<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5608/jaisalmer" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Jaisalmer - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5608/rss</link>
                <description>Jaisalmer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'भारत शक्ति' अभ्यास में युद्धक तथा प्रहार क्षमताओं का प्रदर्शन, धमाकों से गूंजा पोखरण</title>
                                    <description><![CDATA[स्वदेशी विमानों, हेलीकॉप्टरों, मिसाइलों और रक्षा प्लेटफार्मों का हुआ अद्भुत प्रदर्शन
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/100140/demonstration-of-combat-and-strike-capabilities-in-bharat-shakti-exercise"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d12032024-05.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 12 मार्च (हि.स.)। भारत की तीनों सेनाओं ने पश्चिमी सीमा पर मंगलवार को भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक पोखरण फायरिंग रेंज (राजस्थान) में 'भारत शक्ति' अभ्यास करके अपनी युद्धक तथा प्रहार क्षमताओं का प्रदर्शन करके धमाकों से गुंजा दिया। चार्ली रेंज में बनाए गए दुश्मन के प्रतीकात्मक लक्ष्यों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने स्वदेशी हथियारों से बर्बाद करने का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। पिनाका राकेट ने 17 किमी. दूर लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाकर 'आत्मनिर्भर भारत' के स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण की ताकत दिखाई।<br /><br />पोखरण फायरिंग रेंज में करीब एक घंटे तक चले युद्धाभ्यास के लिए 10 से 15 किमी. के दायरे में दुश्मन के प्रतीकात्मक रसद केंद्र, आतंकी ठिकाने, हवाई पट्टी, टैंक और तोपखाना प्रणाली, ब्रिज, ड्रोन, तेल डिपो, कमांड सेंटर बनाए गए थे। इस हाईवोल्टेज हवाई युद्धाभ्यास 'भारत शक्ति' में तीनों सेनाओं ने स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का समन्वित प्रदर्शन किया। एलएचएस प्रचंड ने बमबारी करके दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर दिया। अभ्यास के दौरान भारत में निर्मित हथियार प्रणालियां, अर्जुन टैंक, धनुष होवित्जर, तेजस लड़ाकू विमान और एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों ने अपनी मारक क्षमता दिखाई।<br /><br />रक्षा क्षेत्र में भारत की 'आत्मनिर्भरता' के इस प्रदर्शन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने भी देखा। त्रि-सेवा लाइव फायर और युद्धाभ्यास के रूप में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन समाप्त होते ही पोखरण रेंज 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गूंज उठा।<br /><br />भारतीय नौसेना के मार्कोस और भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो ने घुसपैठ रोकने का सफल ऑपरेशन किया, जबकि युद्ध के मैदान की निगरानी दूर से संचालित विमान और ड्रोन के जरिये की गई। इसके बाद लंबी दूरी के हथियारों और आर्टिलरी गन से लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाकर उन्हें नष्ट किये जाने का प्रदर्शन किया गया। स्थिर प्रदर्शन में हथियार का पता लगाने वाले रडार स्वाति ने भी दुश्मन के ठिकानों का पता लगाने में भूमिका निभाई।अभ्यास के दौरान भारत में निर्मित पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, अर्जुन टैंक, धनुष होवित्जर, तेजस लड़ाकू विमान और एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर के विभिन्न संस्करण अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/100140/demonstration-of-combat-and-strike-capabilities-in-bharat-shakti-exercise</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/100140/demonstration-of-combat-and-strike-capabilities-in-bharat-shakti-exercise</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Mar 2024 19:25:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-03/d12032024-05.jpg"                         length="47633"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पोखरण फायरिंग रेंज में युद्धाभ्यास करके भारत ने दिखाई आसमानी 'वायुशक्ति'</title>
