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                <title>Iran - Loktej</title>
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                <description>Iran RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि परमाणु हथियारों का उपयोग कभी किसी को नहीं करना चाहिए और वह ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का सहारा नहीं लेंगे।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह जरूर साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का वर्तमान में ‘होर्मुज स्ट्रेट’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146768/us-president-donald-trumps-big-statement-amid-ongoing-tension-with"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि परमाणु हथियारों का उपयोग कभी किसी को नहीं करना चाहिए और वह ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का सहारा नहीं लेंगे।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह जरूर साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का वर्तमान में ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर पूरा नियंत्रण है और ईरान पर दबाव बनाने के लिए इसे रणनीतिक रूप से बंद रखा गया है, ताकि वह तेल व्यापार से आय न कर सके।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास तेल की प्रचुर मात्रा है और उसे अब होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे रूस और सऊदी अरब के संयुक्त उत्पादन से भी अधिक तेल बना रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि ईरान एक ठोस समझौते (डील) के लिए तैयार नहीं होता है, तो बाकी बचे 25 प्रतिशत सैन्य लक्ष्यों को भी नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय का दबाव अमेरिका पर नहीं बल्कि ईरान पर है, क्योंकि तेल का निर्यात रुकने से उनका बुनियादी ढांचा चरमरा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और एक ऐसा स्थाई समझौता चाहते हैं जिससे भविष्य में ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न कर सके।</p>
<p>राजनयिक तनाव के बीच ट्रंप ने एक मानवीय सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका के नैतिक अनुरोध पर ईरान 8 युवतियों की फांसी रोकने और उन्हें रिहा करने पर सहमत हो गया है।</p>
<p>मध्य पूर्व में शांति के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को दी जाने वाली फंडिंग बंद करना ईरान के लिए अनिवार्य शर्त होगी। ट्रंप ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने पहले ही ईरान के अधिकांश महत्वपूर्ण ठिकानों को निष्क्रिय कर दिया है और अब वे आराम से बैठकर समझौते का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका कड़े प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के जरिए ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति अपना रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:35:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध की आग के बीच किम जोंग का ‘महा-विनाशक’ दांव, लगातार दूसरे दिन दागी क्लस्टर मिसाइल, US की नींद हराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 अप्रैल (वेब वार्ता)। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया। इन घातक मिसाइलों की निगरानी के दौरान उनकी बेटी भी मौजूद रही।</p>
<p>उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सीजफायर टूटने की खबरों के बीच लगातार मिसाइल परीक्षणों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को उत्तर कोरिया ने खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>इस महीने यह दूसरा मौका है जब किम जोंग उन के प्रशासन ने क्लस्टर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146694/kim-jongs-grand-destroyer-bet-amid-the-fire-of-iran"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/1886_kim-jong.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 अप्रैल (वेब वार्ता)। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया। इन घातक मिसाइलों की निगरानी के दौरान उनकी बेटी भी मौजूद रही।</p>
<p>उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सीजफायर टूटने की खबरों के बीच लगातार मिसाइल परीक्षणों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को उत्तर कोरिया ने खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>इस महीने यह दूसरा मौका है जब किम जोंग उन के प्रशासन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 सतह से सतह बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, रविवार को उत्तर कोरिया (North Korea) के पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं, जिन्हें दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने डिटेक्ट किया।</p>
<p>अगले दिन किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइल का परीक्षण किया। मिसाइल लॉन्च के दौरान किम और उनकी बेटी किम जू ऐ भी मौजूद थी और मिसाइल को ध्यानपूर्वक देख रही थी। किम जू ऐ को उत्तर कोरिया (North Korea) का संभावित उत्तराधिकारी माना जा सकता है।<br />पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइल लॉन्च</p>
