<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5514/nepal" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Nepal - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5514/rss</link>
                <description>Nepal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीयों की Kailash Mansarovar Yatra पर नेपाल का बड़ा कदम; चीन से कोटा बढ़ाने की मांग!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 29 मई (वेब वार्ता)। नेपाल सरकार ने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक बहुत बड़ा और अहम कदम उठाया है। नेपाल पर्यटन विभाग और वहां के स्थानीय व्यवसाई भारतीय नागरिकों का पूरे दिल से स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।</p>
<p>इसके लिए नेपाल ने चीन सरकार से एक अहम और बड़ी आधिकारिक मांग रखी है। नेपाल लगातार चाहता है कि भारतीय यात्रियों का कोटा इस साल हर हाल में जल्द बढ़ाया जाए।यह कैलाश यात्रा दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी और गहरे सांस्कृतिक संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत बनाती है।</p>
<p>भारतीय यात्रियों की भारी संख्या को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147354/nepals-big-step-on-indians-kailash-mansarovar-yatra-demand-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/kailash-mansarovar-.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 29 मई (वेब वार्ता)। नेपाल सरकार ने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक बहुत बड़ा और अहम कदम उठाया है। नेपाल पर्यटन विभाग और वहां के स्थानीय व्यवसाई भारतीय नागरिकों का पूरे दिल से स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।</p>
<p>इसके लिए नेपाल ने चीन सरकार से एक अहम और बड़ी आधिकारिक मांग रखी है। नेपाल लगातार चाहता है कि भारतीय यात्रियों का कोटा इस साल हर हाल में जल्द बढ़ाया जाए।यह कैलाश यात्रा दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी और गहरे सांस्कृतिक संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत बनाती है।</p>
<p>भारतीय यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए चीन का मौजूदा तय किया गया कोटा बहुत ही कम साबित हो रहा है। इसलिए नेपाल सरकार और वहां के ट्रैवल एजेंट इसे बढ़ाने की लगातार और मजबूत कोशिश कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कदम से नेपाल के स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा।</p>
<p>नेपाल की चीन से बड़ी मांग<br />नेपाली पर्यटन उद्यमियों के अनुसार चीन ने इस साल भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए 24,000 का कोटा तय किया है। हालांकि नेपाल ने चीन से इसे बढ़ाकर 40,000 करने की मांग की है क्योंकि यात्रियों की मांग बहुत अधिक है। पिछले साल यह कोटा 20,000 था और इस बार इसमें 15,000 अतिरिक्त की भारी मांग की गई है।</p>
<p>भारत सरकार लिपुलेख और नाथू ला दर्रे से यात्रा की अनुमति देती है लेकिन यह संख्या काफी सीमित है। भारत सरकार हर साल प्रति मार्ग केवल 500 लोगों यानी कुल 1,000 यात्रियों की सीमा तय करती है। इस वजह से अधिकांश भारतीय तीर्थयात्री नेपाल के आसान रास्ते से निजी वाहन से यात्रा करना<br />ज्यादा पसंद करते हैं।</p>
<p>नेपाल के रास्तों से फायदा<br />वर्तमान में नेपाल के रास्ते कैलाश जाने के चार प्रमुख मार्ग खुले हुए हैं जिनका यात्री इस्तेमाल करते हैं। हिल्सा मार्ग पर यात्रियों की भारी संख्या बढ़ने से नेपाल के स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। सिमकोट और हिल्सा में दर्जनों होटल और कई छोटे लॉज भारतीय तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए खुले हुए हैं।</p>
<p>इस बड़ी यात्रा से हुमला जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में कुली, गाइड और होटल कर्मचारियों की भारी मांग पैदा हुई है। स्थानीय उत्पादों जैसे सेब, अखरोट और बीन्स के लिए अब एक बहुत बड़ा और नया बाजार बन गया है। किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर तेजी से व्यावसायिक सब्जी खेती की ओर अपना पूरा रुख कर रहे हैं।</p>
<p>यात्रा पैकेज की नई कीमतें<br />इस वर्ष ईंधन और खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण कैलाश यात्रा के पैकेज काफी महंगे हो गए हैं। 10 दिवसीय रसुवागढ़ी-केरंग पैकेज की कीमत अब प्रति व्यक्ति लगभग 1,700 डॉलर हो गई है। यह कीमत पिछले वर्ष की तुलना में बहुत बढ़ी है क्योंकि पहले यह 10 दिन का पैकेज 1,500 डॉलर था।</p>
<p>नेपालगंज-सिमकोट-हिल्सा मार्ग की आठ दिवसीय यात्रा का खर्च अब 1,550 डॉलर हो गया है जो पहले 1,300 डॉलर था। इस रूट पर यात्री पहले छोटे विमान और फिर हेलीकॉप्टर के जरिए हिल्सा पर्वत तक आसानी से पहुंचते हैं। एक हेलीकॉप्टर प्रतिदिन 15 चक्कर लगाता है और प्रति उड़ान केवल 4 यात्री ही सफर करते हैं।</p>
<p>चीनी अधिकारियों ने हाल ही में तीन दिनों के लिए मार्ग बंद कर दिया था, लेकिन अब यात्रा फिर से शुरू हो गई है। गुरुवार से शनिवार के बीच 1,200 से अधिक भारतीय तीर्थयात्री इस मार्ग से रवाना होने वाले हैं। टच कैलाश ट्रेवल के प्रबंध निदेशक बसु अधिकारी ने बताया कि पूछताछ लगातार और बहुत ही तेजी से बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147354/nepals-big-step-on-indians-kailash-mansarovar-yatra-demand-to</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147354/nepals-big-step-on-indians-kailash-mansarovar-yatra-demand-to</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:11:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-04/kailash-mansarovar-.jpg"                         length="124285"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में SGADF का स्वर्णिम इतिहास, शिवम ठाकुर के नेतृत्व में भारत को 320+ पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नेपाल, 16 मई: शिवम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में स्कूल गेम्स एंड एक्टिविटी डेवलपमेंट फाउंडेशन (एसजीएडीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भारत का गौरव अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया है।</p>
<p>नेपाल के पोखरा स्थित रंगशाला स्टेडियम में आयोजित 23वीं भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय खेल चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 320 से अधिक पदक जीतकर देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।</p>