                                    <description><![CDATA[ स्वदेशी विमानों, हेलीकॉप्टरों, मिसाइलों और रक्षा प्लेटफार्मों का हुआ अद्भुत प्रदर्शन
 ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/99528/india-showed-off-its-air-power-by-conducting-maneuvers-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-02/d18022024-15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 17 फरवरी (हि.स.)। वायु सेना ने शनिवार की शाम भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक पोखरण फायरिंग रेंज (राजस्थान) में 'वायुशक्ति' अभ्यास करके अपनी युद्धक तथा प्रहार क्षमताओं का प्रदर्शन किया। लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों से करीब दो घंटे तक कई तरह की मिसाइलें और गोला-बारूद दागने से बिलकुल युद्ध जैसा माहौल बन गया। फ्रांसीसी विमान राफेल और स्वदेशी प्रचंड हेलीकॉप्टर ने पहली बार देश के भीतर किसी युद्धाभ्यास में हिस्सा लेकर अपनी हवाई ताकत दिखाई। सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणाली 'समर' का भी पहली बार इस अभ्यास में इस्तेमाल किया गया।<br /><br />राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए हाईवोल्टेज हवाई युद्धाभ्यास 'वायुशक्ति' को तीन हिस्सों डे इवेंट, डस्ट इवेंट और नाइट इवेंट में बांटा गया था। तीनों इवेंट में कुल मिलाकर 33 हवाई प्रदर्शन किए गए। डे इवेंट में सूर्यास्त से पहले 23 जबरदस्त आसमानी करतब हुए, जिसमें फ्लैग ट्रुपिंग, सुपरसोनिक रन, हवा से हवा में मिसाइल फायरिंग की गई। इस अभ्यास में सेना की बंदूकों को भी एयरलिफ्ट किया गया था। फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू जेट और दुनिया के पहले लड़ाकू हेलीकॉप्टर स्वदेशी 'प्रचंड' ने पहली बार भारत में इस तरह के बड़े युद्धाभ्यास में हिस्सा लेकर अपनी क्षमताओं को दिखाया।<br /><br />वायु सेना ने इस युद्धाभ्यास में लक्ष्य पर सटीक बमबारी करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। स्वदेशी लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव से दागी गई मिसाइलों ने एयरोस्पेस में भारत की ताकत का प्रदर्शन किया। 'वायुशक्ति' अभ्यास के दूसरे सत्र यानी 'डस्ट इवेंट' में आकाशगंगा की टीम ने दो आसमानी करतब दिखाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। सूर्यास्त के बाद 'नाइट इवेंट में 08 हवाई प्रदर्शन किए गए, जिसमें सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणाली 'समर आकाश' का पहली बार इस अभ्यास में इस्तेमाल किया गया।<br /><br />पोखरण फायरिंग रेंज में करीब दो घंटे तक चले युद्धाभ्यास के लिए एक से ढाई किमी. के दायरे में दुश्मन के प्रतीकात्मक रसद केंद्र, आतंकी ठिकाने, हवाई पट्टी, टैंक और तोपखाना प्रणाली, ब्रिज, ड्रोन, तेल डिपो, कमांड सेंटर बनाए गए थे। भारत के लड़ाकू विमान राफेल, सुखोई-30, जगुआर, तेजस, मिग-29 ने इन पर लगभग 40-50 टन आयुध गिराकर दुश्मन के सभी ठिकानों को सटीकता के साथ नष्ट कर दिया। लगातार बम के थमाकों और मिसाइलों की गर्जना ने लगभग युद्ध जैसा माहौल पैदा कर दिया। एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने राकेट दागकर दुश्मन के एक ठिकाने को पूरी तरह खत्म करने का प्रदर्शन किया। स्वदेशी एलसीए तेजस ने आर-73 मिसाइल से दुश्मन की राडार प्रणाली को नष्ट किया।<br /><br />हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में राफेल से फ्रांसीसी मीका मिसाइल दागी। इसके अलावा दो सुखोई विमानों ने लगातार बमबारी करके दुश्मन के इलाके को धुआं-धुआं करके नेस्तनाबूत किया। इस दौरान सेना के रुद्र हेलीकॉप्टर ने दुश्मन के रिफ्यूलिंग सेंटर को पूरी तरह तबाह किया। परिवहन विमान सी-17 ने पैराशूट के जरिए अग्रिम इलाकों में तैनात भारतीय सैनिकों को रसद सामग्री पहुंचाने का प्रदर्शन किया। सुपर हरक्यूलिस सी-130जे ने छोटी हवाई पट्टी पर उतरकर अपने गरुड़ कमांडो को दुश्मन के इलाके में उतारने और मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर सुरक्षित अपने वायु क्षेत्र में लौटने का साहसी प्रदर्शन किया।