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                <description>Darbhanga RSS Feed</description>
                
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                <title>दरभंगा : प्रधानमंत्री ने बिहार को दी 12,100 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दरभंगा, 13 नवंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को बिहार के दरभंगा में लगभग 12,100 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें दरभंगा एम्स सहित स्वास्थ्य, सड़क, रेल एवं ऊर्जा क्षेत्र की 25 परियोजनाएं शामिल हैं।<br /><br />प्रधानमंत्री ने दरभंगा में आयोजित जनसभा में कहा कि हमारी सरकार हमेशा देश के लोगों के विकास के लिए खड़ी है। हमने एक ही कार्यक्रम में 12,100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में खूब विकास हो रहा है। एनडीए सरकार लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105367/darbhanga-prime-minister-gifts-development-projects-worth-rs-12100-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-11/b13112024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>दरभंगा, 13 नवंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को बिहार के दरभंगा में लगभग 12,100 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें दरभंगा एम्स सहित स्वास्थ्य, सड़क, रेल एवं ऊर्जा क्षेत्र की 25 परियोजनाएं शामिल हैं।<br /><br />प्रधानमंत्री ने दरभंगा में आयोजित जनसभा में कहा कि हमारी सरकार हमेशा देश के लोगों के विकास के लिए खड़ी है। हमने एक ही कार्यक्रम में 12,100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में खूब विकास हो रहा है। एनडीए सरकार लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।<br /><br />पड़ोसी राज्य झारखंड में आज विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग 'विकसित झारखंड' के सपने को पूरा करने के लिए वोट डाल रहे हैं। उन्होंने झारखंड के सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान में हिस्सा लें।<br /><br />प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्रतिष्ठित लोक गायिका स्वर्गीय शारदा सिन्हा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महापर्व छठ की महिमा को जिस तरह शारदा सिन्हा ने अपने गीतों से पूरी दुनिया में पहुंचाया वह अद्भुत है।<br /><br />प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार, देश में स्वास्थ्य को लेकर होलिस्टिक अप्रोच के साथ काम कर रही है। पहला फोकस, बीमारी से बचाव पर है। दूसरा फोकस, बीमारी की सही तरीके से जांच पर है। तीसरा फोकस है लोगों को मुफ्त और सस्ता इलाज मिले, उन्हें सस्ती दवाएं मिलें। चौथा फोकस है छोटे शहरों में भी इलाज की बेहतरीन सुविधाएं पहुंचाना, देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करना। पांचवां फोकस है स्वास्थ्य सेवाओं में टेक्नॉलजी का विस्तार करना।<br /><br />उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे मिथिला, कोसी और तिरहुत क्षेत्र के अलावा पश्चिम बंगाल और आसपास के कई क्षेत्रों के लोगों को सुविधा होगी। नेपाल से आने वाले मरीज भी इस एम्स में इलाज करा सकेंगे। एम्स से यहां रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर बनेंगे।<br /><br />उन्होंने कहा कि 'आयुष्मान भारत योजना' से देश में करीब चार करोड़ लोगों का इलाज हो चुका है। अगर आयुष्मान भारत योजना न होती तो इनमें से ज्यादातर लोग अस्पताल में भर्ती ही नहीं हो पाते। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना से करोड़ों परिवारों को करीब सवा लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।<br /><br />देश में एम्स की संख्या नहीं बढ़ाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि आजादी के 60 सालों तक देश में एक ही एम्स था। ऐसे में किसी भी बीमारी से पीड़ित हर व्यक्ति को एम्स, दिल्ली जाना पड़ता था। हमारी सरकार ने देश के कई हिस्सों में नए एम्स अस्पताल स्थापित किए। आज देश में 24 एम्स अस्पताल हैं। हमारी सरकार ने तय किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी मातृभाषा में चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त कर सकता है और डॉक्टर बन सकता है। एक तरह से ये काम कर्पूरी ठाकुर को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है।