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                <title>Ram Temple - Loktej</title>
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                <description>Ram Temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीराम जन्मभूमि परकोटा के सभी मंदिरों में 13 अप्रैल से होंगे सामान्य दर्शन, आनलाइन बुकिंग शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आगामी 13 अप्रैल सोमवार से परकोटा के सभी मंदिर, शेषावतार मंदिर, सप्त मंदिर, कुबेर टीला का दर्शन शुरू हाे जाएंगे।</p>
<p>श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन पास की आज से ऑनलाइन बुकिंग कर दी गई है।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर व्यवस्था में लगे गोपाल राव ने शुक्रवार को बताया कि सुगम दर्शन, विशिष्ट दर्शन, सामान्य दर्शन पास धारक (तथा संभव हो तो वील चेयर) श्रद्धालुओं काे अवसर</p>
<p>मिलेगा। अभी प्रारंभ में प्रति दो घंटे के स्लाट में अधिकतम 1500 श्रद्धालुजन इस दर्शन कर सकते हैं। सामान्य दर्शन पास का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146518/general-darshan-will-be-held-in-all-the-temples-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/ayodhya-ram-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आगामी 13 अप्रैल सोमवार से परकोटा के सभी मंदिर, शेषावतार मंदिर, सप्त मंदिर, कुबेर टीला का दर्शन शुरू हाे जाएंगे।</p>
<p>श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन पास की आज से ऑनलाइन बुकिंग कर दी गई है।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर व्यवस्था में लगे गोपाल राव ने शुक्रवार को बताया कि सुगम दर्शन, विशिष्ट दर्शन, सामान्य दर्शन पास धारक (तथा संभव हो तो वील चेयर) श्रद्धालुओं काे अवसर</p>
<p>मिलेगा। अभी प्रारंभ में प्रति दो घंटे के स्लाट में अधिकतम 1500 श्रद्धालुजन इस दर्शन कर सकते हैं। सामान्य दर्शन पास का आनलाइन बुकिंग आज से शुरू हाे गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:07:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण ‘एक नए युग की शुरुआत’ है: योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण को “एक नए युग की शुरुआत” बताया।</p>
<p>उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का धन्यवाद किया।</p>
<p>आगंतुकों को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की “आस्था, सम्मान और आत्म-गौरव” का प्रतीक है। उन्होंने इसके निर्माण में योगदान देने वाले सभी “कर्मयोगियों” का दिल से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144243/flag-hoisting-on-the-peak-of-ram-temple-is-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण को “एक नए युग की शुरुआत” बताया।</p>
<p>उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का धन्यवाद किया।</p>
<p>आगंतुकों को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की “आस्था, सम्मान और आत्म-गौरव” का प्रतीक है। उन्होंने इसके निर्माण में योगदान देने वाले सभी “कर्मयोगियों” का दिल से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह दिन ‘‘उन संतों, योद्धाओं और राम भक्तों की “अटूट भक्ति” को समर्पित है जिन्होंने इस आंदोलन और लंबे संघर्ष के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, जिसका नतीजा मंदिर के निर्माण के रूप में सामने आया।’’</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि जब 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला था, तो लाखों लोगों के दिलों में “संकल्प और विश्वास का सूरज” जगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, “आज, वह संकल्प इस भव्य राम मंदिर के रूप में सभी भारतीयों और भक्तों के सामने पूरा हुआ है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि राम मंदिर के ऊपर फहरा रहा ध्वज सच्चाई, न्याय, गरिमा और राष्ट्रीय धर्म का प्रतीक है।</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा, “यह एक विकसित भारत के दृष्टिकोण को भी दिखाता है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं है, और पिछले 11 सालों में हम सभी ने एक बदलते भारत को देखा है। हम एक ऐसा भारत देख रहे हैं जहां विरासत और विकास पूरे तालमेल के साथ मौजूद हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।”</p>
<p>उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि अटूट विश्वास बना रहा, और जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व में संघर्ष शुरू हुआ, तो पूरे आंदोलन में एक ही संकल्प गूंजा: “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे… लाठी-गोली खाएंगे, पर मंदिर वहीं बनाएंगे।”</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब अयोध्या को नज़रअंदाज़ किया जाता था और यहां अव्यवस्था थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, यह अब “वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी” में बदल गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:18:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर ध्वजारोहण युगांतकारी, सदियों के जख्म भर रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां राम मंदिर ध्वजारोहण को ‘युगांतकारी’ क्षण की संज्ञा देते हुए कहा कि “सदियों के ज़ख्म और दर्द भर रहे हैं” क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।</p>