<p>नेपाल खेल परिषद के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के 360 खिलाड़ियों ने सिलंबम, योग, कराटे और वुशु जैसी खेल विधाओं में भाग लिया। खिलाड़ियों के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147184/golden-history-of-sgadf-in-nepal-india-won-320-medals"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b18052026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>नेपाल, 16 मई: शिवम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में स्कूल गेम्स एंड एक्टिविटी डेवलपमेंट फाउंडेशन (एसजीएडीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भारत का गौरव अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया है।</p>
<p>नेपाल के पोखरा स्थित रंगशाला स्टेडियम में आयोजित 23वीं भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय खेल चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 320 से अधिक पदक जीतकर देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।</p>
<p>नेपाल खेल परिषद के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के 360 खिलाड़ियों ने सिलंबम, योग, कराटे और वुशु जैसी खेल विधाओं में भाग लिया। खिलाड़ियों के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय युवा प्रतिभाएँ अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाइयाँ छूने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>इस आयोजन की सबसे विशेष उपलब्धि यह रही कि पहली बार किसी भारतीय खेल संस्था ने एक साथ 360 खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्रदान किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ एसजीएडीएफ ने विश्व कीर्तिमान स्थापित कर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।</p>
<p>इस सफलता के प्रेरणास्रोत शिवम ठाकुर हैं, जो स्वयं एक खिलाड़ी होने के कारण खिलाड़ियों की चुनौतियों, आवश्यकताओं और सपनों को गहराई से समझते हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और समर्पित प्रयासों ने एसजीएडीएफ को ऐसा सशक्त मंच बनाया है, जहाँ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचान, अवसर और उज्ज्वल भविष्य की दिशा प्राप्त होती है।</p>
<p>शिवम ठाकुर के नेतृत्व में एसजीएडीएफ आज देश की सबसे तेजी से विकसित हो रही खेल संस्थाओं में शामिल है। संस्था के अनुसार अब तक 15 लाख से अधिक छात्र और खिलाड़ी इसकी विभिन्न प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और गतिविधियों से लाभान्वित हो चुके हैं। संस्था द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्र सरकारी सेवाओं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तथा विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसरों में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।</p>
<p>एसजीएडीएफ को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से प्रोत्साहन प्राप्त है। साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं—द एसोसिएशन फॉर इंटरनेशनल स्पोर्ट फॉर ऑल, इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर खेल एवं अवकाश सुविधाएँ तथा इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ स्पोर्ट साइंस एंड शारीरिक शिक्षा—से भी मान्यता प्राप्त है।</p>
<p>संस्था के अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए प्रायोजन, छात्रवृत्ति और सरकारी सहायता प्राप्त करने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।</p>
<p>यही कारण है कि एसजीएडीएफ केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन तक सीमित न रहकर खिलाड़ियों के समग्र विकास, व्यक्तित्व निर्माण और खेल करियर को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।</p>
<p>आने वाले समय में एसजीएडीएफ एशियाई और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारी कर रहा है, जिससे देश के लाखों खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>नेपाल के पोखरा में स्थापित यह विश्व कीर्तिमान केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>शिवम ठाकुर की दूरदर्शिता और एसजीएडीएफ के अथक प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि सशक्त नेतृत्व, स्पष्ट लक्ष्य और अटूट संकल्प के बल पर भारत विश्व खेल मंच पर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147184/golden-history-of-sgadf-in-nepal-india-won-320-medals</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147184/golden-history-of-sgadf-in-nepal-india-won-320-medals</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:45:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-05/b18052026-01.jpg"                         length="67154"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल के धाडिंग में भीषण सड़क हादसा,  18 लोगों की दर्दनाक मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, 23 फरवरी (वेब वार्ता)। नेपाल के धाडिंग जिले में सोमवार तड़के एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी।</p>
<p>आर्म्ड पुलिस फोर्स के अनुसार, यह दुर्घटना पृथ्वी हाईवे पर गजुरी के पास सुबह करीब 1:30 बजे हुई। बस सड़क से फिसलकर सीधे उफनती नदी में समा गई, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और स्थानीय पुलिस ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अब तक 18 शवों को बरामद किया जा चुका है।</p>
<p>इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145714/horrific-road-accident-in-nepals-dhading-18-people-died-tragically"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/car-accident-1212.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, 23 फरवरी (वेब वार्ता)। नेपाल के धाडिंग जिले में सोमवार तड़के एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी।</p>
<p>आर्म्ड पुलिस फोर्स के अनुसार, यह दुर्घटना पृथ्वी हाईवे पर गजुरी के पास सुबह करीब 1:30 बजे हुई। बस सड़क से फिसलकर सीधे उफनती नदी में समा गई, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और स्थानीय पुलिस ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अब तक 18 शवों को बरामद किया जा चुका है।</p>
