेकिन अधिक कठिन 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना।<br /><br />52 दिवसीय यात्रा 29 जून को कश्मीर के बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से औपचारिक रूप से शुरू हुई थी। यह 19 अगस्त को समाप्त होगी। अधिकारियों ने बताया कि 3.40 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहले ही मंदिर में मत्था टेक चुके हैं। उधर, डोडा जिले के देसा इलाके में घात लगाकर किए गए हमले में चार सुरक्षाकर्मियों के बलिदान और हाल की आतंकी घटनाओं के बाद बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कड़ी की गई है। यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा, क्षेत्र प्रभुत्व, मार्ग तैनाती और चौकियों सहित व्यापक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103181/srinagar-20th-batch-of-3700-pilgrims-leaves-for-kashmir-valley</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/103181/srinagar-20th-batch-of-3700-pilgrims-leaves-for-kashmir-valley</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 15:20:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-07/b17072024-06.jpg"                         length="120538"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 62 दिनों तक चलेगी, सोमवार से शुरू होंगे ऑफलाइन पंजीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारी तेज हो गई है। इस बार एक जुलाई से 30 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर की 20 बैंक शाखाओं में सोमवार से ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए देश भर में चार बैंकों की 542 शाखाओं में पंजीकरण करवाया जाएगा।<br /><br />जम्मू जिला में सबसे अधिक छह बैंक शाखाएं चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा डोडा में 2, कठुआ में 2, राजोरी, पुंछ, रामबन में 1.1, रियासी में 2, श्रीनगर, उधमपुर में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91318/this-year-amarnath-yatra-will-run-for-62-days-offline"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारी तेज हो गई है। इस बार एक जुलाई से 30 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर की 20 बैंक शाखाओं में सोमवार से ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए देश भर में चार बैंकों की 542 शाखाओं में पंजीकरण करवाया जाएगा।<br /><br />जम्मू जिला में सबसे अधिक छह बैंक शाखाएं चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा डोडा में 2, कठुआ में 2, राजोरी, पुंछ, रामबन में 1.1, रियासी में 2, श्रीनगर, उधमपुर में 1.1, सांबा में 2 और रामबन में 1 बैंक शाखा में यात्री पंजीकरण होगा। इसके लिए श्राइन बोर्ड के वेबसाइट से डाउनलोड किए गए फार्म पर तीन फोटो के अलावा 16 अप्रैल के बाद जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।<br /><br />इस वर्ष पहली बार अमरनाथ यात्रा 62 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा के दौरान पवित्र गुफा में सुबह और शाम के समय होने वाली आरती का सीधा प्रसारण किया जाएगा। श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग पर विभिन्न शिविरों में सुविधाओं के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। शिविरों में सुविधाओं और पौनी व पालकी वालों की सेवाओं के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यात्रा के पहलगाम व बालटाल दोनों मार्गों पर शिविर तैयार करने, मरम्मत कार्य व अन्य ढांचागत सुविधाओं के लिए टेंडर निकाले गए हैं। नीलग्रथ हेलीपैड के पास कैफेटेरिया के लिए भी टेंडर मांगे गए हैं।<br /><br />पहलगाम मार्ग पर विभिन्न जगहों में वाटर स्टोरेज टैंक की मरम्मत व वाटर प्यूरीफायर की सेवा के लिए भी टेंडर मांगे गए हैं। शेषनाग कैंप में मरम्मत कार्य, नुनवान शिविर में टायलेट आसपास क्षेत्रों में सफाई, नुनवान कैंप में विभिन्न जगहों पर नए नालियों के निर्माण, चंदनवाड़ी शेषनाग और चंदनवाड़ी से यात्रा मार्ग पर साइन बोर्ड लगाने और बाद में हटाने के लिए और पवित्र गुफा के पास सीढ़ियों के शेड कार्य के लिए भी निविदा आमंत्रित किए गए है।<br /><br />अमरनाथ यात्रा हिन्दू धर्म का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह भारत के जम्मू और कश्मीर प्रदेश की राजधानी श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किमी दूर समुद्रतल से 13,600 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इस गुफा की लंबाई (भीतर की ओर गहराई) 19 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर है। गुफा 11 मीटर ऊंची है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है, क्योंकि यहीं पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91318/this-year-amarnath-yatra-will-run-for-62-days-offline</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/91318/this-year-amarnath-yatra-will-run-for-62-days-offline</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Apr 2023 19:11:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/amarnath-yatra.jpg"                         length="108480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोविड महामारी के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा रद्द, आरती का होगा सीधा प्रसारण</title>
                                    <description><![CDATA[श्राइन बोर्ड की वैबसाइट पर किया जाएगा आरती का लाइव प्रसारण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82518/amarnath-yatra-canceled-in-view-of-kovid-epidemic-aarti-will-be-broadcast-live"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/1062_s23-210621.jpg" alt=""></a><br /><div>श्रीनगर, 21 जून (आईएएनएस)| जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार को कोविड महामारी के मद्देनजर आमजन के लिए इस बार अमरनाथ की यात्रा को रद्द करने का फैसला किया है। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन का कहना है कि वार्षिक तौर पर होने वाली अमरनाथ यात्रा इस साल केवल प्रतीकात्मक होगी, लेकिन गुफा के अंदर मंदिर में सभी पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।