<p>KCNA के बयान में कहा गया कि किम ने पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइलों के लॉन्च की निगरानी की। इन मिसाइलों में क्लस्टर बम और फ्रैगमेंटेशन माइन वारहेड शामिल थे, और ये एक द्वीप लक्ष्य को हिट करने में सफल रहीं।</p>
<p>किम ने इसे “उच्च घनत्व वाली हमला क्षमता बढ़ाने के सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण” बताया। इससे पहले, इस महीने हुए परीक्षण में भी हवासोंग-11 क्लस्टर बम वारहेड मिसाइल का प्रयोग किया गया था, जो 6.5-7 हेक्टेयर क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध ने उत्तर कोरिया (North Korea) को प्रेरित किया है कि वह अपने क्लस्टर हथियारों को प्रदर्शित करे और उनकी क्षमता बढ़ाने के प्रयास तेज करे।</p>
<p>क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलें ऊंचाई पर फटती हैं और बड़े क्षेत्र में दर्जनों छोटे बमलेट छोड़ देती हैं, जिन्हें रोकना मुश्किल होता है। 120 से अधिक देशों ने क्लस्टर मुनिशन्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया, ईरान, इजरायल और अमेरिका इसमें शामिल नहीं हैं।</p>
<p>अमेरिका के साथ विफल रही थी परमाणु कूटनीति<br />2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम की परमाणु कूटनीति विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु शस्त्रागार और अत्याधुनिक हथियारों को बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया है। इनमें मल्टी- वारहेड न्यूक्लियर मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार और पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 15:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, बोले- ‘नहीं माने तो हर पावर प्लांट और ब्रिज कर देंगे तबाह’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 19 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया है। सीजफायर उल्लंघन का आरोप ईरान पर लगाते हुए कहा है कि अगर डील नहीं की तो देश का हरेक पावर प्लांट और ब्रिज तबाह कर दिया जाएगा।</p>
<p>ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर धमकी दी। उन्होंने ईरान पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान में शनिवार को गोली बरसा उन्होंने सीजफायर एग्रीमेंट को पूरी तरह से नकारा है।</p>
<p>दावा किया कि उनमें से कई गोलियां एक फ्रेंच शिप और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज पर निशाना साधकर चलाई गईं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146682/trump-threatened-iran-saying-if-we-dont-agree-we"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 19 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया है। सीजफायर उल्लंघन का आरोप ईरान पर लगाते हुए कहा है कि अगर डील नहीं की तो देश का हरेक पावर प्लांट और ब्रिज तबाह कर दिया जाएगा।</p>
<p>ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर धमकी दी। उन्होंने ईरान पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान में शनिवार को गोली बरसा उन्होंने सीजफायर एग्रीमेंट को पूरी तरह से नकारा है।</p>
<p>दावा किया कि उनमें से कई गोलियां एक फ्रेंच शिप और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज पर निशाना साधकर चलाई गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके साथ ही इस्लामाबाद में बातचीत की पुष्टि की। कहा कि उनके प्रतिनिधि सोमवार शाम को पाकिस्तान जाएंगे।</p>
<p>इसके साथ ही ट्रंप ने होर्मुज बंद करने के आईआरजीसी के दावे की भी खिल्ली उड़ाई। उनके अनुसार, ईरान की ये बात अजीब है क्योंकि अमेरिकी नाकेबंदी के चलते पहले ही स्ट्रेट बंद है और ऐसा करके वो अमेरिका की ही मदद कर रहे हैं। उन्हें (ईरान) ही इस मद में रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने डील और डील पर सहमति न बनने की सूरत में ईरान को बर्बाद कर देने वाली बात कही। उन्होंने कहा, “हम एक बहुत ही सही और वाजिब डील दे रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मानेंगे क्योंकि,अगर वे नहीं मानते हैं, तो यूनाइटेड स्टेट्स ईरान में हर एक पावर प्लांट और हर एक ब्रिज को उड़ा देगा।</p>
<p>अगर वे डील नहीं लेते हैं, तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी, क्योंकि मैं वह करूंगा जो पिछले 47 साल से अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति ईरान के साथ नहीं कर पाए।” </p>
<p>28 फरवरी को इजरायल-यूएस की संयुक्त एयर स्ट्राइक शुरू हुई थी। 8 अप्रैल को दो हफ्ते की अस्थाई संघर्ष विराम की घोषणा की गई। इसके बाद स्थाई समाधान ढूंढने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता का आयोजन किया गया जो बेनतीजा रही।</p>
<p>इसके बाद से दूसरे दौर के संवाद की चर्चा थी। आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई थी लेकिन डॉन मीडिया आउटलेट ने पुलिस के हवाले रविवार को बताया कि विदेशी डेलीगेशन के राजधानी आगमन को देखते हुए इस्लामाबाद का रेड जोन ट्रैफिक बंद कर दिया गया है।</p>