<p>इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में न्यूजीलैंड का एक पुरुष यात्री भी शामिल है। वहीं, बचाए गए 28 घायलों में एक जापानी और एक डच महिला पर्यटक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>राहत एवं बचाव दल ने अंधेरे और नदी के तेज बहाव के बावजूद 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त की जा रही है और उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<p>हादसे के सटीक कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में पुलिस ने ‘ओवर स्पीडिंग’ यानी तेज रफ्तार को मुख्य वजह बताया है। चश्मदीदों के मुताबिक, रात के समय हाईवे पर बस की गति काफी अधिक थी, जिससे चालक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा।</p>
<p>नेपाल प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। त्रिशूली नदी का यह इलाका पहले भी कई सड़क दुर्घटनाओं का गवाह रहा है, जिसके चलते अब हाईवे सुरक्षा और चालक की थकान जैसे पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/145714/horrific-road-accident-in-nepals-dhading-18-people-died-tragically</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145714/horrific-road-accident-in-nepals-dhading-18-people-died-tragically</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 15:05:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/car-accident-1212.jpg"                         length="173501"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, 13 फरवरी (वेब वार्ता)। पशुपतिनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत भारतीय होंगे।</p>
<p>बागमती नदी के तट पर स्थित मंदिर को देश-विदेश, विशेषकर भारत से आने वाले हिंदू श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रंग-बिरंगी रोशनी, कागज़ी झंडों, फूलों, मालाओं और बैनरों से सजाया गया है।</p>
<p>मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सुभाष जोशी ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनज़र इस बार मंदिर की सुरक्षा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145559/eight-lakh-devotees-expected-to-reach-pashupatinath-temple-on-mahashivratri"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/lord-shiva-bholenath-savan-month.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, 13 फरवरी (वेब वार्ता)। पशुपतिनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत भारतीय होंगे।</p>
<p>बागमती नदी के तट पर स्थित मंदिर को देश-विदेश, विशेषकर भारत से आने वाले हिंदू श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रंग-बिरंगी रोशनी, कागज़ी झंडों, फूलों, मालाओं और बैनरों से सजाया गया है।</p>
<p>मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सुभाष जोशी ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनज़र इस बार मंदिर की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं और लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मियों, जिनमें नेपाली सेना के जवान भी शामिल हैं, की तैनाती की गई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना के लिए सैकड़ों नागा बाबाओं सहित लगभग 4,000 साधुओं के मंदिर परिसर में पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, अलाव और नि:शुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है।<br />उन्होंने बताया कि मंदिर रविवार को तड़के दो बजे खोला जाएगा और श्रद्धालु चारों दिशाओं से शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क पेयजल, आपातकालीन चिकित्सीय सेवा, स्वयंसेवक सेवा तथा चंदन टीका वितरण की व्यवस्था की गई है।</p>
<p>जोशी ने बताया कि वृद्ध, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे आसानी से मंदिर में प्रवेश कर सकें। उनके अनुसार, मंदिर परिसर में शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।</p>
<p>महाशिवरात्रि के अवसर पर कम से कम 2,500 स्वयंसेवकों और 26 संगठनों को तैनात किया गया है। जोशी ने बताया कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के भी दिन में करीब साढ़े चार बजे दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145559/eight-lakh-devotees-expected-to-reach-pashupatinath-temple-on-mahashivratri</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145559/eight-lakh-devotees-expected-to-reach-pashupatinath-temple-on-mahashivratri</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:50:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-06/lord-shiva-bholenath-savan-month.jpg"                         length="63701"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम टी20 विश्व कप में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं आए, नेपाल के कप्तान रोहित पौडेल ने विपक्षी टीमों को चेताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 09 फरवरी (वेब वार्ता)। टी20 विश्व कप 2026 में रविवार को मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। नेपाल क्रिकेट टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से इंग्लैंड के खिलाड़ियों के चेहरे की हंसी आखिरी गेंद तक उड़ायी थी।</p>
<p>सैम करन की आखिरी ओवर में की गई सूझबूझ भरी गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने मैच बेशक 4 विकेट से जीत लिया, लेकिन नेपाल ने अपने प्रदर्शन से बता दिया कि उसे हल्के में लेने की भूल कोई भी टीम न करे।</p>
<p>मैच के बाद नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित पौडेल ने कहा, “लड़कों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145494/we-did-not-come-just-to-participate-in-the-t20"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/cricket.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 09 फरवरी (वेब वार्ता)। टी20 विश्व कप 2026 में रविवार को मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। नेपाल क्रिकेट टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से इंग्लैंड के खिलाड़ियों के चेहरे की हंसी आखिरी गेंद तक उड़ायी थी।</p>
<p>सैम करन की आखिरी ओवर में की गई सूझबूझ भरी गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने मैच बेशक 4 विकेट से जीत लिया, लेकिन नेपाल ने अपने प्रदर्शन से बता दिया कि उसे हल्के में लेने की भूल कोई भी टीम न करे।</p>
<p>मैच के बाद नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित पौडेल ने कहा, “लड़कों ने अपना सब कुछ झोंक दिया। मुझे उन पर बहुत गर्व है। नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया, लेकिन कोशिश के हिसाब से हमने खेल के हर विभाग में अपना शत प्रतिशत दिया।</p>