<p>मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि ''राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144242/ram-mandir-flag-hoisting-is-revolutionary-prime-minister-modi-is"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5077_modi.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां राम मंदिर ध्वजारोहण को ‘युगांतकारी’ क्षण की संज्ञा देते हुए कहा कि “सदियों के ज़ख्म और दर्द भर रहे हैं” क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।</p>
<p>मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि ''राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को जगाना होगा।''</p>
<p>उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमें अपने भीतर के राम की समीक्षा करनी होगी। इस संकल्प के लिए आज से बेहतर दिन क्या हो सकता है।''</p>
<p>राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह में मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “सदियों के घाव और दर्द आज भर रहे हैं और 500 साल पुराना संकल्प पूरा हो रहा है।”</p>
<p>इससे पहले रामनगरी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। ‘जय श्री राम’ और ‘जय जय हनुमान’ नारों के बीच अयोध्यावासियों ने प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्प वर्षा की।</p>
<p>इस पल को “युगांतकारी” बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या एक और ऐतिहासिक पड़ाव देख रहा है। उन्होंने कहा “पूरा देश और दुनिया भगवान राम में डूबी हुई है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है।''</p>
<p>मोदी ने कहा कि पवित्र ध्वज इस बात का सबूत होगा कि “असत्य पर आखिरकार सत्य की जीत होती है।’’</p>
<p>उन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों का उल्लेख करते हुए इस अवसर पर कहा, ‘‘मैं इस खास मौके पर राम भक्तों को बधाई देता हूं, उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में दान दिया या किसी भी तरह से मदद की।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने समारोह में यह भी कहा, ‘‘2047 तक जब हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे कर लेंगे, तो हमें एक विकसित भारत बनाना होगा।’’</p>
<p>उन्‍होंने कहा कि ''हमें याद रखना है जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में सोचना है क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था। जब हम नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘हमें एक जीवंत समाज के लिए दूरदृष्टि से काम करना होगा।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोये थे। कुछ दिन पहले हमने एक कार्यक्रम में आग्रह किया था कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘देश को आगे बढ़ना है तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा। हमें गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होना होगा।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘'आज राम मंदिर के प्रांगण में हमारी स्‍मृति की वापसी है, हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैकाले ने जो कुछ सोचा था......हमें आजादी मिली लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। हमारे यहां एक विकार आ गया कि विदेश की हर व्यवस्था अच्छी है और हमारी जो अपनी चीजें हैं, उनमें खोट ही खोट है। गुलामी की यही मानसिकता है।’’</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘कहा गया कि हमारा संविधान विदेश से प्रेरित है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र हमारे ''डीएनए'' में है।’’</p>
<p>ध्वजारोहण समारोह को ऐतिहासिक करार देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘यह धर्म ध्वजा केवल ध्वजा नहीं, यह भारतीय सभ्‍यता के पुनर्जागरण का ध्‍वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्‍याति, वर्णित शब्द 'ओम'' और अंकित कोविदार वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करते हैं। यह ध्‍वज संकल्प है, यह ध्‍वज सफलता है, यह ध्‍वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, यह ध्‍वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है।''</p>
<p>उन्‍होंने विस्तार से ध्‍वज की महिमा का बखान करते हुए कहा, ‘‘यह ध्‍वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है। साथियो, आने वाली सदियों और सहस्र शताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों और सिद्धांतों का जयघोष करेगा, यह धर्म ध्वज आह्वान करेगा ''सत्यमेव जयते'' यानी जीत सत्य की ही होती है असत्य की नहीं।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘यह धर्म ध्वज हमें संकल्पित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं जहां गरीबी न हो, कोई दुखी और लाचार न हो।’’</p>