<p>अब ट्रंप की पोस्ट ने इस्लामाबाद टॉक्स 2 की तस्दीक कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146682/trump-threatened-iran-saying-if-we-dont-agree-we</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस समझौते पर पहुंचती है, तो वह पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में डील साइन होने की स्थिति में वह वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की जमकर सराहना की।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थ इस जटिल संघर्ष को सुलझाने में बेहद प्रभावशाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146640/donald-trumps-big-announcement-president-can-go-to-pakistan-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस समझौते पर पहुंचती है, तो वह पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में डील साइन होने की स्थिति में वह वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की जमकर सराहना की।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थ इस जटिल संघर्ष को सुलझाने में बेहद प्रभावशाली साबित हुए हैं, जिससे दक्षिण एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते के आर्थिक फायदों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने दावा किया कि इस सफल कूटनीति के परिणामस्वरूप अमेरिका को “मुफ्त तेल” और “होर्मुज स्ट्रेट” तक निर्बाध पहुंच मिल सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक गिर जाएंगी।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गैस की कीमतों में आई कमी इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि परमाणु हथियारों के खतरे को कम करने के साथ-साथ वह अपने देश को विरासत में मिली “ऐतिहासिक महंगाई” को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को इस शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर और विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की है, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की ‘बैक-चैनल’ बातचीत की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>कतरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वार्ता मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। यदि पाकिस्तान की मेजबानी में यह समझौता धरातल पर उतरता है, तो यह न केवल पश्चिम एशिया में तनाव कम करेगा, बल्कि वैश्विक कूटनीति में ट्रंप और पाकिस्तान दोनों के लिए एक बड़ी जीत साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146640/donald-trumps-big-announcement-president-can-go-to-pakistan-for</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:35:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। आज अमेरिका ने ईरान पर सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है और सीजफायर बढ़ाने से इनकार किया है। 48 घंटों में 9 जहाज लौटाए गए। 5,000 अमेरिकी सैनिक इस अहम मिशन को अंजाम दे रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को अब बहुत कड़ा कर दिया है। अरब खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक सैन्य अभियान पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि वे युद्धविराम विस्तार का औपचारिक अनुरोध नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की अहम शर्तों को मानना ही अब ईरान के सर्वोत्तम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146623/us-imposes-strict-maritime-blockade-on-irans-ports"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। आज अमेरिका ने ईरान पर सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है और सीजफायर बढ़ाने से इनकार किया है। 48 घंटों में 9 जहाज लौटाए गए। 5,000 अमेरिकी सैनिक इस अहम मिशन को अंजाम दे रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को अब बहुत कड़ा कर दिया है। अरब खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक सैन्य अभियान पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि वे युद्धविराम विस्तार का औपचारिक अनुरोध नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की अहम शर्तों को मानना ही अब ईरान के सर्वोत्तम राष्ट्रीय हित में है।</p>
<p>व्हाइट हाउस की घोषणा<br />व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सुबह आई कुछ गलत रिपोर्टिंग का कड़ाई से खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए किसी से भी कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है। ईरान से जुड़े सभी समुद्री प्रतिबंध अब ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू हैं।</p>
<p>खाड़ी में अमेरिकी गश्त<br />यह नया प्रतिबंध विशेष रूप से अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी मुख्य ईरानी बंदरगाहों पर लागू किया जा रहा है। अमेरिकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले और गैर-ईरानी बंदरगाहों तक जाने वाले जहाजों के लिए नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रही हैं। अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में लगातार गश्त कर रहे हैं और सभी नियमों का कड़ाई से पालन करवा रहे हैं।</p>