<p>आखिरी ओवर में सैम करन ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। हमवहां से सुधार करेंगे। हमें एक टीम के तौर पर अपना 100 प्रतिशत देना होगा।” रोहित ने कहा कि हम इस विश्व कप में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं आए। हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं लेंगे।</p>
<p>अपने देश के क्रिकेट फैंस के बारे में रोहित ने कहा कि वे बहुत पैशनेट हैं। पूरा काठमांडू, नेपाल, हमें सपोर्ट करने के लिए यहां आया था। मुझे लगता है कि पूरे नेपाल को हम पर गर्व होगा। वहीं मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी नेपाल क्रिकेट टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की।</p>
<p>ब्रूक ने कहा, “यह बिल्कुल भी आसान नहीं था, शुक्र है हम जीत गए। उन्होंने बहुत अच्छा खेला, और बहुत सी टीमें आदिल राशिद को इस तरह नहीं लेतीं, जिस तरह उन्होंने खेला। मैं उन्हें बाकी कॉम्पिटिशन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”</p>
<p>इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जैकब बेथेल के 55, हैरी ब्रूक के 53, और विल जैक्स के नाबाद 39 रन की बदौलत 7 विकेट पर 184 रन बनाए थे। नेपाल की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 180 रन बना सकी और मैच 4 रन से हार गई। नेपाल को आखिरी ओवर में 10 रन चाहिए थे,लेकिन 5 रन ही बने और टीम को 4 रन से हार का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145494/we-did-not-come-just-to-participate-in-the-t20</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145494/we-did-not-come-just-to-participate-in-the-t20</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:12:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-03/cricket.jpg"                         length="49573"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2025 : जब ‘जेन जेड’ के प्रदर्शनों के चलते नेपाल की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, 27 दिसंबर (भाषा) नेपाल के लिए 2025 बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल वाला साल रहा, जब भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ ‘जेन जेड’ के नेतृत्व में सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गए और इसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को अंततः सत्ता से हटना पड़ा।</p>
<p>सितंबर में राजनीतिक उथल-पुथल के चलते देश की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि उन्होंने एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला। उन्होंने तुरंत घोषणा की कि पांच मार्च 2026 को नये सिरे से चुनाव कराए जाएंगे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144862/year-2025-when-nepals-government-had-to-step-down-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/5072_everest-himalaya-nepal-india-mountain.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, 27 दिसंबर (भाषा) नेपाल के लिए 2025 बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल वाला साल रहा, जब भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ ‘जेन जेड’ के नेतृत्व में सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गए और इसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को अंततः सत्ता से हटना पड़ा।</p>
<p>सितंबर में राजनीतिक उथल-पुथल के चलते देश की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि उन्होंने एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला। उन्होंने तुरंत घोषणा की कि पांच मार्च 2026 को नये सिरे से चुनाव कराए जाएंगे, जो 2027 के निर्धारित चुनाव से एक साल पहले होंगे।</p>
<p>हिंसक प्रदर्शनों से कुछ सप्ताह पहले, ‘नेपो बेब्स’ या ‘नेपो किड्स’ को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन अभियानों से माहौल गर्म हो रहा था। ये अभियान ऐसे राजनीतिक अभिजात वर्ग के बच्चों को सदंर्भित करके चलाया जा रहा था, जो कथित तौर पर अपने माता-पिता द्वारा भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित पैसे से विलासितापूर्ण जीवन शैली जी रहे थे।</p>
<p>हालांकि, डिजिटल रूप से एक विरोध के तौर पर शुरू हुआ यह आंदोलन जल्द ही एक पूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तब्दील हो गया। आठ और नौ सितंबर को ‘जेन जेड’ ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए, जिनमें कम से कम 77 लोग मारे गए।</p>
<p>वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों की पीढ़ी को ‘जेन जेड’ कहा जाता है।</p>
<p>मौतों से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पूरे नेपाल में संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय और आवास, उच्चतम न्यायालय, प्रशासनिक कार्यालयों और पुलिस चौकियों सहित प्रमुख सरकारी भवनों में आगजनी की और उनमें तोड़फोड़ की।</p>
<p>नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली को पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।</p>
<p>सितंबर में हुए प्रदर्शन हिमालयी देश को हिला देने वाले एकमात्र विरोध-प्रदर्शन नहीं थे। इससे पहले, जनता के एक विशेष वर्ग ने राजशाही और हिंदू राष्ट्र की बहाली की मांग की, जबकि नेपाल ने सितंबर 2015 में राजशाही को समाप्त करके एक संविधान अपनाया था।</p>
<p>काठमांडू में 28 मार्च को राजशाही समर्थकों और पुलिस के बीच हुई झड़प में एक फोटो पत्रकार सहित दो नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>चीन समर्थक माने जाने वाले ओली ने नौ सितंबर को इस्तीफा दे दिया और इसके साथ ही वह अपने कार्यकाल के दौरान भारत की यात्रा नहीं करने वाले पहले नेपाली प्रधानमंत्री बन गए, जबकि उनका 16 सितंबर को भारत दौरा निर्धारित था।</p>
<p>ओली ने पदभार संभालने के बाद चीन का दौरा किया था, जो पिछली परंपराओं से एक बड़ा बदलाव था, क्योंकि पहले नेपाल के प्रधानमंत्रियों का पहला विदेश दौरा भारत का होता था।</p>
<p>ओली ने अप्रैल में बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी।</p>
<p>साल के अंत में, नेपाल ने 100 रुपये का नया नोट जारी करके भारत को नाराज कर दिया। इस नोट पर एक नक्शा छपा था जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्र शामिल थे जबकि ये क्षेत्र भारत के हैं।</p>