<p>उन्‍होंने ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से मंदिर के ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्‍य मिल जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह धर्म ध्वज इस मंदिर के ध्‍येय का प्रतीक है और यह दूर से ही राम लला की जन्‍मभूमि के दर्शन कराएगा तथा युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों और प्रेरणा को मानव मात्र तक पहुंचाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘संपूर्ण विश्व के करोड़ों राम भक्तों, मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले दानवीरों, निर्माण से जुड़े हर श्रमवीर, हर कारीगर, हर योजनाकार, हर वास्‍तुकार’ सभी का अभिनंदन करते हुए कहा, ''अयोध्या वह भूमि है जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। इसी अयोध्‍या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति और उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘राम अयोध्या से वनवास पर गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की शिक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषाद राज की मित्रता, मां शबरी की ममता, समर्पण इन सबकी, अनगिनत लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।''</p>
<p>मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि राम मंदिर का प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्‍य की भी चेतना स्‍थली बन रहा है। यहां सप्‍त मंदिर बने हैं, यहां माता शबरी का मंदिर है जो जनजातीय समाज के प्रेम भाव और आतिथ्य परंपरा की प्रतिमूर्ति है। यहां निषाद राज का मंदिर है जहां उनकी मित्रता की भावना को पूजा जाता है।''</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज हर देशवासी से कहूंगा कि वह जब भी राम मंदिर आएं तो सप्‍त मंदिर के दर्शन अवश्य</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:16:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी: भागवत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि आज ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ मोहन भागवत ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। इस मौके पर खासतौर पर मौजूद आरएसएस प्रमुख ने कहा, ''आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिवस है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ''इतने लोगों ने सपना देखा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144241/the-souls-of-those-who-sacrificed-for-ram-temple-would"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/3843_mohan-bhagwat-rss.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि आज ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ मोहन भागवत ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। इस मौके पर खासतौर पर मौजूद आरएसएस प्रमुख ने कहा, ''आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिवस है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ''इतने लोगों ने सपना देखा, प्रयास किया, प्राण अर्पण किये, आज उनकी आत्मा तृप्त हुई होगी। आज वास्तव में अशोक जी (राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख दिवंगत अशोक सिंघल) की आत्मा को वहां शांति मिली होगी।''</p>
<p>मोहन भागवत ने मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों को स्मरण करते हुए कहा, ''महंत रामचंद्र दास महाराज, डालमिया जी (विहिप प्रमुख दिवंगत विष्णु हरि डालमिया) कितने संतों, कितने विचारकों ने अपना पसीना बहाया, अपना प्राण अर्पित किया।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘और जो उनके पीछे थे वे अपनी इच्छा व्यक्त करते रहे कि मंदिर बनेगा और आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई। ध्वजारोहण हो गया।''</p>
<p>आरएसएस प्रमुख ने इसे गौरवमयी क्षण बताते हुए इस अवसर पर शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘‘रामराज्य का ध्‍वज जो कभी अयोध्या में फहराता था और संपूर्ण विश्व में सुख-शांति प्रदान करता था, वह ध्‍वज शिखर पर विराजमान होते हमने अपनी आंखों से देखा है।''</p>
<p>भागवत ने कहा, ''ध्वज प्रतीक होता है। ध्‍वज फहराने में समय लगा, मंदिर बनने में भी समय लगाा। उस मंदिर के रूप में हमने कुछ तत्वों को ऊपर पहुंचाया है।</p>
<p>सारा विश्‍व जिससे ठीक चलेगा, अपने व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक जीवन से लेकर, सृष्टि जीवन ठीक से चलेगा, उस धर्म का प्रतीक भगवा रंग, वही इस धर्म ध्वज का रंग है और इस पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष देवगुणों का समुच्चय है और यह रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर पर फहराया गया ध्वज उन सिद्धांतों का प्रतीक है जो व्यक्ति, परिवार और दुनिया भर में सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।</p>
<p>समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित थे।</p>
<p>भागवत ने कहा, ‘‘कई लोगों ने इस दिन का सपना देखा था और कई लोगों ने इसके लिए अपनी जान दे दी। आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग हर दिन पृष्ठभूमि में काम करते थे, उन्होंने भी राम मंदिर का सपना देखा था, अब जब रस्में पूरी हो गई हैं तो 'राम राज्य' का झंडा फहराया गया है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, “इतना ऊंचा ध्वज फहराने में बहुत समय लगा है। आप सब जानते हैं कि मंदिर बनने में कितना समय लगा — अगर 500 साल को छोड़ भी दें, तो 30 साल लगे।”</p>
<p>संघ प्रमुख ने कहा कि इस ध्वज के माध्यम से कुछ बुनियादी मूल्यों को ऊपर उठाया गया है।</p>