<br /><br />अमेरिकी चिनूक हेलीकॉप्टर ने युद्ध क्षेत्र में तोपों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाकर दुश्मन को चकमा देने का अद्भुत प्रदर्शन किया। सेना की अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप को अमेरिकी चिनूक हेलीकॉप्टर ने नीचे लटकाने का प्रदर्शन करके अपनी परिवहन क्षमता दिखाई। इस अभ्यास में 120 से अधिक हवाई संपत्ति का प्रदर्शन हुआ, जिसमें कुल 77 लड़ाकू विमान, 41 हेलीकॉप्टर, 5 परिवहन विमान और 12 मानव रहित प्लेटफार्म थे।<br /><br />वायु सेना के विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने बताया कि यह प्रति तीन वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला त्रैवार्षिक अभ्यास है। इसका उद्देश्य पूर्ण स्पेक्ट्रम संचालन के लिए भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन और विमान एवं हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान एवं मानव रहित हवाई वाहनों की भागीदारी प्रदर्शित करना है। 'वायुशक्ति' का अंतिम संस्करण फरवरी, 2019 में आयोजित किया गया था। इसके बाद 2022 में 07 मार्च को जैसलमेर के पोखरण रेंज में होने वाला अभ्यास रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के चलते स्थगित कर दिया गया था। इसलिए यह हाईवोल्टेज युद्धाभ्यास चार साल बाद आयोजित हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/99528/india-showed-off-its-air-power-by-conducting-maneuvers-in</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/99528/india-showed-off-its-air-power-by-conducting-maneuvers-in</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Feb 2024 21:22:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-02/d18022024-15.jpg"                         length="40483"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जैसलमेर में अंतरराष्ट्रीय सरहद पर पाकिस्तानी ड्रोन और कबूतर पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 08 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में पाकिस्तान से भारत की सीमा में आए ड्रोन को सीमा सुरक्षा बलों के जवानों ने पकड़ा है। सीमा पार से आए ड्रोन के साथ कबूतर और पैराशूट का फटा हुआ कपड़ा भी बंधा था। ड्रोन के साथ बांधे गए कबूतर की मौत हो गई है।<br /><br />मामला जिले के सरहदी शाहगढ़ बल्ज इलाके में बीएसएफ बटालियन की खारिया पोस्ट का बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन की डमी ड्राइव होने की संभावना जताई है। एक और पाकिस्तानी कबूतर को शाहगढ़ इलाके में पकड़े जाने की जानकारी मिली है। जैसलमेर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/98494/pakistani-drone-and-pigeon-caught-on-international-border-in-jaisalmer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d08012024-03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 08 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में पाकिस्तान से भारत की सीमा में आए ड्रोन को सीमा सुरक्षा बलों के जवानों ने पकड़ा है। सीमा पार से आए ड्रोन के साथ कबूतर और पैराशूट का फटा हुआ कपड़ा भी बंधा था। ड्रोन के साथ बांधे गए कबूतर की मौत हो गई है।<br /><br />मामला जिले के सरहदी शाहगढ़ बल्ज इलाके में बीएसएफ बटालियन की खारिया पोस्ट का बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन की डमी ड्राइव होने की संभावना जताई है। एक और पाकिस्तानी कबूतर को शाहगढ़ इलाके में पकड़े जाने की जानकारी मिली है। जैसलमेर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने सोमवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/98494/pakistani-drone-and-pigeon-caught-on-international-border-in-jaisalmer</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/98494/pakistani-drone-and-pigeon-caught-on-international-border-in-jaisalmer</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 20:45:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-01/d08012024-03.jpg"                         length="67499"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान का संदिग्ध प्रशिक्षित बाज जैसलमेर में सीमा पर लगे कंटीले तारों में फंसकर मरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जैसलमेर , 01 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के सीमांत जिला जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगे कंटीले तारों में उलझकर सरहद पार से उड़कर आया एक प्रशिक्षित शिकारी बाज मर गया। इसे बीएसएफ ने बरामद किया है।