<p>शुरुआती 48 घंटों का असर<br />यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के पहले 48 घंटों के दौरान गहरा असर देखने को मिला है। इन शुरुआती 48 घंटों में कोई भी जहाज वहां तैनात अमेरिकी सेनाओं के कड़े पहरे को पार नहीं कर पाया है। अमेरिकी सेनाओं के स्पष्ट निर्देश का पालन करते हुए कुल 9 जहाज वापस मुड़कर किसी ईरानी बंदरगाह या तटीय क्षेत्र की ओर लौट गए।</p>
<p>लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप<br />यूएस सेंट्रल कमांड ने अरब सागर में उड़ान संचालन करते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन का एक आधिकारिक वीडियो जारी किया है। अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के 5,000 नाविक और मरीन जहाजों को रोकने के इस महत्वपूर्ण मिशन को अंजाम दे रहे हैं। अमेरिकी सैनिक इस संवेदनशील क्षेत्र में पूरी सतर्कता से मौजूद हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>समझौते की नई संभावनाएं<br />प्रेस सचिव लीविट ने बताया कि अमेरिका को किसी भी नए समझौते की संभावनाओं को लेकर अभी भी बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह बात एकदम साफ है कि राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी मांगों को तुरंत पूरा करना ही अब ईरान के सबसे अच्छे हित में है। इस बीच सेंटकॉम अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाते हुए इस समुद्री क्षेत्र में नाकेबंदी को लगातार लागू रखे हुए है।</p>
<p>प्रतिबंधों का कड़ा पालन<br />व्हाइट हाउस के अनुसार यह बहुत स्पष्ट है कि यह कड़ा समुद्री प्रतिबंध ईरान के बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले सभी विदेशी जहाजों पर भी लागू है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसेना के जवान बिना किसी रुकावट के लगातार अपनी गश्त की अहम जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। इन कड़े उपायों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जहाज बिना अनुमति के इस नाकेबंदी को पार न कर सके।</p>
<p>सैन्य बलों का मजबूत संकल्प<br />वर्तमान हालात में सेंटकॉम के कड़े निर्देशों का असर साफ दिख रहा है क्योंकि 9 जहाजों को अपनी दिशा बदलनी पड़ी है। अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के सभी सदस्य अपने मिशन को पूरी गंभीरता और एकाग्रता के साथ पूरा कर रहे हैं। हजारों अमेरिकी बल पूरी तरह से वहां मौजूद और सतर्क हैं तथा वे हर हाल में अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 15:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्ति की सुगबुगाहट तेज, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी उम्मीद जगाई है। फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही लड़ाई अब ‘खत्म होने के करीब’ है।</p>
<p>हालांकि उन्होंने तेहरान के साथ बातचीत में आने वाली रुकावटों का जिक्र भी किया, लेकिन उनका मानना है कि परिस्थितियां अब समाधान की ओर बढ़ रही हैं। ट्रंप ने अमेरिकी रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि ईरान एक डील करना चाहता है और अमेरिका इस पूरे मामले को बहुत करीब से समाप्त होते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146603/rumors-of-ending-war-between-america-and-iran-intensify-president"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी उम्मीद जगाई है। फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही लड़ाई अब ‘खत्म होने के करीब’ है।</p>
<p>हालांकि उन्होंने तेहरान के साथ बातचीत में आने वाली रुकावटों का जिक्र भी किया, लेकिन उनका मानना है कि परिस्थितियां अब समाधान की ओर बढ़ रही हैं। ट्रंप ने अमेरिकी रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि ईरान एक डील करना चाहता है और अमेरिका इस पूरे मामले को बहुत करीब से समाप्त होते हुए देख रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक जुड़ाव का दूसरा दौर जल्द ही शुरू हो सकता है। इस्लामाबाद में पहले दौर की चर्चा के बाद अब दूसरे राउंड की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>सीएनएन के सूत्रों के अनुसार, इस डेलिगेशन का नेतृत्व फिर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं। इस कूटनीतिक पहल में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। ये सभी सलाहकार पिछले कई घंटों से ईरानी अधिकारियों और बिचौलियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं।</p>
<p>हालांकि बातचीत का अगला चरण अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी दूसरे दौर की खास बातों पर गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं।</p>
<p>ट्रंप ने अपने शीर्ष सलाहकारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे दुश्मनी खत्म करने के लिए एक ठोस राजनयिक रास्ता खोजें। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे ईरान को फिर से मजबूत होने का अवसर देने के बजाय एक ऐसी डील चाहते हैं जो क्षेत्र में स्थाई शांति सुनिश्चित करे।</p>
<p>आने वाले कुछ दिनों में इस्लामाबाद में होने वाली संभावित बैठक इस वैश्विक संकट का रुख तय कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 15:08:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस्लामाबाद, 14 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम समझौते में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।</p>