<p>भागवत ने कहा, “ये वो मूल्य हैं जो दुनिया को रास्ता दिखाएंगे — निजी जीवन से लेकर पारिवारिक जीवन और पूरी सृष्टि के जीवन तक। धर्म ही सबकी भलाई सुनिश्चित करता है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि झंडे का केसरिया रंग धर्म को दिखाता है और इसलिए इसे ‘धर्म ध्वज’ कहा जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:14:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी को मनाई जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 12 दिसंबर (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ पर धार्मिक समारोह अगले साल 11 जनवरी को मनाया जाएगा।</p>
<p>अयोध्या में राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह इस साल 22 जनवरी को हुआ था।</p>
<p>राय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''समारोह की तारीख हिंदू परंपराओं के अनुसार तय की गई है।''</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ राम मंदिर परिसर में अठारह नए मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें दशावतार, शेषावतार, निषादराज, शबरी, अहिल्या और संत तुलसीदास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109613/the-first-anniversary-of-the-consecration-ceremony-of-ram-temple-will-be-celebrated-on-january-11"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/lord-rama-ayodhya-mandir-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 12 दिसंबर (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ पर धार्मिक समारोह अगले साल 11 जनवरी को मनाया जाएगा।</p>
<p>अयोध्या में राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह इस साल 22 जनवरी को हुआ था।</p>
<p>राय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''समारोह की तारीख हिंदू परंपराओं के अनुसार तय की गई है।''</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ राम मंदिर परिसर में अठारह नए मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें दशावतार, शेषावतार, निषादराज, शबरी, अहिल्या और संत तुलसीदास को समर्पित मंदिर शामिल हैं।</p>
<p>राय ने कहा कि काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और सभी विकास नियोजित तिथियों के अनुरूप हैं।</p>
<p>राय ने भगवान रामलला को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को लेकर फैली अफवाहों का पुरजोर तरीके से खंडन किया।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया, ''पिछले 30 वर्षों से रामलला के परिसर में बाहर से कोई भी प्रसाद नहीं लाया गया है।''</p>
<p>उन्होंने कहा, ''भक्तों को वितरित किया जाने वाला प्रसाद मंदिर परिसर के भीतर ही तैयार किया जाता है और इसे विशेष रूप से लंबे समय तक खराब न होने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।''</p>
<p>राय ने बताया कि बाहर का प्रसाद जैसे कि छप्पन भोग, पूरी देखभाल के बाद ही रामलला को समर्पित किया जाता है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि यदि कोई प्रसाद खराब हो जाता है, तो यह भक्तों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, इसीलिए मंदिर बाहरी प्रसाद चढ़ाने में सावधानी बरतता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 10:15:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नरीमन ने अयोध्या फैसले की आलोचना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन ने रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले में शीर्ष अदालत के 2019 के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे ‘‘न्याय का उपहास’’ बताया, जो पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत के साथ न्याय नहीं करता।</p>
<p>‘पंथनिरपेक्षता और भारतीय संविधान’ विषय पर प्रथम न्यायमूर्ति ए एम अहमदी स्मारक व्याख्यान में न्यायमूर्ति नरीमन ने हालांकि कहा कि इस फैसले में एक ‘‘सकारात्मक पहलू’’ भी है क्योंकि इसमें उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 को बरकरार रखा गया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति नरीमन ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि न्याय का सबसे बड़ा उपहास यह है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107469/former-supreme-court-judge-nariman-criticized-ayodhya-verdict"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-07/lawyer-justice-advocate-court-judge.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन ने रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले में शीर्ष अदालत के 2019 के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे ‘‘न्याय का उपहास’’ बताया, जो पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत के साथ न्याय नहीं करता।</p>
<p>‘पंथनिरपेक्षता और भारतीय संविधान’ विषय पर प्रथम न्यायमूर्ति ए एम अहमदी स्मारक व्याख्यान में न्यायमूर्ति नरीमन ने हालांकि कहा कि इस फैसले में एक ‘‘सकारात्मक पहलू’’ भी है क्योंकि इसमें उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 को बरकरार रखा गया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति नरीमन ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि न्याय का सबसे बड़ा उपहास यह है कि इन निर्णयों में पंथनिरपेक्षता को उचित स्थान नहीं दिया गया।’’</p>