<br /><br />बीएसएफ के सजग प्रहरियों ने पेट्रोलिंग के दौरान इसे जैसलमेर के शाहगढ़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगे कंटीले तारों से निकाला तो यह खुलासा हुआ। जीपीएस के एंटीना से लैस पाकिस्तान के इस संदिग्ध बाज के पंजों में रिंग (छल्ले) पड़े थे। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/98320/pakistans-suspected-trained-eagle-dies-after-getting-entangled-in-barbed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/d01012024-02.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर , 01 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के सीमांत जिला जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगे कंटीले तारों में उलझकर सरहद पार से उड़कर आया एक प्रशिक्षित शिकारी बाज मर गया। इसे बीएसएफ ने बरामद किया है।<br /><br />बीएसएफ के सजग प्रहरियों ने पेट्रोलिंग के दौरान इसे जैसलमेर के शाहगढ़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगे कंटीले तारों से निकाला तो यह खुलासा हुआ। जीपीएस के एंटीना से लैस पाकिस्तान के इस संदिग्ध बाज के पंजों में रिंग (छल्ले) पड़े थे। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/98320/pakistans-suspected-trained-eagle-dies-after-getting-entangled-in-barbed</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/98320/pakistans-suspected-trained-eagle-dies-after-getting-entangled-in-barbed</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jan 2024 19:27:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-01/d01012024-02.jpg"                         length="32298"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जैसलमेर के गजरूप सागर के पास मिला अंडे का जीवाश्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 10 सितंबर (हि.स.)। सीमांत व रेगिस्तानी जिला और पुरातन पुरा संपदा से भरपूर प्राचीन जैसलमेर जिले के गजरूप सागर के पहाड़ी क्षेत्र में अंडे का जीवाश्म मिला है। जो सम्भवतः करोड़ों वर्ष पूर्व लुप्त हुए डायनासोर का हो सकता है। भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उनको मेघवाल समाज के भीम कुंज पहाड़ी एरिया में भ्रमण के दौरान ये अंडे का जीवाश्म (एग फॉसिल) मिला है। पहले भी इस क्षेत्र में डायनासोर के जीवाश्म मिल चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वे और आईआईटी की टीम ने यहीं पर डायनासोर के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/95450/fossil-of-egg-found-near-gajroop-sagar-jaisalmer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-09/d10092023-13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 10 सितंबर (हि.स.)। सीमांत व रेगिस्तानी जिला और पुरातन पुरा संपदा से भरपूर प्राचीन जैसलमेर जिले के गजरूप सागर के पहाड़ी क्षेत्र में अंडे का जीवाश्म मिला है। जो सम्भवतः करोड़ों वर्ष पूर्व लुप्त हुए डायनासोर का हो सकता है। भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उनको मेघवाल समाज के भीम कुंज पहाड़ी एरिया में भ्रमण के दौरान ये अंडे का जीवाश्म (एग फॉसिल) मिला है। पहले भी इस क्षेत्र में डायनासोर के जीवाश्म मिल चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वे और आईआईटी की टीम ने यहीं पर डायनासोर के जीवाश्म खोजे थे।<br /><br />इणखिया के अनुसार एग फॉसिल किस प्रजाति का है, यह अनुसन्धान का विषय है। भू वैज्ञानिक काल क्रम के अनुसार ये एग फॉसिल डायनासोर या उस काल के किसी अन्य जीव का भी हो सकता है। ईणखिया ने बताया कि अनुसन्धान के बाद ही असली स्थिति स्पष्ट होगी।<br /><br />गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वे और आईआईटी की टीम ने यहीं पर डायनासोर के जीवाश्म खोजे थे। इणखिया के अनुसार यह किस प्रजाति का है, यह अनुसंधान का विषय है। उन्होंने बताया कि भू-वैज्ञानिक कालक्रम के अनुसार डायनासोर या उस काल के किसी जीव का यह एग फॉसिल हो सकता है। जैसलमेर की जेठवाई- गजरूप सागर इलाके की पहाड़ियों में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के वैज्ञानिक देबाशीष भट्टाचार्य, कृष्ण कुमार, प्रज्ञा पांडे और त्रिपर्णा घोष ने 2018 में रिसर्च शुरू किया था। जिले के जेठवाई गांव की पहाड़ियों में रिसर्च के दौरान सबसे पुराने शाकाहारी डायनासोर थारोसोरस के जीवाश्म मिले थे। सबसे ज्यादा डायनासोर की रीढ़, गर्दन, सूंड़, पूंछ और पसलियों के जीवाश्म मिले थे। थार रेगिस्तान में मिले डायनासोर के जीवाश्म को ‘थारोसोरस इंडिकस' यानी भारत के थार का डायनासोर नाम दिया गया है।