<p>ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान इस कूटनीतिक प्रक्रिया में कोई मुख्य मध्यस्थ (Mediator) नहीं था, बल्कि वह केवल एक ‘संदेशवाहक’ की भूमिका निभा रहा था। असल में, यह समझौता चीन और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे हुई गुप्त बातचीत का परिणाम था।</p>
<p>पाकिस्तान ने केवल एक माध्यम के रूप में कार्य किया, जिससे बीजिंग बिना सामने आए तेहरान और वॉशिंगटन तक अपनी रणनीतिक बातें पहुंचा सका। इस खुलासे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146574/big-revelation-on-pakistans-role-in-us-iran-ceasefire"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/us-china-trade-war.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद, 14 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम समझौते में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।</p>
<p>ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान इस कूटनीतिक प्रक्रिया में कोई मुख्य मध्यस्थ (Mediator) नहीं था, बल्कि वह केवल एक ‘संदेशवाहक’ की भूमिका निभा रहा था। असल में, यह समझौता चीन और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे हुई गुप्त बातचीत का परिणाम था।</p>
<p>पाकिस्तान ने केवल एक माध्यम के रूप में कार्य किया, जिससे बीजिंग बिना सामने आए तेहरान और वॉशिंगटन तक अपनी रणनीतिक बातें पहुंचा सका। इस खुलासे ने उन अंतरराष्ट्रीय दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें इस शांति प्रक्रिया का पूरा श्रेय पाकिस्तानी नेतृत्व को दिया जा रहा था।</p>
<p>कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्धविराम की रूपरेखा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की बीजिंग यात्रा के दौरान ही तैयार कर ली गई थी।</p>
<p>चीन आमतौर पर ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में सीधे तौर पर शामिल होने से बचता है ताकि विफलता की स्थिति में उसकी वैश्विक छवि को नुकसान न पहुंचे। इसी कारण पाकिस्तान का उपयोग एक ‘पब्लिक पार्टनर’ के रूप में किया गया।</p>
<p>इस शांति प्रस्ताव में विशेष रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो चीन के व्यापारिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान ने भी इस समझौते को केवल इसलिए स्वीकार किया क्योंकि इसके पीछे चीन एक अघोषित गारंटर के रूप में खड़ा था।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए यह स्वीकार करना राजनीतिक रूप से कठिन था कि वैश्विक शांति के लिए वे चीन के प्रभाव पर निर्भर हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक शून्य को भरकर अमेरिका को एक सार्वजनिक चेहरा प्रदान किया।</p>
<p>हालांकि, इस समझौते के कई जटिल और राजनीतिक मुद्दे अब भी अस्पष्ट रखे गए हैं, जो भविष्य में तनाव का कारण बन सकते हैं। फिलहाल के लिए, यह स्पष्ट हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इस बड़े खेल में पाकिस्तान की हैसियत केवल एक पोस्टमैन की थी, जबकि असली नियंत्रण बीजिंग के हाथों में रहा।</p>
<p>इस घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में चीन के बढ़ते कूटनीतिक दबदबे को एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:03:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी तेज की, आज से ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण समुद्री नाकाबंदी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 13 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही उच्च स्तरीय बातचीत बेनतीजा खत्म होने के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है।</p>
<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल (सोमवार) से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी जहाजों की पूरी तरह से समुद्री नाकाबंदी की जाएगी।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह ब्लॉकेड भारतीय समयानुसार आज शाम 7:30 बजे से प्रभावी होगा। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालांकि अन्य मुद्दों पर सहमति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146555/america-intensifies-the-siege-of-iran-complete-sea-blockade-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 13 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही उच्च स्तरीय बातचीत बेनतीजा खत्म होने के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है।</p>
<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल (सोमवार) से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी जहाजों की पूरी तरह से समुद्री नाकाबंदी की जाएगी।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह ब्लॉकेड भारतीय समयानुसार आज शाम 7:30 बजे से प्रभावी होगा। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालांकि अन्य मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन परमाणु लक्ष्यों पर ईरान के अड़ियल रवैये के कारण यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।</p>