<p>न्यायमूर्ति नरीमन ने मस्जिद को ढहाये जाने को गैर कानूनी मानने के बावजूद विवादित भूमि प्रदान करने के लिए न्यायालय द्वारा दिए गए तर्क से भी असहमति जताई।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज हम देख रहे हैं कि देशभर में इस तरह के नये-नये मामले सामने आ रहे हैं। हम न केवल मस्जिदों के खिलाफ बल्कि, दरगाहों के खिलाफ भी वाद देख रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सब सांप्रदायिक वैमनस्य को जन्म दे सकता है। इस सब को खत्म करने का एकमात्र तरीका यह है कि इसी फैसले के इन पांच पन्नों को लागू किया जाए और इसे हर जिला अदालत और उच्च न्यायालय में पढ़ा जाए। दरअसल, ये पांच पन्ने उच्चतम न्यायालय द्वारा एक घोषणा है जो उन सभी को आबद्ध करता है।’’</p>
<p>उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने यह भी कहा कि कैसे विशेष सीबीआई न्यायाधीश -- सुरेंद्र यादव -- जिन्होंने मस्जिद ढहाये जाने के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था, को सेवानिवृत्ति के बाद उत्तर प्रदेश में उप लोकायुक्त के रूप में नौकरी मिल गई।</p>
<p>उनकी टिप्पणी थी, ''यह हाल है देश का।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 17:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या : प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 50 परम्पराओं के संतों समेत 13 अखाड़ों के प्रमुख आएंगे, 16 जनवरी से शुरू होगा पूजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या 18 दिसंबर (हि. स.)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चम्पत राय ने सोमवार को ट्रस्ट के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के रामघाट पत्थर कार्यशाला स्थित संवाद केंद्र में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान के नवीन मन्दिर के लिए 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजन प्रारम्भ होगा। यह 22 जनवरी यानी प्राण प्रतिष्ठा तक चलेगा। उसके बाद 24 जनवरी से 48 दिनों का उत्तर भारत की परम्परा के अनुसार मंडल पूजन होगा। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से आमजन रामलला के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जहां भगवान विराजमान हैं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/97971/saints-of-50-traditions-along-with-heads-of-13-akharas"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-12/k18122023-10.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या 18 दिसंबर (हि. स.)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चम्पत राय ने सोमवार को ट्रस्ट के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के रामघाट पत्थर कार्यशाला स्थित संवाद केंद्र में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान के नवीन मन्दिर के लिए 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजन प्रारम्भ होगा। यह 22 जनवरी यानी प्राण प्रतिष्ठा तक चलेगा। उसके बाद 24 जनवरी से 48 दिनों का उत्तर भारत की परम्परा के अनुसार मंडल पूजन होगा। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से आमजन रामलला के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जहां भगवान विराजमान हैं, वहां दर्शन पूजन बंद करने पर विचार चल रहा है।,ताकि भीतरी कार्य अतिशीघ्र पूरे हो सकें। उन्होंने बताया कि आगामी 15 जनवरी तक ट्रस्ट की ओर से की जा रहीं सभी तैयारियां पूरी हो जाएगीं।<br /><br />उन्होंने बताया कि समारोह में विभिन्न प्रदेशों के 150 परम्पराओं के साधु-संतों समेत 13 अखाड़े और छह दर्शन परम्परा के शंकराचार्य आदि शामिल होंगे। करीब चार हजार संतों को आमंत्रित किया गया है । इसके अलावा 2200 गृहस्थों को भी निमंत्रण दिया गया है।<br /><br />ट्रस्ट महासचिव राय ने कहा कि काशी विश्वनाथ, वैष्णोदेवी जैसे प्रमुख मंदिरों के प्रमुखों, धार्मिक व संवैधानिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।<br /><br />उन्होंने बताया कि विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा, केरल की अम्मा, योग गुरू बाबा रामदेव समेत सिने स्टार रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, अरुण गोविल, निर्देशक मधुर भंडारकर समेत प्रमुख उद्योगपतियों में अनिल अंबानी, मुकेश अंबानी, रतन टाटा के पुत्र, प्रख्यात चित्रकार वासुदेव कामत, इसरो निदेशक नीलेश देसाई समेत तमाम विशिष्ट हस्तियां समारोह की साझी होंगी।<br /><br />उन्होंने बताया कि अयोध्या के तीन से अधिक स्थानों पर अतिथियों के ठहरने के उचित प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न मठ-मंदिरों और गृहस्थ परिवारों की ओर से 600 कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। 25 दिसम्बर से तीन प्रमुख स्थानों पर भंडारा भी प्रारम्भ हो जाएगा।<br /><br />ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने बताया कि स्वास्थ्य और आयु कारणों से पूर्व गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी नहीं आ रहे हैं। दोनों परिवार के बुजुर्ग हैं और उनकी आयु देखते हुए न आने का निवेदन किया गया जिसे दोनों महानुभावों ने स्वीकार किया है।पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा को आमंत्रित करने के लिए तीन सदस्यों की समिति बनी है।इस अवसर पर विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/97971/saints-of-50-traditions-along-with-heads-of-13-akharas</link>