<p>अतीत में, भारत ने इन क्षेत्रों को नक्शे में शामिल करने के नेपाल के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि ‘‘क्षेत्रीय दावों का कोई भी एकतरफा कृत्रिम विस्तार अस्वीकार्य है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144862/year-2025-when-nepals-government-had-to-step-down-from</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144862/year-2025-when-nepals-government-had-to-step-down-from</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 16:10:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-04/5072_everest-himalaya-nepal-india-mountain.jpg"                         length="25323"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में उपद्रव के दौरान होटल की चौथी मंजिल से कूदी महिला की मौत, अंतिम संस्कार किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराजगंज, 12 सितंबर (भाषा) नेपाल में उपद्रव के दौरान एक होटल की चौथी मंजिल से छलांग लगाने वाली गाजियाबाद की महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई और शुक्रवार को उनके पति शव लेकर महराजगंज जिले की सोनौली सीमा पर पहुंचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि पति-पत्नी काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने गए थे।</p>
<p>गाजियाबाद के ट्रांसपोर्टर रामवीर सिंह गोला (58) और उनकी पत्नी राजेश देवी गोला (55) सात सितंबर को नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे और वे होटल ‘हयात रीजेंसी’ में रुके थे।</p>
<p>परिवार के सदस्यों ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143034/a-woman-jumped-from-the-fourth-floor-of-the-hotel"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/1982_sad-depressed-depression-sadness-young-person-girl-woman-lady-victim-crime-rape2.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराजगंज, 12 सितंबर (भाषा) नेपाल में उपद्रव के दौरान एक होटल की चौथी मंजिल से छलांग लगाने वाली गाजियाबाद की महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई और शुक्रवार को उनके पति शव लेकर महराजगंज जिले की सोनौली सीमा पर पहुंचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि पति-पत्नी काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने गए थे।</p>
<p>गाजियाबाद के ट्रांसपोर्टर रामवीर सिंह गोला (58) और उनकी पत्नी राजेश देवी गोला (55) सात सितंबर को नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे और वे होटल ‘हयात रीजेंसी’ में रुके थे।</p>
<p>परिवार के सदस्यों ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन और अन्य धार्मिक यात्राओं के बाद नौ सितंबर को वे होटल में ही रुके और जैसे ही अशांति बढ़ी प्रदर्शनकारियों ने होटल में आग लगा दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि शोर, धुआं और आग की लपटों के चारों ओर फैलने से घबराकर दोनों ने जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने इमारत की जमीन पर गद्दे बिछा दिए थे, जिस पर गिरने से दोनों की जान बच गई लेकिन पत्नी राजेश देवी गंभीर रूप से घायल हो गई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि राजेश देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।</p>
<p>रामवीर सिंह ने बताया, “हम गाजियाबाद से काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करने गए थे। हम वहां एक होटल में रुके थे। नौ सितंबर को जब हम वहां से निकलने लगे, तो कर्फ्यू लगा हुआ था। हवाई अड्डा बंद था। फिर हमने होटल में एक दिन और रुकने का मना बना लिया।”</p>
<p>उन्होंने बताया, “हमने कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। इस दौरान मेरी पत्नी घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां नौ सितंबर को उनकी मृत्यु हो गई।’’</p>
<p>राजेश देवी का शव बृहस्पतिवार को नेपाल से एम्बुलेंस में सोनौली सीमा पर लाया गया था।</p>
<p>पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि देवी का शव शुक्रवार को नंदग्राम थानाक्षेत्र की मास्टर कॉलोनी स्थित उनके घर पर लाया गया।</p>
<p>गाजियावाद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भास्कर वर्मा ने बताया कि मृतका का शव शुक्रवार दोपहर लाया गया और अपराह्न करीब ढाई बजे हिंडन नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143034/a-woman-jumped-from-the-fourth-floor-of-the-hotel</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143034/a-woman-jumped-from-the-fourth-floor-of-the-hotel</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 19:59:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-12/1982_sad-depressed-depression-sadness-young-person-girl-woman-lady-victim-crime-rape2.jpg"                         length="15040"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने जताया दुख, शांति की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने नेपाल के लोगों से शांति बनाए रखने और समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है।</p>
<p>श्री श्री रविशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा, “नेपाल में हुई जान-माल की हानि और सार्वजनिक संपत्ति की क्षति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं नेपाल की जनता से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और साझा आधार खोजने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143005/gurudev-sri-ravi-shankar-expressed-the-appeal-of-grief-peace"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/shree-shree-ravishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने नेपाल के लोगों से शांति बनाए रखने और समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है।</p>
<p>श्री श्री रविशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा, “नेपाल में हुई जान-माल की हानि और सार्वजनिक संपत्ति की क्षति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं नेपाल की जनता से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और साझा आधार खोजने के लिए शांतिपूर्ण बातचीत का रास्ता अपनाएं।”</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 500 से अधिक घायल हो गए।</p>