<p>अमेरिकी नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री माइंस (Naval Mines) को हटाने का ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। ट्रंप ने ईरान पर इस महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर में ‘वर्ल्ड एक्सटॉर्शन’ (विश्व जबरन वसूली) करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह नाकाबंदी बिना किसी भेदभाव के सभी देशों के उन जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों का उपयोग करेंगे। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले यातायात को नहीं रोका जाएगा।</p>
<p>कमर्शियल जहाजों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना के निरंतर संपर्क में रहें, क्योंकि क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।<br />ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने इस नाकाबंदी का तीखा विरोध करते हुए इसे समझौते को पटरी से उतारने वाला कदम बताया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तेहरान समझौते के बेहद करीब था, लेकिन अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीति ने स्थिति बिगाड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों और शिपिंग बीमा की लागत में भारी उछाल आ सकता है।</p>
<p>अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस माइकल मर्फी और अन्य डिस्ट्रॉयर पहले ही स्ट्रेट में तैनात किए जा चुके हैं ताकि नागरिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके।</p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार, यह नाकाबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:48:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान में 2 हफ्तों का युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से दो हफ्तों के लिए युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है। इस दौरान ईरान ने शर्तों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर भी सहमति दे दी है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा करते हुए कहा कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने की सहमति के बाद अमेरिका दो हफ्तों तक सभी बमबारी और सैन्य हमलों को रोकने के लिए तैयार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146479/us-iran-2-week-ceasefire-agreement-reached-on-opening-the-strait-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से दो हफ्तों के लिए युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है। इस दौरान ईरान ने शर्तों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर भी सहमति दे दी है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा करते हुए कहा कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने की सहमति के बाद अमेरिका दो हफ्तों तक सभी बमबारी और सैन्य हमलों को रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने इसे “दोनों पक्षों का सीजफायर” बताया।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अपने अधिकांश सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुका है और ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए व्यवहारिक आधार माना जा रहा है।</p>
<p>अधिकांश विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, जबकि शेष बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए यह दो सप्ताह का समय अहम रहेगा।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान और चीन की भी अहम भूमिका रही। राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उनका आभार जताया। वहीं, ईरान ने भी पाकिस्तान और चीन का धन्यवाद किया है।</p>
<p>माना जा रहा है कि यह अस्थाई युद्धविराम मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने और स्थाई शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:36:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, रात 12 बजे तक डील नहीं हुई तो तबाह होंगे पुल और बिजलीघर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />वाशिंगटन/तेहरान, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 39वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए ‘डेडलाइन’ तय कर दी है।</p>
<p>ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि मंगलवार रात (ईस्टर्न टाइम) तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और संघर्ष विराम पर सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें बिजली संयंत्र और प्रमुख पुल शामिल हैं, को पूरी तरह नष्ट कर देना शुरू कर देगा।</p>
<p>हालांकि, मध्यस्थ देशों के दबाव के बाद इस समय सीमा को मामूली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146457/donald-trumps-last-ultimatum-to-iran-if-deal-is-not"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p><br />वाशिंगटन/तेहरान, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 39वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए ‘डेडलाइन’ तय कर दी है।</p>