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                <pubDate>Mon, 18 Dec 2023 19:05:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को एक महीना बाकी, प्रभु राम और हनुमान के झंडों की मांग बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रयागराज/वाराणसी : अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनुष्ठान शुरू होने में ठीक एक महीना बाकी है। इसी बीच श्री राम और हनुमान के झंडों की मांग बढ़ने लगी है।</p>
<p>‘पताका’ (ध्वज) के व्यापारियों को हिंदू संगठनों, आवासीय कॉलोनियों, अपार्टमेंट और व्यक्तियों से भगवा झंडों के लिए ऑर्डर मिले हैं, जिन पर श्री राम/अयोध्या लिखा है।</p>
<p>वाराणसी के एक प्रमुख व्यापारी सूरत राम ने कहा, “हमें पिछले पखवाड़े में ही श्री राम और हनुमान के साथ मंदिर संरचना की छाप वाले 50,000 झंडों के ऑर्डर मिल चुके हैं और जनवरी में शहर और आसपास के जिलों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/97887/one-month-left-for-ram-mandir-pran-pratistha-demand-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-12/k13122023-05.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज/वाराणसी : अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनुष्ठान शुरू होने में ठीक एक महीना बाकी है। इसी बीच श्री राम और हनुमान के झंडों की मांग बढ़ने लगी है।</p>
<p>‘पताका’ (ध्वज) के व्यापारियों को हिंदू संगठनों, आवासीय कॉलोनियों, अपार्टमेंट और व्यक्तियों से भगवा झंडों के लिए ऑर्डर मिले हैं, जिन पर श्री राम/अयोध्या लिखा है।</p>
<p>वाराणसी के एक प्रमुख व्यापारी सूरत राम ने कहा, “हमें पिछले पखवाड़े में ही श्री राम और हनुमान के साथ मंदिर संरचना की छाप वाले 50,000 झंडों के ऑर्डर मिल चुके हैं और जनवरी में शहर और आसपास के जिलों में लगभग तीन लाख और आपूर्ति करने की उम्मीद है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “भक्तों के बीच भगवा रंग के श्री राम मुद्रित झंडों और लाल रंग के श्री हनुमान पताका (ध्वज) की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। विभिन्न आकारों और आकृतियों के धार्मिक झंडों के लिए ऑर्डर हैं। हम मांग को पूरा करने के लिए अधिक दर्जी लगा रहे हैं।”</p>
<p>इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (काशी प्रांत) के अधिकारियों ने भी सिर्फ प्रयागराज में मंदिरों और घरों पर लगाने के लिए 10,000 भगवा झंडों का ऑर्डर दिया है।</p>
<p>विहिप (काशी प्रांत) के अध्यक्ष के.पी. सिंह ने कहा, “हम हिंदू समुदाय के लोगों से 22 जनवरी को अपने घरों पर भगवा झंडा या श्री राम/हनुमान का पताका लगाने की अपील कर रहे हैं। हम भक्तों में झंडे भी वितरित करेंगे।”</p>
<p>विहिप के अलावा, आरएसएस और अन्य हिंदू संगठनों के स्वयंसेवकों ने भी भक्तों के बीच झंडे वितरित करने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य है कि भगवान राम और मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन प्रत्येक हिंदू समुदाय के सदस्य के घर पर यह ध्वज फहराया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Dec 2023 14:09:05 +0530</pubDate>
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                <title>नव्य अयोध्या की मूर्तियों में भी दिखेगी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की झलक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ, 11 दिसम्बर (हि.स.)। अयोध्या के राजा श्रीराम के स्वागत को पूरी दुनिया बेताब है। 22 जनवरी 2024 को 500 वर्षों के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से मर्यादा पुरुषोत्तम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इस दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'नव्य अयोध्या' का निर्माण हो रहा है।<br /><br />मुख्यमंत्री का प्रयास है कि यहां पूरी दुनिया को पारंपरिक, सांस्कृतिक धरोहर से लेकर आधुनिकता की झलक देखने को मिले। इसके लिए योगी सरकार ने देश ही नहीं, बल्कि विदेश के कलाकारों को भी आमंत्रित किया है, जो अपनी मूर्तिकला और चित्रकला से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/97839/a-glimpse-of-maryada-purushottam-shri-ram-will-also-be"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/lord-rama-ayodhya-mandir-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ, 11 दिसम्बर (हि.स.)। अयोध्या के राजा श्रीराम के स्वागत को पूरी दुनिया बेताब है। 22 जनवरी 2024 को 500 वर्षों के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से मर्यादा पुरुषोत्तम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इस दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'नव्य अयोध्या' का निर्माण हो रहा है।<br /><br />मुख्यमंत्री का प्रयास है कि यहां पूरी दुनिया को पारंपरिक, सांस्कृतिक धरोहर से लेकर आधुनिकता की झलक देखने को मिले। इसके लिए योगी सरकार ने देश ही नहीं, बल्कि विदेश के कलाकारों को भी आमंत्रित किया है, जो अपनी मूर्तिकला और चित्रकला से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जीवन को उकेरेंगे। साथ ही लोगों के दिलों और दिमाग पर भव्य उद्धाटन समारोह की अमिट छाप छोड़ेंगे।