<br /><br />थार का मरुस्थल भारत के मरुस्थल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भूगर्भ शास्त्रियों का दावा है कि थार के मरुस्थल के स्थान पर पहले विस्तृत समुद्र टेथिस सागर हुआ करता था। कार्बोनिफरस व पार्मियन पीरियड में यहां पर समुद्र का अस्तित्व था। यह खनिज संसाधनों की दृष्टि से काफी संपन्न है। यहां प्रमुख रूप से कोयला, प्राकृतिक गैस तथा तेल के बड़ी मात्रा में भंडार प्राप्त हुए हैं। इनके अलावा नमक, जिप्सम, लाल ग्रेनाइट, प्रसिद्ध पीला पत्थर तथा चूने पत्थर के प्राप्त भंडार भी पाए जाते हैं। जैसलमेर के आकल में बड़ी संख्या में जीवाश्म खण्ड रखे हैं। यहां रखे जीवाश्म करोड़ों सालों का इतिहास बयां करते हैं। ये जिवाश्म 180 करोड़ साल पुराने हैं। इन पत्थरों की बनावट समुद्री जीवों जैसी है, जो उस समय जीव थे और अब पत्थर रूप में हैं। ये इस बात की पुष्टि करते हैं कि यहां करोड़ों साल पहले समुद्र था। धरती संरचना में आए बदलाव के चलते अब यहां थार का मरुस्थल है। यह पत्थर सबूत है कि 180 करोड़ साल पहले थार मरुस्थल की जगह समुद्र था। आकल की जगह से 180 करोड़ साल पुराना ही जीवाश्म मिला जो किसी पेड़ से बना पाया गया। इस पत्थर में पेड़ के तने में बनने वाली परतों जैसी बनावट है, जो ये साबित करता है कि सागर के एक किनारे घने पेड़ थे।<br /><br />ऐसा माना जाता है कि मेसोजोइक महाकल्प में यह क्षेत्र समुद्र का हिस्सा था, जिसका प्रमाण 'आकल' (जैसलमेर) में स्थित जुरासिक काल की लकड़ियों के अवशेष 'कास्ट जीवाश्म पार्क' में देखे जा सकते हैं। इसके साथ-साथ ‘ब्रह्मसर' के आस-पास समुद्री निक्षेपों का प्रमाण मिला है। 'काष्ट जीवाश्म पार्क' में जीवाश्मों की आयु 18 करोड़ वर्ष आंकी गई है। आकल वुड फॉसिल्स पार्क में इसका प्रमाण जहां करोड़ों वर्षों पूर्व के विशाल वृक्षों के अवशेष मिट्टी में दबे हुए मिले हैं, वहीं भूगर्भशास्त्रियों का मत है कि यह क्षेत्र पहले एक बहुत ही उपजाऊ भाग था। बड़ी बड़ी नदियां बहती थी। किंतु भूगर्भिक हलचलों द्वारा इस क्षेत्र में भौगोलिक परिवर्तन हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/95450/fossil-of-egg-found-near-gajroop-sagar-jaisalmer</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/95450/fossil-of-egg-found-near-gajroop-sagar-jaisalmer</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 20:11:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-09/d10092023-13.jpg"                         length="48476"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जैसलमेर के नगराजा गांव के एक खेत के पास मिला संदिग्ध पाकिस्तानी गुब्बारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 8 अगस्त (हि.स.)। जैसलमेर के नगराजा गांव के एक खेत के पास मंगलवार को एक संदिग्ध पाकिस्तानी गुब्बारा मिला है। भारत पाकिस्तान की सीमा से करीब नब्बे किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में ये पाकिस्तानी गुब्बारा मिला है। तेज हवाओं में गुब्बारे के उड़ कर आने की आशंका जताई जा रही है।<br /><br />जैसलमेर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। प्रथम दृष्ट्या सोमवार को तेज हवा और आंधी के कारण गुब्बारे के उड़ कर सीमा पार से आना लग रहा है, फिर भी गांव तथा आसपास के लोगों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/94533/suspected-pakistani-balloon-found-near-a-farm-in-nagraja-village"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-08/d08082023-02.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जैसलमेर, 8 अगस्त (हि.स.)। जैसलमेर के नगराजा गांव के एक खेत के पास मंगलवार को एक संदिग्ध पाकिस्तानी गुब्बारा मिला है। भारत पाकिस्तान की सीमा से करीब नब्बे किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में ये पाकिस्तानी गुब्बारा मिला है। तेज हवाओं में गुब्बारे के उड़ कर आने की आशंका जताई जा रही है।