<p>नेपाल में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैन करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते विशाल होता गया और हिंसा का रूप ले लिया। इस अशांति में कई शीर्ष राजनेताओं पर भीड़ ने हमला किया और नेताओं के घरों में आग लगा दी गई।</p>
<p>नेपाल में विरोध प्रदर्शन के कारण केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इसके पहले ही गृह मंत्री और कृषि मंत्री इस्तीफा सौंप चुके थे।</p>
<p>नेपाल में बिगड़े हालातों के मद्देनजर, भारत की एजेंसियां भी सतर्क हैं। भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। इसमें आगाह किया गया है कि उपद्रवी इस अशांति का फायदा उठाकर पड़ोसी भारतीय राज्यों में हिंसा भड़का सकते हैं।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी में चेतावनी दी गई है कि नेपाल में अशांति की आड़ में असामाजिक तत्व सीमावर्ती इलाकों में हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।</p>
<p>इसके बाद, केंद्रीय एजेंसियों ने उत्तराखंड पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सहित भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है।</p>
<p>सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था के किसी भी संभावित उल्लंघन को रोकने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षाबलों को पूरी तरह सतर्क रहने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143005/gurudev-sri-ravi-shankar-expressed-the-appeal-of-grief-peace</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143005/gurudev-sri-ravi-shankar-expressed-the-appeal-of-grief-peace</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 14:25:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/shree-shree-ravishankar.jpg"                         length="43175"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल हिंसक प्रदर्शन : इंडिगो एयरलाइंस की नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। इंडिगो एयरलाइंस ने काठमांडू हवाई अड्डे के बंद होने की अवधि बढ़ाए जाने के बाद नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, काठमांडू से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 10 सितंबर को शाम 6 बजे तक रद्द रहेंगी। यह फैसला नेपाल में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और हवाई अड्डे की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए लिया गया है।</p>
<p>इंडिगो ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया, ”इस अनिश्चितता से यात्रियों को होने वाली असुविधा का अहसास है। कंपनी ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि उनके लिए फ्लेक्सिबल ऑप्शन्स उपलब्ध रहेंगे। इसके तहत,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143003/nepal-violent-demonstration-continues-indigo-airliness-new-travel-advisory"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/indigo1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। इंडिगो एयरलाइंस ने काठमांडू हवाई अड्डे के बंद होने की अवधि बढ़ाए जाने के बाद नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, काठमांडू से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 10 सितंबर को शाम 6 बजे तक रद्द रहेंगी। यह फैसला नेपाल में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और हवाई अड्डे की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए लिया गया है।</p>
<p>इंडिगो ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया, ”इस अनिश्चितता से यात्रियों को होने वाली असुविधा का अहसास है। कंपनी ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि उनके लिए फ्लेक्सिबल ऑप्शन्स उपलब्ध रहेंगे। इसके तहत, काठमांडू से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए री-शिड्यूल और कैंसिलेशन पर छूट 12 सितंबर तक जारी रहेगी।</p>
<p>यह सुविधा उन यात्रियों के लिए लागू होगी, जिन्होंने 9 सितंबर या उससे पहले अपनी बुकिंग कराई थी। प्रभावित यात्री अपनी यात्रा का विकल्प चुनने या रिफंड के लिए एयरलाइन की वेबसाइट पर जा सकते हैं।”</p>
<p>हालांकि, उड़ानें अभी रुकी हुई हैं, लेकिन इंडिगो की टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। कंपनी का कहना है कि जैसे ही अनुमति मिलेगी, उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी। इसके लिए नियमित अपडेट्स एयरलाइन के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से साझा किए जाएंगे। इंडिगो ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।</p>
<p>नेपाल में पिछले कुछ दिनों से जेन-जी के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके कारण काठमांडू का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद करना पड़ा।</p>
<p>प्रदर्शनकारी सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ सड़कों पर उतरे। इस हिंसा में कुछ लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं।</p>
<p>मौजूदा स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना को तैनात किया गया है।</p>
<p>इंडिगो के इस कदम से कई यात्री प्रभावित हुए हैं, खासकर वे जो नेपाल से भारत या अन्य देशों की यात्रा की योजना बना रहे थे। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उसकी प्राथमिकता है।</p>
<p>एयरलाइंस ने सलाह दी है कि यात्री समय-समय पर आधिकारिक अपडेट्स चेक करते रहें ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बना सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143003/nepal-violent-demonstration-continues-indigo-airliness-new-travel-advisory</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143003/nepal-violent-demonstration-continues-indigo-airliness-new-travel-advisory</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 14:14:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-07/indigo1.jpg"                         length="49985"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल : सेना ने सुरक्षा की कमान संभाली, प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, 10 सितंबर (भाषा) नेपाल की सेना ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए बुधवार को देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और कर्फ्यू लगा दिया है।</p>
<p>यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब एक दिन पहले ही सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के कारण के पी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान देश की प्रमुख इमारतों में आग लगा दी गयी, जिसके बाद देश में तनाव व्याप्त हो गया।</p>