</div><div><span style="font-size:1rem;">निर्णय से पहले वर्तमान कोविड-19 की स्थिति पर श्राइन बोर्ड के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। </span><span style="font-size:1rem;">उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, ने मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, डीजीपी दिलबाग सिंह, प्रमुख सचिव (गृह) शालीन काबरा और उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नितीश्वर कुमार के साथ विचार-विमर्श किया। कुमार श्राइन बोर्ड के सीईओ भी हैं। राज्यपाल की ओर से निर्देश दिया गया कि भक्तों को ऑनलाइन तरीके से सुबह और शाम की आरती में शामिल होने के लिए सक्षम बनाया जाए।</span></div><div>उन्होंने कहा कि इससे उन्हें यात्रा और जोखिम से बचने के साथ-साथ उनके दर्शन करने में मदद मिलेगी। <span style="font-size:1rem;">बैठक में बताया गया कि श्राइन बोर्ड ने पवित्र गुफा से आरती के सीधे प्रसारण के लिए वर्चुअल और टेलीविजन तंत्र स्थापित किया है।</span><span style="font-size:1rem;">उपराज्यपाल ने कहा, लोगों के जीवन को बचाना महत्वपूर्ण है। इसलिए, इस वर्ष की तीर्थयात्रा को व्यापक जनहित में आयोजित करना उचित नहीं है। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड लाखों भक्तों की भावनाओं को समझता है और उनका सम्मान करता है। बोर्ड पवित्र गुफा मंदिर से सुबह और शाम की आरती का सीधा प्रसारण जारी रखेगा।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">उन्होंने प्रथम पूजा और समापन पूजा जैसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि आरती करने के लिए गुफा मंदिर में जाने वाले संत कोविड के उचित व्यवहार का पालन करेंगे। </span><span style="font-size:1rem;">श्राइन बोर्ड के सीईओ ने कहा कि भगवान शिव की गदा छड़ी मुबारक को 22 अगस्त को पवित्र गुफा में ले जाने की व्यवस्था की गई है, जब रक्षा बंधन के त्योहार के साथ यात्रा समाप्त होती है।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">उन्होंने कहा, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड केंद्र शासित प्रदेश और देश में कोविड की स्थिति का आकलन कर रहा है। हमारा ध्यान महामारी को रोकने और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है। </span><span style="font-size:1rem;">कुमार ने कहा कि सुबह की आरती का प्रसारण 6 बजे शाम की आरती का प्रसारण 5 बजे होगा, जो कि 30-30 मिनट का कार्यक्रम होगा। इसका प्रसारण श्राइन बोर्ड की वेबसाइट और विशेष रूप से भक्तों के लिए समर्पित ऐप पर लाइव-स्ट्रीम किया जाना है। </span><span style="font-size:1rem;">श्रद्धालु तीर्थस्थल बोर्ड के लिंक के माध्यम से पवित्र बफार्नी के दर्शन कर सकते हैं। आरती बोर्ड के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी देखी जा सकेगी, जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।</span></div><div>(Disclaimer: यह खबर सीधे समाचार एजेंसी की सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है। इसे लोकतेज टीम ने संपादित नहीं किया है।)<br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82518/amarnath-yatra-canceled-in-view-of-kovid-epidemic-aarti-will-be-broadcast-live</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/82518/amarnath-yatra-canceled-in-view-of-kovid-epidemic-aarti-will-be-broadcast-live</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Jun 2021 22:04:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-06/1062_s23-210621.jpg"                         length="45115"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा का ऑनलाइन पंजीकरण 15 अप्रैल से</title>
                                    <description><![CDATA[13 वर्ष से कम या 75 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को इस वर्ष की यात्रा के लिए पंजीकृत नहीं किया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82001/online-registration-of-amarnath-yatra-from-april-15"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/7781_s21-11042021.jpg" alt=""></a><br /><div>जम्मू, 12 अप्रैल (आईएएनएस)| श्री अमरनाथजी यात्रा 2021 के लिए तीर्थयात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण बालटाल और चंदनवारी दोनों मार्गो के लिए 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष की 56-दिवसीय यात्रा 28 जून से दोनों मार्गो पर एक साथ शुरू होगी और 22 अगस्त, 2021 को रक्षाबंधन पर समाप्त होगी।</div><div><span style="font-size:1rem;">श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीतीश्वर कुमार ने बताया कि इच्छुक यत्रियों को 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट जेकेएसएएसबी डॉट निक डॉट इन' पर जाना होगा और रजिस्टर पर क्लिक करना होगा। इसके बाद यात्रियों को गाइड किया जाएगा। उसे ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपना विवरण भरना होगा और अपनी तस्वीर और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (सीएचसी) संलग्न करना होगा।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">सीईओ ने बताया कि यात्री उनके आवेदनों को विधिवत संसोधित करने के बाद यात्रा परमिट डाउनलोड कर सकेंगे। यात्रा के दौरान यात्रियों को अपनी मूल फोटो पहचान पत्र और सीएचसी अपने साथ रखना होगा।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">सीईओ ने आगे बताया कि 13 वर्ष से कम या 75 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को इस वर्ष की यात्रा के लिए पंजीकृत नहीं किया जाएगा। हेलीकॉप्टर से यात्रा करने का प्रस्ताव रखने वाले यात्रियों को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि उनके हेलीकॉप्टर टिकट इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त होंगे। हालांकि, हेलीकॉप्टर से यात्रा करने की अनुमति देने से पहले, उन्हें अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी किए गए निर्धारित प्रारूप में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (सीएचसी) लाना होगा।</span><br /></div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82001/online-registration-of-amarnath-yatra-from-april-15</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/82001/online-registration-of-amarnath-yatra-from-april-15</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Apr 2021 08:57:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-04/7781_s21-11042021.jpg"                         length="97573"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        