<br /><br /><strong>देश-विदेश से दिग्गज मूर्ति और शिल्प कलाकारों को किया गया आमंत्रित</strong><br /><br />योगी सरकार प्रभु श्रीराम के मंदिर उद्धाटन समारोह को जल, नभ और थल से भव्य रूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को मूर्तिकला के जरिये प्रभु श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करने के निर्देश दिये थे, क्योंकि हमारी मूर्तिकला पूरे विश्व में सबसे पुरानी कला है। यह कला लोगों को युगों-युगों तक इतिहास से जोड़ती आई है। ऐसे में मंदिर के उद्धाटन समारोह में आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक यादगार बनाने और कलाओं के संरक्षण- संवर्धन के लिए मूर्ति-शिल्प कला की कार्यशाला के आयोजन के निर्देश दिये थे। यही वजह है कि अयोध्या में मंदिर उद्धाटन के भव्य समारोह को इतिहास के काल खंडों में समृद्ध साक्ष्य के रूप में संजोने के लिए मूर्तिकला की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए देश और विदेश के दिग्गज मूर्ति और शिल्प कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। यह कलाकार रामायण परंपरा और प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रसंगों से जुड़ी हुई मूर्तियों का निर्माण करेंगे। वहीं इन मूर्तियों के जरिये प्रभु श्रीराम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।<br /><br /><strong>अयोध्या के विभिन्न घाटों एवं स्थलों पर कलाकृतियों की होगी स्थापना</strong><br /><br />देश ही नहीं, विदेशों में भी चित्रकला के माध्यम से पारंपरिक कलाओं को संरक्षित किया गया है। यह हमें प्राचील काल की विविधताओं और इतिहास से रूबरू कराता है। इन चित्रकलाओं में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श रूपों एवं रामायण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का चित्रांकन भी शामिल है। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार मंदिर उद्धाटन समारोह को चित्रकला के माध्यम से संरक्षित करेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी द्वारा ख्याति प्राप्त चित्रकारों का चित्रकला शिविर आयोजित कराएगा, जिसमें श्रीराम से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को 108 चित्रों का चित्रांकन किया जाएगा। वहीं योगी सरकार अयोध्या के विभिन्न घाटों एवं स्थलों पर रामायण से जुड़ी कलाकृतियों की स्थापना के लिए दो करोड़ की धनराशि खर्च करेगी। इन कलाकृतियों के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ को सौंपी गई है। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के जरिये कलाकृतियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही इन कलाकृतियों की आधुनिक रूप से साज सज्जा भी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 15:31:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सूरत के जौहरी ने अयोध्या स्थित निर्माणाधीन राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृतियां बनाईं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत के एक जौहरी ने अयोध्या में राम मंदिर की शानदार चांदी की प्रतिकृतियां तैयार की हैं। ये प्रतिकृतियां चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध होंगी, जो वास्तविक राम मंदिर के दर्शन करने जैसा अनुभव प्रदान करेंगी।</p>
<p>सूरत के जौहरी दीपक चोकसी ने मंदिर की चार अलग-अलग चांदी की प्रतिकृतियां बनाई हैं, जिनका वजन 600 ग्राम से लेकर 5 किलोग्राम तक है। इन जटिल नक्काशीदार प्रतिकृतियों की कीमत 70,000 से 5 लाख रुपये के बीच है। इन अलग-अलग चांदी की प्रतिकृतियों को बनाने की प्रक्रिया में लगभग दो महीने की मेहनत लगी। प्रारंभ में, एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>सूरत के एक जौहरी ने अयोध्या में राम मंदिर की शानदार चांदी की प्रतिकृतियां तैयार की हैं। ये प्रतिकृतियां चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध होंगी, जो वास्तविक राम मंदिर के दर्शन करने जैसा अनुभव प्रदान करेंगी।</p>
<p>सूरत के जौहरी दीपक चोकसी ने मंदिर की चार अलग-अलग चांदी की प्रतिकृतियां बनाई हैं, जिनका वजन 600 ग्राम से लेकर 5 किलोग्राम तक है। इन जटिल नक्काशीदार प्रतिकृतियों की कीमत 70,000 से 5 लाख रुपये के बीच है। इन अलग-अलग चांदी की प्रतिकृतियों को बनाने की प्रक्रिया में लगभग दो महीने की मेहनत लगी। प्रारंभ में, एक कार्डबोर्ड प्रतिकृति बनाई गई, उसके बाद एक फ्रेम बनाया गया। मंदिर को चांदी में अंतिम रूप देने से पहले लकड़ी में तैयार किया गया था। अगले साल जब अयोध्या में वास्तविक राम मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुलेगा तो लोग उसके दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, इस बीच, भक्त सूरत में आश्चर्यजनक चांदी की प्रतिकृतियां देख सकते हैं।</p>
<p>यहां प्रस्तुत है टीवी९ गुजराती की इसी चांदी की प्रतिकृतियों के संबंध में रिपोर्ट।</p>