<p>देशभर में सेना की टुकड़ियां तैनात किए जाने के बाद नेपाल की राजधानी काठमांडू और अन्य प्रमुख शहर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142997/nepal-army-implemented-restrictive-orders-for-security"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/nepal-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, 10 सितंबर (भाषा) नेपाल की सेना ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए बुधवार को देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और कर्फ्यू लगा दिया है।</p>
<p>यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब एक दिन पहले ही सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के कारण के पी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान देश की प्रमुख इमारतों में आग लगा दी गयी, जिसके बाद देश में तनाव व्याप्त हो गया।</p>
<p>देशभर में सेना की टुकड़ियां तैनात किए जाने के बाद नेपाल की राजधानी काठमांडू और अन्य प्रमुख शहर वीरान नजर आए।</p>
<p>सेना ने एक बयान में कहा कि प्रतिबंधात्मक आदेश पूरे देश में सुबह से शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेंगे और उसके बाद बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा।</p>
<p>सेना ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में लूटपाट, आगजनी और अन्य विनाशकारी गतिविधियों की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम ज़रूरी हैं।</p>
<p>मंगलवार रात 10 बजे से देशभर में सुरक्षा अभियान की कमान संभालने वाली सेना ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधात्मक अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी या व्यक्तियों और संपत्ति पर हमले को आपराधिक कृत्य माना जाएगा और उचित तरीके से उससे निपटा जाएगा।</p>
<p>बयान में कहा गया है, ‘‘बलात्कार और हिंसक हमलों का भी खतरा है। देश की सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, प्रतिबंधात्मक आदेश और कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।’’</p>
<p>बयान में स्पष्ट किया गया है कि एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षा बलों सहित आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों और कर्मियों को प्रतिबंधात्मक आदेशों और कर्फ्यू के दौरान काम करने की अनुमति होगी।</p>
<p>सेना ने एक बयान में कुछ समूहों की कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की, जो ‘‘कठिन परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठा रहे हैं’’ और ‘‘आम नागरिकों तथा सार्वजनिक संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’</p>
<p>नेपाल सेना मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने लूटपाट और तोड़फोड़ सहित किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्राधिकारियों ने निवासियों को यह आदेश भी जारी किया है कि वे ‘‘अत्यंत आवश्यक’’ न होने तक घर से बाहर न निकले, ताकि आगे अशांति को रोका जा सके।</p>
<p>सुबह से ही काठमांडू की आम तौर पर चहल-पहल वाली सड़कें वीरान दिखीं। कुछ ही लोग घरों से बाहर निकले और वह भी खासकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने के लिए।</p>
<p>सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों की कड़ी गश्त है और मंगलवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकारी और निजी इमारतों में लगा दी गई आग को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां देखी गईं।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी भवनों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी थी।</p>
<p>सेना ने लोगों से छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान लूटी गई या मिली बंदूकें, हथियार और गोलियां नज़दीकी पुलिस चौकी या सुरक्षाकर्मियों को लौटाने का भी आग्रह किया।</p>
<p>सेना ने एक अन्य बयान में कहा, ‘‘चूंकि ऐसे हथियारों के दुरुपयोग की आशंका है, इसलिए कृपया अधिकारियों को सूचित करें और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षा एजेंसियों को लौटा दें।’’</p>
<p>सेना ने चेतावनी दी कि अगर किसी के भी पास ऐसे हथियार या गोला-बारूद बरामद किए गए तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>सेना ने नागरिकों से ‘‘इस संवेदनशील अवधि में सेना की वर्दी न पहनने’’ की भी अपील की, क्योंकि ‘‘ऐसा करना गैरकानूनी है।’’</p>
<p>इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने काठमांडू के विभिन्न हिस्सों से लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल 27 लोगों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>अभियान के दौरान काठमांडू के चाबाहिल, बौद्ध और गौशाला क्षेत्रों में व्यक्तियों से 3.37 लाख रुपये नकद, 31 हथियार, मैगजीन और गोलियां बरामद की गईं।</p>
<p>सेना ने जनता से शांति बहाल करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की।</p>
<p>भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को ‘जेन-जी’ द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके कार्यालय में घुस गए थे जिसके तुरंत बाद मंगलवार को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध सोमवार रात हटा लिया गया था।</p>
<p>हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी इमारतों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/142997/nepal-army-implemented-restrictive-orders-for-security</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142997/nepal-army-implemented-restrictive-orders-for-security</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 13:52:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/nepal-flag.jpg"                         length="33028"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, नौ सितंबर (भाषा) नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने देश में जारी सरकार विरोधी जबर्दस्त प्रदर्शनों के मद्देनजर मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।</p>
<p>ओली ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उनके कार्यालय में घुसने के कुछ ही देर बाद पद छोड़ दिया।</p>
<p>ओली के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने सोमवार की मौतों की जवाबदेही की मांग करते हुए बालकोट स्थित नेपाली नेता के निजी आवास में आग लगा दी थी।</p>