<br /><br />जैसलमेर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। प्रथम दृष्ट्या सोमवार को तेज हवा और आंधी के कारण गुब्बारे के उड़ कर सीमा पार से आना लग रहा है, फिर भी गांव तथा आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त की जा रही है। खुहड़ी थाना पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी जांच पड़ताल में जुटी हैं। सीमा के इतना अंदर गुब्बारा मिलना जांच का विषय हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/94533/suspected-pakistani-balloon-found-near-a-farm-in-nagraja-village</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/94533/suspected-pakistani-balloon-found-near-a-farm-in-nagraja-village</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Aug 2023 20:30:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-08/d08082023-02.jpg"                         length="50348"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वडोदरा: सड़क बनी एक और परिवार का काल, जैसलमेर घुमने निकले परिवार के  तीन सदस्यों की दुर्घटना में हुई मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल</title>
                                    <description><![CDATA[दिवाली की छुट्टी में वडोदरा से जैसलमेर जा रहे परिवार की कार जैसलमेर के फतेहगढ़ के पास पत्थर से लदी ट्रॉली से जा टकराई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>इन दिनों राज्य में दिवाली की छुट्टी होने के कारण लोग इस समय बड़ी संख्या में घुमने जा रहे है। इन सब के कारण इन दिनों सड़क हादसों में भी बढोत्तरी हुई है। बीते दिनों में सड़क दुर्घटना के बहुत से मामले सामने आये है। इसी बीच एक और ऐसा मामला सामने आया है जहाँ दिवाली की छुट्टी में वडोदरा से जैसलमेर जा रहे परिवार गुरुवार रात जैसलमेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। परिवार की कार जैसलमेर के फतेहगढ़ के पास पत्थर से लदी ट्रॉली से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक पति-पत्नी और एक बेटा शामिल है। जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जब बच्चे को मामूली चोट आई।</div><div>जानकारी के अनुसार वडोदरा के छनी टीपी-13 क्षेत्र में रहने वाले जयद्रथभाई (उम्र 55 साल), उनकी पत्नी अमित्री देवी (उम्र 52 साल), उनके दो बेटे नितिनभाई (उम्र 30 साल) और सत्येंद्रभाई (उम्र 35 साल) और बहू शिवम कुमारी (उम्र 29 साल) और पोता विवान (उम्र 6 साल) एक अर्टिगा कार से जैसलमेर जा रहे थे। इसी बीच गुरुवार की रात उनकी कार आगे जा रही पत्थर से लदी ट्रॉली से टकरा गई, जिसमें जयद्रथभाई, अमित्री देवी और नितिनभाई की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को देर रात जवाहर अस्पताल ले जाया गया। जबकि दुर्घटनास्थल पर शवों को जेसीबी की मदद से कार से निकाला गया।</div><div>आपको बता दें कि हादसे में घायल सत्येंद्रभाई और शिवमकुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि 6 वर्षीय विवान को मामूली चोटें आई हैं। वडोदरा स्थित परिवार को जब घटना की जानकारी हुई तो पता चला कि वे जैसलमेर के लिए निकल चुके हैं। वहीं ट्राली का चालक मौके से फरार हो गया।</div><div>वहीं अन्य एक मामले में वडोदरा के पास पादरा-जंबुसर रोड पर महाकाली मंदिर के पास गुरुवार को यात्रियों से भरा एक टेंपो, टेंपो चालक ने स्टीयरिंग व्हील से नियंत्रण खो देने से पलट गया, जिसमें छोटे बच्चों समेत 14 लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। ये पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>वड़ोदरा</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/87939/vadodara-road-became-the-call-of-another-family-three-members-of-the-family-who-went-to-visit-jaisalmer-died-in-an-accident-two-seriously-injured</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/87939/vadodara-road-became-the-call-of-another-family-three-members-of-the-family-who-went-to-visit-jaisalmer-died-in-an-accident-two-seriously-injured</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 19:29:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        