<br /><br />प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 10 साल में हमने मेडिकल की एक लाख नई सीटें जोड़ी हैं और अगले पांच वर्षों में देश में 75 हजार नई मेडिकल सीटें जोड़ेंगे। हमारी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है, जिसका बिहार के युवाओं को भी लाभ होगा। हम जल्द ही हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में मेडिकल की शिक्षा का विकल्प प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में स्थापित किए जा रहे कैंसर अस्पताल से मरीजों को लाभ होगा, क्योंकि उन्हें राज्य में ही बेहतर इलाज मिलेगा और उन्हें राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार को एक बड़ा नेत्र अस्पताल भी मिलेगा।<br /><br />बिहार को देश की विरासत का एक बड़ा केंद्र बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विरासत को बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसी के तहत एनडीए सरकार 'विकास भी और विरासत भी' के मंत्र के साथ काम कर रही है। आज नालंदा विश्वविद्यालय अपने पुराने गौरव को पाने की राह पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Nov 2024 15:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>बिहार की 'साइकिल गर्ल' ज्योति पासवान के पिता का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[पहले लोकडाउन के दौरान गुरुग्राम से दरभंगा तक की 1200 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से की थी तय, गाँववालों ने दी सांत्वना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82399/bihar-s-cycle-girl-jyoti-paswan-s-father-dies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/6361_s12-31052021.jpg" alt=""></a><br /><div>पटना, 31 मई (आईएएनएस)| बिहार की 'साइकिल गर्ल' के रूप में सुर्खियों में आईं ज्योति पासवान के पिता का सोमवार को निधन हो गया। ज्योति उस वक्त सुर्खियों में आई थी, जब कोरोनावायरस महामारी की पहली लहर के दौरान वह अपने बीमार पिता मोहन पासवान को लेकर साइकिल पर सवार होकर गुरुग्राम से अपने पैतृक गांव सिरहौली पहुंची थीं।</div><div><span style="font-size:1rem;">मोहन की पिछले कुछ दिनों से तबीयत ठीक नहीं चल रही थी।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">पिछले साल के लॉकडाउन के दौरान जब यातायात के सभी साधनों पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया था, उस वक्त ज्योति ने अपनी साइकिल के सहारे हरियाणा के गुरुग्राम से बिहार तक जाने का फैसला लिया था। उ</span><span style="font-size:1rem;">ल्लेखनीय है की कुछ दिनों पहले ही ज्योति के पिता के चाचा की मौत हो गई थी। जिनके श्राद्ध कर्म और भोज के लिए हो रही एक मीटिंग के दौरान ही ज्योति के पिता ढल गए थे। लोगों का कहना है की उनकी मौत हार्टअटैक के कारण हुई है।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">दरभंगा जिले में अपने गांव पहुंचने के लिए ज्योति ने आठ दिनों में करीब 1,200 किमी की यात्रा की थी। उस समय उनके पिता भी गंभीर रूप से बीमार थे। </span><span style="font-size:1rem;">पिता के निधन के बाद ज्योति के घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई है, जो उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।</span></div><div>(Disclaimer: यह खबर सीधे समाचार एजेंसी की सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है। इसे लोकतेज टीम ने संपादित नहीं किया है।)<br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 May 2021 19:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>इस अस्पताल की बदहाली देखें, वार्ड में पानी या पानी में वार्ड!?</title>