<p>सोशल मीडिया साइट पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को हुए हिंसक विरोध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142981/nepal-prime-minister-oli-resigns"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/nepal-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, नौ सितंबर (भाषा) नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने देश में जारी सरकार विरोधी जबर्दस्त प्रदर्शनों के मद्देनजर मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।</p>
<p>ओली ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उनके कार्यालय में घुसने के कुछ ही देर बाद पद छोड़ दिया।</p>
<p>ओली के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने सोमवार की मौतों की जवाबदेही की मांग करते हुए बालकोट स्थित नेपाली नेता के निजी आवास में आग लगा दी थी।</p>
<p>सोशल मीडिया साइट पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोग मारे गए थे।</p>
<p>विरोध प्रदर्शनों के बाद, सरकार ने सोशल मीडिया साइट से प्रतिबंध कल रात हटा लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/142981/nepal-prime-minister-oli-resigns</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142981/nepal-prime-minister-oli-resigns</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 15:38:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/nepal-flag.jpg"                         length="33028"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल : युवा प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में 14 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काठमांडू, आठ सितंबर (भाषा) नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में राजधानी काठमांडू और कुछ अन्य इलाकों में सोमवार को युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>काठमांडू में हालात को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को सेना को तैनात करना पड़ा।</p>
<p>काठमांडू में ‘जेन ज़ी’ के बैनर तले स्कूली छात्रों समेत हजारों युवा संसद भवन के सामने इकट्ठा हुए और प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।</p>
<p>नेपाली मीडिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142974/14-people-killed-in-clash-between-nepal-youth-protesters-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/nepal-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू, आठ सितंबर (भाषा) नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में राजधानी काठमांडू और कुछ अन्य इलाकों में सोमवार को युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>काठमांडू में हालात को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को सेना को तैनात करना पड़ा।</p>
<p>काठमांडू में ‘जेन ज़ी’ के बैनर तले स्कूली छात्रों समेत हजारों युवा संसद भवन के सामने इकट्ठा हुए और प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।</p>
<p>नेपाली मीडिया के अनुसार इस हिंसक प्रदर्शन में 14 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मौतों की आधिकारिक संख्या के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं का प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना पड़ा।</p>
<p>अस्पताल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए 'हिमालयन टाइम्स' अखबार ने बताया कि काठमांडू में हुए प्रदर्शन में 14 लोगों की मौत हो गई।</p>
<p>'हिमालयन टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में छह लोग ट्रॉमा सेंटर, तीन सिविल अस्पताल, तीन एवरेस्ट अस्पताल, एक काठमांडू मेडिकल कॉलेज (केएमसी) और एक त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल में है।</p>
<p>न्यूज पोर्टल खबरहब ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि ‘जेन ज़ी’ आंदोलन में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p>नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि दो सुरक्षाकर्मियों समेत 42 लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज वर्तमान में काठमांडू के सिविल अस्पताल में चल रहा है।</p>
<p>सैन्य अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को तैनात किया गया है।</p>
<p>हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने राजधानी के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया। यह विरोध प्रदर्शन दूसरे शहरों में भी फैल गया है।</p>
<p>काठमांडू जिला प्रशासन ने संसद भवन के आसपास के क्षेत्रों में अशांति को रोकने के लिए अपराह्न 12:30 बजे से रात 10:00 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की।</p>
<p>मुख्य जिला अधिकारी छबि लाल रिजाल ने एक नोटिस में कहा, ‘‘प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों के आवागमन, प्रदर्शन, बैठक, सभा या धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।’’</p>
<p>स्थानीय प्रशासन ने बाद में ये प्रतिबंधात्मक आदेश राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री कार्यालय के आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भी लागू कर दिए।</p>
<p>नेपाल सरकार ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगा दिया था।</p>
<p>सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध उन्हें विनियमित करने के लिए लगाया गया है, लेकिन आम जनता में धारणा यह है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला होगा और सेंसरशिप की नौबत आ सकती है।</p>
<p>नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने देश में अपंजीकृत सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगाने के अपने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए रविवार को कहा कि “राष्ट्र को कमजोर किए जाने के प्रयास कभी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/142974/14-people-killed-in-clash-between-nepal-youth-protesters-and</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142974/14-people-killed-in-clash-between-nepal-youth-protesters-and</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 21:30:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/nepal-flag.jpg"                         length="33028"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        