<p>ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि मंगलवार रात (ईस्टर्न टाइम) तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और संघर्ष विराम पर सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें बिजली संयंत्र और प्रमुख पुल शामिल हैं, को पूरी तरह नष्ट कर देना शुरू कर देगा।</p>
<p>हालांकि, मध्यस्थ देशों के दबाव के बाद इस समय सीमा को मामूली विस्तार देते हुए भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 5:30 बजे तक किया गया है, लेकिन युद्ध के मैदान में दोनों ओर से हमले और तेज हो गए हैं।</p>
<p>युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के बिचौलियों ने एक ‘सीजफायर प्लान’ तैयार किया है, जिसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जा रहा है। इस योजना के तहत दो चरणों में शांति बहाली का प्रस्ताव है, जिसकी शुरुआत 45 दिनों के संभावित संघर्ष विराम से होगी और अंततः युद्ध समाप्ति का स्थाई समझौता किया जाएगा।</p>
<p>इस डील की सबसे प्रमुख शर्त होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव को ईरान और अमेरिका के साथ साझा किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों की कड़ी शर्तों के कारण अगले 48 घंटों में किसी निश्चित नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।</p>
<p>पिछले 24 घंटों में इजराइल और ईरान के बीच हुए हमलों में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो अब 3400 के पार पहुंच गई है। इजराइली रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी पर हमला कर वहां के उत्पादन को 50 प्रतिशत तक ठप कर दिया है।</p>
<p>वहीं, इजराइल ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी को मारने का भी दावा किया है। दूसरी ओर, ईरान और हिज्बुल्ला की ओर से इजराइल के हाइफा और अन्य शहरों पर किए गए हमलों में भी जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।</p>
<p>लेबनान में भी इजराइली बमबारी में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:48:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सात अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो बिजली, पुलों जैसे बुनियादी ढांचे पर होगा हमला, ट्रम्प की ईरान को धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 06 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को सात अप्रैल तक का समय देकर कहा है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो वह अब ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनायेगा।</p>
<p>ट्रम्प ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर सात अप्रैल ‘मंगलवार’ को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ घोषित कर दिया है। ट्रम्प ने ईरान को झुकाने के लिए अब शायद वहां के आम जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर निशाना साधने के लिए खुद को तैयार कर लिया है।</p>
<p>उन्होंने पोस्ट किया है, “ईरान में मंगलवार ‘पावर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146442/trump-threatens-iran-if-strait-of-hormuz-is-not-opened"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 06 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को सात अप्रैल तक का समय देकर कहा है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो वह अब ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनायेगा।</p>
<p>ट्रम्प ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर सात अप्रैल ‘मंगलवार’ को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ घोषित कर दिया है। ट्रम्प ने ईरान को झुकाने के लिए अब शायद वहां के आम जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर निशाना साधने के लिए खुद को तैयार कर लिया है।</p>
<p>उन्होंने पोस्ट किया है, “ईरान में मंगलवार ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा, सब कुछ एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा!!! इसके आगे उन्होंने अपशब्द कहते हुए लिखा, …स्ट्रेट को खोल दो, तुम पागल बेवकूफों, वरना तुम नर्क में रहोगे – बस देखते जाओ! अल्लाह की जय हो।”</p>
<p>इस पूरी धमकी के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य है, जिसे ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ‘स्ट्रेट’ कहकर संबोधित किया है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से गुजरता है।</p>
<p>फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। इससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। ट्रंप का “इसे खोल दो” कहना इसी वैश्विक संकट को खत्म करने की अंतिम चेतावनी है।</p>
<p>इससे पहले हालांकि श्री ट्रंप धमकी देकर हर बार समय-सीमा बढ़ाते रहे हैं और उसके बाद फिर धमकी देते हैं। सबसे पहले 21 मार्च को श्री ट्रंप ने ईरान को केवल 48 घंटे का समय दिया था। इसके बाद जब 26 मार्च को इस समय-सीमा को 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया था।</p>