<p> <iframe style="border:none;" src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=476&amp;href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Ftv9gujarati%2Fvideos%2F540161324926897%2F&amp;show_text=false&amp;width=267&amp;t=0" width="267" height="476" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90583/surats-jeweler-makes-silver-replicas-of-ram-temple-under-construction</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Mar 2023 21:53:11 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बड़ी घोषणा, बुजुर्गों को मुफ्त में कराएंगे रामलला के दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[तीर्थ यात्रा योजना के तहत दिल्ली के बुजुर्गों को मुफ्त अयोध्या यात्रा की घोषणा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ी घोषणा करते हुए तीर्थ यात्रा योजना के तहत दिल्ली के बुजुर्गों को मुफ्त अयोध्या यात्रा की घोषणा की है। इस यात्रा की पहली ट्रेन 3 दिसंबर को रवाना होगी। इस बारे में केजरीवाल ने कहा कि इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। सरकार हिंदू, मुस्लिम, सिख और अब ईसाई धर्मस्थलों की तीर्थयात्रा भी करेगी।</div><div>आपको बता दें कि केजरीवाल ने इस बारे में कहा, 'अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद मुझे लगा कि दिल्ली के बुजुर्गों के भी राम मंदिर जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। हाल ही में मैंने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में अयोध्या यात्रा को शामिल करने की घोषणा की। मुझे आज यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि अयोध्या के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है और पहली ट्रेन 3 दिसंबर को रवाना होगी।” आपको बता दें, इस यात्रा के लिए आप दिल्ली सरकार के पोर्टल से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।</div><div>आगे केजरीवाल ने कहा कि यात्रा बुजुर्गों के लिए बिल्कुल मुफ्त है और यहां तक कि एक परिचारक को भी बुजुर्ग व्यक्ति के साथ यात्रा पर जाने की अनुमति है। उन्होंने आगे कहा कि हमने बेहतरीन होटल और एसी ट्रेन की व्यवस्था की है ताकि दिल्ली के बुजुर्गों को कोई परेशानी न हो। ऐसे में अगर पहली ट्रेन के लिए पंजीकरण पूर्ण हो जाता है तो सरकार दूसरी और तीसरी ट्रेन की व्यवस्था करेगी।</div><div>जानकारी के लिए बता दें कि केजरीवाल अनुसार ईसाई समुदाय के लोगों ने शिकायत की है कि उनके किसी भी धार्मिक स्थल को योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए वेलंकन्नी चर्च की यात्रा को तीर्थयात्रा में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि इस योजना के तहत अब तक दिल्ली के 36000 से ज्यादा बुजुर्ग तीर्थ यात्रा कर चुके हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83077/delhi-chief-minister-arvind-kejriwal-s-big-announcement-will-make-the-elderly-have-free-darshan-of-ramlala</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 05:29:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किए रामलला के दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के लोगों को दी दीपावली की शुभकामानाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83013/uttar-pradesh-chief-minister-yogi-adityanath-visited-ramlala"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/5543_1.png" alt=""></a><br /><div>दिवाली के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश में राम जन्म भूमि अयोध्या में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम चल रहा है। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि पर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने छोटे शिविर में नृत्य गोपालदासजी से मुलाकात की। वह कौशल किशोर दास से मुलाकात की। उसके बाद मुख्यमंत्री योगी अयोध्या में एक गरीब व्यक्ति के घर गए और उसका हालचाल पूछा।</div><div>आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों के लिए भी दिवाली की शुभकामनाएं भेजी हैं। योगी ने कहा, मैं क्षेत्र के सभी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भी धन्यवाद दिया।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="in" dir="ltr" xml:lang="in"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> Chief Minister Yogi Adityanath offers prayers to 'Ram Lalla' at Ram Janambhoomi in Ayodhya on <a href="https://twitter.com/hashtag/Diwali?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Diwali</a> <a href="https://t.co/SZCUQI1Cbp">pic.twitter.com/SZCUQI1Cbp</a></p>— ANI UP (@ANINewsUP) <a href="https://twitter.com/ANINewsUP/status/1456099987717177344?ref_src=twsrc%5Etfw">November 4, 2021</a></blockquote> <div>दीपोत्सव के मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब मैं यहां पहली बार दीपोत्सव के लिए आया था तब भी हमने कहा था कि धैर्य रखें, अयोध्या में भगवान राम का मंदिर जरूर बनेगा। आपके सभी संकल्प आखिरकार जीत गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को इस कार्यक्रम की शुरुआत की है। अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण से अयोध्या देश और दुनिया में सबसे अच्छा धार्मिक और आध्यात्मिक शहर होगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Nov 2021 18:02:29 +0530</pubDate>
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