                                    <description><![CDATA[ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के परिजनों को झेलनी पड़ रही है भारी दिक्कतों का सामना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82389/look-at-the-misery-of-this-hospital-water-in-the-ward-or-ward-in-the-water"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/6489_s16-30052021.jpg" alt=""></a><br /><div><div><span style="font-size:1rem;">देश भर में कोरोना के बाद तूफान यास ने अपना कहर मचाया था। बिहार में भी तूफान के कारण काफी तबाही मची है। यहां कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। सड़कों, इमारतों और यहां तक ​​कि दुकानों और अस्पतालों में भी पानी भर गया है। अस्पताल में बारिश के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भारी बारिश के कारण अस्पताल और अन्य जगहों पर भारी भर जाने के कारण सरकार की तैयारियों की पोल खुल गई थी। दरभंगा जिले के मेडिकल कॉलेज में भी पानी भर गए थे, जिसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">दरअसल, पिछले कुछ दिनों में दरभंगा में हुई भारी बारिश से दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कई वार्डों में पानी भर गया है। अस्पताल परिसर में पानी इतना ज्यादा भर गया था, मानो की कोई झील बह रही हो। बाढ़ के कारण अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा विभाग में भी पानी भर गया है, हालांकि अच्छी बात यह रही कि नर्सिंग कॉलेज में चल रहे कोविद वोर्ड में पानी नहीं भरा था। </span><br /></div></div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> Bihar | Water enters medicine ward of Darbhanga Medical College &amp; Hospital after heavy rainfall <br /><br />"COVID ward is in DHC Nursing College &amp; there's no waterlogging despite cyclone Yaas. Waterlogging is in medicine ward which was removed later," says DMCH Superintendent <a href="https://t.co/RLM8pXhWMM">pic.twitter.com/RLM8pXhWMM</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1398681140433612800?ref_src=twsrc%5Etfw">May 29, 2021</a></blockquote>                                                                             ]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 30 May 2021 19:45:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>जब कर्मचारी के काम से खुश होकर कंपनी ने गिफ्ट कर दी चांद पर जमीन, जाने क्या है पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[लुनार इंटेरनेशनल के सॉफ्टवेयर में किए थे बदलाव, फायदा होने पर कंपनी ने खुश होकर दिया अनोखा तोहफा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81890/when-the-company-was-happy-with-the-work-of-the-employee-the-company-gifted-the-land-to-the-moon-what-is-the-whole-story"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/6834_s10-02042021.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">बिहार के दरभंगा में रहने वाले इफ़्तेखार रहमानी आजकल काफी चर्चा में देखने मिल रहे है। उनके चर्चा में रहने का कारण भी काफी प्रेरक और हैरान कर देने वाला है। इफ़्तेखार को उनके अच्छे काम की बदौलत अमेरिकन कंपनी ने चांद पर एक एकर जमीन गिफ्ट कर दी है। इस बात की जानकारी इफ़्तेखार ने एक वीडियो रिलीज कर के दी। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">इफ़्तेखार का घर और उसके परिवार में खुशी की लहर देखने मिली थी। लोग एकदूसरे को मीठा खिलाकर लोगों में खुशिया बाँट रहे है। दरभंगा जिले से दूर आए बहेड़ा का रहनेवाला इफ़्तेखार एक विदेशी कंपनी के लिए काम करत है। इसके अलावा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर इफ़्तेखार केआर स्टूडिओज नाम की खुद की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी चलाते है। </span><br /></div><div>इफ़्तेखार लुनार सोसाइटी इंटरनेशनल के लिए भी काम करते है, जो चांद पर जमीन लेने और बेचने का काम करती है। इफ़्तेखार ने कंपनी के लिए उनके सॉफ्टवेयर में थोड़ा सा बदलाव करके उसे अपडेट कर दिया था। जिससे कंपनी को काफी फायदा हो रहा है। इसलिए कंपनी ने खुश होकर इफ़्तेखार रहमानी को चांद पर एक एकर जमीन गिफ्ट कर दी थी। </div><div>इफ़्तेखार फिलहाल नोयडा में रहते है और उनके परिवार के अन्य सदस्य बहेड़ा गाँव में रहते है। उनकी माता नासरा बेगम का कहना है की वह अपने पुत्र की कामयाबी पर काफी खुश है। इफ़्तेखार अब चांद पर जमीन वाले चुनिंदा लोगों में से एक बन गए है। इसके पहले बिहार के स्वर्गीय एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने भी चांद पर जमीन खरीदी थी। </div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Apr 2021 18:50:25 +0530</pubDate>
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