<p>उन्होंने कहा था कि ईरान शांति वार्ता के लिए उत्सुक है और इस दिशा में मध्यस्थों के जरिये हो रही बातचीत सकारात्मक रही है और ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमले को छह अप्रैल तक टाल दिया था। अब पांच अप्रैल की इस ताजा पोस्ट के जरिये श्री ट्रंप ने फिर ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की धमकी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:57:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज व्यवधान के बीच सरकार की घबराहट में खरीदारी न करने की अपील, ईंधन पर्याप्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">04 अप्रैल (वेब वार्ता)। सरकार ने शनिवार को नागरिकों से पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से जुड़े व्यवधानों के बावजूद ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है और स्थिति नियंत्रण में है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और ऊर्जा की बचत करने की सलाह दी गई है।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">04 अप्रैल (वेब वार्ता)। सरकार ने शनिवार को नागरिकों से पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से जुड़े व्यवधानों के बावजूद ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है और स्थिति नियंत्रण में है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और ऊर्जा की बचत करने की सलाह दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को प्राथमिकता दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर घरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए। मांग को संतुलित करने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है और गैस सिलेंडर भरवाने के बीच का अंतराल भी बढ़ाया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है। अब तक </span>3,700<span lang="hi" xml:lang="hi"> से अधिक छापेमारी की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलपीजी वितरकों को लगभग </span>1,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से अब तक </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> डीलरों को निलंबित किया जा चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को पहले के स्तर के लगभग </span>70<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत तक सीमित किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि केरोसिन (मिट्टी का तेल) और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि दबाव कम किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्राकृतिक गैस के मामले में घरों और परिवहन क्षेत्र को पूरी आपूर्ति दी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उद्योग और उर्वरक क्षेत्रों के लिए आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। बढ़ती वैश्विक कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की कटौती की है और निर्यात पर शुल्क लगाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी बीच लगभग आधे दिन की खाना पकाने की गैस की आपूर्ति ले जा रहा एक भारतीय एलपीजी टैंकर युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि ईरान का एक अन्य जहाज मंगलौर बंदरगाह पर पहुंच गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने शनिवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि ‘ग्रीन सानवी’ नामक एलपीजी जहाज </span>46,650<span lang="hi" xml:lang="hi"> टन रसोई गैस और </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> नाविकों के साथ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रीन सानवी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने वाला सातवां भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह जलडमरूमध्य </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले और उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से लगभग बंद जैसी स्थिति में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अलग से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयान में कहा गया कि ईरान से रसोई गैस लेकर आया एक जहाज मंगलौर बंदरगाह पहुंच चुका है और उससे गैस उतारी जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संभवतः पिछले सात वर्षों में यह ईरान से ऊर्जा की पहली खरीद है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि ‘सी बर्ड’ नामक एलपीजी जहाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लगभग </span>44,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> टन ईरानी रसोई गैस लेकर आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दो अप्रैल को मंगलौरु बंदरगाह पर पहुंचा और फिलहाल उससे गैस उतारी जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह खरीद ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तेल और उससे जुड़े उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंधों में अस्थाई छूट दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रीन सानवी’ के गुजरने के बाद भी </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi"> भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146426/government-appeals-not-to-panic-buy-amid-hormuz-conflict-fuel</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:36:32 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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